कांग्रेस ने सरदार पटेल को इतिहास से मिटाने की कोशिश की

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नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने सरदार पटेल को इतिहास से मिटाने की कोशिश की और यहां तक कि कांग्रेस ने मोदी सरकार द्वारा सरदार पटेल के स्मारक के रूप में निर्मित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की लागत और जरुरत पर भी सवाल उठाया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नड्डा ने अटलदरा गांव में ‘सरदार एट द रेट ऑफ 150 यूनिटी मार्च’ के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती थी कि सरदार पटेल को याद किया जाए। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम पीएम जवाहरलाल नेहरू ने अपनी नीतियों से कश्मीर मुद्दे को बिगड़ने दिया, जबकि सरदार पटेल ने आजादी के बाद 562 रियासतों का सफलतापूर्वक देश में विलय किया।
नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया कि भारत के लौह पुरुष का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज न हो। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का निधन 1950 में हुआ था, लेकिन उन्हें 1991 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने सरदार पटेल को सच्चे अर्थों में याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी, लेकिन जब मोदी ने पटेल को श्रद्धांजलि स्वरूप गुजरात के नर्मदा जिले में दुनिया की सबसे ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाने का फैसला किया, तो कांग्रेस ने इसकी लागत पर सवाल उठाए।
नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने पूछा कि इतना पैसा क्यों खर्च किया जा रहा है और जब सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई, तो कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इससे क्या हासिल होगा। नडडा ने कहा कि सरदार पटेल ने 562 रियासतों का एकीकरण किया था, जबकि तत्कालीन पीएम जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि वह जम्मू-कश्मीर पर फैसला लेंगे। नड्डा ने कहा कि और नेहरूजी ने क्या फैसला किया? अनुच्छेद 370 देश की एकता और अखंडता के लिए एक बड़ा संकट बन गया। 

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मुंबई पुलिस ने सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया, एक महिला गिरफ्तार, चार महिलाएं बचाई गईं 

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मुंबई। अंधेरी वेस्ट में पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। घटनाक्रम में एक महिला गिरफ्तार की गई हैं, और चार महिलाएं बचाई गईं है। वर्सोवा पुलिस स्टेशन की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर अंधेरी वेस्ट के एक होटल में छापा मारकर एक ऑनलाइन सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपी महिला जिसका नाम अलमेलु पटेल उर्फ ज्योति मधु कांबले (निवासी अंबरनाथ) बताया गया है, गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान चार महिलाओं को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया है, जिनकी उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143(3) और पीआईटीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी ज्योति मधु कांबले ऑनलाइन माध्यम से रैकेट चला रही थी और विभिन्न गेस्ट हाउस, लॉज और होटलों में लड़कियों को भेजकर ग्राहकों से पैसे लेती थी। वह सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करती थी। पुलिस ने एक नकली ग्राहक बनाकर आरोपी से संपर्क साधा और उसे अंधेरी वेस्ट स्थित जेपी रोड के एक होटल में बुलाया। पैसों के लेन-देन के समय पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया और महिलाओं को बचाया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों और इसके नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रहे हैं। वर्सोवा पुलिस ने शहर में ऐसे अवैध नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है।

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शशि थरूर कांग्रेस की बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए, कैमरे के सामने खुद किया खुलासा

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं. वे इस बार कांग्रेस की बैठक में शामिल न होने की वजह से चर्चा में हैं. हालांकि अब उन्होंने इसका कारण भी बता दिया है. थरूर ने सोमवार (1 दिसंबर) को खुद ही बताया कि कांग्रेस की अहम रणनीतिक बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए. कांग्रेस की इस रणनीतिक बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश समेत कई बड़े नेता शामिल हुए थे.

थरूर सोमवार को शीतकालीन सत्र के लिए संसद पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कैमरे के सामने कहा, ”मैंने बैठक जानबूझकर नहीं छोड़ी, मैं फ्लाइट में था. केरल से लौट रहा था.” कांग्रेस रविवार (30 नवंबर) को अहम रणनीतिक बैठक रखी थी, जिसकी अध्यक्षता खुद सोनिया गांधी ने की थी, लेकिन थरूर मीटिंग में शामिल नहीं हो पाए थे. अहम बात यह भी है कि वे पहले भी कांग्रेस की बैठक से गायब हो चुके हैं.

