इंडिगो संकट के बीच सरकार की सख्त चेतावनी, ज्यादा किराया वसूला तो कार्रवाई होगी

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नई दिल्ली।  नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो संकट के चलते कुछ एयरलाइंल की ओर से असामान्य रूप से द्यादा हवाई किराया वसूले जाने से जुड़ी चिंताओं को गंभीरता से लिया है। केंद्र सरकार ने शनिवार को सभी एयरलाइंस को निर्देश जारी किए हैं कि यात्रियों से तय सीमा से ज्यादा किराया न वसूला जाए। सरकार की ओर से कहा गया है कि ऐसा करने पर कार्रवाई की जाएगी।

हवाई किराये में बेतहाशा वृद्धि

इंडिगो के संचालन में आ रही समस्या की वजह से यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से विमान किराये में भी बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यात्रियों को किसी भी प्रकार के मुनाफाखोरी से बचाने के लिए मंत्रालय ने सभी प्रभावित मार्गों पर उचित और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी नियामक शक्तियों का प्रयोग किया है।

‘निर्धारित किराया सीमा का कड़ाई से करना होगा पालन’ :मंत्रालय

केंद्र सरकार ने बताया है कि सभी एयरलाइनों को एक आधिकारिक निर्देश जारी किया गया है जिसमें अब निर्धारित किराया सीमा का कड़ाई से पालन अनिवार्य किया गया है। मंत्रालय के बयान के मुताबिक ये सीमाएं तब तक लागू रहेंगी जब तक स्थिति पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाती। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस निर्देश का उद्देश्य बाजार में मूल्य निर्धारण अनुशासन बनाए रखना, संकटग्रस्त यात्रियों के किसी भी शोषण को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि जिन नागरिकों को तत्काल यात्रा करने की आवश्यकता है- जिनमें वरिष्ठ नागरिक, छात्र और मरीज शामिल हैं – इस अवधि के दौरान वित्तीय कठिनाई का सामना न करें।

घरेलू उड़ानों का राजा है इंडिगो

घरेलू उड़ानों के मामले में इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। घरेलू उड़ानों के बाजार की बात करें तो इंडिगो का करीब 60 फीसदी बाजार पर कब्जा है। इंडिगो की ओर से बीते पांच दिनों में 2000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गई हैं। इसकी वजह से यात्रियों को बढ़े हुए किराये से लेकर अन्य तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।

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News Desk

टीम इंडिया की किस्मत चमकी, 20 हार के बाद जीता टॉस

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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला विशाखापट्टनम में खेला जा रहा है. मैच के शुरू होने से पहले ही भारतीय क्रिकेट फैंस को एक बड़ी खुशखबरी मिली है. भारतीय टीम ने लगातार 20 वनडे मैच में टॉस हारने के बाद आखिरकार टॉस जीत लिया है. इस मैच में भारतीय टीम के कप्तान केएल राहुल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. भारत ने आखिरी बार दो साल पहले वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में टॉस जीता था. तब से 21वें मैच में जाकर टीम इंडिया ने टॉस जीता है |

केएल राहुल ने तोड़ा मनहूस रिकॉर्ड

भारत ने लगातार 20 बार टॉस हारने के बाद आखिरकार वनडे मैचों में टॉस जीत लिया है. इससे पहले किसी भी टीम का इतना बुरा हाल नहीं हुआ था. भारतीय टीम का टॉस हारने का सिलसिला 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल से शुरू हुआ था और 2 साल से ज्यादा समय के बाद भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था. रोहित शर्मा के बाद शुभमन गिल कप्तान बने, लेकिन बदकिस्मती खत्म नहीं हुई |

 फिर गिल की गैरमौजूदगी में केएल राहुल ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में टीम की कमान संभाली, लेकिन वो भी शुरुआती दो मुकाबलों में टॉस हार गए | भारत के नाम वनडे में लगातार 20 टॉस हारने का शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया. हालांकि, अब तीसरे वनडे में कप्तान राहुल ने टॉस जीतकर ये मनहूस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. टॉस जीतने के बाद राहुल काफी खुश नजर आए |

IND vs SA तीसरे वनडे के लिए दोनों टीमों की प्लेइंग XI

भारत: रोहित शर्मा, यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, केएल राहुल (विकेटकीपर/कप्तान), रवींद्र जड़ेजा, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा.

