गाजा में शांति की उम्मीद, पीएम मोदी ने अमेरिका-इजरायल के प्रयासों की तारीफ की

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नई दिल्ली। भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के पहले चरण के समझौते का स्वागत किया है। इस समझौते के तहत इजरायल और हमास ने गाजा में लड़ाई रोकने की घोषणा की है। इसकी घोषणा होने के बाद गुरुवार को पीएम नरेन्द्र मोदी ने पहले राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उसके बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की।

मोदी ने इन दोनों नेताओं को गाजा शांति समझौते पर सहमति बनाने के लिए की गई कोशिशों की सराहना की और उन्हें बधाई दी। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय मुद्दों, खास तौर पर भारत व अमेरिका के बीच कारोबारी समझौते को लेकर चल रही वार्ता पर भी बात हुई है।

पीएम मोदी ने ट्रंप को दी बधाई
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “मित्र डोनल्ड ट्रंप से बात की और ऐतिहासिक गाजा शांति योजना की सफलता के लिए उन्हें बधाई दी। साथ ही कारोबारी वार्ता को लेकर हुई अच्छी प्रगति की भी समीक्षा की। आने वाले हफ्तों में भी हम संपर्क में रहेंगे।”

यह पहला मौका है जब भारत के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से अमेरिका के साथ चल रही कारोबारी वार्ता की प्रगति को उत्साहजनक बताया गया है। इसके कुछ ही देर बार मोदी की इजरायल के पीएम से बात हुई।

आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं- पीएम मोदी
इसके बारे में मोदी ने एक्स पर लिखा कि, “मैंने मित्र नेतन्याहू को फोन किया और राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व में गाजा शांति योजना की प्रगति के लिए बधाई दी। हमने बंधकों की रिहाई और गाजा के निवासियों को मानवीय मदद पहुंचाने का स्वागत किया है। साथ ही यह बात भी दोहराई है कि आतंकवाद को किसी भी तरीके से और इसके किसी भी रूप को दुनिया में कहीं भी स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।”

पीएम ने शांति समझौते के लिए पहले एक्स पर दी थी बधाई
वैसे इन दोनों नेताओं से बात करने से पहले ही भारत की तरफ से पीएम नरेन्द्र मोदी शांति समझौते के स्वागत को लेकर एक संदेश जारी कर चुके थे। इसमें उन्होंने लिखा है कि, “हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं। यह पीएम नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व को दर्शाता है। हम आशा करते हैं कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों के लिए बढ़ी हुई मानवीय सहायता उन्हें राहत प्रदान करेगी और स्थायी शांति की राह प्रशस्त होगी।”

पीएम मोदी ने ब्रिटिश पीएम के साथ गाजा पर की चर्चा
पीएम मोदी ने ब्रिटिश पीएम संग की गाजा पर चर्चा गुरुवार को मुंबई में पीएम नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर के बीच हुई मुलाकात में भी गाजा की स्थिति पर चर्चा हुई है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपने सार्वजनिक भाषण में पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की घोषणा का स्वागत किया। पश्चिम एशिया में तनाव खत्म होने की उम्मीद भारत के लिए कई मायने में अच्छी खबर है।

इस क्षेत्र में तकरीबन एक करोड़ भारतीय काम करते हैं। कई देशों के साथ भारत के रणनीतिक संबंध हैं। साथ ही इन देशों से भारत काफी ज्यादा कच्चा तेल और गैस खरीदता है। अस्थिरता की वजह से भारतीय आयात और निर्यात पर भी असर होता है। साथ ही भारत के लिए कूटनीतिक तौर पर संतुलन साधने की चुनौती भी आती है। सऊदी अरब, यूएई, कतर जैसे देश भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी हैं, जबकि इजरायल से भारत को रक्षा प्रौद्योगिकी मिलती है।

आज है करवा चौथ, जानें-पूजन और चांद को अघ्र्य देने का मुहूर्त

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नई दिल्ली. करवा चौथ (Karwa Chauth) विवाहित महिलाओं (married women) द्वारा रखा जाने वाला एक महत्वपूर्ण व्रत है. हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास (Kartik month) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. करवा चौथ को कर्क चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. करवा चौथ का यह व्रत महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और उनकी कामना के लिए रखती हैं. इस बार करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जा रहा है.

