व्यक्तिगत शिकवा शिकायत छोड़कर सभी काम करें, नए जिला अध्यक्षों को दी सलाह

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रायपुर।  पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है. अमरजीत भगत ने कहा है कि जो नए जिला अध्यक्ष बने हैं उन्हें अपनी टीम को मजबूत करना होगा, अगर टीम मजबूत नहीं रहेगी तो संघर्ष कमजोर होगा, क्योंकि हम लोग विपक्ष में है. उन्होंने कहा है कि यह जिम्मेदारी ऐसे समय पर मिली है जब कांग्रेस सत्ता में नहीं है. ऐसे में जिला अध्यक्ष को सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है।

व्यक्तिगत शिकवा शिकायत दूर कर सभी काम करें – अमरजीत भगत

अमरजीत भगत ने आगे कहा कि व्यक्तिगत शिकवा शिकायत दूर कर नए माहौल में नए उत्साह के साथ नए साल में काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जिला अध्यक्ष बनने के लिए जो दावेदार थे उन्हें हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है. अवसर कभी खत्म नहीं होता है. सभी अच्छा काम लगातार करते रहें। धैर्य बनाकर रखें, मौका जरूर मिलेगा. अमरजीत भगत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व डिप्टी सीएम TS सिंहदेव दोनों मेरे नेता हैं. किसी के अधिक तो किसी के कम लोग कांग्रेस जिला अध्यक्ष बने हैं, लेकिन यह बड़ी बात नहीं है. बड़ी बात तो यह है कि सभी जिला अध्यक्ष कांग्रेस के लिए काम करेंगे।

धान खरीदी के लेकर रखी बात

अमरजीत भगत ने यह भी कहा है कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, लेकिन छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा बनाने वाले किसान इन दिनों अपनी धान को बेचने के लिए परेशान है क्योंकि उनका पंजीयन सही तरीके से नहीं किया गया है. कई किसानों ने धान का खेती किया हुआ है, लेकिन उसके बावजूद पूरा रकबा में धान की खेती गिरदावरी में नहीं बताया गया है. उन्होंने कहा कि धान के कटोरा के मालिक अगर इस तरीके से परेशान हैं तो आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार को चेताने का भी काम करेगी।

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News Desk

छुट्टी वाले दिन की जगह वीकडे फाइनल

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क्रिकेट | बीसीसीआई ने महिला प्रीमियर लीग के मेगा ऑक्शन के बाद अब इस टूर्नामेंट के फुल शेड्यूल का ऐलान कर दिया है. इस टूर्नामेंट के शेड्यूल ने सभी को चौंका दिया है क्योंकि पहली बार ऐसा होगा जब इतनी बड़ी लीग का फाइनल छुट्टी के दिन नहीं होगा. बीसीसीआई ने जो शेड्यूल जारी किया है उसके मुताबिक टूर्नामेंट का एलिमिनेटर और फाइनल मुकाबला वीक-डे पर खेला जाएगा. एलिमिनेटर मुकाबला 3 फरवरी को है, उस दिन मंगलवार है. वहीं फाइनल मैच 5 फरवरी को है और उस दिन गुरुवार है. इस बार ये टूर्नामेंट सिर्फ नवी मुंबई और वडोदरा में होगा |

WPL 2026 में होंगे 2 डबल हेडर

28 दिनों तक चलने वाले इस WPL सीजन में कुल 22 मैच खेले जाएंगे. दो डबल हेडर मुकाबलों को छोड़कर सभी मैच शाम को 7 बजे से खेले जाएंगे. नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम शुरुआती राउंड और पहले दो डबल-हेडर मैचों की मेजबानी करेगा, जिसके बाद टूर्नामेंट का दूसरा भाग वडोदरा में खेला जाएगा. वडोदरा में ही प्लेऑफ और फाइनल मैच होगा |

