वोट चोरी रोकने में चुनाव आयोग की भूमिका संदेहास्पद – कांग्रेस के महासचिव सचिन पायलट

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टोंक । कांग्रेस के महासचिव सचिन पायलट (Congress General Secretary Sachin Pilot) ने कहा कि वोट चोरी रोकने में (In preventing Vote Theft) चुनाव आयोग की भूमिका संदेहास्पद है (Role of Election Commission is Questionable) ।

कांग्रेस के महासचिव, पूर्व डिप्टी सी एम, टोंक विधाधक सचिन पायलट ने कहा कि निर्वाचन आयोग का काम नागरिकता तय करना नहीं है, उसका काम है 18 साल के हो चुके नागरिक को वोट दिलाने की सुनिश्चितता करना । आयोग नेता, पार्टी , सरकार के दबाव के काम नहीं करे। सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद देना चाहता हूं कि उसने आधार कार्ड से वोट देने की बात कही है। वरना सरकार तो घुसपैठियों को निकलने के नाम पर गरीब, असहाय, दलित, अशिक्षित, आदिवासियों के वोट काटने पर लगी हुई है। वोट चोरी रोकने के मामले में चुनाव आयोग की भूमिका संदेह के घेरे में है। यह बात टोंक दौरे पर आए सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में कही।

पायलट ने कहा में कहा कि चुनाव नजदीक आते ही घुसपैठियों को निकालने के नाम पाने फायदे के हिसाब से वोट का है। सरकार बताए कि 11 साल में कितने घुसपैठियों को निकाला हैं। कोई चुनाव आते ही एसआईआर याद आती है, पहले बिहार ओर राजस्थान में ही दिखे लीजिए कितने बीएलओ की मौत हो गई । उन पर बहुत ज्यादा दबाव बनाया जा रहा है। सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा है। सचिन पायलट ने कहा आप बदलाव कितना कर रहे हैं। लेकिन परिणाम तो जनता में विश्वास पैदा नहीं कर रहा है। आप देख रहे हैं प्रदेश में कितना खींचतान चल रही है, कभी चीफ सेक्रेटरी बदल रहे हैं। कभी अफसर बदल रहे हैं। मंत्रिमंडल पूरा बना नहीं है। उपचुनाव आप हार रहे हैं। आपसी इतनी खींचतान है,कि सरकार दिल्ली के आदेशों पर चल रही है।

भाजपा ने जो वादे किए थे। सरकार में आने से पहले वो 2 सालों में कितने वादे पूरे हुए। चार लाख नौकरी की बात की थी, कितनी नौकरी दी है। यह सारी बातें जनता भी देख रही है। जानबूझकर आप चुनाव से डर रहे हो। नगर निकाय के चुनाव, पंचायत राज के चुनाव बार-बार आप पोसपोंड कर रहे हो। क्यों कर रहे हो किसके डर से कर रहे हो। यह सारी बातें जनता देख रही है। मुझे लगता है कि सरकार दिशाहीन है। आपस में जो विश्वास होना चाहिए वह कायम नहीं कर पा रही है। 2 साल बहुत होते हैं।उन्होंने 2 साल में पब्लिक का कॉन्फिडेंस खो दिया है। विधायक सचिन पायलट ने किसानों के मुआवजे को लेकर कहा कि किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए ।हमारी सरकार ने एक अच्छा पैकेज बनाया था लेकिन वर्तमान में भी किसानों को अच्छा पैकेज मिलना चाहिए किसानों को राहत मिलनी चाहिए। किसानों की आने वाली पीढियां का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए।

इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सउद सईदी, पूर्व विधायक कमल बैरवा निवर्तमान जिलाध्यक्ष हरि प्रसाद बैरवा, रामलाल संडीला, दिनेश चौरासिया, देवकरण गुर्जर,हरि, हंसराज फागणा, रामराय भड़ाना, कैलाशी देवी मीणा, इरशाद बेग खान, शब्बीर अहमद, जरार खान, देवलाल, रूप नारायण जाट, राजेश गुजर एडवोकेट, यूसुफ यूनिवर्सल, राहुल सैनी,फोजूराम मीणा सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

उडुपी में NH-66 पर पलटा वाहन, 5 मजदूरों की मौत, असम-त्रिपुरा के निवासी

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उडुपी (कर्नाटक): उडुपी जिले में रविवार को मजदूरों और सजावट का सामान ले जा रहा एक वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर पलट गया, जिससे पांच मजदूरों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना दोपहर 3.30 बजे काउप पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत उलियारागोली गांव के पास हुई.

