कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को दिल्ली से बुलावे का इंतजार 

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नई दिल्ली । कर्नाटक में नेतृत्व में संभावित बदलाव की अटकलों के बीच, राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने  कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व उन्हें ऐसा करने के लिए कहता है तो वह और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दिल्ली की यात्रा करेंगे।
वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया जा सकता है।शिवकुमार ने पहले कहा था कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें अभी तक दिल्ली नहीं बुलाया है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मुझे अभी तक किसी ने दिल्ली नहीं बुलाया है। मैं कल भी यहां रहूंगा। आज मैं एक निजी कार्यक्रम के लिए मुंबई जा रहा हूं और आज रात तक वापस आ जाऊंगा। इससे पहले बुधवार को कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री के.एन.राजन्ना ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) को मुख्यमंत्री का नाम तय करना चाहिए।

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शादी के दो दिन बाद ही टूटा दुखों का पहाड़, बाथरूम में मृत मिला दूल्हा

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नई दिल्ली: राजस्थान (Rajasthan) के अलवर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. शादी के सिर्फ दो दिन बाद दूल्हा संदिग्ध परिस्थितियों में बाथरूम में मृत मिला. दुल्हन के हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी थी कि उससे पहले उसका सुहाग उजड़ गया. अस्पताल पहुंची दुल्हन का रो रो कर बुरा हाल था. उसके हाथों में मेहंदी, लाल चूड़ा और शादी के कंगन नजर आ रहे थे.

घटना शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र की है. 30 वर्षीय आदित्य जाटव मसूरी स्थित डीआरडीओ में जॉइंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे. कुछ दिन पहले वह शादी के लिए छुट्टी लेकर अलवर आए थे. 25 नवंबर को आदित्य की शादी पुलिस कांस्टेबल श्याम सिंह की बेटी निव्या से हुई थी. दो दिन बाद 27 नवंबर की सुबह अचानक यह हादसा हो गया.

परिजनों के अनुसार सुबह करीब साढ़े पांच बजे आदित्य वॉशरूम गए थे. काफी देर तक बाहर नहीं आए तो परिजनों ने दरवाजा खटखटाया. अंदर से कोई आवाज नहीं आई. जब दरवाजा तोड़ा तो आदित्य बेहोश अवस्था में पड़े मिले. तुरंत उन्हें सामान्य चिकित्सालय ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

अचानक हुई मौत से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया. आदित्य के पिता आनंद किशोर रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं और उनका बड़ा बेटा इंडियन ऑयल में मैनेजर है. सभी परिजनों की हालत रो रो कर खराब है. दूल्हा शादी के बाद दुल्हन के साथ हनीमून पर जाने की तैयारी कर रहा था लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई.

नव्या के दादा दुलीचंद ने बताया कि शादी धूमधाम से हुई थी और दुल्हन की विदाई भी 26 नवंबर की सुबह की गई थी. घर पहुंचने के बाद परिवार ने बाकी रस्में भी पूरी की थीं. लेकिन अगले ही दिन सुबह खुशियां मातम में बदल गईं. शिवाजी पार्क थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का सही कारण सामने आएगा. प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट नहीं मिली है. इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है.

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कर्नाटक में अब किसे मिलेगी CM की कुर्सी? खरगे बोले- हाईकमान करेगा फैसला

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बंगलूरू। कर्नाटक (Karnataka) में अब मुख्यमंत्री (Chief Minister) की कुर्सी किसे मिलेगी? इस सवाल पर कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बंगलूरू (Bangalore) में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि इस पर पूरा फैसला हाईकमान (High Command) करेगा।

‘कांग्रेस के कई सोशल अकाउंट विदेश से चल रहे, वहीं से…’, संबित पात्रा ने किया चौंकाने वाला दावा

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नई दिल्ली: बीजेपी सांसद (BJP MP) संबित पात्रा (Sambit Patra) ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस (Congress) देश के बाहर बैठे लोगों के साथ मिलकर भारत (India) के खिलाफ नैरेटिव (Narrative) बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि एक्स प्लेटफॉर्म के फीचर के आधार पर यह पता चला है कि कई कांग्रेस नेताओं और संगठनात्मक अकाउंट्स (Organizational Accounts) की लोकेशन भारत में नहीं, बल्कि विदेशों में दिखाई दे रही है.

