BizKitDigital — The Instant Online Store Solution Every Business Needs

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BizKitDigital — The 3-Minute Digital Store Revolution

(The Story of How a Simple Idea Transformed Small Businesses in India)

In a rapidly growing digital world, millions of small business owners still struggle to sell online. They want growth, but technology stands in their way — expensive developers, complicated tools, slow websites, and customers who leave because the business isn’t online.

In 2025, this everyday struggle sparked the creation of BizKitDigital — a platform built with one mission:

“If customers are online… every business should be online too.”

Today, BizKitDigital.com is empowering shopkeepers, wholesalers, freelancers, home-based sellers, and local businesses to launch a full online store in just 3 minutes — without coding, without developers, and without high costs.

🚀 How BizKitDigital Was Born

The founders met hundreds of small business owners who said the same thing:

“Website banana mushkil hai.”

“Developer bahut mehenga padta hai.”

“Product update karne me time lag jata hai.”

“Customer WhatsApp pe poochta hai par hum turant reply nhi de pate.”

These real-life pain points shaped the foundation of BizKitDigital.

The idea was simple but powerful:

Create a tool so easy that even a non-technical person can launch their online store instantly.

And that tool became BizKitDigital — India’s fastest 3-minute WhatsApp Store builder.

❌ The Problems Every Small Business Faces

Before BizKitDigital, businesses suffered from:

No proper website or online presence

Expensive developer charges

Websites that take hours to update

Delayed customer enquiries → lost sales

Complicated tools they can’t understand

Slow loading websites that never rank on Google

It was a digital struggle.

💡 BizKitDigital — The Instant Solution

BizKitDigital was created for business owners who want sales, not stress.

With BizKitDigital, anyone can:

✅ Launch a beautiful WhatsApp Store
✅ Choose from 8 ready-made industry templates
✅ Manage everything in a simple dashboard
✅ Receive orders directly on WhatsApp
✅ Go live in 3 minutes
✅ Get an SEO-ready website with premium hosting
✅ Enjoy a PWA mobile app (installable on phone)

It’s the fastest way for small businesses to go digital.

 

🎨 8 Ready-to-Use WhatsApp Store Templates

BizKitDigital offers stunning, conversion-friendly templates for every industry:

1. Travel

Show packages, itineraries & get instant WhatsApp enquiries.

2. Jewellery

Gold, diamond, silver — presented beautifully.

3. Home Décor

Showcase décor items with clean visuals and category filters.

4. Beauty Products

Cosmetics, skincare, haircare — easy add-to-order flow.

5. E-commerce

Perfect for gadgets, accessories, and general products.

6. Clothing Store

Sarees, kurtis, western wear, kidswear — everything online.

7. Grocery Store

Add fruits, vegetables, essentials & get quick WhatsApp orders.

8. Restaurant

Your digital menu + instant WhatsApp food ordering.

Every template is crafted to increase sales and simplify operations.

⚡ Powerful Features That Boost Your Business

3-Minute Store Setup
Select template → Add products → Publish.

Orders Directly on WhatsApp
No confusion. No delays.

Full Dashboard Management
Update prices, products, categories anytime.

PWA Mobile App
Your store becomes an installable app on customer phones.

Unlimited Products
Add as many items as you want.

SEO-Friendly
Rank on Google, get organic customers.

Super Fast Loading
Premium hosting included.

Fully Customizable
Change colors, banners, branding, sections — everything.

BizKitDigital gives small businesses everything they need to succeed online.

🔥 How It Works (Super Simple 3-Step Process)
1️⃣ Choose Your Template

Pick from 8 beautiful WhatsApp Store designs.

2️⃣ Add Your Products

Upload images, add prices, descriptions & categories.

3️⃣ Go Live in 3 Minutes

Share your link, receive orders instantly on WhatsApp.

🌍 The Vision of BizKitDigital

BizKitDigital believes the future belongs to businesses that are fast, digital, and customer-focused.
And every business — whether a small shop or a growing brand — deserves a chance to be online.

lp.bizkitdigital.com is not just a tool.
It is a movement to empower millions of small businesses to take their first big digital step.

