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सोने की चोरी के आरोप में तीसरी गिरफ्तारी, पूर्व अधिकारी सुधीश कुमार भी अरेस्‍ट

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नई दिल्‍ली । सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple) से कथित तौर पर सोना (Gold) गायब होने की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने पूर्व कार्यकारी अधिकारी सुधीश कुमार (Sudhish Kumar) को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि कुमार 2019 में सबरीमला मंदिर के कार्यकारी अधिकारी थे। उन्हें तिरुवनंतपुरम स्थित अपराध शाखा कार्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।

कुमार पर मंदिर के आधिकारिक दस्तावेजों में द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ने की बात छिपाने और उन्हें तांबे की चादरों के रूप में दर्ज करने का आरोप है। सूत्रों ने बताया कि कुमार 1990 के दशक से सबरीमाला से जुड़े थे और उन्हें पता था कि 1998 से 1999 के दौरान द्वारपालक की मूर्तियों सहित गर्भगृह पर सोने की परत चढ़ाई गई थी।

एक अधिकारी ने बताया कि जब 2019 में द्वारपालक की प्लेट सोने की परत चढ़ाने के लिए मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को सौंपी गईं तो कुमार ने कथित तौर पर उन्हें तांबे की प्लेट के रूप में दर्ज किया जिससे आरोपी बाद में मौजूदा सोने की परत को हटा सका। कुमार इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीसरे व्यक्ति हैं। उनसे पहले पोट्टी और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी बी. मुरारी बाबू को गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि कुमार को बाद में न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा। इस बीच, एसआईटी ने पोट्टी के करीबी सहयोगी वासुदेवन से भी पूछताछ की। जांच अधिकारियों ने बताया कि वासुदेवन ने द्वारपालक की मूर्तियों के अलावा स्वर्ण की परत चढ़े आसन को अपने पास रखा था, जिसे बाद में पिछले महीने तिरुवनंतपुरम में पोट्टी के एक रिश्तेदार के घर से जब्त किया गया था। एसआईटी द्वारपालक की उन मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) की चौखटों से सोने की चोरी से संबंधित दो मामलों की जांच कर रही है, जिन्हें 2019 में इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए पोट्टी को सौंपा गया था।

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News Desk

RSS बैन की मांग पर अमित शाह का खरगे को जवाब, बोले- जनता बिहार चुनाव में देगी जवाब

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नई दिल्‍ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Congress President Mallikarjun Kharge) के उस बयान का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने आरएसएस (RSS) पर बैन लगाने की बात कही थी। शाह ने साफ किया कि बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) चल रहा है और जनता इसी चुनाव में इसका जवाब दे देगी। गृह मंत्री ने कहा कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है और इसकी स्थापना को 100 साल पूरे हो गए हैं।

एक कार्यक्रम में अमित शाह ने खरगे की आरएसएस पर बैन लगाने की बात पर कहा, ‘उन्होंने (खरगे) कोई वजह नहीं बताई। आरएसएस ऐसी संस्था है, जिसने हम लोगों जैसे करोड़ों युवाओं को देश बनाने के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया है। देशभक्ति के संस्कार दिए हैं और हमें यह भी देखना चाहिए कि आरएसएस से निकले हुए दो लोग इस देश के प्रधानमंत्री भी बने हैं और दोनों सबसे अच्छे प्रधानमंत्री रहे हैं। आरएसएस का योगदान देश के विकास, समाज को सही दिशा दिखाने में बहुत बड़ा है। खरगे जी की मंशा समझ रहा हूं।’

उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस की स्थापना को 100 साल हो गए हैं और बहुत बड़ा योगदान संघ का इन 100 साल में रहा है। दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है। संघ के पास हजारों लोग हैं, जिनके पास न तो अपना घर है और न ही अपना बैंक अकाउंट और न ही परिवार है। केवल और केवल भारत माता की सेवा करने के लक्ष्य के साथ निकले हैं। जो लोग इस पर बैन लगाने की बात करते हैं, उनको मालूम नहीं है कि चुनाव चल रहा है, जनता इसका जवाब इसी मतदान में दे देगी।

