बदरीनाथ धाम के कपाट हुए बंद, चार धाम यात्रा ने बनाया रिकॉर्ड 

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वर्ष 2024 के मुकाबले 4.35 लाख अधिक रही श्रद्धालुओं की संख्या 
51 लाख से अधिक यात्रियों ने किए चार धाम के दर्शन 
केदारनाथ में सर्वाधिक 17 लाख 68 हजार 795 तीर्थ यात्री पहुंचे 
बदरीनाथ धाम में 16 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन 

देहरादून। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारों धामों के कपाट शीतकाल के छह माह के लिए बंद हो गए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते कई दिनों तक यात्रा बाधित होने के बावजूद इस वर्ष भी यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस वर्ष 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए हैं। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 04 लाख 35 हजार 901 अधिक रही है। इस वर्ष 30 अप्रैल 2025 को श्री यमुनोत्री और श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद दो मई को श्री केदारनाथ धाम और चार मई को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले थे। केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पूर्व में बंद हो चुके हैं। आज श्री बदरीनाथ धाम के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस बार प्राकृतिक आपदाओं के चलते यात्रा कई दिनों तक बाधित होने के बावजूद यात्रियों की संख्या ने रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश सरकार के कुशल और बेहतर यात्रा प्रबंधन के चलते बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 04 लाख 35 हजार 901 अधिक श्रद्धालु चारधाम दर्शन को पहुंचे। बीते वर्ष कुल 46 लाख 69 हजार 074 तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर आए थे, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा रिकॉर्ड वृद्धि के साथ 51 लाख 04 हजार 975 पहुंच गया। केदारनाथ में सर्वाधिक 17 लाख 68 हजार 795 श्रद्धालु पहुंचे हैं। इसी प्रकार बदरीनाथ में 16 लाख 60 हजार 224, गंगोत्री में 07 लाख 57 हजार 010 और यमुनोत्री में 06 लाख 44 हजार 505 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। हेमकुंट साहिब में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 02 लाख 74 हजार 441 पहुंची है। इससे पहले वर्ष 2023 में 01 लाख 64 हजार 546 और वर्ष 2024 में 01 लाख 85 हजार 972 श्रद्धालु ने हेमकुंट साहिब शीश नवाने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा को सुगम, सुविधाजनक और सुरक्षित बनाया गया है। मानसून सीजन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं ने यात्रा को प्रभावित किया, इसके बावजूद यात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 
शीतकालीन यात्रा की तैयारियां हुई तेज 
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। बद्री विशाल भगवान की पूजा अब शीतकालीन प्रवास स्थल पांडुकेश्वर और नृसिंह भगवान मंदिर ज्योतिर्मठ में होगी। जबकि बाबा केदारनाथ की शीतकालीन पूजा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ, मां गंगा (गंगोत्री) की पूजा मुखबा और मां यमुना (यमुनोत्री) की पूजा खरसाली में होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्षभर तीर्थाटन/पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसी उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा पर जोर दिया जा रहा है। बीते वर्ष मुख्यमंत्री के अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीतकालीन यात्रा पर उत्तरकाशी जिले में पहुंचे थे। तब प्रधानमंत्री ने मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर मां गंगा की पूजा अर्चना की थी। मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारों धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों और अन्य सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों में ठहरने, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए। शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों के जरिए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पर्यटन विभाग शीतकालीन यात्रा और एडवेंचर टूरिज्म को लिंक कर सर्किट बनाने की योजना पर काम कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि पूरा साल कठिन चुनौतियों से भरा होने के बावजूद पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष चारधाम यात्रा पर अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। यात्रियों की सुरक्षा सदा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसके लिए यात्रा मार्गों को बेहतर बनाने के साथ ही धामों में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर दिए गए थे। यात्रा मार्ग, पड़ावों में सभी जरूरी सुविधाएं, बेहतर सड़कें, ट्रैफिक व्यवस्था और संचार सुविधा पर हमने विशेष फोकस किया। पहले सुविधाएं सीमित थी। यात्रियों के ठहरने की पुख्ता व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी सुविधाएं भी बढ़ाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य होने के बाद यात्री सुविधाएं बढ़ी हैं। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाया गया है। श्री बदरीनाथ धाम का मास्टर प्लान के अनुसार विकास किया जा रहा है। अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियों में भी यात्री सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष फोकस किया जा रहा है।  