ईएफटीए भारतीय निर्यात का 99 प्रतिशत कवर करता है – केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

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नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Minister Piyush Goyal) ने कहा कि ईएफटीए भारतीय निर्यात का 99 प्रतिशत कवर करता है (EFTA covers 99 percent of Indian Exports) ।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने स्विट्जरलैंड की आर्थिक मामलों की राज्य सचिव हेलिन बुडलिगर आर्टिएडा के साथ एक बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में स्विस फार्मा और बायोटेक कंपनियों के साथ बातचीत की गई। केंद्रीय मंत्री गोयल ने इस बैठक को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हमारी चर्चा आरएंडडी में सहयोग को मजबूत करने और भारत के मजबूत हेल्थकेयर सेक्टर का लाभ उठाते हुए स्विस फार्मा कंपनियों के लिए निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर थी।” उन्होंने बताया कि इस चर्चा में आपसी विकास के लिए प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) के तहत हुई प्रगति भी शामिल रही।

केंद्र के एक बयान के अनुसार, भारत और ईएफटीए ने 10 मार्च 2024 को व्यापार और आर्थिक साझीदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो चुका है। यह भारत का 4 विकसित यूरोपीय राष्ट्रों के साथ पहला मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है। ईएफटीए आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड का एक अंतर-सरकारी संगठन है। टीईपीए में 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगारों के सृजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। ईएफटीए भारतीय निर्यात का 99 प्रतिशत, जो कि टैरिफ लाइन का 92.2 प्रतिशत है, को कवर करता है। जबकि भारत 82.7 प्रतिशत, जो कि ईएफटीए के निर्यात का 95.3 प्रतिशत कवर करता है, जिससे डेयरी, सोया, कोल और कृषि जैसे सेक्टर्स का संरक्षण होगा।

इससे पहले इस वर्ष 9-10 जून को केंद्रीय मंत्री गोयल ने स्विटजरलैंड की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की। इस यात्रा के दौरान भारत-स्विटजरलैंड आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने और इस वर्ष की शुरुआत में भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच हस्ताक्षरित व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) को क्रियान्वित करने पर ध्यान दिया गया था। मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री गोयल ने बायोटेक और फार्मा, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग, डिफेंस और उभरती टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्विस उद्योग के लीडर्स के साथ विस्‍तृत चर्चा की थी।

सीएम रेस से बाहर हुए दावेदार अब मोहन यादव पर हमलावर

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भोपाल विशेष प्रतिनिधि।  सीएम पद से वंचित दावेदार अब मोहन यादव पर साध रहे निशाना जगदीश देवड़ा बने आड़े हाथों आलोचना का माध्यम मध्य प्रदेश की राजनीति में 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद जो आशंकाएँ धीरे-धीरे उठने लगी थीं, वे अब सुस्पष्ट रूप में उभरकर सामने आ रही हैं। प्रचंड बहुमत के बाद भाजपा ने जब शिवराज सिंह चौहान के दीर्घकालिक कार्यकाल का समापन कर डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी, उसी क्षण सत्ता संतुलन में बदलाव की आहट महसूस होने लगी थी।

तीन दिग्गज चेहरे पर सत्ता की देहरी पर निराशा

बहुमत स्पष्ट होने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए तीन बड़े नेता प्रबल दावेदार माने जा रहे थे—नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय मीडिया, राजनीतिक विश्लेषण और पार्टी की आंतरिक चर्चाएँ सबका केंद्र यही तीन चेहरे थे। परंतु अंत में निर्णय ने ऐसा मोड़ लिया, जिसे कम ही लोग भांप सके। डॉ. मोहन यादव ‘डार्क हॉर्स’ की तरह उभरे और तीनों दिग्गजों की महत्वाकांक्षाएँ धरी रह गईं। विजयवर्गीय और पटेल को मंत्रिमंडल में स्थान मिला, जबकि तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बना दिया गया। महत्वाकांक्षा का स्वाभाविक मलाल भीतर ही भीतर धधकता लावा राजनीति में ऊँचे पद की आकांक्षा स्वाभाविक है। वर्षों से शक्ति-केंद्रों में खड़े इन नेताओं के लिए यह निर्णय एक गहरी व्यक्तिगत निराशा थी। भाजपा का अनुशासन भले ही तत्काल कोई बगावत नहीं होने देता, पर मलाल की आग भीतर ही भीतर सुलगती रही और बुधवार की कैबिनेट बैठक ने इसी धधकती ज्वाला को पहला वेंटिलेशन दे दिया।

