‘मैं पार्टी को शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहता’, CM पद को लेकर बवाल के बीच बोले डीके शिवकुमार

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कनकपुरा। कर्नाटक (Karnataka) के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) ने मंगलवार को कहा कि वह पार्टी को किसी भी हाल में शर्मिंदा (Embarrass) या कमजोर नहीं करना चाहते। कांग्रेस में सीएम पद (CM Post) को लेकर चल रहे आंतरिक झगड़े पर मीडिया के कई सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने अपने ‘जमीर’ की बात की और कहा कि सब कुछ उसी के मुताबिक होना चाहिए। शिवकुमार ने कनकपुरा में कहा, ‘मैं जमीर पर यकीन करता हूं। हमें जमीर या अंत:करण के मुताबिक काम करना चाहिए। मैं पार्टी को शर्मिंदा या कमजोर नहीं करना चाहता।’

जब शिवकुमार से पूछा गया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली गए हैं और राहुल गांधी से सत्ता हस्तांतरण पर बात करने वाले हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। यह 5-6 लोगों के बीच का गुप्त मामला है। मैं इसे खोलकर नहीं बताऊंगा। सीएम सिद्धारमैया एक सीनियर नेता हैं और हमारी पार्टी की बड़ी संपत्ति हैं। वह 7.5 साल से सीएम हैं। उन्होंने खुद कहा है कि अगला बजट वह पेश करेंगे। मुझे बहुत खुशी है। उन्होंने विपक्ष के नेता के तौर पर कड़ी मेहनत की है। उन्होंने पार्टी को मजबूत बनाया है। हम सबको मिलकर 2028 और 2029 के चुनावों के लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।’

शिवकुमार से जब पूछा गया कि क्या लोग उनके सीएम बनने की प्रार्थना कर रहे हैं, तो उन्होंने भावुक होकर जवाब दिया, ‘अब मेरे सत्ता में आने की प्रार्थना करने से बेहतर है कि मैं उन प्रार्थनाओं को न भूलूं, जो मेरी माताओं, युवाओं और बुजुर्गों ने कीं, जब मैं जेल गया था। उन्होंने मंदिरों में पुजारियों से मेरे लिए दुआएं मांगीं। भाजपा के दौर में जब मैं जेल से रिहा हुआ, तो लोगों ने पुलिस की धमकी के बावजूद बिना डरे मेरा स्वागत किया। कई लोगों ने मेरी रिहाई तक चप्पल नहीं पहनी। आज मैं डिप्टी सीएम और पार्टी अध्यक्ष हूं। मुश्किल वक्त में दी गईं वो दुआएं मुझे खुद पर यकीन दिलाती हैं, जो मेरे लिए बहुत खास हैं।’

कुछ विधायकों के दिल्ली जाने और उन्हें सीएम बनाने की कोशिश पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, ‘जो लोग मंत्री बनने की इच्छा रखते हैं, वे गए हैं। मुझे सीएम बनाने की कोशिश के बारे में नहीं पता। मैंने उन्हें नहीं बुलाया, न भेजा। मैं यह नहीं पूछूंगा कि तुम क्यों गए।’ बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच पिछले लंबे समय से सबकुछ ठीक नहीं होने की खबरें आ रही हैं। शिवकुमार के कई समर्थकों का कहना है कि दोनों नेताओं को 2.5-2.5 साल के लिए मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी, हालांकि सिद्धारमैया इससे इनकार करते हैं।

टेंबा बावुमा का धमाका! 25 साल बाद रिकॉर्ड टूटकर फिर बना इतिहास

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क्रिकेट |  बौना…इस शब्द का इस्तेमाल जसप्रीत बुमराह ने साउथ अफ्रीकी कप्तान टेंबा बावुमा के लिए किया था. कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में बावुमा को इस शब्द से पुकारने वाले बुमराह ही नहीं बल्कि टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी समझ गए होंगे कि बावुमा का सिर्फ कद छोटा है लेकिन उनकी कप्तानी, उनका खेल, उनका प्रदर्शन आसमान से भी ऊंचा है. भारत के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट जीतते ही साउथ अफ्रीका के कप्तान बावुमा ने इतिहास रचा है. उनकी कप्तानी में एक ऐसा कमाल हुआ है जिसके लिए साउथ अफ्रीका 25 सालों से तरस रहा था |