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सबको पछाड़ा! इंडियन सिनेमा का सबसे महंगा डायरेक्टर वसूलता है इतनी भारी फीस

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फिल्म इंडस्ट्री | जब भी किसी नई फिल्म का अनाउंसमेंट होता है, तो सबसे पहले फिल्म का ‘बजट’ और एक्टर्स की ‘फीस’ चर्चा में रहती है. लेकिन कहानी को असली विजन देने वाला एक डायरेक्टर ही होता. जो फिल्म को लोगों के सामने किस तरह पेश करेगा, यह हमेशा से बड़ा सवाल रहा है. इस वक्त कई बड़ी फिल्मों पर काम चल रहा है. कहीं रामायण को 4000 करोड़ से बनाया जा रहा है, तो एक तरफ वाराणसी है, तो कहीं कुछ और. पर क्या आप जानते हैं कि वो कौन सा डायरेक्टर है, जो एक फिल्म के लिए सबसे तगड़ी फीस वसूलता है?

यूं तो जब भी भारत के सबसे महंगे एक्टर की बात होती है, तो जुबां पर सबसे पहले अल्लू अर्जुन का नाम ही आ जाता है. जिनकी ‘पुष्पा 2’ की फीस 300 करोड़ बताई गई थी. जबकि शाहरुख खान, सलमान खान जैसे सुपरस्टार्स प्रॉफिट शेयरिंग पर ही डील करते हैं. वैसे तो अब कई डायरेक्टर्स भी कुछ परसेंट के हिसाब से प्रॉफिट शेयरिंग पर ही बात पक्की करते हैं. लेकिन 200 करोड़ फीस लेने वाले डायरेक्टर के बारे में आपको बता देते हैं |

इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का सबसे महंगा डायरेक्टर कौन?

इस वक्त बिग बजट फिल्में बनना आम बात हो गई है. लेकिन जिस डायरेक्टर के विजन और कहानी कहने के अंदाज ने सबका दिल जीता, वो है- SS RAJAMOULI. इस वक्त वो ‘वाराणसी’ पर काम कर रहे हैं, जिसका बजट 1300 करोड़ रुपये हैं. वहीं महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा बतौर लीड फिल्म में नजर आने वाले हैं. हालांकि, उनकी पिछली फिल्म RRR रही थी, जिसमें डायरेक्टर साहब ने प्रॉफिट शेयरिंग पर डील की थी. दरअसल राम चरण और जूनियर एनटीआर की फिल्म ने दुनियाभर से 1200 करोड़ का कारोबार किया था.  रिपोर्ट के मुताबिक, वो इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के सबसे महंगे डायरेक्टर हैं. एक फिल्म के लिए 200 करोड़ की तगड़ी फीस वसूलते हैं |

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर संदीप रेड्डी वांगा का नाम आता है. जिनकी साल 2023 में आई एनिमल ने 915 करोड़ का कारोबार किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो एक पिक्चर के लिए 100 करोड़ तक फीस वसूलते हैं. साथ ही KGF CHAPTER 1 के डायरेक्टर प्रशांत नील की फीस भी 100 करोड़ ही है. यानी दूसरे और तीसरे नंबर के डायरेक्टर बराबरी पर है. जबकि, राजकुमार हिरानी की फीस 80 करोड़, सुकुमार की 75 करोड़ और संजय लीला भंसाली की 55-65 करोड़ फीस है |

वाराणसी के लिए नहीं ली कोई फीस?

दरअसल एस.एस. राजामौली ने अपनी फिल्म ‘वाराणसी’ के लिए फिलहाल कोई फीस नहीं ली है. उन्होंने एक प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल अपनाया है, जिसमें उन्हें मुनाफे में से हिस्सा मिलेगा |

पश्चिम बंगाल में सीएम ममता बनर्जी एंटी एसआईआर विरोधी रैली में बोलीं- चुनाव आयोग अब बन गया है भाजपा आयोग