WPL 2026 का पूरा कार्यक्रम

9 जनवरी– मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, नवी मुंबई
10 जनवरी- यूपी वॉरियर्स बनाम गुजरात जायंट्स, नवी मुंबई
10 जनवरी- मुंबई इंडियंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स, नवी मुंबई
11 जनवरी- दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात जायंट्स, नवी मुंबई
12 जनवरी- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम यूपी वॉरियर्स, नवी मुंबई
13 जनवरी- मुंबई इंडियंस बनाम गुजरात जायंट्स, नवी मुंबई
14 जनवरी- यूपी वॉरियर्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स, नवी मुंबई
15 जनवरी- मुंबई इंडियंस बनाम यूपी वॉरियर्स, नवी मुंबई
16 जनवरी- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम गुजरात जायंट्स, नवी मुंबई
17 जनवरी- यूपी वॉरियर्स बनाम मुंबई इंडियंस, नवी मुंबई
17 जनवरी- दिल्ली कैपिटल्सबनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, नवी मुंबई
19 जनवरी- गुजरात जायंट्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु,वडोदरा
20 जनवरी- दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस, वडोदरा
22 जनवरी- गुजरात जायंट्स बनाम यूपी वॉरियर्स, वडोदरा
24 जनवरी- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम दिल्ली कैपिटल्स, वडोदरा
26 जनवरी- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम मुंबई इंडियंस, वडोदरा
27 जनवरी- गुजरात जायंट्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स, वडोदरा
29 जनवरी- यूपी वॉरियर्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, वडोदरा
30 जनवरी- गुजरात जायंट्स बनाम मुंबई इंडियंस, वडोदरा
1 फरवरी- दिल्ली कैपिटल्स बनाम यूपी वॉरियर्स, वडोदरा
3 फरवरी- एलिमिनेटर, वडोदरा
5 फरवरी- फाइनल, वडोदरा

कफ सिरप केस में उछला नाम तो भड़के धनंजय सिंह, केंद्र से की CBI जांच की मांग

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प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध सिंडिकेट के बड़े मामले में नाम आने के बाद जौनपुर के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी सफाई पेश की है. धनंजय सिंह ने इसे पूरी तरह राजनीतिक साजिश करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. | 

अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल से लगातार पोस्ट करते हुए धनंजय सिंह ने लिखा, “मेरे राजनीतिक विरोधी मेरे बारे में तरह-तरह की भ्रामक बातें और झूठी खबरें फैला रहे हैं. यह पूरा प्रकरण वाराणसी से जुड़ा हुआ है, इसलिए कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल माननीय प्रधानमंत्री जी की छवि धूमिल करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं. मैं केंद्र और राज्य सरकार से मांग करता हूं कि इस मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि असली दोषी सलाखों के पीछे पहुंचे और मेरे खिलाफ चल रही अनर्गल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर विराम लगे.”

धनंजय सिंह ने आगे लिखा, “जो लोग मेरे नाम का इस्तेमाल कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं, उन्हें जल्द ही जनता और कानून दोनों के सामने जवाब देना पड़ेगा. सच्चाई सामने आएगी और झूठ का बुलबुला फूटेगा.”

पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग लगातार कर रहे छापेमारी

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए बड़े स्तर पर छापेमारी की थी. इस कार्रवाई में कई बड़े नाम सामने आए हैं और सोशल मीडिया मे धनंजय सिंह का भी नाम जोड़ा जा रहा है, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक द्वेष की संज्ञा दी है |

पूर्वांचल की राजनीति प्रभावशाली हैं धनंजय

धनंजय सिंह लंबे समय से जौनपुर और पूर्वांचल की राजनीति में प्रभावशाली रहे हैं. 2014 में वे जौनपुर लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे. बाद में उन्होंने कई दलों से दूरी बनाई और निर्दलीय ताकत के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई. वर्तमान में वे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं. अब देखना यह है कि धनंजय सिंह की CBI जांच की मांग पर सरकार क्या रुख अपनाती है और यह मामला पूर्वांचल की सियासत में कितना तूल पकड़ता है |

धनुष की सबसे मोटी कमाई, कृति सेनन भी पीछे नहीं!