टेंबा बावुमा ने रचा इतिहास

टेंबा बावुमा की कप्तानी में जैसे ही गुवाहाटी में साउथ अफ्रीका ने टेस्ट मैच जीता, उसके नाम सीरीज भी हो गई और ये जीत भी क्लीन स्वीप वाली रही. आपको बता दें 25 साल के बाद किसी साउथ अफ्रीकी कप्तान ने भारतीय सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती है. इससे पहले बावुमा साउथ अफ्रीका को 27 साल बाद आईसीसी टूर्नामेंट जिताने वाले कप्तान भी बने हैं |

अजेय हैं बावुमा

बता दें टेंबा बावुमा अबतक एक भी टेस्ट मैच नहीं हारे हैं. बतौर कप्तान लाल गेंद में वो अजेय हैं. बावुमा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने 12 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से उसे 11 जीत मिली है. एक मैच ड्रॉ रहा है. भारत में सीरीज जीतकर उन्होंने एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया. वैसे भारत में सीरीज जीतने के लिए बावुमा ने गजब रणनीति बनाई थी. उन्होंने पाकिस्तान दौरे पर ना जाकर साउथ अफ्रीका ए की ओर से भारत में सीरीज खेली, वो भारतीय परिस्थितियों को समझे और देखिए कैसे उन्होंने कोलकाता और गुवाहाटी में कमाल कर दिया |

गुवाहाटी में ऐसे जीता साउथ अफ्रीका

गुवाहाटी में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी कर 489 रन बनाए. सेनुरन मुथुसामी ने 109 और मार्को यानसन ने 93 रन बनाए. जवाब में टीम इंडिया की पहली पारी महज 201 रनों पर ढेर हुई. जायसवाल ने 58 रनों की पारी खेली, सुंदर ने 48 रन बनाए. जवाब में मार्को यानसन ने 6 और हार्मर ने 3 विकेट हासिल किए. दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका ने 5 विकेट पर 260 रन बनाए और भारतीय टीम दूसरी पारी में सिर्फ 140 रन ही बना सकी. साउथ अफ्रीका ने 408 रनों से जीत दर्ज की. साइमन हार्मर ने सबसे ज्यादा 6 विकेट हासिल किए. केशव महाराज ने 2 विकेट चटकाए |

बाबर remark पर भड़के बिहार के डिप्टी CM विजय सिन्हा, कहा- “दोबारा कोई बाबर पैदा नहीं होगा”

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Vijay Kumar Sinha Reaction Babur Remark उस समय सुर्खियों में आ गया जब बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के विवादित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मंगलवार देर रात बाबरी मस्जिद के शिलान्यास के पोस्टर लगाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम सिन्हा ने कहा कि अब भारत में “दोबारा कोई बाबर पैदा नहीं होगा जो बाबरी मस्जिद बना सके।”

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उनसे पूछा गया कि 6 दिसंबर को बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखने की बात कही जा रही है, इस पर उनका क्या कहना है। जवाब में सिन्हा ने कहा कि भारत बदल चुका है और देश के लोग अब सजग हैं। उन्होंने कहा, “मां भारती के बच्चे जाग चुके हैं। अब कोई भी बाबर समर्थक भारत में बाबरी मस्जिद नहीं बना पाएगा। यहाँ भगवान राम और मां जानकी के भव्य मंदिर बनेंगे।”

