सिद्धारमैया कैंप में फूट? ‘डीके शिवकुमार स्वीकार अगर…’, मुख्यमंत्री के करीबी ने दिया बड़ा बयान

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डेस्क: कर्नाटक (Karnataka) में कांग्रेस (Congress) के अंदर चल रही मुख्यमंत्री पद (Chief Minister’s Post) को लेकर खींचतान के बीच गृह मंत्री जी. परमेश्वर (Home Minister G. Parameshwara) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस हाईकमान डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करता है, तो वह इसे पूरी तरह स्वीकार करेंगे. यह बयान सिद्धारमैया कैंप से आने वाले सबसे मजबूत संकेतों में से एक माना जा रहा है.

एक मीडिया चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘जब मुझसे मुख्यमंत्री पद की इच्छाओं के बारे में पूछा जाता है, तो मैं जवाब देता हूं कि मैं इस रेस में हूं. लेकिन अगर पार्टी हाईकमान किसी ट्रांजिशन को मंजूरी देता है और डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनते हैं, तो हम इसे स्वीकार करेंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी द्वारा ट्रांजिशन को मंजूरी दी गई, तो यह सुलभ और शांतिपूर्ण होगा.

परमेश्वर ने यह दोहराया कि उनके भी मुख्यमंत्री बनने की चाहत है और हाईकमान उनके पार्टी में योगदान से पूरी तरह अवगत है. उन्होंने साफ किया कि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के हाथ में है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी ‘उपयुक्त उम्मीदवार’ बताया, लेकिन कहा कि उन्हें सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच किसी समझौते के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

कर्नाटक में इस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज हैं. यह खींचतान सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच कथित सत्ता-साझाकरण समझौते के इर्द-गिर्द घूम रही है. पार्टी हाईकमान के फैसले का सभी को इंतजार है, जो राज्य की राजनीति में दिशा तय करेगा.

बांग्लादेश के शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध पर भारत का जवाब, कहा- कानूनी समीक्षा जारी है

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नई दिल्‍ली । बांग्लादेश (Bangladesh) की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) के प्रत्यर्पण की मांग वाले अनुरोध पर भारत सरकार (Government of India) कानूनी व न्यायिक समीक्षा कर रही है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने स्पष्ट किया है कि यह मामला आंतरिक कानूनी व न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत जांचा जा रहा है तथा भारत बांग्लादेश के लोगों के व्यापक हितों ( शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता) के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बता दें कि शेख हसीना को पिछले हफ्ते ढाका की एक विशेष अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी में ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के लिए मृत्युदंड सुनाया था।

यह सजा पिछले साल छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े आंदोलन पर उनकी सरकार की कथित क्रूर दमनकारी कार्रवाई से जुड़ी है। विरोध प्रदर्शनों के बाद 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना भारत चली आई थीं। उनके करीबी सहयोगी व पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी इसी तरह के आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई है। अदालती फैसले के बाद बांग्लादेश सरकार ने भारत को औपचारिक पत्र भेजकर दोनों के प्रत्यर्पण की मांग की थी।

 

इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि यह अनुरोध न्यायिक और कानूनी प्रक्रियाओं के दायरे में है। हम बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र तथा लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं और सभी पक्षकारों के साथ रचनात्मक संवाद बनाए रखेंगे। इस दौरान उन्होंने ने यह भी दोहराया कि भारत बांग्लादेश के सभी घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए है।

दूसरी ओर बांग्लादेश का विदेश मंत्रालय दावा कर रहा है कि दोनों देशों के बीच मौजूदा प्रत्यर्पण संधि के तहत हसीना को तुरंत सौंपना भारत का दायित्व है। वहीं शेख हसीना का पक्ष है कि यह सजा एक ‘गैर-कानूनी न्यायाधिकरण’ ने दी है, जिसकी स्थापना और संचालन एक अनिर्वाचित अंतरिम सरकार ने किया है जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश में फरवरी 2026 में संसदीय चुनाव होने हैं और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से फिलहाल रोक दिया गया है।

