ममता बनर्जी ने एसआईआर को बताया वोटबंदी.. कहा- उनका गला भी काट सकती है…

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने निर्वाचन आयोग (Election Commission) द्वारा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) (Special Intensive Revision (SIR) of Electoral Rolls) कराने को ‘वोटबंदी’ करार दिया। साथ ही उन्होंने आयोग से यह प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। बनर्जी ने कहा कि भाजपा (BJP) एसआईआर के खिलाफ बोलने पर उन्हें जेल भेज सकती है या उनका गला भी काट सकती है। बनर्जी ने यह भी कहा कि वह चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की जल्दबाजी को समझ नहीं पा रही हैं।

ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में मीडिया से कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। जैसे कुछ मुद्राओं को चलन से बाहर करना ‘नोटबंदी’ थी, वैसे ही एसआईआर ‘वोटबंदी’ है। उन्होंने कहा कि यह ‘सुपर इमरजेंसी’ का ही एक और रूप है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की इतनी जल्दी मुझे समझ नहीं आ रही। निर्वाचन आयोग को यह प्रक्रिया तुरंत बंद करनी चाहिए। मतदाता सूची का पुनरीक्षण दो या तीन महीने में पूरा नहीं हो सकता। इसे जबरन अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से लोगों के मताधिकार पर अंकुश नहीं लगाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने जीएसटी की आलोचना की और इसे एक भूल बताया और कहा कि इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता को जीएसटी के नाम पर लूट रही है। बता दें कि पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में मतदाता सूचियों के एसआईआर में राहत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने पेश किया गया। वकील ने कि याचिका को मंगलवार को सूचीबद्ध किए जाने का यह कहते हुए अनुरोध किया कि अन्य राज्यों में एसआईआर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर कल सुनवाई होनी है।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पहले से ही कलकत्ता उच्च न्यायालय में लंबित है, जहां याचिकाकर्ता ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने और प्रक्रिया की अदालत की निगरानी में निगरानी की मांग की है। हाई कोर्ट ने हाल ही में चुनाव आयोग को संशोधन के लिए अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की व्याख्या करते हुए हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है।

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NDA को बढ़त, तेजस्वी राघोपुर में आगे; प्रशांत किशोर की पार्टी ने दो सीटों पर बनाई पकड़

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बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर वोटों की गिनती शुरू हो गई है। पहले पोस्टल बैलट की गिनती हो रही है। शुरुआती रुझान में NDA 11 सीटों पर और महागठबंधन 6 सीटों पर आगे चल रही है। प्रशांत किशोर की पार्टी भी रुझानों में 2 सीटों पर आगे दिख रही है। राघोपुर से तेजस्वी यादव NDA कैंडिडेट सतीश यादव से आगे चल रहे हैं।

8.30 बजे तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद EVM खुलेंगे। इसके बाद ही रुझान आने लगेंगे। एक राउंड में 14 EVM की गिनती होगी, जिसके लिए हर काउंटिंग सेंटर पर 14 टेबल लगाए गए हैं। सबसे पहले बरबीघा का रिजल्ट आएगा।

काउंटिंग के लिए 38 जिलों में 46 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। भास्कर के 400 रिपोर्टर ग्राउंड जीरो से पल-पल की अपडेट देंगे। दोपहर 12 बजे तक 2 हजार 616 कैंडिडेट्स की सीटों का फैसला लगभग साफ हो जाएगा। इसमें नीतीश सरकार के 29 मंत्री, अनंत सिंह समेत 15 बाहुबली भी शामिल हैं।

मोतिहारी में काउंटिंग सेंटर के बाहर वाटर कैनन लगाई गई है। पटना में सीएम हाउस की सुरक्षा बढ़ाई गई है। सभी मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

इस बार बिहार चुनाव 2 फेज में हुए और 67.10% ‌वोटिंग हुई। ये रिकॉर्ड मतदान रहा। जो 2020 विधानसभा चुनाव से करीब 10% ज्यादा रहा।

दिल्ली ब्लास्ट आतंकी हमला था तो पाकिस्तान पर एक शब्द क्यों नहीं: कांग्रेस

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नई दिल्ली: दिल्ली आतंकी ब्लास्ट (Delhi Terrorist Blast) मामले में कांग्रेस (Congress) पार्टी ने सरकार (Goverment) पर जमकर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinet) ने कहा कि दिल्ली बम धमाकों के 50 घंटे बाद मोदी सरकार (Modi Goverment) ने आख़िर स्वीकार किया कि यह एक ‘आतंकवादी हमला’ (Terrorist Attack) था. लेकिन, पाकिस्तान (Pakistan) पर एक शब्द नहीं बोला. क्या पाकिस्तान के बिना भारत में कोई आतंकवादी हमला हो सकता है?

