वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला…दिल्ली-हरियाणा समेत 4 राज्यों को कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को भत्ता देने का आदेश

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Delhi Punjab Haryana Rajasthan GRAP Update: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को GRAP-3 के लागू होने के बाद बेरोजगार हुए मजदूरों को निर्वाह भत्ता देने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया था. मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इन चारों राज्यों की सरकारों को वायु प्रदूषण कम करने के लिए निवारक उपाय लागू करने और उनकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया.

दरअसल, वायु प्रदूषण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकारों ने कई तरह के प्रतिबंधों का एलान किया है. जिसमें ग्रेडेड एक्शन रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल (ग्रैप) के लेवल 3 पर बैन लगाया गया है. इसकी वजह से जिन राज्यों में वायु प्रदूषण काफी तेजी से बढ़ रहा है, उन राज्यों में निर्माण कार्यों में रोक लगा दी गई.

सुप्रीम कोर्ट ने 4 राज्यों को दिए निर्देश

राज्य सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद लाखों की संख्या में मजदूर बेरोजगार हो गए. जिसमें सुप्रीम कोर्ट को एक्शन लेना पड़ा. कोर्ट ने ऐसे 4 राज्यों को निर्देश दिया है कि ग्रैप-4 लागू करने वाले राज्य बेरोजगार मजदूरों को गुजारा भत्ता दिलाए. इसके साथ ही वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सही कदम उठाने और समीक्षा करने के भी आदेश दिए हैं.

हर महीने होगी समीक्षा

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी राज्य हर महीने वायु प्रदूषण की समीक्षा कर उसकी लिस्ट बनाएं. इस मामले की सुनवाई हर महीने की जाएगी ताकि ताजा हालातों पर नजर बनी रहे. वायु प्रदूषण को कम करने के प्रयासों का स्वागत है. लेकिन सभी पहलुओं और हितधारकों पर निर्णय लेते समय ध्यान रखना जरूरी है.

एक्ट्रेस अदिति मुखर्जी की एक्सीडेंट में दुखद मौत, सिर पर गंभीर चोट

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अदिति मुखर्जी | मराठी-हिंदी थिएटर और फिल्म एक्ट्रेस अदिति मुखर्जी (Aditi Mukherjee) की मौत हो गई है। इस खबर ने पूरे सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया है। उनका परिवार इस हादसे से सदमे में हैं। अदिति एक थियेटर प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए नोएडा जा रही थीं, जहां रास्ते में उनका एक्सीडेंट हुआ था और उनकी मौत हो गई। इस खबर ने किसी को हैरान कर दिया है। उनके दोस्तों को भी यकनी नहीं हो रहा है कि अदिति अब हमारे बीच नहीं रहीं।

थिएटर आर्टिस्ट की मौत 

अदिति मुखर्जी उड़ीसा की रहने वाली थीं और दिल्ली के महिपालपुर में अपने भाई के साथ रहती थीं, नोएडा के गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में होने वाले एक थिएटर कार्यक्रम के लिए जा रही थीं, जानकारी के अनुसार, अदिति जिस कैब में थी उसे एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी। यह टक्कर इतनी तेज थी कि अदिति गंभीर रूप से घायल हो गईं थी और उन्हें सिर में चोट आई थीं। आनन-फानन में उन्हें ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उन्हें बचाने की तमाम कोशिशें की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

भाई ने दी थी पुलिस को जानकारी 

अदिति के भाई, अरिदम मुखर्जी, इस घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि अदिति एक शो में भाग लेने के लिए नोएडा जा रही थीं, लेकिन तेज रफ्तार वाहन ने उनकी जान ले ली। अरिदम मुखर्जी के बयान के आधार पर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और दुर्घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन और ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है।

बीजेपी में सीएम, डिप्टी सीएम पद पर ‘नो चेंज’