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‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दुनिया में ब्रह्मोस की मांग बढ़ी, इंडोनेशिया डील के करीब

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नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) में हुए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत (India) की स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Supersonic Cruise Missile) ने जिस तरह सैन्य ठिकानों (Military Bases) और आतंकवादी ठिकानों को सटीक निशाना बनाकर तबाह किया, उसके बाद इस मिसाइल की मांग तेजी से बढ़ रही है. दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश इंडोनेशिया (Indonesia) अब भारत से ब्रह्मोस खरीदने की डील लगभग फाइनल चरण में ले आया है. बुधवार को दो दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंचे इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री सजफ्री सजमसोएद्दीन के दौरे से इस संभावना को और मजबूती मिली है. वह भारत-इंडोनेशिया रक्षा मंत्रियों की तीसरी बैठक में शामिल हो रहे हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रह्मोस को लेकर भारत और इंडोनेशिया की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है. रूस, जिसने भारत के साथ मिलकर यह मिसाइल विकसित की है, वह भी इंडोनेशिया को ब्रह्मोस बेचने को लेकर सहमत है. बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में मिली सफलता के बाद कई देश भारत की इस मिसाइल को खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं.

ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित हुआ. इसका पहला परीक्षण 12 जून 2001 को हुआ था. यह मिसाइल आवाज से तीन गुना तेज, यानी मैक 3 की रफ्तार से उड़ सकती है और इसकी शुरुआती रेंज 290 किमी थी, लेकिन अब इसके एडवांस संस्करण 500 से 800 किमी तक मारक क्षमता रखते हैं. यह मिसाइल दुश्मन के रडार से बचते हुए बेहद कम ऊंचाई पर उड़ सकती है और एक बार लॉन्च होने के बाद खुद लक्ष्य खोजकर हमला कर सकती है.

ब्रह्मोस प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत लगभग 2,135 करोड़ रुपये थी, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 50.5% और रूस की 49.5% है. रिपोर्ट्स के अनुसार, एक ब्रह्मोस मिसाइल की कीमत लगभग 34 करोड़ रुपये है. पाकिस्तानी मुद्रा में यह रकम 1.12 अरब रुपये से भी ज्यादा होती है. भारतीय सेना के पास फिलहाल दो मुख्य वर्जन हैं- ब्रह्मोस ब्लॉक-1, एयर-लॉन्च्ड ब्रह्मोस. भविष्य के लिए तीन और एडवांस वर्जन तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें 1500 किमी रेंज वाला एक्सटेंडेड वर्जन, मैक 8 रफ्तार वाला हाइपरसोनिक मॉडल और हल्का, हर प्लेटफॉर्म से लॉन्च होने वाला नेक्स्ट-जेन वर्जन शामिल है.

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SIR अभियान से 40 साल बाद बिछड़ा बेटा लौटा गांव, देखते ही मां हुई भावुक

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भीलवाड़ा। देश के कई राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। भीलवाड़ा जिले (Bhilwara District) के करेड़ा तहसील के जोगीधोरा गांव (Jogidhora Village) के रहने वाले उदय सिंह रावत (Uday Singh Rawat) लगभग 40 साल पहले लापता (Missing) होने के बाद अपने परिवार से फिर मिल गए।

वर्ष 1980 में, उदय सिंह आठवीं कक्षा में पढ़ते थे। गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे कमाने के लिए घर से बाहर गए थे। वे छत्तीसगढ़ में एक निजी कंपनी में गार्ड की नौकरी करने लगे। वहीं, एक सड़क दुर्घटना में उनकी याददाश्त चली गई, जिसके बाद उदय सिंह अपने गांव और परिवार को पूरी तरह से भूल गए। उनके परिजन दशकों तक उन्हें खोजते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

