उज्जैन में महाकाल की विशेष आरती, भोपाल में CM यादव ने अग्नि प्रज्वलित की

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दिल्ली, मुंबई, कई शहरों में पूजा के बाद होलिका दहन किया गया। भोपाल में सीएम मोहन यादव ने अपनी पत्नी के साथ और अहमदाबाद में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने होली जलाई।

वहीं मुंबई के वर्ली में लव जिहाद की थीम पर होलिका दहन किया गया। मध्य प्रदेश में उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में शाम को विशेष आरती की गई। ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में होली पर्व डोला पूर्णिमा के रूप में मनाया जा रहा है।

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा ‘सुना भेषा’ (स्वर्ण वेश) में दर्शन देंगे। भगवान श्री भुज, श्री पयर, रत्न कीरट, रत्न मुकुट, कंठी, बाहुटी जैसे 138 प्रकार के सोने के जेवर पहनेंगे।

इनका वजन 200 किलो से अधिक होता है। मंगलवार को ग्रहण काल दोपहर 3:20 से शाम 6:47 बजे तक है। इसके चलते सुना भेषा रात 8 से 9 बजे के बीच होगा।

डोला मंडप में बैठाकर लगाएंगे गुलाल

जगन्नाथ संस्कृति प्रचारक पंडित पद्मनाभ त्रिपाठी शर्मा ने बताया कि यह महाप्रभु की 12 बड़ी यात्राओं में से एक है। पूरे देश में डोला के दौरान राधा-कृष्ण की पूजा की जाती है, लेकिन यहां डोला गोबिंद, भूदेवी और श्रीदेवी की पूजा की जाती है। भगवान को विशेष डोला मंडप में बैठाकर गुलाल लगाया जाता है।

 

 

‘पंचायत’ फेम इस एक्टर को नहीं पहचान पाएंगे आप, ‘डालिंब’ का फर्स्ट लुक देखकर फैंस के उड़े होश

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जी5 ने हाल ही में नई फिल्म का पोस्टर रिलीज किया। पोस्टर को देखकर ‘कांतारा’ वाली फील आ रही है। लेकिन पोस्टर में बस यही खास नहीं है। पोस्टर में जो एक्टर है, उसे आप अच्छी तरह से जानते हैं, लेकिन पोस्टर देख पहचान नहीं पाएंगे। आइए फिल्म से जुड़ी सारी जानकारी जानते हैं। 

‘डालिंब’ का फर्स्ट लुक रिलीज

वेब सीरीज की दुनिया के पॉपुलर एक्टर जितेंद्र कुमार को हम सभी लोग ‘पंचायत’ से जानते हैं, लेकिन अब वे एक बिल्कुल नए अंदाज में नजर आने वाले हैं। उनके नए प्रोजेक्ट ‘डालिंब’ का फर्स्ट लुक हाल ही में जी5 ने जारी किया है, और इसमें वह एक पूरी तरह से अलग, गहरा और रहस्यमयी किरदार निभाते दिखाई दे रहे हैं, जो उनके पहले के साधारण और प्यारे रोल्स से बहुत अलग है।

कैसी है फिल्म की कहानी?

‘डालिंब’ एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर-ड्रामा है, जिसमें कहानी यादों, सच्चाई और भ्रम के बीच की धुंधली लाइन को एक्सप्लोर करती है। पोस्टर में जिस तरह का गहरा और इंटेंस लुक दिखाया गया है, उससे साफ लगता है कि यह फिल्म भावनाओं और दिमागी उलझनों से भरी होगी। इस रोल के साथ ‘जीतू भैया’ (जितेंद्र कुमार) ने अपनी छवि को पूरी तरह बदलकर एक डायनामिक और चुनौतीपूर्ण किरदार अपनाया है।

ये है फिल्म की कास्ट?

फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस प्रिया बापट, क्षितीश दाते, केविन डेव, साई प्रसाद, हरिश कुलकर्णी और सागर यादव जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। ‘डालिंब’ को प्रिया एवन ने डायरेक्ट किया है, जो फीचर फिल्म में डेब्यू कर रही हैं। फिल्म जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज होगी।