करवा चौथ के दिन विधिवत पूजा के बाद महिलाएं रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करती हैं. करवा चौथ का व्रत कठिन होता है और इसे अन्न और जल ग्रहण किए बिना ही सूर्योदय से रात में चन्द्रमा के दर्शन तक किया जाता है.

करवा चौथ शुभ मुहूर्त 
हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस बार चतुर्थी तिथि की शुरुआत 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 10 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 38 मिनट पर होगा. वहीं, करवाचौथ के लिए एक पूजन मुहूर्त मिलेगा, जो शाम 5 बजकर 57 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 11 मिनट तक रहेगा. जिसकी अवधि 1 घंटे 14 मिनट की रहेगी.

इसके अलावा, करवा चौथ के दिन उपवास रखने का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 13 मिनट तक रहेगा. इस मुहूर्त में व्रती महिलाएं माता करवा की पूजा, माता पार्वती की पूजा, भगवान गणेश की पूजा, कथा सुनना जैसे सभी कार्य किए जा सकते हैं.

करवा चौथ चंद्रोदय का समय
करवाचौथ के दिन चंद्रोदय का समय शाम 8 बजकर 14 मिनट बताया जा रहा है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर में चंद्रोदय रात 8 बजकर 13 मिनट पर हो सकता है.

करवाचौथ पूजन विधि 
करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से शुरू हो जाता है और फिर पूरे दिन निर्जला उपवास रखा जाता है. पूजा के लिए सोलह श्रृंगार करके तैयार हों जाए और दीवार पर करवा माता का चित्र बनाएं या बाजार से बना बनाया खरीद कर लगाएं. फिर, चावल के आटे में हल्दी मिलाकर जमीन पर चित्र बनाएं. जमीन में बने इस चित्र के ऊपर करवा रखें और इसके ऊपर घी का जलता हुआ दीपक रखें.

करवा में आप 21 या 11 सींकें लगाएं और करवा के भीतर खील बताशे , साबुत अनाज इनमें से कुछ भी डालें. इसके बाद भोग के लिए आटे की बनी पूड़ियां, मीठा हलवा, खीर आदि रखें. फिर, करवा के साथ आप सुहाग की सामग्री भी अवश्य चढ़ाएं. यदि आप सुहाग की सामग्री चढ़ा रही हैं तो सोलह श्रृंगार चढ़ाएं. करवा के पूजन के साथ एक लोटे में जल भी रखें इससे चंद्रमा को जल दिया जाता है. पूजा करते समय करवा चौथ की व्रत कथा जरूर सुने. चांद निकलने के बाद छलनी से पति को देखें फिर चांद के दर्शन करें. चन्द्रमा को जल से अर्घ्य दें और पति की लंबी उम्र की कामना करें.

करवा चौथ की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, करवा नामक महिला थी, जो अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के किनारे रहती थी. एक दिन, उसके पति नदी में स्नान कर रहे थे, तभी एक मगरमच्छ ने उनका पैर पकड़ लिया और उन्हें नदी में खींचने लगा. करवा ने अपने पति की पुकार सुनकर तुरंत एक कच्चा धागा लेकर मगरमच्छ को एक पेड़ से बांध दिया. करवा के सतीत्व के कारण मगरमच्छ कच्चे धागे से बंध गया और हिल तक नहीं पा रहा था.

करवा ने यमराज को पुकारा और अपने पति को जीवनदान देने और मगरमच्छ को मृत्युदंड देने के लिए प्रार्थना की. यमराज ने करवा की बात मानी और मगरमच्छ को यमलोक भेज दिया. साथ ही, यमराज ने करवा के पति को जीवनदान दे दिया.