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 बॉलीवुड | 12 साल पहले आनंद एल राय की रोमांटिक-ड्रामा फिल्म रांझणा रिलीज हुई थी. इस फिल्म को फैंस से काफी प्यार मिला था और फिल्म को देशभर की जनता ने अपने दिल से लगाया था. अब 12 साल बाद इस फिल्म का सीक्वल आया है. इसका टाइटल तेरे इश्क में रखा गया है. फिल्म में धनुष के अपोजिट कृति सेनन नजर आई थीं. फिल्म को जनता का काफी अच्छा रिस्पॉन्स भी मिल रहा है. ट्रेलर के बाद तो ऐसा अनुमान लगाया गया था कि फिल्म बहुत बड़ी ओपनिंग नहीं कर पाएगी |

लेकिन धनुष की वापसी ने सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए और भारत में ही 16 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है. जबकी अभी फिल्म की कमाई के ओवरसीज आंकड़े तो आए भी नहीं हैं. आइए जानते हैं कि इस फिल्म के लिए किसे कितने पैसे मिले हैं |

तेरे इश्क में की कास्ट को कितने रुपए मिले?

साउथ सुपरस्टार धनुष लंबे समय से सिनेमा जगत का हिस्सा रहे हैं और उन्होंने कई फिल्में की हैं. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी अब वे कोई नया नाम नहीं रह गए हैं और उनकी फिल्मों को देखना फैंस पसंद करते हैं. एक्टर की फिल्म तेरे इश्क में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. इस फिल्म के लिए उन्होंने सबसे ज्यादा फीस ली है. रिपोर्ट्स की मानें तो एक्टर ने इस फिल्म के लिए 15 करोड़ रुपए लिए हैं. वहीं उनकी तुलना में फिल्म की लीड एक्ट्रेस कृति सेनन को कम फीस मिली है |

आज जहां एक्ट्रेस वन पे स्केल को लेकर मुखर हैं और इंडस्ट्री में इक्वालिटी के हक की लड़ाई लड़ रही हैं. वैसे में तेरे इश्क में फिल्म के लिए कृति सेनन को लीड एक्टर की तुलना में तीन गुना कम फीस मिली है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें इस फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपए दिए गए हैं. मतलब कि लीड एक्टर और लीड एक्ट्रेस की फीस में पूरा 10 करोड़ रुपए का अंतर है. जबकी कृति सेनन को भी फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए ठीक-ठाक एक्सपीरियंस हो गया है |

पहले वीकेंड में कितने कमाए?

फिल्म के पहले पार्ट की कहानी से इस बार की कहानी को एकदम अलग रखा गया है. इसका कलेक्शन फिलहाल तो अच्छा जा रहा है और ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि ये फिल्म रिलीज के फर्स्ट वीकेंड में 50 करोड़ या उसके ज्यादा का कलेक्शन कर सकती है. फिलहाल इसे अच्छे वर्ड ऑफ माउथ का फायदा मिल सकता है और ये धनुष की एक और सफल फिल्म की फहरिश्त में शामिल हो सकती है |

शालीमार बाग B वार्ड: रेखा गुप्ता की प्रतिष्ठा की जंग, बीजेपी को मिलेगा क्लीन स्वीप?

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नई दिल्ली।  दिल्ली में रविवार 30 नवंबर को नगर निगम के 12 वार्डों में उपचुनाव होने हैं. ऐसे में शुक्रवार की शाम चुनाव प्रचार भी थम गया है. जिन 12 वार्डों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें से 9 पर भाजपा ने पहले ही जीत दर्ज की थी. अब देखना यह होगा कि 3 दिसंबर को चुनावी परिणाम में भाजपा कितना कमाल दिखा पाती है. यह परिणाम दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. सीएम रेखा गुप्ता भी इससे पहले शालीमार बाग सीट से पार्षद थीं. अब यह सीट जीतना उनके लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है।