साउथ अफ्रीका: रयान रिकेलटन, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), टेम्बा बावुमा (कप्तान), मैथ्यू ब्रीट्ज़के, एडेन मार्कराम, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को जानसन, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, ओटनील बार्टमैन.

देश ने मनाया महापरिनिर्वाण दिवस, पीएम मोदी और विपक्षी नेताओं ने अंबेडकर को किया याद

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देश आज भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन कर रहा है. इसी बीच पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने भी श्रद्धांजलि दी है. कांग्रेस सांसद और लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी बाबासाहेब अंबेडकर को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा लिखा कि महापरिनिर्वाण दिवस पर वे डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को स्मरण करते हैं. उनकी दूरदर्शी सोच, न्याय और समानता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता तथा संवैधानिक मूल्यों ने भारत की विकास यात्रा को दिशा दी है|

एक्स पोस्ट के जरिए पीएम मोदी ने आगे कहा कि अंबेडकर ने पीढ़ियों को मानव गरिमा और लोकतांत्रिक आदर्शों को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया. पीएम मोदी ने कामना की कि बाबासाहेब के आदर्श विकसित भारत के निर्माण में आगे भी हमारा मार्ग रोशन करते रहें. वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की. राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट से जारी संदेश में बताया गया कि राष्ट्रपति ने श्रद्धा और सम्मान के साथ बाबासाहेब को नमन किया. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा है कि अंबेडकर की शिक्षाएं और उनका संघर्ष भारत को एक न्यायपूर्ण, समानता-आधारित समाज बनाने की दिशा में आज भी हमारा मार्गदर्शन करता है |

क्‍या बोले राहुल गांधी?

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी भीमराव अंबेडकर को उनकी पुण्‍यतिथि पर याद किया. उन्‍होंने एक्‍स पर पोस्‍ट शेयर कर कहा, ‘महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहेब आंबेडकर को विनम्र श्रद्धांजलि. समानता, न्याय और मानव सम्मान की उनकी अमर विरासत मुझे संविधान की रक्षा के संकल्प को और मजबूत करती है और हमें एक अधिक समावेशी और संवेदनशील भारत के लिए प्रेरित करती है |

6 दिसंबर 1956 को हुआ था निधन

हर वर्ष 6 दिसंबर को यह दिन संविधान निर्माता, सामाजिक न्याय के अग्रदूत और आधुनिक भारत के महान विचारक डॉ. अंबेडकर को याद करने के लिए मनाया जाता है. बता दें कि डॉ. अंबेडकर का निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था. इसी दिन को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है. 1956 में ही बाबासाहेब ने हिंदू धर्म की कुरीतियों और सामाजिक असमानताओं से दुखी होकर बौद्ध धर्म अपनाया था. बौद्ध दर्शन के अनुसार परिनिर्वाण का अर्थ है मृत्यु के बाद पूर्ण मुक्ति अर्थात सभी इच्छाओं, मोह-माया और सांसारिक बंधनों से पूरी तरह मुक्त होना. यह सर्वोच्च अवस्था बहुत कठिन मानी जाती है और सदाचार व अनुशासित जीवन से ही प्राप्त होती है |
 

न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी चमकी, लेकिन दोहरे शतक ने वेस्टइंडीज को जीत दिलाई

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न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच 3 टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेला गया. ये मैच काफी रोमांचक रहा और 5 दिन के खेल के बाद भी कोई जीत हासिल नहीं कर सका. वहीं, वेस्टइंडीज ने अपनी दमदार बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया. न्यूजीलैंड की टीम 531 रनों का टारगेट देने के बावजूद इस मैच को नहीं जीत सकी, दूसरी ओर वेस्टइंडीज ने आखिरी पारी में 163.3 ओवर बल्लेबाजी करते हुए मैच को ड्रॉ करवा दिया |

