रेगिस्तान से पानी निकालने, कार्बन पकड़ने की तकनीक के लिए तीन वैज्ञानिकों को मिला सम्मान

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नई दिल्ली: 2025 का नोबेल प्राइज (Nobel Prize) इन केमिस्ट्री तीन दिग्गज वैज्ञानिको (Great Scientists Chemistry)- प्रोफेसर सुसुमु कितागावा (जापान), रिचर्ड रॉबसन (ऑस्ट्रेलिया) और ओमर एम. यागी (अमेरिका) को दिया गया है. इन वैज्ञानिकों ने ‘मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स’ (Metal-Organic Frameworks) पर काम कर के केमिस्ट्री की दिशा बदल दी. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने स्टॉकहोम में इसका ऐलान किया और बताया कि तीनों वैज्ञानिकों को 11 मिलियन स्वीडिश क्राउन (करीब 8.7 लाख पाउंड) की प्राइज मनी दी जाएगी.

  • तीनों वैज्ञानिकों ने मिलकर यह दिखाया कि कैसे अलग-अलग मॉलिक्यूल्स को एक खास तरीके से जोड़कर एक ऐसी संरचना बनाई जा सकती है जिसमें मॉलिक्यूल्स के बीच काफी खाली जगह यानी ‘पोर्स’ रहती है. इन पोर्स के जरिए गैसें या अन्य केमिकल्स आसानी से गुजर सकते हैं.
  • यही संरचनाएं आगे चलकर ‘मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स’ कहलाईं. इन्हें आप ‘मॉलिक्यूलर आर्किटेक्चर’ कह सकते हैं. जहां एटम्स और मॉलिक्यूल्स ईंटों की तरह इस्तेमाल होकर ऐसी संरचना बनाते हैं जो काम की चीजें कर सकती है.

इन फ्रेमवर्क्स का सबसे कमाल का यूज है- डेजर्ट एयर से पानी निकालना, कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर करना और टॉक्सिक गैसों को स्टोर करना. यानी भविष्य में ये टेक्नोलॉजी जल संकट, क्लाइमेट चेंज और इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन से लड़ने में गेम-चेंजर साबित हो सकती है.

क्योटो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कितागावा, यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न के प्रोफेसर रॉबसन और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर यागी ने इस दिशा में दशकों तक काम किया. आज MOFs का इस्तेमाल क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, गैस स्टोरेज और एयर प्यूरीफिकेशन में तेजी से बढ़ रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर से टूटे जैश-ए-मोहम्मद की नई चाल! अब महिलाओं को बना रहा हथियार

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नई दिल्ली: सीमापार से भारत (India) को अस्थिर करने की कोशिश लगातार जारी है. पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत की ओर से किए गए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में जब पाकिस्तान (Pakistan) में बैठे आतंकियों की कमर टूट गई, तो अब वही आतंकी संगठन नई चाल चलकर देश को अशांत करने की फिराक में हैं. आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) अब महिलाओं (Women) का एक खास ब्रिगेड बना रहा है, जिसका नाम रखा गया है जमात अल-मुमिनात.

सूत्रों का कहना है कि यह ग्रुप साल 2024 के बाद से ही एक्टिव है और इसका मकसद महिलाओं का ब्रेनवॉश करके उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करना है. इस ब्रिगेड को जैश की महिला विंग के तौर पर तैयार किया गया है, जो साइकोलॉजिकल वारफेयर, यानी मानसिक तौर पर असर डालने वाले प्रचार और ग्राउंड लेवल पर भर्ती का काम कर रहा है.

कहा जा रहा है कि जमात अल-मुमिनात जम्मू-कश्मीर ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में ऑनलाइन नेटवर्क के ज़रिए लगातार एक्टिव है. सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप्स और कुछ मदरसों के नेटवर्क के जरिए इस ग्रुप की गतिविधियां लगातार फैल रही हैं. इस संगठन का मकसद है महिलाओं को धर्म के नाम पर बरगलाना और संगठन के लिए इस्तेमाल करना.

