मोदी-शाह की जोड़ी राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति कर रही है – कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (Congress General Secretary Jairam Ramesh) ने कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी (Modi-Shah duo) राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति कर रही है (Is pursuing the politics of Political Vendetta) ।

पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा, ‘मोदी-शाह की जोड़ी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ लगातार डराने-धमकाने और राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। जो खुद असुरक्षित और भयभीत होते हैं, वही दूसरों को डराने की कोशिश करते हैं। नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से झूठा और निराधार है। अंततः न्याय की ही जीत होगी। सत्यमेव जयते!’

कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर दर्ज हुई एफआईआर का कड़ा विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मिलकर कांग्रेस के टॉप नेताओं को लगातार निशाने पर ले रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार विपक्ष को डराने-धमकाने और दबाने की राजनीति कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह सब राजनीति से प्रेरित कार्रवाई है, जिसका मकसद विपक्ष को कमजोर करना है।

दरअसल, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज कर दी है। इस केस में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में कुल नौ आरोपी हैं, जिनमें छह लोग और तीन कंपनियां शामिल हैं। यह कार्रवाई ईडी की 3 अक्टूबर 2025 को दी गई शिकायत के आधार पर हुई है।

आरोप है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की करीब 2,000 करोड़ की संपत्तियों पर गलत तरीके से कब्जा करने की साजिश रची गई। एजेएल वही कंपनी है जो नेशनल हेराल्ड अखबार चलाती थी और 2008 में वित्तीय दिक्कतों के कारण बंद हो गई थी। उस समय एजेएल पर 90 करोड़ रुपए से ज्यादा का ब्याजरहित कर्ज था।
2010 में बनी कंपनी यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने एजेएल की 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को मात्र 50 लाख रुपए में खरीद लिया। इस कंपनी में सोनिया और राहुल गांधी का 76 प्रतिशत शेयर है, जिससे वे इसके प्रमुख मालिक बन गए। आरोप यह भी है कि सार्वजनिक धन को निजी फायदे में बदलने के लिए यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई गई थी। इसके अलावा, कोलकाता की एक कथित शेल कंपनी डॉटेक्स द्वारा यंग इंडिया को 1 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने को भी साजिश का हिस्सा बताया जा रहा है।

विराट कोहली फिट और फायर, भारतीय कोच ने 2027 वर्ल्ड कप पर दिया करारा जवाब

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

क्रिकेट | साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच में विराट कोहली ने एक यादगार पारी खेली. कोहली ने सिर्फ 120 गेंदों में 135 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 7 छक्के शामिल रहे, जिसके चलते भारत ने ये मैच 17 रनों से अपने नाम किया. विराट ने उन्होंने ये शानदार प्रदर्शन एक ऐसे समय पर किया है जब उनके फ्यूचर पर सवाल उठाए जा रहे हैं. हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी कि इस सीरीज के बाद बीसीसीआई विराट कोहली और रोहित शर्मा के फ्यूचर को लेकर मीटिंग करने वाली है. लेकिन इस शतकीय पारी के बाद उन्होंने मजूबत दावेदारी ठोकी है. जिसके चलते अब भारत के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने विराट के फ्यूचर पर बड़ा बयान दिया है |

सीतांशु कोटक ने की विराट की तारीफ

विराट कोहली भले ही 37 साल के हो गए हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन में अभी भी कोई कमी नहीं आई है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ इस मैच में भी वह काफी अच्छी लय में नजर आए. भले ही विराट ने 9 महीने के बाद भारत में इंटरनेशनल मैच खेला, मगर वह एक बड़ी पारी खेलने में कामयाब रहे. इस दौरान उन्होंने रोहित के साथ दूसरे विकेट के लिए 136 रन की साझेदारी भी की. भारत के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने भी इस बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की. सीतांशु कोटक ने कहा, ‘यह एक बेहतरीन पारी थी. उन्होंने वाकई बेहतरीन बल्लेबाजी की, सिर्फ वनडे फॉर्मेट में ही नहीं, बल्कि सभी फॉर्मेट में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है |

