नीतीश कैबिनेट ने पहली बैठक में बिहार में छह प्रस्तावों को मंजूरी दी

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पटना । नीतीश कैबिनेट (Nitish Cabinet) ने पहली बैठक में (In its First Meeting) बिहार में छह प्रस्तावों को मंजूरी दी (Approved six proposals in Bihar) । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई इस बैठक में सभी मंत्रियों ने हिस्सा लिया।

बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य में सुनियोजित एवं गुणवत्ता युक्त शहरी विकास के लिए 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के विकास के सैद्धांतिक सहमति तथा प्रस्ताव तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इनमें नौ प्रमंडलीय मुख्यालय के अलावा सीतामढ़ी और सोनपुर को शामिल किया गया है।

बैठक में बिहार को पूर्वी भारत का नया टेक हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इसमें विशेषज्ञों को परामर्श के रूप में शामिल किया जाएगा। समिति छह महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।

इसके अलावा, कैबिनेट की बैठक में राज्य में नए चीनी मिलों की स्थापना एवं पुराने बंद पड़े चीनी मिलों के पुनरुद्धार से संबंधित नीति निर्धारण और कार्य योजना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति के गठन करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।

कैबिनेट की बैठक में राज्य के प्रतिभाशाली उद्यमियों एवं युवाओं को राज्य अंतर्गत स्टार्टअप एवं अन्य न्यू एज इकोनॉमी प्रक्षेत्र के रोजगारोन्मुखी गतिविधियों को विस्तारित, प्रोत्साहित करने के लिए कार्य योजना के निर्माण करने एवं उसके क्रियान्वयन के लिए शीर्ष समिति के गठन की स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट की बैठक में बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत प्रतिभावान व्यक्तियों और कंपनियों की सहायता ली जाएगी।

फैंस का जबरदस्त क्रेज! ‘तेरे इश्क में’ ने एडवांस बुकिंग से बनाई कमाई का नया रिकॉर्ड

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धनुष और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘तेरे इश्क में’ 28 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फैंस इस फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं अब फिल्म के आने में कुछ ही दिन बाकी हैं, ऐसे में मेकर्स ने इसकी एडवांस बुकिंग शुरू कर दी है। इस फिल्म ने पहले ही दिन अच्छी कमाई कर ली है और इसकी एडवांस बुकिंग तेजी से बढ़ रही है।

एडवांस बुकिंग से बिके कितने टिकट?

रिपोर्ट के अनुसार, ‘तेरे इश्क में’ ने दो दिनों में एडवांस बुकिंग से भारत में 4,950 शो में लगभग 44,320 टिकट बेचे हैं, जिनकी प्री-सेल कुल 2.53 करोड़ रुपए है। शुरुआती आंकड़े काफी अच्छे हैं, जिससे पता चलता है कि फिल्म ने इस साल बॉक्स-ऑफिस पर एक और बड़ी सफलता बनने की संभावना है। हालांकि, अगर एडवांस बुकिंग अच्छी रही, तो फिल्म रिलीज से पहले ही अच्छी कमाई कर सकती है। इन आंकड़ों को देखने के बाद कहना है कि यह फिल्म पहले दिन 10-12 करोड़ तक की कमाई करेगी।

हिंदी के अलावा किन भाषाओं में रिलीज होगी ‘तेरे इश्क में’

फिल्म ‘तेरे इश्क में’ को आनंद एल राय ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म के जरिए धनुष और डायरेक्टर आनंद एल राय तीन साल बाद वापसी कर रहे हैं। दोनों आखिरी बार 2021 में रिलीज हुई ‘अतरंगी रे’ में नजर आए थे। यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज हुई थी। वहीं ‘तेरे इश्क में’ की बात करें, तो यह एक इंटेस लव स्टोरी है, जो धनुष और कृति सेनन के इर्द-गिर्द घूमती है। इस फिल्म की कहानी हिमांशु शर्मा और नीरज यादव ने मिलकर लिखी है। यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु में दुनिया भर में रिलीज होने वाली है। फिल्म में धनुष के साथ कृति सेनन लीड रोल प्ले किया है। इस फिल्म को सबसे अच्छी रोमांटिक ड्रामा में से एक माना जा रहा है और अगर यह दर्शकों को पसंद आ जाती है, तो यह बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई करेगी, क्योंकि इस साल रोमांटिक फिल्मों का ट्रेंड काम कर गया है।

शिवसेना सांसद ने स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की, कहा- करोड़ों लोगों की जिंदगी खतरे में