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, जैश के इस नए सर्कुलर में मक्का और मदीना की तस्वीरें भी लगाई गई है ताकि इसे धार्मिक रंग दिया जा सके. साथ ही इस सर्कुलर में कई तरह की भावनात्मक बातें लिखी गई हैं ताकि पढ़ी-लिखी और शहरी मुस्लिम महिलाओं को भी प्रभावित किया जा सके. इस पूरे अभियान के जरिए महिलाओं की भावनाओं को छूकर उन्हें अपने संगठन के मकसद से यह सारी कोशिश की जा रही है.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जमात अल-मुमिनात जैश की तरह ही सेल-बेस्ड स्ट्रक्चर पर काम कर रहा है. मतलब अलग-अलग छोटे ग्रुप्स सोशल मीडिया या मदरसों के जरिए भर्ती, चंदा जुटाने और संदेश फैलाने का काम कर रहे हैं. खुफिया एजेंसियों ने इस सर्कुलर के पाकिस्तान कनेक्शन के भी ठोस सबूत मिलने की बात कही है.

CJI पर जूता उछालने वाले राकेश किशोर पर SCBA की कार्रवाई, सदस्यता की समाप्त

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) बार एसोसिएशन (Bar Association) ने गुरुवार को राकेश किशोर (Rakesh Kishore) की सदस्यता (Membership) को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की घोषणा की है। किशोर ने मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) बीआर गवई (BR. Gavai) पर अदालत में जूता फेंकने की कोशिश की थी। इस दौरान उन्होंने ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’ का नारा भी लगाया था। न्यायालय की सुरक्षा और शिष्टाचार के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है।

एससीबीए ने कहा कि किशोर का बेहद अनुचित, अव्यवस्थित और अतिशयोक्ति भरा व्यवहार सीधे तौर पर न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला था। बार एसोसिएशन ने इसे पेशेवर आचार, अदालत की गरिमा और सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा का गंभीर उल्लंघन माना है। एससीबीए की कार्यकारी समिति ने बयान जारी कर कहा, “यह घटना अदालत की गरिमा, न्यायिक स्वतंत्रता और बार तथा बेंच के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी सम्मान और विश्वास पर सीधे प्रहार के समान है। राकेश किशोर का SCBA का सदस्य बने रहना इस संस्था की अपेक्षित गरिमा और अनुशासन के अनुरूप नहीं है।”

कफ सिरप से मासूमों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर, जनहित याचिका पर कल होगी सुनवाई

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भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और राजस्थान (Rajasthan) में कफ सिरप (Cough Syrup) पीने से बच्चों की मौत के मामले में दायर जनहित याचिका (Public Interest Litigation) पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सहमत हो गया। अदालत ने दवा सुरक्षा तंत्र में जांच और व्यवस्थागत सुधार की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने का फैसला किया है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने अधिवक्ता और याचिकाकर्ता विशाल तिवारी की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि यह मामला गंभीर है और तत्काल सुनवाई योग्य है।

याचिका में इन घटनाओं की अदालत की निगरानी में जांच और एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति के गठन का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, याचिका में कहा गया है कि जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत से जुड़े सभी FIRs और जांचों को CBI को ट्रांसफर किया जाए, ताकि पूरे देश में जांच एक समान और निष्पक्ष रूप से की जा सके।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि अलग-अलग राज्यों में जांच होने से जवाबदेही बिखर जाती है, जिससे बार-बार ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और खतरनाक दवाएं बाजार में पहुंच जाती हैं। इसलिए एक केंद्रीकृत जांच की जरूरत है जो पूरे सिस्टम में सुधार सुनिश्चित करे।

याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह यह पता लगाए कि दवा सुरक्षा और गुणवत्ता जांच प्रणाली में कौन सी चूक हुई, जिनकी वजह से निम्न गुणवत्ता वाली दवाएं बाजार में पहुंचीं। इसमें अदालत से यह भी आग्रह किया गया है कि आगे किसी भी बिक्री या निर्यात की अनुमति देने से पहले सभी संदिग्ध उत्पादों का एनएबीएल-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के माध्यम से विष विज्ञान परीक्षण अनिवार्य किया जाए।

संचार मंत्री सिंधिया ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में प्रमुख स्टॉलों का किया दौरा

