भारत बिना नए कोयला संयंत्र के 2032 तक बिजली की मांग पूरी कर सकता है, रिपोर्ट में दावा

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नई दिल्ली। भारत (India) आने वाले सात वर्षों में अपनी बढ़ती बिजली (Electricity) की मांग को पूरा करने के लिए किसी नए कोयला संयंत्र (Coal Plants) की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक नई वैश्विक रिपोर्ट (Global Report) में कहा गया है कि देश 2032 तक की बिजली जरूरतों को पहले से तय सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण लक्ष्यों के जरिए पूरा कर सकता है। यह निष्कर्ष भारत की ऊर्जा नीति में बड़े बदलाव का संकेत देता है।

ऊर्जा थिंक टैंक एंबर की मंगलवार को जारी रिपोर्ट ‘कोल डिमिनिशिंग रोल इन इंडिया इलेक्ट्रीसिटी ट्राजिशन’ के मुताबिक, नए कोयला संयंत्रों में निवेश न सिर्फ अनावश्यक बल्कि आर्थिक रूप से नुकसानदेह साबित होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि मौजूदा निर्माणाधीन कोयला संयंत्रों के अलावा और संयंत्र बनाए गए तो यह बिजली वितरण कंपनियों और उपभोक्ताओं पर महंगा बोझ डाल सकता है, क्योंकि अक्षय ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज तकनीक अब पहले से कहीं सस्ती और भरोसेमंद हो गई है।

एंबर के मॉडलिंग डेटा के अनुसार, यदि भारत नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान 2032 के तहत तय सौर, पवन और स्टोरेज लक्ष्यों को पूरा कर लेता है, तो 2031-32 तक लगभग 10 फीसदी अतिरिक्त कोयला संयंत्र पूरी तरह बेकार पड़े रहेंगे, जबकि 25 फीसदी से अधिक संयंत्र बहुत कम क्षमता पर चलेंगे। रिपोर्ट बताती है कि भारत के कोयला संयंत्रों की औसत प्लांट लोड फैक्टर 2024-25 में 69 प्रतिशत से घटकर 2031-32 तक सिर्फ 55 प्रतिशत रह जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि कई संयंत्र लंबे समय तक बंद रहेंगे या बेहद कम क्षमता पर चलेंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे सौर और पवन ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, कोयला बिजली का मुख्य स्रोत न रहकर सिर्फ बैकअप विकल्प बन जाएगा। इससे कोयला बिजली की लागत और बढ़ जाएगी। एम्बर का अनुमान है कि वर्तमान में कोयला बिजली की दर लगभग ₹छह प्रति यूनिट है, जो 2031-32 तक बढ़कर ₹7.25 प्रति यूनिट तक पहुंच सकती है।

बिहार और मध्य प्रदेश जैसे कोयला उत्पादक राज्यों में भी नए कोयला संयंत्रों की बिजली दरें ₹5.85 से ₹छह प्रति यूनिट तक पहुंच गई हैं। इसकी तुलना में सौर और पवन आधारित फर्म डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी की दरें ₹4.3 से ₹5.8 प्रति यूनिट तक हैं, जबकि सोलर-प्लस-स्टोरेज प्रोजेक्ट ₹2.9 से ₹3.6 प्रति यूनिट तक में बिजली उपलब्ध करा रहे हैं।

एंबर के मुख्य विश्लेषक डेव जोन्स ने कहा कि भारत सौर निर्माण की तरह ही बैटरी उत्पादन में भी आत्मनिर्भर बन सकता है और 24 घंटे, 365 दिन बिजली उपलब्ध कराने वाला देश बन सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब बैटरी तकनीक तेजी से विकसित हो रही है, जिसकी आयु दशकों तक बढ़ गई है, और नई सोडियम-आयन तकनीक के कारण अब दुर्लभ खनिजों की जरूरत भी कम हो गई है।

रिपोर्ट के सह-लेखक दत्तात्रेय दास ने कहा कि भारत को पिछली गलतियों से सबक लेते हुए अनावश्यक कोयला संयंत्रों के निर्माण से बचना चाहिए। रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि देश को अब ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने, पुराने तापीय संयंत्रों को लचीला बनाने और बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। यह बदलाव न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है बल्कि आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित होगा।

Shree Desai Launches Transformative Book “Set a Goal: A Path to Self-Discovery and Success

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Author and growth advocate Shree Desai unveils his latest book, inspiring readers to uncover their true potential and achieve meaningful success through goal setting and self-awareness.