खरगे ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर फिर से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए यही संगठन जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है। खरगे ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘मेरा व्यक्तिगत विचार है और खुलकर बोलूंगा कि (आरएसएस पर प्रतिबंध) लगना चाहिए। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जो चीजें (आरएसएस को लेकर) हमारे सामने रखी हैं, अगर उसकी मर्यादा प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) और शाह (गृह मंत्री अमित शाह) रखते हैं तो यह (प्रतिबंध) होना चाहिए।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ‘आज देश में जो गड़बड़ियां हो रही हैं और कानून-व्यवस्था की समस्यां पैदा हो रही हैं, ये सब भाजपा और आरएसएस की वजह से हैं।’

गिट्टी से भरा ट्रक बस पर गिरा, 20 लोगों की मौत

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रंगारेड्डी।  तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में सोमवार (3 नवंबर) को भीषण हादसा हो गया. हैदराबाद-बीजापुर हाईवे पर गिट्टी से लदा ट्रक यात्री बस पर गिर गया। इस हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई वहीं, 20 लोग घायल हो गए हैं. इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

गलत दिशा से आ रहा था ट्रक

बस तंदूर से हैदराबाद का जा रही थी पुलिस ने बताया कि गिट्टी से भरा ट्रक रॉन्ग साइड से आ रहा था। टक्कर मारने के बाद ट्रक बस पर ही पलट गया दैये हादसा चेवेल्ला थाना क्षेत्र के खानपुर क्षेत्र में हुआ। बस में 70 यात्री सवार थे बस स्टाफ ने करीब 15 लोगों की जान बचाई, हादसे में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है।

तेलंगाना सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

हादसे के बाद तेलंगाना सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है सरकार ने हादसे से जु़ड़ी किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 9912919545 और 9440854433 जारी किए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय ने अधिकारियों को घटनास्थल पर जाकर जायजा लेने के लिए कहा है गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद रेफर किया जाएगा। इस हादसे के बाद हैदराबाद-बीजापुर हाईवे पर लंबा जाम लग गया. चेवेल्ला-विकाराबाद रूट पर वाहनों रूट को बदला गया।

सीएम रेवंत रेड्डी ने जताया दुख

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने हादसे पर दुख जताया है सोशल मीडिय साइट एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला मंडल में हुए भयानक सड़क हादसे से गहरा सदमा लगा है। हादसे की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं उन्होंने आगे लिखा कि मैं मरने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। सरकार उनके परिवारों को हर संभव मदद देगी और उनके साथ खड़ी रहेगी हम घायलों को बेहतर मेडिकल सहायता देने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठा रहे हैं। मैंने इस मामले पर राज्य के मुख्य सचिव और राज्य के DGP से बात की है. मैंने निर्देश दिया है कि बेहतर इलाज के लिए घायलों को हैदराबाद शिफ्ट किया जाए।

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BJP के मंत्री ने ‘शिवसेना को ठाकरे और NCP को बताया शरद पवार की पार्टी

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मुम्बई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shiv Sena) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिल रही है। इस बीच, राज्य सरकार में भाजपा के मंत्री (BJP minister ) चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना को उद्धव ठाकरे की पार्टी के रूप में जाना जाता है और यही बात एनसीपी व उसके संस्थापक शरद पवार के लिए भी सच है। भाजपा नेता की इस टिप्पणी से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन असहज हो सकता है। वैसे वह यह समझाने का प्रयास कर रहे थे कि बीजेपी को उसके कार्यकर्ताओं की पार्टी के रूप में जाना जाता है, जबकि शिवसेना और राकांपा को उनके नेताओं के नाम से जाना जाता है।