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मुंबई।  शिवसेना (बीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने खाने की चीजों में रंगों का इस्तेमाल की शिकायत करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लेटर लिखा। इसमें उन्होंने कहा- भुने चने और दूसरे खाने-पीने की चीजों में गैर-कानूनी तरीके से ऑरामाइन नाम की खतरनाक डाई मिलाई जा रही है, जो कैंसर पैदा कर सकती है। लेटर में प्रियंका ने लिखा कि ऑरामाइन डाई कपड़े और चमड़े में रंगने के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन कुछ लोग इसे खाने की चीजों में डालकर उन्हें चमकदार और रंगीन बना रहे हैं। यह फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स एक्ट का उल्लंघन है।
प्रियंका ने आगे बताया कि यह सिर्फ कानून तोडऩा नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की सेहत और जिंदगी को खतरे में डालना है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की निगरानी में बड़ी चूक हो रही है।

खतरों के बावजूद मिलावट पर रोक नहीं लग रही
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इतना खतरनाक होने के बाद भी ऑरामाइन डाई की मिलावट पर रोक नहीं लग पाई है। इसके लिए उन्होंने 4 कारण बताएं…पहला बाजार की जांच कमजोर है, दूसरा नियमित टेस्टिंग नहीं हो रही, तीसरा लोगों को चेतावनी देर से दी जा रही और चौथा कानून लागू करने में ढिलाई है।

नेशनल हेल्थ अलर्ट जारी किया जाए
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि ऑरामाइन मिलावट पर राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया जाए। भुने चने और अन्य खाद्य पदार्थों की देशभर में जांच हो। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही कहा कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडड्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की व्यवस्था में कहां कमी है, इसका आंतरिक ऑडिट भी होना चाहिए।

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सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने ध्वजारोहण समारोह में नहीं बुलाए जाने का आरोप लगाया

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लखनऊ। फैजाबाद (अयोध्या) संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण से जुड़े समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने मंगलवार को ‘एक्स’ खाते पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘रामलला के दरबार में धर्म ध्वजा स्थापना कार्यक्रम में मुझे न बुलाए जाने का कारण मेरा दलित समाज से होना है। तो यह राम की मर्यादा नहीं, किसी और की संकीर्ण सोच का परिचय है। राम सबके हैं। मेरी लड़ाई किसी पद या आमंत्रण को लेकर नहीं है, बल्कि सम्मान, बराबरी और संविधान की मर्यादा के लिए है।’’ उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा था, ‘‘मुझे अभी तक राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह का न्योता नहीं मिला है। यदि मुझे न्योता मिला तो सारा काम धाम छोड़कर मैं नंगे पैर ही वहां जाऊंगा…!’’
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, साधु-संतों, आदिवासियों समेत अनेक श्रद्धालुओं-मेहमानों की मौजूदगी में ध्वजारोहण किया। 

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तेज प्रताप यादव को खाली करना होगा सरकारी घर, नए मंत्री को मिलेगा आवास

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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। तेज प्रताप यादव सरकारी आवास को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप को विधानसभा चुनाव से पहले पारिवारिक विवाद के चलते घर से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाकर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। हालांकि जनता ने उन्हें समर्थन नहीं दिया और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।

अब उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि तेज प्रताप यादव को मिला सरकारी आवास नियमों के अनुसार केवल विधायक रहने तक ही अपने पास रखा जा सकता है। तेज प्रताप अब विधायक नहीं हैं, इसलिए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें यह घर जल्द ही खाली करना होगा।

सूत्रों के अनुसार, तेज प्रताप यादव का 26M स्टैंड रोड स्थित आवास अब एनडीए सरकार में शामिल मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन को आवंटित किया गया है। मंत्री को तुरंत सरकारी आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऐसे में तेज प्रताप के पास सरकारी घर खाली करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

बिहार की सियासत में तेज प्रताप यादव पहले ही कई विवादों का सामना कर चुके हैं। पारिवारिक तनातनी और राजनीतिक फैसलों की वजह से वे लगातार सुर्खियों में रहते हैं। अब सरकारी आवास का मुद्दा उनके लिए एक और चुनौती बनकर सामने आया है।

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भारत की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, GDP ग्रोथ 7.3% पहुंचने का अनुमान

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नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच अपनी रफ़्तार बनाए हुए है, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की जीडीपी (GDP) 7.3% की दर से बढ़ने की उम्मीद है. यह आंकड़ा सुनने में शानदार लगता है, खासकर तब जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का दबाव बना हुआ है. इस तिमाही की ग्रोथ स्टोरी के असली हीरो ‘गांव’ और ‘सरकार’ हैं. जहां एक तरफ प्राइवेट कंपनियों ने अपने हाथ खींच रखे हैं, वहीं ग्रामीण भारत ने जमकर खर्च किया है. अच्छी बारिश और बेहतर खेती के चलते गांवों में मांग बढ़ी है.