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पटना।  बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार का सीएम बनना तय है. वहीं डिप्टी सीएम को लेकर भी तस्वीर साफ हो गई है. नीतीश कुमार जेडीयू विधायक दल के नेता चुने गए हैं. वहीं सम्राट चौधरी बीजेपी विधायक दल के नेता और विजय सिन्हा उपनेता चुने गए हैं. इसके साथ ही साफ हो गया है कि वही तिकड़ी एक बार फिर नई सरकार में नजर आएगी. पिछले तीन विधानसभा चुनाव की अगर बात करें, तो हर बार भाजपा अपने डिप्टी सीएम को बदल देती है. ऐसे में सवाल ये भी था कि क्या डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पद पर बने रहेंगे या बदल दिए जाएंगे. नई सरकार गठन की तैयारी जोरों पर है. आज बुधवार को एनडीए के विधायक दल की बैठक भी होनी है. गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में शपथ समारोह रखा गया है. लेकिन, इसके पहले बीजेपी और जेडीयू विधायक दल की बैठक में नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ हो गई है.

2005 से डिप्टी सीएम बनाने की परंपरा

बिहार में नीतीश कुमार जब से सत्ता में आए हैं, तब से डिप्टी सीएम बनाने की परंपरा चली आ रही है. 2005 में सुशील मोदी भाजपा के कोटे से डिप्टी सीएम बने थे. ये जोड़ी 2013 तक चली. नीतीश कुमार इसके बाद आरजेडी में शामिल हो गए. 2017 में जब नीतीश कुमार दोबारा एनडीए के साथ आए तो फिर सुशील मोदी डिप्टी सीएम बने. हालांकि इसके बाद से कोई दोबारा डिप्टी सीएम नहीं बन पाया.

तीन बार से बदलते रहे डिप्टी सीएम

2020 में सुशील मोदी की जगह पर दो डिप्टी सीएम बनाए गए. बीजेपी कोटे से तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को डिप्टी सीएम बनाया गया. लेकिन ज्यादा दिन तक ये पद पर नहीं रह पाए. नीतीश ने पाला बदला तो पूरा गेम पलट गया. लेकिन एक बार फिर 2024 में एनडीए की सरकार बनी तो फिर नए चेहरों को डिप्टी सीएम बनाया गया. वर्तमान में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम के पद पर हैं और अब नई सरकार में भी यही तिकड़ी नजर आएगी.

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तीन चुनावों से डिप्टी सीएम बदल रही बीजेपी, अबकी नहीं होगा कोई बदलाव, वही तिकड़ी आएगी नजर

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BJP Deputy CM face Bihar: बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नीतीश कुमार का सीएम बनना तय है. वहीं डिप्टी सीएम को लेकर भी तस्वीर साफ हो गई है. पिछले तीन विधानसभा चुनाव की अगर बात करें तो हर बार भाजपा अपने डिप्टी सीएम को बदल देती है. ऐसे में सवाल ये भी है कि क्या डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पद में बने रहेंगे या बदल दिए जाएंगे. नई सरकार गठन की तैयारी जोरों से शुरू है. आज बुधवार को एनडीए के विधायक दल की बैठक भी है. जिसमें मंत्रिमंडल विस्तार पर निर्णय लिया जा सकता है. गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में शपथ समारोह रखा गया है.

बिहार में अगर पिछले तीन विधानसभा चुनावों को देखा जाए तो हर बार लगभग डिप्टी सीएम बदल दिए गए. ऐसे में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम फिर बनेंगे या नहीं, इसको लेकर शक गहरा गया है. अब देखना यह होगा कि एनडीए इस तिकड़ी को बनाए रखती है या फिर बदल देगी. यह आज शाम तक तय होने की संभावना है.