बात यहीं खत्म नहीं होती। विवाद तब शुरू हुआ जब टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने घोषणा की थी कि 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद का निर्माण शुरू किया जाएगा। उनके इस बयान ने पूरे देश में राजनीतिक हलचल मचा दी। कई नेताओं ने इस बयान की निंदा की, जबकि भाजपा ने विधायक पर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।

इसी बीच, मुर्शिदाबाद के बेलडांगा क्षेत्र में देर रात बाबरी मस्जिद के शिलान्यास के भड़काऊ पोस्टर भी लगाए गए। पोस्टरों में कार्यक्रम की तारीख, स्थान और आयोजनकर्ता के रूप में विधायक कबीर का नाम लिखा गया था। इतना ही नहीं, तीन साल में मस्जिद निर्माण पूरा करने का दावा भी किया गया। इन सबके बाद डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा पलटवार किया और साफ कहा कि ऐसे सपने अब भारत में कभी सच नहीं हो सकते।

 

गृह मंत्री ने आतंकवाद पर भारत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर दिया जोर

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कहा आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं, पूरी मानव जाति के लिए अभिशाप 

नई दिल्ली। मुंबई में 26/11 हमलों की आज यानी बुधवार को 17वीं बरसी है। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद पर भारत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर जोर दिया। बता दें 10 आतंकवादियों का एक ग्रुप 26 नवंबर, 2008 की रात को समुद्री रास्ते से मुंबई में घुसा और अगले 60 घंटों तक एक के बाद एक कई हमले किए, जिसमें 166 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। ताज और ओबेरॉय होटल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, नरीमन हाउस, कामा हॉस्पिटल, मेट्रो सिनेमा और लियोपोल्ड कैफे टारगेट पर थे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमित शाह ने बुधवार को कहा कि मोदी सरकार की आतंकवाद को बिल्कुल न बर्दाश्त करने जीरो-टॉलरेंस की नीति स्पष्ट है और पूरा विश्व भारत के आतंकवाद रोधी अभियानों की तारीफ कर रहा है और उसे व्यापक समर्थन दे रहा है। मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमलों में अपने जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शाह ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानव जाति के लिए अभिशाप है।
गृहमंत्री शाह ने कहा कि 2008 में आज ही के दिन आतंकियों ने मुंबई पर कायराना हमला किया था। उन्होंने कहा कि मुंबई आतंकी हमलों का डटकर सामना करते हुए अपना बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करता हूं और इस कायराना हमले में अपनी जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं। 

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News Desk

PM मोदी का भावुक पत्र, साझा किए अपने अनुभव

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Constitution Day 2025 PM Modi letter देशवासियों के नाम एक भावुक संदेश लेकर आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान की शक्ति, लोकतंत्र और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। पीएम मोदी ने लिखा कि 26 नवंबर हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है, क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को स्वीकार किया था। वर्ष 2015 में NDA सरकार ने इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि देश में संविधान के प्रति जागरूकता और सम्मान बढ़ाया जा सके।

पत्र में पीएम मोदी ने बताया कि कैसे भारत के संविधान ने साधारण परिवार से आए व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनने का अवसर दिया। उन्होंने याद किया कि 2014 में संसद भवन में प्रवेश करते समय उन्होंने इसकी सीढ़ियों को प्रणाम किया था, और 2019 में चुनाव जीतने के बाद संविधान को माथे से लगाया था। उनके मुताबिक, यह संविधान की ही ताकत है जिसने उन्हें 24 वर्षों तक जनसेवा का अवसर दिया।

संविधान दिवस पर पीएम ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब अंबेडकर और संविधान सभा की सभी महिला सदस्यों के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि 2010 में उन्होंने ‘संविधान गौरव यात्रा’ की अगुवाई की थी, जबकि 2023 में संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर विशेष सत्र और राष्ट्रीय अभियान चलाया गया था।

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि वर्ष 2049 में संविधान के 100 वर्ष पूरे होंगे, इसलिए आज लिए गए फैसले आने वाली पीढ़ियों पर गहरा प्रभाव डालेंगे।