सुप्रिया श्रीनेत ने तंज कसते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने कहा था कि किसी भी आतंकवादी हमले को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा. लेकिन, पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का हवाला दिए जाने के बावजूद सरकार की अब तक की प्रतिक्रिया इस वादे के बिल्कुल विपरीत है.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि क्या नरेंद्र मोदी ने उस समय बड़बोलेपन और अपनी छवि चमकाने के लिए भारत की सुरक्षा के साथ भद्दा मज़ाक किया था और अब अपनी ही बयानबाजी में फंस गए हैं? जो भी हो, मोदी की अज्ञानता और अहंकार भारत के लिए महंगा साबित हो रहा है.

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इस एक बात का जवाब सारा देश चाहता है. इस आतंकी हमले की कोई इंटेलिजेंस क्यों नहीं थी? IB, दिल्ली पुलिस, अमित शाह क्या कर रहे थे? उन्होंने कहा कि एक बात बार बार साबित हो रही है. यह देश सुरक्षित हाथों में बिल्कुल नहीं है.

एलएनजेपी अस्पताल में बिलाल ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या बढ़ी

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नई दिल्ली। लाल किला आतंकी हमले के बाद अब मौत का आंकड़ा बढ़कर 13 हो गया है। एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती 35 वर्षीय बिलाल हसन ने बुधवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार, बिलाल के फेफड़े और आंतें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। वह सोमवार से वेंटिलेटर सपोर्ट पर था। अस्पताल में अभी भी 20 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में सामने आया है कि लाल किला धमाके में शामिल ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ ने विस्फोटक सामग्री खरीदने के लिए 26 लाख रुपये नकद जुटाए थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, इस साजिश में शामिल चारों आरोपी डॉक्टर, डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और डॉ. उमर नबी ने संयुक्त रूप से यह धनराशि इकट्ठा की थी। पुलवामा निवासी और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर रहे डॉ. उमर नबी के जिम्मे यह रकम सौंपी गई थी। सोमवार शाम धमाके के वक्त वही हुंडई आई20 कार चला रहा था, जिसमें आईईडी लगाया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों की सघन जांच जारी
गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए, आईबी और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मिलकर जांच कर रही हैं। जांचकर्ता समूह की वित्तीय गतिविधियों, संचार रिकॉर्ड और विश्वविद्यालयों से जुड़े संभावित संपर्कों की छानबीन कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह नेटवर्क शिक्षित युवाओं के बीच चरमपंथी विचारधारा फैलाने की कोशिश कर रहा था। सरकार ने इस हमले को राष्ट्र की सुरक्षा पर सीधा हमला बताते हुए सभी एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि जो लोग देश की शांति को चुनौती देंगे, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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जमीन विवाद बना खून का रिश्ता…भतीजे ने मां के साथ मिलकर चाची की हत्या

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झांसी (Jhansi): उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पुश्तैनी जमीन और खेत के रास्ते के विवाद ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया। बबीना थाना क्षेत्र के मुखियानगर गांव में एक भतीजे ने अपनी मां के साथ मिलकर चाची की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को घर के पीछे झाड़ियों में छिपा दिया, लेकिन पुलिस ने सिर्फ 24 घंटे में इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

घटना 10 नवंबर की है। गांव की रहने वाली 55 वर्षीय शीला देवी, पत्नी गणेश रैकवार, दोपहर में खेत गई थीं लेकिन शाम तक घर नहीं लौटीं। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने घर के पीछे से दुर्गंध आने पर खोज की तो झाड़ियों के बीच गड्ढे में शीला देवी का शव बरामद हुआ। उनके हाथ साड़ी से बंधे थे और चेहरे व गर्दन पर धारदार हथियार से वार के गहरे निशान मिले।