भाजपा वर्तमान में महायुति गठबंधन के हिस्से के रूप में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाली NCP के साथ राज्य में सत्ता में है। शिंदे और पवार देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और शरद पवार की एनसीपी (शरदचंद्र पवार) कांग्रेस के साथ विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) का हिस्सा हैं। कार्यक्रम के दौरान उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा, ‘शिवसेना हमेशा बालासाहेब ठाकरे की पार्टी जानी जाती थी, फिर उद्धव ठाकरे की पार्टी कहलाने लगी। शायद भविष्य में आदित्य ठाकरे की पार्टी के रूप में जानी जाएगी। यही बात NCP के लिए भी सच है, जिसे हमेशा शरद पवार की पार्टी के रूप में जाना जाता रहा है। ये कभी कार्यकर्ताओं की पार्टी के रूप में नहीं जानी जाती है। दूसरी ओर भाजपा हमेशा अपने कार्यकर्ताओं की पार्टी के रूप में जानी जाती है।’

किस तरह से पार्टियों में हुआ बिखराव
जून 2022 में शिवसेना का तब विभाजन हो गया था जब तत्कालीन मंत्री व पार्टी नेता एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी। पार्टी के अधिकतर विधायकों के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया था। तब शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे। एक साल बाद, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने अपने चाचा और एनसीपी संस्थापक शरद पवार के खिलाफ बगावत कर दी थी। वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल हो गए थे। उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए निर्वाचन आयोग ने फरवरी 2023 में शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को शिवसेना नाम और उसका चुनाव चिन्ह धनुष-बाण आवंटित कर दिया। बाद में, आयोग ने अजित पवार गुट को असली NCP के रूप में मान्यता दी और उनके नेतृत्व वाले गुट को पार्टी का चिन्ह घड़ी दिया था।

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शादी से इनकार किया तो सनकी आशिक ने लड़की के पिता को मारी गोली

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नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के थाना बादलपुर में प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड (Property dealer murder case) का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल, तीन कारतूस, दो मोबाइल फोन बरामद किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक गोस्वामी निवासी महामेधा वाली गली सूरजपुर के रूप में हुई है. आरोपी मूलरूप से गांव रोहटा मीरपुर मेरठ का निवासी है.

पूरी घटना का खुलासा करते हुए डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन ने बताया कि 31 अक्टूबर को डायल-112 नंबर पर सूचना मिली कि एक अज्ञात व्यक्ति सड़क किनारे लहूलुहान अवस्था में पड़ा है. पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भेजा. जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था. मृतक की पहचान महीपाल सिंह गांव बंबावड़ दादरी के रूप में हुई थी. वादी की तहरीर पर बादलपुर कोतवाल में मृतक के भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया था.

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देशन पर छह टीमों का गठन किया गया था. टीमों ने 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से महज दो दिनों में आरोपी को धर दबोचा. रविवार को पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर धूम बाईपास अंडरपास के पास से आरोपी दीपक गोस्वामी को गिरफ्तार किया है.

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. दीपक गोस्वामी बी-फार्मा थर्ड ईयर का छात्र है. वर्ष-2022 से ग्रीड फार्मा कंपनी गामा-1 एवं कदंबा मार्केट में बतौर एमआर (मार्केट रिप्रजेंटेटिव) कार्य करता है. जिससे वह प्रतिमाह 20-30 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता है. आरोपी की मुलाकात महीपाल की बेटी से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी. धीरे-धीरे दोनों में बातचीत बढ़ी और दीपक उससे शादी करने की इच्छा जताने लगा. लेकिन महीपाल व उनकी बेटी ने शादी से इंकार कर दिया.

कुछ माह पहले महीपाल ने अपनी बेटी की शादी कहीं और तय कर दी थी. मृतक की 10 दिसंबर को दो बेटियां की शादी तय है. इनमें छोटी बेटी से आरोपी एक तरफा प्रेम करता था. पुत्री की शादी तय करने की जानकारी मिलने पर दीपक बुरी तरह भड़क गया था. उसने महीपाल को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी. जिसकी जानकारी महीपाल ने अपने परिवार को दी थी, लेकिन लोकलाज के चलते उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं की.