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बोनगांव। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था नहीं रहा, यह भाजपा आयोग बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें बंगाल में चुनौती दी गई, तो वे पूरे देश में भाजपा की नींव हिला देंगी। ममता बोनगांव में एंटी-एसआईआर रैली में को संबोधित कर रही थीं। ममता ने दावा किया कि यदि राज्य के मतुआ-बहुल क्षेत्रों में रहने वाले लोग नागरिकता (संशोधन) अधिनियम -सीएए के तहत स्वयं को विदेशी घोषित करते हैं, तो उन्हें तुरंत मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। सीएम ममता ने एसआईआर को लेकर भाजपा और केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि एक एसआईआर पूरा होने में तीन साल लगते हैं। हमने इसका कभी विरोध नहीं किया, बस इतना ही कहा कि किसी भी वास्तविक वोटर का नाम नहीं काटा जा सकता।  
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने दफ्तर में बैठकर लिस्ट फिक्स कर रही है। सीएम ममता ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि ईसीआई का काम निष्पक्ष रहना है, भाजपा कमीशन बनना नहीं। अगर आप (वोटर) अवैध हैं, तो 2024 में आपने जिस सरकार को वोट दिया था, वह भी अवैध है। उन्होंने मतुआ समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी असली वोटर हैं। आपने 2014 में मोदी सरकार को वोट दिया था। अगर आप अवैध हो गए, तो वह सरकार भी अवैध हो जाएगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर विरोधी रैली में केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के नाम पर बंगाल के लोगों को डराया जा रहा है और यह पूरी कवायद राजनीतिक मकसद से की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा मेरे खेल में मुझसे लड़ नहीं सकती, मुझे हरा नहीं सकती। अगर भाजपा ने बंगाल में मुझ पर हमला करने की कोशिश की, तो मैं पूरे भारत में उसकी नींव हिला दूंगी। इससे पहले, सीएम ममता बनर्जी सडक़ मार्ग से नॉर्थ 24 परगना जिले के मतुआ बाहुल्य बनगांव पहुंचीं। सीएम ममता ने भाजपा पर साजिश कर हेलीकॉप्टर की उड़ान रोकने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी पार्टी नहीं चाहती थी कि मैं यहां आऊं। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि भाजपा को बार-बार कहती हूं, मेरे साथ खेलने की कोशिश मत करो। चाहे जितनी एजेंसियां लगा दो, चाहे पूरी केंद्र सरकार की ताकत लगा दो, मेरे साथ खेल नहीं पाओगे। सीएम ममता ने दावा किया कि चुनाव से पहले पैसे बांटने की कोशिश होगी,लेकिन लोग पैसे ले लेंगे और फिर भी भाजपा को वोट नहीं देंगे।

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रोहित का रिकॉर्डतोड़ सफर, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बल्लेबाज़ी में दिखा क्लास

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क्रिकेट | भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज के बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली खेलते हुए नजर आएंगे। वनडे सीरीज की शुरुआत 30 नवंबर से होने वाली है और सीरीज का पहला मैच रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस सीरीज के दौरान एक बार फिर फैंस को रोहित शर्मा से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। इस टीम के खिलाफ वनडे में उनका रिकॉर्ड कैसा है, आइए जानते हैं।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में कैसा है रोहित का रिकॉर्ड?

रोहित शर्मा की बात करें तो वनडे सीरीज में उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ अब तक अच्छी बल्लेबाजी की है। इस टीम के खिलाफ उन्होंने अब तक 26 वनडे मैच खेले हैं और वहां उन्होंने अब तक 25 पारियों में 33.58 के औसत से 806 रन बनाए हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में हिटमैन के बल्ले से 3 शतकीय पारियां देखने को मिली है और साथ ही में वह दो अर्धशतक भी लगा चुके हैं। इस टीम के खिलाफ उन्होंने वनडे में 82.66 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग की है।

ऑस्ट्रेलिया में रोहित शर्मा ने लगाया था शतक

रोहित शर्मा इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते हुए नजर आए थे। इस सीरीज के तीन मैच में उनके बल्ले से 202 रन आए थे। ऑस्ट्रेलिया सीरीज के पहले मैच में वह सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद दूसरे मैच में उन्होंने 73 रन बनाए थे और आखिरी मैच में शतक लगाकर उन्होंने टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। तीसरे वनडे में रोहित ने नाबाद 121 रन की पारी खेली थी। अब आगामी सीरीज में भी रोहित इसी फॉर्म को बरकरार रखना चाहेंगे।