घरेलू खपत (Household Consumption), जो हमारी पूरी अर्थव्यवस्था का लगभग 60% हिस्सा है, पिछली तिमाही में काफी मजबूत रही. इसका सीधा मतलब है कि लोग सामान खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में पैसा घूम रहा है. इसके साथ ही, सरकार ने भी विकास कार्यों पर अपना खर्च जारी रखा है, जिससे अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार मिला. तस्वीर का दूसरा पहलू थोड़ा चिंताजनक है. शहरी मांग सुस्त पड़ी है और प्राइवेट कंपनियां नया निवेश (Capex) करने से कतरा रही हैं. इसकी एक बड़ी वजह वैश्विक अनिश्चितता है.

अगस्त में डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% करने के फैसले से बाजार सहमा हुआ है. इसका असर यह हुआ कि विदेशी निवेशकों ने इस साल अब तक भारतीय शेयर बाजार से करीब 16 अरब डॉलर (net outflow) निकाल लिए हैं. डॉयचे बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक दास का मानना है कि जब तक वैश्विक माहौल ठीक नहीं होता, प्राइवेट सेक्टर खुलकर खर्च करने की स्थिति में नहीं होगा.

यहाँ एक पेंच और भी है जिसे समझना जरूरी है. कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह 7.3% की ग्रोथ थोड़ी बढ़ा-चढ़ाकर दिख रही है. इसका कारण है ‘डिफ्लेटर’ (Deflator) का कम होना. आसान भाषा में समझें तो जब महंगाई (Inflation) बहुत कम होती है, तो जीडीपी के ‘रियल’ आंकड़े तकनीकी रूप से बेहतर दिखते हैं.

थोक महंगाई न के बराबर थी और खुदरा महंगाई भी जुलाई-सितंबर के बीच औसतन 2% के आसपास रही. इसने सांख्यिकीय रूप से (Statistically) ग्रोथ रेट को ऊपर उठा दिया, जबकि जमीनी हकीकत में नॉमिनल ग्रोथ (बिना महंगाई समायोजन के) कमजोर हो सकती है. एलएंडटी फाइनेंस की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी ठाकुर के मुताबिक, यह सांख्यिकीय सहारा इस वित्त वर्ष के अंत तक बना रह सकता है.

आने वाला समय थोड़ा मिला-जुला रहने वाला है. जीएसटी (GST) में हाल ही में की गई कटौतियों से उम्मीद थी कि लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा बचेगा और वे खर्च बढ़ाएंगे. लेकिन एएनजेड (ANZ) के अर्थशास्त्री धीरज निम का कहना है कि भारतीय परिवार पहले से ही भारी कर्ज में डूबे हैं, इसलिए टैक्स कटौती से बची रकम शायद खर्च होने के बजाय कर्ज चुकाने में चली जाए. अर्थशास्त्री भविष्य को लेकर भी थोड़े सतर्क हैं. अनुमान है कि अगली तिमाहियों में विकास दर थोड़ी धीमी पड़कर 6.8% और मार्च 2026 तक 6.3% तक आ सकती है. आधिकारिक आंकड़े शुक्रवार, 28 नवंबर को जारी किए जाएंगे, जिससे तस्वीर पूरी तरह साफ़ हो पाएगी.

संसद के शीत सत्र में विपक्ष से न हो टकराव

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 सरकार ने 30 को बुलाई सर्वदलीय बैठक

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहे संसद सत्र को ठीक ढंग से चलाने के लिए सभी विपक्षी दलों को बातचीत के लिए साथ लाने की कोशिश शुरू कर दी है।  सूत्रों के मुताबिक, इसी कड़ी में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। केंद्र सरकार इसके जरिए शीत सत्र की कार्यवाही को ठीक ढंग से चलाने को लेकर सहमति बनाने की कोशिश करेगी।
बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है और सरकार इस बार 10 नए विधेयक (बिल) पेश करने की तैयारी में है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025, जो देश के नागरिक परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का रास्ता बनाएगा। अब तक यह क्षेत्र पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहा है। सरकार का कहना है कि यह नया कानून परमाणु ऊर्जा के उपयोग और उसके नियमन से जुड़े ढांचे को आधुनिक और प्रभावी बनाएगा। इससे देश में ऊर्जा उत्पादन और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव का प्रस्ताव
सत्र के एजेंडे में हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल भी शामिल है। लोकसभा के बुलेटिन के मुताबिक यह बिल ऐसे आयोग की स्थापना करेगा, जो विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को अधिक स्वायत्तता दे, उन्हें स्वतंत्र और स्वयं-शासित संस्थान बनने में मदद करे और मान्यता की प्रक्रिया को पारदर्शी और मजबूत बनाए। यह प्रस्ताव काफी समय से सरकार की योजना में रहा है और अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