उदय सिंह के भाई हेमसिंह रावत ने बताया कि शुरुआत में विश्वास करना कठिन था। लेकिन जब उदय ने परिवार की व्यक्तिगत यादों और बचपन की बातें बताईं, तो उन्हें यकीन हो गया कि सामने उनका ही भाई खड़ा है। पहचान की अंतिम पुष्टि तब हुई जब उदय सिंह की मां चुनी देवी रावत ने बेटे के माथे और सीने पर बचपन में बबूल की टहनी से लगे हुए पुराने घावों के निशान देखे। घावों का मिलान होते ही ममता से ओत-प्रोत चुनी देवी ने बेटे के माथे को चूमा और कहा, “यो ही म्हारो उदय… मेरो लाल मिल गयो।” यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला था।

पहचान होते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजन और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ जुलूस निकालकर उदय सिंह का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और उन्हें घर ले जाया गया। उदय सिंह ने भी इस पुनर्मिलन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एक्सीडेंट के बाद उनकी स्मृतियां चली गई थीं और वह चुनाव आयोग के SIR अभियान के चलते ही परिवार से जुड़ पाए हैं।

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गुवाहाटी टेस्ट में हार के बावजूद गांगुली हुए खुश, कारण जानकर होगी हैरानी

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क्रिकेट | भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अपनी जमीन पर एक और टेस्ट सीरीज का अंत बेहद निराशाजनक और शर्मिंदगी भरा रहा. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन साउथ अफ्रीका ने अपनी उपलब्धि और खिताब को सही साबित करते हुए टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. जहां इस नतीजे ने टीम, फैंस और पूर्व खिलाड़ियों को निराश किया तो वहीं पूर्व कप्तान सौरव गांगुली इस मैच के बाद काफी खुश नजर आए. मगर उनकी खुशी की वजह टीम इंडिया की हार नहीं थी, बल्कि ये था गुवाहाटी स्टेडियम का टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू और एक अच्छे मुकाबले लायक पिच पेश करना |

गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में बुधवार 26 नवंबर को साउथ अफ्रीका ने टेस्ट मैच के आखिरी दिन टीम इंडिया को 408 रन के बड़े अंतर से हरा दिया. ये टेस्ट क्रिकेट में रन के लिहाज से टीम इंडिया की सबसे बड़ी हार है. इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज भी 0-2 से गंवा दी. इसके बाद से ही कोच गौतम गंभीर और पूरी टीम इंडिया की लगातार छीछालेदार हो रही है और वो सवालों के घेरे में हैं लेकिन इन सबके बीच गुवाहाटी स्टेडियम की पिच ने हर किसी को हैरान किया है |

गुवाहाटी की पिच पर क्या बोले गांगुली?

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और BCCI के पूर्व अध्यक्ष गांगुली बरसापारा स्टेडियम की पिच से प्रभावित नजर आए. गुवाहाटी टेस्ट खत्म होने के बाद गांगुली ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, पहले टेस्ट के लिए बधाई गुवाहाटी. शानदार टेस्ट पिच. स्टेडियम की सुविधाओं को लेकर मेरा अनुभव अच्छा रहा. हर किसी के लिए कुछ न कुछ था. यानसन के 5 विकेट, बल्लेबाजों ने रन बनाए और चौथे-पांचवें दिन स्पिन की भूमिका दिखी |

गांगुली ने साथ ही साउथ अफ्रीका की तारीफ की, जबकि टीम इंडिया का हौसला बढ़ाया. उन्होंने लिखा, “साउथ अफ्रीका बहुत खास थी. युवा भारतीय टीम बदलाव से गुजर रही है. वो आगे बेहतर होंगे |