कैबिनेट मीटिंग,पहला सार्वजनिक ‘विस्फोट’

बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में जीएसटी संग्रह में कमी का मुद्दा उठा। यही वह क्षण था जब दो वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल ने अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री पर प्रहार करने की कोशिश की। उन्होंने निशाना साधा उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा पर। हालाँकि समझने में देर नहीं लगी कि तीर देवड़ा पर नहीं, बल्कि देवड़ा के कंधे से होकर मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर जा रहे थे। देवड़ा—जो अपनी सहजता, सौम्यता और ‘नॉन-कॉन्ट्रोवर्शियल’ छवि के लिए पहचाने जाते हैं उन्हें इस तरह निशाने का माध्यम बनते देख राजनीतिक गलियारों में चर्चाएँ तेज हो गईं।

कभी शिवराज से असहज, आज शिवराज की शह के आरोप

रोचक तथ्य यह है कि यही दोनों नेता—विजयवर्गीय और पटेल—कभी शिवराज सिंह चौहान की लगातार बढ़ती शक्ति और लोकप्रियता से असहज रहे थे। कैलाश विजयवर्गीय तो कई बार शिवराज पर तीखे तंज कसने से भी नहीं चूके। लेकिन राजनीति समीकरणों का खेल निराला है—परिस्थितियाँ बदलीं तो समीकरण भी बदल गए।अब विश्लेषकों का एक वर्ग दावा कर रहा है कि इन दोनों नेताओं की असहमति के पीछे शिवराज सिंह चौहान की मौन सहमति भी हो सकती है।

कांग्रेस ने उठाया तत्काल राजनीतिक लाभ

विपक्ष मौके की तलाशी में कैसे पीछे रहता? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तत्काल बयान देते हुए कहा— “भाजपा के कुछ मंत्री शिवराज सिंह चौहान की शह पर मोहन सरकार को अस्थिर करने में लगे हुए हैं।” पटवारी ने इसे भाजपा की अंदरूनी खींंचतान का खुला प्रमाण बताते हुए कई तीखे संकेत भी दिए।

आने वाला समय भीतरी लावा या खुला राजनीतिक विस्फोट?

भाजपा की आंतरिक राजनीति में उबल रहे भाव अब खुले मंचों पर सामने आने लगे हैं। कैबिनेट मीटिंग में व्यक्त हुई नाराज़गी शायद असंतोष की पहली झलक मात्र है। यह असंतोष आगे किस रूप में सामने आएगा—संगठनात्मक फेरबदल? नेतृत्व पर दबाव? या किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में? यह आने वाला समय ही बताएगा। परंतु इतना निश्चित है कि मध्य प्रदेश का सियासी तापमान अब तेजी से गर्म होने वाला है।
 

देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट तैयार

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 को दुनिया के सामने रखा। इस रॉकेट की ऊंचाई 26 मीटर यानी करीब 85 फीट है। रॉकेट को प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने बनाया है। इस रॉकेट को 2026 में लॉन्च किया जाएगा। यह अपने साथ 300 किग्रा सैटेलाइट ले जाने में सक्षम है।
पीएम मोदी ने रॉकेट के अलावा कंपनी के नए इनफिनिटी कैंपस का भी इनॉगरेशन किया। इस कैंपस में कई लॉन्च व्हीकल के डिजाइन, डेवलपमेंट, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग का काम किया जाएगा। कैंपस तेलंगाना के हैदराबाद में बना है। कंपनी का हेड ऑफिस भी यहीं है। स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी की स्थापना पवन चंदना और भरत ढाका ने 2018 में की थी। यह दोनों आईआईटी पासआउट हैं और इसरो के पूर्व साइंटिस्ट रह चुके हैं।

