सीएम ममता एसआईआर के खिलाफ मालदा, मुर्शिदाबाद, कूचबिहार में करेंगी रैलियां

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इस सप्ताह मालदा और मुर्शिदाबाद में रैलियां आयोजित कर चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ अपना रोष जताएंगी इसके बाद अगले सप्ताह कूचबिहार में एक जनसभा भी करेंगी। टीएमसी सूत्रों ने बताया कि सीएम ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर के विरोध में यह दूसरे चरण का अभियान होगा। इससे पहले उन्होंने पिछले सप्ताह शरणार्थी बहुल मतुआ क्षेत्र में बनगांव में रैली की थी और रैली में उन्होंने आरोप लगाया था कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों को डराने के लिए एसआईआर का दुरुपयोग किया जा रहा है।
टीएमसी अपने जिलावार अभियान को बीजेपी के घुसपैठियों का सफाया के बयान के जवाब के रूप में पेश कर रही है। टीएमसी नेताओं ने कहा कि मालदा, मुर्शिदाबाद में 3 और 4 दिसंबर को जबकि कूचबिहार में 9 दिसंबर को रैलियां आयोजित करने का फैसला लिया गया है। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इन तीन सीमावर्ती जिलों में अल्पसंख्यक, प्रवासी और विस्थापित आबादी काफी ज्यादा है और एसआईआर से उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं। मालदा की रैली गजोले में और मुर्शिदाबाद की रैली बेहरामपुर स्टेडियम में आयोजित की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कूचबिहार की रैली 9 दिसंबर को ऐतिहासिक रास मेला मैदान में होगी और इस ठंड के मौसम में उत्तर भारत में सीएम ममता की सबसे बड़ी रैली के रूप में पेश किया जा रहा है। 
बीजेपी ने टीएमसी पर अवैध प्रवासियों को बचाने और राजनीतिक लाभ के लिए मतदाता सूची के संशोधन का विरोध करने का आरोप लगाया है। यहां 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले दोनों पार्टियां एसआईआर मुद्दे का लाभ उठाकर अपनी-अपनी विचारधारा को मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।

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चौंकाने वाला फैसला! IPL 2026 Auction लिस्ट में नहीं दिखा 92 करोड़ कमाने वाला दिग्गज

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आईपीएल 2026 | आईपीएल 2026 के लिए ऑक्शन 16 दिसंबर को होना है. इसके लिए 1355 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर कराया है. मगर हैरानी की बात ये है कि उन रजिस्टर खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल नहीं है, जिसने IPL से 92 करोड़ रुपये की कमाई की है. हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल की, जिन्होंने IPL 2026 से दूर रहने के अपने फैसले से सबको चौंका दिया है. उनके दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग से दूर रहने का खुलासा तब हुआ, जब उन्होंने आईपीएल 2026 के लिए ऑक्शन में अपना नाम रजिस्टर नहीं कराया |

पंजाब किंग्स के लिए खेला था पिछला सीजन

IPL 2025 में ग्लेन मैक्सवेल पंजाब किंग्स का हिस्सा थे. इस फ्रेंचाइजी ने उन्हें 4.2 करोड़ रुपये में खरीदा था. हालांकि, आईपीएल 2026 के ऑक्शन से पहले पंजाब फ्रेंचाइजी ने मैक्सवेल को रिलीज कर दिया था. मैक्सवेल के रिलीज होने के बाद कई फ्रेंचाइजियों की निगाहें उन पर जमी थी. मगर खुद को ऑक्शन के लिए रजिस्टर ना कराकर मैक्सवेल ने साफ कर दिया कि वो IPL 2026 में नहीं खेलने वाले |

मैक्सवेल के फैसले की वजह क्या है?

