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साबरमती सेंट्रल जेल | साबरमती सेंट्रल जेल में बंद आतंकवाद के आरोपी अहमद मोहियुद्दीन सैयद पर सोमवार को 3 कैदियों ने हमला कर दिया. घटना के तुरंत बाद गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) और रानिप पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जेल अधिकारियों के अनुसार, सैयद पर जेल परिसर के अंदर अचानक हमला किया गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने किसी चेतावनी के बिना हमला किया. घायल आतंकी ने अभी तक हमले के पीछे की स्पष्ट वजह साझा नहीं की है. घटना के बाद एटीएस की टीम तुरंत जेल पहुंची और स्थिति का आकलन किया. वहीं, जेल अधिकारियों ने घायल सैयद को तत्काल अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने बताया कि उनकी आंख, चेहरा और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं|
पुलिस और ATS कर रही मामले की जांच
इस हमले ने साबरमती सेंट्रल जेल की आंतरिक सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. जेल पहले भी तस्करी, अनधिकृत मोबाइल फोन और अन्य सुरक्षा उल्लंघनों जैसी घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है. सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं जेल की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती हैं. घटना की सूचना मिलते ही रानिप पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी. पुलिस और एटीएस की टीमें हमलावरों की पहचान और उनकी जांच में जुट गई हैं. शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला किसी आपसी विवाद का नतीजा था या जेल के भीतर कोई संगठित साजिश का हिस्सा. जेल अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जेल में भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को और कड़ा किया जा सकता है|

लखनऊ । बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar assembly elections) में कांग्रेस की करारी हार के बाद विपक्षी इंडिया गठबंधन में नेतृत्व परिवर्तन (leadership change) की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने कहा है कि पार्टी प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक राज्यों में से एक, उत्तर प्रदेश में अपने दम पर सरकार बनाने में सक्षम है।



नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछले 11 सालों से देश में सत्ता में है। वहीं 15 से अधिक राज्यों में भी अभी बीजेपी (BJP) या उसके सहयोगी दलों का शासन है। 2014 से बीजेपी की ताकत लगातार बढ़ती गई है। वर्तमान में बीजेपी (BJP) के 1600 से अधिक विधायक हैं। हम यह कह सकते हैं कि बीजेपी का स्वर्णिम काल चल रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई और उसके 89 विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।