इसी तरह, सावित्री ने भी अपने पति के प्राणों की रक्षा के लिए यमराज से प्रार्थना की थी. सावित्री ने अपने पति को वट वृक्ष के नीचे लपेटकर रखा था और यमराज को अपने पति के प्राण लौटाने पड़े थे. सावित्री को ताउम्र सुहागन का वरदान मिला था. तभी से, करवा चौथ के दिन, सुहागन महिलाएं करवा माता से प्रार्थना करती हैं कि जैसे आपने अपने पति को मृत्यु के मुंह से बचाया था, वैसे ही हमारे सुहाग की भी रक्षा करें.

पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई, नवी मुंबई हवाई अड्डा होगा भारत की नई उड़ान क्षमता का प्रतीक

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 8 अक्टूबर को नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएमआईए) के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस एयरपोर्ट से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के निर्माण में 19,650 करोड़ रुपये की लागत लगी है। इस हवाई अड्डे से मुंबई, पुणे और कोंकण क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

1,160 हेक्टेयर में फैला यह नया हवाई अड्डा भारत की विमानन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा और मुंबई के मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारी यातायात के बोझ को कम करेगा। 

पीपीपी मॉडल के तहत किया गया विकसित
यह भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना है, जिसे सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया गया है और यह मुंबई महानगर क्षेत्र का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

मुंबई मेट्रो लाइन-3 के दूसरे चरण का उद्घाटन
पीएम मोदी ने आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक 12,200 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मुंबई मेट्रो लाइन-3 के दूसरे चरण का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने 37,270 करोड़ रुपये की पूरी मुंबई मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) राष्ट्र को समर्पित की, जो शहर के शहरी परिवहन परिवर्तन में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

पीएम मोदी ने मुंबई वन ऐप किया लॉन्च
प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई वन ऐप भी लॉन्च किया, जो यात्रियों को कई सार्वजनिक परिवहन ऑपरेटरों के लिए एकीकृत मोबाइल टिकटिंग सहित कई लाभ प्रदान करता है। उन्होंने महाराष्ट्र में कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग की अल्पकालिक रोजगार योग्यता कार्यक्रम (STEP) पहल का भी उद्घाटन किया।

यह कार्यक्रम 400 सरकारी आईटीआई और 150 सरकारी तकनीकी उच्च विद्यालयों में शुरू किया जा रहा है, जो रोजगार योग्यता बढ़ाने के लिए कौशल विकास को उद्योग की आवश्यकताओं के साथ जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रेगिस्तान से पानी निकालने, कार्बन पकड़ने की तकनीक के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला सम्मान

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नई दिल्ली: 2025 का नोबेल प्राइज (Nobel Prize) इन केमिस्ट्री तीन दिग्गज वैज्ञानिको (Great Scientists Chemistry)- प्रोफेसर सुसुमु कितागावा (जापान), रिचर्ड रॉबसन (ऑस्ट्रेलिया) और ओमर एम. यागी (अमेरिका) को दिया गया है. इन वैज्ञानिकों ने ‘मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स’ (Metal-Organic Frameworks) पर काम कर के केमिस्ट्री की दिशा बदल दी. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने स्टॉकहोम में इसका ऐलान किया और बताया कि तीनों वैज्ञानिकों को 11 मिलियन स्वीडिश क्राउन (करीब 8.7 लाख पाउंड) की प्राइज मनी दी जाएगी.

