PM मोदी का भावुक पत्र, साझा किए अपने अनुभव

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Constitution Day 2025 PM Modi letter देशवासियों के नाम एक भावुक संदेश लेकर आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान की शक्ति, लोकतंत्र और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। पीएम मोदी ने लिखा कि 26 नवंबर हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है, क्योंकि इसी दिन 1949 में संविधान सभा ने भारत के संविधान को स्वीकार किया था। वर्ष 2015 में NDA सरकार ने इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया, ताकि देश में संविधान के प्रति जागरूकता और सम्मान बढ़ाया जा सके।

पत्र में पीएम मोदी ने बताया कि कैसे भारत के संविधान ने साधारण परिवार से आए व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनने का अवसर दिया। उन्होंने याद किया कि 2014 में संसद भवन में प्रवेश करते समय उन्होंने इसकी सीढ़ियों को प्रणाम किया था, और 2019 में चुनाव जीतने के बाद संविधान को माथे से लगाया था। उनके मुताबिक, यह संविधान की ही ताकत है जिसने उन्हें 24 वर्षों तक जनसेवा का अवसर दिया।

संविधान दिवस पर पीएम ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब अंबेडकर और संविधान सभा की सभी महिला सदस्यों के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि 2010 में उन्होंने ‘संविधान गौरव यात्रा’ की अगुवाई की थी, जबकि 2023 में संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर विशेष सत्र और राष्ट्रीय अभियान चलाया गया था।

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि वर्ष 2049 में संविधान के 100 वर्ष पूरे होंगे, इसलिए आज लिए गए फैसले आने वाली पीढ़ियों पर गहरा प्रभाव डालेंगे।

अपने पत्र के अंत में पीएम ने युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को स्कूलों और कॉलेजों में फर्स्ट-टाइम वोटर्स का सम्मान किया जाना चाहिए, ताकि उनमें जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गर्व का भाव विकसित हो। यही भावना एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण की नींव बनती है।

राम मंदिर के शिखर पर मोदी ने फहराई धर्मध्वजा, कहा— “आज विराम लगा लंबी प्रतीक्षा को

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अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण पूरा हुआ। पीएम मोदी और मोहन भागवत ने राम मंदिर के 161 फीट शिखर पर धर्मध्वजा फहराई और पहली बार राम दरबार में पूजा की। पीएम मोदी रामलला के लिए विशेष वस्त्र और चंवर लेकर पहुंचे। दिव्य समारोह के करोड़ों भक्त साक्षी बने।
अयोध्या ने अपने इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भव्य धर्मध्वज फहराया। जैसे ही केसरिया ध्वज आकाश में लहराया, पूरा परिसर “जय श्री राम” के उद्घोष से गूंज उठा। माहौल भक्तिभाव, रोमांच और राममयी ऊर्जा से भर गया।

ध्वजारोहण से पहले वैदिक मंत्रों के बीच विस्तृत पूजा-अर्चना, यज्ञ-हवन और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। यज्ञकुंड से उठती सुगंध, शंख-नाद, नगाड़ों की ध्वनि और दीप-सज्जा ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी दिव्य बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ध्वजारोहण को सनातन संस्कृति की निरंतरता, भारतीय आस्था की अटूट शक्ति और सांस्कृतिक स्वाभिमान का संदेश बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-“यह ध्वज सदियों के सपने का साकार रूप है।”
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज अयोध्या न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व को राममय कर रही है। सदियों पुराने घाव भर रहे हैं और पांच सौ वर्षों से प्रज्वलित यज्ञ की पूर्णाहुति हो रही है। यह धर्मध्वज सूर्यवंश की परंपरा, रामराज्य के आदर्श और संतों की तपस्या का प्रतीक है।

मोहन भागवत बोले- “सपने से भी सुंदर मंदिर खड़ा हुआ है।”
RSS प्रमुख ने भावुक होते हुए कहा कि इस दिन के लिए अनगिनत रामभक्तों ने बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि धर्मध्वज पर कोविदार वृक्ष का चिन्ह अंकित है, जो रघुकुल परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का दिन संकल्प दोहराने का है-ऐसा भारत बनाना है जो विश्व को शांति का संदेश दे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा- “यह नए युग का शुभारंभ है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। “मंदिर वहीं बनाएंगे” का संकल्प आज पूर्ण हुआ है। उन्होंने बताया कि अयोध्या अब विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित एक आधुनिक तीर्थ बन चुकी है।

ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हजारों श्रद्धालु
इस समारोह में देश-विदेश से आए संत-महात्मा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, विशिष्ट अतिथि, किन्नर समुदाय, दलित-वंचित समाज के प्रतिनिधि और करीब 7,000 लोग शामिल हुए। पूरा परिसर दीपों, फूलों और भव्य सजावट से जगमगा उठा।

161 फीट ऊंचे ध्वजदंड पर चढ़ा 21 किलो सोना
धर्मध्वज जिस 161 फीट ऊंचे दंड पर लगाया गया, उस पर 21 किलो शुद्ध सोना चढ़ाया गया है। यह वही स्थान है जहां 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने भूमि पूजन किया था। भूमि तल से 50 फीट नीचे किए गए पूजन से लेकर 161 फीट ऊंचे शिखर तक नाभि-दंड की कुल ऊंचाई 211 फीट हो गई है।
 

रानी चटर्जी का नया लुक वायरल! सिंदूर और मंगलसूत्र ने बढ़ाई शादी की चर्चा, जानिए सच्चाई

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 भोजपुरी सिनेमा की टॉप अदाकाराओं में से एक रानी चटर्जी सोशल मीडिया पर खूब एक्टिव रहती हैं। शायद ही कोई ऐसा दिन जाता है जब रानी चटर्जी इंटरनेट पर अपनी पिक्स या वीडियोज शेयर ना करती हों। कुछ देर पहले ही रानी चटर्जी (Rani Chatterjee) ने अपने कई खूबसूरत पिक्स शेयर की हैं। इन पिक्स को देखकर फैन्स के मन में एक सवाल खड़ा हो गया है। इन फोटोज में रानी चटर्जी की मांग में सिंदूर और गले में मंगलसूत्र दिखाई दे रहा है। फोटो देखकर कई लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए हैं कि रानी चटर्जी ने कहीं गुपचुप शादी तो नहीं कर ली है। तो चलिए जानते हैं असली सच्चाई क्या है।

क्या सच में रानी चटर्जी ने रचाई शादी?

रानी चटर्जी इन सभी फोटो में सोलह श्रृंगार किए नजर आ रही हैं। रानी चटर्जी लाल रंग की साड़ी कैरी कर ट्रेडिशनल लुक में दिखाई दे रही हैं। इस दौरान फैन्स ने उनकी मांग में सिंदूर, हाथों में हरी चूड़ियां और गले में मंगलसूत्र नोटिस किया। दरअसल कईयों को लगने लगा था कि रानी चटर्जी ने शादी कर ली है लेकिन यह सच नहीं है। यह सभी पिक्स रानी चटर्जी ने अपनी आने वाली फिल्म के सेट से शेयर की हैं। उनका यह लुक उसी फिल्म से है, जो फैन्स की खूब पसंद आया है।

वर्कफ्रंट की बात करें तो रानी चटर्जी के पास इस समय आने वाले प्रोजेक्ट्स की कमी नहीं है। रानी चटर्जी इन दिनों एक साथ ‘ए बैड मैन बाबू’, ‘परिवार के बाबू’, ‘भाभी मां’, ‘नाचे दूल्हा गली गली’, ‘मेरा पति मेरा देवता है’, ‘दीदी नंबर 1’, ‘सास बहू चली स्वर्ग लोक’, ‘चुगलखोर बहुरिया’ और ‘ऊपर वाली और बिहार वाली’ जैसी कई फिल्मों पर काम कर रही हैं।

भारत को मिली 408 रन की शर्मनाक हार, साउथ अफ्रीका ने 25 साल में पहली बार रचा इतिहास

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क्रिकेट | टेम्बा बावुमा की कप्तानी वाली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन साउथ अफ्रीका ने भारत आकर इतिहास रच दिया है. पिछले 25 सालों से भारत में टेस्ट सीरीज जीतने का इंतजार कर रही साउथ अफ्रीका को आखिरकार सफलता मिल गई. गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के आखिरी दिन साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को सिर्फ 140 रन पर ढेर करते हुए 408 रन के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की. इसके साथ ही उसने 2 मैच की टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप कर लिया. ये भारत की टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी हार है, जबकि साउथ अफ्रीका ने 2000 के बाद पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज जीती है | 

गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में टीम इंडिया को आखिरी दिन जीत के लिए 522 रन और चाहिए थे, जबकि उसके पास 8 विकेट बचे थे. यहां से जीत की संभावनाएं तो पहले ही खत्म हो चुकी थीं. साथ ही सीरीज भी हाथ से निकल ही चुकी थी. जरूरत सिर्फ ये थी कि पूरे दिन बल्लेबाजी करते हुए किसी तरह मैच को ड्रॉ करवाया जाए और क्लीन स्वीप की शर्मिंदगी से बचा जा सके. मगर पहले सेशन में ही ये तय हो गया कि मैच ड्रॉ भी नहीं हो पाएगा |

साउथ अफ्रीका ने दिन के पहले सेशन में ही कुलदीप यादव, ध्रुव जुरेल और ऋषभ पंत को पवेलियन लौटा दिया. इन तीनों को ही ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर ने अपना शिकार बनाया, जो पहले टेस्ट से ही टीम इंडिया के लिए आफत साबित हो रहे थे. इस मैच में कप्तानी कर रहे पंत का विकेट सबसे बड़ा झटका था. साई सुदर्शन हालांकि दूसरी छोर से टिककर ज्यादा से ज्यादा ओवर निकाल रहे थे. उन्हें इस दौरान रवींद्र जडेजा का भी साथ मिला |

मगर दूसरे सेशन की शुरुआत में ही सुदर्शन की पारी का अंत हुआ. मगर उम्मीद थी कि वॉशिंगटन सुंदर और जडेजा इस साल मैनचेस्टर टेस्ट वाला कमाल दोहरा सकेंगे, जहां दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी दिन शतक जमाकर टेस्ट ड्रॉ करवाया था. करीब एक घंटा दोनों टिके भी रहे लेकिन हार्मर ने सुंदर को आउट कर अपने 5 विकेट पूरे किए, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी ने भी फिर निराश किया और हार्मर का छठा शिकार बने. इसके बाद तो केशव महाराज ने एक ही ओवर में जडेजा और मोहम्मद सिराज को आउट कर टीम इंडिया को 140 रन पर ढेर कर दिया |

इस तरह 549 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही टीम इंडिया 408 रन के बड़े अंतर से हार गई, जो टेस्ट क्रिकेट में रन के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी हार है. इतना ही नहीं, 2024 से पहले टीम इंडिया को घर में एक बार भी क्लीन स्वीप का सामना नहीं करना पड़ा था लेकिन पिछले एक साल में दूसरी बार टीम इंडिया का ऐसा हाल हुआ है. पिछले साल न्यूजीलैंड ने 3-0 से सीरीज जीती थी. इस तरह कोच गौतम गंभीर के आने के बाद से घर में भारत की 9 टेस्ट मैच में पांचवीं हार है, जबकि सिर्फ 4 मैच ही जीत पाए हैं |

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 70 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया

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नई दिल्ली । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi Chief Minister Rekha Gupta) ने 70 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया (Inaugurated 70 new Ayushman Arogya Mandirs) । इस अवसर पर मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नियमित स्वास्थ्य जांच, डॉक्टर परामर्श, आवश्यक दवाइयां, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग और टीकाकरण जैसी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना, जन औषधि केंद्र, वय वंदना योजना और आयुष्मान आरोग्य मंदिर मिलकर दिल्ली में एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण कर रहे हैं, जहां बेहतर इलाज हर किसी का अधिकार है, दवाइयां किफायती हैं और आधुनिक सुविधाएं हर नागरिक की पहुंच में हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन 10 महीनों में, हमने दिल्ली की सूरत बदलने की कोशिश की है। मैं कई बार इस इलाके में आई और सिर्फ टूटी हुई सड़कें देखीं। इतने सालों में इतने लंबे समय तक सरकार में रहने के बावजूद पिछली सरकारों में बहुत कम काम हुआ। सालों तक शहर को इसी हालत में छोड़ दिया गया। उन्होंने जनता से पूछा, “पिछले 10-11 सालों में, क्या आपके पिछले विधायक कभी आपके बीच ऐसे आए थे? क्या उन्होंने कभी ऐसे कदम उठाए?”

