भारत की सबसे महंगी फिल्में बन रहीं करोड़ों के बजट में, ग्लोबल स्तर पर होगी रिलीज

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भारतीय सिनेमा अब केवल घरेलू दर्शकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसकी पहुंच ग्लोबल मार्केट तक तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि मेगा बजट फिल्मों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में तीन ऐसी फिल्में रिलीज़ होने वाली हैं, जिनका बजट, स्केल और विजन भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का दावा कर रहा है। इनमें शामिल हैं- महेश बाबू की वाराणसी, रणबीर कपूर की रामायण और अल्लू अर्जुन की फिल्म।

वाराणसी 

एस.एस. राजामौली और महेश बाबू की यह फिल्म भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े ग्लोबल प्रोजेक्ट्स में से एक मानी जा रही है। ‘वाराणसी’ को एक इंटरनेशनल ड्रामा बताया जा रहा है, जिसकी शूटिंग कई देशों में होगी। फिल्म का टीजर हाल ही में लॉन्च किया गया है। इसमें प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन भी काम कर रहे हैं। महेश बाबू इस फिल्म में अपने करियर का सबसे अलग और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाते नजर आएंगे। राजामौली पहली बार किसी फिल्म को हॉलीवुड स्तर के प्रोडक्शन मॉडल पर तैयार कर रहे हैं, जिससे इसकी चर्चा विदेशों तक पहुंच चुकी है।

रामायण 

नितेश तिवारी की ‘रामायण’ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा पैन-इंडिया प्रोजेक्ट माना जा रहा है। रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में दिखाई देंगे, वहीं भारी-भरकम सेट, वीएफएक्स और मल्टी-स्टारकास्ट इसे भविष्य की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करते हैं। यह फिल्म दो भागों में बनने की योजना के साथ शुरू हुई है और इसके पहले हिस्से से ही ग्लोबल रिलीज की उम्मीदें बेहद ऊंची हैं। मेकर्स इसे इंटरनेशनल ऑडियंस को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक से तैयार कर रहे हैं

AA 22 

अल्लू अर्जुन और एटली की यह पहली कोलैबोरेशन है, जो पहले ही अनाउंसमेंट से सुर्खियों में है। ‘AA 22’ को एक हाई-ऑक्टेन एक्शन ड्रामा बताया जा रहा है, जिसमें एटली की सिग्नेचर स्टाइल और अल्लू अर्जुन का स्टार पावर बड़ा धमाका करने वाला है। फिल्म का बजट साउथ इंडस्ट्री के इतिहास में सबसे ऊंचे स्तर पर बताया जा रहा है। मेकर्स इस फिल्म को मल्टी-लैंग्वेज और ग्लोबल मार्केट में बड़े स्केल पर रिलीज करने की तैयारी कर चुके हैं।

सर्दी में बीमारियों को न दें मौका, इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए करें ये आसान काम!

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 सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, गिरता तापमान और लगातार बदलता वातावरण लेकर आता है. ये ऐसे बदलाव हैं जो बॉडी की इम्यूनिटी पर नेगेटिव असर डालते हैं. यही कारण है कि इस मौसम में सर्दी-जुकाम, वायरल इंफेक्शन, खांसी और फ्लू जैसी बीमारियां तेजी से फैलती हैं|

सर्दियों में बढ़ाएं इम्यूनिटी

साइंटिफिक स्टडीज बताती हैं कि ठंड के दौरान हमारी नाक की कोशिकाओं की रोगाणुओं से लड़ने की क्षमता कम होती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत रखना सबसे जरूरी हो जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि रोजमर्रा के कुछ बदलाव हमें मौसमी बीमारियों से काफी हद तक बचा सकते हैं और शरीर को कुदरती तौर से इंफेक्शन से लड़ने के लिए तैयार करते हैं|
 