उनके मुताबिक पवन खेड़ा का अकाउंट अमेरिका में बेस्ड दिख रहा है, जबकि महाराष्ट्र कांग्रेस का अकाउंट आयरलैंड से जुड़ा हुआ था जिसे बाद में बदलकर भारत कर दिया गया. हिमाचल कांग्रेस का अकाउंट थाईलैंड से जुड़ा बताया गया. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस, राहुल गांधी और वामपंथी दलों के जाने-माने चेहरों ने 2014 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

संबित पात्रा ने दावा किया कि कई लेफ्ट और कांग्रेस समर्थक इन्फ्लुएंसर्स पाकिस्तान, बांग्लादेश और साउथ ईस्ट एशिया में बैठे हुए हैं और भारत के खिलाफ एजेंडा चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘कांग्रेस का काम देश को बांटना है और इसलिए विदेशों से मिलकर भारत के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है.’ उन्होंने कहा कि कई विदेशी अकाउंट्स भारत की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं और चुनाव आयोग पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं.

बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि विदेशी प्लेटफॉर्म्स से तीन तरह का नैरेटिव सेट किया जा रहा है- पहला वोट चोरी का, दूसरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कमजोर दिखाने की कोशिश यानी ऑपरेशन सिंदूर, और तीसरा संघ व मोदी के खिलाफ लगातार हमले. उन्होंने कहा कि यह संगठित साजिश है और देश को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि अर्पित शर्मा का एक अकाउंट है, जिसने वोट चोरी के लिए लिखा और संवैधानिक संस्था को नीचा दिखाने का काम किया. यह अकाउंट यूरोप बेस्ड हैं. वहीं, एक अकाउंट है जो सिंगापुर बेस्ड है और उससे चुनाव आयोग के लिए आपत्तिजनक ट्वीट किया गया है.

वायरल रील के क्रिएटर शादाब जकाती पर अश्लीलता का आरोप, शिकायत DGP से CM तक पहुँची

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सोशल मीडिया पर “10 रुपए वाला बिस्किट कितने का है जी…” रील से मशहूर हुए शादाब जकाती अब कानूनी मुसीबतों में घिर गए हैं। मेरठ के रहने वाले शादाब ने हाल ही में एक वीडियो बनाया, जिसमें एक नाबालिग बच्ची और दो महिलाएं भी शामिल थीं। इस वीडियो को लेकर उन पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने मेरठ एसएसपी, यूपी डीजीपी, महिला आयोग और यहां तक कि मुख्यमंत्री से भी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले पर शादाब की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

शादाब जकाती अचानक सुर्खियों में तब आए जब उनकी रील “10 रुपए वाला बिस्किट कितने का है जी…” वायरल हुई। यह वीडियो इतना लोकप्रिय हुआ कि कई क्रिकेटरों से लेकर बॉलीवुड स्टार्स तक ने इस पर रील बनाईं। शादाब के कंटेंट ने उन्हें सोशल मीडिया पर बड़ी पहचान दिलाई और उनके इंस्टाग्राम पर फॉलोवर्स की संख्या 2 मिलियन पार कर गई। वायरल होने के बाद उन्हें दुबई से भी आमंत्रण मिला, जहां उन्होंने इसी डायलॉग पर एक और वीडियो शूट किया।

लेकिन नई बनाई गई वीडियो ने उन्हें विवादों के केंद्र में ला दिया है। शिकायतकर्ता राहुल ठाकुर का कहना है कि शादाब का वीडियो अश्लीलता को बढ़ावा देता है और इसमें नाबालिग बच्ची को शामिल करना बिल्कुल गलत है। इसी वजह से उन्होंने शादाब के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मामले में FIR दर्ज हुई है या नहीं, लेकिन शिकायत कई उच्च स्तरों तक पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया से प्रसिद्धि पाने वाले शादाब जकाती विवाद के कारण बड़े संकट में फंसते दिखाई दे रहे हैं।