ईडन गार्डन्स पर करना होगा काम 

असल में गुवाहाटी में पहली बार टेस्ट मैच खेला गया था. ये भारत का 30वां टेस्ट वेन्यू बन गया. यहां मैच पूरे 5 दिन चला और फैंस का अच्छा खासा एंटरटेनमेंट हुआ. ये इसलिए भी खास था क्योंकि इससे ठीक पहले कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला गया टेस्ट मैच सिर्फ ढाई दिन में खत्म हो गया था, जिसके कारण यहां की पिच की आलोचना हो रही थी. संयोग से गांगुली ही इस वक्त बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी यही कोशिश होगी कि अगली बार ईडन गार्डन्स की पिच बेहतर खेले और उस पर सवाल न उठें |

फ्रांस और भारत की वायुसेनाओं ने किया साझा सैन्य अभ्यास, दुनिया को दिखाई अपनी ताकत

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मोंट-डी-मार्सन. भारत (India) और फ्रांस (French) की वायु सेनाएं (air forces) इन दिनों फ्रांस में चल रहे द्विपक्षीय वायु सैन्य अभ्यास ‘गरुड़ 2025’ (‘Garuda 2025’) में एक साथ कई तरह के ऑपरेशन कर रही हैं। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और युद्धक क्षमता को और मजबूत बनाना है। भारतीय वायुसेना के मीडिया समन्वय केंद्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ शानदार तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए लिखा कि भारतीय वायुसेना और फ्रांस की एयर एंड स्पेस फोर्स मिलकर उच्च स्तर के मिशन प्रोफाइल पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पेशेवराना अंदाज, सटीकता और मिलकर काम करने की क्षमता इस साझेदारी को और मजबूत बना रही है।

फ्रांस के मोंट-डी-मार्सान एयरबेस पर अभ्यास
यह अभ्यास का 8वां संस्करण है, जो 16 नवंबर से फ्रांस के मोंट-डी-मार्सान एयरबेस पर चल रहा है और 27 नवंबर को समाप्त होगा। वहीं एक्स पर एक पोस्ट में भारतीय वायुसेना ने लिखा- तेज ऑपरेशनल रफ्तार बनाए रखते हुए, भारतीय वायुसेना और फ्रांस एयर एंड स्पेस फोर्स क्रू एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं, अलग-अलग मिशन प्रोफाइल को पूरा कर रहे हैं और बहुत अच्छी काबिलियत दिखा रहे हैं। प्रोफेशनलिज्म, सटीकता और मिलकर काम करने वाला टीमवर्क इंटरऑपरेबिलिटी को और मजबूत कर रहा है और इस दोतरफा पार्टनरशिप की ताकत को और मजबूत कर रहा है।

अभ्यास में कौन से विमान शामिल?
इस अभ्यास में भारत की ओर से Su-30MKI लड़ाकू विमान, C-17 ग्लोबमास्टर–III (सामग्री और कर्मियों की आवाजाही के लिए), IL-78 एयर-टू-एयर रिफ्यूलर टैंकर शामिल हैं। वहीं फ्रांस की ओर से मल्टीरोल लड़ाकू विमान, जो संयुक्त युद्धाभ्यास में भारतीय विमानों के साथ उड़ान भर रहे हैं।

कौन-कौन से मिशन शामिल?
इस अभ्यास में कई प्रकार के ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जिसमें हवा में लड़ाकू मुकाबला (एयर-टू-एयर कॉम्बैट), एयर डिफेंस मिशन, संयुक्त स्ट्राइक मिशन, लंबी दूरी के संचालन और ईंधन भरने के अभ्यास शामिल हैं। इन मिशनों का मकसद वास्तविक युद्ध स्थितियों जैसे माहौल में सैन्य रणनीतियों और तकनीकों का अभ्यास करना है।

भारत-फ्रांस रणनीतिक रिश्तों का मजबूत संकेत
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग लंबे समय से मजबूत रहा है। दोनों देशों के बीच यह संबंध 1998 में आधिकारिक रणनीतिक साझेदारी बनने के बाद से लगातार आगे बढ़ रहा है। भारतीय वायुसेना ने कहा कि ऐसे सैन्य अभ्यास न सिर्फ अनुभव साझा करने का मौका देते हैं, बल्कि भविष्य में संयुक्त अभियानों और सहयोग की रणनीति को भी और पुख्ता बनाते हैं।