संतुलित भोजन करे

सर्दियों में सबसे पहले जरूरी है बैलेंस्ड डाइट. गर्मागर्म और पोषक भोजन न सिर्फ शरीर को ऊर्जा देते हैं बल्कि इम्यून सिस्टम को भी सक्रिय बनाते हैं. आहार में विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे संतरा, नींबू, आंवला और कीवी को शामिल करना चाहिए क्योंकि ये शरीर में एंटीऑक्सिडेंट कार्य करते हैं और प्रतिरक्षा कोशिकाओं को मजबूत बनाते हैं. साथ ही विटामिन-डी की कमी सर्दियों में आम हो जाती है क्योंकि धूप कम मिलती है, इसलिए थोड़ी देर धूप लेना और अंडे, मशरूम और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का सेवन फायदेमंद साबित होता है. प्रोटीन का अच्छा सोर्स दालें, अंडा, दूध और मेवे भी शरीर में एंटीबॉडी बनाने में मदद करते हैं, जिससे संक्रमण का असर कम होता है|
 
पानी पीने में कमी न करें

इस मौसम में पानी कम पिया जाता है, जबकि शरीर को हाइड्रेशन की उतनी ही जरूरत रहती है. ठंडी हवा त्वचा और श्वास तंत्र दोनों को सुखा देती है, जिससे वायरस आसानी से सक्रिय हो जाते हैं. गुनगुना पानी, सूप, हर्बल टी और काढ़ा न सिर्फ हाइड्रेशन बनाए रखते हैं बल्कि शरीर को गर्माहट भी देते हैं. अदरक, तुलसी, दालचीनी और हल्दी जैसे कुदरती तत्वों में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-वायरल गुण पाए जाते हैं जो इम्यून सिस्टम को एक्सट्रा प्रोटेक्शन देते हैं|

विटामिन डी की जरूरत

अमेरिकी की क्राइटन यूनिवर्सिटी ने एक क्लीनिकल ट्रायल में साबित किया कि कैसे विटामिन डी का उचित मात्रा में सेवन लाभकारी साबित इम्युनिटी के लिए अच्छा साबित हो सकता है. करीब 25 रैन्डमाइज्ड कंट्रोल ट्रायल्स में 10,933 प्रतिभागियों को शामिल किया गया था, जिसमें पाया गया कि नियमित रूप से विटामिन डी सप्लीमेंट लेने वालों में तीव्र श्वसन संक्रमण का जोखिम तकरीबन 19 फीसदी कम था. इसका मतलब यह है कि सर्दियों में जब धूप कम मिलती है और विटामिन-डी का स्तर गिर सकता है, तभी इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है और विटामिन-डी स्तर बनाए रखना प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभदायक हो सकता है|

वर्कआउट भी करें

रेगुलर एक्सरसाइज भी इम्यूनिटी को बढ़ाने का एक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीका है. अत्यधिक ठंड में बाहर न निकल पाने की स्थिति में घर पर हल्का वर्कआउट, योग, सूर्य नमस्कार, या 20–30 मिनट की स्ट्रेचिंग शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाती है. व्यायाम के दौरान शरीर साइटोकाइन्स नामक प्रोटीन छोड़ता है, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. इसके अलावा पर्याप्त नींद लेना भी उतना ही जरूरी है. रिसर्च के मुताबिक नींद की कमी से शरीर “इम्यून सेल्स” कम बनाने लगता है, जिससे संक्रमण का खतरा दोगुना बढ़ सकता है|

हाईजीन मेंटेन रखें

सर्दियों में हाइजीन का ध्यान रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है. हाथ धोना, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना और खांसी-जुकाम वाले व्यक्तियों से दूरी रखना संक्रमण के फैलाव को रोकने में उपयोगी है. जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियां हैं, उन्हें विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपायों का पालन करना चाहिए. बुजुर्ग, बच्चे और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग सर्दियों में विशेष जोखिम समूह में आते हैं और इन्हें आहार, नींद और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है|