सिद्धारमैया कैंप में फूट? ‘डीके शिवकुमार स्वीकार अगर…’, मुख्यमंत्री के करीबी ने दिया बड़ा बयान

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डेस्क: कर्नाटक (Karnataka) में कांग्रेस (Congress) के अंदर चल रही मुख्यमंत्री पद (Chief Minister’s Post) को लेकर खींचतान के बीच गृह मंत्री जी. परमेश्वर (Home Minister G. Parameshwara) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस हाईकमान डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करता है, तो वह इसे पूरी तरह स्वीकार करेंगे. यह बयान सिद्धारमैया कैंप से आने वाले सबसे मजबूत संकेतों में से एक माना जा रहा है.

एक मीडिया चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘जब मुझसे मुख्यमंत्री पद की इच्छाओं के बारे में पूछा जाता है, तो मैं जवाब देता हूं कि मैं इस रेस में हूं. लेकिन अगर पार्टी हाईकमान किसी ट्रांजिशन को मंजूरी देता है और डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनते हैं, तो हम इसे स्वीकार करेंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी द्वारा ट्रांजिशन को मंजूरी दी गई, तो यह सुलभ और शांतिपूर्ण होगा.

परमेश्वर ने यह दोहराया कि उनके भी मुख्यमंत्री बनने की चाहत है और हाईकमान उनके पार्टी में योगदान से पूरी तरह अवगत है. उन्होंने साफ किया कि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के हाथ में है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी ‘उपयुक्त उम्मीदवार’ बताया, लेकिन कहा कि उन्हें सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच किसी समझौते के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

कर्नाटक में इस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलें तेज हैं. यह खींचतान सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच कथित सत्ता-साझाकरण समझौते के इर्द-गिर्द घूम रही है. पार्टी हाईकमान के फैसले का सभी को इंतजार है, जो राज्य की राजनीति में दिशा तय करेगा.

बांग्लादेश के शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध पर भारत का जवाब, कहा- कानूनी समीक्षा जारी है

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नई दिल्‍ली । बांग्लादेश (Bangladesh) की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) के प्रत्यर्पण की मांग वाले अनुरोध पर भारत सरकार (Government of India) कानूनी व न्यायिक समीक्षा कर रही है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने स्पष्ट किया है कि यह मामला आंतरिक कानूनी व न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत जांचा जा रहा है तथा भारत बांग्लादेश के लोगों के व्यापक हितों ( शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता) के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बता दें कि शेख हसीना को पिछले हफ्ते ढाका की एक विशेष अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी में ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के लिए मृत्युदंड सुनाया था।

यह सजा पिछले साल छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े आंदोलन पर उनकी सरकार की कथित क्रूर दमनकारी कार्रवाई से जुड़ी है। विरोध प्रदर्शनों के बाद 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना भारत चली आई थीं। उनके करीबी सहयोगी व पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को भी इसी तरह के आरोपों में मौत की सजा सुनाई गई है। अदालती फैसले के बाद बांग्लादेश सरकार ने भारत को औपचारिक पत्र भेजकर दोनों के प्रत्यर्पण की मांग की थी।

 

इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि यह अनुरोध न्यायिक और कानूनी प्रक्रियाओं के दायरे में है। हम बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र तथा लोगों के सर्वोत्तम हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं और सभी पक्षकारों के साथ रचनात्मक संवाद बनाए रखेंगे। इस दौरान उन्होंने ने यह भी दोहराया कि भारत बांग्लादेश के सभी घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए है।

दूसरी ओर बांग्लादेश का विदेश मंत्रालय दावा कर रहा है कि दोनों देशों के बीच मौजूदा प्रत्यर्पण संधि के तहत हसीना को तुरंत सौंपना भारत का दायित्व है। वहीं शेख हसीना का पक्ष है कि यह सजा एक ‘गैर-कानूनी न्यायाधिकरण’ ने दी है, जिसकी स्थापना और संचालन एक अनिर्वाचित अंतरिम सरकार ने किया है जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश में फरवरी 2026 में संसदीय चुनाव होने हैं और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से फिलहाल रोक दिया गया है।

