बिहार में अगले महीने हो सकता है नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार, JDU के 6 और बीजेपी के 3 विधायक बनेंगे मंत्री

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नई दिल्ली: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (NDA government) का मंत्रिमंडल विस्तार अगले महीने होने की संभावना है. सूत्रों की मानें तो जेडीयू मंत्रिमंडल (JDU cabinet) में अपने कोटे के 6 खाली पदों को भरने की तैयारी में है, जिसके जरिए पार्टी राज्य में सामाजिक और जातीय समीकरण साधेगी. सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट में अभी 9 मंत्री पद खाली हैं, इनमें जेडीयू कोटे के 6 और बीजेपी कोटे के 3 पद शामिल हैं.

बिहार सरकार के मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री को लेकर अधिकतम 36 मंत्री बन सकते हैं. एनडीए के सहयोगी दलों के बीच मंत्रिमंडल में मंत्री पद के बंटवारे के फार्मूले के अनुसार बीजेपी के हिस्से में 17, जेडीयू के हिस्से में 15 (सीएम मिलाकर), एलजेपी के हिस्से में 2, एचएएम और आरएलपी के हिस्से में एक-एक मंत्री पद आए थे. इस हिसाब से बीजेपी के खाते से 3 और जेडीयू के खाते से 6 और मंत्री नीतीश कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं.

सूत्रों के अनुसार जेडीयू कुशवाह और अति पिछड़े वर्ग के विधायकों को मंत्री बनाएगी. अभी जेडीयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव के पास पांच, विजय चौधरी के पास चार और श्रवण कुमार एवं सुनील कुमार के पास दो-दो विभाग हैं. वहीं भाजपा कोटे के मंत्री विजय सिंह, मंगल पांडेय, नितिन नवीन और अरुण शंकर प्रसाद के पास भी दो-दो विभाग हैं. ऐसे में नए मंत्रियों के पास इनमें से कुछ विभाग जा सकते हैं.

जेडीयू के पास नए चेहरों को मौका देने की गुंजाइश है. हालांकि जेडीयू सूत्रों ने इस बात से इनकार किया कि पार्टी की नजरें दूसरे दलों के विधायकों पर हैं और उन्हें तोड़ कर जेडीयू में मिलाने की कोशिश हो रही है और उन्हें मंत्रिपरिषद में जगह मिल सकती है. जेडीयू सूत्रों के अनुसार इसकी कोई आवश्यकता भी नहीं है और पार्टी ऐसा करना भी नहीं चाहती. बिहार में राज्य सभा चुनाव में अभी 6 महीने का समय है और मौजूदा संख्या बल के हिसाब से एनडीए सभी पांच सीटें जीतने की स्थिति में है, लिहाजा दूसरे दलों के समर्थन की फिलहाल आवश्यकता नहीं है.

उत्तराखंड आने वाले बाहरी वाहनों का एक दिसंबर से नहीं कटेगा ग्रीन सेस, जानिए कारण

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देहरादून: उत्तराखंड में अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने की प्रक्रिया अभी धरातल पर उतरने में समय लग सकता है. दरअसल, परिवहन विभाग ने एक दिसंबर से ग्रीन सेस वसूलने की प्रक्रिया को शुरू करने की बात कही थी. लेकिन ग्रीन सेस कलेक्शन के लिए तैयार सॉफ्टवेयर का अभी तक एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) और भारत सरकार की वाहन डेटा बेस से इंटीग्रेशन नहीं हो पाया है. ऐसे में उत्तराखंड राज्य में अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों से एक दिसंबर से ग्रीन सेस वसूलने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी. हालांकि, संभावना जताई जा रही है कि दिसंबर महीने के दूसरे हफ्ते से ग्रीन सेस कलेक्शन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.

उत्तराखंड राज्य में हर साल लाखों की संख्या में वाहन अन्य राज्यों से आते हैं. जिससे प्रदेश के पर्यावरण पर अतिरिक्त पॉल्यूशन का भार पड़ता है. साथ ही सड़क पर भी दबाव पड़ता है. जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने का निर्णय लिया है.