  • तीनों वैज्ञानिकों ने मिलकर यह दिखाया कि कैसे अलग-अलग मॉलिक्यूल्स को एक खास तरीके से जोड़कर एक ऐसी संरचना बनाई जा सकती है जिसमें मॉलिक्यूल्स के बीच काफी खाली जगह यानी ‘पोर्स’ रहती है. इन पोर्स के जरिए गैसें या अन्य केमिकल्स आसानी से गुजर सकते हैं.
  • यही संरचनाएं आगे चलकर ‘मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स’ कहलाईं. इन्हें आप ‘मॉलिक्यूलर आर्किटेक्चर’ कह सकते हैं. जहां एटम्स और मॉलिक्यूल्स ईंटों की तरह इस्तेमाल होकर ऐसी संरचना बनाते हैं जो काम की चीजें कर सकती है.

इन फ्रेमवर्क्स का सबसे कमाल का यूज है- डेजर्ट एयर से पानी निकालना, कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर करना और टॉक्सिक गैसों को स्टोर करना. यानी भविष्य में ये टेक्नोलॉजी जल संकट, क्लाइमेट चेंज और इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन से लड़ने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है.

क्योटो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कितागावा, यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न के प्रोफेसर रॉबसन और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर यागी ने इस दिशा में दशकों तक काम किया. आज MOFs का इस्तेमाल क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, गैस स्टोरेज और एयर प्यूरीफिकेशन में तेजी से बढ़ रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर से टूटे जैश-ए-मोहम्मद की नई चाल! अब महिलाओं को बना रहा हथियार

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नई दिल्ली: सीमापार से भारत (India) को अस्थिर करने की कोशिश लगातार जारी है. पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत की ओर से किए गए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में जब पाकिस्तान (Pakistan) में बैठे आतंकियों की कमर टूट गई, तो अब वही आतंकी संगठन नई चाल चलकर देश को अशांत करने की फिराक में हैं. आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) अब महिलाओं (Women) का एक खास ब्रिगेड बना रहा है, जिसका नाम रखा गया है जमात अल-मुमिनात.

सूत्रों का कहना है कि यह ग्रुप साल 2024 के बाद से ही एक्टिव है और इसका मकसद महिलाओं का ब्रेनवॉश करके उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करना है. इस ब्रिगेड को जैश की महिला विंग के तौर पर तैयार किया गया है, जो साइकोलॉजिकल वारफेयर, यानी मानसिक तौर पर असर डालने वाले प्रचार और ग्राउंड लेवल पर भर्ती का काम कर रहा है.

कहा जा रहा है कि जमात अल-मुमिनात जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में ऑनलाइन नेटवर्क के ज़रिए लगातार एक्टिव है. सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप्स और कुछ मदरसों के नेटवर्क के जरिए इस ग्रुप की गतिविधियां लगातार फैल रही हैं. इस संगठन का मकसद है महिलाओं को धर्म के नाम पर बरगलाना और संगठन के लिए इस्तेमाल करना.

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, जैश के इस नए सर्कुलर में मक्का और मदीना की तस्वीरें भी लगाई गई है ताकि इसे धार्मिक रंग दिया जा सके. साथ ही इस सर्कुलर में कई तरह की भावनात्मक बातें लिखी गई हैं ताकि पढ़ी-लिखी और शहरी मुस्लिम महिलाओं को भी प्रभावित किया जा सके. इस पूरे अभियान के जरिए महिलाओं की भावनाओं को छूकर उन्हें अपने संगठन के मकसद से यह सारी कोशिश की जा रही है.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जमात अल-मुमिनात जैश की तरह ही सेल-बेस्ड स्ट्रक्चर पर काम कर रहा है. मतलब अलग-अलग छोटे ग्रुप्स सोशल मीडिया या मदरसों के जरिए भर्ती, चंदा जुटाने और संदेश फैलाने का काम कर रहे हैं. खुफिया एजेंसियों ने इस सर्कुलर के पाकिस्तान कनेक्शन के भी ठोस सबूत मिलने की बात कही है.