पुलिस के मुताबिक ड्राइवर रंजीत वाहन को चला रहा था, जो काउप से उडुपी एक कार्यक्रम के लिए सामान ले जा रहा था. हादसे के समय वाहन में 12 मजदूर यात्रा कर रहे थे. उनमें से तीन केबिन में और नौ पिछले हिस्से में बैठे थे.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि वाहन तेज गति से चल रहा था जब चालक ने कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया, जिससे यह डिवाइडर से टकराया और पलट गया. वाहन सर्विस रोड पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पुलिस ने बताया कि पीड़ित लोग असम और त्रिपुरा के रहने वाले थे. पुलिस ने बताया कि ज्यादातर लोगों के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्राइवर रंजीत समेत घायलों को उडुपी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कई लोग आईसीयू में हैं.

घटना के संबंध में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है कि क्या हादसे की वजह तेज गाड़ी चलाना, थकान या कोई मैकेनिकल खराबी थी. अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी की स्थिति, बीच के टायरों के निशान और चश्मदीदों के बयान चल रही जांच का हिस्सा हैं.

एक स्थानीय डेकोरेशन एजेंसी द्वारा इन मजदूरों को एक प्राइवेट इवेंट में सजावट के काम के लिए रखा गया था और वे उसी गाड़ी में सामान लेकर जा रहे थे. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मजदूरों के आने-जाने के लिए परिवहन सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है. आगे की जांच चल रही है.

शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार लाएगी 14 बड़े बिल, कांग्रेस उठाएगी ये मुद्दे

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नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र (Winter session of Parliament) 1 दिंसबर यानी सोमवार से शुरू हो रहा है. यह शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा. इससे पहले मोदी सरकार (Modi government) ने लोकसभा और राज्यसभा के लिए 14 विधेयकों को पेश करने के लिए लिस्ट तैयार की है. केंद्र और विपक्ष (Centre and opposition) के बीच इन विधेयकों सहित कई मुद्दों पर हंगामा छिड़ने के पूरे आसार हैं.

इसी को देखते हुए शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को केंद्रीय केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू समेत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, गौरव गोगोई और अन्य नेता शामिल हुए. वहीं विपक्ष से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समावादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए. इस दौरान शीतकालीन सत्र को लेकर विचार-विमर्श हुआ.

संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक जारी रहेगा. इस अवधि में कुल 15 कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं. विपक्ष ने सत्र को अपेक्षाकृत छोटा बताते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत और गहन चर्चा की मांग की है. सामान्य परिस्थितियों में शीतकालीन सत्र में लगभग 20 बैठकें आयोजित की जाती हैं. विपक्ष ने रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे को उठाया है. इस पर केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. माना जा रहा है कि शीतकालीन सत्र के 15 कार्यदिवस ही रहेंगे.

1. जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025 2. इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक, 2025 (IBC) 3. मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025- अध्यादेश बदलने के लिए 4. रीपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल, 2025 5. नेशनल हाइवेज (संशोधन) विधेयक, 2025 6. एटॉमिक एनर्जी बिल, 2025 7. कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2025 8. सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (SMC), 2025 9. इंश्योरेंस लॉज (संशोधन) बिल, 2025 10. आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन (संशोधन) बिल, 2025 11. हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया बिल, 2025 12. सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025 13. हेल्थ सिक्योरिटी सेस/नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025 14. वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम पूरक अनुदान मांगें (फाइनेंशियल बिजनेस)

शीतकालीन सत्र में कांग्रेस वोट चोरी का मुद्दा उठाएगी. कांग्रेस इस मुद्दे को किसी भी हालत में छोड़ना नहीं चाहती है. साथ ही कांग्रेस एसआईआर और बीएलओ की मौतों से जुड़े मामलों को भी संसद में उठाएगी. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि कथित तौर पर वोट चोरी किए जाने का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र की हत्या की जा रही हो और सिर्फ वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती की जा रही हो, तो यह एक मुद्दा अहम होगा. उनका कहना था, जब लाल किले के पास विस्फोट हो रहा है, तो यह एक मुद्दा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति विफल हो गई है.