New Delhi, India , Author and personal growth advocate Shree Desai has officially launched his latest and most inspiring work, “Set a Goal: A Path to Self-Discovery and Success.” This empowering book offers readers a step-by-step roadmap to uncover their true potential, set meaningful goals, and achieve both personal and professional success with clarity and confidence.

Blending motivational insights, practical strategies, and self-reflection techniques, the book serves as a guiding light for those seeking purpose, discipline, and fulfillment. Whether you’re a student shaping your future, an entrepreneur building your dreams, or a professional striving for balance, “Set a Goal” helps turn aspirations into achievable results.

Key Highlights of the Book

Learn to define and pursue your goals with clarity and intention.

Discover practical ways to overcome self-doubt and procrastination.

Unlock personal growth through mindfulness and self-awareness.

Build a roadmap to sustainable success in every area of life.

About the Author

Shree Desai is a data analyst, digital marketer, and passionate writer who combines analytical precision with emotional intelligence to help people live with focus and purpose. His approach to self-improvement bridges the gap between logic and introspection, inspiring readers to take charge of their goals and unlock their full potential.

Author’s Words

“Setting goals means discovering yourself and acting with purpose,”
says Shree Desai.

Availability

“Set a Goal: A Path to Self-Discovery and Success” is now available for purchase on:

Amazon: www.amazon.in

Flipkart: www.flipkart.com

WN Publications: www.wnpublications.com

A Call to Action

Shree Desai encourages readers to embark on their journey of focus, fulfillment, and self-discovery through this transformational book — a perfect companion for anyone determined to live a goal-oriented and purpose-driven life.

Media Contact

Name: Shree Desai
Location: New Delhi, India

 

‘ऑपरेशन सिंदूर’ वाले राफेल में उड़ान! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उस जेट में भरी उड़ान जिसने पाक को किया था धुआं-धुआं

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अंबाला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को अंबाला वायुसेना स्टेशन से राफेल विमान में उड़ान भरी. अंबाला एयरबेस, जहां से “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान राफेल समेत कई फाइटर जेट्स ने उड़ान भरकर पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था. जब राष्ट्रपति ने उड़ान भरी, उस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. भारत का राष्ट्रपति तीनों सेनाओं का कमांडर भी होता है. राफेल में सवारी करने से पहले राष्ट्रपति ने ‘जी-सूट’ पहना था. हाथ में हेलमेट, धूप का चश्मा लगाकर विमान के पायलटों के साथ फोटो खिंचवाई. जब अंबाला एयरपोर्ट से उड़ान भरीं तो हाथ हिलाकर अभिवादन किया. राफेल की सवारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कर चुके हैं.

2020 में वायुसेना में शामिल हुआ राफेल

राफेल लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना में सितंबर 2020 में शामिल हुआ. यह फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा बनाया गया है. दरअसल, अंबाला एयरबेस राफेल स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ का मुख्य केंद्र है. इसलिए ऐसे स्टेशनों को प्राथमिकता दी जाती है. इन विमानों ने हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले कर अपनी ताकत का प्रमाण दिया था. उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि राष्ट्रपति दिल्ली बुधवार सुबह हवाई मार्ग के माध्यम से अंबाला एयरफोर्स स्टेशन छावनी पहुंचीं. उनकी सुरक्षा के लिहाज से एयरफोर्स स्टेशन के आसपास के इलाके में ड्रोन को उड़ाने पर पाबंदी लगाई गई है. इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन के अंदर किसी को भी मोबाइल ले जाने की परमिशन नहीं दी गई है. स्टेशन के अंदर प्रवेश भी केवल उन्हीं को मिलेगा, जो अधिकृत व्यक्ति होंगे.