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नई दिल्ली । केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज यशोभूमि, नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 के प्रदर्शनी क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने भारत के डिजिटल परिवर्तन को सशक्त करने वाली प्रौद्योगिकियों और नवाचारों का जीवंत प्रदर्शन देखा।
मंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत दूरसंचार विभाग (डीओटी) मंडप के उद्घाटन से की, जहाँ डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत प्रमुख पहलों को प्रस्तुत किया गया। उन्होंने 4जी और 5जी नेटवर्क के विस्तार, भारतनेट परियोजना की प्रगति, टेलीकॉम स्टार्टअप एक्सेलरेटर और स्वदेशी दूरसंचार विनिर्माण एवं नवाचार को बढ़ावा देने वाली पहलों पर आधारित प्रदर्शनियों को देखा।
मंत्री ने देश भर में किफायती कनेक्टिविटी, डिजिटल समावेशन और मज़बूत दूरसंचार अवसंरचना को सक्षम बनाने में दूरसंचार विभाग के निरंतर प्रयासों की सराहना की। मंत्री ने डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने और नागरिक सुरक्षा को बढ़ाने में दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल और ऐप की भूमिका की सराहना की।
सी-डॉट पैवेलियन में, मंत्री ने 4जी, 5जी और उपग्रह संचार के साथ-साथ प्रारंभिक चरण की 6जी तकनीकों में स्वदेशी रूप से विकसित समाधानों का प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ बातचीत की। उन्होंने भारत के आत्मनिर्भर डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने वाले अनुसंधान, नवाचार और सुरक्षित दूरसंचार समाधानों को आगे बढ़ाने में सी-डॉट की भूमिका की सराहना की।

मंत्री सिंधिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), क्लाउड कंप्यूटिंग और ग्रीन टेलीकॉम जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर रहे उद्योग जगत के दिग्गजों, स्टार्टअप संस्थापकों और नवप्रवर्तकों से भी मुलाकात और बातचीत की। उन्होंने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एरिक्सन, नोकिया और सैमसंग जैसी अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के मंडपों का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने 5जी परिनियोजन, नेटवर्क आधुनिकीकरण और अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीकों में उनके नवीनतम समाधानों की समीक्षा की। मंत्री ने उनकी नवाचार की भावना और वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में भारत को आगे बढ़ाने में उनके योगदान की प्रशंसा की।

मंत्री सिंधिया ने डॉ. नीरज मित्तल और अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों के साथ आईएमसी 2025 में तेजस नेटवर्क्स की अगली पीढ़ी के ओजस64, एक अत्याधुनिक 64T64आर मैसिव एमआईएमओ (मल्टीपल इनपुट मल्टीपल आउटपुट) रेडियो का अनावरण किया। ओजस64 एक अत्याधुनिक 5जी मैक्रो रेडियो है जो 320वाट तक की आउटपुट पावर प्रदान करता है, मल्टी-गीगाबिट स्पीड और महत्वपूर्ण स्पेक्ट्रल दक्षता में सुधार करता है, जबकि यह सब इसके कार्बन फुटप्रिंट को कम करता है। तेजस नेटवर्क्स के लॉन्च पर बधाई दी । उन्होंने कहा, तेजस नेटवर्क लगातार उन्नत वायरलेस संचार में नए मानक स्थापित कर रहा है, जिससे भारत उन कुछ देशों में शामिल हो गया है जो 5जी  और 5जी-एडवांस्ड नेटवर्क के लिए जटिल मैसिव एमआईएमओ रेडियो डिजाइन और निर्माण करने में सक्षम हैं

बिहार विधानसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करवाया जाएगा – चुनाव आयोग

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नई दिल्ली । चुनाव आयोग (Election Commission) ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में (In Bihar Assembly Elections) आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करवाया जाएगा (Model Code of Conduct will be strictly Followed) । भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

6 अक्टूबर को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ, आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एमसीसी के सख्त कार्यान्वयन के निर्देश दिए हैं। यह संहिता न केवल राज्य सरकार, बल्कि केंद्र सरकार पर भी लागू होगी, खासकर बिहार से संबंधित नीतिगत फैसलों और घोषणाओं के मामले में।