दरअसल, साल 2024 की शुरुआत में ही उत्तराखंड सरकार ने अन्य राज्यों की गाड़ियों से ग्रीन सेस वसूलने संबंधित अधिसूचना जारी कर दी थी. लेकिन अभी तक ये प्रक्रिया, प्रदेश में लागू नहीं हो पाई है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इसी महीने ग्रीन सेस वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

वहीं, परिवहन विभाग के संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने कहा कि ग्रीन सेस कलेक्शन एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) के जरिए किया जाएगा. पहली बार उत्तराखंड में एएनपीआर के जरिए कलेक्शन करने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है, क्योंकि कहीं भी वर्तमान समय में एएनपीआर के जरिए टैक्स या फिर सेस एकत्र नहीं लिया जा रहा है, बल्कि फास्ट टैग के जरिए कलेक्शन किया जा रहा है. हालांकि, परिवहन विभाग ने जो ये व्यवस्था की है, उसके तहत एएनपीआर के जरिए फास्ट टैग वॉलेट से पैसा कटेगा. प्रदेश भर के 37 जगह पर 150 एनपीआर कैमरे लगाए जा चुके हैं. ऐसे में एनपीआर कैमरे के जरिए ग्रीन सेस कलेक्शन के लिए सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जा चुका है.

साथ ही कहा कि ऐसे में सॉफ्टवेयर का, भारत सरकार के वाहनों के डाटाबेस और एनपीसीआई से इंटीग्रेशन किया जाना है, जिसका काम वर्तमान समय में चल रहा है. हालांकि, लक्ष्य रखा गया था कि दिसंबर महीने में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा और ग्रीन सेस कलेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. साथ ही बताया कि परिवहन विभाग ने पहले एक दिसंबर से ही ग्रीन सेस कलेक्शन के लिए रणनीतियां तैयार की थी. लेकिन, वर्तमान समय में लगभग 10 से 12 दिन का समय और लगने की संभावना है. लिहाजा, इसी महीने ही ग्रीन सेस कलेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इंटीग्रेशन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरी की जाने को लेकर परिवहन विभाग की टीम भी दिल्ली भेजी गई थी.
 

कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता हस्तांतरण को लेकर तनाव जारी, डीके शिवकुमार याद दिला रहे ढाई-ढाई साल का वादा

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नई दिल्‍ली । कर्नाटक (Karnataka) में कांग्रेस (Congress) के लिए संकट अभी टला नहीं है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Chief Minister Siddaramaiah) और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार (Deputy DK Shivakumar) के बीच सत्ता हस्तांतरण को लेकर दबाव की राजनीति जारी है। इस बीच कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया और शिवकुमार को नई दिल्ली तलब किया है। यह कदम राज्य में गहराते नेतृत्व संकट को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सूत्रों के कहना है कि 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद जब मुख्यमंत्री चुनने की बारी आई तो सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच एक डील हुई थी। डील में ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला दिया गया है। अब जब सिद्धारमैया की मियाद पूरी हो चुकी है तो वह कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। इसे देखते हुए शिवकुमार ने कांग्रेस आलाकमान को उनको दिया गया वादा याद दिलाया है।

कई वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारियों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच एक मौखिक सहमति बनी थी जिसके तहत सिद्धारमैया ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे और शेष अवधि के लिए शिवकुमार बागडोर संभालेंगे। हालांकि इस व्यवस्था को आधिकारिक तौर पर कभी स्वीकार नहीं किया गया, लेकिन शिवकुमार द्वारा हाल ही में यह खुलासा किए जाने के बाद तनाव बढ़ गया कि 5-6 शीर्ष नेताओं के बीच एक समझ बनी थी।

घटनाक्रम से परिचित एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, “यह आपसी एक समझ थी। कोर कमेटी में हर कोई जानता था कि सत्ता-साझेदारी फॉर्मूले पर चर्चा हुई थी। हाईकमान को अब यह स्पष्ट करना होगा कि क्या इसे औपचारिक रूप दिया गया था या यह एक मौखिक वादे के रूप में छोड़ दिया गया था।” इस मुद्दे को जल्दी न सुलझा पाने के कारण संदेह और दबाव की रणनीति के लिए जगह बन गई है।

डीके शिवकुमार ने दबाव की राजनीति तेज कर दी है। उन्होंने हाल ही में एक पोस्ट के जरिए सिद्धारमैया और कांग्रेस आलाकमान को परोक्ष रूप से वचन निभाने की बात याद दिलाई। शिवकुमार यह चाहते हैं कि इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान कोई न कोई जवाब दे।