26 नए राफेल मरीन जेट को मंजूरी

राष्ट्रपति ने उड़ान उस ऐसे समय में भरीं, जब भारत और फ्रांस के बीच नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन जेट्स की डील को मंजूरी मिल चुकी है. फाइटर जेट का यह सौदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की मंजूरी मिलने के बाद हुआ. 26 फाइटर में 22 सिंगल-सीटर और 4 ट्विन-सीटर ट्रेनर जेट शामिल होंगे.

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News Desk

शादी के 11 महीने बाद महिला की मौत, ससुराल वालों पर धीमा जहर देकर मारने का आरोप; 6 गिरफ्तार

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मुंबई। मुंबई (Mumbai) के खार इलाके (Khar Area) में रहने वाली 24 वर्षीय नेहा गुप्ता (Neha Gupta) उर्फ़ रिंकी की अचानक हुई मौत ने पूरे खार को स्तब्ध कर दिया है। खार पुलिस (Police) ने नेहा के पति अरविंद (Husband Arvind) और उसके परिवार के पांच सदस्यों को दहेज हत्या (Dowry Death) के संदिग्ध आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस, FSL के नतीजों और अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, इसलिए मौत का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

दरअसल, मूल रूप से यूपी की रहने वाली नेहा ने 16 नवंबर, 2024 को खार के एक बैंक कर्मचारी अरविंद (27) से अरेंज मैरिज की थी। बमुश्किल ग्यारह महीने बाद, उसकी असामयिक मृत्यु हो गई। नेहा की मौत से घरेलू दुर्व्यवहार और दहेज उत्पीड़न का संदेह उठने लगा है। नेहा के पिता राधेश्याम ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, शादी के दो महीने बाद ही नेहा का उत्पीड़न शुरू हो गया था।

नेहा के पिता ने शिकायत में बताया कि 9 लाख रुपये नकद, 18 तोले सोना, दो किलो से ज़्यादा चांदी और कई घरेलू सामान सहित अच्छा-खासा दहेज देने के बावजूद, नेहा के ससुराल वाले कथित तौर पर और पैसे और एक लग्ज़री बुलेट मोटरसाइकिल की मांग करते रहे। जब उसके परिवार ने इनकार कर दिया, तो नेहा को कथित तौर पर बार-बार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

एक चौंकाने वाले आरोप में, नेहा के परिवार ने उसके पति और उसके रिश्तेदारों पर उसे धीरे-धीरे जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि नेहा को खाने में अज्ञात दवाएं मिलाकर दी गईं, जिससे वह बार-बार बेहोश हो जाती थी। उसने अक्सर अपने माता-पिता को बताया था कि वह मानसिक रूप से अस्थिर और अस्वस्थ महसूस करती है। शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि पति के परिवार के लगातार दुर्व्यवहार और दबाव के कारण उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अस्पताल के रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आई हैं। 16 अक्टूबर की रात को नेहा को पहले भाभा अस्पताल और बाद में कूपर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सुबह लगभग 4:30 बजे डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि, घर लौटने पर उसकी हालत बिगड़ गई। जब उसे वापस अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे “मृत” घोषित कर दिया।

खार पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि नेहा को उसके ससुराल वालों द्वारा लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना सहनी पड़ी थी। पुलिस अब एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसकी मौत जहर से हुई या किसी और वजह से। पुलिस ने बीएनएस की धारा 80 (दहेज हत्या), धारा 123 (ज़हर देकर नुकसान पहुंचाना) और उत्पीड़न व आपराधिक धमकी से संबंधित अन्य धाराओं सहित कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। नेहा के पति समेत सभी छह आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जांच जारी है।