मैक्सवेल के आईपीएल 2026 के लिए अपना नाम रजिस्टर ना कराने के फैसले के पीछे की वजह क्या है, उस बारे में अब तक खुलासा नहीं हो सका है. इंजरी से वो हाल ही में उबरे हैं और इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की है. ऐसे में ये कहना कि इंजरी के चलते उन्होंने अपना नाम ऑक्शन में नहीं डाला, सही नहीं होगा. ऐसे में मैक्सवेल के फैसले के पीछे की असली वजह को लेकर थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा |

आईपीएल से ऐसे कमाए लगभग 92 करोड़

मैक्सवेल ने आईपीएल में 4 टीमों से कुल 13 सीजन खेले हैं. उन्होंने 2012 में आईपीएल डेब्यू किया था. तब से अब तक उन्होंने लगभग 92 करोड़ रुपये आईपीएल से कमाए हैं. मैक्सवेल को सबसे ज्यादा सैलरी 14.25 करोड़ IPL 2021 में मिले थे, जब उन्हें RCB ने खरीदा था. मैक्सवेल ने सबसे ज्यादा IPL के 6 सीजन पंजाब किंग्स से खेले हैं |

देशभर में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम को बेहद गंभीर मानते हुए इसके सभी मामलों की जांच सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के साइबर फ्रॉड पर तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अन्य स्कैम से अलग सीबीआई अब सबसे पहले डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामलों की जांच करेगी।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम से जुड़े सभी मामलों की जांच अब सीबीआई करेगी। साइबर क्राइम में जिन बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल हुआ है, उनकी जांच के लिए सीबीआई को पूरी स्वतंत्रता दी गई है। संबंधित बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकेगी। यह फैसला देशभर में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम को बेहद गंभीर मुद्दा मानते हुए इसकी जांच अब सीबीआई को सौंप दी है और इसके साथ ही एजेंसी को कई खास अधिकार भी प्रदान किए हैं। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीआई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उन बैंक अधिकारियों की जांच करने की भी पूरी अनुमति दी है, जिनके बैंक खातों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड में किया गया है।

सभी एजेंसियां देंगी सीबीआई को सहयोग
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आईटी इंटरमीडियरी रूल्स के तहत सभी प्राधिकरण सीबीआई को पूरा सहयोग देंगे। जिन राज्यों ने अभी तक सीबीआई को सामान्य अनुमति नहीं दी है, उन्हें आईटी एक्ट 2021 के मामलों की जांच के लिए विशेष मंजूरी देनी होगी ताकि देशभर में कार्रवाई एक साथ चल सके। कोर्ट ने सीबीआई को यह भी कहा है कि जरूरत पडऩे पर इंटरपोल के साथ समन्वय कर कार्रवाई करें।

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बिग प्रोजेक्ट पर खतरा! प्रभास की नई फिल्म के सामने खड़ी हो गई बड़ी मुश्किल

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प्रभास को आने में एक महीने का वक्त ही बचा है. इसी बीच एक नई जानकारी फिर से फैन्स को निराश कर सकती है. साल 2024 के बाद से ही एक्टर की कोई भी फिल्म रिलीज नहीं हुई है. यूं तो इस साल वो एक फिल्म में दिखाई दिए थे, पर उसमें सिर्फ कैमियो था. एक्टर के खाते में इस समय कई बड़ी पिक्चर हैं, जिनके नए-नए अपडेट हर किसी को हैरान कर देते हैं. पर वापसी जिस फिल्म से हो रही है, वो है- THE RAJA SAAB. इस पिक्चर को पहले ही कई बार पोस्टपोन किया जा चुका है. इसी बीच एक बार फिर प्रभास की अपकमिंग फिल्म पर खतरा आ गया है. आखिर किसने हाथ पीछे खींच लिए हैं, जिसके चलते फिर मुसीबत बढ़ सकती है |

प्रभास की अपकमिंग पिक्चर ‘द राजा साब’ है, जिसे अगले साल की शुरुआत में लाने की प्लानिंग हुई है. यह जानते हुए कि पोंगल एकदम पैक है और उसी दिन कई बड़ी फिल्में रिलीज होने जा रही है. अब प्रभास ने 9 जनवरी, 2026 का दिन फिल्म के लिए चुन लिया है. नई रिपोर्ट से पता लगा कि फिल्म के पास अभी तक कोई खरीदार नहीं है. पर इससे क्या और कितना फर्क पड़ रहा है. आइए बताते हैं |