शिवकुमार के प्रति सहानुभूति रखने वाले नेताओं का कहना है कि यह मुद्दा अब केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से परे है। एक वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी ने कहा, “यदि पार्टी कोई वचन देती है, तो उसे उस पर कायम रहना चाहिए। यह केवल एक नेता या एक पद की बात नहीं है। यह विश्वसनीयता की बात है।” वहीं, सिद्धारमैया खेमे के एक पदाधिकारी ने अभी भी यही रुख बनाए रखा है कि कोई बाध्यकारी व्यवस्था नहीं थी।

इस सबके बीच कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने इस संकट को सुलझाने का फैसला किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने इसकी कोशिशें तेज कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, नेतृत्व के मुद्दे को सुलझाने के लिए 29 या 30 नवंबर को नई दिल्ली में एक बैठक होने की संभावना है, जिसमें सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों को बुलाया गया है। एक नेता ने कहा कि उनका उद्देश्य गुस्सा शांत करना और राजनीतिक रूप से टिकाऊ व्यवस्था खोजना है, क्योंकि अब शिवकुमार की उपेक्षा करना कोई विकल्प नहीं रहा।

हाईकमान ने पहले दोनों नेताओं को आपस में मिलकर बात करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद दिल्ली में अंतिम फैसला होगा। इसके अनुसार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को नाश्ते पर आमंत्रित किया है।

पंजाब के लुधियाना में साइकिल फैक्ट्री में बॉयलर फटा, मजदूर की मौत, कई घायल

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लुधियाना (पंजाब): लुधियाना जिले में शनिवार को साइकिल पार्ट्स बनाने वाली एक फैक्ट्री में बॉयलर विस्फोट होने से एक मजदूर की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए. यह बड़ा हादसा गिल रोड पर स्थित यूनाइटेड साइकिल पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के पीछे अजीत साइकिल पार्ट्स फैक्ट्री में बॉयलर फटने के कारण हुआ.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्री में साइकिल के फ्रेम पेंट किए जाते हैं. हादसे के समय फैक्ट्री में मजदूर काम कर रहे थे. 60 साल के एक मजदूर की मौत हो गई.

फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि “जब यह हादसा हुआ, तब वे फैक्ट्री में काम कर रहे थे, तभी अचानक धमाका हुआ. हादसे में दो लोग बच गए, लेकिन एक की आग में जलने से मौत हो गई.”

मजदूरों ने बताया कि पेंटिंग फैक्ट्री है, जहां साइकिल के पार्ट्स भी बनते हैं. उन्होंने बताया कि पेंट गर्म करने वाली भट्टी के फटने से यह हादसा हुआ. जब हादसा हुआ, तब भट्टी के पास 10 से 12 मजदूर काम कर रहे थे और इसकी चपेट में आ गए. कई मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.

हालांकि, आग पर काबू पा लिया गया है. भट्टी में आग कैसे लगी और धमाका कैसे हुआ, इसका पता नहीं चल पाया है. सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) शिमलापुरी ने बताया कि हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनकी गिनती की जा रही है. उन्होंने बताया कि मौके पर फायर ब्रिगेड की 2 गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया है.

एसीपी ने कहा कि आग शाम करीब 7 बजे लगी थी और उसके बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन हादसे में एक मौत जरूर हुई है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मरने वाले की पहचान हो गई है और उसके परिवार वालों को भी बता दिया गया है.
 

नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार बोले- हम साथ-साथ हैं…

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बंगलूरू. कर्नाटक (Karnataka) में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच सीएम (CM) सिद्धारमैया (Siddaramaiah ) और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (DK Shivakumar)  ने एकजुटता का संदेश दिया है। करीब एक घंटे चले नाश्ते के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है और पार्टी आलाकमान जो भी तय करेगा, दोनों नेता उसका पालन करेंगे।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बोले- हमारे बीच कोई मतभेद नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कल से कोई असमंजस नहीं रहेगा। अभी भी कोई असमंजस नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स से गलतफहमी पैदा हुई। हमने तय किया है कि पार्टी आलाकमान जो भी तय करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ सिद्धारमैया ने कहा कि ‘हमारा एजेंडा 2028 का विधानसभा चुनाव है। निकाय चुनाव भी अहम है। हमने उन पर चर्चा की। हमने 2028 में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाने पर भी चर्चा की। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होंगे।’

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विपक्षी पार्टियों भाजपा और जेडीएस पर निशाना साधा और दोनों पार्टियों पर फर्जी अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा ‘भाजपा और जेडीएस को झूठे आरोप लगाने की आदत है। इन दलों ने बयान दिया है कि वे अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। उनके पास सिर्फ 60 विधायक हैं, और जेडीएस के पास 18 हैं। वे हमारी संख्या का मुकाबला नहीं कर सकते। हमारे पास 140 विधायक हैं। यह एक बेकार की कोशिश है। हम उनके झूठे आरोपों का सामना करेंगे।’