चुनाव आयोग ने सरकारी, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों से किसी भी तरह के विरूपण (जैसे पोस्टर, बैनर) को हटाने का आदेश दिया है। साथ ही, सरकारी वाहनों, आवास या संसाधनों का किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या चुनाव से जुड़े व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग रोकने के लिए सख्ती बरतने को कहा गया है। सरकारी खर्च पर विज्ञापन जारी करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। नागरिकों की निजता का सम्मान करने और निजी संपत्तियों पर बिना मालिक की सहमति के झंडे, बैनर या पोस्टर लगाने पर रोक लगाई गई है। निजी आवासों के बाहर प्रदर्शन या धरना देने की भी मनाही है।

शिकायतों के निपटारे के लिए आयोग ने 24 घंटे चलने वाली शिकायत निगरानी प्रणाली शुरू की है। नागरिक कॉल सेंटर नंबर 1950 या जिला निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, सी-विजिल ऐप के जरिए एमसीसी उल्लंघन की शिकायत की जा सकती है, जिस पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 824 उड़न दस्ते तैनात किए गए हैं।

आयोग ने मंत्रियों को आधिकारिक कर्तव्यों को चुनाव प्रचार से अलग रखने और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न करने का निर्देश दिया है। चुनाव से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण पर भी रोक लगा दी गई है। सभी अधिकारियों को निष्पक्षता के साथ काम करने, सभी दलों के साथ समान व्यवहार करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। सार्वजनिक स्थानों, जैसे मैदान और हेलीपैड, का आवंटन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर निष्पक्ष रूप से करने के लिए सुविधा मॉड्यूल को सक्रिय किया गया है।

केदारनाथ में टूटा 2024 का रिकॉर्ड, श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार

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देहरादून/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद चारधाम की यात्रा जोरों शोरों से चल रही है. पिछले कुछ दिनों के भीतर प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और उच्च हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होने के बाद भी यात्रियों में उत्साह कम नहीं हो रहा है. चारधाम में सबसे ज्यादा क्रेज बाबा केदारनाथ का दिखाई दे रहा है.

केदारनाथ में टूटा 2024 का रिकॉर्ड: इसका ही नतीजा है कि केदारनाथ धाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. बुधवार को केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 16 लाख 56 हजार के पार पहुंच गई, जबकि अभी धाम के कपाट बंद होने में 15 दिन का समय बचा है. साल 2024 में पूरे यात्राकाल के दौरान केदारनाथ धाम के 16 लाख 52 हजार 76 यात्रियों ने दर्शन किए थे. इस साल अभी तक श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार हो चुकी है.

श्रद्धालुओं की संख्या 16.56 लाख के पार: बुधवार यानी 8 अक्टूबर को केदारनाथ धाम में 5614 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. केदार धाम के कपाट आगामी 23 अक्टूबर को भैयादूज के दिन बंद होंगे. यानी अभी यात्रा 15 दिन और चलेगी. ऐसे में इस साल यात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है. बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी अब यात्रियों की संख्या बढ़ी है. प्रदेश सरकार की ओर से श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए सुरक्षित यात्रा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यात्रा मार्ग में सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है. यात्रा मार्ग पर यातायात सुचारू बना रहे, इसके लिए भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर मलबे की सफाई के लिए जेसीबी की व्यवस्था की गई है.

30 अप्रैल को शुरू हुई थी चारधाम यात्रा: बता दें कि इस साल 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो गया था. इसके बाद दो मई को केदारनाथ और चार मई को बदरीनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए थे. मानसून सीजन में अतिवृष्टि, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं के चलते चारधाम यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है. प्रकृति की विनाशलीला में गंगोत्री धाम का महत्वपूर्ण पड़ाव धराली बुरी तरह तबाह हो गया. मार्ग बुरी तरह तहस-नहस हो जाने से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को रोकना पड़ा था.

बारिश थमने पर भी यहां यात्रा को बहाल करना बड़ी चुनौती थी, लेकिन शासन-प्रशासन की टीमों ने युद्धस्तर पर कार्य कर आम जनजीवन की बहाली के साथ ही यात्रा मार्गों को सुचारू किया. दोनों धामों की यात्रा भी सुरक्षा इंतजामों के साथ शुरू हो गई. प्रशासन की ओर से यात्रियों को अभी भी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है. यात्रियों को बार-बार आगाह किया जा रहा है कि मौसम खराब होने पर यात्रा करने से बचें. यदि यात्रा मार्ग में हैं, तो सुरक्षित स्थान पर शरण लें.

