भारत में लॉन्च हुई पहली ऑल-इन-वन कंसल्टेंसी सब्सक्रिप्शन सेवा — मात्र ₹599 में प्रॉपर्टी, लीगल, फाइनेंस और ट्रैवल की संपूर्ण सुविधा अब एक ही स्थान पर

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भारत में कंसल्टेंसी सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। A to Z Services Consultancy ने देश की पहली ऑल-इन-वन कंसल्टेंसी सब्सक्रिप्शन सेवा लॉन्च की है, जिसके तहत सिर्फ ₹599/- में नागरिकों को प्रॉपर्टी, लीगल, फाइनेंस, टैक्सेशन और टूर एवं ट्रैवल से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

यह सब्सक्रिप्शन मॉडल व्यक्तियों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, और स्थापित कंपनियों—सभी के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। आज के समय में जटिल सरकारी प्रक्रियाओं, दस्तावेज़ी औपचारिकताओं और कानूनी आवश्यकताओं को समझना मुश्किल हो जाता है। A to Z Services Consultancy का उद्देश्य इन सब प्रक्रियाओं को आसान, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।

उद्देश्य: हर जटिल प्रक्रिया को बनाना सरल

कंपनी के अनुसार, उनका मिशन हर नागरिक को विशेषज्ञों तक आसान पहुंच देना है। चाहे सरकारी दस्तावेज़ तैयार करवाना हो, संपत्ति से जुड़े कानूनी कार्य हों, या व्यवसायिक पंजीकरण—यह प्लेटफ़ॉर्म एंड-टू-एंड सहायता प्रदान करता है।

कंपनी की खासियत है कि यह डॉक्युमेंटेशन, कंप्लायंस, ट्रेनिंग, एडवाइजरी और ऑपरेशनल सपोर्ट—इन सभी सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाती है।

A to Z Services Consultancy की मुख्य विशेषताएं

✔️ व्यक्तिगत दृष्टिकोण के साथ पेशेवर सलाह

✔️ विश्वसनीय कानूनी एवं डॉक्युमेंटेशन सहायता

✔️ विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञ मार्गदर्शन

✔️ समय पर सेवा, पारदर्शी प्रक्रिया और स्पष्ट संवाद

✔️ स्थानीय अनुभव के साथ राष्ट्रीय स्तर की पहुंच

कंपनी का कहना है कि उनका लक्ष्य ग्राहकों को स्पष्टता, आत्मविश्वास और समय पर समाधान उपलब्ध कराना है ताकि वे अपने लक्ष्य पर पूरी तरह फोकस कर सकें।

राजस्थान के प्रमुख विभागों से उपलब्ध सभी सरकारी सेवाएं

A to Z Services Consultancy, ई-मित्र, बीकानेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, राजस्थान आवासन मंडल, और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख सेवाएं उपलब्ध कराती है:

संपत्ति एवं भूमि संबंधित सेवाएं

📄 विक्रय N.O.C

📝 संशोधन डीड

🏠 विक्रय विलेख

🎁 गिफ्ट डीड

📜 पट्टा विलेख

📐 सब डिवीजन

🔗 एकीकरण

🌾 भू उपयोग परिवर्तन

🔄 नामांतरण

सर्टिफिकेट एवं कानूनी दस्तावेज़

🛠️ प्रमाणपत्र में गलती सुधार

🧑‍🌾 मूल निवासी प्रमाणपत्र

👮 पुलिस वेरीफिकेशन

👶 जन्म प्रमाणपत्र

💍 विवाह पंजीयन

व्यवसाय, पंजीकरण एवं टैक्स

🏢 कंपनी रजिस्ट्रेशन

🏭 MSME रजिस्ट्रेशन

🧾 उद्यम रजिस्ट्रेशन

💼 GST रजिस्ट्रेशन

अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं

🏗️ मकान बनाने की परमिशन

🧳 यात्रा योजना एवं डॉक्युमेंट गाइडेंस

सिर्फ एक सब्सक्रिप्शन — आपके हर कार्य का समाधान

A to Z Services Consultancy का कहना है कि यह सेवा उन सभी लोगों के लिए है जो अपने जीवन, करियर या व्यवसाय में आने वाली औपचारिकताओं को सरल बनाना चाहते हैं।

कंपनी का संदेश सरल है:

“हम विवरणों का ध्यान रखते हैं—ताकि आप अपने लक्ष्यों पर ध्यान दे सकें।”