विराट के फ्यूचर पर बैटिंग कोच का बड़ा बयान

सीतांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विराट कोहली के फ्यूचर पर भी बड़ा बयान दिया. वर्ल्ड कप 2027 में विराट कोहली के खेलने पर जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि हमें इन सब पर गौर करने की जरूरत क्यों है. वह वाकई अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं. मुझे नहीं लगता कि हमें उसके भविष्य के बारे में बात करने की जरूरत है. वो जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे है, वो कमाल का है, यार. वो जिस तरह से प्रदर्शन कर रहे हैं, जिस तरह से अपनी फिटनेस बनाए रखते हैं, उसमें किसी भी चीज पर कोई सवाल ही नहीं उठता |

रोहित शर्मा ने भी दिखाया दम

विराट कोहली के साथ-साथ रोहित शर्मा के बल्ले से भी इस मैच में दमदार पारी देखने को मिली. उन्होंने 51 गेंदों का सामना करते हुए 57 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 3 छक्के शामिल रहे. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी वह प्लेयर ऑफ द सीरीज थे, जो टीम इंडिया के साथ-साथ भारतीय फैंस के लिए भी अच्छे संकेत हैं. सीरीज के आने वाले मुकाबले भी इन खिलाड़ियों के लिए काफी अहम रहने वाले हैं |

सरकार का बड़ा फैसला, बिना SIM नहीं चलेंगे Whatsapp-Telegram जैसे ऐप्स

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली: वाट्सएप (WhatsApp)-टेलिग्राम (Telegram) या स्नैपचैट (Snapchat) जैसे ऐप्स इस्तेमाल करने वालों के लिए सरकार की तरफ से बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार ने देश के कई पॉपुलर मैसेजिं ऐप्स के उपयोग के तरीके में जरूरी बदलाव करते हुए नए शर्तें लागू कर दी हैं. पहले किसी भी स्मार्टफोन में बिना सिम लगाए ही व्हाट्सएप या अन्य मैसेजिंग ऐप को यूज किया जा सकता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. फोन में बिना सिम कोई भी ऐप इंस्टाल तो हो जाएगा, लेकिन उसमें लॉइन और इस्तेमाल के लिए डिवाइस में रजिस्टर मोबाइल नंबर वाला SIM जरूर लगा होना चाहिए.

दूरसंचार विभाग (DoT) के नए नियमों के तहत, WhatsApp Web और इसी तरह के वेब वर्जन पर हर छह घंटे में ऑटोमैटिक लॉगआउट होगा और दुबारा QR कोड से लॉगइन करना होगा. इस बदलाव का मकसद साइबर अपराधियों द्वारा इन ऐप्स का गलत उपयोग रोकना है. पहले साइबर अपराधी SIM निष्क्रिय होने के बाद भी ऐप के जरिए धोखाधड़ी कर पाते थे क्योंकि ऐप लॉगिन एक बार हो जाने पर SIM से स्वतंत्र काम करता था. अब SIM बाइंडिंग के चलते उपयोगकर्ता के नंबर, फोन और ऐप के बीच एक मजबूत लिंक बनेगा, जिससे स्पैम, फ्रॉड कॉल और फाइनेंशियल ठगी पर नियंत्रण होगा.

इसके अलावा दूरसंचार सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए कंपनियों को 90 दिनों के अंदर इस नियम को लागू करना होगा और 120 दिनों में अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी. यह नया नियम दूरसंचार साइबर सुरक्षा (संशोधन) नियम, 2025 के तहत लागू किया गया है, जो पहली बार ऐप आधारित दूरसंचार सेवाओं को भी कड़े दूरसंचालन नियमों में लाता है. एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि यह नियम मोबाइल नंबर आधारित डिजिटल पहचान को और भरोसेमंद बनाएगा. इस नए नियम से भारत में ऐप आधारित संचार अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बन सकेगा, जो सभी यूजर्स के लिए फायदेमंद रहेगा.