MCD उपचुनाव में 50 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं

MCD चुनाव में कुल 51 प्रत्याशी मैदान में हैं. जिसमें इस बार 50 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं को उम्मीदवार बनाया गया है. सबसे ज्यादा भाजपा ने महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है. इसके बाद आप और कांग्रेस ने भी महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा है. जहां भाजपा ने 8 महिलाओं को तो वहीं AAP ने 6 और कांग्रेस ने 5 प्रत्याशियों को उतारा हैं. दिल्ली नगर निगम में कुल 250 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा के सबसे ज्यादा 116 पार्षद हैं. वहीं आप के 99 तो इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 14 और कांग्रेस के 8 पार्षद हैं. 3 दिसंबर को परिणाम आने के बाद पार्षदों की संख्या बढ़ेगी।

भाजपा नेताओं को सभी सीटों पर जीत का भरोसा

इस उपचुनाव को लेकर भाजपा नेताओं को पूरा भरोसा है. मेयर राजा इकबाल ने कहा कि हमे पूरा भरोसा है कि पूरी 12 सीट जीतेंगे. दिल्ली की जनता ने AAP को पूरी तरह से नकार दिया है. बिहार में भाजपा को प्रचंड जीत मिली है. यहां भी हमें भारी वोट मिलेंगे. हमारी पूरी भाजपा की टीम ने यहां काफी मेहनत के साथ प्रचार-प्रसार किया है. बता दें, इस उपचुनाव में 12 सीटों में से 5 महिलाओं के लिए, एक अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है. बाकी सीटें सामान्य के लिए हैं।

3 दिसंबर को आएंगे परिणाम

बता दें, एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 134 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था. इसके अलावा भाजपा को 104 और कांग्रेस 9 सीटें मिली थी. वहीं 3 निर्दलियों ने भी जीत दर्ज की थी. इस उपचुनाव में दो सीटों पर सबसे ज्यादा फोकस किया जा रहा है. एक सीट है शालीमार बाग बी और दूसरी है द्वारका बी सीट. शालीमार से दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पार्षद रह चुकी हैं. जबकि द्वारका बी सीट कमलजीत के लोकसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई थी. कौन कितनी सीटों पर जीत दर्ज कर पाता है, यह तो आने वाले 3 दिसंबर को ही तय हो पाएगा. फिलहाल, सभी दल अपनी-अपनी जीत को लेकर दावा कर रहे हैं।

गंभीर की रणनीति पर उठे सवाल, BCCI वर्ल्ड कप के बाद ले सकता है बड़ा एक्शन

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क्रिकेट | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर से साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली हार के खुश नहीं है. भारत को 14 से 16 नवंबर तक ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 30 रन की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था. जबकि इसके बाद गुवाहाटी टेस्ट में तो भारत को 408 रन की करारी शिकस्त मिली थी. रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड गंभीर से खुश नहीं है, लेकिन फिलहाल कोई कार्रवाई करने की संभावना नहीं है. अगर गंभीर 2026 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने में नाकाम रहते हैं, तो इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं |

रिपोर्ट में तो कोलकाता टेस्ट के बाद पिच को लेकर दिए गए गंभीर के बयान की भी चर्चा है. “BCCI भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर के कोलकाता की पिच पर दिए गए बयान से पूरी खुश नहीं है, हालांकि बोर्ड फिलहाल कोई कार्रवाई करने से बच रहा है. सूत्रों के मुताबिक गंभीर के पास अभी विकल्पों की कमी के कारण उनकी जिम्मेदारी बनी रह सकती है. इस साल के अंत में अगर भारत घरेलू टी20 वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन नहीं करता है, तो उनकी स्थिति पर सवाल उठ सकते हैं | 

कोलकाता में भारत 124 रन का पीछा करने में नाकाम रहा, जिसके बाद गंभीर ने खिलाड़ियों को जिम्मेदारी के ना खेलने पर फटकारा था. गंभीर ने हार के बाद कहा, “यही वो पिच थी जिसकी हमें तलाश थी. ये शायद ऐसी विकेट नहीं थी जहां आप बड़े शॉट्स खेल सकते हैं. लेकिन अगर आप धैर्य से खेलें, तो यहां रन बनाए जा सकते हैं. इस विकेट में कोई खामी नहीं थी. ये अनप्लेयबल विकेट नहीं थी. ये ऐसी विकेट थी जहां आपकी तकनीक, मानसिक मजबूती और सबसे जरूरी आपके स्वभाव की परीक्षा होती है. बात ये है कि आपको टर्न पर खेलना आना चाहिए. हमने जो मांगा, वही हमें मिला |
 