कंपनी के प्रतिनिधि

अयाज खान

📞 9460195985
📞 9460195985

📧 atozser5644@gmail.com

🌐 प्रोफ़ाइल लिंक:
https://visitmyprofile.in/A-To-Z-Services-Consultancy

📸 इंस्टाग्राम:
https://www.instagram.com/officialatozserviceac/

 

 

 

 

 

 

पत्थर खनन में दबे 2 मजदूर, कई अभी भी मलबे में, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

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Sonbhadra News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. जिसमें 2 मजदूरों की मौत हो गई. जबकि कई मजदूर मलबे में दब गए हैं. वहीं सूचना पाकर मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम रेस्क्यू में जुटी हुई है. बताया जा रहा है कि बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के पास में ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था. जिसके कारण खनन पर रोक थी. लेकिन इसके बावजूद खनन किया गया.

पत्थर दरकने से हुआ हादसा

पूरा मामला बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र का है. यहां कृष्णा माइनिंग वर्क्स के खदान में अचानक पहाड़ दरक गया. जिसके मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई. जबकि कई मजदूर अभी भी मलबे में दबे हुए हैं. जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 3 बजे हुआ है.

हादसे के वक्त 15 से ज्यादा मजदूर कर रहे थे काम

बताया जा रहा है कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय खदान में 15 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे. इनमें से अभी तक किसी का पता नहीं चल सका है. 2 मजदूरों के मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि कई मजदूर मलबे में दबे बताए जा रहे हैं.

9 कंप्रेशर मशीनों से पत्थर में किया जा रहा था होल

जानकारी के मुताबिक 9 कंप्रेशर मशीनों से पत्थर में होल किया जा रहा था. तभी अचानक एक पत्थर दरक गया. जिससे नीचे खड़े सभी मजदूर दब गए. हादसे के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद पुलिस और बचाव टीम मौके पर पहुंची.

तेजस्वी यादव पर गालियां और मारपीट का आरोप, कहा- कोई बेटी पिता को न बचाए!

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Lalu Yadav Daughter Controversy: विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लालू परिवार का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ट्वीट कर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी. शनिवार को भी रोहिणी ने मीडिया से बात करते हुए घर से बाहर करने का आरोप लगाया था. अब उन्होंने ट्वीट कर अपना दर्द बयां किया है.

रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा, “कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक मां को जलील किया गया , गंदी गालियां दी गयीं, मारने के लिए चप्पल उठाया गया, मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया, सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी. कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप बहनों को छोड़ आयी, मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया. मुझे अनाथ बना दिया गया. आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा ना हो.”

इसके बाद एक और पोस्ट में लिखा, “कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी, करोड़ों रूपए लिए, टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी. सभी बेटी-बहन, जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो, तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं, अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे”

“सभी बहन-बेटियां अपना घर-परिवार देखें, अपने माता-पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे, अपना काम, अपना ससुराल देखें , सिर्फ अपने बारे में सोचें. मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा, किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली. अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया. आप सब मेरे जैसी गलती, कभी ना करे किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो”

दिल्ली ब्लास्ट से पहले घबराया हुआ था उमर, नए CCTV से हुआ खुलासा

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नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले (Red Fort of Delhi) के पास हुए भीषण धमाके की जांच में बड़ा सुराग मिला है. इंडिया टुडे को मिले एक्सक्लूसिव CCTV फुटेज में पहली बार आतंकी डॉक्टर उमर का चेहरा साफ दिखाई दे रहा है. यह फुटेज फरारी के दौरान फरीदाबाद की एक मोबाइल शॉप का है, जहां वह दो मोबाइल फोन के साथ नजर आता है. वीडियो में उमर बैग से एक फोन निकालकर दुकानदार को चार्जिंग के लिए देता है, जबकि दूसरा फोन उसकी गोद में रखा दिखता है. उसकी बॉडी लैंग्वेज साफ बताती है कि वह बेहद तनाव में था और घबराया हुआ दिख रहा था.

धमाके की जगह से बरामद उसके शव के पास कोई मोबाइल फोन नहीं मिला, जिससे साफ है कि दिल्ली पहुंचने से पहले उसने दोनों डिवाइस गायब कर दिए थे. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वही सोमवार को लाल किले के पास फटे Hyundai i20 वाहन को चला रहा था, जिसमें हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे.