सिम कार्ड बाइंडिंग से यूजर्स को जल्दबाजी में लॉगऑफ होने की परेशानी हो सकती है, लेकिन यह कदम लंबे समय में सुरक्षा बढ़ाने और धोखाधड़ी को कम करने में सहायक होगा. माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से मैसेज भेजने या रिसीव करने वाले ऐप्स और यूजर्स की निजी जानकारी की सुरक्षा और भी मजबूत होगी.

अभिरा और अरमान की शादी की सालगिरह पर संकट, पोद्दार हाउस में मचेगा हंगामा

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

अब तक सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में दादी सा ने पाेद्दार परिवार का घर छोड़ दिया। ऐसे में अभिरा दादी सा को अकेला नहीं छोड़ सकती है, इसलिए उनके साथ पोद्दार परिवार से वह भी दूर चली गई है। वहीं अरमान अपनी मां विद्या के साथ खड़ा है। इस स्थिति में अभिरा और अरमान को एक-दूसरे से दूर रहना पड़ रहा है। जल्द ही उनकी शादी की सालगिरह भी है। क्या इस मुश्किल वक्त में दोनों को एक-दूसरे का साथ मिलेगा?  सीरियल  ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ का अपडेट पढ़िए । 

अभिरा और अरमान सरप्राइज करेंगे प्लान

अपकमिंग एपिसोड में अरमान और अभिरा शादी की सालगिरह पर एक-दूसरे को सरप्राइज देने की सोचेंगे। दोनों चुपके से एक-दूसरे के घर जाएंगे। अभिरा, अरमान के कमरे में अलग-अलग जगह पर गिफ्ट छिपा देती है। इसी तरह अरमान भी उसका कमरा सजाता है। लेकिन दोनों में से किसी को भी पता नहीं होता है कि दूसरा भी कुछ खास प्लान कर रहा है। बाद में दोनों मिलने का फैसला करते हैं। 

अभिरा से मिलने नहीं जा पाता है अरमान 

अरमान जब अभिरा से मिलने के लिए निकल रहा होता है तभी विद्या (अरमान की मां) बेहोश हो जाती है। विद्या का बीपी किसी वजह से बढ़ जाता है। ऐसे में अरमान को विद्या के पास रहना पड़ता है। लेकिन अभिरा मिलने वाली जगह पर अरमान का इंतजार कर रही होती है। क्या अरमान, अभिरा से मिल पाएगा? यह आने वाले एपिसोड में पता चलेगा। 

सीरियल की टीआरपी भी बढ़ी

सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ 46वें हफ्ते की टीआरपी लिस्ट में टॉप 5 में जगह बनाने में कामयाब रहा। इसका फैमिली ड्रामा दर्शकों को पसंद आ रहा है। 46वें हफ्ते की टीआरपी लिस्ट में इसे 1.9 की टीआरपी मिली है। सीरियल में अभिरा और अरमान की जोड़ी भी दर्शकों को पसंद आती है | 

वोट चोरी रोकने में चुनाव आयोग की भूमिका संदेहास्पद – कांग्रेस के महासचिव सचिन पायलट

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

टोंक । कांग्रेस के महासचिव सचिन पायलट (Congress General Secretary Sachin Pilot) ने कहा कि वोट चोरी रोकने में (In preventing Vote Theft) चुनाव आयोग की भूमिका संदेहास्पद है (Role of Election Commission is Questionable) ।

कांग्रेस के महासचिव, पूर्व डिप्टी सी एम, टोंक विधाधक सचिन पायलट ने कहा कि निर्वाचन आयोग का काम नागरिकता तय करना नहीं है, उसका काम है 18 साल के हो चुके नागरिक को वोट दिलाने की सुनिश्चितता करना । आयोग नेता, पार्टी , सरकार के दबाव के काम नहीं करे। सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद देना चाहता हूं कि उसने आधार कार्ड से वोट देने की बात कही है। वरना सरकार तो घुसपैठियों को निकलने के नाम पर गरीब, असहाय, दलित, अशिक्षित, आदिवासियों के वोट काटने पर लगी हुई है। वोट चोरी रोकने के मामले में चुनाव आयोग की भूमिका संदेह के घेरे में है। यह बात टोंक दौरे पर आए सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में कही।