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मोहन भागवत का बड़ा बयान..‘दुनिया भारत के PM की बात इसलिए सुनती है क्योंकि… जानें क्या है पूरा सच

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 RSS Chief Mohan Bhagwat Speech: मोहन भागवत पुणे भाषण सोमवार को चर्चा का केंद्र बन गया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की बात गंभीरता से सुन रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की ताकत अब ठीक उसी जगह और उसी समय प्रदर्शित हो रही है, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। इसी कारण से दुनिया भारत की भूमिका और महत्व को समझने लगी है।

भागवत पुणे में आयोजित उस विशेष कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसे आरएसएस की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में संघ के इतिहास, राष्ट्रनिर्माण में उसके योगदान और भविष्य की दिशा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। भागवत ने कहा कि जब भारत आगे बढ़ता है, तो माना जाता है कि विश्व की कई समस्याओं का समाधान स्वतः ही मिल जाता है। भारत की प्रगति न सिर्फ देश के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति की स्थापना और संघर्षों को कम करने में भारत की बड़ी भूमिका है। आज की अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां भी यही संकेत देती हैं कि दुनिया को भारत जैसे देश से उम्मीदें हैं। इसलिए भारत को इतिहास में दर्ज अपनी महान भूमिका को एक बार फिर निभाना होगा।

भागवत ने जोर देकर कहा कि भारत का मार्ग हमेशा से समग्र कल्याण और विश्व-शांति का रहा है। ऐसे में भारत जितना मजबूत होगा, दुनिया उतनी ही स्थिर और शांतिपूर्ण बनेगी। मोहन भागवत पुणे भाषण ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भारत की वैश्विक भूमिका और भी मजबूत होने वाली है।

PM मोदी ने नाम तो विपक्ष का लिया पर ‘टारगेट’ बिहार में ‘अपनों’ को भी किया

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पटना: बिहार विधानसभा चुनावों के बाद जहां एनडीए ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है, वहीं महागठबंधन इतिहास की सबसे कमजोर स्थिति में पहुंच गया है. लेकिन जीत की यह लहर अब राजनीतिक व्यवहार में संयम और संतुलन की मांग कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में बिहार के नेताओं को साफ इशारा किया है कि लोकतंत्र प्रतिस्पर्धा का मंच है, लेकिन अहंकार का नहीं. अवसर संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का था. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विपक्ष से सदन की कार्यवाही को लेकर सकारात्मक रूप अपनाने अपील की. उन्होंने कहा कि विपक्ष को पराजय की निराशा से बाहर निकलना चाहिए. इसके साथ ही पीएम मोदी ने अपने संबोधन में परोक्ष रूप से बिहार के नेताओं को भी संदेश दिया कि जीत का अभिमान न रखें.

राजनीति के जानकार कहते हैं कि ऐसा लगता है कि उनका यह संदेश सीधे बिहार के उन नेताओं के लिए है जो हाल की चुनावी जीत के बाद अति उत्साह में व्यावहारिक उग्रता दिखा रहे हैं. बता दें कि बिहार विधानसभा चुनावों में NDA ने 243 सीटों में से 202 पर कब्जा जमाकर महागठबंधन को महज 35 पर सिमेट दिया था. रिकॉर्ड वोटर टर्नआउट और महिलाओं की भारी भागीदारी ने लोकतंत्र की ताकत दिखाई, लेकिन अब पीएम का यह संदेश बिहार की सियासत को नई दिशा दे रहा है. दरअसल, दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण, लेकिन संदेश सीधा पटना की राजनीति के उन गलियारों तक पहुंचा जहां जीत का उत्साह और हार की तल्खी अभी तक हवा में तैर रही है. पीएम मोदी ने विपक्ष को “निराशा से बाहर आने” और सत्ता पक्ष को “विजय के अहंकार से बचने” की सलाह दी, उसे राजनीतिक जानकार बिहार की मौजूदा सियासी स्थिति से जोड़कर पढ़ रहे हैं.