अपने पत्र के अंत में पीएम ने युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को स्कूलों और कॉलेजों में फर्स्ट-टाइम वोटर्स का सम्मान किया जाना चाहिए, ताकि उनमें जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गर्व का भाव विकसित हो। यही भावना एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण की नींव बनती है।

राम मंदिर के शिखर पर मोदी ने फहराई धर्मध्वजा, कहा— “आज विराम लगा लंबी प्रतीक्षा को

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अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण पूरा हुआ। पीएम मोदी और मोहन भागवत ने राम मंदिर के 161 फीट शिखर पर धर्मध्वजा फहराई और पहली बार राम दरबार में पूजा की। पीएम मोदी रामलला के लिए विशेष वस्त्र और चंवर लेकर पहुंचे। दिव्य समारोह के करोड़ों भक्त साक्षी बने।
अयोध्या ने अपने इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भव्य धर्मध्वज फहराया। जैसे ही केसरिया ध्वज आकाश में लहराया, पूरा परिसर “जय श्री राम” के उद्घोष से गूंज उठा। माहौल भक्तिभाव, रोमांच और राममयी ऊर्जा से भर गया।

ध्वजारोहण से पहले वैदिक मंत्रों के बीच विस्तृत पूजा-अर्चना, यज्ञ-हवन और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। यज्ञकुंड से उठती सुगंध, शंख-नाद, नगाड़ों की ध्वनि और दीप-सज्जा ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी दिव्य बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ध्वजारोहण को सनातन संस्कृति की निरंतरता, भारतीय आस्था की अटूट शक्ति और सांस्कृतिक स्वाभिमान का संदेश बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-“यह ध्वज सदियों के सपने का साकार रूप है।”
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज अयोध्या न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व को राममय कर रही है। सदियों पुराने घाव भर रहे हैं और पांच सौ वर्षों से प्रज्वलित यज्ञ की पूर्णाहुति हो रही है। यह धर्मध्वज सूर्यवंश की परंपरा, रामराज्य के आदर्श और संतों की तपस्या का प्रतीक है।

मोहन भागवत बोले- “सपने से भी सुंदर मंदिर खड़ा हुआ है।”
RSS प्रमुख ने भावुक होते हुए कहा कि इस दिन के लिए अनगिनत रामभक्तों ने बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि धर्मध्वज पर कोविदार वृक्ष का चिन्ह अंकित है, जो रघुकुल परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का दिन संकल्प दोहराने का है-ऐसा भारत बनाना है जो विश्व को शांति का संदेश दे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा- “यह नए युग का शुभारंभ है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। “मंदिर वहीं बनाएंगे” का संकल्प आज पूर्ण हुआ है। उन्होंने बताया कि अयोध्या अब विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित एक आधुनिक तीर्थ बन चुकी है।

ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हजारों श्रद्धालु
इस समारोह में देश-विदेश से आए संत-महात्मा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, विशिष्ट अतिथि, किन्नर समुदाय, दलित-वंचित समाज के प्रतिनिधि और करीब 7,000 लोग शामिल हुए। पूरा परिसर दीपों, फूलों और भव्य सजावट से जगमगा उठा।

161 फीट ऊंचे ध्वजदंड पर चढ़ा 21 किलो सोना
धर्मध्वज जिस 161 फीट ऊंचे दंड पर लगाया गया, उस पर 21 किलो शुद्ध सोना चढ़ाया गया है। यह वही स्थान है जहां 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने भूमि पूजन किया था। भूमि तल से 50 फीट नीचे किए गए पूजन से लेकर 161 फीट ऊंचे शिखर तक नाभि-दंड की कुल ऊंचाई 211 फीट हो गई है।
 

रानी चटर्जी का नया लुक वायरल! सिंदूर और मंगलसूत्र ने बढ़ाई शादी की चर्चा, जानिए सच्चाई