राज्यसभा में तेजस्वी नहीं, राजद में दोनों संभावित नामों पर चर्चा तेज़

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पटना। बिहार में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज है। महागठबंधन और एनडीए दोनों ही गठबंधनों में पांचवीं सीट के लिए रणनीतियां लगातार बदल रही हैं। चर्चा थी कि राजद अध्यक्ष तेजस्वी यादव खुद राज्यसभा चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन महागठबंधन के सूत्र ने इस चर्चा को पूरी तरह खारिज किया। राजद सूत्र ने स्पष्ट किया कि राजद की बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव न आया और तेजस्वी राज्यसभा चुनाव 2026 में नहीं उतरने वाले है। वे अपनी वर्तमान जिम्मेदारी यानी बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में ही काम करते रहने वाले है। 
लेकिन अब सवाल उठता है कि राजद का उम्मीदवार कौन होगा। राजद के दो राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है और दोनों ही लालू प्रसाद यादव के करीबी हैं। इस बार पार्टी को अपने महागठबंधन के सीमित संख्याबल के बावजूद किसी एक को जीतने के लिए पूरी मेहनत करनी होगी। सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा उम्मीदवार के लिए राजद के अंदर से दो नाम उभरकर सामने आए हैं। पहला नाम है भूमिहार समाज के एडी सिंह यानी अमरेंद्रधारी सिंह, जो पटना के पालीगंज से हैं। दूसरा नाम है प्रेमचंद गुप्ता, जो लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं। फिलहाल खबरों और सूत्रों के अनुसार, इस रेस में गुप्ता का पलड़ा थोड़ा भारी दिख रहा है। हालांकि, नॉमिनेशन प्रक्रिया अभी बाकी है और पूरी तस्वीर तब स्पष्ट होगी।
राजद इस राज्यसभा चुनाव में किसी भी हालत में हार नहीं मानने का संकेत दे रही है। तेजस्वी यादव के न उतरने के बाद अब पार्टी पूरी ताकत और रणनीति के साथ अपने दो करीबी नेताओं में से किसी एक को राज्यसभा भेजने की तैयारी में है। यह चुनाव बिहार की सियासी गुत्थियों और महागठबंधन की ताकत की परीक्षा भी साबित होगा। इस तरह, राज्यसभा चुनाव 2026 में राजद के लिए निर्णायक मोड़ यही है कि लालू प्रसाद यादव किसे अपनी नजरों में चुने और किसे राज्यसभा का टिकट दें। संभावना के मुताबिक, गुप्ता इस बार लालू यादव के दांव पर भारी नजर आ रहे हैं, लेकिन अंतिम नतीजा नॉमिनेशन और वोटिंग के बाद ही स्पष्ट होगा। इस पूरी प्रक्रिया से यह साफ हो गया है कि तेजस्वी के चुनाव में न उतरने के फैसले के बाद भी राजद पूरी रणनीति के साथ मैदान में है और अपने करीबी नेताओं में से किसी एक को राज्यसभा भेजने की कोशिश कर रहा है।

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बाबर को बनाया ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुखिया, सलमान आगा-अफरीदी बने वैज्ञानिक

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ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर एक अलग ही ट्रेंड देखने को मिला। राजनीतिक बयानबाजी के शोर में पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लेकर मीम्स और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स वायरल हो गए और हैरानी की बात यह रही कि ये तंज खुद पाकिस्तानी फैंस ने किए। पाकिस्तान टीम के टी20 विश्वकप 2026 से बाहर होने पर निराश पाकिस्तानी फैंस ने टीम के सीनियर खिलाड़ियों को निशाना बनाया। उन्हें ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जोड़ते हुए मजेदार कमेंट किए। दरअसल, सोमवार को ईरान ने दावा किया था कि अमेरिका और इस्राइल ने उसके परमाणु ठिकानों पर हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर हमलों को सही ठहराते हुए कहा कि तेहरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका के लिए बढ़ता खतरा बन गया था। पाकिस्तानी फैंस का तंज इसी से जुड़ा हुआ है।

‘परमाणु कार्यक्रम’ वाले मीम्स कैसे शुरू हुए?
 
एक फेसबुक पोस्ट में एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, ‘डोनाल्ड ट्रंप, मैं ईरान के परमाणु कार्यक्रम का सक्रिय सदस्य हूं और मुझे यह कहने में डर नहीं लगता। मेरा नाम शादाब खान है और मैं पाकिस्तान क्रिकेट टीम में खेलता हूं।’इसके बाद कमेंट्स की बाढ़ आ गई। किसी ने लिखा, ‘सलमान अली आगा को मत भूलना, वह भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम में काम करने वाले वैज्ञानिक हैं।’ इसका जवाब देते हुए एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा, ‘एक और सदस्य हैं, शाहीन शाह अफरीदी।’किसी ने खुद को सैम अयूब बताते हुए लिखा, ‘मैं जूनियर एनालिस्ट हूं और पाकिस्तान क्रिकेट टीम का हिस्सा हूं।’ और एक यूजर ने चुटकी ली और लिखा, ‘मैं बाबर आज़म हूं और इस परमाणु कार्यक्रम का परियोजना प्रमुख हूं।’इन पोस्ट्स में खिलाड़ियों के नामों का इस्तेमाल पूरी तरह व्यंग्य और मीम कल्चर के तहत किया गया। ऐसा लग रहा है कि पाकिस्तान फैंस इन खिलाड़ियों का नाम लेकर ट्रंप से कह रहे हैं कि इन्हें भी सजा दो।
 