हमारी युवाशक्ति नई ऊंचाइयों को छू रही
पीएम मोदी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि आज देश का अंतरिक्ष क्षेत्र एक अभूतपूर्व अवसर का साक्षी बन रहा है। आज भारत के स्पेस इको सिस्टम में निजी सेक्टर बड़ी उड़ान भर रहा है। स्काइरूट इन्फिनिटी कैंपस भारत की नई सोच, नवाचार और युवा शक्ति को दर्शाता है। साथ ही यह सरकार के अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों को भी नतीजा है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी युवाशक्ति की नवाचार, जोखिम लेने की क्षमता और उद्यमशीलता नई बुलंदी को छू रही है। भारत के प्राइवेट सेक्टर का अंतरिक्ष टैलेंट पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। आज वैश्विक निवेश के लिए भारत का अंतरिक्ष सेक्टर एक लुभावनी जगह बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 300 से ज्यादा अंतरिक्ष स्टार्टअप नई उम्मीद दिखा रहे हैं।  प्रधानमंत्री ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के शुरुआती दौर, जब रॉकेट साइकिल पर ले जाए जाते थे, और अब भारत के सबसे विश्वसनीय लॉन्च व्हीकल बनकर उभरने का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह सफर भले ही कम संसाधनों के साथ शुरू हुआ, लेकिन विकास ने साबित कर दिया कि पक्का इरादा ही सपनों को तय करता है। बदलते समय में अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें संचार, मौसम का अनुमान, शहरी विकास योजना और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हो गए हैं।

ऐतिहासिक सुधारों का मिला फायदा
पीएम मोदी ने कहा, हमने स्पेस सेक्टर में ऐतिहासिक सुधार किए हैं, इसे प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला है, नई स्पेस पॉलिसी बनाई है। स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री को नवाचार से जोड़ा है, इन-स्पेस शुरू किया है। उन्होंने आगे कहा कि न्यूक्लियर सेक्टर को भी निजी क्षेत्र के लिए खोलने की योजना है।

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News Desk

 भारत और मोदी सरकार के खिलाफ नैरेटिव बनाने विदेशी प्रभावशाली लोगों का इस्तेमाल कर रहीं कांग्रेस 

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता संबित पात्रा ने कांग्रेस (आईएनसी) पर भारत में एक नैरेटिव बनाने और लोगों को देश के खिलाफ भड़काने के लिए विदेशी लोगों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्स के नए लोकेशन फ़ीचर ने कई कांग्रेसी अकाउंट और इसतरह अन्य पार्टी समर्थित प्रभावशाली लोगों का पर्दाफर्श कर दिया है।
बीजेपी नेता पात्रा के अनुसार, कई कांग्रेसी नेता और पार्टी के राज्य स्तर के अकाउंट भारत के बाहर अपना लोकेशन बता रहे थे, हालाँकि उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद लोकेशन बदल दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस समर्थित प्रभावशाली लोग हैं, और कारवां इंडिया पत्रिका और तथ्य-जांचकर्ता ऑल्ट न्यूज जैसे समाचार संगठन भी अपने अकाउंट भारत से बाहर दिखा रहे हैं। बीजेपी नेता पात्रा ने आरोप लगाया कि विकल्प मिलने के बाद कई लोगों ने अपनी लोकेशन बदली। आप इसे बदल सकते हैं, छुपा सकते हैं। इसलिए जब कई लोगों को पता चला कि उनकी लोकेशन बाहर दिखाई जा रही है, तब उन्होंने इसे बदल दिया। 
उनके अनुसार, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का अकाउंट अमेरिका के आधार पर दिखा रहा है। हालाँकि खेड़ा का अकाउंट अमेरिका का है और इंडिया एप स्टोर के माध्यम से जुड़ा हुआ है, लेकिन एक्स का यह भी कहना है कि यह क्षेत्र सटीक नहीं हो सकता क्योंकि अकाउंट संभवतः वीपीएन जैसे प्रॉक्सी का उपयोग कर रहा है जिससे प्रदर्शित देश बदल सकता है। उन्होंने हिमाचल कांग्रेस के अकाउंट के खिलाफ भी इसी तरह के आरोप लगाए।
पात्रा ने बताया कि खेड़ा एक बड़े कांग्रेसी नेता हैं, लेकिन इससे पता चलता है कि उनका अकाउंट अमेरिका का है। यह जानकारी हमारी पार्टी के एक सूत्र से मिली है। एक और अकाउंट महाराष्ट्र कांग्रेस का है, जिसका अकाउंट आयरलैंड का है। मैंने इससे ठीक पहले जाँच की थी, उन्होंने इस अब भारत में बदल दिया है। लेकिन जिस समय यह मुद्दा उठाया गया था, तब यह आयरलैंड का था, उनकी चोरी पकड़ी गई। 