जांच एजेंसियों के अनुसार, डॉक्टर उमर जम्मू-कश्मीर के दो डॉक्टरों डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन के संपर्क में था, जिन्हें फरीदाबाद मॉड्यूल भंडाफोड़ होने के बाद पकड़ा गया था. इस मॉड्यूल से 2,900 किलो विस्फोटक जब्त किए गए थे. धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रातभर छापेमारी कर छह लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें उमर के तीन परिजन भी शामिल हैं. DNA मैचिंग से उसकी पहचान पक्की हुई, जिसके सैंपल उसकी मां से मिले DNA से मेल खाए.

कभी तेज-तर्रार और मेधावी डॉक्टर माना जाने वाला उमर पिछले दो वर्षों में कट्टरपंथ की ओर तेजी से झुक गया था. जांच में खुलासा हुआ कि वह कई कट्टर विचारधारा वाले सोशल मीडिया ग्रुप्स से जुड़ा था. वह, डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन मिलकर थ्रीमा जैसे स्विट्जरलैंड-आधारित एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर प्लान बनाते थे और ऑपरेशन से जुड़े संवेदनशील हिस्सों के लिए उमर ने एक निजी सिग्नल ग्रुप भी बनाया था.

पुलिस के मुताबिक, ग्रुप ने 26 लाख रुपये जुटाए थे, जिनका जिम्मा उमर को दिया गया. इसी धन से गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से 26 क्विंटल NPK खाद खरीदी गई, जिसका उपयोग अन्य रसायनों के साथ मिलाकर IED बनाने में किया जाता है. सूत्रों के अनुसार, करीब आठ आरोपी चार शहरों में एक साथ धमाके करने के लिए जोड़ी बनाकर तैनात होने की तैयारी में थे. जांच एजेंसियां अब धमाके के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं और मामले में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है.

दिल्ली कार ब्लास्ट में बड़ा खुलासा, दुबई भागने की फिराक में थी शाहीन, NIA ने दबोचा एक और डॉक्टर

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नई दिल्ली: दिल्ली कार ब्लास्ट मामले (Delhi car blast case) में एक खुलासा हुआ है और एक गिरफ्तारी हुई है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की जांच के अनुसार, दिल्ली धमाके की मुख्य आरोपी डॉक्टर शाहीन (Shaheen) दुबई भागने की फिराक में थी. उसकी एक फोटो मिली है, जो वीजा वेरिफिकेशन के नाम पर ली गई थी.

शाहीन वीजा बनवाने की तैयारी में थी, जिसके लिए पुलिस ने कुछ समय पहले उसकी फोटो वेरिफिकेशन के लिए ली थी. यह फोटो कमरा नंबर-29 में एक पुलिस अधिकारी द्वारा ली गई थी. धमाके के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए उसकी दुबई भागने की तैयारी थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर में टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया तो प्लानिंग फेल हो गई.

NIA ने सर्जरी के प्रोफेसर डॉ. रईस अहमद भट को गिरफ्तार किया है, जो सर्जरी का प्रोफेसर है और MBBS-MS-FMG है. 45 वर्षीय रईस व्हाइट मेडिकल कॉलेज PS मामून कैंट, जिला पठानकोट में तैनात हैं और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के दैलगाम का निवासी है. डॉ. रईस ने अल फलाह यूनिवर्सिटी फरीदाबाद में साल 2020-2021 में इंटर्नशिप की थी. डॉ. रईस की गिरफ्तारी दिल्ली बम विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी डॉ. उमर के संपर्क में होने के शक के चलते की गई है.

दिल्ली कार बम धमाके की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस की क्राइम टीम आज ओखला स्थित अल-फलाह के दफ्तर पहुंची. टीम ने यहां कई अहम दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की जांच की, ताकि धमाके से जुड़े संभावित लिंक और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि की जा सके. सूत्रों के अनुसार, क्राइम टीम ने दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की और CCTV फीड को खंगाला है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या धमाका मामले में किसी अंदरूनी मदद, मीटिंग या लेन-देन का कोई सुराग इस दफ्तर से जुड़ता है या नहीं? जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी संभावित एंगल को बारीकी से खंगाला जा रहा है और आने वाले समय में कुछ और लोकेशन पर छापेमारी संभव है.