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News Desk

सिद्धारमैया–शिवकुमार मुलाकात के बीच कांग्रेस हाईकमान के नए निर्देश

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कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लेकर चल रही खींचतान के बीच शनिवार सुबह डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार नाश्ते के लिए सीएम सिद्धारमैया के आवास पर पहुंचे। माना जा रहा है कि यहां दोनों नेता सीएम पद पर चल रहे विवाद को लेकर चर्चा करेंगे। बता दें कि कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धरमैया और डीके शिवकुमार के बीच जारी सियासी तनाव पर सख्त कदम उठाते हुए दोनों से जल्द से जल्द खुद इस मामले को सुलझाने को कहा है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व ने दोनों से अलग-अलग बात कर उन्हें मामला सुलझाने के लिए कहा।

आलाकमान से आए फोन के बाद शनिवार को सिद्धरमैया ने शिवकुमार को सुबह के नाश्ते पर आमंत्रित किया। इसमें नेतृत्व विवाद पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने इस बारे में कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को मुद्दों को सुलझाने के लिए समय की समझ है।

गृह मंत्री ने कही ये बात

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, “कोई डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाना चाहता है, कोई सिद्धारमैया को बनाए रखना चाहता है, और कोई मुझे सीएम बनाना चाहता है, और कोई किसी और को चाहता है। इसलिए आप लोगों की उम्मीदों को रोक नहीं सकते। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मुझे नहीं लगता कि यह गलत है। यह हाई कमान पर निर्भर करता है। इन सभी घटनाओं पर हाई कमान की नजर जरूर होती है। वे इन घटनाक्रमों पर ध्यान देते हैं, और वे उन्हें सुलझा लेंगे।”

विपक्ष ने ली चुटकी

कर्नाटक नेतृत्व विवाद पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक आर. अशोक ने कहा, “यह कर्नाटक की राजनीति में बेहद अहम चरण है। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लड़ाई सड़क पर आ गई है। कांग्रेस हाईकमान कमजोर है। डीके शिवकुमार की मांग के मुताबिक, आधे टर्म का पावर-शेयरिंग का फॉर्मूला लागू होना चाहिए, लेकिन सिद्धारमैया नहीं जा रहे हैं। पिछले एक साल से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। सीएम और डिप्टी सीएम के बीच कोई सहयोग-सामंजस्य नहीं है। कोई मंत्री काम नहीं कर रहा है, सब घर बैठे हैं और विधानसभा भी नहीं आ रहे। पूरा राज्य इस बात को लेकर भ्रम में है कि मुख्यमंत्री कौन है। आज हमारी भाजपा और जेडीएस की बैठक है।

🌟 मानवाधिकार एवं बाल विकास विंग — अधिकार, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम

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आज के समय में, जहां समाज में अन्याय, शोषण, हिंसा और जागरूकता की कमी अक्सर लोगों को असहाय महसूस कराती है, वहीं मानवाधिकार एवं बाल विकास विंग नई उम्मीद और नई दिशा लेकर सामने आता है। यह नीति आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त, राष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक विश्वसनीय सामाजिक संस्था है, जिसका उद्देश्य है— हर व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा, सम्मान की पुनर्स्थापना और सुरक्षित भविष्य का निर्माण।

🌍 “Together, we can protect rights, restore dignity, and build a safer future.”