CJI पर जूता उछालने वाले राकेश किशोर पर SCBA की कार्रवाई, सदस्यता की समाप्त

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) बार एसोसिएशन (Bar Association) ने गुरुवार को राकेश किशोर (Rakesh Kishore) की सदस्यता (Membership) को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की घोषणा की है। किशोर ने मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) बीआर गवई (BR. Gavai) पर अदालत में जूता फेंकने की कोशिश की थी। इस दौरान उन्होंने ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’ का नारा भी लगाया था। न्यायालय की सुरक्षा और शिष्टाचार के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है।

एससीबीए ने कहा कि किशोर का बेहद अनुचित, अव्यवस्थित और अतिशयोक्ति भरा व्यवहार सीधे तौर पर न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला था। बार एसोसिएशन ने इसे पेशेवर आचार, अदालत की गरिमा और सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा का गंभीर उल्लंघन माना है। एससीबीए की कार्यकारी समिति ने बयान जारी कर कहा, “यह घटना अदालत की गरिमा, न्यायिक स्वतंत्रता और बार तथा बेंच के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी सम्मान और विश्वास पर सीधे प्रहार के समान है। राकेश किशोर का SCBA का सदस्य बने रहना इस संस्था की अपेक्षित गरिमा और अनुशासन के अनुरूप नहीं है।”

कफ सिरप से मासूमों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, जनहित याचिका पर कल होगी सुनवाई

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भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और राजस्थान (Rajasthan) में कफ सिरप (Cough Syrup) पीने से बच्चों की मौत के मामले में दायर जनहित याचिका (Public Interest Litigation) पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सहमत हो गया। अदालत ने दवा सुरक्षा तंत्र में जांच और व्यवस्थागत सुधार की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अधिवक्ता और याचिकाकर्ता विशाल तिवारी की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि यह मामला गंभीर है और तत्काल सुनवाई योग्य है।

याचिका में इन घटनाओं की अदालत की निगरानी में जांच और एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति के गठन का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, याचिका में कहा गया है कि जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत से जुड़े सभी FIRs और जांचों को CBI को ट्रांसफर किया जाए, ताकि पूरे देश में जांच एक समान और निष्पक्ष रूप से की जा सके।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि अलग-अलग राज्यों में जांच होने से जवाबदेही बिखर जाती है, जिससे बार-बार ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और खतरनाक दवाएं बाजार में पहुंच जाती हैं। इसलिए एक केंद्रीकृत जांच की जरूरत है जो पूरे सिस्टम में सुधार सुनिश्चित करे।

याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह यह पता लगाए कि दवा सुरक्षा और गुणवत्ता जांच प्रणाली में कौन सी चूक हुई, जिनकी वजह से निम्न गुणवत्ता वाली दवाएं बाजार में पहुंचीं। इसमें अदालत से यह भी आग्रह किया गया है कि आगे किसी भी बिक्री या निर्यात की अनुमति देने से पहले सभी संदिग्ध उत्पादों का एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के माध्यम से विष विज्ञान परीक्षण अनिवार्य किया जाए।

संचार मंत्री सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में प्रमुख स्टॉलों का किया दौरा

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नई दिल्ली । केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज यशोभूमि, नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 के प्रदर्शनी क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने भारत के डिजिटल परिवर्तन को सशक्त करने वाली प्रौद्योगिकियों और नवाचारों का जीवंत प्रदर्शन देखा।
मंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत दूरसंचार विभाग (डीओटी) मंडप के उद्घाटन से की, जहाँ डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत प्रमुख पहलों को प्रस्तुत किया गया। उन्होंने 4जी और 5जी नेटवर्क के विस्तार, भारतनेट परियोजना की प्रगति, टेलीकॉम स्टार्टअप एक्सेलरेटर और स्वदेशी दूरसंचार विनिर्माण एवं नवाचार को बढ़ावा देने वाली पहलों पर आधारित प्रदर्शनियों को देखा।
मंत्री ने देश भर में किफायती कनेक्टिविटी, डिजिटल समावेशन और मज़बूत दूरसंचार अवसंरचना को सक्षम बनाने में दूरसंचार विभाग के निरंतर प्रयासों की सराहना की। मंत्री ने डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने और नागरिक सुरक्षा को बढ़ाने में दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल और ऐप की भूमिका की सराहना की।
सी-डॉट पैवेलियन में, मंत्री ने 4जी, 5जी और उपग्रह संचार के साथ-साथ प्रारंभिक चरण की 6जी तकनीकों में स्वदेशी रूप से विकसित समाधानों का प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ बातचीत की। उन्होंने भारत के आत्मनिर्भर डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने वाले अनुसंधान, नवाचार और सुरक्षित दूरसंचार समाधानों को आगे बढ़ाने में सी-डॉट की भूमिका की सराहना की।