दर्जी समय पर ब्लाउज नहीं दे सका, अदालत ने 7,000 रुपये का जुर्माना लगाया

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अहमदाबाद। एक दर्जी (Tailor) का टूटा हुआ वादा उसे 7,000 रुपये का घाटा करा गया, क्योंकि वह शादी (Marriage) के लिए ब्लाउज (Blouse) समय पर नहीं दे सका। इस घटना ने एक खुशहाल पारिवारिक समारोह (Family Function) को उपभोक्ता अदालत (Consumer Court) के मामले में बदल दिया। उपभोक्ता अदालत ने टेलर पर सात हजार रुपये जुर्माना लगाया है।

अहमदाबाद की एक महिला ग्राहक ने अपने रिश्तेदार की शादी के लिए 24 दिसंबर 2024 को पहनने हेतु एक पारंपरिक ब्लाउज सिलवाने का ऑर्डर दिया था। उसने पिछले महीने ही दर्जी को ₹4,395 अग्रिम में दे दिए थे। लेकिन जब वह 14 दिसंबर को ऑर्डर लेने गई, तो पाया कि ब्लाउज उसकी बताई गई डिज़ाइन के अनुसार नहीं सिला गया था। दर्जी ने उसे भरोसा दिलाया कि वह गलती सुधार देगा, लेकिन 24 दिसंबर बीत गया और ब्लाउज कभी नहीं मिला।

इसके बाद महिला ने दर्जी को कानूनी नोटिस भेजा, उपभोक्ता शिकायत दर्ज की लेकिन दर्जी उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, अहमदाबाद (अतिरिक्त) में पेश नहीं हुआ। आयोग ने दर्जी की ओर से ब्लाउज न देने को “सेवा में स्पष्ट कमी” माना, जिससे शिकायतकर्ता को “मानसिक उत्पीड़न” झेलना पड़ा। अदालत ने आदेश दिया कि दर्जी 4,395 रुपये राशि 7% वार्षिक ब्याज सहित लौटाए, साथ ही मानसिक कष्ट और वाद व्यय के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी अदा करे।

लड़की को जिंदा जलाया, फिर खड़े होकर देखता रहा! जब घर से निकलने लगा धुआं तो…

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ठाणे: ठाणे (Thane) के कपूरबावड़ी इलाके (Kapurbawdi Area) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां 17 साल के एक नाबालिग लड़के (Minor Boy) ने अपनी महिला मित्र (Female Friend) को आग (Fire) के हवाले कर दिया. इस घटना में लड़की करीब 80 प्रतिशत तक झुलस गई है और उसकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है. दरअसल, मामला 24 अक्टूबर का है, लड़की अपने घर में अकेली थी, तभी अचानक घर से धुआं उठने लगा. आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी खबर परिवार को दी. जब परिजन पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि लड़की आग में जल रही थी और उसी समय उसका दोस्त भी घर के अंदर मौजूद था.

पुलिस जांच में पता चला है कि दोनों के बीच कुछ दिनों से विवाद चल रहा था. कुछ दिन पहले चेंबूर इलाके में भी दोनों का झगड़ा हुआ था, जिसमें लड़के ने लड़की को धमकी दी थी कि वह उसे जिंदा नहीं छोड़ेगा. पुलिस के मुताबिक, घटना के वक्त आरोपी लड़का लड़की के घर पहुंचा और उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी. जब लड़की चिल्लाने लगी और मदद की गुहार करने लगी, तब भी आरोपी वहीं खड़ा रहा. उसने उसे बचाने की कोशिश नहीं की.

लड़की को पहले ठाणे के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मुंबई के केईएम अस्पताल रेफर किया गया. डॉक्टरों ने बताया कि लड़की का शरीर 80 प्रतिशत तक जल चुका है और वह अभी भी खतरे से बाहर नहीं है. कपूरबावड़ी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 109 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है. अधिकारी ने बताया कि यह हमला पहले हुए झगड़े और गुस्से के कारण किया गया था.