2005 से डिप्टी सीएम बनाने की परंपरा
बिहार में नीतीश कुमार जब से सत्ता में आए हैं, तब से डिप्टी सीएम बनाने की परंपरा चली आ रही है. 2005 में सुशील मोदी भाजपा के कोटे से डिप्टी सीएम बने थे. ये जोड़ी 2013 तक चली. नीतीश कुमार इसके बाद आरजेडी में शामिल हो गए. 2017 में जब नीतीश कुमार दोबारा एनडीए के साथ आए तो फिर सुशील मोदी डिप्टी सीएम बने. हालांकि इसके बाद से कोई दोबारा डिप्टी सीएम नहीं बन पाया.

पिछले 3 चुनावों के बाद बदले गए डिप्टी सीएम
2020 में सुशील मोदी की जगह पर दो डिप्टी सीएम बनाए गए. बीजेपी कोटे से तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी डिप्टी सीएम बने. लेकिन ज्यादा दिन तक पद पर नहीं रह पाए. 2024 में एक बार फिर जब एनडीए की सरकार बनी तो फिर नए चेहरों को डिप्टी सीएम बनाया गया. वर्तमान में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा डिप्टी सीएम के पद पर हैं. अब देखना होगा कि इन्हें फिर से जिम्मेदारी दी जाएगी या फिर नए चेहरे को मौका मिलेगा. हालांकि इस बार के चुनाव में बंपर जीत मिली है. ऐसे में डिप्टी सीएम अपने पद पर बने रह सकते हैं.

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सत्ता बनाम संगठन की जंग तेज

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नई दिल्ली।   मप्र सरकार और संगठन की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल प्रदेश कार्यकारिणी घोषित करने के तुरंत बाद राज्य सरकार निगम-मंडलों की सूची जारी करने की रणनीति बना रही थी। दिल्ली से आए बीएल संतोष ने लिस्ट पर अपनी सहमति भी दे दी। लेकिन अब पता चल रहा है कि लिस्ट को लेकर पार्टी में विवाद खड़े हो गए हैं। क्योंकि अभी तक सरकार और संगठन ने अपने हिसाब से लिस्ट तैयार की थी। लेकिन संघ ने बीच में हस्तक्षेप कर सरकार और संगठन के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। Mukhbir को मिली सूचना के अनुसार संघ ने हर संभाग से एक नेता को निगम-मंडल में शामिल करने का निर्देश दिया है। संघ के हस्तक्षेप के बाद सूची को दोबारा तैयार किया जा रहा है। ऊपर से पूर्व सीएम उमा भारती का प्रदेश कार्यालय पहुंचना और अपने पसंदीदा समर्थकों को निगम-मंडल में शामिल करने के लिए कहना पार्टी के लिए समस्या का सबब बनता जा रहा है। गौरतलब है कि मंगलवार को उमा भारती भाजपा के प्रदेश कार्यालय पहुंची थी जहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक प्रदेश अध्यक्ष से गुप्त वार्ता की थी। जब वो बाहर आई तो मुस्कुरा रहीं थीं और प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल टेंशन में लग रहे थे। मतलब साफ है कि निगम-मंडल की नियुक्ति सरकार और संगठन के लिए टेढी खीर बनता जा रहा है। वहीं निगम-मंडलों की सूची में जितनी देरी होती जा रही है उतना ही संगठन पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भोपाल में डेरा जमा कर बैठ गए हैं। इस बीच जिस प्रकार से सीएम मोहन यादव लगातार दिल्ली दौड़ लगा रहे हैं उससे सरकार की बेचैनी का आलम भी समझा जा सकता है। मंगलवार को भी सीएम यादव दिल्ली दौरे पर थे जहां उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। माना यही जा रहा है कि निगम-मंडल पर सहमति बनाने और सूची को अंतिम टच देने के लिए सीएम दिल्ली गए थे। उम्मीद है सरकार और संगठन मिल कर हफ्ते भर के अंदर निगम-मंडलों की सूची को जारी कर देंगे।

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टिकट बिक्री की तारीखों का ऐलान, जानें कैसे करें बुकिंग