भाजपा ने लालू-राबड़ी की सुरक्षा पर उठाए सवाल, कहा- रोहिणी को एफआईआर कराना चाहिए

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पटना। भाजपा के प्रवक्ता अजय आलोक ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबडी देवी की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है। साथ उन्होंने यह भी कहा कि रोहिणी को तत्काल एफआईआर कराना चाहिए। आलोक ने एक्स पर लिखा, ‘क्या लालू जी और राबड़ी देवी को क़ैद कर लिया गया हैं? जान पे खतरा? रोहिणी जी को एक एफआईआर करवानी चाहिए साथ में तेज प्रताप भी रहे। मिसा क्यों चुप हैं? लालू प्रसाद यादव इससे पहले इसी साल अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को घर और पार्टी से बेदखल कर चुके हैं। अब तेजप्रताप की बहन और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट की गई है।
बता दें कि बिहार के सबसे बड़े सियासी घराने में बवाल मचा हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने लगातार दूसरे दिन रविवार को भी अपना दर्द साझा किया। दिल्ली से सिंगापुर जाने के क्रम में रोहिणी एक बार फिर अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, राजद सांसद संजय यादव और इनके करीबी रमीज पर हमलावर रहीं। रोहिणी आचार्य ने रविवार को आरोप लगाया कि भाई तेजस्वी यादव के कुछ सहयोगी उनके बारे में कह रहे हैं कि मैंने अपने पिता को गंदी किडनी दी और इसके बदले करोड़ों रुपये व पार्टी का टिकट लिया। आचार्य ने भावुक होते हुए ‘एक्स’पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि किसी घर रोहिणी जैसी बेटी न हो।

रोहिणी ने कहा- मुझसे कहा गया गंदी किडनी दी
रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली। हाल में हुए बिहार चुनाव में राजद की हार के लिए रोहिणी ने अपने भाई तेजस्वी यादव के करीबी सहयोगियों, हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले राजद सांसद संजय यादव और उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रमीज, को जिम्मेदार ठहराया था। पिछले साल के आम चुनावों में सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाली आचार्य ने कहा, कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी, करोड़ों रुपये लिए, टिकट लिया।

किडनी देते वक्त पति की अनुमति नहीं ली- रोहिणी
रोहिणी ने कहा, मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनों बच्चों को नहीं देखा। किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली। अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वह कर दिया, जिसे आज गंदा बता दिया गया। आप सब मेरे जैसी गलती कभी न करें। किसी घर रोहिणी जैसी बेटी (पैदा) न हो। एक अन्य पोस्ट में लालू प्रसाद की बेटी ने आरोप लगाया, कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया। मारने के लिए चप्पल (भी) उठाया गया। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी।

भले चिट्ठी बैरन आए, पर हमें मालूम है जवाब किसे देना है 

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चाणक्य डिफेंस डायलॉग के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे जनरल उपेंद्र द्विवेदी 
आतंकवाद, पाकिस्तान और सीमा सुरक्षा पर की बेबाक टिप्पणी

नई दिल्ली। चाणक्य डिफेंस डायलॉग के उद्घाटन सत्र में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को देश की सुरक्षा नीति, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और भविष्य की युद्ध रणनीति पर कई तीखे और स्पष्ट बयान दिए। उन्होंने कहा कि डिटरेंस तभी काम करता है जब राजनीतिक इच्छाशक्ति हो, सैन्य शक्ति पर भरोसा हो और पर्याप्त क्षमता मौजूद हो और वर्तमान में भारत के पास तीनों हैं।  
जम्मू-कश्मीर के हालात पर बोलते हुए सीडीएस जनरल द्विवेदी ने कहा, कि धारा 370 हटने के बाद घाटी में सकारात्मक बदलाव हुए हैं। स्वतंत्रता दिवस के दौरान जो भ्रम पहले था, वह समाप्त हुआ और आतंकवाद में भारी कमी आई है। उन्होंने कहा कि अब नई भर्तियां लगभग बंद हो चुकी हैं और जिन 21 आतंकियों को मारा गया, उनमें 61 फीसद पाकिस्तान से आए थे। इसी दौरान पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, अगर कोई रोड़ा लगाएगा, तो हमें कार्रवाई करनी पड़ेगी। आतंकवादी और उनके आकाओं को जवाब देंगे ही। बैरन चिट्ठी भी आए तो हमें पता है किसे जवाब देना है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल 88 घंटे में खत्म होने वाला एक ट्रेलर था, पूरी पिक्चर अभी बाकी है। 