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 भोजपुरी सिनेमा की टॉप अदाकाराओं में से एक रानी चटर्जी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं। शायद ही कोई ऐसा दिन जाता है जब रानी चटर्जी इंटरनेट पर अपनी पिक्स या वीडियोज शेयर ना करती हों। कुछ देर पहले ही रानी चटर्जी (Rani Chatterjee) ने अपने कई खूबसूरत पिक्स शेयर की हैं। इन पिक्स को देखकर फैन्स के मन में एक सवाल खड़ा हो गया है। इन फोटोज में रानी चटर्जी की मांग में सिंदूर और गले में मंगलसूत्र दिखाई दे रहा है। फोटो देखकर कई लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए हैं कि रानी चटर्जी ने कहीं गुपचुप शादी तो नहीं कर ली है। तो चलिए जानते हैं असली सच्चाई क्या है।

क्या सच में रानी चटर्जी ने रचाई शादी?

रानी चटर्जी इन सभी फोटो में सोलह श्रृंगार किए नजर आ रही हैं। रानी चटर्जी लाल रंग की साड़ी कैरी कर ट्रेडिशनल लुक में दिखाई दे रही हैं। इस दौरान फैन्स ने उनकी मांग में सिंदूर, हाथों में हरी चूड़ियां और गले में मंगलसूत्र नोटिस किया। दरअसल कईयों को लगने लगा था कि रानी चटर्जी ने शादी कर ली है लेकिन यह सच नहीं है। यह सभी पिक्स रानी चटर्जी ने अपनी आने वाली फिल्म के सेट से शेयर की हैं। उनका यह लुक उसी फिल्म से है, जो फैन्स की खूब पसंद आया है।

वर्कफ्रंट की बात करें तो रानी चटर्जी के पास इस समय आने वाले प्रोजेक्ट्स की कमी नहीं है। रानी चटर्जी इन दिनों एक साथ ‘ए बैड मैन बाबू’, ‘परिवार के बाबू’, ‘भाभी मां’, ‘नाचे दूल्हा गली गली’, ‘मेरा पति मेरा देवता है’, ‘दीदी नंबर 1’, ‘सास बहू चली स्वर्ग लोक’, ‘चुगलखोर बहुरिया’ और ‘ऊपर वाली और बिहार वाली’ जैसी कई फिल्मों पर काम कर रही हैं।

भारत को मिली 408 रन की शर्मनाक हार, साउथ अफ्रीका ने 25 साल में पहली बार रचा इतिहास

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क्रिकेट | टेम्बा बावुमा की कप्तानी वाली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन साउथ अफ्रीका ने भारत आकर इतिहास रच दिया है. पिछले 25 सालों से भारत में टेस्ट सीरीज जीतने का इंतजार कर रही साउथ अफ्रीका को आखिरकार सफलता मिल गई. गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के आखिरी दिन साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को सिर्फ 140 रन पर ढेर करते हुए 408 रन के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की. इसके साथ ही उसने 2 मैच की टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप कर लिया. ये भारत की टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी हार है, जबकि साउथ अफ्रीका ने 2000 के बाद पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज जीती है | 

गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में टीम इंडिया को आखिरी दिन जीत के लिए 522 रन और चाहिए थे, जबकि उसके पास 8 विकेट बचे थे. यहां से जीत की संभावनाएं तो पहले ही खत्म हो चुकी थीं. साथ ही सीरीज भी हाथ से निकल ही चुकी थी. जरूरत सिर्फ ये थी कि पूरे दिन बल्लेबाजी करते हुए किसी तरह मैच को ड्रॉ करवाया जाए और क्लीन स्वीप की शर्मिंदगी से बचा जा सके. मगर पहले सेशन में ही ये तय हो गया कि मैच ड्रॉ भी नहीं हो पाएगा |