महात्मा गांधी की मूर्ति को लेकर केरल में बवाल, मैच नहीं हो रहा चेहरा; लोगों ने उठाए सवाल

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डेस्क: केरल (Kerala) के गुरुवायुर नगर पालिका (Guruvayur Municipality) में हाल ही में अनावरण की गई गांधी प्रतिमा (Gandhi Statue) को देखकर स्थानीय निवासी दंग रह गए. नगर पालिका के बायो पार्क में अनावरण (Exposure) की गई इस प्रतिमा में महात्मा गांधी को लेकर कोई समानता नहीं दिखी. गांधी की इस प्रतिमा में न ही उनके विशिष्ट चश्मे, न ही छड़ी और न ही चेहरे में कोई समानता है.

पिछले कई दिनों से गुरुवायुर नगर पालिका के बायो पार्क में गांधीजी की प्रतिमा लगाने का काम चल रहा था. सोमवार (27 अक्टूबर, 2025) को जब गांधी प्रतिमा का अनावरण हुआ, तो स्थानीय लोग और समारोह में मौजूद लोग इसे देखकर दंग रह गए. जाहिर है कि इससे पहले किसी ने भी महात्मा गांधी की ऐसी प्रतिमा नहीं देखी होगी. त्रिशूर बीजेपी के उत्तर जिला समिति सदस्य सुमेश कुमार और स्थानीय लोगों ने कहा कि सिर्फ चश्मा और लाठी जोड़ देने से कोई गांधी नहीं बन जाता.

स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यह प्रतिमा भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से एक महात्मा गांधी से बहुत कम मिलती-जुलती है. कई लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या यह प्रतिमा वास्तव में राष्ट्रपिता का प्रतिनिधित्व करती है.

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किसान को थार से कुचलने के आरोपी नेता को BJP ने किया निष्कासित, आलाकमान ने लिया बड़ा एक्शन

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गुना: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जनपद (Guna District) में रविवार को जमीनी विवाद (Land Dispute) में भाजपा नेता (BJP leader) महेंद्र नागर ने और उसके साथियों ने किसना रामस्वरूप और उसके परिवार पर जानलेवा हमला (Deadly Attack) किया था. यही नहीं उसे थार गाड़ी (Thar Vehicle) से रौंद दिया था. जिसमें किसान की मौत हो गयी थी. इस घटना से बीजेपी पर सवाल उठने के बाद पार्टी ने नागर पर एक्शन लेते हुए निलंबित कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में अब 14 लोगों के खिलाफ FIR की है, जबकि महेंद्र नागर अभी फरार बताया जा रहा है.

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य का संसदीय क्षेत्र होने की वजह से ये मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया. गुना बीजेपी जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिकरवार ने सोमवार को पत्र जारी कर सूचना दी कि महेंद्र नागर जोकि पार्टी का ग्राम गणेशपुर का बूथ अध्यक्ष है तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. कारण किसान परिवार के साथ अपराधिक कृत्य बताया गया है. इस मामले में भाजपा की खासा किरकिरी हुई है, क्यूंकि प्रदेश में भाजपा सरकार और जिस तरह की दबंगई महेंद्र नागर ने दिखाई उसने कई सवाल खड़े कर दिए थे.