दिल्ली–सहारनपुर–देहरादून एक्सप्रेसवे का ट्रायल रन शुरू, दिल्ली से देहरादून अब सिर्फ ढाई घंटे में

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नई दिल्ली: दिल्ली–सहारनपुर–देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. लंबे समय से निर्माणाधीन इस महत्वपूर्ण हाईवे का ट्रायल रन शुरू हो गया है. रविवार रात 12 बजे से इसे ट्रायल के आधार पर वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया. इससे पहले गीता कॉलोनी क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के बैरिकेड्स हटा दिए गए, जिसके बाद सड़क पर आवाजाही सुगमता से शुरू हो गई.

अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे रह जाएगा. अभी तक दिल्ली से देहरादून पहुंचने में चार से छह घंटे तक लग जाते थे. नए हाईवे के पूर्ण संचालन के बाद यात्रा का समय आधा होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और उत्तराखंड आने-जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि की उम्मीद है.

पीएम मोदी ने ऱखी थी आधारशिला

करीब 210 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर 2021 को रखी थी. इस अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर लगभग 11,800 करोड़ रुपये की लागत आई है. परियोजना को कई चरणों में पूरा किया गया है, जिसमें पर्यावरणीय अनुमति, भूमि अधिग्रहण और संरचना निर्माण सबसे चुनौतीपूर्ण चरण रहे.

 

दिल्ली के भीतर इस एक्सप्रेस-वे को एलिवेटेड संरचना के रूप में तैयार किया गया है. इसकी शुरुआत अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास से होती है, जहाँ से यह दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ जाता है. इससे दिल्ली के अंदर ही यात्रियों को जाम से जूझे बिना सीधे हाई-स्पीड यात्रा का मौका मिलेगा.

 

 

स्थानीय लोगों के अनुसार एक्सप्रेसवे के शुरू होने से राजधानी में जाम की पुरानी समस्या से भी राहत मिलेगी. विशेषकर खजूरी खास और उसके आसपास के इलाकों में रोजाना घंटों लगने वाला लंबा ट्रैफिक जाम अब काफी हद तक कम हो जाएगा. इन क्षेत्रों के निवासियों द्वारा एक्सप्रेसवे को जल्द खोलने की मांग लगातार की जा रही थी.निर्माण में देरी के पीछे तकनीकी चुनौतियाँ, मौसम संबंधी बाधाएँ और ट्रैफिक डायवर्जन की दिक्कतें प्रमुख कारण रही थीं। हालांकि अब सभी अड़चनें दूर कर दी गई हैं और एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार हो चुका है.

 

ट्रायल रन के शुरू होने के बाद जल्द ही इसके औपचारिक उद्घाटन की भी संभावना है. संबंधित एजेंसियाँ अंतिम परीक्षण और सुरक्षा जांच पूरी कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के सफल रहने पर एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए पूर्ण रूप से खोल दिया जाएगा.

सुबह खाली पेट चबाएं ये पत्ते…जानें किन बीमारियों में मिल सकती है राहत!

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Neem Leaves Benefits: आयुर्वेद में हर एक पौधे-पत्ती का विशेष महत्व होता है. आयुर्वेद में नीम के पेड़ के भी अलग-अलग फायदे बताए गए है. नीम की टहनी से लेकर पत्ते और बीजों तक हर एक चीज का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. नीम के पत्ते (Neem Leaves) भले ही कड़वे होते हैं लेकिन इससे हमारे शरीर को कई फायदे होते है. रोजाना खाली पेट इसके पत्ते चबाने से कई कमाल के फायदे होते है. आइए जानते हैं नीम के पत्ते से क्या बेनिफिट्स होते हैं.  

रोजाना कितने पत्ते चबाने चाहिए?  

कई बार लोग किसी फायदेमंद चीज को ये सोच कर बहुत अधिक मात्रा में खा लेते हैं कि ज्यादा खाने से उन्हें अधिक फायदा होगा, लेकिन ऐसा नहीं है. ऐसा करने से उल्टा असर भी हो सकता है. ऐसे में सवाल है कि आखिर हमें रोजाना नीम के कितने पत्ते खाने चाहिए जिससे हमें इसका पूरा लाभ हो. बता दें कि हमें रोजाना सुबह खाली पेट एक बार में 4 से 5 पत्ते चबाना चाहिए . ऐसा करने से हमें इसका पूरा लाभ मिलेगा.