खुद की टीम पर खुद का वार

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये तंज किसी विरोधी देश के फैंस ने नहीं, बल्कि पाकिस्तान के ही सोशल मीडिया यूजर्स ने किए। हालिया टी20 वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम पहले से आलोचना झेल रही है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक तनाव को मीम के साथ जोड़कर फैंस ने अपनी ही टीम का मजाक उड़ाया। शादाब खान, शाहीन शाह अफरीदी, सलमान अली आगा, सैम अयूब और बाबर आजम जैसे खिलाड़ियों के नामों को लेकर किए गए ये कमेंट्स तेजी से वायरल हो गए।

राजनीति, क्रिकेट और मीम कल्चर

ईरान-इज़राइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लेकर वायरल मीम्स ने एक अलग बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर अक्सर देखा गया है कि जब भी वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा राजनीतिक या सैन्य मुद्दा सुर्खियों में होता है, तो मीम संस्कृति उसे खेल और मनोरंजन से जोड़ देती है। यहां भी ईरान-इस्राइल-अमेरिका तनाव की पृष्ठभूमि में क्रिकेट को जोड़कर व्यंग्य रचा गया। हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस तरह के मजाक को संवेदनशील मुद्दों से जोड़ने पर आपत्ति भी जताई और इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया।

होली के बाद बारिश और बर्फबारी की संभावना

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उत्तराखंड में होली के बाद बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो 7 मार्च को 5 जिलों में बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इनमें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाके शामिल हैं।

मध्य प्रदेश में मार्च के पहले दिन रविवार को प्रदेश में मौसम साफ रहा। तेज धूप निकलने की वजह से तापमान में बढ़ोतरी हुई। धार, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, श्योपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी में तापमान 33°C से ज्यादा दर्ज किया गया।

राजस्थान में तापमान चढ़ने से दिन के साथ-साथ अब रात में भी गर्मी बढ़ने लगी है। अधिकांश शहरों का न्यूनतम तापमान सामान्य से 2°C से 7°C सेल्सियस ऊपर दर्ज हो रहा है। बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 23°C सेल्सियस दर्ज हुआ।

अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम…

  • 4 मार्च: मैदानी क्षेत्रों में शुष्क और गर्माहट वाली स्थिति बनी रहेगी, तापमान दिन में 23-28°C के आसपास रहेगा।
  • 5 मार्च: बारिश-बर्फबारी के आसार नहीं हैं, सूखे जैसे हालात बने रहेंगे, सुबह हल्का ठंडक लेकिन दिन में गर्माहट भरी स्थिति रहेगी।

क्या मंडे टेस्ट में पास हुई ‘द केरल स्टोरी 2’? ‘अस्सी’ और ‘ओ रोमियो’ की सुस्त हुई रफ्तार; जानें कलेक्शन

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विवादों में घिरने के बाद फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ सिनेमाघरों में पहुंची लेकिन क्या यह बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल कर सकी है। चौथे दिन में आकर इसका कलेक्शन कितना हुआ? ‘द केरल स्टोरी 2’ के अलावा थिएटर में मौजूद बाकी फिल्मों की कमाई सोमवार को कितनी रही, जानिए। 

‘द केरल स्टोरी 2’ ने चौथे दिन कितना कमाया? 