“मिलकर हम अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं, सम्मान वापस दिला सकते हैं और एक सुरक्षित भविष्य बना सकते हैं।”

यह सिर्फ एक संदेश नहीं, बल्कि इस संगठन की आत्मा है।

🛡️ मार्गदर्शन और संरक्षण (Guidance & Protection)

मानवाधिकार एवं बाल विकास विंग उन बच्चों, महिलाओं और परिवारों के लिए मजबूत सहारा है जो अपने अधिकारों की लड़ाई अकेले नहीं लड़ सकते।
यहाँ हर पीड़ित को मिलता है—

  • उचित कानूनी सहायता
  • अनुभवी वकीलों और काउंसलरों का मार्गदर्शन
  • व्यक्तिगत केस स्टडी और समाधान
  • सुरक्षित परिवेश और भरोसा

संगठन की टीम हर मामले को गंभीरता से सुनकर सही दिशा प्रदान करती है, ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रह जाए।

⚖️ न्याय और संवेदना (Justice & Care)

यह संस्था सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं लड़ती—
यह मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग भी देती है, ताकि पीड़ित व्यक्ति गहरे सदमे, तनाव और समाजिक दबाव से बाहर निकल सके।

हमारा विश्वास है कि कानून सिर्फ केस जीतने का नाम नहीं, बल्कि जीवन में सम्मान स्थापित करने का माध्यम है।

📢 जागरूकता और कार्यक्रम (Awareness & Programs)

अज्ञानता अन्याय का सबसे बड़ा कारण है।
इसीलिए संस्था विभिन्न अभियानों और कार्यक्रमों का आयोजन करती है—

Rights Awareness Campaigns

Women Safety Workshops

Child Development Programs

Anti-Harassment Events

Legal Awareness Seminars

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज को जागरूक, शिक्षित और अधिक संवेदनशील बनाना है।

🌐 संगठन से जुड़ें — समाज बदलने की ताकत बनें

यह संगठन आपको सिर्फ मदद करने का मौका नहीं देता, बल्कि आपको समाज सुधार का सक्रिय हिस्सा बनने का अवसर देता है।

आप —
✔ सदस्य बन सकते हैं
✔ अपने जिले में 10 लोगों की टीम बनाकर अपना कार्यालय खोल सकते हैं
✔ संस्था की ओर से वकील भी नियुक्त किए जाते हैं
✔ डॉक्यूमेंट + कुछ शुल्क भेजकर आसानी से जुड़ सकते हैं

संस्था का अधिकृत बैंक खाता इसकी कानूनी पारदर्शिता साबित करता है।

📍 Location:

K-11 Old Govindpura West Delhi

📧 Email:

info@humanrightswing.org

📞 Phone:

+91 92676 58450

🌐 Website:

humanrightswing.org

**मानवाधिकार एवं बाल विकास विंग — जहां हर आवाज़ को मिलता है न्याय,

हर महिला को मिलता है सुरक्षा,
हर बच्चे को मिलता है विकास,
और हर परिवार को मिलता है सम्मान।**

तबीयत बिगड़ने के बाद स्थगित हुई शादी, अमिता मुच्छल बोलीं—“बहुत जल्दी होगी शादी”

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स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी को लेकर हर तरफ चर्चा हो रही है. सभी अपने-अपने कयास लगा रहे हैं. इसी बीच पलाश की मां, अमिता मुच्छल ने दोनों की शादी को लेकर बयान दिया है. स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी को लेकर फैन्स अब भी कयास लगा रहे हैं. जिस दिन दोनों की शादी होनी थी, उसी दिन अचानक स्मृति के पापा की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें दिल में दर्द होने के बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया. शादी को मजबूरन अनिश्चितकाल के लिए टालना पड़ा. इसी तनाव में पलाश की तबीयत भी खराब हो गई और उन्हें भी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा.अब जबकि दोनों स्मृति के पिता और पलाश अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं, फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि शादी की नई तारीख जल्द सामने आएगी. इसी बीच पलाश की मां, अमिता मुच्छल, ने Hindustan Times से बात करते हुए दोनों की शादी को लेकर बयान दिया है.

पलाश की मां ने तोड़ी चुप्पी

पलाश की मां अमिता ने कहा, “स्मृति और पलाश दोनों बहुत तकलीफ में हैं. पलाश ने तो सपना देखा था कि वह अपनी दुल्हन को घर लाएगा. मैंने तो उनके लिए खास स्वागत भी प्लान किया था… सब ठीक होगा, शादी बहुत जल्दी होगी.” उनके इस बयान से साफ है कि शादी कैंसल नहीं हुई है, केवल कुछ समय के लिए टाल दी गई है. दोनों परिवारों की प्राथमिकता फिलहाल स्वास्थ्य है, लेकिन शादी की पूरी उम्मीद बरकरार है.