पायलट ने कहा में कहा कि चुनाव नजदीक आते ही घुसपैठियों को निकालने के नाम पाने फायदे के हिसाब से वोट का है। सरकार बताए कि 11 साल में कितने घुसपैठियों को निकाला हैं। कोई चुनाव आते ही एसआईआर याद आती है, पहले बिहार ओर राजस्थान में ही दिखे लीजिए कितने बीएलओ की मौत हो गई । उन पर बहुत ज्यादा दबाव बनाया जा रहा है। सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा है। सचिन पायलट ने कहा आप बदलाव कितना कर रहे हैं। लेकिन परिणाम तो जनता में विश्वास पैदा नहीं कर रहा है। आप देख रहे हैं प्रदेश में कितना खींचतान चल रही है, कभी चीफ सेक्रेटरी बदल रहे हैं। कभी अफसर बदल रहे हैं। मंत्रिमंडल पूरा बना नहीं है। उपचुनाव आप हार रहे हैं। आपसी इतनी खींचतान है,कि सरकार दिल्ली के आदेशों पर चल रही है।

भाजपा ने जो वादे किए थे। सरकार में आने से पहले वो 2 सालों में कितने वादे पूरे हुए। चार लाख नौकरी की बात की थी, कितनी नौकरी दी है। यह सारी बातें जनता भी देख रही है। जानबूझकर आप चुनाव से डर रहे हो। नगर निकाय के चुनाव, पंचायत राज के चुनाव बार-बार आप पोसपोंड कर रहे हो। क्यों कर रहे हो किसके डर से कर रहे हो। यह सारी बातें जनता देख रही है। मुझे लगता है कि सरकार दिशाहीन है। आपस में जो विश्वास होना चाहिए वह कायम नहीं कर पा रही है। 2 साल बहुत होते हैं।उन्होंने 2 साल में पब्लिक का कॉन्फिडेंस खो दिया है। विधायक सचिन पायलट ने किसानों के मुआवजे को लेकर कहा कि किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए ।हमारी सरकार ने एक अच्छा पैकेज बनाया था लेकिन वर्तमान में भी किसानों को अच्छा पैकेज मिलना चाहिए किसानों को राहत मिलनी चाहिए। किसानों की आने वाली पीढियां का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए।

इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सउद सईदी, पूर्व विधायक कमल बैरवा निवर्तमान जिलाध्यक्ष हरि प्रसाद बैरवा, रामलाल संडीला, दिनेश चौरासिया, देवकरण गुर्जर,हरि, हंसराज फागणा, रामराय भड़ाना, कैलाशी देवी मीणा, इरशाद बेग खान, शब्बीर अहमद, जरार खान, देवलाल, रूप नारायण जाट, राजेश गुजर एडवोकेट, यूसुफ यूनिवर्सल, राहुल सैनी,फोजूराम मीणा सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

उडुपी में NH-66 पर पलटा वाहन, 5 मजदूरों की मौत, असम-त्रिपुरा के निवासी

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

उडुपी (कर्नाटक): उडुपी जिले में रविवार को मजदूरों और सजावट का सामान ले जा रहा एक वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर पलट गया, जिससे पांच मजदूरों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना दोपहर 3.30 बजे काउप पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत उलियारागोली गांव के पास हुई.