जानें कब-कब बंद रहेंगे बैंक

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Bank Holiday in December: आरबीआई ने दिसंबर में रहने वाली बैंक छुट्टियों की लिस्ट जारी कर दी है. आरबीआई के कलैंडर के अनुसार दिसंबर में कुल 19 दिन बैंक बंद रहेंगे. इन 19 दिनों में 4 रविवार और 2 शनिवार को मिलने वाली छुट्टियां भी शामिल हैं. इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में भी रिजनल पर्व के अनुसार भी कई दिन बैंक बंद रहेंगे.

सेंट फ्रांसिस जेवियर पर्व के अवसर पर गोवा और गुरु गोबिंद सिंह जयंती पर हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में सभी बैंक बंद रहेंगे. इसके साथ क्रिसमस के मौके पर देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगी. बैंक की छुट्टी के साथ आप अपने कई कामों के ऑनलाइन भी निपटा सकते हैं. लेकिन बैंक जाने से पहले बैंक छुट्टी की लिस्ट जरूर देख लें. नवंबर के महीने में पड़ने वाली छुट्टियों पर नज़र:

दिसंबर 2025 में 19 दिन बंद रहेंगे बैंक

1 दिसंबर (सोमवार): राज्य स्थापना दिवस / स्वदेशी आस्था दिवस (अरुणाचल प्रदेश)

3 दिसंबर (बुधवार): सेंट फ्रांसिस जेवियर का पर्व (गोवा)

7 दिसंबर (रविवार): देशभर में बैंक रहेंगे बंद

12 दिसंबर (शुक्रवार): पा तोगन नेंगमिन्जा संगमा की पुण्यतिथि (मेघालय)

14 दिसंबर (रविवार): देशभर में बैंक रहेंगे बंद

18 दिसंबर (गुरुवार): यू सोसो थाम की पुण्यतिथि (मेघालय)

19 दिसंबर (शुक्रवार): गोवा मुक्ति दिवस (गोवा)

20 दिसंबर (शनिवार): लोसूंग / नामसूंग (गंगटोक)

21 दिसंबर (रविवार): देशभर में बैंक रहेंगे बंद

22 दिसंबर (सोमवार): लोसूंग / नामसूंग (गंगटोक)

24 दिसंबर (बुधवार): क्रिसमस की पूर्व संध्या (मेघालय, मिजोरम)

25 दिसंबर (गुरुवार): क्रिसमस

26 दिसंबर (शुक्रवार): क्रिसमस जश्न (मेघालय, मिजोरम, तेलंगाना)

27 दिसंबर (शनिवार): गुरु गोबिंद सिंह जयंती (हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश)

28 दिसंबर (रविवार): देशभर में बैंक रहेंगे बंद

30 दिसंबर (मंगलवार): यू कियांग नांगबाह की पुण्यतिथि (मेघालय)

31 दिसंबर (बुधवार): नव वर्ष की पूर्व संध्या (मिजोरम, मणिपुर)

277 खिलाड़ियों में से कौन बनेगा स्टार, आज होगी किस्मत की खुली बाज़ी

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क्रिकेट |  भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पहली बार वर्ल्ड कप जीतने के ठीक 25 दिन बाद महिला प्रीमियर लीग (WPL) का मेगा ऑक्शन होने जा रहा है. गुरुवार 27 नवंबर यानि आज नई दिल्ली में WPL 2026 सीजन के लिए सभी 5 फ्रेंचाइजी अपने स्क्वॉड को एक नया रूप देंगी. इस बार की नीलामी बहुत खास है क्योंकि 2023 में WPL के आगाज के बाद ये इस लीग का पहला मेगा ऑक्शन होने जा रहा है, जिसमें सभी फ्रेंचाइजी ने कुछ खिलाड़ियों को रिटेन किया है और उनके इर्द-गिर्द ही स्क्वॉड तैयार किया जाएगा. इस बार कितने खिलाड़ियों की किस्मत चमकेगी, कितने दावेदार ऑक्शन में उतरेंगे और किस फ्रेंचाइजी के पास कितना पैसा है, ये सारी डिटेल आपको यहां बताते हैं |