खून और पानी साथ नहीं बह सकते
फायरसाइड चैट में जनरल द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि भारत अब पुरानी नीति से आगे बढ़ चुका है और देश का न्यू नॉर्मल साफ है, बातचीत और आतंक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि जो भी राज्य आतंकवाद को समर्थन देगा, भारत उसे सीधे और स्पष्ट कार्रवाई से जवाब देगा। जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन पाकिस्तान को यह समझना होगा कि आतंकवाद का इस्तेमाल भारत पर दबाव बनाने के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, हम उन्नति की बात करते हैं, लेकिन अगर कोई रोक लगाएगा तो कार्रवाई जरूरी है। 

चीन से रिश्तों पर संतुलित रुख
उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2024 के बाद चीन के साथ संबंधों में सुधार हुआ है। हालांकि भारत की सीमा नीति बिल्कुल सख्त है। सुरक्षा चुनौतियों की बदलती प्रकृति को देखते हुए सेना को लंबी लड़ाई के लिए भी तैयार रहना होगा।

मणिपुर में लौट रही शांति 
मणिपुर की स्थिति पर सीडीएस ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद हालात में उल्लेखनीय सुधार हुआ। समुदायों में विश्वास बढ़ा है और प्रधानमंत्री की हालिया यात्रा से शांति प्रयासों को मजबूती मिली है। 

‘मुझे उनकी याद आती है…’ आश्रम की पम्मी ने बॉबी देओल को लेकर खोले दिल के राज

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बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने एक्टिंग में कमबैक करने के बाद वेब सीरीज ‘आश्रम’ से लोगों का खूब दिल जीता था. सीरीज में उन्होंने बाबा निराला का रोल निभाया. जिनकी टक्कर पम्मी यानि एक्ट्रेस अदिति पोहनकर से होती है. सीरीज के तीन पार्ट आ चुके हैं और तीनों ही ब्लॉकबस्टर हिट रहे अब अदिति ने एक्टर संग काम करने का एक्सपीरियंस शेयर किया और कहा उनकी बहुत याद आती है.

‘मुझे बॉबी सर की याद आती है’

दरअसल अदिति पोहनकर ने हाल ही में अपनी वेब सीरीज ‘आश्रम’ को लेकर एएनआई से बात की. इस दौरान उन्होंने बॉबी देओल को भी याद किया. एक्ट्रेस ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मैं कैसे कहूं, लेकिन मुझे बॉबी सर की याद आती है. ‘आश्रम’ में काम करना अद्भुत अनुभव था. वो बहुत अच्छे इंसान और बेहतरीन एक्टर भी हैं. हम लोगों ने सीरीज की शूटिंग करते हुए एकसाथ फैमिली की तरह वक्त बिताया था. हम लोगों ने तीन साल तक एक-दूसरे के साथ काम किया था.’  
अब कैसे रोल करेंगी अदिति?

एक्ट्रेस ने आगे अपने काम के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा, हर एक्टर एक ऐसी स्क्रिप्ट चाहता है जो अपने किरदार में कई रंग,कई परतें दिखा सके. मुझे लगता है कि ‘शी’, ‘आश्रम’ से आगे बढ़ने और ‘जिद्दी इश्क’ जैसी चीज पाने की जरूरत थी. मुझे लगता है ये कुछ ऐसा था, जिसका मैं इंतजार कर रही थी, क्योंकि ये सीरीज उस लड़की की एक बहुत ही अलग, मासूम, युवा और कमजोर को दिखाती है.’