बता दें कि थाना फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव गणेशपुर में रविवार 26 अक्टूबर को 50 वर्षीय किसान रामस्वरूप धाकड़ अपनी पत्नी के साथ खेत जा रहे थे, तभी बीजेपी बूथ अध्यक्ष महेंद्र नागर अपने साथियों हरीश, गौतम और अन्य के साथ मौके पर पहुंचे. पीड़ित परिवार के मुताबिक महेंद्र नागर ने जमीन हड़पने के इरादे से रामस्वरूप को घेर लिया. पहले लाठियों और रॉड से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई, हाथ-पैर तोड़ दिए गए. जब रामस्वरूप जमीन पर गिर पड़े, तब महेंद्र नागर ने अपनी थार जीप चढ़ाकर उन्हें कुचल दिया. अस्पताल ले जाते वक़्त उनकी मौत हो गयी. आरोप है कि जब रामस्वरूप की बेटियां अपने पिता को बचानें आयीं तो महेंद्र नागर और उसके साथियों ने उन्हें भी पीटा और कपड़े फाड़ दिए. इस घटना से पूरे गांव में दहशत फ़ैल गयी.

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बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी के बेहद करीबी माने जाते हैं जदयू नेता ::- गौतम कुमार उर्फ भैया जी

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छोटे शहर से बिहार राज्य में अपनी एक अलग पहचान बनाई ::- गौतम कुमार उर्फ भैया जी


हमारे संवाददाता से हुई विशेष बातचीत में गौतम कुमार उर्फ भैया जी ने अपनी जीवन कि उपलब्धियों को बताया है, गौतम कुमार बिहार के छोटे से जिला खगड़िया के निवासी हैं, उनके पिता श्री गोपाल प्रसाद एक बिजनेसमैन हैं, गौतम जी ने बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में बहुत तेज थे तथा अपने दो चचेरे भाई जितेन्द्र कुमार IAS और राज कुमार IAS कि तरह एक IAS अधिकारी बनना चाहते थे !! मगर कुछ नम्बर से इंटरव्यू में उनका सिलेक्शन IAS में नहीं हो सका !!

2012 में गौतम कुमार ने राजनीति में कदम रखा और जनता दल यूनाइटेड में 2012 से अभी तक यानि कि 13 वर्षों से है !! पहले जदयू में **जिला अध्यक्ष रहे, अधिवक्ता प्रकोष्ठ में, उसके बाद तकनीकी प्रकोष्ठ में **जिला अध्यक्ष रहे तथा वर्तमान में जनता दल यूनाइटेड में **बिहार प्रदेश सचिव के पद पर कार्यरत हैं !!
गौतम कुमार जी को अभी तक समाज सेवा के उपलक्ष्य में पटना, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, और दिल्ली से कुलमिलाकर *39 सम्मान पत्र* प्रदान किया गया है जिसमें *भारत गौरव सम्मान* भी शामिल हैं, साथ ही इन्होंने एक *विश्व रिकॉर्ड* ( *World record* ) भी बनाया है तथा London book of world record में इनका नाम दर्ज हुआ है !! गौतम जी ने 2012 से 2018 तक *पटना हाईकोर्ट में क्रिमिनल एडवोकेट* के रूप में काम किया है !! इनकि पढ़ाई कि बात कि जाए तो BA( topper), LLB, MBA, PGDJ, ELP ( USA), Law ( Gold medalist) है !! कानून के क्षेत्र में इन्हें Gold medal दिया गया है !!

वर्तमान में गौतम कुमार खगड़िया जिला के बेलदौर विधानसभा,150 से *विधायक* कि चुनाव कि तैयारी कर रहे हैं !!

इसके साथ साथ गौतम कुमार दो , संगठन में **राष्ट्रीय अध्यक्ष है, पहला संगठन का नाम है ::- **भारतीय वैश्य अधिकार मंच ( B.V.A.M ) इस संगठन में बिहार के 38 जिला के , साथ साथ झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से **5677 वैश्य समाज के लोग जुड़े हुए हैं !!

दूसरा संगठन का नाम है ::- **पुलिस प्रेस एडवोकेट कोऑपरेशन ग्रुप ( P.P.A.C.G)
इस संगठन में 247 पुलिस अधिकारी, 853 एडवोकेट तथा 477 प्रेस रिपोर्टर मिलाकर कुल **1577 अधिकारी जुड़े हुए हैं !! यह संगठन बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और दिल्ली में फैला हुआ है !!