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News Desk

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी – सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में (In Delhi-NCR) बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए (To control the increasing Pollution) ठोस कदम उठाना जरूरी (It is necessary to take Concrete Steps) । दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले पर 1 दिसंबर को अगली सुनवाई होगी ।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हवा की गुणवत्ता की समस्या गंभीर है और इसे तुरंत हल करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बहुत गंभीर है और इसे एक स्वास्थ्य आपातकाल (हेल्थ इमरजेंसी) के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिकों की जान और स्वास्थ्य दोनों खतरे में हैं। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “क्या किसी भी ज्यूडिशियल फोरम के पास कौन सी जादू की छड़ी है, जिसे घुमा कर यह समस्या खत्म हो सके? मुझे पता है कि यह दिल्ली-एनसीआर के लिए खतरनाक समय है। हमें बताएं कि हम क्या आदेश दे सकते हैं ताकि लोगों को तुरंत साफ हवा मिल सके।”

सीजेआई ने आगे कहा कि प्रदूषण के पीछे कोई एक कारण नहीं है और इसे केवल विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों पर छोड़ देना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमें सभी कारणों की पहचान करनी होगी। हर इलाके के लिए अलग समाधान की जरूरत है। इसके लिए सरकार की बनाई कमेटियों और उनके कामकाज की भी समीक्षा करनी होगी। साथ ही रेगुलर मॉनिटरिंग की प्रक्रिया को मजबूत करना जरूरी है।

सीजेआई सूर्यकांत ने यह भी कहा कि प्रदूषण के मामले पर नियमित सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने नोट किया कि अक्सर दीपावली के समय प्रदूषण से संबंधित मामलों पर सुनवाई होती है, लेकिन उसके बाद यह मामले की लिस्ट से गायब हो जाता है। ऐसे मामलों में निरंतर निगरानी और नियमित सुनवाई आवश्यक है ताकि ठोस और प्रभावी निर्णय लिए जा सकें।

अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 1 दिसंबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की है और इस दौरान यह देखा जाएगा कि तत्काल और दीर्घकालिक उपाय क्या किए जा सकते हैं। कोर्ट की यह पहल नागरिकों की सेहत और दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण न सिर्फ श्वसन रोगों को बढ़ाता है, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और अस्वस्थ लोगों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। सुप्रीम कोर्ट की इस सक्रिय भूमिका से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।

गृहमंत्रालय आया बीजेपी के पास………….पूरे राज्य में बुलडोजर एक्शन शुरु, एंटी-रोमियो स्क्वॉड सक्रिय