नई दिल्ली में गुरुवार दोपहर 3:30 बजे से WPL ऑक्शन का आगाज होगा. तमाम उम्मीदों और अटकलों के बावजूद BCCI ने फिलहाल फ्रेंचाइजी का दायरा 5 से ज्यादा नहीं बढ़ाया है, इसलिए इस बार भी मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, यूपी वॉरियर्स और गुजरात जायंट्स ही लीग में हिस्सा लेंगी. इन सभी फ्रेंचाइजी ने लीग के पहले मेगा ऑक्शन में हिस्सा लिया था और तब हर खिलाड़ी को खरीदा था. मगर सही मायनों में असली मेगा ऑक्शन इस बार है क्योंकि अब हर फ्रेंचाइजी ने अपने साथ 2-3 खिलाड़ियों को रिटेन किया था |

तो इस बार ऑक्शन में कितने खिलाड़ी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं?

इसका जवाब WPL की ओर से हाल ही में दिया गया था. इस बार कुल 277 खिलाड़ियों को ऑक्शन के लिए चुना गया है. इसमें से 194 भारतीय खिलाड़ी हैं, जबकि 83 विदेशी खिलाड़ी हैं. इन विदेशी खिलाड़ियों में से 4 एसोसिएट देशों से हैं |

ऑक्शन में कितने स्लॉट भरे जाएंगे?

मेगा ऑक्शन है तो ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को खरीदा जाएगा. कुछ ही दिनों पहले रिटेंशन के ऐलान के बाद सभी फ्रेंचाइजी में मिलाकर कुल 73 स्लॉट बचे हैं. इसमें से 50 भारतीय खिलाड़ी और 23 विदेशियों के लिए जगह है. हालांकि, हमेशा की तरह सारे स्लॉट भरे जाएंगे, ये जरूरी नहीं है. इसमें से 5-6 जगहें खाली भी रह सकती हैं |

किस टीम को सबसे ज्यादा खिलाड़ियों की जरूरत है?

WPL के नियमों के मुताबिक किसी भी स्क्वॉड में ज्यादा से ज्यादा 18 खिलाड़ी और कम से कम 15 खिलाड़ी हो सकते हैं. ऐसे में अगर रिटेंशन पर नजर डालें तो यूपी वॉरियर्स को सबसे ज्यादा 17 खिलाड़ियों की जरूरत है क्योंकि फ्रेंचाइजी ने सिर्फ एक खिलाड़ी को रिटेन किया था. किसी भी स्क्वॉड में 6 से ज्यादा विदेशी खिलाड़ी नहीं हो सकते |

किस फ्रेंचाइजी के पास कितना पैसा बचा है?

इस बार ऑक्शन में सभी 5 फ्रेंचाइजी के पास कुल मिलाकर 41.1 करोड़ रुपये का बजट है, जिससे खरीदारी की जाएगी. हर फ्रेंचाइजी के लिए ऑक्शन पर्स 15-15 करोड़ का है और इसमें से ही रिटेन किए गए खिलाड़ियों की फीस कटती है. ऐसे में नए रिटेंशन के बाद हर फ्रेंचाइजी के पास इतना पैसा है- यूपी वॉरियर्स- 14.50 करोड़, गुजरात जायंट्स- 9 करोड़, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु- 6.15 करोड़, मुंबई इंडियंस- 5.75 करोड़ और दिल्ली कैपिटल्स- 5.70 करोड़ |

क्या RTM का विकल्प मिलेगा?