पुलिस के मुताबिक ड्राइवर रंजीत वाहन को चला रहा था, जो काउप से उडुपी एक कार्यक्रम के लिए सामान ले जा रहा था. हादसे के समय वाहन में 12 मजदूर यात्रा कर रहे थे. उनमें से तीन केबिन में और नौ पिछले हिस्से में बैठे थे.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि वाहन तेज गति से चल रहा था जब चालक ने कथित तौर पर नियंत्रण खो दिया, जिससे यह डिवाइडर से टकराया और पलट गया. वाहन सर्विस रोड पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पुलिस ने बताया कि पीड़ित लोग असम और त्रिपुरा के रहने वाले थे. पुलिस ने बताया कि ज्यादातर लोगों के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्राइवर रंजीत समेत घायलों को उडुपी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कई लोग आईसीयू में हैं.

घटना के संबंध में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है कि क्या हादसे की वजह तेज गाड़ी चलाना, थकान या कोई मैकेनिकल खराबी थी. अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी की स्थिति, बीच के टायरों के निशान और चश्मदीदों के बयान चल रही जांच का हिस्सा हैं.

एक स्थानीय डेकोरेशन एजेंसी द्वारा इन मजदूरों को एक प्राइवेट इवेंट में सजावट के काम के लिए रखा गया था और वे उसी गाड़ी में सामान लेकर जा रहे थे. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मजदूरों के आने-जाने के लिए परिवहन सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है. आगे की जांच चल रही है.

शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार लाएगी 14 बड़े बिल, कांग्रेस उठाएगी ये मुद्दे

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र (Winter session of Parliament) 1 दिंसबर यानी सोमवार से शुरू हो रहा है. यह शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा. इससे पहले मोदी सरकार (Modi government) ने लोकसभा और राज्यसभा के लिए 14 विधेयकों को पेश करने के लिए लिस्ट तैयार की है. केंद्र और विपक्ष (Centre and opposition) के बीच इन विधेयकों सहित कई मुद्दों पर हंगामा छिड़ने के पूरे आसार हैं.

इसी को देखते हुए शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को केंद्रीय केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू समेत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, गौरव गोगोई और अन्य नेता शामिल हुए. वहीं विपक्ष से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समावादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए. इस दौरान शीतकालीन सत्र को लेकर विचार-विमर्श हुआ.

संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक जारी रहेगा. इस अवधि में कुल 15 कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं. विपक्ष ने सत्र को अपेक्षाकृत छोटा बताते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत और गहन चर्चा की मांग की है. सामान्य परिस्थितियों में शीतकालीन सत्र में लगभग 20 बैठकें आयोजित की जाती हैं. विपक्ष ने रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे को उठाया है. इस पर केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. माना जा रहा है कि शीतकालीन सत्र के 15 कार्यदिवस ही रहेंगे.

1. जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025 2. इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक, 2025 (IBC) 3. मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025- अध्यादेश बदलने के लिए 4. रीपीलिंग एंड अमेंडिंग बिल, 2025 5. नेशनल हाइवेज (संशोधन) विधेयक, 2025 6. एटॉमिक एनर्जी बिल, 2025 7. कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2025 8. सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल (SMC), 2025 9. इंश्योरेंस लॉज (संशोधन) बिल, 2025 10. आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन (संशोधन) बिल, 2025 11. हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया बिल, 2025 12. सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल, 2025 13. हेल्थ सिक्योरिटी सेस/नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025 14. वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम पूरक अनुदान मांगें (फाइनेंशियल बिजनेस)

शीतकालीन सत्र में कांग्रेस वोट चोरी का मुद्दा उठाएगी. कांग्रेस इस मुद्दे को किसी भी हालत में छोड़ना नहीं चाहती है. साथ ही कांग्रेस एसआईआर और बीएलओ की मौतों से जुड़े मामलों को भी संसद में उठाएगी. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि कथित तौर पर वोट चोरी किए जाने का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र की हत्या की जा रही हो और सिर्फ वोट चोरी नहीं, बल्कि वोट डकैती की जा रही हो, तो यह एक मुद्दा अहम होगा. उनका कहना था, जब लाल किले के पास विस्फोट हो रहा है, तो यह एक मुद्दा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति विफल हो गई है.