मृतका के पति गणेश रैकवार ने अपने छोटे भाई की पत्नी मीरा देवी और भतीजे बृजलाल रैकवार पर हत्या का आरोप लगाया। बताया गया कि खेत के रास्ते और जमीन के बंटवारे को लेकर दोनों परिवारों में लंबे समय से विवाद चल रहा था।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मीरा देवी और उसके बेटे बृजलाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। बृजलाल ने बताया कि चाची से लगातार झगड़े और अपमान के चलते उसने मां के साथ मिलकर यह साजिश रची। हत्या में इस्तेमाल खून से सनी हंसिया भी बरामद कर ली गई है।

सीओ सदर रामवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

बदल गए आपके बैंक के डोमेन नेम, जानें क्या है नया वेब एड्रेस

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मुंबई : अगली बार जब आप अपने बैंक की वेबसाइट खोलने जाएं, तो एक पल रुकिए। अगर आपकी उंगलियां sbi.com या hdfcbank.com टाइप करने जा रही हैं, तो यह खबर आपके और आपके पैसों के लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सख्त निर्देश पर देश के सभी बड़े-छोटे बैंकों ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट का डोमेन नाम बदल दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक सहित तमाम बैंक अब ‘.bank.in’ डोमेन पर शिफ्ट हो गए हैं। यह कदम साइबर फिशिंग हमलों से ग्राहकों की गाढ़ी कमाई बचाने के लिए उठाया गया अब तक का सबसे मजबूत उपाय है।

फिशिंग का बढ़ता खतरा
आरबीआई के इस फैसले की जड़ में ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के बढ़ते मामले हैं। फिशिंग अपराधी बैंक की असली वेबसाइट से मिलती-जुलती नकली साइट बनाकर यूजर्स को ठगते थे। उदाहरण के तौर पर, अगर असली साइट ‘mybank.com’ थी, तो ठग ‘mybank.co.in’ या ‘mybank-online.com’ जैसी फर्जी साइट बना लेते। ये साइट्स रंग-रूप, लोगो और डिजाइन में पूरी तरह असली जैसी लगती थीं।

अपराधी एसएमएस या ईमेल भेजकर डराते या लालच देते – जैसे ‘आपका अकाउंट ब्लॉक हो गया’, ‘KYC एक्सपायर हो गई’ या ‘50,000 रुपये की लॉटरी जीत गए’। लिंक पर क्लिक करते ही यूजर नकली साइट पर पहुंचता और यूजरनेम, पासवर्ड, ओटीपी डाल देता। नतीजा? ठग खाता खाली कर देते। पुराने ‘.com’ या ‘.in’ डोमेन कोई भी आसानी से खरीद सकता था, इसलिए रोकना मुश्किल था।

नया सुरक्षा कवच कैसे काम करेगा?
आरबीआई ने फिशिंग के इस जाल को तोड़ने के लिए ‘.bank.in’ डोमेन अनिवार्य किया है। यह सामान्य डोमेन नहीं, बल्कि हाई-सिक्योरिटी जोन है। ‘.com’, ‘.in’ या ‘.org’ जैसे टॉप-लेवल डोमेन (TLD) कोई भी रजिस्टर करा सकता है, लेकिन ‘.bank.in’ केवल आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त वित्तीय संस्थानों को ही मिलेगा।

कड़ी सत्यापन प्रक्रिया: बैंक को आरबीआई की सभी शर्तें पूरी करनी होंगी।
फर्जी साइट्स पर रोक: अब कोई ठग ‘.bank.in’ से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट नहीं बना पाएगा।
गारंटीड सुरक्षा: यह डोमेन खुद एक पहचान पत्र की तरह है, जो पुष्टि करता है कि आप असली और वेरिफाइड बैंकिंग पोर्टल पर हैं।

यह ठीक वैसा ही है जैसे सरकारी साइट्स के लिए ‘gov.in’ या ‘nic.in’ विश्वसनीयता की गारंटी देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से फिशिंग अटैक में भारी गिरावट आएगी और ग्राहक निश्चिंत होकर ऑनलाइन बैंकिंग कर सकेंगे। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि पुरानी साइट्स से यूजर्स को स्वचालित रूप से नई ‘.bank.in’ साइट पर रीडायरेक्ट किया जाए। ग्राहकों से अपील है कि हमेशा ब्राउजर में ‘.bank.in’ चेक करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।