जहां तक बिजनेस कि बात आती है तो गौतम कुमार का एक जेवर का शोरुम है जिसका नाम **गोपाल ज्वैलर्स है, जोकि 45 वर्ष पुराना है तथा साथ में सस्ता घर जमीन, फर्म के नाम से **रियल एस्टेट कंसल्टेंसी, आसान लोन, फर्म के नाम से **बैंक लोन कंसल्टेंसी, एडमिशन सलाहकार, फर्म के नाम से **एडमिशन कंसल्टेंसी, आसान जॉब, फर्म के नाम से **प्राइवेट जॉब कंसल्टेंसी भी चलाते हैं !!

इनका पता है ::-
वार्ड नंबर 13, दान नगर मोहल्ला, ब्लॉक खगड़िया, जिला खगड़िया, बिहार
7366966663, 7366966662

आठवें वेतन आयोग को मंजूरी, 50 लाख कर्मचारियों को छठ पर केंद्र सरकार का तोहफा

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Central Government) ने मंगलवार को 8th Pay Commission की Terms of Reference को मंजूरी दे दी. इस फैसले से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों (Employees) और 69 लाख पेंशनर्स (Pensioners) की उम्मीदें एक कदम और आगे बढ गई हैं. I&B मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग (Cabinet Briefing) में बताया कि आठवां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें 18 महीने में सौंप देगा. छठ के समय आए इस अपडेट से कर्मचारियों की सालों पुरानी मांग पूरी होती दिख रही है. सरकार ने जनवरी में ही कमिशन सेटअप करने की मंजूरी दे दी थी. अब ToR मिलते ही कमिशन का काम औपचारिक रूप से शुरू माना जा रहा है. यह कमिशन सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन और एलाउंस में जरूरी अपडेट सुझाएगा.

नए वेतन आयोग की कमेटी में कौन-कौन?

  • कैबिनेट नोट के अनुसार, 8th Central Pay Commission एक टेम्पररी बॉडी होगी. इसमें एक चेयरपर्सन, एक पार्ट टाइम मेंबर और एक मेंबर सेक्रेटरी शामिल होंगे. सरकार ने बताया कि ToR तैयार करने में मंत्रालयों, राज्यों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से कंसल्टेशन किया गया है.
  • नए पे कमीशन की कमेटी में जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई चेयरमैन होंगी. उनके साथ प्रोफेसर पुलक घोष और पंकज जैन शामिल किए गए हैं. उम्मीद है कि इससे सैलरी स्ट्रक्चर और एलाउंसेज में सुधार होगा.
  • कमिशन अपनी फाइनल रिपोर्ट 18 महीने में देगा. जरूरत होने पर इंटेरिम रिपोर्ट भी सबमिट की जा सकती है. रिपोर्ट्स में यह ध्यान रखा जाएगा कि देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव न बढे और सरकारी खर्च संतुलित रहे.

किन बातों पर फोकस करेगा

  • देश की आर्थिक हालत और फिस्कल डिसिप्लिन.
  • डेवलपमेंट और वेलफेयर खर्च के लिए पर्याप्त रिसोर्स.
  • नॉन कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम्स का भार.
  • राज्यों की फाइनेंशियल हेल्थ क्योंकि वे भी अक्सर सिफारिशें अपनाते हैं.
  • सेंट्रल पीएसयू और प्राइवेट सेक्टर में कर्मचारियों की सैलरी तुलना.

कब मिलेगा फायदा?
सरकार ने साफ कहा है कि नए वेतनमान तभी लागू होंगे जब कमिशन की रिकमेंडेशन तैयार हो जाए और सरकार उसे मंजूरी दे दे. फिलहाल टाइमलाइन 1 जनवरी 2026 की है. कर्मचारियों की यूनियन लंबे समय से यह मांग कर रही थी. इसलिए ToR मिलने के बाद उनके बीच खुशी का माहौल है. पेंशनर्स को भी इस बदलाव से राहत मिल सकती है.

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