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काशी यात्रा ने बदल दी नई सभापति की जीवनशैली, पीएम मोदी ने बताई कहानी

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PM Modi Latest Speech के दौरान संसद के शीतकालीन सत्र में सोमवार, 1 दिसंबर को एक दिलचस्प और भावुक पल देखने को मिला। नए सभापति सी.पी. राधाकृष्णन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके जीवन से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग साझा किया।

काशी यात्रा के बाद किया नॉनवेज छोड़ने का संकल्प

पीएम मोदी ने बताया कि सभापति राधाकृष्णन एक सामान्य परिवार से आते हैं और उनसे उनका वर्षों पुराना जुड़ाव है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जब राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार काशी गए और मां गंगा की पूजा-अर्चना की, तो उनके अंदर एक गहरा भाव जागा।
उन्होंने पीएम मोदी को बताया था—
“मैं पहले नॉनवेज खाता था, लेकिन काशी में पहली पूजा के बाद मेरे अंदर से ऐसा संकल्प उठा कि उसी दिन नॉनवेज छोड़ दिया।”

“मैं ऐसा नहीं कहता कि नॉनवेज खाने वाले बुरे होते हैं”: पीएम मोदी

PM Modi Latest Speech में उन्होंने इस घटना को एक सांसद के रूप में याद करने योग्य बताया। उन्होंने कहा कि भोजन आदतें व्यक्तिगत निर्णय होती हैं, लेकिन काशी की ऊर्जा ने जिस तरह राधाकृष्णन को प्रभावित किया, वह प्रेरक है।

नए सभापति को पीएम मोदी की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने नए सभापति को बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्यसभा देश को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सदन के सभी सदस्य न केवल सभापति की गरिमा बनाए रखेंगे, बल्कि सदन की मर्यादा को भी कायम रखेंगे।

कर्नाटक संकट को हल कर रही कांग्रेस, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार कल फिर ब्रेकफास्ट पर मिलेंगे

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बेंगलुरु: कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर कांग्रेस के अंदर विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. कर्नाटक के डिप्टी चीफ मिनिस्टर डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को अपने घर ब्रेकफास्ट मीटिंग के लिए बुलाया है. इससे पहले कांग्रेस हाईकमान की तरफ से बुलाई गई मीटिंग में एकता दिखाने के लिए सिद्धारमैया और शिवकुमार ने 29 नवंबर को सिद्धारमैया के घर कावेरी में ब्रेकफास्ट मीटिंग की थी.

ऐसी अटकलें हैं कि राज्य के टॉप पोस्ट को लेकर दोनों के बीच पावर की खींचतान जारी है, जिसको सुलझाने के लिए ब्रेकफास्ट मीटिंग का राउंड-2 हो रहा है. इससे पहले चर्चाएं थी कि दिल्ली से दोनों के बीच मतभेद को सुलझाया जाएगा, लेकिन ऐसी बैठकों से यह दिखाने की कोशिश हो रही है कि पार्टी में सब ठीक है और बेंगलुरु में ही विवादों का समाधान हो जाएगा.

सिद्धारमैया के घर पर हुई पहली ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा था कि उनके और शिवकुमार के बीच अब कोई मतभेद नहीं है और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होगा.

सिद्धारमैया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमारा एजेंडा 2028 के चुनाव हैं. लोकल बॉडी चुनाव जरूरी हैं, हमने उन पर चर्चा की. हमने 2028 के चुनावों में कांग्रेस को वापस लाने पर भी चर्चा की. हमने चर्चा की कि हम साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे. हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होंगे.” उन्होंने यह भी दोहराया कि वह इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे.

खबरों के मुताबिक शिवकुमार का समर्थन करने वाले विधायकों का एक ग्रुप हाल ही में मिड-टर्म लीडरशिप शिफ्ट के लिए दिल्ली गया था, जबकि सिद्धारमैया के समर्थकों ने ऐसे किसी भी अरेंजमेंट से साफ इनकार किया है. खबर है कि कांग्रेस के टॉप लीडर तनाव कम करने और सरकार को स्टेबल करने के लिए कैबिनेट में फेरबदल और कर्नाटक कांग्रेस यूनिट में ऑर्गेनाइजेशनल बदलाव जैसे कई कदमों पर विचार कर रहे हैं.