मुंबई में अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश, अमेरिका-कनाडा के लोगों को ठगा

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मुंबई। मुंबई की मुलुंड पुलिस ने साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। मुलुंड पश्चिम के एक आवासीय फ्लैट में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और नकदी बरामद की है। मुलुंड पुलिस ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सूचना मिली थी कि मुलुंड कॉलोनी क्षेत्र में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। वे खुद को अमेरिका स्थित बैंक या वित्तीय कंपनी का अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों को तुरंत ऋण देने का लालच देते हैं। पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते हैं, लेकिन ऋण कभी नहीं देते। पुलिस ने जब फ्लैट पर छापा मारा तो वहां सागर गुप्ता मुख्य संचालक निकला। सागर ने इस धंधे के लिए अभिषेक सिंह, तन्मय धाड़ सिंह, शैलेश शेट्टी और रोहन को नियुक्त किया था। सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस को 2 लैपटॉप, 11 मोबाइल, 2 राउटर और 76,000 रुपए नकद बरामद हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी कॉल सेंटर में खुद को लेंडिंग पॉइंट नामक वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताते थे। वे ई-सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पीड़ितों से संपर्क करते थे। शिकार को असुरक्षित वेतन-दिवस ऋण देने का वादा करते थे। न्यूनतम प्रोसेसिंग शुल्क जमा करने के बाद भी पीड़ितों को कुछ नहीं मिलता। इस तरह से लाखों रुपए की ठगी की जाती थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी बिना किसी वैध अनुमति के यह अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने कहा कि यह एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय ठगी का गिरोह था। सभी सबूत जब्त कर लिए गए हैं। पीड़ितों की संख्या का पता लगाने के लिए डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है। विदेशी एजेंसियों से भी संपर्क किया जाएगा।

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कोचिंग में वॉटसन की एंट्री! KKR ने आईपीएल 2026 के लिए किया बड़ा ऐलान

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नई दिल्ली : आईपीएल 2026 के लिए अभिषेक नायर को मुख्य कोच नियुक्त करने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन को सहायक कोच के रूप में नियुक्त किया। केकेआर ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर वॉटसन को सहायक कोच बनाए जाने की पुष्टि की है। केकेआर के सीईओ वैंकी मैसूर ने एक्स पर लिखा, “केकेआर परिवार में शेन वॉटसन का स्वागत करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। उच्चतम स्तर पर एक खिलाड़ी और कोच के रूप में उनका अनुभव हमारी टीम संस्कृति और तैयारी में अपार योगदान देगा। टी20 प्रारूप की उनकी समझ विश्वस्तरीय है, और हम मैदान के अंदर और बाहर, दोनों जगह उनके योगदान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”

 केकेआर का सहायक कोच बनने के बाद वॉटसन ने कहा, “केकेआर जैसी प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। मैंने हमेशा केकेआर के प्रशंसकों के जुनून और टीम की उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की है। मैं कोलकाता को एक और खिताब दिलाने के लिए कोचिंग समूह और खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।” वॉटसन का आईपीएल में एक खिलाड़ी और कोच के रूप में लंबा अनुभव रहा है, जो केकेआर के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज 2022 और 2023 में दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के सहायक कोच के रूप में काम कर चुके हैं। वहीं बतौर खिलाड़ी वॉटसन के आईपीएल करियर पर गौर करें तो 145 मैचों में 4 शतक और 21 अर्धशतक लगाते हुए 137.91 की स्ट्राइक रेट और 30.99 की औसत से 3,874 रन बनाए हैं। साथ ही 92 विकेट हासिल किए हैं। अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर पर नजर डालें तो, 58 मैचों में 1 शतक और 10 अर्धशतक की मदद से 1,462 रन बनाने के साथ ही 48 विकेट उनके नाम दर्ज हैं। 

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दुष्कर्म मामले में व्यवसायी समीर मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, बढ़ेंगी मुश्किलें