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‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दुनिया में ब्रह्मोस की मांग बढ़ी, इंडोनेशिया डील के करीब

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नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) में हुए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान भारत (India) की स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Supersonic Cruise Missile) ने जिस तरह सैन्य ठिकानों (Military Bases) और आतंकवादी ठिकानों को सटीक निशाना बनाकर तबाह किया, उसके बाद इस मिसाइल की मांग तेजी से बढ़ रही है. दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम देश इंडोनेशिया (Indonesia) अब भारत से ब्रह्मोस खरीदने की डील लगभग फाइनल चरण में ले आया है. बुधवार को दो दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंचे इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री सजफ्री सजमसोएद्दीन के दौरे से इस संभावना को और मजबूती मिली है. वह भारत-इंडोनेशिया रक्षा मंत्रियों की तीसरी बैठक में शामिल हो रहे हैं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रह्मोस को लेकर भारत और इंडोनेशिया की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है. रूस, जिसने भारत के साथ मिलकर यह मिसाइल विकसित की है, वह भी इंडोनेशिया को ब्रह्मोस बेचने को लेकर सहमत है. बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में मिली सफलता के बाद कई देश भारत की इस मिसाइल को खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं.

ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित हुआ. इसका पहला परीक्षण 12 जून 2001 को हुआ था. यह मिसाइल आवाज से तीन गुना तेज, यानी मैक 3 की रफ्तार से उड़ सकती है और इसकी शुरुआती रेंज 290 किमी थी, लेकिन अब इसके एडवांस संस्करण 500 से 800 किमी तक मारक क्षमता रखते हैं. यह मिसाइल दुश्मन के रडार से बचते हुए बेहद कम ऊंचाई पर उड़ सकती है और एक बार लॉन्च होने के बाद खुद लक्ष्य खोजकर हमला कर सकती है.

ब्रह्मोस प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत लगभग 2,135 करोड़ रुपये थी, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 50.5% और रूस की 49.5% है. रिपोर्ट्स के अनुसार, एक ब्रह्मोस मिसाइल की कीमत लगभग 34 करोड़ रुपये है. पाकिस्तानी मुद्रा में यह रकम 1.12 अरब रुपये से भी ज्यादा होती है. भारतीय सेना के पास फिलहाल दो मुख्य वर्जन हैं- ब्रह्मोस ब्लॉक-1, एयर-लॉन्च्ड ब्रह्मोस. भविष्य के लिए तीन और एडवांस वर्जन तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें 1500 किमी रेंज वाला एक्सटेंडेड वर्जन, मैक 8 रफ्तार वाला हाइपरसोनिक मॉडल और हल्का, हर प्लेटफॉर्म से लॉन्च होने वाला नेक्स्ट-जेन वर्जन शामिल है.

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SIR अभियान से 40 साल बाद बिछड़ा बेटा लौटा गांव, देखते ही मां हुई भावुक

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भीलवाड़ा। देश के कई राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। भीलवाड़ा जिले (Bhilwara District) के करेड़ा तहसील के जोगीधोरा गांव (Jogidhora Village) के रहने वाले उदय सिंह रावत (Uday Singh Rawat) लगभग 40 साल पहले लापता (Missing) होने के बाद अपने परिवार से फिर मिल गए।

वर्ष 1980 में, उदय सिंह आठवीं कक्षा में पढ़ते थे। गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे कमाने के लिए घर से बाहर गए थे। वे छत्तीसगढ़ में एक निजी कंपनी में गार्ड की नौकरी करने लगे। वहीं, एक सड़क दुर्घटना में उनकी याददाश्त चली गई, जिसके बाद उदय सिंह अपने गांव और परिवार को पूरी तरह से भूल गए। उनके परिजन दशकों तक उन्हें खोजते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