सीएम धामी ने सुरक्षा को बताया सर्वोच्च: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी यात्रा मार्गों पर आवश्यक यात्री सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा जाए. सभी जिम्मेदार अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा जाए. आपातकालीन स्थिति में बिना किसी देरी के राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया जाए.

कोल्ड्रिफ कफ सिरप मौत केस में एमपी पुलिस का बड़ा एक्शन, श्रीसन कंपनी का मालिक गिरफ्तार

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चेन्नई: पूरे देश में ‘जहरीली’ कफ सिरप पीने से करीब 20 बच्चों की मौत का मामला गर्माया हुआ है. इसी सिलसिले में मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीसन मेडिकल्स के मालिक एस रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया गया है.

मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. श्रीसन मेडिकल्स के मालिक को हिरासत में लेने के बाद पुलिस उनसे कड़ी पूछताछ कर रही है. इस मामले पर मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के एसपी अजय पांडे ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि श्रीसन फार्मा के मालिक एस रंगनाथन को बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. उन्हें चेन्नई (तमिलनाडु) की एक अदालत में पेश किया जाएगा और ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद छिंदवाड़ा लाया जाएगा.

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश की पुलिस के लिए श्रीसन मेडिकल्स के मालिक को पकड़ना बहुत जरूरी हो गया था. इसके लिए उन पर इनाम भी घोषित किया गया था. वहीं, आरोपियों की मदद करने वालों पर 20 हजरा का इनाम भी घोषित था. रंगनाथन की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष एसआईटी भी बनाई गई थी.

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बच्चों की हत्याओं का ठीकरा तमिलनाडु सरकार पर फोड़ा था. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने काफी लापरवाही बरती है. कफ सिरप से मौत का पहला केस मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल से सामने आया था, जहां पिछले दो हफ्ते में कई मासूमों की मौत हो गई थी. इसके बाद राजस्थान के कुछ जिलों से भी कफ सिरप पीने के बाद मौत की खबरें आई थीं.

इस मामले पर छिंदवाड़ा प्रशासन के मुताबिक कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद मासूमों को उल्टी, यूरिन में जलन और बुखार जैसे लक्षण दिखाई दिए. डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि किडनी खराब हो गई है और काम करना बंद कर दिया है. मरने वाले बच्चों में सभी की उम्र 2 से लेकर 5 साल तक थी. हालत बिगड़ने पर कई बच्चों को नागपुर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. मामले को बढ़ता देख देश के कई राज्यों में कफ सिरप को बैन कर दिया गया है.
 

150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से BMW से रेस लगा रही पोर्श कार दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर घायल

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मुंबई: राजधानी मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर जोगेश्वरी के पास बीती रात बड़ा हादसा हुआ. एक तेज रफ्तार लग्जरी कार पोर्श अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई. बताया जा रहा है कि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया. बताया जाता है कि एक बीएमडब्ल्यू कार से रेस लगाने के दौरान ये हादसा हुआ. पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है.

मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर जोगेश्वरी के पास कल देर रात एक तेज रफ्तार पोर्श कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें चालक गंभीर रूप से घायल हो गया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना के समय पोर्श कार लगभग 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बीएमडब्ल्यू से रेस कर रही थी. तभी पोर्श कार अनियंत्रित हो गई और ये एक डिवाइडर से टकरा गई.

 

 

सोशल मीडिया पर साझा की गई फुटेज में लग्जरी कार इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही है कि उसकी पहचान करना मुश्किल है. उसका अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. परखच्चे उड़ी पोर्श कार सड़क पर पड़ी रही. पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि पोर्श कार तेज गति से चल रही थी जब उसने नियंत्रण खो दिया और डिवाइडर से टकरा गई. हादसा रात करीब 2 बजे हुआ, जब डीएन-नंबर वाली पोर्शे कार नियंत्रण खो बैठी और जोगेश्वरी मेट्रो स्टेशन के नीचे एक रोड डिवाइडर से टकरा गई.