प्रभास का सिरदर्द बढ़ा सकता है ये फैसला

दरअसल प्रभास की द राजा साब को इस साल कई बार पोस्टपोन किया जा चुका है. 10 अप्रैल को आ रही फिल्म 5 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी. पर बार-बार काम पूरा न होने की बात कहकर आगे खिसका दी गई. इसी बीच पता लगा कि प्रभास की इस फिल्म पर डिस्ट्रीब्यूटर रिस्क लेने को तैयार नहीं हैं. यही वजह है कि उन्हें कोई भी खरीदार नहीं मिल रहा है. प्रभास इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े स्टार्स में से एक हैं. पिछली फिल्में ब्लॉकबस्टर रहीं, उसके बाद भी खरीददार नहीं मिलना किसी शॉक से कम नहीं हैं. दरअसल ‘द राजा साब’ को एक्वायर करने में डिस्ट्रीब्यूटर हिचकिचा रहे हैं |

अब वजह कुछ भी हो, पर इससे फिल्म को काफी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. यूं तो कुछ जगहों पर कहा जा रहा है कि हाल ही में प्रभास की फिल्मों से हुए भारी नुकसान की वजह से डिस्ट्रीब्यूटर ‘द राजा साब’ में इन्वेस्ट नहीं करना चाहते. हाल ही में जानकारी सामने आई कि बेशक कोई फ़िल्म थिएटर कलेक्शन के मामले में ब्लॉकबस्टर हो जाए, फिर भी डिस्ट्रीब्यूटर को नुकसान झेलना पड़ सकता है. क्योंकि फिल्म को इतना महंगा खरीदा जाता है कि बॉक्स ऑफ़िस पर मिले बड़े नंबर भी इन्वेस्टमेंट को रिकवर करने के लिए काफी नहीं होते. प्रभास डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स के लिए काफी तगड़ी रकम वसूलते हैं, शायद इसी वजह से सब हाथ पीछे खींच रहे हैं. हालांकि, यहां से फिल्म फिर पोस्टपोन हुई तो मेकर्स को भी नुकसान हो जाएगा |

कांग्रेस ने सरदार पटेल को इतिहास से मिटाने की कोशिश की

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नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने सरदार पटेल को इतिहास से मिटाने की कोशिश की और यहां तक कि कांग्रेस ने मोदी सरकार द्वारा सरदार पटेल के स्मारक के रूप में निर्मित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की लागत और जरुरत पर भी सवाल उठाया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नड्डा ने अटलदरा गांव में ‘सरदार एट द रेट ऑफ 150 यूनिटी मार्च’ के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती थी कि सरदार पटेल को याद किया जाए। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम पीएम जवाहरलाल नेहरू ने अपनी नीतियों से कश्मीर मुद्दे को बिगड़ने दिया, जबकि सरदार पटेल ने आजादी के बाद 562 रियासतों का सफलतापूर्वक देश में विलय किया।
नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया कि भारत के लौह पुरुष का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज न हो। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का निधन 1950 में हुआ था, लेकिन उन्हें 1991 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने सरदार पटेल को सच्चे अर्थों में याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी, लेकिन जब मोदी ने पटेल को श्रद्धांजलि स्वरूप गुजरात के नर्मदा जिले में दुनिया की सबसे ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाने का फैसला किया, तो कांग्रेस ने इसकी लागत पर सवाल उठाए।
नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने पूछा कि इतना पैसा क्यों खर्च किया जा रहा है और जब सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई, तो कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इससे क्या हासिल होगा। नडडा ने कहा कि सरदार पटेल ने 562 रियासतों का एकीकरण किया था, जबकि तत्कालीन पीएम जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि वह जम्मू-कश्मीर पर फैसला लेंगे। नड्डा ने कहा कि और नेहरूजी ने क्या फैसला किया? अनुच्छेद 370 देश की एकता और अखंडता के लिए एक बड़ा संकट बन गया। 

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मुंबई पुलिस ने सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया, एक महिला गिरफ्तार, चार महिलाएं बचाई गईं 