मंत्री सिंधिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), क्लाउड कंप्यूटिंग और ग्रीन टेलीकॉम जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर रहे उद्योग जगत के दिग्गजों, स्टार्टअप संस्थापकों और नवप्रवर्तकों से भी मुलाकात और बातचीत की। उन्होंने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एरिक्सन, नोकिया और सैमसंग जैसी अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के मंडपों का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने 5जी परिनियोजन, नेटवर्क आधुनिकीकरण और अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीकों में उनके नवीनतम समाधानों की समीक्षा की। मंत्री ने उनकी नवाचार की भावना और वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में भारत को आगे बढ़ाने में उनके योगदान की प्रशंसा की।

मंत्री सिंधिया ने डॉ. नीरज मित्तल और अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों के साथ आईएमसी 2025 में तेजस नेटवर्क्स की अगली पीढ़ी के ओजस64, एक अत्याधुनिक 64T64आर मैसिव एमआईएमओ (मल्टीपल इनपुट मल्टीपल आउटपुट) रेडियो का अनावरण किया। ओजस64 एक अत्याधुनिक 5जी मैक्रो रेडियो है जो 320वाट तक की आउटपुट पावर प्रदान करता है, मल्टी-गीगाबिट स्पीड और महत्वपूर्ण स्पेक्ट्रल दक्षता में सुधार करता है, जबकि यह सब इसके कार्बन फुटप्रिंट को कम करता है। तेजस नेटवर्क्स के लॉन्च पर बधाई दी । उन्होंने कहा, तेजस नेटवर्क लगातार उन्नत वायरलेस संचार में नए मानक स्थापित कर रहा है, जिससे भारत उन कुछ देशों में शामिल हो गया है जो 5जी  और 5जी-एडवांस्ड नेटवर्क के लिए जटिल मैसिव एमआईएमओ रेडियो डिजाइन और निर्माण करने में सक्षम हैं

बिहार विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करवाया जाएगा – चुनाव आयोग

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नई दिल्ली । चुनाव आयोग (Election Commission) ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में (In Bihar Assembly Elections) आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करवाया जाएगा (Model Code of Conduct will be strictly Followed) । भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

6 अक्टूबर को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ, आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एमसीसी के सख्त कार्यान्वयन के निर्देश दिए हैं। यह संहिता न केवल राज्य सरकार, बल्कि केंद्र सरकार पर भी लागू होगी, खासकर बिहार से संबंधित नीतिगत फैसलों और घोषणाओं के मामले में।

चुनाव आयोग ने सरकारी, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों से किसी भी तरह के विरूपण (जैसे पोस्टर, बैनर) को हटाने का आदेश दिया है। साथ ही, सरकारी वाहनों, आवास या संसाधनों का किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या चुनाव से जुड़े व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग रोकने के लिए सख्ती बरतने को कहा गया है। सरकारी खर्च पर विज्ञापन जारी करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। नागरिकों की निजता का सम्मान करने और निजी संपत्तियों पर बिना मालिक की सहमति के झंडे, बैनर या पोस्टर लगाने पर रोक लगाई गई है। निजी आवासों के बाहर प्रदर्शन या धरना देने की भी मनाही है।