उल्लेखनीय है की पिछले दिनों लग्जरी कारों से कई हादसे सामने आए. इनमें अधिकतर मामालों में लापरवाही से वाहन चलाने के मामले सामने आए. पिछले साल 19 मई को कल्याणी नगर इलाके में नशे की हालत में 17 वर्षीय एक किशोर द्वारा चलाई जा रही एक महंगी कार ने मोटरसाइकिल सवार आईटी पेशेवरों अनीश अवधिया और अश्विनी कोस्टा को कुचल दिया था.

यही नहीं उसके बाद सबूत के साथ भी छेड़छाड़ की गई. पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा कि पोर्श कार दुर्घटना मामले ने व्यवस्थागत भ्रष्टाचार को उजागर किया है, लेकिन पुणे पुलिस ने आरोपी किशोर के रक्त के नमूने उसकी मां के रक्त के नमूने से बदलने के पीछे की सांठगांठ का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है.

उन्होंने आगे कहा कि किशोर को नाबालिग होने के कारण रिहा कर दिया गया. कुमार ने कहा, ‘हालांकि, उसकी माँ एक साल से ज्यादा समय से जेल में है और उसके पिता अभी भी सलाखों के पीछे हैं. ससून अस्पताल के डॉक्टर और अन्य संबंधित लोग भी अभी जेल में हैं.’

उन्होंने आगे कहा कि एक बच्चे की एक गलती और उसके माता-पिता द्वारा उसे छुपाने की कोशिश ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया. उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की तब तक जाँच करेगी जब तक कि हर दोषी को सजा न मिल जाए. कुमार ने छात्रों से नशीले पदार्थों और ड्रग्स से दूर रहने की भी अपील की.

🌟 मेरी कहानी — सचिन शर्मा की डिजिटल सफलता की यात्रा 🌟

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नमस्कार दोस्तों,
मेरा नाम सचिन शर्मा है, और मैं पिछले 15 सालों से डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हूँ।
आज मैं जिस मुकाम पर हूँ, वहाँ तक पहुँचने के पीछे सिर्फ एक चीज़ है — मेरी मेहनत, मेरा जुनून, और कभी न हार मानने का हौसला।


🌱 शुरुआत — संघर्ष भरे दिन

मेरी शुरुआत बहुत साधारण थी। न कोई बड़ा ऑफिस, न बड़ी टीम, न फंडिंग… बस एक पुराना लैपटॉप और इंटरनेट का जुनून।
जब सब लोग आराम से नौकरी की तलाश में थे, मैं उस समय सीखने और कुछ अलग करने की कोशिश कर रहा था।

शुरुआत में मुझे बहुत सी असफलताएँ मिलीं —
कई बार प्रोजेक्ट्स फेल हुए, क्लाइंट्स ने भरोसा नहीं किया, और पैसों की कमी ने भी परेशान किया।
पर एक बात मैंने हमेशा याद रखी —
अगर रास्ता कठिन है, तो मंज़िल जरूर बड़ी होगी।

मैंने खुद से वादा किया कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं,
मैं डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान जरूर बनाऊंगा।


💻 डिजिटल मार्केटिंग की यात्रा की शुरुआत

धीरे-धीरे मैंने SEO, Google Ads, Facebook Ads, YouTube Promotion, Content Marketing, और Branding जैसे सभी क्षेत्रों में महारत हासिल की।
हर नया प्रोजेक्ट मेरे लिए एक सीख बन गया।

दिन में क्लाइंट्स के प्रोजेक्ट्स पर काम करता था,
और रात में नई स्किल्स सीखता था।
मुझे पता था कि टेक्नोलॉजी बदलती रहती है, इसलिए अगर मुझे आगे रहना है तो सीखना कभी बंद नहीं करना है।


🚀 क्लाइंट्स का भरोसा और सफलता की शुरुआत

कुछ सालों की मेहनत के बाद, मेरा काम खुद बोलने लगा।
लोग मेरे रिज़ल्ट देखकर मुझ पर भरोसा करने लगे।
छोटे-छोटे लोकल बिज़नेस जिन्होंने डिजिटल मार्केटिंग के बारे में कभी नहीं सुना था —
आज वही अपने शहर के बाहर तक अपना नाम बना चुके हैं।