दीपक ने करीब डेढ़ महीने तक दवाइयों की मार्केटिंग के बहाने तिलपता, खेरपुरा, वेदपुरा, बंबावड़, सादुल्लापुर और दादरी के इलाके में लगातार आना-जाना किया. इस दौरान उसने महीपाल की दिनचर्या, मिलने-जुलने वालों और आने-जाने के रास्तों की बारीकी से रेकी की. वह अक्सर एक दुकान पर सिगरेट पीने के बहाने कई घंटे बैठा रहता और लड़की पर नजर रखता था. घटना वाले दिन दीपक को महीपाल अकेले सुनसान जगह पर दिखे तो उसने मौका देखकर पिस्टल से गोली मार दी.

हत्या के बाद मृतक का मोबाइल फोन मौके से उठा ले गया. जिससे पहचान में देर हो और पुलिस गुमराह हो जाए. आरोपी से बरामद हथियार की जांच फोरेंसिक टीम द्वारा की जा रही है. आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी पिस्टल कहां से लाया था.

TMC का बीजेपी पर आरोप, कहा- बंगाल में SIR को लेकर दहशत, लोग भय और तनाव में कर रहे आत्महत्या

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मतदाता सूची संशोधन (SIR) को लेकर सियासत गर्मा गई है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (election Commission) पर साजिश के तहत मतदाता सूची से लाखों नाम हटाने का गंभीर आरोप लगाया. टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष (Kunal Ghosh) ने कहा कि बीजेपी की अमानवीय राजनीति और चुनाव आयोग की मिलीभगत से राज्य में लोग भयभीत हैं, यहां तक कि कुछ लोग डर और निराशा में आत्महत्या तक कर रहे हैं.

घोष ने दावा किया कि राज्य के कई हिस्सों, खासकर उत्तर बंगाल जिलों में SIR प्रक्रिया को लेकर आम लोगों में भय और भ्रम फैल गया है, जिसके चलते लोग आत्महत्या कर रहे हैं, मानसिक तनाव में हैं. बीजेपी नेताओं के बेतुके और भड़काऊ बयानों ने लोगों को दहशत में डाल दिया है. कुछ लोग अपनी नागरिकता पर शक में जान तक दे रहे हैं और बीजेपी उन आत्महत्याओं का भी मजाक उड़ा रही है.”

TMC नेता ने सीधे तौर पर बीजेपी के तीन वरिष्ठ नेताओं सुकांत मजूमदार, समिक भट्टाचार्य और शुवेंदु अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि ये वही लोग हैं जो खुलेआम कहते हैं ‘चुन चुन कर बांग्लादेशियों को बाहर फेंक देंगे’. ऐसे बयान आम नागरिकों में असुरक्षा और घबराहट पैदा कर रहे हैं.”

घोष ने कहा कि बीजेपी जनता के असली मुद्दों बेरोजगारी, महंगाई और जनकल्याण से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने केंद्र और चुनाव आयोग से अपील की कि वे इस पूरे मामले पर पुनर्विचार करें और संवेदनशीलता दिखाएं, क्योंकि यह सिर्फ एक राजनीतिक मसला नहीं, बल्कि मानवीय त्रासदी बनती जा रही है.

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में उत्तर बंगाल के कुछ जिलों से आत्महत्या और दहशत फैलने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनका संबंध लोगों में मतदाता सूची से नाम कटने के डर से जोड़ा जा रहा है. SIR प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग 2002 के मतदाता रोल्स के आधार पर नामों का सत्यापन कर रहा है.

वर्ल्ड चैंपियन बना भारत! फाइनल में ध्वस्त हुई दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदें

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नई दिल्ली: भारत की बेटियों ने वो कर दिखाया है जिसका इंतजार 150 करोड़ हिंदुस्तानियों को लंबे समय था. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने महिला वर्ल्ड कप जीत लिया है. नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 298 रन बनाए और जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम भारतीय गेंदबाजी और फाइनल के दबाव में बिखर गई. दक्षिण अफ्रीका की टीम 246 रन ही बना पाई. दक्षिण अफ्रीकी कप्तान लॉरा वूलफार्ट ने जरूर शतक लगाया लेकिन इस खिलाड़ी के आउट होते ही पूरा मैच बदल गया.