इस साल वनडे में रोहित के आंकड़े हैं शानदार

इस साल रोहित ने वनडे क्रिकेट में अभी तक कमाल का प्रदर्शन किया है। 2025 में रोहित ने अब तक 11 वनडे मैच खेले हैं और वहां उनके बल्ले से 50.40 के औसत से 504 रन आए हैं। वह अब तक दो अर्धशतक और दो शतक लगा चुके हैं और उनका स्ट्राइक रेट 97.86 का रहा है। रोहित के ही कप्तानी में इस साल भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। लेकिन अब वह बतौर खिलाड़ी खेल रहे हैं।

नीतीश कैबिनेट ने पहली बैठक में बिहार में छह प्रस्तावों को मंजूरी दी

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पटना । नीतीश कैबिनेट (Nitish Cabinet) ने पहली बैठक में (In its First Meeting) बिहार में छह प्रस्तावों को मंजूरी दी (Approved six proposals in Bihar) । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई इस बैठक में सभी मंत्रियों ने हिस्सा लिया।

बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य में सुनियोजित एवं गुणवत्ता युक्त शहरी विकास के लिए 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के विकास के सैद्धांतिक सहमति तथा प्रस्ताव तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इनमें नौ प्रमंडलीय मुख्यालय के अलावा सीतामढ़ी और सोनपुर को शामिल किया गया है।

बैठक में बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इसमें विशेषज्ञों को परामर्श के रूप में शामिल किया जाएगा। समिति छह महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।

इसके अलावा, कैबिनेट की बैठक में राज्य में नए चीनी मिलों की स्थापना एवं पुराने बंद पड़े चीनी मिलों के पुनरुद्धार से संबंधित नीति निर्धारण और कार्य योजना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति के गठन करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।

कैबिनेट की बैठक में राज्य के प्रतिभाशाली उद्यमियों एवं युवाओं को राज्य अंतर्गत स्टार्टअप एवं अन्य न्यू एज इकोनॉमी प्रक्षेत्र के रोजगारोन्मुखी गतिविधियों को विस्तारित, प्रोत्साहित करने के लिए कार्य योजना के निर्माण करने एवं उसके क्रियान्वयन के लिए शीर्ष समिति के गठन की स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट की बैठक में बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत प्रतिभावान व्यक्तियों और कंपनियों की सहायता ली जाएगी।

फैंस का जबरदस्त क्रेज! ‘तेरे इश्क में’ ने एडवांस बुकिंग से बनाई कमाई का नया रिकॉर्ड

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धनुष और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘तेरे इश्क में’ 28 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फैंस इस फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं अब फिल्म के आने में कुछ ही दिन बाकी हैं, ऐसे में मेकर्स ने इसकी एडवांस बुकिंग शुरू कर दी है। इस फिल्म ने पहले ही दिन अच्छी कमाई कर ली है और इसकी एडवांस बुकिंग तेजी से बढ़ रही है।

एडवांस बुकिंग से बिके कितने टिकट?

रिपोर्ट के अनुसार, ‘तेरे इश्क में’ ने दो दिनों में एडवांस बुकिंग से भारत में 4,950 शो में लगभग 44,320 टिकट बेचे हैं, जिनकी प्री-सेल कुल 2.53 करोड़ रुपए है। शुरुआती आंकड़े काफी अच्छे हैं, जिससे पता चलता है कि फिल्म ने इस साल बॉक्स-ऑफिस पर एक और बड़ी सफलता बनने की संभावना है। हालांकि, अगर एडवांस बुकिंग अच्छी रही, तो फिल्म रिलीज से पहले ही अच्छी कमाई कर सकती है। इन आंकड़ों को देखने के बाद कहना है कि यह फिल्म पहले दिन 10-12 करोड़ तक की कमाई करेगी।

हिंदी के अलावा किन भाषाओं में रिलीज होगी ‘तेरे इश्क में’

फिल्म ‘तेरे इश्क में’ को आनंद एल राय ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म के जरिए धनुष और डायरेक्टर आनंद एल राय तीन साल बाद वापसी कर रहे हैं। दोनों आखिरी बार 2021 में रिलीज हुई ‘अतरंगी रे’ में नजर आए थे। यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज हुई थी। वहीं ‘तेरे इश्क में’ की बात करें, तो यह एक इंटेस लव स्टोरी है, जो धनुष और कृति सेनन के इर्द-गिर्द घूमती है। इस फिल्म की कहानी हिमांशु शर्मा और नीरज यादव ने मिलकर लिखी है। यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु में दुनिया भर में रिलीज होने वाली है। फिल्म में धनुष के साथ कृति सेनन लीड रोल प्ले किया है। इस फिल्म को सबसे अच्छी रोमांटिक ड्रामा में से एक माना जा रहा है और अगर यह दर्शकों को पसंद आ जाती है, तो यह बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई करेगी, क्योंकि इस साल रोमांटिक फिल्मों का ट्रेंड काम कर गया है।