साउथ अफ्रीका ने दिन के पहले सेशन में ही कुलदीप यादव, ध्रुव जुरेल और ऋषभ पंत को पवेलियन लौटा दिया. इन तीनों को ही ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर ने अपना शिकार बनाया, जो पहले टेस्ट से ही टीम इंडिया के लिए आफत साबित हो रहे थे. इस मैच में कप्तानी कर रहे पंत का विकेट सबसे बड़ा झटका था. साई सुदर्शन हालांकि दूसरी छोर से टिककर ज्यादा से ज्यादा ओवर निकाल रहे थे. उन्हें इस दौरान रवींद्र जडेजा का भी साथ मिला |

मगर दूसरे सेशन की शुरुआत में ही सुदर्शन की पारी का अंत हुआ. मगर उम्मीद थी कि वॉशिंगटन सुंदर और जडेजा इस साल मैनचेस्टर टेस्ट वाला कमाल दोहरा सकेंगे, जहां दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी दिन शतक जमाकर टेस्ट ड्रॉ करवाया था. करीब एक घंटा दोनों टिके भी रहे लेकिन हार्मर ने सुंदर को आउट कर अपने 5 विकेट पूरे किए, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी ने भी फिर निराश किया और हार्मर का छठा शिकार बने. इसके बाद तो केशव महाराज ने एक ही ओवर में जडेजा और मोहम्मद सिराज को आउट कर टीम इंडिया को 140 रन पर ढेर कर दिया |

इस तरह 549 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही टीम इंडिया 408 रन के बड़े अंतर से हार गई, जो टेस्ट क्रिकेट में रन के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी हार है. इतना ही नहीं, 2024 से पहले टीम इंडिया को घर में एक बार भी क्लीन स्वीप का सामना नहीं करना पड़ा था लेकिन पिछले एक साल में दूसरी बार टीम इंडिया का ऐसा हाल हुआ है. पिछले साल न्यूजीलैंड ने 3-0 से सीरीज जीती थी. इस तरह कोच गौतम गंभीर के आने के बाद से घर में भारत की 9 टेस्ट मैच में पांचवीं हार है, जबकि सिर्फ 4 मैच ही जीत पाए हैं |

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 70 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया

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नई दिल्ली । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi Chief Minister Rekha Gupta) ने 70 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया (Inaugurated 70 new Ayushman Arogya Mandirs) । इस अवसर पर मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नियमित स्वास्थ्य जांच, डॉक्टर परामर्श, आवश्यक दवाइयां, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग और टीकाकरण जैसी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना, जन औषधि केंद्र, वय वंदना योजना और आयुष्मान आरोग्य मंदिर मिलकर दिल्ली में एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण कर रहे हैं, जहां बेहतर इलाज हर किसी का अधिकार है, दवाइयां किफायती हैं और आधुनिक सुविधाएं हर नागरिक की पहुंच में हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन 10 महीनों में, हमने दिल्ली की सूरत बदलने की कोशिश की है। मैं कई बार इस इलाके में आई और सिर्फ टूटी हुई सड़कें देखीं। इतने सालों में इतने लंबे समय तक सरकार में रहने के बावजूद पिछली सरकारों में बहुत कम काम हुआ। सालों तक शहर को इसी हालत में छोड़ दिया गया। उन्होंने जनता से पूछा, “पिछले 10-11 सालों में, क्या आपके पिछले विधायक कभी आपके बीच ऐसे आए थे? क्या उन्होंने कभी ऐसे कदम उठाए?”