क्या बोले डीके शिवकुमार?
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने इस प्रेस वार्ता में कहा, ‘राज्य के लोग अपना पूरा समर्थन दे रहे हैं। हम अपने वादे के मुताबिक काम कर रहे हैं। हमें लोगों की इच्छाएं पूरी करनी हैं। हम उस दिशा में काम कर रहे हैं। हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसे मानेंगे। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। अभी भी हम मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जो भी कहा, मैं उनके साथ हूं। हम मिलकर काम कर रहे हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘जहां तक नेतृत्व की बात है, हम अपनी पार्टी हाईकमान को मानते हैं। वे जो भी कहते हैं, वो ही हमारा फैसला है। हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं। हम जानते हैं कि हमारे देश में पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है। लेकिन हमें भरोसा है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा, हम 2028 में सरकार दोहराएंगे और मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में 2029 में भी आगे बढ़ेंगे।’

क्यों शुरू हुई नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा?
2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर रस्साकसी शुरू हो गई थी। दोनों सीएम पद पर अपनी दावेदारी जता रहे थे। बात इतनी बढ़ी कि दोनों नेताओं को पार्टी आलाकमान ने दिल्ली बुलाया। दिल्ली में समझौते के बाद तय हुआ कि सिद्धारमैया कर्नाटक सरकार की कमान संभालेंगे और शिवकुमार डिप्टी सीएम का पद संभालेंगे। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के लिए सीएम पद संभालने का समझौता हुआ। हालांकि दोनों ही नेताओं और पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस रोटेशन फार्मूले की बात को कभी स्वीकार नहीं किया। हालांकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार दो खेमों में बंटी नजर आई। कई विधायकों और मंत्रियों ने सिद्धारमैया का समर्थन किया तो कई ने शिवकुमार के समर्थन में आवाज बुलंद की। अब जब नवंबर में सिद्धारमैया सीएम पद पर ढाई साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं तो एक बार फिर से नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा ने जोर पकड़ लिया।

टीम इंडिया की नई शुरुआत, रोहित-विराट पर टिकी हैं सबकी नजरें!

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रांची: टेस्ट सीरीज की निराशा को पीछे छोड़ते हुए टीम इंडिया रविवार से नई शुरुआत करने उतरी है। India vs South Africa 1st ODI रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में दोपहर 1.30 बजे से खेला जाएगा। तीन साल बाद रांची फिर से इस रोमांचक मुकाबले का मंच बनेगा। क्रिकेट प्रशंसक इस मैच को लेकर उत्साहित हैं और स्टेडियम में भारी भीड़ की उम्मीद है। पिछली बार 9 अक्टूबर 2022 को भारत ने इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से हराया था।

इस मुकाबले में रोहित शर्मा और विराट कोहली पर सभी की नजरें होंगी। दोनों खिलाड़ी अब केवल सीमित ओवर क्रिकेट खेल रहे हैं और आगामी 2027 वनडे विश्व कप के लिए अपनी जगह मजबूत करने की कोशिश करेंगे। टीम इंडिया को अगले दो महीनों में केवल छह वनडे खेलने हैं, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के बाद जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला भी शामिल है।

37 वर्षीय रोहित शर्मा ने वर्ष 2013 में इसी JSCA स्टेडियम में पूर्णकालिक सलामी बल्लेबाज के रूप में अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी। अब एक दशक बाद वे इस मैदान पर वापसी कर रहे हैं। शुभमन गिल की चोट और श्रेयस अय्यर की अनुपस्थिति के कारण केएल राहुल को टीम की कप्तानी मिली है। राहुल मैदान में अपनी टीम का नेतृत्व करेंगे और जीत के लिए पूरी कोशिश करेंगे।

दोनों टीमों के बीच अब तक 94 वनडे खेले गए हैं, जिसमें दक्षिण अफ्रीका ने 51 और भारत ने 40 मुकाबले जीते हैं। भारत में दोनों टीमों के बीच 32 वनडे हुए, जिनमें भारत ने 18 और दक्षिण अफ्रीका ने 14 मैच जीते। मैच के दौरान एमएस धोनी की संभावित उपस्थिति से स्टेडियम में उत्साह और बढ़ जाएगा।