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मुंबई। अंधेरी वेस्ट में पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। घटनाक्रम में एक महिला गिरफ्तार की गई हैं, और चार महिलाएं बचाई गईं है। वर्सोवा पुलिस स्टेशन की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर अंधेरी वेस्ट के एक होटल में छापा मारकर एक ऑनलाइन सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। आरोपी महिला जिसका नाम अलमेलु पटेल उर्फ ज्योति मधु कांबले (निवासी अंबरनाथ) बताया गया है, गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान चार महिलाओं को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया है, जिनकी उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143(3) और पीआईटीए एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी ज्योति मधु कांबले ऑनलाइन माध्यम से रैकेट चला रही थी और विभिन्न गेस्ट हाउस, लॉज और होटलों में लड़कियों को भेजकर ग्राहकों से पैसे लेती थी। वह सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करती थी। पुलिस ने एक नकली ग्राहक बनाकर आरोपी से संपर्क साधा और उसे अंधेरी वेस्ट स्थित जेपी रोड के एक होटल में बुलाया। पैसों के लेन-देन के समय पुलिस ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया और महिलाओं को बचाया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों और इसके नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रहे हैं। वर्सोवा पुलिस ने शहर में ऐसे अवैध नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान जारी रखने का संकल्प लिया है।

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शशि थरूर कांग्रेस की बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए, कैमरे के सामने खुद किया खुलासा

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं. वे इस बार कांग्रेस की बैठक में शामिल न होने की वजह से चर्चा में हैं. हालांकि अब उन्होंने इसका कारण भी बता दिया है. थरूर ने सोमवार (1 दिसंबर) को खुद ही बताया कि कांग्रेस की अहम रणनीतिक बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए. कांग्रेस की इस रणनीतिक बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश समेत कई बड़े नेता शामिल हुए थे.

थरूर सोमवार को शीतकालीन सत्र के लिए संसद पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कैमरे के सामने कहा, ”मैंने बैठक जानबूझकर नहीं छोड़ी, मैं फ्लाइट में था. केरल से लौट रहा था.” कांग्रेस रविवार (30 नवंबर) को अहम रणनीतिक बैठक रखी थी, जिसकी अध्यक्षता खुद सोनिया गांधी ने की थी, लेकिन थरूर मीटिंग में शामिल नहीं हो पाए थे. अहम बात यह भी है कि वे पहले भी कांग्रेस की बैठक से गायब हो चुके हैं.

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मोहन भागवत का बड़ा बयान..‘दुनिया भारत के PM की बात इसलिए सुनती है क्योंकि… जानें क्या है पूरा सच

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 RSS Chief Mohan Bhagwat Speech: मोहन भागवत पुणे भाषण सोमवार को चर्चा का केंद्र बन गया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की बात गंभीरता से सुन रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की ताकत अब ठीक उसी जगह और उसी समय प्रदर्शित हो रही है, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। इसी कारण से दुनिया भारत की भूमिका और महत्व को समझने लगी है।

भागवत पुणे में आयोजित उस विशेष कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसे आरएसएस की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में संघ के इतिहास, राष्ट्रनिर्माण में उसके योगदान और भविष्य की दिशा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। भागवत ने कहा कि जब भारत आगे बढ़ता है, तो माना जाता है कि विश्व की कई समस्याओं का समाधान स्वतः ही मिल जाता है। भारत की प्रगति न सिर्फ देश के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति की स्थापना और संघर्षों को कम करने में भारत की बड़ी भूमिका है। आज की अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां भी यही संकेत देती हैं कि दुनिया को भारत जैसे देश से उम्मीदें हैं। इसलिए भारत को इतिहास में दर्ज अपनी महान भूमिका को एक बार फिर निभाना होगा।

भागवत ने जोर देकर कहा कि भारत का मार्ग हमेशा से समग्र कल्याण और विश्व-शांति का रहा है। ऐसे में भारत जितना मजबूत होगा, दुनिया उतनी ही स्थिर और शांतिपूर्ण बनेगी। मोहन भागवत पुणे भाषण ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भारत की वैश्विक भूमिका और भी मजबूत होने वाली है।