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भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20 | ओडिशा क्रिकेट संघ (ओसीए) ने मंगलवार को घोषणा की कि 9 दिसंबर को बाराबती स्टेडियम में होने वाले भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20 मैच के लिए ऑफलाइन (काउंटर) टिकटों की बिक्री 5 दिसंबर से शुरू होगी. ओसीए सचिव संजय बेहरा ने बताया कि बाराबती स्टेडियम में छह निर्धारित काउंटरों से टिकट खरीदे जा सकते हैं |

बेहरा ने कहा, “5 दिसंबर से, बाराबती स्टेडियम के छह ऑफलाइन काउंटरों पर टिकटों की बिक्री शुरू हो जाएगी और हमने भीड़ को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है. संबद्ध क्रिकेट संस्थाओं को टिकट 3 और 4 दिसंबर को दिए जाएंगे.”

1 दिसंबर से शुरू होगी ऑनलाइन टिकट बिक्री

ऑनलाइन टिकटों की बिक्री 1 दिसंबर से शुरू होगी. इस प्रक्रिया के लिए एक निजी एजेंसी को नियुक्त किया गया है. बेहरा ने कहा, “हमने इस बार ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली को और मजबूत किया है ताकि लेन-देन आसान हो और पिछले आयोजनों के दौरान प्रशंसकों को होने वाली तकनीकी गड़बड़ियों से बचा जा सके.”

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टी20 टिकट ऑनलाइन कैसे बुक करें-

सबसे पहले, भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका टी20 टिकट की कीमत देखने के लिए BookMyShow या Paytm Insider ऐप खोलें.
सीरीज़ खोजें, एक मैच चुनें और सीट मैप पर अपनी पसंदीदा जगह चुनें.
भुगतान UPI ​​या कार्ड के ज़रिए किया जाएगा और ई-टिकट आपके ईमेल पर भेज दिया जाएगा |
बुकिंग 1-2 हफ़्ते पहले शुरू होती है, इसलिए इसे न चूकें. भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच के लिए ऑनलाइन बुकिंग में कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं है; सब कुछ पारदर्शी है |
अगर आप ग्रुप में यात्रा कर रहे हैं, तो बल्क बुकिंग का विकल्प भी उपलब्ध है|

मैच में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद 

ओसीए सचिव संजय बेहरा ने कहा, “मैच के दिन दर्शकों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए बाराबती स्टेडियम में तैयारियाँ चल रही हैं. हमें भारत-दक्षिण अफ्रीका टी20 मैच में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है.” उन्होंने आगे कहा कि दर्शकों को परेशानी मुक्त और आनंददायक अनुभव प्रदान करने के लिए टिकट से लेकर स्टेडियम संचालन तक, सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है |

9 दिसंबर के मैच में राज्य भर से बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रशंसकों के आने की उम्मीद है, स्थानीय व्यवसाय और होटल भी इस भीड़ के लिए तैयार हैं. ओसीए द्वारा टिकट कैलेंडर को अंतिम रूप देने और अपनी बुकिंग व्यवस्था को मजबूत करने के साथ, कटक में होने वाले बहुप्रतीक्षित टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की उल्टी गिनती आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है |

“272 हस्तियों ने कांग्रेस पर लगाया बड़ा आरोप…चुनाव आयोग की साख खराब करने की कोशिश, जानें पूरा मामला

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Rahul Gandhi defaming Election Commission: कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रही है, जिसको लेकर देश के 272 प्रमुख हस्तियों ने पत्र जारी कर चुनाव आयोग की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है. पत्र में बिना सबूत गंभीर आरोप लगाकर संवैधानिक संस्थानों को कमजोर करने की साजिश बताया है.

चुनाव आयोग के समर्थन में लिखे गए पत्र में कहा गया है कि भारत का लोकतंत्र किसी बाहरी हमले से नहीं बल्कि “जहरीली राजनीतिक बयानबाजी” से चुनौती का सामना कर रहा है. विपक्ष हमेशा चुनाव आयोग के खिलाफ काफी सबूत होने का दावा करता है लेकिन कोई आधिकारिक रूप से शिकायत या हलफनामा नहीं देता. विपक्ष की यह दोहरी कार्यप्रणाली से यह साबित होता है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है, बल्कि यह केवल राजनीतिक रणनीति हैं.