 

चक्रवाती तूफान दितवाह का दस्तक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र के तटीय जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट

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हैदराबाद : चक्रवाती तूफान दितवाह आज सुबह दस्तक देने वाला है. इसका सबसे अधिक असर तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों पर पड़नेवाला है. तूफान के मद्देनजर सरकार की ओर से राहत-बचाव को लेकर व्यापक तैयारी की गई है. सरकार इसकी निगरानी कर रही है. मौसम विभाग ने कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना साइक्लोनिक स्टॉर्म दितवाह सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा है. इससे उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और आस-पास के दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है. तूफान के श्रीलंका से बढ़कर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर अग्रसर होकर आज सुबह तक तमिलनाडु-पुडुचेरी तट के पास बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी तक पहुँचने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि साइक्लोन आज आधी रात, कल सुबह और शाम तक तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से 25 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के बीच अंदर आ जाएगा. कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है. इसमें कुड्डालोर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू और पुडुचेरी-कराईकल इलाकों में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. तंजावुर, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और रानीपेट समेत दूसरे जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि वेल्लोर, धर्मपुरी, डिंडीगुल और थेनी के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को घर के अंदर रहने, तटीय इलाकों से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है. मछुआरों को चेतावनी दी गई है कि वे प्रभावित तटों के पास समुद्र में न जाएं. इस बीच श्रीलंका में भारतीय दूतावास ने शनिवार को कहा कि चेतक हेलीकॉप्टरों ने श्रीलंका में साइक्लोन दितवाह से प्रभावित लोगों के लिए बचाव अभियान चलाया.

 

चेन्नई में दिखने लगा चक्रवाती तूफान दितवाह का असर

तमिलनाडु के चेन्नई में चक्रवाती तूफान दितवाह का असर दिखने लगा है. राजधानी में तेज हवाएं और समुद्र में अशांत हालात देखे गए. मरीना बीच के पास की ये तस्वीरें हैं. मौसम विभाग के अनुसार तूफान आज तट से टकराएगा

 

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News Desk

2029 में हर हाल में लड़ूंगी लोकसभा चुनाव…उमा भारती ने बताया 2024 में चुनाव न लड़ने का कारण

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भोपाल। भारतीय राजनीति की प्रखर और स्पष्टवादी नेता पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Former Chief Minister Uma Bharti) ने शनिवार की शाम टीकमगढ़ स्थित अपने बड़े भाई स्वर्गीय स्वामी प्रसाद के फार्महाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सबसे पहले उन्होंने बिहार की शराबबंदी का उल्लेख (mention of alcoholism) करते हुए कहा कि उसके पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दृढ़ इच्छा शक्ति थी। उमा भारती ने कहा कि बिहार में नीतीश के विधायक भी शराब बेचते रहे, लेकिन नीतीश डटे रहे, तभी शराबबंदी संभव हो सकी। उन्होंने मध्य प्रदेश में भी समाज की भागीदारी को शराबबंदी की अनिवार्य शर्त बताया।

आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए स्पष्ट कहा कि 2029 में वह हर हाल में झांसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 का चुनाव उन्होंने केवल इसलिए नहीं लड़ा, क्योंकि उस समय वह गंगा सफाई अभियान में पूरी तरह व्यस्त थीं। देश में चल रही एसआईआर बहस पर उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है, जिसे राष्ट्रीय हित में देखा जाना चाहिए।

हिंदू राष्ट्र पर अपनी राय देते हुए उमा भारती ने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से हिंदू राष्ट्र है और हमेशा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विचार सांप्रदायिकता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का विषय है। प्रेम विवाह को लेकर उन्होंने प्रगतिशील रुख अपनाते हुए कहा कि यदि दोनों परिवार सहमत हों तो जाति कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संतोष वर्मा के विवादित बयान की भी निंदा की।

शराबबंदी पर बात करते हुए उमा भारती ने बताया कि टीकमगढ़ के कई ग्रामीण इलाकों में समाज ने स्वयं पहल कर शराबबंदी लागू की है। उन्होंने कहा कि “शराबबंदी और गौ सेवा समाज का काम है, जिसे शासन के साथ-साथ जनता को मिलकर निभाना होगा। पत्रकार वार्ता में उमा भारती का स्पष्ट, निडर और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित दृष्टिकोण एक बार फिर पूरी तरह दिखाई दिया।