जस्टिन ग्रीव्स ने दोहरा शतक ठोककर बचाया मैच

इस मैच की आखिरी पारी में न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को जीत के लिए 531 रनों का टारगेट दिया. लेकिन वेस्टइंडीज ने 74 रन पर ही 4 विकेट गंवा दिए, जिसके बाद न्यूजीलैंड की जीत साफ नजर आ रही है. लेकिन जस्टिन ग्रीव्स और शे होप के इरादे कुछ और ही थे. दोनों खिलाड़ियों के बीच 5वें विकेट के लिए 196 रनों की साझेदारी हुई और मैच का रुख बदल गया. शे होप ने 234 गेंदों पर 140 रनों की पारी खेली. वहीं, उनके आउट होने के बाद जस्टिन ग्रीव्स ने कमान संभाली और अंत तक आउट नहीं हुए |

जस्टिन ग्रीव्स ने इस दौरान 388 गेंदों का सामना किया और नाबाद 202 रन बनाए. उनकी इस पारी में 19 चौके शामिल रहे. बल्लेबाजी के बीच उन्हें हैमस्ट्रिंग का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और क्रीज पर टिके रहे. इस दौरान उन्होंने कीमार रोच के साथ मिलकर 7वें विकेट के लिए नाबाद 180 रन भी जोड़े, जिसने मैच ड्रॉ करवाने में अहम भूमिका निभाई. कीमार रोच ने 282 गेंदों पर नाबाद 58 रन बनाते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक जड़ा |

न्यूजीलैंड के नाम रहा पहली पारी का खेल

वेस्टइंडीज ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था. जिसके बाद न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 231 रन बनाए, इस दौरान केन विलियमसन ने सबसे ज्यादा 52 रन बनाए. लेकिन इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम अपनी पहली पारी में सिर्फ 167 रन बनाकर ढेर हो गई. इसके बाद न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी 8 विकेट के नुकसान पर 466 रन बनाकर घोषित की और 530 रनों की बढ़ ली. लेकिन वेस्टइंडीज ने आखिरी पारी में जुझारू बल्लेबाजी करते हुए ऐतिहसिक मैच ड्रॉ करवाया |

दो दिन में तीन धमकियों के बाद हैदराबाद एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट, एजेंसियों ने की कार्रवाई शुरू

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हैदराबाद एयरपोर्ट पर दो दिनों के भीतर तीन फ्लाइट्स को बम धमकी देने वाले ईमेल मिले हैं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. यह धमकी ईमेल एयरपोर्ट के कस्टमर सपोर्ट आईडी पर भेजे गए थे. हैदराबाद एयरपोर्ट जीएमआर ने कहा कि सभी मामलों में आवश्यक सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई और यात्री सुरक्षित हैं |

ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट को धमकी

शनिवार को ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA 277, जो लंदन के हीथ्रो से हैदराबाद आ रही थी, को धमकी भरा ईमेल भेजा गया. यह विमान सुबह 5:25 बजे सुरक्षित तरीके से लैंड हुआ, जिसके बाद एयरपोर्ट पर मानक सुरक्षा जांच शुरू की गई |

कुवैत एयरवेज की फ्लाइट वापस लौटाई गई

इसी दिन कुवैत एयरवेज की फ्लाइट KU 373 को भी बम धमकी मिली. यह उड़ान हैदराबाद आने वाली थी, लेकिन खतरे को देखते हुए विमान वापस कुवैत एयरपोर्ट भेज दिया गया.

एक दिन पहले एयर इंडिया की फ्लाइट को भी मिली धमकी

5 दिसंबर 2025 को हैदराबाद एयरपोर्ट के कस्टमर सपोर्ट ईमेल पर एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2879 (दिल्ली से हैदराबाद) के नाम एक बम धमकी ईमेल मिला. इस घटना के बाद संबंधित विमान ने हैदराबाद में रात 8:45 बजे सुरक्षित लैंडिंग की. इसके अलावा सऊदी अरब के मदीना से हैदराबाद आ रही इंडिगो की फ्लाइट में गुरुवार को बम की धमकी मिलने के बाद विमान को अहमदाबाद डायवर्ट किया गया. फ्लाइट संख्या 6ई-58 में कुल 180 यात्री और 6 क्रू मेंबर सवार थे |