शिवसेना सांसद ने स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की, कहा- करोड़ों लोगों की जिंदगी खतरे में

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मुंबई।  शिवसेना (बीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने खाने की चीजों में रंगों का इस्तेमाल की शिकायत करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लेटर लिखा। इसमें उन्होंने कहा- भुने चने और दूसरे खाने-पीने की चीजों में गैर-कानूनी तरीके से ऑरामाइन नाम की खतरनाक डाई मिलाई जा रही है, जो कैंसर पैदा कर सकती है। लेटर में प्रियंका ने लिखा कि ऑरामाइन डाई कपड़े और चमड़े में रंगने के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन कुछ लोग इसे खाने की चीजों में डालकर उन्हें चमकदार और रंगीन बना रहे हैं। यह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स एक्ट का उल्लंघन है।
प्रियंका ने आगे बताया कि यह सिर्फ कानून तोडऩा नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की सेहत और जिंदगी को खतरे में डालना है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की निगरानी में बड़ी चूक हो रही है।

खतरों के बावजूद मिलावट पर रोक नहीं लग रही
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इतना खतरनाक होने के बाद भी ऑरामाइन डाई की मिलावट पर रोक नहीं लग पाई है। इसके लिए उन्होंने 4 कारण बताएं…पहला बाजार की जांच कमजोर है, दूसरा नियमित टेस्टिंग नहीं हो रही, तीसरा लोगों को चेतावनी देर से दी जा रही और चौथा कानून लागू करने में ढिलाई है।

नेशनल हेल्थ अलर्ट जारी किया जाए
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि ऑरामाइन मिलावट पर राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया जाए। भुने चने और अन्य खाद्य पदार्थों की देशभर में जांच हो। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही कहा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की व्यवस्था में कहां कमी है, इसका आंतरिक ऑडिट भी होना चाहिए।

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सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने ध्वजारोहण समारोह में नहीं बुलाए जाने का आरोप लगाया

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लखनऊ। फैजाबाद (अयोध्या) संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण से जुड़े समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मंगलवार को ‘एक्स’ खाते पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘रामलला के दरबार में धर्म ध्वजा स्थापना कार्यक्रम में मुझे न बुलाए जाने का कारण मेरा दलित समाज से होना है। तो यह राम की मर्यादा नहीं, किसी और की संकीर्ण सोच का परिचय है। राम सबके हैं। मेरी लड़ाई किसी पद या आमंत्रण को लेकर नहीं है, बल्कि सम्मान, बराबरी और संविधान की मर्यादा के लिए है।’’ उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा था, ‘‘मुझे अभी तक राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह का न्योता नहीं मिला है। यदि मुझे न्योता मिला तो सारा काम धाम छोड़कर मैं नंगे पैर ही वहां जाऊंगा…!’’
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, साधु-संतों, आदिवासियों समेत अनेक श्रद्धालुओं-मेहमानों की मौजूदगी में ध्वजारोहण किया। 

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तेज प्रताप यादव को खाली करना होगा सरकारी घर, नए मंत्री को मिलेगा आवास

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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। तेज प्रताप यादव सरकारी आवास को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप को विधानसभा चुनाव से पहले पारिवारिक विवाद के चलते घर से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। हालांकि जनता ने उन्हें समर्थन नहीं दिया और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।

अब उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि तेज प्रताप यादव को मिला सरकारी आवास नियमों के अनुसार केवल विधायक रहने तक ही अपने पास रखा जा सकता है। तेज प्रताप अब विधायक नहीं हैं, इसलिए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें यह घर जल्द ही खाली करना होगा।

सूत्रों के अनुसार, तेज प्रताप यादव का 26M स्टैंड रोड स्थित आवास अब एनडीए सरकार में शामिल मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन को आवंटित किया गया है। मंत्री को तुरंत सरकारी आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऐसे में तेज प्रताप के पास सरकारी घर खाली करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