बिहार की शानदार जीत पर BJP का राहुल गांधी पर कटाक्ष, कहा- अब तक 95 चुनाव हार चुके

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नई दिल्‍ली । बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मिली शानदार और निर्णायक बढ़त के बाद भगवा पार्टी ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, NDA दो-तिहाई बहुमत से अधिक सीटें हासिल करता दिख रहा है, जबकि कांग्रेस और राजद (RJD) के नेतृत्व वाला महागठबंधन बड़ी हार की ओर बढ़ रहा है। भाजपा ने इस जीत को भुनाते हुए विपक्षी एकता और विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हुए कहा, “राहुल गांधी! एक और चुनाव, एक और हार! यदि चुनावी हार में निरंतरता के लिए कोई पुरस्कार होता तो वह उन सभी को जीत जाते। इस गति से तो पराजय भी सोच रही होगी कि वह उन्हें इतनी मजबूती से कैसे ढूंढ लेते हैं।”

वहीं, सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तंज कसने के लिए कवि कबीर दास के दोहे का सहारा लिया। उन्होंने कहा, “बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोई। जो मन खोजा अपना, तो मुझसे बुरा न कोई।” उन्होंने कांग्रेस से परिणाम की सटीकता की पुष्टि के लिए मतदाता सूचियों को सत्यापित करने का भी आग्रह किया।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “मतगणना के रुझान स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि बिहार की जनता का रुख स्पष्ट है। न जंगल राज, न कट्टर राज, न गुंडाराज, न तुष्टिकरण, न परिवारवाद, न घोटाले, न भ्रष्टाचार, न अहंकार और न जातिवाद। बिहार केवल सुशासन, विकास और पारदर्शी नेतृत्व को स्वीकार करता है।”

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “राहुल गांधी नंबर वन हैं- निर्विवाद, अप्रतिद्वंद्वी और अपराजेय।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “95 चुनाव हारे और गिनती जारी है। यह कोई संयोग नहीं है कि यह जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिन पर होता है।” ताजा रुझानों के अनुसार, NDA गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बना ली है और स्पष्ट बहुमत की ओर अग्रसर है।

एक ओर BJP जश्न मना रही है, वहीं विपक्षी दलों ने इस परिणाम को ‘चुनावी साजिश’ बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन खेड़ा ने कहा कि शुरुआती रुझान बताते हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बिहार की जनता की इच्छा के विरुद्ध काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई केवल BJP, कांग्रेस, RJD और JDU के बीच नहीं है, यह ज्ञानेश कुमार और भारत के लोगों के बीच सीधा टकराव है।”

आप नेता संजय सिंह ने चुनावी प्रक्रिया के ‘अपहरण’ का दावा किया और हाल ही में मतदाता सूचियों के ‘विशेष सघन पुनरीक्षण’ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा,”हमने पहले भी कहा था कि इस चुनाव को हाईजैक कर लिया गया है और इस चुनाव का कोई मतलब नहीं है। ज्ञानेश कुमार ने पहले ही मोदी जी को बिहार में जीत का प्रमाण पत्र दे दिया है। उस राज्य में परिणाम क्या होंगे जहां 80 लाख वोट हटाए गए, जहां 5 लाख वोट डुप्लीकेट हैं और जहाँ 1 लाख वोट अज्ञात हैं?”

नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट की जांच के आदेश दिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने

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नई दिल्ली/श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Jammu-Kashmir Lieutenant Governor Manoj Sinha) ने नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट की जांच के आदेश दिए (Ordered an Inquiry into the blast at Nowgam Police Station) । इस विस्फोट में नौ लोगों की जान चली गई और 24 लोग घायल हो गए ।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए अत्यंत दुखद आकस्मिक विस्फोट में हुई बहुमूल्य जान-माल की हानि से अत्यंत व्यथित हूं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उपराज्यपाल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “सरकार दिवंगतों के परिवारों, मित्रों और प्रियजनों के साथ एकजुटता से खड़ी है। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। मैंने आकस्मिक विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए हैं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट पर दुख व्यक्त किया है। जम्मू-कश्मीर सीएमओ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।”

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने लिखा, “नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए दुखद आकस्मिक विस्फोट से अत्यंत व्यथित हूं, जिसमें 9 अनमोल जानें चली गईं और कई घायल हुए। यह हृदयविदारक घटना उन जोखिमों और कठिन परिस्थितियों को उजागर करती है जिनमें हमारे पुलिसकर्मी हम सब की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना।”