WPL में पहली बार RTM यानि ‘राइट टू मैच’ कार्ड का विकल्प दिया गया है. यानि ऑक्शन में अगर किसी खिलाड़ी पर सबसे ऊंची बोली लगती है लेकिन पुरानी टीम उसे वापस खरीदना चाहती है तो वो RTM कार्ड के जरिए उस बोली के बराबर पैसा खर्च कर खरीद सकती है. हालांकि, सभी फ्रेंचाइजी के पास RTM का विकल्प नहीं है. गुजरात के पास 3 RTM, बेंगलुरु के पास 1 और यूपी वॉरियर्स के पास 4 RTM कार्ड हैं. मुंबई और दिल्ली के पास ये विकल्प नहीं हैं क्योंकि इन दोनों ने अधिकतम 5 खिलाड़ियों को रिटेन किया था |

ऑक्शन में किन बड़े खिलाड़ियों पर रहेगी नजर?

मेगा ऑक्शन है तो कई बड़े खिलाड़ियों पर ज्यादा नजरें रहेंगी. इसमें सबसे बड़ा नाम दिल्ली कैपिटल्स की लगातार 3 सीजन तक कप्तान रहीं ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मेग लैनिंग हैं, जिनका बेस प्राइस 50 लाख है. वहीं भारत की वर्ल्ड कप जीत में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं दीप्ति शर्मा सबसे ज्यादा बोली आकर्षित कर सकती हैं. इनके अलावा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वालीं लॉरा वुल्वार्ट, स्पिनर सोफी एक्लेस्टन, पेसर रेणुका सिंह, विकेटकीपर एलिसा हीली जैसे स्टार खिलाड़ियों पर बड़ा पैसा लुट सकता है |

AAP नेता पर हमला, घर में हुई 25 राउंड फायरिंग और फिरौती की धमकी

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पंजाब | पंजाब के फगवाड़ा में आम आदमी पार्टी के एक नेता पर 25 राउंड फायरिंग की खबर है। बता दें कि फगवाड़ा राज्य के कपूरथला जिले में एक निगम क्षेत्र है। दो बाइक सवार गैंगस्टरों ने AAP नेता दलजीत राजू दरवेश के घर पर अंधाधुंध फायरिंग की और 5 करोड़ रुपये की फिरौती की धमकी वाला पत्र फेंक कर वहां से फरार हो गए।

बता दें कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की ही सरकार है और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चला रखा है। ज्ञात हो कि दलजीत राजू दरवेश को पंजाब सरकार ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का को-ऑर्डिनेटर बनाया है। गैंगस्टर्स ने इन्हीं दलजीत राजू दरवेश के घर पर आज यानी गुरुवार को अंधाधुंध फायरिंग की।

AAP नेता के घर पर हुई इस अंधाधुंध फायरिंग में घर की दीवारों और दरवाजों पर छेद हो गए। घर में खिड़कियों के कांच टूट गए। फायरिंग के बाद बदमाश वहां धमकी भरी चिट्ठी भी फेंकर कर गए हैं। जानकारी मिलते ही सदर थाना SHO कृपाल सिंह मौके पर पहुंचे और आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। AAP नेता के घर पर हुई अंधाधुंध फायरिंग के संबंध में जब एसपी फगवाड़ा को पता चला तो उन्होंने पुलिस की टीमें बनाकर जांच शुरू कर दी है।

कौन हैं दलजीत राजू?