दिसंबर में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक, जरूरी काम निपटाने से पहले देखें ये लिस्ट, वरना होंगे परेशान!

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Bank Holiday in December: आरबीआई ने दिसंबर में रहने वाली बैंक हॉलिडेज का ऐलान कर दिया है. आरबीआई के कलैंडर के अनुसार दिसंबर में कुल 19 दिन बैंक बंद रहेंगे. इन 19 दिनों में 4 रविवार और 2 शनिवार को मिलने वाली छुट्टियां भी शामिल हैं.

इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में भी रिजनल पर्व के अनुसार भी कई दिन बैंक बंद रहेंगे. बैंक की हॉलिडे के साथ आप अपने कई कामों के ऑनलाइन भी निपटा सकते हैं. लेकिन बैंक जाने से पहले बैंक हॉलिडे की लिस्ट जरूर देख लें. नवंबर के महीने में पड़ने वाली हॉलिडेज पर नज़र:

दिसंबर में बैंक हॉलिडे

1 दिसंबर (सोमवार): राज्य स्थापना दिवस / स्वदेशी आस्था दिवस (ईटानगर, कोहिमा)
3 दिसंबर (बुधवार): सेंट फ्रांसिस जेवियर का पर्व (पणजी)
7 दिसंबर (रविवार): देशभर में बैंक रहेंगे बंद
12 दिसंबर (शुक्रवार): पा तोगन नेंगमिंजा संगमा की पुण्यतिथि (शिलोग)
14 दिसंबर (रविवार): देशभर में बैंक रहेंगे बंद
18 दिसंबर (गुरुवार): यू सोसो थाम की पुण्यतिथि (शिलोग)
19 दिसंबर (शुक्रवार): गोवा मुक्ति दिवस (पणजी)
20 दिसंबर (शनिवार): लोसूंग / नामसूंग (गंगटोक)
21 दिसंबर (रविवार): देशभर में बैंक रहेंगे बंद
22 दिसंबर (सोमवार): लोसूंग / नामसूंग (गंगटोक)
24 दिसंबर (बुधवार): क्रिसमस की पूर्व संध्या (शिलोग, कोहिमा, एजवाल)
25 दिसंबर (गुरुवार): क्रिसमस
26 दिसंबर (शुक्रवार): क्रिसमस जश्न (शिलोग, कोहिमा, एजवाल)
27 दिसंबर (शनिवार): क्रिसमस (कोहिमा)
28 दिसंबर (रविवार): देशभर में बैंक रहेंगे बंद
30 दिसंबर (मंगलवार): यू कियांग नांगबाह की पुण्यतिथि (शिलोग)
31 दिसंबर (बुधवार): नव वर्ष की पूर्व संध्या (एजवाल, इम्फाल)

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SIR के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की तैयारी, चुनावी मोड में धड़ाधड़ रैलियां कर रहीं ममता बनर्जी

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कोलकाता। बंगाल में जारी एसआईआर का ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी द्वारा विरोध किया जा रहा है। हालांकि विरोध के बावजूद एसआईआर की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। ऐसे में अब ममता बनर्जी ने एसआईआर की धार को कुंद करने के लिए जनमत जुटाने का फैसला किया है। इसी के तहत ममता बनर्जी चुनावी मोड में लगातार रैलियां करने जा रही हैं। इस हफ्ते ममता बनर्जी मालदा और मुर्शिदाबाद में विशाल रैलियां करेंगी और फिर अगले हफ्ते कूच बिहार में एक बड़ी रैली को संबोधित कर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करेंगी।