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पटना। बिहार में चुनाव के बाद गृहमंत्रालय बीजेपी के पास आते ही एक्शन शुरु हो गया है। बिहार में नई सरकार में गहमंत्री बने सम्राट चौधरी ने बिहार में योगी माडल लागू कर दिया है। इसके बाद संगठित अपराध के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू हो गया है। डिप्टी सीएम और गृहमंत्री चौधरी की अगुवाई में अपराध और माफिया नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई का खाका तैयार हो चुका है। 
डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि बिहार सरकार ने पहले चरण में 400 कुख्यात अपराधियों की संपत्तियां जब्त की थीं। अब दूसरे चरण में 1200 से 1300 और अपराधियों को सूचीबद्ध किया है, जिनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। 
इस सूची में रेत (बालू) माफिया, भूमि माफिया, अवैध शराब कारोबारियों, कॉन्ट्रैक्ट किलर्स, संगठित गिरोहों और आर्थिक अपराध में शामिल अपराधियों के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। गृह मंत्री के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया कि किसी भी बड़े अपराधी की अवैध संपत्ति को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके लिए पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को संयुक्त रूप से कार्रवाई का आदेश दिया। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ भी मुहिम चला दी गई है। राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन शुरु हो चुका है। डीजीपी कुमार ने बताया कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इस बात को लेकर एंटी-रोमियो स्क्वॉड को नए सिरे से सक्रिय किया गया है। स्कूल और कॉलेजों के बाहर महिला सुरक्षा बल की विशेष तैनाती होगी। इसके लिए राज्य सरकार 2000 नई स्कूटी खरीद रही है, जिन्हें महिला पुलिसकर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा। 
महिला पुलिस की ये टीमें स्कूल की छुट्टी के समय और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर लगातार गश्त करेंगी। छात्राओं से छेड़खानी, पीछा करना या किसी भी तरह की बदसलूकी पर तुरंत एक्शन होगा। डीजीपी के अनुसार, यह कदम न केवल सुरक्षा बढ़ाएगा बल्कि छात्राओं और महिलाओं के बीच भरोसा भी बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, राज्य में किसी भी संगठित अपराध या महिलाओं के प्रति अपराध को बर्दाश्त नहीं होगा। कानून अपना काम करेगा और अपराधियों की अवैध कमाई पर लगातार प्रहार होता रहेगा।

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कश्मीर के 5 जिलों में पुलिस का सर्च ऑपरेशन

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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के 5 जिलों में गुरूवार को पुलिस और सुरक्षाबलों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने बैन आतंकी संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े होने के शक में कई लोगों के घरों-ठिकानों की तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि घाटी में सुरक्षा अभियान के तहत शोपियां, पुलवामा, श्रीनगर, बारामूला और कुलगाम में तलाशी ली है। इस दौरान पुलिस टीमों ने वेरिफिकेशन और कई लोगों से पूछताछ भी की।
उन्होंने कहा कि सर्च ऑपरेशन का मकसद बैन संगठनों को दोबारा सक्रिय होने से रोकना, आतंकी सपोर्ट नेटवर्क और ओवरग्राउंड वर्कर्स की पहचान कर उन्हें खत्म करना है। साथ ही आतंकियों को फाइनेंशियल और लॉजिस्टिक मदद करने वालों पर कार्रवाई करना है। पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में अवैध गतिविधि मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।। स्थानीय लोगों से सहयोग और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई है।

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News Desk

राबड़ी को आवास खाली करने का नोटिस, गिरिराज सिंह ने कहा……..सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं 

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पटना। बिहार में पूर्व सीएम राबड़ी देवी को आवास खाली करने के नोटिस को लेकर बयानबाजी जारी है। जहां केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि, बिहार में कानून का राज है। कानून के तहत किसी को आवास मिलाता है, तब आवास खाली किया जाता है। नहीं खाली करने पर पुलिस उस बलपूर्वक हटा देती है। सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं होती है।
वहीं राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा है कि, किसी हालत में राबड़ी आवास खाली नहीं करेगी। ये लालू परिवार को अपमानित करने की साजिश है। 20 साल से नीतीश कुमार सीएम हैं। उन्होंने ऐसा फैसला क्यों नहीं लिया। वहीं भाजपा नेता नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि राबड़ी पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने के दौरान टोंटी और अन्य सरकारी संपत्ति की चोरी ना हो, इसका ध्यान रखें।
20 साल बाद लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास (राबड़ी आवास) खाली करने का नोटिस मिला है। मंगलवार को बिहार भवन निर्माण विभाग ने ये नोटिस भेजा है। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बिहार विधान परिषद के आवासन के लिए पटना केन्द्रीय पुल की आवास संख्या 39 हार्डिंग रोड अलॉट किया गया है।