सडक़ों, कंपनियों और बाजार से जुड़े अहम संशोधन
सरकार कुछ पुराने कानूनों को भी आसान और आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाने जा रही है। इसमें कई अहम बिल शामिल हैं।
-नेशनल हाईवेज (संसोधन) बिल- राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए जमीन अधिग्रहण को तेज, पारदर्शी और सरल बनाने का लक्ष्य।
-कॉरपोरेट लॉज (संसोधन) बिल, 2025- कंपनियों अधिनियम 2013 और एलएलपी एक्ट 2008 में बदलाव के जरिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना।
-सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड (एसएमसी) बिल, 2025- सेबी अधिनियम, डिपॉजिटरी अधिनियम और प्रतिभूति अनुबंध विनियमन अधिनियम- इन तीन पुराने कानूनों को समेटकर एक ही सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बनाने का प्रस्ताव। इससे बाजार से जुड़े नियम सरल और एक समान होंगे।

मध्यस्थता कानून में भी संशोधन का प्रस्ताव
सरकार मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में भी बदलाव लाने पर विचार कर रही है। ज्यादा स्पष्टता के लिए एक समिति को इसकी समीक्षा का काम दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी तथा सेक्शन 34 में संशोधन की आवश्यकता को देखते हुए नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

लालू की मुश्किलें बढ़ीं! 28 साल का बंगला गया, राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करने का फरमान—अब 39 हार्डिंग रोड पर शिफ्ट!

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Rabri Devi residence: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस मिला है. लालू परिवार पिछले 20 सालों से इसी बंगले में रह रहा है. हालांकि राबड़ी देवी को दूसरा सरकारी आवास अलॉट किया गया है. भवन निर्माण विभाग ने नोटिस देकर बताया है कि राबड़ी को हार्डिंग रोड पर सेंट्रल पूल हाउस नं. 39 आवंटित किया गया है. 

रोहिणी बोलीं- जनता के दिल से कैसे निकालेंगे

वहीं सरकारी आवास खाली करने को लेकर दिए नोटिस पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘सुशासन बाबू का विकास मॉडल। करोड़ों लोगों के मसीहा लालू प्रसाद यादव का अपमान करना पहली प्राथमिकता. घर से तो निकाल देंगे, बिहार की जनता के दिल से कैसे निकालिएगा. सेहत नहीं तो कम से कम लालू यादव के राजनीतिक कद का ही सम्मान रखते.’

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नेता प्रतिपक्ष पद के हिसाब से मिलना चाहिए सरकारी आवास

जानकारी के मुताबिक यह कदम नई एनडीए सरकार की स्थापना के बाद उठाया गया है, जिसमें मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं को उनके सरकारी आवास फिर से आवंटित किए जा रहे हैं. 

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक राबड़ी देवी अब विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं. ऐसे में उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि नेता प्रतिपक्ष के स्तर का बंगला मिलना चाहिए. प्रशासन का कहना है कि राबड़ी देवी पिछले 20 सालों से उसी बंगले में हैं. जबकि बीच-बीच में उनके पद बदलते रहे हैं. वहीं आरजेडी का आरोप है कि नीतीश-भाजपा की सरकार राजनीतिक प्रतिशोध में बंगला छीन रही है.

20 सालों से राबड़ी को अलॉट है बंगला

बता दें कि 10, सर्कुलर रोड का बंगला पिछले लगभग 20 सालों से राबड़ी देवी को अलॉट है. यह बंगला लालू-राबड़ी परिवार का राजनीतिक और निजी ठिकाना रहा है. 10 सर्कुलर रोड RJD की राजनीति का बड़ा केंद्र रहा है. यहां से लालू-राबड़ी की मीटिंग्स, पंचायतें और बड़े फैसले होते रहे हैं.