शेफाली और दीप्ति ने दिखाया दम
भारत की जीत की स्क्रिप्ट शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा ने लिखी. शेफाली ने फाइनल मैच में 87 रन बनाने के अलावा 2 विकेट लिए वहीं दीप्ति ने भी 58 रन बनाने के साथ-साथ 5 विकेट झटके और उन्होंने एक खिलाड़ी को रन आउट भी किया.

भारत के लिए टॉस गंवाना रहा लकी
भारतीय टीम ने इस मुकाबले में भी टॉस गंवाया और उसके लिए ये गुडलक साबित हुआ. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने ओपनर शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के दम पर कमाल शुरुआत की. दोनों बल्लेबाजों नेपहले विकेट के लिए 104 रन जोड़े. स्मृति मंधाना हालांकि 45 रन बनाकर आउट हो गईं लेकिन शेफाली वर्मा क्रीज पर डटी रहीं और उन्होंने 87 रन बनाकर भारत को अच्छी स्थिति में पहुंचाया. शेफाली के अलावा मिडिल ऑर्डर में दीप्ति शर्मा ने बेहतरीन बैटिंग करते हुए 100 के स्ट्राइक रेट से 58 रन बनाए. विकेटकीपर ऋचा घोष ने भी 24 गेंदों में 34 रनों की पारी खेली और टीम इंडिया 298 रनों तक पहुंची.

फिर गेंदबाजों का दिखा दम
बल्लेबाजों के बाद बारी थी गेंदबाजों की और सभी गेंदबाज उसमें खरे उतरे. खासतौर पर दीप्ति शर्मा, शेफाली वर्मा और श्री चरनी ने अपनी फिरकी से साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों को फंसाया. दीप्ति शर्मा ने 9.3 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट हासिल किए. श्री चरनी ने 48 रन देकर 1 विकेट लिए. शेफाली वर्मा ने 36 रन देकर 2 विकेट हासिल किए.

12 हार के बाद हुआ चमत्कार
कप्तान हरमनप्रीत कौर के लिए खासतौर पर ये जीत बेहद खास है क्योंकि उन्होंने इस टूर्नामेंट से पहले 12 आईसीसी टूर्नामेंट खेले थे और हर बार उन्हें नाकामी मिली. वो वनडे वर्ल्ड कप 2009,2013, 2017 और 2022 में खेलीं. टी20 वर्ल्ड कप उन्होंने 2009, 2010, 2012, 2014, 2016, 2018, 2020 और 2023 में खेला लेकिन वो नाकाम रहीं. अबजाकर आखिरकार वो 2025 में वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर पाई हैं.

अस्पताल में ऑक्सीजन पाइप लाइन फटने से धमाका, वार्ड में धुंआ फैलने से मची अफरा तफरी

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नोएडा: नोएडा (Noida) के अस्पताल में ऑक्सीजन पाइप (oxygen pipe) फटने से हड़कंप मच गया है. घटना सेक्टर 66 के निजी अस्पताल की है. ऑक्सीजन लाइन फटने से अचानक ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से ICU में भर्ती 8 मरीजों की हालत बिगड़ गई है. हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है. पाइप लाइन ठीक करने का काम तेजी से किया जा रहा है.

घटना की जानकारी मिलने के बाद फेस 3 थाने की पुलिस पहुंची. मरीजों को दूसरे अपस्ताल में शिफ्ट किया गया. बताया जा रहा है कि पांच मरीजों की हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया. कई अन्य मरीजों को भी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने की खबर है. कुल 8 मरीजों को अस्पताल से शिफ्ट किया गया है.

वहीं पुलिस की तरफ आए बयान में कहा गया है कि फायर स्टेशन फेस-3 पर ममूरा स्थित निजी अस्पताल में ब्लास्ट होने की सूचना मिली. इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए फायर सर्विस यूनिट मौके पर पहुंची तो पता चला कि ऑक्सीजन लाइन में लीकेज होने के कारण माइनर ब्लास्ट हुआ था. मरीजों को तत्काल एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया था. इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है और न ही आगजनी हुई है.