अदिति पोहनकर का वर्कफ्रंट

अदिति पोहनकर आखिरी बार ‘मंडाला मर्डर्स’ में नजर आई थी. अब वो ‘जिद्दी इश्क’ में नजर आने वाली हैं, जो 21 नवंबर को हॉटस्टार पर रिलीज होने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इसका फैंस को भी बेसब्री से इंतजा है. फिल्म में एक्ट्रेस का एक बार फिर दमदार किरदार नजर आएगा.

लाखों किडनी मरीजों के लिए खुशखबरी! वैज्ञानिकों ने डैमेज किडनी को फिर बना दी बिल्कुल हेल्दी

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अगर किसी में क्रोनिक किडनी डिजीज है तो इसमें धीरे-धीरे किडनी की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती है. इससे एक्यूट किडनी इंज्युरी होने लगती है. ऐसी स्थिति में किडनी को किसी भी तरीके से ठीक नहीं किया जा सकता है. दुनिया भर में ऐसे लाखों किडनी के मरीज हैं जिन्हें या तो ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है और धीरे-धीरे मौत का इंतजार करना पड़ता है लेकिन अब उन लाखों मरीजों के लिए खुशखबरी है. वैज्ञानिकों ने चूहों में पूरी तरह से डैमेज किडनी डैमेज को दोबारा से हेल्दी बना दिया है. वैज्ञानिकों ने पहले पता लगाया कि किडनी के डैमेज होने का कारण क्या है जिससे एक्यूट किडनी इंज्युरी होती है. पहले यह जानते हैं कि एक्यूट किडनी इंज्युरी होती क्या है|

क्या होती है एक्यूट किडनी इंज्युरी

एक्यूट किडनी इंज्युरी में अचानक किडनी अपना काम करना बंद कर देती है. लेकिन इससे पहले किडनी के अंदर कई तरह की घटनाएं घटती रहती है. और यहां तक पहुंचने में बहुत समय लगता है. एक्यूट किडनी इंज्युरी के कई कारण हो सकते हैं. अगर किसी कारणवश किडनी तक खून न पहुंचे, किडनी से पेशाब निकालने वाला रास्ता ब्लॉक हो जाए, किडनी डैमेज हो जाए, शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो जाए,खून अचानक बहुत ज्यादा निकल जाए, कुछ इंफेक्शन हो जाए, एस्परीन, आइबूप्रोफेन दवा का ज्यादा इस्तेमाल, हार्ट अटैक, लिवर सिरोसिस, एलर्जी, किडनी में पहले से सूजन हो, कुछ कैंसर, नसें डैमेज हो जाए जैसी जटिलताएं एक्यूट किडनी इंज्युरी का कारण है. अगर किसी को एक्यूट किडनी डिजीज हो जाए तो इसका कोई इलाज नहीं है.

वैज्ञानिकों ने कैसे किया कारनाम

साइंस डेली के मुताबिक दरअसल, कोशिकाओं में एक फैटी मॉल्यूक्यूल होता है जिसका नाम सेरामाइड्स है. यह सेरामाइ़ड्स किडनी कोशिकाओं में पावर देने वाले माइटोकॉन्ड्रिया को डैमेज करने लगता है जिसके कारण गंभीर किडनी इंज्युरी हो जाती है. वैज्ञानिकों ने एक नई दवा से इन सेरामाइड्स मॉल्यूक्यूल के फंक्शन को ही पूरी तरह बदल दिया. इससे सेरामाइड्स जो पहले किडनी में चोट पहुंचाने का काम करता था, अब सामान्य हो गया और किडनी अपनी स्वभाविक प्रक्रिया के तहत दोबारा से खुद को रिजेनरेट करने लगा. यूनिवर्सिटी ऑफ उताह हेल्थ के शोधकर्ताओं ने यह कारनामा किया है. डिपार्टमेंट ऑफ न्यूट्रिशन एंड इंटीग्रेटिव फिजियोलॉजी के प्रोफेसर स्कॉट समर्स ने बताया कि हमने पहले सेरामाइड को निष्क्रिय करके एक्यूट किडनी इंजरी की पैथोलॉजी को पूरी तरह उलट दिया. जब ऐसा हुआ तो हम हैरान रह गए. इस प्रोसेस के बाद न सिर्फ़ किडनी की कार्यक्षमता सामान्य बनी रही बल्कि माइटोकॉन्ड्रिया भी पूरी तरह सुरक्षित हो गया. यह बेहद दुर्लभ प्रयोग था.