‘मोहल्ला क्लीनिक’ को लेकर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “सालों तक पिछली सरकारों ने ‘मोहल्ला क्लीनिक’ के आइडिया को बढ़ावा दिया, लेकिन असल में कितने लोग इन क्लीनिक में गए और उन्हें देखा? उन्होंने बस बड़े हॉल या सड़कों के किनारे प्रोपेगैंडा पोस्टर लगाए, जिन पर उनकी बड़ी तस्वीरें लगी थीं। उन बड़ी तस्वीरों के पीछे बहुत कम काम था। दवा, डॉक्टर और कोई स्टाफ नहीं था। आज, एक आरोग्य मंदिर के अंदर कदम रखें और खुद देखें। हर एक आरोग्य मंदिर आपके प्राइमरी हॉस्पिटल की तरह काम करता है।”

जडेजा का करिश्मा! 6 विकेट झटकर किया बड़ा कमाल, रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम

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क्रिकेट | गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में अभी तक साउथ अफ्रीका का दबदबा देखने को मिला है। इस टेस्ट मैच की दोनों पारियों में अफ्रीकी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय गेंदबाज दोनों पारियों में विकेट लेने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए। इस बीच टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने दूसरी पारी में 4 विकेट हॉल लेकर एक बड़ा कारनामा किया है। उन्होंने पहली पारी में 2 विकेट लिए थे और इस तरह से उन्होंने कुल मिलाकर मैच में 6 विकेट अपने नाम किए।

रवींद्र जडेजा ने अपने नाम की खास उपलब्धि

रवींद्र जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने 50 टेस्ट विकेट पूरे कर लिए हैं। जडेजा के नाम साउथ अफ्रीका के खिलाफ 11 टेस्ट की 19 इनिंग में 52 विकेट हो गए हैं। इसी के साथ अब वो दुनिया के ऐसे सिर्फ दूसरे बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज बन गए हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में साउथ अफ्रीका के 50 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। उनसे पहले ये कारनामा इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी और बाएं हाथ के स्पिनर कॉलिन बेलीथ ने किया था। उन्होंने साल 1906 से लेकर 1910 तक साउथ अफ्रीका के टेस्ट क्रिकेट में 59 विकेट चटकाए थे। बता दें इंग्लैंड के इस पूर्व दिग्गज खिलाड़ी के नाम सिर्फ 19 टेस्ट में 100 विकेट दर्ज हैं।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले लेफ्ट आर्म स्पिनर

कॉलिन ब्लाइथ (इंग्लैंड) – 59 विकेट – 19 इनिंग (1906-1910)
रवींद्र जडेजा (भारत) – 52 विकेट – 19 इनिंग (2013-2025)
जॉनी वार्डल (इंग्लैंड) – 46 विकेट – 18 इनिंग (1951-1957)
रंगना हेराथ (श्रीलंका) – 43 विकेट – 19 इनिंग (2004-2018)

इस टेस्ट सीरीज में कुछ ऐसा रहा है रवींद्र जडेजा का प्रदर्शन

साउथ अफ्रीका के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में रवींद्र जडेजा ने दोनों टेस्ट मैचों को मिलाकर कुल 10 विकेट अपने नाम किए। कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में वह एक भी विकेट नहीं ले पाए थे। लेकिन वहां भी दूसरी पारी में वह 4 विकेट लेने में कामयाब रहे थे। वहीं बैटिंग की बात करें तो रवींद्र जडेजा ने कोलकाता टेस्ट की पहली में 27 और दूसरी पारी में 18 रन बनाए थे। अब दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा कैसी बल्लेबाजी करते हैं ये देखना दिलचस्प होगा।

जीत के लिए भारत के सामने बड़ा लक्ष्य

गुवाहाटी टेस्ट मैच की बात करें तो वहां आखिरी दिन का खेल बाकी है। टेस्ट मैच के पांचवें दिन टीम इंडिया को जीत के लिए 522 रन बनाने होंगे। वहीं साउथ अफ्रीका जल्द से जल्द 8 विकेट लेकर इस मैच को अपने नाम करना चाहेगी। साउथ अफ्रीका ने इस मैच में भारत के सामने 549 रन का टारगेट रखा था। जवाब में चौथे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 2 विकेट के नुकसान पर 27 रन बना लिए हैं।