PM मोदी आज देश से क्या कहेंगे? ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर टिकी निगाहें…जानें किन अहम बातों पर रहेगा फोकस

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में देश को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन नेटवर्क पर लाइव प्रसारित होगा। जो लोग डिजिटल माध्यम से सुनना चाहते हैं, उनके लिए यह एपिसोड एयर न्यूज वेबसाइट, न्यूज़ऑनएयर ऐप, और पीएमओ, AIR न्यूज़ तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के यूट्यूब चैनलों पर भी लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। आकाशवाणी पर हिंदी प्रसारण के बाद क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण होगा।

‘मन की बात’ प्रधानमंत्री मोदी का वह प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से वे देश और विदेश में बसे भारतीयों से सीधे संवाद करते हैं। इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री न केवल राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचारों, सामाजिक अभियानों और प्रेरक कार्यों को भी सामने लाते हैं।

पिछला यानी 127वां एपिसोड 26 अक्टूबर को प्रसारित हुआ था। उस दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी थीं और संस्कृत भाषा को नई पहचान दिलाने वाले युवाओं की सराहना की थी। उन्होंने भारत की कॉफी को दुनिया में बढ़ती पहचान पर भी खुशी जताई थी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘जीएसटी बचत उत्सव’, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, और सामुदायिक प्रयासों की भी चर्चा की थी—जिसमें छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर का ‘गार्बेज कैफे’ और बेंगलुरु की झीलों को पुनर्जीवित करने के लिए इंजीनियर कपिल शर्मा के नेतृत्व में चलाया गया अभियान प्रमुख रहा।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों—BSF और CRPF—द्वारा भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनी यूनिट्स में शामिल करने के प्रयासों की भी प्रशंसा की थी।

अक्टूबर 2014 से शुरू हुआ ‘मन की बात’ आज स्वच्छता, डिजिटल सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

जनता दरबार में मासूम बच्ची के आंसुओं ने पिघलाया CM का दिल, तुरंत दिया ये बड़ा आदेश

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CM Yogi Instant Help News: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ इन दिनों गोरखपुर दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने शनिवार को जनता दरबार लगाया. जिसमें लोग अपनी-अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे. इसी दौरान एक छोटी बच्ची ने अपनी मां की दवाई कराने के लिए सीएम से गुहार लगाई. सीएम ने बच्ची को देखा और अपने पास बुलाकर कहा कि चिंता मत करो, इलाज कराओ, पैसे की व्यवस्था कर दी जाएगी. इसके अलावा भी वहां पर आए सभी लोगों की मदद का आश्वासन दिया.

सीएम योगी गोरखपुर से कई बार सांसद रह चुके हैं. वे जब भी गोरखपुर दौरे पर जाते हैं, वहां पर जनता दरबार लगाते हैं. शनिवार को जनता दरबार में आए ज्यादातर लोग अपने स्वास्थ्य की समस्या को लेकर पहुंचे थे. उनका कहना था कि हमारी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है, जिसकी वजह से अच्छा इलाज नहीं मिल पा रहा है. सीएम ने उनकी समस्या को बखूबी सुना और कहा कि किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी नहीं आने दिया जाएगा. सब निश्चिंत रहें और इलाज कराएं. इसका खर्च सरकार वहन करेगी. इसको लेकर सीएम ने अधिकारियों को निर्देश भी दिया है.

सीएम विवेकाधीन कोष से मिलेगी राशि
सीएम योगी निर्धन मरीजों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से राशि दिलाने की बात कही है. अधिकारियों के कहा कि उपचार के लिए आर्थिक सहायता वाले लोगों को चिंहित कर उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराएं. ताकि समय पर अच्छा इलाज मिल सके. जनता दरबार में सीएम ने सभी को कुर्सी पर बैठाकर एक-एक कर उनसी समस्याओं को सुना और निवारण किया. उन्होंने कहा कि किसी को भी घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है. हर समस्या का समाधान किया जाएगा.

अधिकारी संवेदनशील रवैया अपनाएं
इसके अलावा सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पीड़ित को परेशान न होना पड़े, इसके लिए उनके साथ संवेदनशील रवैया अपनाएं और समाधान करें. पारिवारिक मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर उनसे संवाद करें, ताकि समाधान निकल सके. वहीं अपराधियों को लेकर कहा कि उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कोई दबंग किसी की जमीन कब्जा न कर सके. अधिकारी इस पर बिल्कुल भी कोताही न बरतें.