राहुल-अखिलेश राममंदिर में दर्शन के लिए नहीं गए, यह उनका दुर्भाग्य

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चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण से पहले भविष्यवाणी की थी कि 2027 में फिर से यूपी में बीजेपी सरकार बनेगी। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के राम मंदिर न जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। राहुल और अखिलेश को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि जो लोग दर्शन के लिए नहीं गए, उनके लिए यह दुर्भाग्य की बात है। पीएम मोदी के लिए यह सौभाग्य की बात है, जो वहां गए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की भारतीय नागरिकता पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि वह भारतीय नहीं हैं। वे देश के पूर्व पीएम राजीव गांधी की पत्नी हैं, इसलिए उनका सम्मान किया जाता है, लेकिन उनमें भारतीयता नहीं है। इसी दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विदेश दौरों पर रामभद्राचार्य ने अपनी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
जब रामभद्राचार्य से पूछा गया कि क्या बीजेपी 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव में फिर से सरकार बनाएगी, तो उन्होंने कहा कि हां, यह फिर से जीतेगी। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत पर रामभद्राचार्य ने कहा कि बिहार के लोग जाति की राजनीति से ऊपर उठ चुके हैं। अब वे समझते हैं कि क्या करना है और किसे करना है। पीएम मोदी की तरफ से कांग्रेस को मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस कहने पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उनके बयान का समर्थन किया और कहा कि उनका बयान मैंने भी सुना और उन्होंने जो कहा वह सही है।
इसी बीच जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने जाति के आधार पर आरक्षण खत्म करने की वकालत की। उन्होंने एससी/एसटी एक्ट पर कहा कि इसे रद्द कर देना चाहिए। वेदों में अवर्ण या सवर्ण का जिक्र नहीं है। मैं कहूंगा कि जाति के आधार पर कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए। उन्होंने अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की और भगवान से उनकी आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की।

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नीले ड्रम की शॉकिंग कहानी! मुस्कान रस्तोगी ने बेटी को जन्म दिया, पिता सौरभ या साहिल? DNA टेस्ट से खुलेंगे राज

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Muskan Birth Daughter: मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड (नीला ड्रम) में शामिल आरोपी मुस्कान ने सोमवार की शाम बेटी को जन्म दिया है. यह भी एक संयोग है कि सोमवार, 24 नवंबर के दिन ही सौरभ का जन्मदिन होता था. मुस्कान की बेटी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसका पिता कौन है? इसके लिए DNA टेस्ट कराया जाएगा. फिलहाल, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं.

आरोपी मुस्कान, जिसने बेटी को जन्म दिया है. वह फिलहाल जेल में ही बंद थी, जिसकी तबीयत खराब होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां उसने बेटी को जन्म दिया. मुस्कान देश के चर्चित हत्याकांड की आरोपी है, इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे अस्पताल परिसर में पुलिस तैनात किया गया. मुस्कान की एक पहले से भी बेटी है, जो सौरभ के परिवार के साथ रहती है.

सौरभ के परिवार ने की डीएनए टेस्ट की मांग
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से किसी बाहरी व्यक्ति को वार्ड में प्रवेश नहीं दिया गया, केवल इस दौरान 8 सदस्यी मेडिकल और सुरक्षा टीम ही वार्ड पर मौजूद रही. बच्ची की उम्र करीब सवा 8 महीने बताई जा रही है. मुस्कान के परिवार की ओर से कोई भी सदस्य अस्पताल नहीं पहुंचा है. वहीं सौरभ के परिजन डीएनए टेस्ट कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि पता चल सके कि कहीं बच्चा सौरभ का तो नहीं.

बच्ची किसकी, DNA टेस्ट के बाद ही पता चलेगा?
सौरभ के बड़े भाई राहुल राजपूत को जब इसकी जानकारी लगी थी कि मुस्कान गर्भवती है तो उन्होंने कहा था कि बच्चे को तभी अपनाएंगे. जब पता चल जाएगा कि बच्चा सौरभ का ही है. राहुल ने कहा कि अगर डीएनए टेस्ट के पता चलेगा कि बच्ची सौरभ की है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे. डीएनए टेस्ट कराया जाएगा या नहीं, अभी इस पर कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिया
सौरभ हत्याकांड को ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से भी जाना जाता है. यह घटना तीन मार्च 2025 की है, जब मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी. पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर सौरभ को मारकर उसके शव के कई टुकड़े कर दिए, इसके बाद उन्हें नीले ड्रम में डालकर सीमेंट का घोल डाल दिया था और आरोपी साहिल, सौरभ का सिर अपने घर ले गया था. फिलहाल, दोनों आरोपी जेल में बंद हैं.