जांच जारी, सुरक्षा कड़ी

हैदराबाद एयरपोर्ट जीएमआर ने कहा है कि सभी प्राप्त धमकियों को गंभीरता के साथ देखा गया और हर मामले में निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाएं तुरंत लागू की गईं. इन प्रक्रियाओं में विमान और परिसर की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ संयुक्त जांच, यात्रियों और क्रू मेंबर्स का सत्यापन, बैगेज और कार्गो की रैंडम/फोकस्ड जांच, व जरूरत के हिसाब से रनवे और टर्मिनल पर सुरक्षा अलर्ट शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और किसी भी तरह की जान-माल की हानि की सूचना नहीं मिली है |

रामायण के ‘लक्ष्मण’ के घर सारा खान बनी बहू, 4 साल छोटे कृष के संग नई जिंदगी

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 ‘बिग बॉस’ फेम सारा खान दूसरी बार शादी के बंधन में बंध गई हैं. एक्ट्रेस ने 36 साल की उम्र में बॉयफ्रेंड कृष पाठक के साथ शादी की है, जो उनसे 4 साल छोटे हैं. इसी के साथ ही रामायण के लक्ष्मण यानी सुनील लहरी के घर की बहू बन गई हैं. सारा की दुल्हन बनी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. जिसमें वो लाल जोड़ा, गले में मंगलसूत्र, माथे पर सिंदूर और एकदम पहाड़ी लुक में दिखाई दे रही हैं. एक्ट्रेस ने गले में गुलबंद और नाक में पहाड़ी ट्रेडिशनल नथ पहनी हुई है.शादी के बाद दोनों का स्टेज पर रोमांटिक डांस परफॉर्मेंस हुआ. कृष की दुल्हन बनकर काफी सुंदर लग रही हैं  |

सारा खान को उनके दोस्त और फैन्स लगातार शादी की बधाई दे रहे हैं. यह सारा की दूसरी शादी है, इससे पहले एक्टर अली मर्चेंट के साथ शादी के बंधन में बंधी थीं, पर दोनों जल्द ही अलग हो गए. हाल ही में एक्ट्रेस की हल्दी सेरेमनी में गौहर खान भी पहुंची थीं. जो पति और बच्चे के साथ दिखाई दी थी. वहीं शादी में भी कई एक्टर्स पहुंचे थे, जिन्होंने कपल को बधाई दी है |

सारा खान ने की दूसरी शादी, तस्वीर वायरल

सारा खान ने कृष पाठक के साथ दूसरी शादी की है. हालांकि, कुछ वक्त पहले ही उन्होंने कृष पाठक के साथ तस्वीर शेयर की थी. साथ ही अंगूठी फ्लॉन्ट करती नजर आईं थी. उन्होंने कैप्शन में लिखा था- ”वो दुआ सी लगी, मैं मन्नत बन गया. दो दुनिया थी अलग, पर प्यार एक बन गया.” जिसके बाद करवाचौथ भी साथ में सेलिब्रेट किया था. और दिवाली पर भी कपल फोटो शेयर की थी. हालांकि, तब भी उन्होंने सिंदूर भरा हुआ था. अब कपल की शादी की तस्वीरें वायरल हो रही हैं और पसंद भी की जा रही है |

सारा खान ने 2010 में एक्टर अली मर्चेंट से बिग बॉस में शादी की थी. लेकिन 2011 में दो महीने बाद ही उनका तलाक हो गया. जबकि, इस शादी को अली मर्चेंट ने एक रियलिटी शो में पब्लिसिटी स्टंट बताया था. और कहा था कि सारा से शादी करना जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी. यूं तो एक्ट्रेस ने बतौर मॉडल ही करियर की शुरुआत की थी. पर शो बिदाई से डेब्यू किया और छा गईं. वो कई टीवी शो का हिस्सा रह चुकी हैं, जिसमें- ‘जुनून – ऐसी नफरत तो कैसा इश्क में’, ‘ससुराल सिमर का’, ‘प्यार तूने क्या किया’ भी शामिल है |

IndiGo को अपनी गलतियों की कीमत चुकानी होगी

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विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा है कि इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट जल्द ही हल होने वाला है और एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई केवल समय की बात है। एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में विमानन मंत्री ने कहा कि इंडिगो की एक हजार से अधिक उड़ानें रद्द होने के बावजूद अन्य एयरलाइनों को कोई समस्या नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम नवंबर में लागू होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि समस्या इंडिगो की ओर से थी।