डॉक्टर पहले एक्यूट किडनी इंज्युरी का पता लगा सकेंगे

प्रोफेसर समर्स ने बताया कि किडनी इंज्युरी में सेरामाइड का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है. किडनी को नुकसान पहुंचने के तुरंत बाद यह और तेजी से बढ़ता है और इंज्युरी यानी किडनी में डैमैज जितनी गंभीर होती है सेरामाइड का स्तर उतना ही ज्यादा होता है. यह निष्कर्ष डॉक्टरों को एक नई चीज के बारे में बताएगा. इस टेस्ट के माध्यम से यह पहले जाना जा सकेगा कि किसी व्यक्ति में एक्यूट किडनी इंज्युरी हो सकता है. यूरिन में पाए जाने वाले सेरामाइड AKI- एक्यूट किडनी इंज्युरी के शुरुआती बायोमार्कर के रूप में काम कर सकते हैं, जिससे डॉक्टर उन मरीजों की पहचान पहले ही कर सकेंगे जो जोखिम में हैं. हार्ट अटैक या हार्ट सर्जरी वाले मरीजों में इसका खतरा ज्यादा रहता है. डॉक्टर हार्ट सर्जरी से पहले सेरामाइड्स के आधार पर इसका पता लगा सकता है. प्रोफेसर समर्स ने बताया कि अगर मरीज ऐसी प्रक्रिया से गुजर रहे हैं जिसके बारे में हमें पता है कि उससे AKI का जोखिम बढ़ता है, तो हम बेहतर अंदाज़ा लगा सकेंगे कि उन्हें वास्तव में यह समस्या होगी या नहीं|

नीतीश-मोदी की तस्वीर वाले लगे पोस्टर

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पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली प्रचंड जीत से हिंदू संगठन गदगद हैं। यहां जगह जगह नीतीश मोदी के पोस्टर लगाए गए हैं और उसमें बिहार की जीत को सनातन धर्म की जीत बताया जा रहा है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। बिहार में नई सरकार सरकार के शपथ लेने से पहले पटना में लगे एक पोस्टर की काफी चर्चा हो रही है। इस पोस्टर में नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर है। पोस्टर पर लिखा गया है, सनातन धर्म की जीत।बहरहाल आपको बता दें कि बिहार एनडीए की नई सरकार के शपथग्रहण समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। बिहार में मिले बड़े जनादेश का जश्न मनाने के लिए ऐतिहासिक स्थल पर शपथग्रहण का निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा देशभर के शीर्ष एनडीए नेताओं की मौजूदगी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ही उपमुख्यमंत्री और कुछ चुनिंदा मंत्री शपथ लेंगे। दरअसल चुनाव में एनडीए की जीत के बाद पटना में कई पोस्टरों के जरिए बधाई दी जा रही है। इसी कड़ी में सनातन धर्म की जीत लिखी पोस्टर भी लगाई गई है। इस पोस्टर में नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, सम्राट चौधऱी, विजय सिन्हा, मंगल पांडेय समेत कुछ अन्य दिग्गज नेताओं की तस्वीर भी है।