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शीतकालीन सत्र में 10 बड़े बिल पेश करेगी सरकार, 30 को बुलाई सर्वदलीय बैठक

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नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा और कुल 15 बैठकें होंगी. लोकसभा बुलेटिन के मुताबिक, इस सत्र में कुल दस नए बिल पेश किए जा सकते हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण एटॉमिक एनर्जी बिल है, जो देश के परमाणु ऊर्जा सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव लेकर आएगा. अभी तक न्यूक्लियर प्लांट्स का निर्माण और संचालन पूरी तरह सरकारी कंपनियों के हाथ में है, लेकिन नए बिल के तहत प्राइवेट कंपनियों—चाहे वे भारतीय हों या विदेशी—को भी न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अनुमति मिल सकेगी. इसे सेक्टर में ऐतिहासिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इससे परमाणु ऊर्जा उत्पादन में प्रतिस्पर्धा और निवेश दोनों बढ़ने की संभावना है.

सरकार हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल भी पेश करने जा रही है, जिसके जरिए उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़ा ढांचा परिवर्तन होगा. इस बिल के तहत UGC, AICTE और NCTE जैसी संस्थाओं को समाप्त कर उनकी जगह एक ही केंद्रीय नियामक संस्था बनाई जाएगी. सरकार का दावा है कि इससे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अधिक स्वायत्तता मिलेगी और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी. इस सत्र में नेशनल हाईवे (संशोधन) बिल भी पेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में देरी को रोका जा सके. इसके अलावा कॉरपोरेट लॉ (अमेंडमेंट) बिल, 2025 भी एजेंडे में है, जिसके जरिये कंपनी अधिनियम 2013 और LLP अधिनियम 2008 में आवश्यक बदलाव कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा दिया जाएगा.

केंद्र सरकार सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल भी लाने वाली है, जिसमें सेबी एक्ट, डिपॉजिटरी एक्ट और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट को एक ही कानून में समाहित किया जाएगा. साथ ही संविधान का 131वां संशोधन प्रस्तावित है, जिसके तहत चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 के दायरे में लाया जाएगा. इसको लेकर पहले से ही विवाद की स्थति बन गई है . इसके अलावा कंपनियों और व्यक्तियों के बीच विवादों के तेज निपटारे के लिए मध्यस्थता कानून को भी संशोधित करने की तैयारी है.

इससे पहले मानसून सत्र SIR विवाद के चलते लगातार हंगामे की भेंट चढ़ गया था. लोकसभा और राज्यसभा में कुल मिलाकर कार्यवाही का एक बड़ा हिस्सा बाधित रहा, हालांकि दोनों सदनों ने मिलकर 27 बिल पास किए. मानसून सत्र की शुरुआत में ही राज्यसभा के उपसभापति जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था और उसके बाद सदन की कार्यवाही पर SIR विवाद छाया रहा.

इस सत्र में विपक्ष की एक और तैयारी सुर्खियों में है, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संभावित महाभियोग. INDIA गठबंधन ने अगस्त में हुई बैठक में संकेत दिए थे कि वे इस मामले में शीतकालीन सत्र के दौरान नोटिस देंगे. यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाए और CEC ने उनसे या तो आरोपों पर हलफनामा देने या सार्वजनिक माफी मांगने को कहा. कुल मिलाकर, सरकार जहां विधायी एजेंडा तय कर चुकी है,

वहीं विपक्ष ने भी अपना तेवर स्पष्ट कर दिया है. ऐसे में यह सत्र राजनीतिक टकराव, तीखी बहस और विधायी गतिविधियों का एक साथ गवाह बनने जा रहा है. इस बीच सरकार ने 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है जिसमे सरकार विपक्ष के सामने सत्र का एजेंडा पेश करेगी और सदन चलाने में सहयोग मांगेगी .