बिहार की सियासत में तेज प्रताप यादव पहले ही कई विवादों का सामना कर चुके हैं। पारिवारिक तनातनी और राजनीतिक फैसलों की वजह से वे लगातार सुर्खियों में रहते हैं। अब सरकारी आवास का मुद्दा उनके लिए एक और चुनौती बनकर सामने आया है।

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भारत की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, GDP ग्रोथ 7.3% पहुंचने का अनुमान

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नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच अपनी रफ़्तार बनाए हुए है, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की जीडीपी (GDP) 7.3% की दर से बढ़ने की उम्मीद है. यह आंकड़ा सुनने में शानदार लगता है, खासकर तब जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का दबाव बना हुआ है. इस तिमाही की ग्रोथ स्टोरी के असली हीरो ‘गांव’ और ‘सरकार’ हैं. जहां एक तरफ प्राइवेट कंपनियों ने अपने हाथ खींच रखे हैं, वहीं ग्रामीण भारत ने जमकर खर्च किया है. अच्छी बारिश और बेहतर खेती के चलते गांवों में मांग बढ़ी है.

घरेलू खपत (Household Consumption), जो हमारी पूरी अर्थव्यवस्था का लगभग 60% हिस्सा है, पिछली तिमाही में काफी मजबूत रही. इसका सीधा मतलब है कि लोग सामान खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में पैसा घूम रहा है. इसके साथ ही, सरकार ने भी विकास कार्यों पर अपना खर्च जारी रखा है, जिससे अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार मिला. तस्वीर का दूसरा पहलू थोड़ा चिंताजनक है. शहरी मांग सुस्त पड़ी है और प्राइवेट कंपनियां नया निवेश (Capex) करने से कतरा रही हैं. इसकी एक बड़ी वजह वैश्विक अनिश्चितता है.

अगस्त में डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% करने के फैसले से बाजार सहमा हुआ है. इसका असर यह हुआ कि विदेशी निवेशकों ने इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजार से करीब 16 अरब डॉलर (net outflow) निकाल लिए हैं. डॉयचे बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक दास का मानना है कि जब तक वैश्विक माहौल ठीक नहीं होता, प्राइवेट सेक्टर खुलकर खर्च करने की स्थिति में नहीं होगा.

यहाँ एक पेंच और भी है जिसे समझना जरूरी है. कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह 7.3% की ग्रोथ थोड़ी बढ़ा-चढ़ाकर दिख रही है. इसका कारण है ‘डिफ्लेटर’ (Deflator) का कम होना. आसान भाषा में समझें तो जब महंगाई (Inflation) बहुत कम होती है, तो जीडीपी के ‘रियल’ आंकड़े तकनीकी रूप से बेहतर दिखते हैं.

थोक महंगाई न के बराबर थी और खुदरा महंगाई भी जुलाई-सितंबर के बीच औसतन 2% के आसपास रही. इसने सांख्यिकीय रूप से (Statistically) ग्रोथ रेट को ऊपर उठा दिया, जबकि जमीनी हकीकत में नॉमिनल ग्रोथ (बिना महंगाई समायोजन के) कमजोर हो सकती है. एलएंडटी फाइनेंस की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी ठाकुर के मुताबिक, यह सांख्यिकीय सहारा इस वित्त वर्ष के अंत तक बना रह सकता है.

आने वाला समय थोड़ा मिला-जुला रहने वाला है. जीएसटी (GST) में हाल ही में की गई कटौतियों से उम्मीद थी कि लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा और वे खर्च बढ़ाएंगे. लेकिन एएनजेड (ANZ) के अर्थशास्त्री धीरज निम का कहना है कि भारतीय परिवार पहले से ही भारी कर्ज में डूबे हैं, इसलिए टैक्स कटौती से बची रकम शायद खर्च होने के बजाय कर्ज चुकाने में चली जाए. अर्थशास्त्री भविष्य को लेकर भी थोड़े सतर्क हैं. अनुमान है कि अगली तिमाहियों में विकास दर थोड़ी धीमी पड़कर 6.8% और मार्च 2026 तक 6.3% तक आ सकती है. आधिकारिक आंकड़े शुक्रवार, 28 नवंबर को जारी किए जाएंगे, जिससे तस्वीर पूरी तरह साफ़ हो पाएगी.