PM मोदी ने नाम तो विपक्ष का लिया पर ‘टारगेट’ बिहार में ‘अपनों’ को भी किया

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पटना: बिहार विधानसभा चुनावों के बाद जहां एनडीए ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है, वहीं महागठबंधन इतिहास की सबसे कमजोर स्थिति में पहुंच गया है. लेकिन जीत की यह लहर अब राजनीतिक व्यवहार में संयम और संतुलन की मांग कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में बिहार के नेताओं को साफ इशारा किया है कि लोकतंत्र प्रतिस्पर्धा का मंच है, लेकिन अहंकार का नहीं. अवसर संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का था. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विपक्ष से सदन की कार्यवाही को लेकर सकारात्मक रूप अपनाने अपील की. उन्होंने कहा कि विपक्ष को पराजय की निराशा से बाहर निकलना चाहिए. इसके साथ ही पीएम मोदी ने अपने संबोधन में परोक्ष रूप से बिहार के नेताओं को भी संदेश दिया कि जीत का अभिमान न रखें.

राजनीति के जानकार कहते हैं कि ऐसा लगता है कि उनका यह संदेश सीधे बिहार के उन नेताओं के लिए है जो हाल की चुनावी जीत के बाद अति उत्साह में व्यावहारिक उग्रता दिखा रहे हैं. बता दें कि बिहार विधानसभा चुनावों में NDA ने 243 सीटों में से 202 पर कब्जा जमाकर महागठबंधन को महज 35 पर सिमेट दिया था. रिकॉर्ड वोटर टर्नआउट और महिलाओं की भारी भागीदारी ने लोकतंत्र की ताकत दिखाई, लेकिन अब पीएम का यह संदेश बिहार की सियासत को नई दिशा दे रहा है. दरअसल, दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण, लेकिन संदेश सीधा पटना की राजनीति के उन गलियारों तक पहुंचा जहां जीत का उत्साह और हार की तल्खी अभी तक हवा में तैर रही है. पीएम मोदी ने विपक्ष को “निराशा से बाहर आने” और सत्ता पक्ष को “विजय के अहंकार से बचने” की सलाह दी, उसे राजनीतिक जानकार बिहार की मौजूदा सियासी स्थिति से जोड़कर पढ़ रहे हैं.

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काशी यात्रा ने बदल दी नई सभापति की जीवनशैली, पीएम मोदी ने बताई कहानी

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PM Modi Latest Speech के दौरान संसद के शीतकालीन सत्र में सोमवार, 1 दिसंबर को एक दिलचस्प और भावुक पल देखने को मिला। नए सभापति सी.पी. राधाकृष्णन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके जीवन से जुड़ा एक प्रेरक प्रसंग साझा किया।

काशी यात्रा के बाद किया नॉनवेज छोड़ने का संकल्प

पीएम मोदी ने बताया कि सभापति राधाकृष्णन एक सामान्य परिवार से आते हैं और उनसे उनका वर्षों पुराना जुड़ाव है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जब राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार काशी गए और मां गंगा की पूजा-अर्चना की, तो उनके अंदर एक गहरा भाव जागा।
उन्होंने पीएम मोदी को बताया था—
“मैं पहले नॉनवेज खाता था, लेकिन काशी में पहली पूजा के बाद मेरे अंदर से ऐसा संकल्प उठा कि उसी दिन नॉनवेज छोड़ दिया।”

“मैं ऐसा नहीं कहता कि नॉनवेज खाने वाले बुरे होते हैं”: पीएम मोदी

PM Modi Latest Speech में उन्होंने इस घटना को एक सांसद के रूप में याद करने योग्य बताया। उन्होंने कहा कि भोजन आदतें व्यक्तिगत निर्णय होती हैं, लेकिन काशी की ऊर्जा ने जिस तरह राधाकृष्णन को प्रभावित किया, वह प्रेरक है।

नए सभापति को पीएम मोदी की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने नए सभापति को बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्यसभा देश को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सदन के सभी सदस्य न केवल सभापति की गरिमा बनाए रखेंगे, बल्कि सदन की मर्यादा को भी कायम रखेंगे।