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महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले महायुति सरकार में बढ़ी तानातनी

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कैबिनेट बैठक में नहीं पहुंचे शिवसेना के मंत्री
शिंदे की पार्टी भाजपा से नाराज, कार्यकर्ताओं को पाले में करने का आरोप

मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले मंगलवार को महायुति सरकार की साप्ताहिक कैबिनेट मीटिंग हुई। इसमें शिवसेना के ज्यादातर मंत्रियों नहीं पहुंचे। इससे महाराष्ट्र में राजनीति हलचल बढ़ गई है। सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में केवल शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मौजूद थे। सोर्स ने बताया कि शिवसेना अपने सहयोगी भाजपा को यह संदेश देना चाहती है कि उसे भाजपा का शिवसेना के कार्यकर्ताओं और नेताओं को अपने पाले में लाना पसंद नहीं है।
हाल ही में कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना के नेताओं के भाजपा में जाने की घटनाओं को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। हालांकि इसके बाद शिवसेना के मंत्री मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले और डोंबिवली की घटनाओं पर नाराजगी जताई।

मंत्रालय में मौजूद मंत्री बैठक में नहीं गए
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान शिवसेना के सभी मंत्री मंत्रालय में मौजूद थे। इसके बावजूद कैबिनेट मीटिंग का हिस्सा नहीं बने। बैठक के बाद शिवसेना के सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की।

कोई एक-दूसरे के कार्यकर्ता नहीं लेंगे
इस दौरान शिवसेना मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि हमने फडणवीस से मुलाकात की। उन्हें नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने साथ करने के मामले के बारे में बताया। वे बहुत सहयोगी हैं। ये गलतियां जमीनी स्तर पर होती हैं। इन्हें सुधारा जाएगा। वहीं, भाजपा नेता और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह तय हुआ है कि वे एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं को नहीं लेंगे। कुछ नाराजगी हो सकती है। हमारे मंत्री स्थानीय चुनावों में व्यस्त हैं। भाजपा के आठ मंत्री भी कैबिनेट बैठक में नहीं आए। किसी भी मंत्री ने बैठक का बहिष्कार नहीं किया।

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इन 3 टीमों की नज़र ग्लेन मैक्सवेल पर, लग सकती है मोटी बोली!

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आईपीएल 2026 मिनी ऑक्शन से पहले ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पंजाब किंग्स (PBKS) ने उन्हें रिलीज कर दिया है, जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि कई टीमें इस अनुभवी खिलाड़ी पर बड़ी बोली लगाने के लिए तैयार होंगी। मैक्सवेल 13 सीजन से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और चार अलग अलग फ्रेंचाइज़ियों के लिए खेल चुके हैं। हालांकि, 2025 का सीजन उनके लिए बेहद निराशाजनक रहा। वे केवल सात मुकाबले खेल सके, जिसमें उन्होंने 48 रन बनाए और चार विकेट हासिल किए।

इसके बाद वह चोट के चलते वे पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए, और उनकी अस्थिर फॉर्म ने पंजाब को बड़ा नुकसान पहुँचाया। यही कारण रहा कि PBKS ने उन्हें रिलीज करने का फैसला किया।अब, जब मैक्सवेल एक बार फिर ऑक्शन पूल में लौट चुके हैं, कई टीमें उनके अनुभव, आक्रामक बल्लेबाजी, उपयोगी ऑफ स्पिन और बेहतरीन फील्डिंग को देखते हुए उन्हें अपने स्क्वाड में शामिल करने की कोशिश कर सकती हैं। आइए जानते हैं तीन टीमें जो इस बार मैक्सवेल पर बोली युद्ध छेड़ सकती हैं:

1. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)