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ ने सोमवार को 2.65 करोड़ रुपये कमाए हैं। जबकि रविवार को इसका कलेक्शन 4.75 करोड़ रुपये था। ऐसे में देखें तो रविवार के मुकाबले इसका कलेक्शन आधा हो गया। यह गिरावट फिल्म के घटते क्रेज को बताती है। ‘द केरल स्टोरी 2’ का कुल कलेक्शन भी अब तक 12.80 करोड़ रुपये हो चुका है। 

‘अस्सी’ की लाखों में सिमटी कमाई

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘अस्सी’ का कलेक्शन रिलीज के ग्यारहवें दिन सिर्फ 21 लाख रुपये था। जबकि रविवार को यह फिल्म 50 लाख रुपये कमाने में कामयाब रही थी। संवेदनशील मुद्दे पर फिल्म होने के बावजूद यह दर्शकों को पसंद नहीं आई। ‘अस्सी’ का कुल कलेक्शन भी अब तक 8.71 करोड़ रुपये हो चुका है। 

‘ओ रोमियो’ का भी कलेक्शन हुआ कम  

शाहिद कपूर की फिल्म ‘ओ रोमियो’ को रिलीज हुए 18 दिन हो चुके हैं। सोमवार को इस फिल्म ने 65 लाख रुपये अपने खाते में जमा किए। जबकि रविवार को इसका कलेक्शन 1.15 करोड़ रुपये था। फिल्म बड़ी मुश्किल से 50 करोड़ के पास जा सकी है, इसका कुल कलेक्शन अब तक 65.80 करोड़ रुपये हुआ है।

‘स्क्रीम 7’ का बुरा हाल

हॉलीवुड फिल्म ‘स्क्रीम 7’ को रिलीज हुए भी चार दिन हुए हैं। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सोमवार को सिर्फ 16 लाख रुपये कमा सकी है। फिल्म ने रविवार को भी सिर्फ 35 लाख रुपये कमाए थे। ‘स्क्रीम 7’ का कुल कलेक्शन अब तक 1.41 करोड़ रुपये हो चुका है।

दिल्ली के साथ धोखा, पंजाब में एक भी चुनावी वादा पूरा नहीं किया

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की हालिया टिप्पणियों पर निशाना साधकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उन पर दिल्ली के साथ धोखा करने और पंजाब में किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रक्ता पूनावाला ने आरोप लगाया कि आप सरकार ने अपने कार्यकाल में दिल्ली को बर्बाद किया और पिछले एक साल में दिल्ली में हुए घटनाक्रमों पर टिप्पणी करने के केजरीवाल के अधिकार पर सवाल उठाया।
बीजेपी प्रवक्ता पूनावाला ने कहा कि वे ही थे जिन्होंने पाठशाला की जगह मधुशाला बनाई। दो कमरों वाले रसोई-घर के घर में रहने का वादा किया था, लेकिन वीवीआईपी सुविधाओं का इस्तेमाल करते हुए शीश महल बनवा दिया। उन्होंने हर विभाग में भ्रष्टाचार और घोटाले किए, और दिल्ली को बर्बाद करने के बाद अब पंजाब को बर्बाद करने जा रहे हैं। उन्हें पिछले एक साल में दिल्ली में जो कुछ हुआ है, उस पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने पंजाब में आप के शासनकाल को लेकर निशाना साधाकर राज्य की जनता से किए चुनावी वादों के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आप के वादे के मुताबिक कितनी महिलाओं को हजार रुपये मिले हैं? आप के वादे के मुताबिक कितने बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता मिला है आपने किसानों से जिन फसलों पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का वादा किया था, कितने किसानों को वह मिला है? सरकार बनने के सात दिनों के भीतर जिन ड्रग डीलरों को आप खत्म करने का वादा कर रहे थे, उन्हें आपने (आप) कितनी बार पकड़ा है? दिल्ली को धोखा देने के बाद, आप पंजाब को भी धोखा दे रहे हैं और दिल्ली की जनता को उपदेश देने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।

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News Desk

पाकिस्तान पर आइसलैंड की चुटकी, कहा- इससे अच्छा टी20 विश्वकप का बहिष्कार कर देते

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पाकिस्तान की टीम बुरी तरह ट्रोल हो गई है। टी20 विश्वकप 2026 के शुरू होने से पहले हाईवोल्टेज ड्रामा और फिर दो राउंड से ही बाहर होने पर फैंस के साथ-साथ पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स अपने खिलाड़ियों पर निशाना साध रहे हैं। इसी कड़ी में एक और देश आइसलैंड ने भी अब पाकिस्तान पर तीखा तंज कसा है। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन से नाखुश हैं। ऐसे में एक्शन लेते हुए पीसीबी ने अपने खिलाड़ियों पर 50-50 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया है। आइसलैंड क्रिकेट ने इसी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि इससे अच्छा तो पाकिस्तान की टीम टी20 विश्वकप का बहिष्कार ही कर लेती।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, टी20 विश्वकप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहने पर टीम के प्रत्येक खिलाड़ी पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये (करीब 16 लाख भारतीय रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, यह फैसला भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज हार और सुपर-8 में इंग्लैंड से मिली शिकस्त के बाद लिया गया। हालांकि, टीम ने श्रीलंका के खिलाफ करीबी जीत दर्ज की, लेकिन वह सेमीफाइनल की राह नहीं खोल सकी। बताया जा रहा है कि बोर्ड के अधिकारी टीम के प्रदर्शन से बेहद नाराज थे और लगातार आईसीसी टूर्नामेंट्स में असफलता को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया।