‘मोहल्ला क्लीनिक’ को लेकर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “सालों तक पिछली सरकारों ने ‘मोहल्ला क्लीनिक’ के आइडिया को बढ़ावा दिया, लेकिन असल में कितने लोग इन क्लीनिक में गए और उन्हें देखा? उन्होंने बस बड़े हॉल या सड़कों के किनारे प्रोपेगैंडा पोस्टर लगाए, जिन पर उनकी बड़ी तस्वीरें लगी थीं। उन बड़ी तस्वीरों के पीछे बहुत कम काम था। दवा, डॉक्टर और कोई स्टाफ नहीं था। आज, एक आरोग्य मंदिर के अंदर कदम रखें और खुद देखें। हर एक आरोग्य मंदिर आपके प्राइमरी हॉस्पिटल की तरह काम करता है।”

जडेजा का करिश्मा! 6 विकेट झटकर किया बड़ा कमाल, रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाम

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क्रिकेट | गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में अभी तक साउथ अफ्रीका का दबदबा देखने को मिला है। इस टेस्ट मैच की दोनों पारियों में अफ्रीकी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय गेंदबाज दोनों पारियों में विकेट लेने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए। इस बीच टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने दूसरी पारी में 4 विकेट हॉल लेकर एक बड़ा कारनामा किया है। उन्होंने पहली पारी में 2 विकेट लिए थे और इस तरह से उन्होंने कुल मिलाकर मैच में 6 विकेट अपने नाम किए।

रवींद्र जडेजा ने अपने नाम की खास उपलब्धि

रवींद्र जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने 50 टेस्ट विकेट पूरे कर लिए हैं। जडेजा के नाम साउथ अफ्रीका के खिलाफ 11 टेस्ट की 19 इनिंग में 52 विकेट हो गए हैं। इसी के साथ अब वो दुनिया के ऐसे सिर्फ दूसरे बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज बन गए हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में साउथ अफ्रीका के 50 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। उनसे पहले ये कारनामा इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी और बाएं हाथ के स्पिनर कॉलिन बेलीथ ने किया था। उन्होंने साल 1906 से लेकर 1910 तक साउथ अफ्रीका के टेस्ट क्रिकेट में 59 विकेट चटकाए थे। बता दें इंग्लैंड के इस पूर्व दिग्गज खिलाड़ी के नाम सिर्फ 19 टेस्ट में 100 विकेट दर्ज हैं।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले लेफ्ट आर्म स्पिनर

कॉलिन ब्लाइथ (इंग्लैंड) – 59 विकेट – 19 इनिंग (1906-1910)
रवींद्र जडेजा (भारत) – 52 विकेट – 19 इनिंग (2013-2025)
जॉनी वार्डल (इंग्लैंड) – 46 विकेट – 18 इनिंग (1951-1957)
रंगना हेराथ (श्रीलंका) – 43 विकेट – 19 इनिंग (2004-2018)

इस टेस्ट सीरीज में कुछ ऐसा रहा है रवींद्र जडेजा का प्रदर्शन

साउथ अफ्रीका के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में रवींद्र जडेजा ने दोनों टेस्ट मैचों को मिलाकर कुल 10 विकेट अपने नाम किए। कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में वह एक भी विकेट नहीं ले पाए थे। लेकिन वहां भी दूसरी पारी में वह 4 विकेट लेने में कामयाब रहे थे। वहीं बैटिंग की बात करें तो रवींद्र जडेजा ने कोलकाता टेस्ट की पहली में 27 और दूसरी पारी में 18 रन बनाए थे। अब दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा कैसी बल्लेबाजी करते हैं ये देखना दिलचस्प होगा।

जीत के लिए भारत के सामने बड़ा लक्ष्य

गुवाहाटी टेस्ट मैच की बात करें तो वहां आखिरी दिन का खेल बाकी है। टेस्ट मैच के पांचवें दिन टीम इंडिया को जीत के लिए 522 रन बनाने होंगे। वहीं साउथ अफ्रीका जल्द से जल्द 8 विकेट लेकर इस मैच को अपने नाम करना चाहेगी। साउथ अफ्रीका ने इस मैच में भारत के सामने 549 रन का टारगेट रखा था। जवाब में चौथे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 2 विकेट के नुकसान पर 27 रन बना लिए हैं।

बदरीनाथ धाम के कपाट हुए बंद, चार धाम यात्रा ने बनाया रिकॉर्ड 

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वर्ष 2024 के मुकाबले 4.35 लाख अधिक रही श्रद्धालुओं की संख्या 
51 लाख से अधिक यात्रियों ने किए चार धाम के दर्शन 
केदारनाथ में सर्वाधिक 17 लाख 68 हजार 795 तीर्थ यात्री पहुंचे 
बदरीनाथ धाम में 16 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन 