जिस दलजीत राजू दरवेश के घर पर आज गोलीबारी हुई, वह फगवाड़ा की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। दलजीत पहले कांग्रेस से जुड़े हुए थे और जिला कपूरथला के प्रधान भी रह चुके हैं। बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया और वह पूर्व मंत्री जोगिंदर सिंह मान के नजदीकी माने जाते हैं।

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फौजी बन सलमान ने दिखाई जिम्मेदारी, इंडस्ट्री की पुरानी रीतियों को किया पलट

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 बॉलीवुड | बॉलीवुड के भाईजान सलमान की अगली फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ होने वाली है. इसके सेट पर सलमान ने एक बड़ा और पॉजिटिव बदलाव किया है. दरअसल ज़्यादातर मौकों पर फिल्म के सेट्स पर कलाकारों और कुछ महत्वपूर्ण लोगों के लिए दूसरा खाना होता है, स्पॉटबॉय्ज या दूसरे तरह के काम करने वालों के लिए अलग खाना होता है. अब सलमान ने ये भेद पूरी तरह से खत्म कर दिया है. अब सभी को एक तरह का खाना दिया जाएगा |

 रिपोर्ट के मुताबिक आमतौर पर किसी सेट पर तीन तरह का खाना परोसा जाता है. इसमें पहला स्टार्स के लिए होता है. दूसरा टेक्नीशियन और अलग-अलग डिपार्टमेंट्स (जैसे: डायरेक्शन, कैमरा) के HODs के लिए, और तीसरा खाना यूनिट के बाकी लोगों के लिए होता है. सलमान खान को ये फर्क बिल्कुल अच्छा नहीं लगा. इस प्रथा को खत्म करने की पहल उन्होंने खुद की है.

सेट पर मिलेगा सभी को एक तरह का खाना

अब उन्होंने अपने अपने मोबाइल किचन Being Haangry के जरिए सभी को एक जैसा खाना देने की व्यवस्था शुरू की है. इस नई व्यवस्था के तहत, अब फिल्म से जुड़ा कोई भी व्यक्ति, चाहे वो मजदूर हो, कैमरा पर्सन हो, या खुद सलमान खान हों, सभी एक ही तरह का खाना खाते हैं. और ये मुफ़्त होता है. यहां ये गौर करना ज़रूरी है कि प्रोडक्शन टीम की तरफ़ से खाने की जो भी व्यवस्था पहले से चली आ रही है, वो तो होती ही है, लेकिन मोबाइल किचन के तौर पर एक और विकल्प सभी के पास मौजूद रहता है, वो भी बिना किसी खर्च के. ये प्रथा सलमान ने ‘सिकंदर’ के सेट पर शुरू की थी. अब इसे ‘बैटल ऑफ गलवान’ की शूटिंग के दौरान भी जारी रखा गया है. फिल्मों के अलावा ‘बिग बॉस’ के सेट पर भी इसका इस्तेमाल होता है |

सलमान का मोबाइल किचन और Being Haangry

इसके लिए सलमान के मोबाइल किचन Being Haangry का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसकी शुरुआत कोविड महामारी के दौरान फूड ट्रक के तौर पर हुई थी. उस समय, इन ट्रकों के ज़रिए देशभर के फ्रंटलाइन वर्कर्स तक राशन पहुंचाया गया था. लगभग 5 साल बाद, इन ट्रकों को चलती-फिरती रसोई में बदल दिया गया है|

 रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान ने दो वैन को मोबाइल किचन के तौर पर तैयार कराया है. इसे उनकी फिल्मों के सेट पर इस्तेमाल किया जाता है. इसी से फिल्म की पूरी यूनिट तक खाना पहुंचाया जाता है. मोबाइल किचन वाली प्रथा से पहले भी सलमान के घर से काफी सारा खाना बनकर आता था, जो सेट पर सभी के साथ साझा किया जाता था. लेकिन ऐसा करना सिर्फ मुंबई में ही संभव है. अगर शूटिंग मुंबई के बाहर हो, तो सलमान के घर से खाना बनकर आ नहीं सकता. लिहाजा मोबाइल किचन एक अच्छी पहल है. इसमें रसोई के अलावा कोल्ड स्टोरेज भी है. एक शिफ्ट में दो कुक काम करते हैं. एक बार में 500 लोगों का खाना तैयार किया जा सकता है |