आइसलैंड क्रिकेट का मजाकिया हमला

एक तो पाकिस्तान का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा, जिसके बाद देशभर में टीम की आलोचना हुई। ऐसे में पीसीबी का यह फैसला चर्चा का विषय बन गया। मैदान में मात खाने के बाद अब खिलाड़ियों की जेब भी ढीली हो रही है। इस पूरे घटनाक्रम पर आइसलैंड क्रिकेट ने सोशल मीडिया पर चुटकी ली। आइसलैंड क्रिकेट ने अपने आधिकारिक अकाउंट से लिखा, ‘अगर यह सच है, तो उन्हें शुरू से ही मैच छोड़ देना चाहिए था। हम पैसे देने के लिए क्यों खेलें?!आइसलैंड क्रिकेट ने आगे कहा, ‘अगर हम अपने खिलाड़ियों को खराब प्रदर्शन के लिए जुर्माना लगाएं, तो हम अमीर हो जाएंगे और हमारे खिलाड़ी दिवालिया हो जाएंगे।’ आइसलैंड क्रिकेट अपने मजाकिया और व्यंग्यात्मक ट्वीट्स के लिए पहले भी चर्चा में रहा है। इस बार भी उनका तंज क्रिकेट फैंस के बीच तेजी से वायरल हो गया। इसके अलावा आइसलैंड क्रिकेट ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 विश्वकप 2026 का फाइनल होने की भविष्यवाणी भी की है।

आइसलैंड ने पहले क्या लिखा था?

आइसलैंड ने इससे पहले भी पाकिस्तान क्रिकेट का मजाक उड़ाया था, जब टी20 विश्वकप शुरू होने से पहले यह खबर आई थी कि टीम टूर्नामेंट का बहिष्कार कर सकती है। आइसलैंड क्रिकेट ने तब पाकिस्तान को ट्रोल करते हुए कहा था कि वे पाकिस्तान की जगह खेलने को तैयार हैं, बशर्ते उन्हें पहले से सूचना मिल जाए। दरअसल, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी पर दो फरवरी को फैसला सुनाने वाला था। आइसलैंड क्रिकेट ने एक्स पर लिखा, ‘हमें वाकई पाकिस्तान से टी20 विश्व कप में भाग लेने के बारे में जल्द फैसला लेने की जरूरत है। जैसे ही वे दो फरवरी को नाम वापस लेंगे हम तुरंत रवाना होने के लिए तैयार हैं, लेकिन उड़ान का शेड्यूल इतना जटिल है कि सात फरवरी तक कोलंबो समय पर पहुंचना हमारे लिए बहुत मुश्किल होगा।’ इतना ही नहीं आइसलैंड क्रिकेट ने उनके ट्रेवल प्लान का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। 

सोशल मीडिया पर बहस तेज

आइसलैंड क्रिकेट के हालिया बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लिया, तो कुछ ने इसे पाकिस्तान टीम का मजाक उड़ाने वाला बताया। फैंस के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या खिलाड़ियों पर इतना भारी जुर्माना लगाना सही कदम है? क्या इससे टीम का मनोबल और गिरेगा या फिर यह अनुशासन बनाए रखने की कोशिश है?

क्या सख्ती से सुधरेगा प्रदर्शन?

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि जुर्माना एक प्रशासनिक फैसला हो सकता है, लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन के पीछे टीम संयोजन, रणनीति और मानसिक दबाव जैसे कई कारण होते हैं। ऐसे में सिर्फ आर्थिक दंड से प्रदर्शन में सुधार की गारंटी नहीं दी जा सकती। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पीसीबी द्वारा खिलाड़ियों पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला पहले ही चर्चा में था। उस पर आइसलैंड क्रिकेट के व्यंग्यात्मक ट्वीट ने आग में घी डालने का काम किया। अब देखना होगा कि यह सख्ती पाकिस्तान टीम के प्रदर्शन में सुधार लाती है या विवाद और गहराता है।