देहरादून। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारों धामों के कपाट शीतकाल के छह माह के लिए बंद हो गए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते कई दिनों तक यात्रा बाधित होने के बावजूद इस वर्ष भी यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस वर्ष 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए हैं। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 04 लाख 35 हजार 901 अधिक रही है। इस वर्ष 30 अप्रैल 2025 को श्री यमुनोत्री और श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद दो मई को श्री केदारनाथ धाम और चार मई को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले थे। केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पूर्व में बंद हो चुके हैं। आज श्री बदरीनाथ धाम के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस बार प्राकृतिक आपदाओं के चलते यात्रा कई दिनों तक बाधित होने के बावजूद यात्रियों की संख्या ने रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश सरकार के कुशल और बेहतर यात्रा प्रबंधन के चलते बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 04 लाख 35 हजार 901 अधिक श्रद्धालु चारधाम दर्शन को पहुंचे। बीते वर्ष कुल 46 लाख 69 हजार 074 तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर आए थे, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा रिकॉर्ड वृद्धि के साथ 51 लाख 04 हजार 975 पहुंच गया। केदारनाथ में सर्वाधिक 17 लाख 68 हजार 795 श्रद्धालु पहुंचे हैं। इसी प्रकार बदरीनाथ में 16 लाख 60 हजार 224, गंगोत्री में 07 लाख 57 हजार 010 और यमुनोत्री में 06 लाख 44 हजार 505 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। हेमकुंट साहिब में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 02 लाख 74 हजार 441 पहुंची है। इससे पहले वर्ष 2023 में 01 लाख 64 हजार 546 और वर्ष 2024 में 01 लाख 85 हजार 972 श्रद्धालु ने हेमकुंट साहिब शीश नवाने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा को सुगम, सुविधाजनक और सुरक्षित बनाया गया है। मानसून सीजन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं ने यात्रा को प्रभावित किया, इसके बावजूद यात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। 
शीतकालीन यात्रा की तैयारियां हुई तेज 
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। बद्री विशाल भगवान की पूजा अब शीतकालीन प्रवास स्थल पांडुकेश्वर और नृसिंह भगवान मंदिर ज्योतिर्मठ में होगी। जबकि बाबा केदारनाथ की शीतकालीन पूजा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ, मां गंगा (गंगोत्री) की पूजा मुखबा और मां यमुना (यमुनोत्री) की पूजा खरसाली में होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्षभर तीर्थाटन/पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसी उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा पर जोर दिया जा रहा है। बीते वर्ष मुख्यमंत्री के अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीतकालीन यात्रा पर उत्तरकाशी जिले में पहुंचे थे। तब प्रधानमंत्री ने मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर मां गंगा की पूजा अर्चना की थी। मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारों धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों और अन्य सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों में ठहरने, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए। शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों के जरिए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पर्यटन विभाग शीतकालीन यात्रा और एडवेंचर टूरिज्म को लिंक कर सर्किट बनाने की योजना पर काम कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि पूरा साल कठिन चुनौतियों से भरा होने के बावजूद पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष चारधाम यात्रा पर अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। यात्रियों की सुरक्षा सदा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसके लिए यात्रा मार्गों को बेहतर बनाने के साथ ही धामों में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर दिए गए थे। यात्रा मार्ग, पड़ावों में सभी जरूरी सुविधाएं, बेहतर सड़कें, ट्रैफिक व्यवस्था और संचार सुविधा पर हमने विशेष फोकस किया। पहले सुविधाएं सीमित थी। यात्रियों के ठहरने की पुख्ता व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी सुविधाएं भी बढ़ाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य होने के बाद यात्री सुविधाएं बढ़ी हैं। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाया गया है। श्री बदरीनाथ धाम का मास्टर प्लान के अनुसार विकास किया जा रहा है। अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियों में भी यात्री सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष फोकस किया जा रहा है।  

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News Desk

सबको पछाड़ा! इंडियन सिनेमा का सबसे महंगा डायरेक्टर वसूलता है इतनी भारी फीस

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फिल्म इंडस्ट्री | जब भी किसी नई फिल्म का अनाउंसमेंट होता है, तो सबसे पहले फिल्म का ‘बजट’ और एक्टर्स की ‘फीस’ चर्चा में रहती है. लेकिन कहानी को असली विजन देने वाला एक डायरेक्टर ही होता. जो फिल्म को लोगों के सामने किस तरह पेश करेगा, यह हमेशा से बड़ा सवाल रहा है. इस वक्त कई बड़ी फिल्मों पर काम चल रहा है. कहीं रामायण को 4000 करोड़ से बनाया जा रहा है, तो एक तरफ वाराणसी है, तो कहीं कुछ और. पर क्या आप जानते हैं कि वो कौन सा डायरेक्टर है, जो एक फिल्म के लिए सबसे तगड़ी फीस वसूलता है?