कब्ज से मिलेगा छुटकारा

रोजाना सुबह उठकर खाली पेट नीम के पत्ते चबाने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल सकता है. नीम के नियमित सेवन से ब्लोटिंग और पेट में गैस बनने की तकलीफ से निजात मिलती है. नीम के पत्तों में पाए जाने वाला फाइबर पेट की सेहत अच्छी रखता है और कब्ज की दिक्कत दूर रखने में मदद करता है.

ब्लड शुगर होगा रेग्यूलेट

नीम के पत्ते शरीर में ब्लड शुगर लेवल्स को रेग्युलेट करने में मदद करते हैं. इतना ही नहीं अगर इसके पत्ते सुबह के समय खाली पेट चबाएं जाएं तो डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते हैं. ब्लड शुगर लेवल्स कंट्रोल में रहने के लिए भी नीम के पत्तों का सेवन किया जा सकता है.

लीवर हेल्‍थ होगी बहतर

खाली पेट नीम के पत्तों का सेवन करने पर लीवर को भी इसके फायदे मिलते हैं. नीम के पत्ते एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं और शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से दूर रखते हैं. इन पत्तों के सेवन से लीवर टिशू को होने वाला नुकसान भी कम होने लगता है.

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News Desk

हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि हर पीड़ित की शिकायत का (Every Victim’s Complaint) प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा (Will be effectively Resolved) ।

गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन रविवार सुबह जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से बातकर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा, “घबराइए मत, हर समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा।” जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण कराएं। इससे पहले शनिवार को भी सीएम ने जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं थीं।

रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी चिंता करने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण कराया जाए।

जनता दर्शन में कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर सीएम योगी ने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गरीब की जमीन पर यदि कोई कब्जा करने की कोशिश करे तो उसे ठीक से सबक सिखाया जाए। गरीब की जमीनों पर दबंग या माफिया का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए। जनता दर्शन में अंबेडकरनगर से आई एक महिला ने बाजार गए अपने बच्चे के साइकिल सहित गायब होने की पीड़ा बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रकरण को संवेदनशीलता से लिया जाए और बच्चे का पता लगाने को जरूरी कदम उठाए जाएं।

जनता दर्शन में इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें मदद का भरोसा दिया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। एक महिला द्वारा किडनी के इलाज में डायलिसिस कराने की जरूरत और उसके लिए धनराशि न होने की बात कहने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अफसरों को निर्देशित किया कि डायलिसिस के लिए पैसे की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने महिला को यह कहते हुए भरपूर आत्मीय संबल दिया, ‘घबराओ मत उपचार की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी।’ मुख्यमंत्री योगी ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ बच्चों पर खूब प्यार-दुलार बरसाया। उन्होंने इन बच्चों को चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।

योगी आदित्यनाथ ऑफिस के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से जनता दर्शन की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और अधिकारों की पूर्ति ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज के सुशासन का आधार है। लोक-कल्याण हेतु दृढ़ संकल्पित महाराज जी ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं एवं अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।”

भारत की धमाकेदार जीत, कोहली का शतक और कुलदीप का चौका…मैच की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें

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IND vs SA: रांची में साउथ अफ्रीका और भारत के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच खेला गया. भारतीय टीम ने हाई स्कोरिंग थ्रिलर मैच में 17 रन से जीत हासिल करते हुए वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने विराट कोहली के शतक और रोहित-राहुल के अर्धशतकों के सहारो साउथ अफ्रीका को 350 रन का बड़ा टारेट दिया. जिसका पीछा करते हुए प्रोटियाज टीम 332 रन ही बना सकी. अब सीरीज का दूसरा मैच 3 दिसंबर को रायपुर में खेला जाएगा.

ऐसा रहा मैच का हाल

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही. यशस्वी जायसवाल सस्ते में पेवलियन लौट गए. इसके बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा ने जिम्मा उठाया. दोनों के बीच 136 रन की बड़ी पार्टनरशिप हुई, जिसने बड़े टोटल की नीव रखी. रोहित शर्मा ने 57 रन की पारी खेली. विराट कोहली ने 135 रन की पारी के साथ अपना 52वां वनडे शतक पूरा किया. आखिर में कप्तान राहुल ने 60 रन की पारी खेल टीम के स्कोर को 350 तक पहुंचा दिया.