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लाल किला ब्लास्ट में दिल्ली से हुई पहली गिरफ्तारी

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नई दिल्ली। लाल किला ब्लास्ट में एनआईए को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एनआईए ने एक कश्मीरी के रहने वाले अमीर राशिद अली को गिरफ्तार किया है, जिसने आत्मघाती हमलावर उमर के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची थी। अमीर राशिद अली,जिसके नाम पर हमले में इस्तेमाल की गई कार पंजीकृत थी, को दिल्ली से गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस से केस अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए उसकी तलाश कर रही थी। जांच में पता चला कि आरोपी, जो जम्मू-कश्मीर के सांबूरा, पंपोर का रहने वाला है, ने कथित आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर यह हमला करने की योजना बनाई थी। अमीर दिल्ली आया था ताकि उस कार को खरीदने में मदद कर सके, जिसे बाद में आईईडी से लैस कर विस्फोट के लिए इस्तेमाल किया गया। एनआईए ने फोरेंसिक जांच में कार चलाने वाले मृत व्यक्ति की पहचान उमर उन नबी के रूप में की है, जो पुलवामा का रहने वाला था और फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय में जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर था। एजेंसी ने नबी की एक और गाड़ी भी जब्त की है, जिसे सबूतों के लिए जांचा जा रहा है। अब तक एनआईए ने 73 गवाहों से पूछताछ की है, जिनमें धमाके में घायल लोग भी शामिल हैं। यह धमाका 10 नवंबर को दिल्ली में हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, यूपी पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर एनआईए कई राज्यों में जांच कर रही है। एजेंसी बड़े नेटवर्क और साजिश का पता लगाने तथा हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

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तलाक की खबरों के बीच ऐश्वर्या शर्मा ने तोड़ी चुप्पी, नील भट्ट को लेकर दिया बड़ा बयान

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टीवी इंडस्ट्री की चर्चित जोड़ी ऐश्वर्या शर्मा और नील भट्ट पिछले कुछ समय से अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर सुर्खियों में है। दोनों के रिश्ते में दरार की खबरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा तेज हो गई। खास बात यह है कि इस पूरे मामले में जहां नील चुप रहे, वहीं ऐश्वर्या ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। एक लंबी पोस्ट शेयर कर उन्होंने उन तमाम आरोपों का जवाब दिया, जो पिछले कई दिनों से उन पर लगाए जा रहे थे।

तलाक की खबरों के बीच किया पोस्ट

नील भट्ट से अलगाव की अटकलों के बीच कई यूजर्स ने बिना सच्चाई जाने ऐश्वर्या पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कुछ ने उनके खिलाफ अपमानजनक बातें लिखीं तो कुछ ने पुरानी क्लिप्स जोड़कर उन्हें गलत ठहराने की कोशिश की। लंबे समय तक चुप रहकर सारी बातें सहने वाली ऐश्वर्या अब आगे आईं और कहा कि बिना किसी आधार के किसी पर उंगली उठाना कितना गलत है।

ऐश्वर्या बोलीं- ‘कभी किसी का नुकसान नहीं किया’

एक्ट्रेस ने अपनी पोस्ट में साफ कहा कि लोग जाने बिना धारणाएँ बना लेते हैं, जबकि सच जानने की कोशिश भी नहीं करते। उन्होंने लिखा कि जो भी उनके साथ काम कर चुका है, वह जानता है कि उन्होंने कभी किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। सेट पर उन्होंने हमेशा प्रोफेशनलिज़्म से काम किया और किसी को नीचा दिखाने या चोट पहुंचाने का कोई आरोप उन पर सही नहीं है।