गौरतलब है कि इससे पहले ममता बनर्जी ने बीते हफ्ते बोनगांव में एसआईआर के खिलाफ रैली की थी। यह रैली मतुआ समुदाय के प्रभाव वाले इलाके में की गई, जो एसआईआर को लेकर डरे हुए हैं। रैली के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर का इस्तेमाल परिवारों को डराने के लिए किया जा रहा है। टीएमसी ने जिला स्तर पर भी एसआईआर के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। टीएमसी नेताओं ने बताया कि ममता बनर्जी 3 और 4 दिसंबर को मालदा और मुर्शिदाबाद में रैलियों को संबोधित करेंगी। वहीं 9 दिसंबर को कूच बिहार में रैली करेंगी।

ये तीनों ही जिले सीमावर्ती है और यहां पर बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय, प्रवासी और विस्थापित लोग रहते हैं। इन समुदायों में एसआईआर को लेकर ज्यादा आशंकाएं हैं। यही वजह है कि टीएमसी लोगों के इस डर और आशंका को भुनाने और 2026 के विधानसभा चुनाव में फायदा लेने की कोशिश कर रही है। इन रैलियों को टीएमसी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।

मालदा की रैली गजोले में और मुर्शिदाबाद की बेहरामपुर स्टेडियम में होनी है। वहीं 9 दिसंबर को ऐतिहासिक रास मेला मैदान में होने वाली कूच बिहार रैली को ममता बनर्जी की सबसे बड़ी लामबंदी के तौर पर पेश किया जा रहा है। तैयारियों की घोषणा करते हुए, जिला टीएमसी अध्यक्ष अभिजीत डे भौमिक ने बताया कि 1 दिसंबर को ब्लॉक अध्यक्षों के साथ एक आपात बैठक होगी, जिसके बाद 2 दिसंबर को रवींद्र भवन में जिला स्तर पर तैयारी का सत्र आयोजित होगा, जिसमें मंत्री, पार्टी सांसद और विधायकों के साथ ही पार्षद और पंचायत अधिकारी मुख्यमंत्री की रैली की योजना पर चर्चा की जाएगी।

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घर बैठे मिनटों में भरें SIR फॉर्म, इन 5 डॉक्यूमेंट्स के बिना अधूरा है प्रोसेस, ऐसे करें अप्लाई

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SIR Form कैसे भरें : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के उन योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है, जो बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के सर्वे के दौरान छूट गए थे। अब ऐसे सभी लोग ऑनलाइन उपलब्ध SIR आवेदन फॉर्म भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं।

अपने और परिवार के सदस्यों का नाम मतदाता सूची में मौजूद है या नहीं, यह जांचने के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जा सकते हैं। तकनीकी सहायता के लिए ECI नेट ऐप पर Book-a-Call with BLO फीचर उपलब्ध है। इसके अलावा किसी भी जानकारी के लिए आप एसटीडी कोड के साथ 1950 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं।

SIR फॉर्म लिंक SIR अभियान की शुरुआत से लेकर 11 दिसंबर 2025 तक एक्टिव रहेगा (पहले अंतिम तिथि 4 दिसंबर थी)। फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले निर्वाचन आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल या राज्य के CEO पोर्टल पर जाएं। यदि आपके पास पहले से वोटर आईडी है, तो अपना EPIC नंबर दर्ज करें और आपकी सारी जानकारी अपने आप दिखाई देगी। नए मतदाताओं को नया फॉर्म भरना होगा।

फॉर्म में नाम, आयु, लिंग, पता जैसी जानकारी भरें या गलत जानकारी को सुधारें। इसके बाद हाल की पासपोर्ट साइज कलर फोटो (सफेद बैकग्राउंड) अपलोड करें और E-Sign करें। सभी विवरण चेक करने के बाद फॉर्म सबमिट करें। सबमिट होते ही आपको Acknowledgment Slip और Reference Number मिलेगा, जिससे आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।

दस्तावेज़ों में आयु प्रमाणपत्र, जन्म प्रमाणपत्र, मैट्रिक सर्टिफिकेट, आधार या पासपोर्ट स्वीकार्य हैं। पता बदलने पर नया एड्रेस प्रूफ आवश्यक होगा। आवेदन के बाद वेरिफिकेशन के लिए BLO आपसे संपर्क कर सकता है।