दिल्ली–सहारनपुर–देहरादून एक्सप्रेसवे का ट्रायल रन शुरू, दिल्ली से देहरादून अब सिर्फ ढाई घंटे में

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली: दिल्ली–सहारनपुर–देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. लंबे समय से निर्माणाधीन इस महत्वपूर्ण हाईवे का ट्रायल रन शुरू हो गया है. रविवार रात 12 बजे से इसे ट्रायल के आधार पर वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया. इससे पहले गीता कॉलोनी क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के बैरिकेड्स हटा दिए गए, जिसके बाद सड़क पर आवाजाही सुगमता से शुरू हो गई.

अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय लगभग ढाई घंटे रह जाएगा. अभी तक दिल्ली से देहरादून पहुंचने में चार से छह घंटे तक लग जाते थे. नए हाईवे के पूर्ण संचालन के बाद यात्रा का समय आधा होने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और उत्तराखंड आने-जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि की उम्मीद है.

पीएम मोदी ने ऱखी थी आधारशिला

करीब 210 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर 2021 को रखी थी. इस अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर लगभग 11,800 करोड़ रुपये की लागत आई है. परियोजना को कई चरणों में पूरा किया गया है, जिसमें पर्यावरणीय अनुमति, भूमि अधिग्रहण और संरचना निर्माण सबसे चुनौतीपूर्ण चरण रहे.

 

दिल्ली के भीतर इस एक्सप्रेस-वे को एलिवेटेड संरचना के रूप में तैयार किया गया है. इसकी शुरुआत अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास से होती है, जहाँ से यह दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ जाता है. इससे दिल्ली के अंदर ही यात्रियों को जाम से जूझे बिना सीधे हाई-स्पीड यात्रा का मौका मिलेगा.

 

 

स्थानीय लोगों के अनुसार एक्सप्रेसवे के शुरू होने से राजधानी में जाम की पुरानी समस्या से भी राहत मिलेगी. विशेषकर खजूरी खास और उसके आसपास के इलाकों में रोजाना घंटों लगने वाला लंबा ट्रैफिक जाम अब काफी हद तक कम हो जाएगा. इन क्षेत्रों के निवासियों द्वारा एक्सप्रेसवे को जल्द खोलने की मांग लगातार की जा रही थी.निर्माण में देरी के पीछे तकनीकी चुनौतियाँ, मौसम संबंधी बाधाएँ और ट्रैफिक डायवर्जन की दिक्कतें प्रमुख कारण रही थीं। हालांकि अब सभी अड़चनें दूर कर दी गई हैं और एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार हो चुका है.

 

ट्रायल रन के शुरू होने के बाद जल्द ही इसके औपचारिक उद्घाटन की भी संभावना है. संबंधित एजेंसियाँ अंतिम परीक्षण और सुरक्षा जांच पूरी कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के सफल रहने पर एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए पूर्ण रूप से खोल दिया जाएगा.

सुबह खाली पेट चबाएं ये पत्ते…जानें किन बीमारियों में मिल सकती है राहत!

0

#LatestlifestyleNews #lifestyleNews #lifestyleUpdate #lifestyleNews #BollywoodHindiNews

Neem Leaves Benefits: आयुर्वेद में हर एक पौधे-पत्ती का विशेष महत्व होता है. आयुर्वेद में नीम के पेड़ के भी अलग-अलग फायदे बताए गए है. नीम की टहनी से लेकर पत्ते और बीजों तक हर एक चीज का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. नीम के पत्ते (Neem Leaves) भले ही कड़वे होते हैं लेकिन इससे हमारे शरीर को कई फायदे होते है. रोजाना खाली पेट इसके पत्ते चबाने से कई कमाल के फायदे होते है. आइए जानते हैं नीम के पत्ते से क्या बेनिफिट्स होते हैं.  

रोजाना कितने पत्ते चबाने चाहिए?  