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News Desk

बेलगावी मुद्दे पर भड़के सिद्धारमैया, बोले- यह कर्नाटक का अभिन्न हिस्सा, इस पर कोई समझौता नहीं होगा

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नई दिल्‍ली । कर्नाटक और महाराष्ट्र (Karnataka and Maharashtra) के बीच बेलगावी (Belwagi) को लेकर चल रहे विवाद पर सीएम सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) ने अपना पक्ष साफ किया है। उन्होंने शनिवार को चेतावनी दी कि बेलवागी कर्नाटक राज्य का अभिन्न हिस्सा है। इसे कभी भी महाराष्ट्र में विलय करने नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद पर महाजन समिति की रिपोर्ट अंतिम है।

मैसूर बैंक सर्कल में शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाने पहुंचे सीएम सिद्धारमैया ने कहा, “बेलगावी मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। महाराष्ट्र सरकार ने इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन महाजन रिपोर्ट अंतिम है। हम बेलगावी को नहीं जाने देंगे क्योंकि यह कन्नड़ भूमि है और कर्नाटक का हिस्सा है। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता।” गौरलतब है कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा विवाद दशकों से चला आ रहा है, पड़ोसी राज्य बेलगावी और उसके आसपास के इलाकों पर मराठी भाषी आबादी का हवाला देते हुए दावा करता रहा है। कर्नाटक ने महाजन समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए महाराष्ट्र के दावे को खारिज कर दिया है।

उपद्रव किया तो सख्ती से निपटेंगे: सिद्धारमैया
इस विवाद पर प्रतीक के तौर पर कर्नाटक ने बेलगावी में एक सुवर्ण विधान सौध का भी निर्माण किया है। इसमें एक विधानसभा का सत्र भी आयोजित किया जाता है। सिद्धारमैया ने कहा कि पहले इस कर्नाटक से महाराष्ट्र एकीकरण समिति के पांच विधायक चुने जाते थे। लेकिन अब उनकी संख्या भी शून्य हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा, “एमईएस के लोग भी कन्नड़ हैं। अगर उनमें से कोई भी उपद्रव करता है, तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे।” उन्होंने कन्नड़ कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में कन्नड़ स्कूलों के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है। राज्य के हितों की रक्षा के लिए कन्नड़ कार्यकर्ताओं के संघर्ष की सराहना करते हुए, सिद्धारमैया ने उन्हें आश्वासन दिया कि कन्नड़ समर्थक आंदोलनों के लिए उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएँगे।

मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से कन्नड़ भूमि, भाषा और संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने आग्रह किया, “हमें अपनी भूमि में कन्नड़ का माहौल बनाना होगा। इसके लिए, कोई आपसे चाहे किसी भी भाषा में बात करे, आपको कन्नड़ में ही जवाब देना होगा, जिन लोगों ने कन्नड़ की धरती पर अपना जीवन बसाया है, उन्हें कन्नड़ परिवेश का सम्मान करना चाहिए।

क्या है विवाद?
गौरतलब है कि बेलगावी का विवाद कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच में 1956 में हुए राज्य पुनर्गठन के बाद से ही जारी है। मराठी भाषी आबादी वाले इस जिले को लेकर महाराष्ट्र लगातार दावा करता आया है। उनका दावा है कि इस क्षेत्र में मराठी लोग ज्यादा रहते हैं, इसलिए इसे महाराष्ट्र में शामिल किया जाना चाहिए, जबकि कर्नाटक का कहना है कि यह ऐतिहासिक रूप से कन्नड़ भूमि है। इस क्षेत्र में कन्नड़ आबादी भी बड़ी संख्या में है।

आपको बता दें, महाराष्ट्र कुल मिलाकर 865 गांव और बस्तियों पर अपना दावा करता है। अपना कानूनी और राजनीतिक दावा मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र की तरफ से इस क्षेत्र में महाराष्ट्र एकीकरम समिति का भी गठन किया था, जो कि आज भी क्षेत्र में सक्रिय है। 2004 में अपने इस दावे को लेकर महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीस तब से लेकर अब तक यह मामला लंबित है।