यूं तो जब भी भारत के सबसे महंगे एक्टर की बात होती है, तो जुबां पर सबसे पहले अल्लू अर्जुन का नाम ही आ जाता है. जिनकी ‘पुष्पा 2’ की फीस 300 करोड़ बताई गई थी. जबकि शाहरुख खान, सलमान खान जैसे सुपरस्टार्स प्रॉफिट शेयरिंग पर ही डील करते हैं. वैसे तो अब कई डायरेक्टर्स भी कुछ परसेंट के हिसाब से प्रॉफिट शेयरिंग पर ही बात पक्की करते हैं. लेकिन 200 करोड़ फीस लेने वाले डायरेक्टर के बारे में आपको बता देते हैं |

इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का सबसे महंगा डायरेक्टर कौन?

इस वक्त बिग बजट फिल्में बनना आम बात हो गई है. लेकिन जिस डायरेक्टर के विजन और कहानी कहने के अंदाज ने सबका दिल जीता, वो है- SS RAJAMOULI. इस वक्त वो ‘वाराणसी’ पर काम कर रहे हैं, जिसका बजट 1300 करोड़ रुपये हैं. वहीं महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा बतौर लीड फिल्म में नजर आने वाले हैं. हालांकि, उनकी पिछली फिल्म RRR रही थी, जिसमें डायरेक्टर साहब ने प्रॉफिट शेयरिंग पर डील की थी. दरअसल राम चरण और जूनियर एनटीआर की फिल्म ने दुनियाभर से 1200 करोड़ का कारोबार किया था.  रिपोर्ट के मुताबिक, वो इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के सबसे महंगे डायरेक्टर हैं. एक फिल्म के लिए 200 करोड़ की तगड़ी फीस वसूलते हैं |

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर संदीप रेड्डी वांगा का नाम आता है. जिनकी साल 2023 में आई एनिमल ने 915 करोड़ का कारोबार किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो एक पिक्चर के लिए 100 करोड़ तक फीस वसूलते हैं. साथ ही KGF CHAPTER 1 के डायरेक्टर प्रशांत नील की फीस भी 100 करोड़ ही है. यानी दूसरे और तीसरे नंबर के डायरेक्टर बराबरी पर है. जबकि, राजकुमार हिरानी की फीस 80 करोड़, सुकुमार की 75 करोड़ और संजय लीला भंसाली की 55-65 करोड़ फीस है |

वाराणसी के लिए नहीं ली कोई फीस?

दरअसल एस.एस. राजामौली ने अपनी फिल्म ‘वाराणसी’ के लिए फिलहाल कोई फीस नहीं ली है. उन्होंने एक प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल अपनाया है, जिसमें उन्हें मुनाफे में से हिस्सा मिलेगा |

पश्चिम बंगाल में सीएम ममता बनर्जी एंटी एसआईआर विरोधी रैली में बोलीं- चुनाव आयोग अब बन गया है भाजपा आयोग