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी नौगाम में 9 लोगों की मौत के बाद अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घायलों का शीघ्र इलाज किया जाना चाहिए और पीड़ितों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विस्फोट के बाद सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “यह घटनाक्रम दिल्ली में लाल किले के पास हुए कायराना कार विस्फोट आतंकवादी हमले के कुछ दिनों बाद आया है और यह केंद्र सरकार के लिए खुफिया तंत्र और आतंकवाद-रोधी तंत्र को मजबूत करने के लिए एक चेतावनी है। वह जवाबदेही से नहीं भाग सकती। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आतंकवाद के अभिशाप के विरुद्ध राष्ट्र के साथ एकजुट है।” उन्होंने लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट और आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी मांग की।

कांग्रेस ने बिहार हार पर उठाया सवाल, चुनाव आयोग और उसके SIR को जिम्मेदार ठहराया

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नई दिल्‍ली । बिहार विधानसभा चुनाव 2025(Bihar Assembly Elections 2025) अपने अंतिम चरण(Final stage) में है। मतगणना(Counting of votes) के शुरुआती रुझान(Early trends) में महागठबंधन(Grand Alliance) बुरी तरह से पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है, जबकि एनडीए के बार फिर से सत्ता पर अपनी पकड़ को मजबूत बनाता हुआ दिख रहा है। कांग्रेस पार्टी ने अपनी इस हालत के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर को जिम्मेदार बताया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा की चुनाव की मतगणना के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह चुनाव उनके और बिहार की जनता के बीच सीधी लड़ाई बन गया है।

एएनआई से बात करते हुए खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि इस मुकाबले में उनकी बढ़त बिहार की जनता पर भारी पड़ रही है। रुझानों को लेकर उन्होंने कहा, “यह तो अभी शुरुआती रुझान हैं, हम थोड़ा इंतजार कर रहे हैं। शुरुआती रुझान साफतौर पर बता रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार बिहार की जनता पर बढ़त बनाते हुए दिख रहे हैं। मैं बिहार की जनता को कम नहीं मानता। उन्होंने एसआईआर और वोट चोरी के बावजूद मुकाबला किया। यह मुकाबला सीधे तौर पर बिहार की जनता और भारत के चुनाव आयोग के बीच है, अब देखते हैं कौन जीतता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि एक किताब है ‘प्रेम से सेवा करना’। ज्ञानेश कुमार अब प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी यही किताब लिख रहे हैं।

पवन खेड़ा के अलावा कांग्रेस के दूसरे नेता उदित राज ने बिहार चुनाव में कांग्रेस और महागठबंधन की हार के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “यह भाजपा या एनडीए की नहीं, बल्कि एसआईआर की जीत है; यह एकतरफ़ा प्रतीत होता है। हमने एसआईआर का लगातार विरोध किया है और जवाब माँगा है, लेकिन चुनाव आयोग ने निर्देशानुसार जवाब दिया। चुनाव आयोग अब भी दावा कर रहा है कि उसे कोई आपत्ति नहीं मिली।”

आपको बता दें कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब बिहार चुनाव की मतगणना में कांग्रेस पार्टी और उनका गठबंधन बुरी तरह से पिछड़ रहा है। वहीं, दूसरी और भाजपा और उनका गठबंधन एक बार फिर से सत्ता की तरफ बढ़ता दिख रहा है।

दिल्ली ब्लास्ट के बाद बंद लाल किला मेट्रो स्टेशन अब फिर से खोल दिया गया

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नई दिल्ली । दिल्ली ब्लास्ट के बाद बंद लाल किला मेट्रो स्टेशन (Red Fort Metro station which was closed after the Delhi Blast) अब फिर से खोल दिया गया (Has now Reopened) । दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए धमाके के बाद सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने लाल किला मेट्रो स्टेशन को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया था । डीएमआरसी की ओर से शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी गई।

डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सेवा अपडेट: लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 2 और 3 अब यात्रियों के लिए खुल गए हैं।” इससे पहले, डीएमआरसी ने गुरुवार को एक्स पोस्ट में बताया था कि लाल किला मेट्रो स्टेशन अगली सूचना तक बंद रहेगा। डीएमआरसी ने पोस्ट में लिखा था, “सेवा अपडेट, सुरक्षा कारणों से लाल किला मेट्रो स्टेशन अगली सूचना तक बंद रहेगा। अन्य सभी स्टेशन सामान्य रूप से चालू हैं।”