तीन बार की चैंपियन KKR के पास इस समय केवल दो विदेशी खिलाड़ी हैं और उन्होंने आंद्रे रसेल को भी रिलीज कर दिया है। ऐसे में एक विस्फोटक मिडिल ऑर्डर ऑलराउंडर की कमी साफ नजर आती है। मैक्सवेल इस भूमिका में बिल्कुल फिट बैठते हैं।सुनील नारायण के ओपनिंग करने और रोवमैन पावेल के 4–5 नंबर पर खेलने की उम्मीद है, ऐसे में मैक्सवेल KKR के मिडिल ऑर्डर को मजबूती दे सकते हैं। उनकी ऑफ स्पिन से ईडन गार्डन्स की धीमी पिच पर अतिरिक्त लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है।

2. राजस्थान रॉयल्स (RR)

2025 में RR का प्रदर्शन बेहद खराब रहा और वे नौवें स्थान पर रहे। शिमरोन हेटमायर भी फॉर्म में नहीं थे। टीम के पास जडेजा और सैम करन जैसे खिलाड़ी तो हैं, लेकिन एक और बहुमुखी ऑलराउंडर की जरूरत बनी हुई है। मैक्सवेल की आक्रामक बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी RR के मिडिल ओवरों को काफी मजबूत कर सकती है।

3. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)

CSK अपने अनुभव प्रधान अप्रोच के लिए जानी जाती है। उनके पास जैमी ओवरटन के अलावा कोई बड़ा विदेशी ऑलराउंडर नहीं है। मैक्सवेल की बहुमुखी भूमिका, उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों की समझ और CSK के खिलाफ पुराना अच्छा रिकॉर्ड उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है। इसलिए CSK भी उनकी रेस में आगे दिख सकती है।

दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल, AQI 400 के पार, 16 स्टेशन गंभीर कैटेगरी में…जानिए क्या करें?

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Delhi AQI: दिल्ली में ठंड के साथ प्रदूषण भी बढ़ता ही जा रहा है. बुधवार सुबह हवा की गुणवत्ता इतनी बिगड़ चुकी है कि लोगों के लिए सांस लेना तक मुश्किल हो गया है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने अपने ताजा आंकड़ों में दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 से ऊपर दर्ज किया है, जो सीधे ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है.

CPCB के अनुसार दिल्ली के अलावा हरियाणा और कुछ यूपी के इलाकों में भी हवा काफी खराब है. ग्रेटर नोएडा का AQI 452 तक दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में काफी खतरनाक स्तर पर है. दिल्ली का AQI भी 400 के पार है, जबकि NCR के कई शहर इससे भी अधिक खराब गुणवत्ता वाली हवा झेल रहे हैं.

प्रदूषण से बढ़ रही बीमारियां

दिल्ली की खराब हवा को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि यह अस्थमा, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियों को गंभीर रूप से बढ़ा रहा है. वर्तमान समय में दिल्ली की हवा बेहद खतरनाक लेवल पर है. अभी यह कुछ दिनों तक कम होते नहीं दिखाई दे रहा है. ऐसे में बचाव ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.

AQI कब खतरनाक होता है?

0–50: हवा साफ, किसी को खतरा नहीं
51–100: संतोषजनक, संवेदनशील लोगों को हल्की परेशानी
101–200: मध्यम, सांस और दिल के मरीजों को परेशानी
201–300: खराब, अधिकतर लोगों को दिक्कत महसूस होती है
301–400: बहुत खराब, सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं
401–500: गंभीर/खतरनाक, स्वस्थ लोगों को भी नुकसान, बीमार मरीजों की हालत बिगड़ सकती है

जहरीली हवा से कैसे बचें?

बाहर जाते समय N95 मास्क पहनें
सुबह और शाम वर्कआउट/जॉगिंग से बचें
घर की खिड़कियां बंद रखें, एयर प्यूरीफायर या फ़िल्टर का उपयोग करें
अधिक पानी पिएं और भाप लें
बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक बाहर न भेजें