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बोनगांव। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष संस्था नहीं रहा, यह भाजपा आयोग बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें बंगाल में चुनौती दी गई, तो वे पूरे देश में भाजपा की नींव हिला देंगी। ममता बोनगांव में एंटी-एसआईआर रैली में को संबोधित कर रही थीं। ममता ने दावा किया कि यदि राज्य के मतुआ-बहुल क्षेत्रों में रहने वाले लोग नागरिकता (संशोधन) अधिनियम -सीएए के तहत स्वयं को विदेशी घोषित करते हैं, तो उन्हें तुरंत मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। सीएम ममता ने एसआईआर को लेकर भाजपा और केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि एक एसआईआर पूरा होने में तीन साल लगते हैं। हमने इसका कभी विरोध नहीं किया, बस इतना ही कहा कि किसी भी वास्तविक वोटर का नाम नहीं काटा जा सकता।  
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने दफ्तर में बैठकर लिस्ट फिक्स कर रही है। सीएम ममता ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि ईसीआई का काम निष्पक्ष रहना है, भाजपा कमीशन बनना नहीं। अगर आप (वोटर) अवैध हैं, तो 2024 में आपने जिस सरकार को वोट दिया था, वह भी अवैध है। उन्होंने मतुआ समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी असली वोटर हैं। आपने 2014 में मोदी सरकार को वोट दिया था। अगर आप अवैध हो गए, तो वह सरकार भी अवैध हो जाएगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर विरोधी रैली में केंद्र और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के नाम पर बंगाल के लोगों को डराया जा रहा है और यह पूरी कवायद राजनीतिक मकसद से की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा मेरे खेल में मुझसे लड़ नहीं सकती, मुझे हरा नहीं सकती। अगर भाजपा ने बंगाल में मुझ पर हमला करने की कोशिश की, तो मैं पूरे भारत में उसकी नींव हिला दूंगी। इससे पहले, सीएम ममता बनर्जी सडक़ मार्ग से नॉर्थ 24 परगना जिले के मतुआ बाहुल्य बनगांव पहुंचीं। सीएम ममता ने भाजपा पर साजिश कर हेलीकॉप्टर की उड़ान रोकने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी पार्टी नहीं चाहती थी कि मैं यहां आऊं। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि भाजपा को बार-बार कहती हूं, मेरे साथ खेलने की कोशिश मत करो। चाहे जितनी एजेंसियां लगा दो, चाहे पूरी केंद्र सरकार की ताकत लगा दो, मेरे साथ खेल नहीं पाओगे। सीएम ममता ने दावा किया कि चुनाव से पहले पैसे बांटने की कोशिश होगी,लेकिन लोग पैसे ले लेंगे और फिर भी भाजपा को वोट नहीं देंगे।

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News Desk

रोहित का रिकॉर्डतोड़ सफर, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बल्लेबाज़ी में दिखा क्लास

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क्रिकेट | भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज के बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली खेलते हुए नजर आएंगे। वनडे सीरीज की शुरुआत 30 नवंबर से होने वाली है और सीरीज का पहला मैच रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस सीरीज के दौरान एक बार फिर फैंस को रोहित शर्मा से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। इस टीम के खिलाफ वनडे में उनका रिकॉर्ड कैसा है, आइए जानते हैं।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में कैसा है रोहित का रिकॉर्ड?

रोहित शर्मा की बात करें तो वनडे सीरीज में उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ अब तक अच्छी बल्लेबाजी की है। इस टीम के खिलाफ उन्होंने अब तक 26 वनडे मैच खेले हैं और वहां उन्होंने अब तक 25 पारियों में 33.58 के औसत से 806 रन बनाए हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में हिटमैन के बल्ले से 3 शतकीय पारियां देखने को मिली है और साथ ही में वह दो अर्धशतक भी लगा चुके हैं। इस टीम के खिलाफ उन्होंने वनडे में 82.66 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग की है।

ऑस्ट्रेलिया में रोहित शर्मा ने लगाया था शतक

रोहित शर्मा इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते हुए नजर आए थे। इस सीरीज के तीन मैच में उनके बल्ले से 202 रन आए थे। ऑस्ट्रेलिया सीरीज के पहले मैच में वह सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद दूसरे मैच में उन्होंने 73 रन बनाए थे और आखिरी मैच में शतक लगाकर उन्होंने टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। तीसरे वनडे में रोहित ने नाबाद 121 रन की पारी खेली थी। अब आगामी सीरीज में भी रोहित इसी फॉर्म को बरकरार रखना चाहेंगे।

इस साल वनडे में रोहित के आंकड़े हैं शानदार

इस साल रोहित ने वनडे क्रिकेट में अभी तक कमाल का प्रदर्शन किया है। 2025 में रोहित ने अब तक 11 वनडे मैच खेले हैं और वहां उनके बल्ले से 50.40 के औसत से 504 रन आए हैं। वह अब तक दो अर्धशतक और दो शतक लगा चुके हैं और उनका स्ट्राइक रेट 97.86 का रहा है। रोहित के ही कप्तानी में इस साल भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। लेकिन अब वह बतौर खिलाड़ी खेल रहे हैं।