सोशल मीडिया पर हटाए गए पोस्ट ने बढ़ाई अफवाहें

शादी टलने के बाद स्मृति ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से शादी से जुड़ी लगभग सभी पोस्ट हटा दी थी. इस कदम ने सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें तेज कर दी थी. हालांकि पलाश की मां के बयान से अब इसपर विराम लग गया है.

पलाश की तबीयत बिगड़ने ने बढ़ाई चिंता

शादी स्थगित होने के बाद पलाश का भी ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें पहले सांगली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उन्हें मुंबई शिफ्ट किया गया. अब उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया है.

जेमिमा रोड्रिग्ज भी पहुंचीं स्मृति के साथ

इस कठिन समय में स्मृति का सहारा बनने के लिए टीम इंडिया की स्टार क्रिकेटर जेमिमा रोड्रिग्ज ने WBBL से नाम वापस ले लिया है और भारत लौट आईं. इससे फैन्स के बीच यह चर्चा और बढ़ गई कि मामला सिर्फ “तबीयत बिगड़ने” तक सीमित नहीं है. फिलहाल दोनों परिवारों की ओर से यही कहा जा रहा है कि शादी बस रुकी है, टूटी नहीं और सब कुछ सामान्य होते ही नई तारीख बता दी जाएगी. 

सौरव गांगुली की पत्नी डोना हुईं ऑनलाइन ट्रोलिंग का शिकार, साइबर शिकायत दर्ज

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भारत के दिग्गज क्रिकेटर सौरव गांगुली की पत्नी, डोना गांगुली पुलिस थाने पहुंची हैं, जहां उन्होंने अश्लील टिप्पणियों से तंग आकर शिकायत दर्ज करवाई है. डोना गांगुली, कोलकाता की प्रसिद्ध ओडिशी डांसर हैं, हाल ही में उन्होंने कोलकाता फिल्म फेस्टिवल में परफॉर्मेंस दिया था. इसी के बाद से उनके फेसबुक पेज को निशाना बनाया जा रहा है. इसी वजह से डोना गांगुली ने ठाकुरपुकुर थाने में बॉडी शेमिंग और अभद्र टिप्पणियों की शिकायत दर्ज करवाई है. डोना गांगुली ने अपनी शिकायत में बताया कि वो पिछले 45 वर्षों से ओडिशी डांस करते हुए पूरे विश्व भर में भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती रही हैं. एक फेसबुक पेज पर उनके लिए लगातार भद्दी टिप्पणियां की जा रही हैं, जिसने उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया है. गांगुली ने बताया कि यह पोस्ट जानबूझकर उन्हें बदनाम करने की साजिश के तहत शेयर किया गया है. उन्होंने उनकी छवि को धूमिल किए जाने के प्रयास की भी शिकायत दर्ज करवाई है.

डोना गांगुली ने उस फेसबुक पेज का स्क्रीनशॉट और उसी पेज से जुड़ा एक मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिया है. पुलिस ने इस अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर टीम को अलर्ट कर दिया गया है. इसी साल डोना गांगुली ने कोलकाता पुलिस के साइबर सेल में एक और शिकायत दर्ज करवाई थी. डोना ने एक महिला यूट्यूबर पर उनके और उनके परिवार की छवि को धूमिल करने के संबंध में सोशल मीडिया पोस्ट करने के आरोप लगाए थे.

वहीं 2021 में भी डोना गांगुली के साथ ऐसी घटना घट चुकी है. चार साल पहले उन्होंने बताया था कि उनके नाम पर एक फर्जी फेसबुक पेज चलाया जा रहा है. इस फर्जी पेज पर डोना गांगुली ने आरोप लगाए कि उनकी मर्जी के बिना उनके, सौरव गांगुली और उनकी बेटी की तस्वीरें भी साझा की गई थीं.

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News Desk