मैंने देखा कि डिजिटल मार्केटिंग सिर्फ एक सर्विस नहीं है, बल्कि एक शक्ति है,
जो किसी भी छोटे बिज़नेस को बड़ा बना सकती है।


🎯 मिशन — हर बिज़नेस को डिजिटल बनाना

आज मेरा उद्देश्य सिर्फ अपनी ग्रोथ नहीं है।
मैं चाहता हूँ कि हर छोटा-बड़ा बिज़नेस डिजिटल युग में आगे बढ़े।
भारत के छोटे व्यापारी, स्टार्टअप्स, और युवा उद्यमी —
सभी को मैं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सफलता दिलाने में मदद कर रहा हूँ।

मैंने सैकड़ों ब्रांड्स को ऑनलाइन पहचान दिलाई है,
उनकी वेबसाइट्स, सोशल मीडिया पेज, और एड कैंपेन बनाकर उन्हें लाखों लोगों तक पहुँचाया है।


🎥 YouTube पर मेरी शिक्षण यात्रा

मुझे हमेशा से लगता था कि ज्ञान सिर्फ कमाने के लिए नहीं, बल्कि बाँटने के लिए होता है।
इसलिए मैंने अपना YouTube चैनल शुरू किया —
जहाँ मैं लोगों को सिखाता हूँ कि कैसे वे भी अपने लिए डिजिटल करियर बना सकते हैं।

मैं सरल हिंदी में Digital Marketing, SEO, Website Creation, Freelancing, Affiliate Marketing, और AI Tools जैसे विषय सिखाता हूँ,
ताकि कोई भी युवा, चाहे वो किसी भी शहर या गाँव से हो,
घर बैठे अपने भविष्य को बदल सके।

मेरे चैनल का मकसद सिर्फ सिखाना नहीं है —
बल्कि लोगों को प्रेरित करना है कि वो खुद पर भरोसा करें और अपने सपनों को हकीकत बनाएं।


❤️ संघर्ष से सफलता तक

कभी वो दिन भी थे जब मेरे पास इंटरनेट पैक रिचार्ज करने के पैसे नहीं होते थे।
पर मैंने तब भी हार नहीं मानी।
रातों को जागकर ब्लॉग लिखे, नए कोर्स सीखे, और धीरे-धीरे अपनी स्किल्स को मजबूत किया।

आज जब पीछे मुड़कर देखता हूँ तो एहसास होता है —
हर मुश्किल ने मुझे और बेहतर बनाया।

वो दिन, वो संघर्ष, वो थकान —
सबने मिलकर मुझे वो इंसान बनाया जो आज हूँ।


🏆 आज की पहचान

आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि मैं एक अनुभवी डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट हूँ,
जो न सिर्फ खुद के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी सफलता की कहानियाँ लिख रहा है।

मेरे पास वर्षों का अनुभव है —
Google Ads से लेकर Branding Campaign तक,
Social Media से लेकर Email Automation तक,
हर क्षेत्र में मैंने काम किया है और परिणाम दिए हैं।

कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट्स ने मेरे काम को सराहा है।
लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि
मैं लोगों को उनकी पहचान दिलाने में मदद कर पा रहा हूँ।


🌈 भविष्य का सपना

आने वाले समय में मेरा सपना है कि मैं और ज़्यादा युवाओं को डिजिटल स्किल्स सिखाऊँ,
ताकि भारत के हर कोने में डिजिटल उद्यमी तैयार हों।

मैं चाहता हूँ कि जो रास्ता मैंने संघर्ष से तय किया,
वो आने वाली पीढ़ी के लिए आसान बन सके।

मेरा विश्वास है —
“अगर आप सच्चे दिल से मेहनत करते हैं,
तो समय खुद आपकी कहानी सुनाने लगता है।”


🙏 अंत में

मैं, सचिन शर्मा,
अपने हर क्लाइंट, हर स्टूडेंट, और हर सपोर्टर का दिल से धन्यवाद करता हूँ,
जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया।

मेरी ये यात्रा सिर्फ मेरी नहीं —
उन सभी लोगों की कहानी है, जो अपने सपनों को कभी छोड़ते नहीं।


💬 “मेहनत से मिली सफलता सबसे मीठी होती है।”
और यही बात मेरी कहानी का सार है।