कई बार लोग किसी फायदेमंद चीज को ये सोच कर बहुत अधिक मात्रा में खा लेते हैं कि ज्यादा खाने से उन्हें अधिक फायदा होगा, लेकिन ऐसा नहीं है. ऐसा करने से उल्टा असर भी हो सकता है. ऐसे में सवाल है कि आखिर हमें रोजाना नीम के कितने पत्ते खाने चाहिए जिससे हमें इसका पूरा लाभ हो. बता दें कि हमें रोजाना सुबह खाली पेट एक बार में 4 से 5 पत्ते चबाना चाहिए . ऐसा करने से हमें इसका पूरा लाभ मिलेगा.

कब्ज से मिलेगा छुटकारा

रोजाना सुबह उठकर खाली पेट नीम के पत्ते चबाने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल सकता है. नीम के नियमित सेवन से ब्लोटिंग और पेट में गैस बनने की तकलीफ से निजात मिलती है. नीम के पत्तों में पाए जाने वाला फाइबर पेट की सेहत अच्छी रखता है और कब्ज की दिक्कत दूर रखने में मदद करता है.

ब्लड शुगर होगा रेग्यूलेट

नीम के पत्ते शरीर में ब्लड शुगर लेवल्स को रेग्युलेट करने में मदद करते हैं. इतना ही नहीं अगर इसके पत्ते सुबह के समय खाली पेट चबाएं जाएं तो डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होते हैं. ब्लड शुगर लेवल्स कंट्रोल में रहने के लिए भी नीम के पत्तों का सेवन किया जा सकता है.

लीवर हेल्‍थ होगी बहतर

खाली पेट नीम के पत्तों का सेवन करने पर लीवर को भी इसके फायदे मिलते हैं. नीम के पत्ते एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं और शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से दूर रखते हैं. इन पत्तों के सेवन से लीवर टिशू को होने वाला नुकसान भी कम होने लगता है.

Previous articleCM साय आज ओडिशा में, दौरे से पहले मंत्रालय में निपटाएंगे महत्वपूर्ण कार्य
Next articleदिल्ली धमाका: NIA ने कसी कमर…कश्मीर में कई जगहों पर छापेमारी, क्या हाथ लगा कोई बड़ा सुराग?
News Desk

हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि हर पीड़ित की शिकायत का (Every Victim’s Complaint) प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा (Will be effectively Resolved) ।

गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन रविवार सुबह जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से बातकर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा, “घबराइए मत, हर समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा।” जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण कराएं। इससे पहले शनिवार को भी सीएम ने जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं थीं।

रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी चिंता करने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण कराया जाए।

जनता दर्शन में कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर सीएम योगी ने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गरीब की जमीन पर यदि कोई कब्जा करने की कोशिश करे तो उसे ठीक से सबक सिखाया जाए। गरीब की जमीनों पर दबंग या माफिया का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए। जनता दर्शन में अंबेडकरनगर से आई एक महिला ने बाजार गए अपने बच्चे के साइकिल सहित गायब होने की पीड़ा बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रकरण को संवेदनशीलता से लिया जाए और बच्चे का पता लगाने को जरूरी कदम उठाए जाएं।

जनता दर्शन में इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें मदद का भरोसा दिया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। एक महिला द्वारा किडनी के इलाज में डायलिसिस कराने की जरूरत और उसके लिए धनराशि न होने की बात कहने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अफसरों को निर्देशित किया कि डायलिसिस के लिए पैसे की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने महिला को यह कहते हुए भरपूर आत्मीय संबल दिया, ‘घबराओ मत उपचार की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी।’ मुख्यमंत्री योगी ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ बच्चों पर खूब प्यार-दुलार बरसाया। उन्होंने इन बच्चों को चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।

योगी आदित्यनाथ ऑफिस के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से जनता दर्शन की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और अधिकारों की पूर्ति ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज के सुशासन का आधार है। लोक-कल्याण हेतु दृढ़ संकल्पित महाराज जी ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं एवं अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।”