उदय सिंह के भाई हेमसिंह रावत ने बताया कि शुरुआत में विश्वास करना कठिन था। लेकिन जब उदय ने परिवार की व्यक्तिगत यादों और बचपन की बातें बताईं, तो उन्हें यकीन हो गया कि सामने उनका ही भाई खड़ा है। पहचान की अंतिम पुष्टि तब हुई जब उदय सिंह की मां चुनी देवी रावत ने बेटे के माथे और सीने पर बचपन में बबूल की टहनी से लगे हुए पुराने घावों के निशान देखे। घावों का मिलान होते ही ममता से ओत-प्रोत चुनी देवी ने बेटे के माथे को चूमा और कहा, “यो ही म्हारो उदय… मेरो लाल मिल गयो।” यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला था।

पहचान होते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजन और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और डीजे के साथ जुलूस निकालकर उदय सिंह का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और उन्हें घर ले जाया गया। उदय सिंह ने भी इस पुनर्मिलन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एक्सीडेंट के बाद उनकी स्मृतियां चली गई थीं और वह चुनाव आयोग के SIR अभियान के चलते ही परिवार से जुड़ पाए हैं।

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गुवाहाटी टेस्ट में हार के बावजूद गांगुली हुए खुश, कारण जानकर होगी हैरानी

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क्रिकेट | भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अपनी जमीन पर एक और टेस्ट सीरीज का अंत बेहद निराशाजनक और शर्मिंदगी भरा रहा. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन साउथ अफ्रीका ने अपनी उपलब्धि और खिताब को सही साबित करते हुए टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. जहां इस नतीजे ने टीम, फैंस और पूर्व खिलाड़ियों को निराश किया तो वहीं पूर्व कप्तान सौरव गांगुली इस मैच के बाद काफी खुश नजर आए. मगर उनकी खुशी की वजह टीम इंडिया की हार नहीं थी, बल्कि ये था गुवाहाटी स्टेडियम का टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू और एक अच्छे मुकाबले लायक पिच पेश करना |

गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में बुधवार 26 नवंबर को साउथ अफ्रीका ने टेस्ट मैच के आखिरी दिन टीम इंडिया को 408 रन के बड़े अंतर से हरा दिया. ये टेस्ट क्रिकेट में रन के लिहाज से टीम इंडिया की सबसे बड़ी हार है. इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज भी 0-2 से गंवा दी. इसके बाद से ही कोच गौतम गंभीर और पूरी टीम इंडिया की लगातार छीछालेदार हो रही है और वो सवालों के घेरे में हैं लेकिन इन सबके बीच गुवाहाटी स्टेडियम की पिच ने हर किसी को हैरान किया है |

गुवाहाटी की पिच पर क्या बोले गांगुली?

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और BCCI के पूर्व अध्यक्ष गांगुली बरसापारा स्टेडियम की पिच से प्रभावित नजर आए. गुवाहाटी टेस्ट खत्म होने के बाद गांगुली ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, पहले टेस्ट के लिए बधाई गुवाहाटी. शानदार टेस्ट पिच. स्टेडियम की सुविधाओं को लेकर मेरा अनुभव अच्छा रहा. हर किसी के लिए कुछ न कुछ था. यानसन के 5 विकेट, बल्लेबाजों ने रन बनाए और चौथे-पांचवें दिन स्पिन की भूमिका दिखी |

गांगुली ने साथ ही साउथ अफ्रीका की तारीफ की, जबकि टीम इंडिया का हौसला बढ़ाया. उन्होंने लिखा, “साउथ अफ्रीका बहुत खास थी. युवा भारतीय टीम बदलाव से गुजर रही है. वो आगे बेहतर होंगे |

ईडन गार्डन्स पर करना होगा काम 

असल में गुवाहाटी में पहली बार टेस्ट मैच खेला गया था. ये भारत का 30वां टेस्ट वेन्यू बन गया. यहां मैच पूरे 5 दिन चला और फैंस का अच्छा खासा एंटरटेनमेंट हुआ. ये इसलिए भी खास था क्योंकि इससे ठीक पहले कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला गया टेस्ट मैच सिर्फ ढाई दिन में खत्म हो गया था, जिसके कारण यहां की पिच की आलोचना हो रही थी. संयोग से गांगुली ही इस वक्त बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी यही कोशिश होगी कि अगली बार ईडन गार्डन्स की पिच बेहतर खेले और उस पर सवाल न उठें |