जबाव में उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत बेहद साधारण रही. टीम ने मात्र 11 रन के स्कोर पर अपने तीन के विकेट गवा दिए. इसके बाद मिडिल ऑर्डन में भी लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे कोई बड़ी पार्टनरशिप नहीं बन सकी. लेकिन मैथ्यू ब्रीट्ज़के (72), मार्को जेनसेन (70) और कॉर्बिन बॉश (67) की पारियों ने साउथ अफ्रीका को मैच में बनाए रखा. आखिर में टीम 332 रन पर ऑलआउट हो गई. भारत के लिए कुलदीप यादव ने सबसे ज्यादा 4 विकेट हासिल किए.

भारत (प्लेइंग इलेवन): रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, वाशिंगटन सुंदर, केएल राहुल (विकेट कीपर), रवींद्र जडेजा, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा

साउथ अफ्रीका (प्लेइंग इलेवन): रयान रिकेल्टन, क्विंटन डी कॉक (विकेट कीपर), एडेन मार्कराम (कप्तान), मैथ्यू ब्रीट्ज़के, टोनी डी ज़ोरज़ी, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को जेनसेन, कॉर्बिन बॉश, प्रेनेलन सुब्रायन, नंद्रे बर्गर, ओटनील बार्टमैन

 

 

 

NIA ने कसी कमर…कश्मीर में कई जगहों पर छापेमारी, क्या हाथ लगा कोई बड़ा सुराग?

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दिल्ली कार ब्लास्ट केस की जांच लगातार तेजी पकड़ रही है। दिल्ली कार ब्लास्ट केस से जुड़े सुराग सामने लाने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को कश्मीर के कई इलाकों में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह कार्रवाई घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की पहचान करने और उन्हें कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, NIA की टीम ने दक्षिण कश्मीर के कई हिस्सों में छापेमारी की, जिनमें काजीगुंड जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। इसके साथ ही पुलवामा और शोपियां में भी संदिग्ध व्यक्तियों के घरों और ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। एजेंसी इस समय आठ अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही है। माना जा रहा है कि ये सभी लोकेशन सीधे दिल्ली कार ब्लास्ट केस से जुड़े हो सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली ब्लास्ट में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी ने अपने दायरे को और विस्तार दिया है। NIA का उद्देश्य सिर्फ विस्फोट के जिम्मेदार लोगों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि घाटी में फैले पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना है।

जांच के तहत मौलवी इरफान अहमद वागे, डॉ. अदील, डॉ. मुजम्मिल और आमिर राशिद के घरों सहित आठ ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। एजेंसी को उम्मीद है कि इन छापों से ऐसे अहम सबूत मिल सकते हैं, जो इस विस्फोट को अंजाम देने वाले तत्वों तक सीधे पहुंचने में मदद करेंगे।

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तटीय इलाकों में आसमानी आफत का खतरा, NDRF-SDRF हाई अलर्ट पर; क्या आपके शहर में भी होगा असर?

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चक्रवात दित्वा बंगाल की खाड़ी में तेजी से ताकतवर होता जा रहा है और भारत के तटों की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव के संकेत 24 घंटे पहले से ही दिखने लगे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार सुबह 6 बजे चक्रवात चेन्नई से करीब 390 किमी और पुडुचेरी से लगभग 290 किमी दूर था। तूफान के कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश जारी है और कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल रही हैं।

चेन्नई में समुद्र उफान पर है और तेज हवाएं स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि चक्रवात दित्वा आज तट से टकरा सकता है, जिससे बारिश और हवाओं की रफ्तार और बढ़ सकती है। पुडुचेरी में भी उच्च ज्वार, समुद्री उथल-पुथल और लगातार बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तट के पास न जाने की अपील की है।

तूफान की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की 6 बटालियनों की पांच टीमों को गुजरात के वडोदरा से चेन्नई एयरलिफ्ट कर तैनात किया गया है। ये टीमें FWR और CSSR संसाधनों से पूरी तरह लैस हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

चक्रवात का असर परिवहन सेवाओं पर भी दिख रहा है। चेन्नई एयरपोर्ट को रविवार को 47 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 36 घरेलू और 11 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। इसी तरह, रेलवे ने भी सुरक्षा के मद्देनजर कई ट्रेनों को रद्द किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी जोन और डिवीज़न को अलर्ट रहने और वॉर रूम सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।