शिकायतों के निपटारे के लिए आयोग ने 24 घंटे चलने वाली शिकायत निगरानी प्रणाली शुरू की है। नागरिक कॉल सेंटर नंबर 1950 या जिला निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, सी-विजिल ऐप के जरिए एमसीसी उल्लंघन की शिकायत की जा सकती है, जिस पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 824 उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं।

आयोग ने मंत्रियों को आधिकारिक कर्तव्यों को चुनाव प्रचार से अलग रखने और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न करने का निर्देश दिया है। चुनाव से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण पर भी रोक लगा दी गई है। सभी अधिकारियों को निष्पक्षता के साथ काम करने, सभी दलों के साथ समान व्यवहार करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। सार्वजनिक स्थानों, जैसे मैदान और हेलीपैड, का आवंटन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर निष्पक्ष रूप से करने के लिए सुविधा मॉड्यूल को सक्रिय किया गया है।

केदारनाथ में टूटा 2024 का रिकॉर्ड, श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार

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देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद चारधाम की यात्रा जोरों शोरों से चल रही है. पिछले कुछ दिनों के भीतर प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और उच्च हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होने के बाद भी यात्रियों में उत्साह कम नहीं हो रहा है. चारधाम में सबसे ज्यादा क्रेज बाबा केदारनाथ का दिखाई दे रहा है.

केदारनाथ में टूटा 2024 का रिकॉर्ड: इसका ही नतीजा है कि केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. बुधवार को केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 16 लाख 56 हजार के पार पहुंच गई, जबकि अभी धाम के कपाट बंद होने में 15 दिन का समय बचा है. साल 2024 में पूरे यात्राकाल के दौरान केदारनाथ धाम के 16 लाख 52 हजार 76 यात्रियों ने दर्शन किए थे. इस साल अभी तक श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार हो चुकी है.

श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार: बुधवार यानी 8 अक्टूबर को केदारनाथ धाम में 5614 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. केदार धाम के कपाट आगामी 23 अक्टूबर को भैयादूज के दिन बंद होंगे. यानी अभी यात्रा 15 दिन और चलेगी. ऐसे में इस साल यात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है. बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी अब यात्रियों की संख्या बढ़ी है. प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए सुरक्षित यात्रा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यात्रा मार्ग में सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है. यात्रा मार्ग पर यातायात सुचारू बना रहे, इसके लिए भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर मलबे की सफाई के लिए जेसीबी की व्यवस्था की गई है.

30 अप्रैल को शुरू हुई थी चारधाम यात्रा: बता दें कि इस साल 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो गया था. इसके बाद दो मई को केदारनाथ और चार मई को बदरीनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए थे. मानसून सीजन में अतिवृष्टि, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के चलते चारधाम यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है. प्रकृति की विनाशलीला में गंगोत्री धाम का महत्वपूर्ण पड़ाव धराली बुरी तरह तबाह हो गया. मार्ग बुरी तरह तहस-नहस हो जाने से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को रोकना पड़ा था.

बारिश थमने पर भी यहां यात्रा को बहाल करना बड़ी चुनौती थी, लेकिन शासन-प्रशासन की टीमों ने युद्धस्तर पर कार्य कर आम जनजीवन की बहाली के साथ ही यात्रा मार्गों को सुचारू किया. दोनों धामों की यात्रा भी सुरक्षा इंतजामों के साथ शुरू हो गई. प्रशासन की ओर से यात्रियों को अभी भी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है. यात्रियों को बार-बार आगाह किया जा रहा है कि मौसम खराब होने पर यात्रा करने से बचें. यदि यात्रा मार्ग में हैं, तो सुरक्षित स्थान पर शरण लें.

सीएम धामी ने सुरक्षा को बताया सर्वोच्च: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी यात्रा मार्गों पर आवश्यक यात्री सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा जाए. सभी जिम्मेदार अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा जाए. आपातकालीन स्थिति में बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया जाए.