तिरपाल से ढकी गईं 10 मस्जिदें

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संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में होली का त्योहार शांति और भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. किसी भी संभावित विवाद को रोकने के लिए संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद समेत करीब 10 मस्जिदों को विशाल तिरपालों से पूरी तरह ढक दिया गया है।  यह कदम विशेष रूप से उन मस्जिदों के लिए उठाया गया है, जो होली की चौपाई (जुलूस) के रास्ते में पड़ती हैं। दरअसल, जामा मस्जिद के सामने से होली के दो अलग-अलग जुलूस निकलने हैं. बीते वर्षों में एक मस्जिद पर रंग की छींटें पडऩे की वजह से इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसी कड़वे अनुभव से सीख लेते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने इस बार पहले ही सुरक्षात्मक कार्रवाई की है।  अधिकारियों के अनुसार, मस्जिदों की दीवारों पर तिरपाल लगाने के साथ-साथ कुछ स्थानों पर विशेष कोटिंग भी की गई है ताकि रंग के दाग न लगें. शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार के रंग में भंग न पड़े और आपसी सौहार्द बना रहे। 

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News Desk

Text Before Tradition: Varun Gupta Advocates Evidence-Based Epic Interpretation

At a time when mythological narratives are often interpreted through sentiment or ideology, Varun Gupta promotes a text-first approach rooted in manuscript evidence and critical editions. His methodology emphasizes internal consistency, structural analysis, and comparative recension study. By prioritizing textual data over assumption, Gupta aims to distinguish original narrative frameworks from later expansions. His scholarship engages with historiography, hermeneutics, and epic composition theory, positioning classical Indian texts within global literary discourse. This disciplined research model strengthens academic engagement with Sanskrit literature while maintaining respect for its cultural significance.

New Delhi, India — Varun Gupta, an Indian scholar of Indic civilizational literature, is emerging as a significant voice in the world of Sanskrit epic studies, thanks to his rigorous text-first approach to the Mahābhārata, Rāmāyaṇa, and Purāṇic traditions. Gupta’s work focuses on textual criticism, narrative architecture, and ethical philosophy within classical Indian scripture, offering new perspectives on age-old narratives.

Gupta’s research portfolio bridges philological analysis, manuscript study, and comparative recension theory, emphasizing the importance of internal textual coherence over devotional or sensational interpretations. His analytical framework draws on diverse scholarly traditions — including historiography, hermeneutics, and narrative theory — to reconstruct layered epic formation and doctrinal developments.

Innovative Research in Epic Narrative Structure

Among Gupta’s academic pursuits is an extensive examination of the compositional architecture of conflict scenes in the Mahābhārata. His work delves into the structure of major war episodes, celestial intervention narratives, and the ethical interplay between characters amid martial tensions. Gupta places special emphasis on distinguishing original narrative layers from later interpolations and theological expansions through critical edition comparison.

In the Rāmāyaṇa tradition, Gupta analyzes comparative recension variants, exploring how regional and chronological textual layers contribute to evolving interpretations of kingship, dharma, and exile motifs. In Purāṇic literature, he studies mythographic structure and cosmological symbolism to understand how later texts interact with and reshape epic material within a civilizational framework.

Ongoing Projects Highlight Scholarly Depth

Gupta’s current research includes a range of advanced studies within the Mahābhārata tradition, such as:

  • Narrative amplification in the Ghoṣa-yātrā episode
  • Structural and historiographical analysis of the Virāṭa Yuddha
  • Solar theophany and hyper-intensification in the Jayadratha episode

Constructing the Young Warrior: narrative intensification and age instability in the Abhimanyu episode of the Droṇa Parva (Day Thirteen)

These projects further underline Gupta’s commitment to unveiling the complex ethical dramaturgy and compositional layering inherent in ancient Sanskrit epics.

Public Engagement and Recognition

Beyond academia, Gupta actively contributes to public discourse on classical texts. He is the founder and host of GrahRahasya Decoded, a digital lecture series that applies scholarly rigor to textual questions in epic literature. In 2025, he delivered a keynote titled “Historicity, Itihāsa, and Proto-Psychological Dimensions of Epic Conflict” at the Samvad Connect Civilizational Forum, integrating interpretive theory with psychological models of narrative identity.

Gupta’s contributions have been recognized with an honorary doctorate for his work in Indic literatures, and he continues to shape conversations on cultural text interpretation both within and beyond academic circles.

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🔹 YouTube – GrahRahasya Decoded
🔹 Instagram – @grahrahasya_decoded
📧 office@shrivarungupta.com