सगाई के बाद से लगातार निशाने पर रही एक्ट्रेस

उन्होंने ये भी बताया कि ट्रोलिंग का सिलसिला नया नहीं है। उनकी सगाई के बाद ही लोगों ने उन पर तरह-तरह की बातें कहना शुरू कर दिया था। कई बार उन्होंने बातें अनदेखी कीं, मुस्कुराकर सब सहा, लेकिन लगातार फैलते झूठ और अफवाहों ने उन्हें बोलने के लिए मजबूर कर दिया। ऐश्वर्या के मुताबिक, उन्हें खुद बहुत बार ट्रोल किया गया, लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा कि शायद उन्हें ही निशाना बनाया जा रहा है।

‘अब अपनी गरिमा की रक्षा खुद करूंगी’

एक्ट्रेस ने बताया कि लोग सोशल मीडिया पर उन्हें नकारात्मक वीडियो और लिंक भेजते रहते हैं, जिनमें उनके खिलाफ मनगढ़ंत कहानियाँ गढ़ी जाती हैं। कुछ कंटेंट क्रिएटर व्यूज़ के लिए गलत बात फैलाते हैं, जबकि सच्चाई कोई नहीं देखता। ऐश्वर्या ने साफ कर दिया कि वो अब अपनी तरफ से अपनी बात मजबूती से रखेंगी और अपनी इमेज को बचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाएंगी।

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की बात करने वाले लोग भी बिना सोचे-समझे किसी अनजान व्यक्ति को जज कर देते हैं, जबकि उन्हें नहीं पता कि सामने वाला क्या झेल रहा है। चुप रहना कमजोरी नहीं होता, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि किसी को कुछ भी कहने का अधिकार मिल जाए।

कपल की लव स्टोरी और मौजूदा हालात

‘गुम है किसी के प्यार में’ के सेट पर शुरू हुई ये लव स्टोरी ‘बिग बॉस 17’ में और भी चर्चित हुई थी। दोनों की केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया, लेकिन अब रिश्ते में आई दूरी और मौजूदा विवाद ने फैंस को निराश किया है। इस बीच ऐश्वर्या का खुलकर सामने आना यह दिखाता है कि वह झूठे आरोपों के दबाव में नहीं झुकना चाहतीं।

 

दिमाग की नस कमजोर होने पर दिखाई देते हैं ये संकेत, तुरंत करें ध्यान

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दिमाग शरीर का सबसे जरूरी अंग हैं. दिमाग की नसों में गड़बड़ी होने पर इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है. दिमाग की नसों में कमजोरी के पीछे कई कारण हो सकता है. जैसे चोट लगना, पोषक तत्वों की कमी आदि. दिमाग की नसों में कमजोरी आने पर शरीर में कुछ लक्षण नजर आते हैं. इन लक्षणों की पहचान कर बड़ी समस्या से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं दिमाग की कमजोर नसें होने पर क्या संकेत नजर आते हैं|

अचानक तेज सिरदर्द होना 

अगर आपको अचानक तेज सिरदर्द होता है दवाई लेने के बाद भी यह दर्द कम नहीं होता है तो इसे नजरअंदाज ना करें यह दिमाग की नसों में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. दरअसल  दिमाग की नसें कमजोर होने पर ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन सर्कुलेशन में कमी आती है जिस वजह से तेज सिरदर्द होता है|

पूरे शरीर में झुनझुनी महसूस होना 

दिमाग की नसों में कमजोरी होने पर इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है. दरअसल पूरे शरीर में झुनझुनी महसूस होती है. झुनझुन की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाना चाहिए|

देखने में दिक्कत 

दिमाग की नसें कमजोर होने पर इसका असर आंखों की रोशनी पर भी पड़ता है. क्योंकि दिमाग की नसों का संबंध शरीर के हर अंग से होता है. वहीं दिमाग और आंखों की नसें जुड़ी होती है ऐसे में दिमाग की नसे कमजोर होती है तो आंखों पर जल्दी असर पड़ता है. दिमाग की नसे कमजोर होने पर धुंधला या डबल दिख सकता है. अगर आपको धुंधला या डबल दिख रहा है तो इसे नजरअंदाज ना करें|