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक दुष्कर्म मामले में व्यवसायी समीर मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट समीर की मुश्किल बढ़ा सकती है क्योंकि वह जमानत पर हैं। पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट को भी चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी दी है। बता दें पुलिस ने दुष्कर्म और धमकी देने की धाराओं के तहत समीर मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 11 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने जस्टिस संजीव नरूला को बताया कि उन्होंने समीर मोदी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। कोर्ट समीर मोदी के आवेदन पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उन्होंने 6 नवंबर को पारित एक आदेश में बदलाव की मांग की थी। याचिकाकर्ता की शिकायत है कि आश्वासन के बावजूद, जांच अधिकारी को उनके ओर से दिए गए दस्तावेजों पर विचार किए बिना चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
6 नवंबर, 2023 को स्थायी वकील संजय लाओ ने कहा था कि याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की जांच जांच अधिकारी की तरफ से उचित रूप से की जाएगी। सुनवाई के दौरान स्थायी वकील ने बताया कि ये दस्तावेज 7 नवंबर, 2025 को देर शाम ही जमा किए गए थे। चार्जशीट 60 दिनों के भीतर दाखिल की जाए। संजय लाओ ने कहा कि यदि जांच अधिकारी इन दस्तावेजों का विश्लेषण करते, तो यह समय सीमा समाप्त हो जाती।
संजय लाओ ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों की जांच किए बिना ही चार्जशीट दाखिल कर दी गई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील ने इसका जवाब देते हुए कहा कि दस्तावेज 7 नवंबर, 2025 को इसलिए जमा किए गए थे क्योंकि उन्हें नोटिस ही शाम को दिया गया था। पूरक चार्जशीट दाखिल करने पर स्टैडिंग काउंसिल ने कहा कि जांच अधिकारी 7 नवंबर को जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करेंगे। इसके बाद ट्रायल कोर्ट की अनुमति लेकर इन दस्तावेजों को पूरक चार्जशीट के साथ दाखिल करेंगे। कोर्ट ने इस बयान को रिकॉर्ड पर ले लिया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 6 नवंबर को दुष्कर्म मामले में एफआईआर को रद्द करने की समीर मोदी की याचिका पर नोटिस जारी किया था। उन्हें साकेत जिला अदालत ने 25 सितंबर को जमानत दे दी थी। समीर मोदी को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।

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महागठबंधन को अब भी उम्मीद.. विधायकों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने की तैयारी

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नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) में तमाम एग्जिट पोल (All Exit Polls) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) की अगुआई में एनडीए की भारी जीत बता रहे हैं, वहीं महागठबंधन (Grand Alliance) को अभी भी खुद पर भरोसा है। ऐसे में महागठबंधन (Grand Alliance) ने नतीजों के फौरन बाद अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की योजना को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसके तहत महागठबंधन के विधायकों को जीत के फौरन बाद दूसरे राज्यों में शिफ्ट किया जा सकता है।
 कांग्रेस यह कहती रही है कि बिहार में मुकाबला दो महागठबंधनों के बीच है। ऐसे में किसी तीसरी पार्टी के लिए कोई जगह नहीं है। चुनाव में अधिक मतदान को दोनों गठबंधन अपने पक्ष में मान रहे हैं। ऐसे में महागठबंधन को भरोसा है कि चुनावी मुकाबला बहुत करीबी भी हो सकता है। इसलिए, नतीजों के बाद हॉर्स ट्रेडिंग से बचाने के लिए महागठबंधन अपने विधायक शिफ्ट कर सकता है।

छोटी पार्टियों को लेकर चिंता
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल ने अपने सभी विधायकों को जीत के फौरन बाद पटना बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। हॉर्स ट्रेडिंग की स्थिति में सबसे ज्यादा खतरा छोटी पार्टियों से रहता है। ऐसे में वीआईपी और राजद के विधायकों को पश्चिम बंगाल शिफ्ट किया जा सकता है। वहीं, कांग्रेस भी अपने विधायकों को जीत के फौरन पटना बुला सकती है। उन्हें तेलंगाना या कर्नाटक भेजा जा सकता है।

हार-जीत का अंतर बहुत कम होने की उम्मीद
प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसी संभावना कम है कि बंपर वोटिंग के बावजूद किसी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिले। पर जमीन पर जिस तरह दोनों गठबंधनों के बीच करीबी मुकाबला दिखाई पड़ा है, उससे साफ है कि हार-जीत का अंतर बहुत कम होगा। वहीं, जन सुराज पार्टी की भूमिका भी अहम होगी। प्रशांत किशोर की अगुआई वाली जन सुराज पार्टी पहली बार चुनाव लड़ रही है।

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