गौरतलब है कि बीते सोमवार वॉयलेट लाइन पर स्थित लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के बाहर एक कार में तेज धमाका हुआ था। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। यह धमाका इतना जोरदार था कि मेट्रो स्टेशन के एंट्री गेट पर लगे शीशे चकनाचूर हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास स्थित मेट्रो स्टेशनों पर भी एहतियातन कुछ समय के लिए एंट्री रोक दी गई थी।

जानकारी के अनुसार, ब्लास्ट की घटना के बाद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में कड़ी निगरानी बढ़ा दी है। सभी मुख्य मार्गों, बाजारों और मेट्रो कॉरिडोर को सीसीटीवी कैमरों के जरिए रियल टाइम मॉनिटर किया जा रहा है। कंट्रोल रूम को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही सोशल मीडिया पर भी सुरक्षा एजेंसियां करीबी नजर रख रही हैं। पुलिस ने चेतावनी जारी की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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News Desk

बिहार चुनाव में शिकस्त के बाद कांग्रेस में महाभारत, अपनों ने खोली पोल

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नई दिल्ली. बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव (elections) में कांग्रेस (Congress) के बेहद कमजोर प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. देशभर के कई वरिष्ठ नेताओं, पूर्व नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन की कमजोरी, गलत टिकट वितरण, बूथ-स्तर तक कमजोरी और नेतृत्व से दूरी जैसे कारणों को खुलकर सामने रखा है.

पटना में कांग्रेस नेता कृपानाथ पाठक ने कहा कि पार्टी के अंदर सही जानकारी शीर्ष नेतृत्व तक नहीं पहुंचाई गई, जिससे “इतनी बड़ी चूक” हुई. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नेतृत्व अब भी नहीं जागा, तो आने वाले समय में “गंभीर संकट” खड़ा हो सकता है.

केरल से सांसद शशि थरूर ने भी हार को “गंभीर निराशा” बताते हुए कहा कि पार्टी को सिर्फ आत्ममंथन नहीं, बल्कि रणनीतिक और संगठनात्मक गलती की वैज्ञानिक समीक्षा करनी चाहिए.

उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें बिहार में प्रचार के लिए आमंत्रित भी नहीं किया गया था, इसलिए ज़मीनी स्थिति का प्रत्यक्ष अनुभव नहीं है. पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कटाक्ष करते हुए कहा, “कांग्रेस ने मुझे उस लायक नहीं समझा.”

कई दिग्गजों ने उठाए सवाल
पार्टी के वरिष्ठ नेता निखिल कुमार ने संगठन की कमजोरी को हार का सबसे बड़ा कारण बताया. उनका कहना है कि मजबूत संगठन ही चुनाव जिता सकता है; उम्मीदवार अच्छे थे, लेकिन रणनीति और प्रबंधन में गंभीर कमियां रहीं.

पटना में कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि पार्टी को गंभीर समीक्षा करनी होगी. साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार और NDA को जीत की बधाई दी. उन्होंने माना कि RJD और कांग्रेस के बीच “फ्रेंडली फाइट” ने भी नुकसान पहुंचाया.

नेता जमीनी हकीकत से कटे हुए- मुमताज
कांग्रेस नेता मुमताज़ पटेल का बयान सबसे तीखा रहा. उन्होंने नेतृत्व पर तंज कसते हुए कहा कि “अब न बहाना चलेगा, न दोषारोपण”, पार्टी बार-बार इसलिए हार रही है क्योंकि सत्ता कुछ लोगों के हाथों में केंद्रित है जो ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ है.

हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने टिकट वितरण में अनियमितताओं की ओर इशारा किया और कहा कि यदि आरोप सही हों, तो कार्रवाई होने चाहिए. AIMIM के कांग्रेस से अधिक सीटों पर बढ़त पाने पर उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के लिए “चौंकाने वाली और चिंताजनक बात” है, खासकर इसलिए क्योंकि अतीत में कांग्रेस सीमांचल की कई सीटें जीतती रही है.

कुल मिलाकर, कांग्रेस के भीतर आत्ममंथन की जगह अब सीधी आलोचना और नेतृत्व पर सवाल तेज़ी से उभरकर सामने आने लगे हैं. बिहार का परिणाम उसके लिए एक बड़ा संकेत है.