नायडू ने बताया कि मेट्रो शहरों के हवाई अड्डों पर भीड़ कम हो गई है और दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित अधिकांश हवाई अड्डों पर पिछले दिनों फंसे यात्रियों की कतारें अब खत्म हो गई हैं। इंडिगो कल से सीमित क्षमता के साथ उड़ानें फिर से शुरू करेगा और धीरे-धीरे क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिया कि यात्रियों को कल से परेशानी नहीं होगी, जबकि एयरलाइन की पूरी क्षमता पर लौटने में कुछ और दिन लग सकते हैं। नायडू ने यह भी स्पष्ट किया कि विमानन मंत्रालय और डीजीसीए ने इस तरह की स्थिति की पूर्व चेतावनी नहीं देने में कोई लापरवाही नहीं की।

विमानन मंत्री ने कहा कि नए एफडीटीएल नियमों के लागू होने के बाद इंडिगो के चालक दल से जुड़ी गड़बड़ी के कारण उसकी उड़ानों में व्यवधान आया, जिससे देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर देरी और भीड़ जमा हो गई। न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रमुख हवाई अड्डों पर हुई घटनाओं के कारण विमानन मंत्रालय ने इंडिगो को एफडीटीएल नियमों में कुछ छूट दी ताकि परिचालन सामान्य हो सके। 

नायडू ने कहा, एक नवंबर से डीजीसीए ने नए एफडीएल नियम लागू किए। मंत्रालय ने एयरलाइनों के साथ कम से कम छह महीने तक निरंतर संवाद भी किया। पहले इस नियम के बारे में कोई समस्या नहीं थी। एअर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी अन्य एयरलाइन ने अपने संचालन को ढाल लिया। लेकिन जो हुआ वह इंडिगो की चालक दल (क्रू) के प्रबंधन की गड़बड़ी के कारण हुआ। हमने सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए इंडिगो को एफडीटीएल नियमों में कुछ छूट दी।

‘जांच के लिए समिति बनाई, सख्त कार्रवाई करेंगे’

उन्होंने बताया कि इस व्यवधान की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है, जो यह देखेगी कि कहां गलती हुई और जिम्मेदार कौन है। नायडू ने कहा, जिन्होंने यह स्थिति पैदा की, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। हम इस पर सख्त कार्रवाई करेंगे। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय की तत्काल प्राथमिकता परिचालन को सामान्य करना और यात्रियों को जरूरी मदद प्रदान करना है।

‘सामान्य स्थिति बहाल करना हमारी प्राथमिकता’

उन्होंने कहा, हमारी प्राथमिकता यह है कि सामान्य स्थिति लौटे और यात्रियों को पूरी मदद मिले। हर दिन लगभग पांच लाख लोग हवाई यात्रा करते हैं। हम एफडीटीएल नियमों और नेटवर्क शेड्यूलिंग पर नजर रख रहे हैं। हम पूरी तरह जांच करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सभी एयरलाइन सावधानी बरते। सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा।

नायडू ने कहा कि मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिए थे कि दो दिनों के भीतर सामान्य परिचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। लेकिन देरी लगातार हो रही थी, इसलिए एयरलाइन को हवाई अड्डे पर भीड़ कम करने के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने को कहा गया। उन्होंने कहा, शुरुआत में जब इंडिगो की उड़ानों में देरी हुई, हमने उन्हें दो दिनों में सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा। लेकिन कल भी देरी होती रही। इसलिए हमने इंडिगो को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करने को कहा ताकि हवाई अड्डे पर परेशानी और भीड़ कम हो सके।

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शाहरुख के सुझाव ने बदला करियर! IPL को अलविदा कहकर नई भूमिका में लौटे खिलाड़ी

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आईपीएल 2026 के ऑक्शन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. हाल ही में सभी टीमों ने अपनी रिटेंशन लिस्ट का भी ऐलान किया था, जिसमें कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिले थे. कोलकाता नाइट राइडर्स ने तो कई स्टार खिलाड़ियों को टीम से रिलीज करने का फैसला लिया, जिसमें विस्फोटक ऑलराउंडर आंद्रे रसेल का नाम भी शामिल रहा. आंद्रे रसेल ने इस खिलाड़ी के लिए 11 सालों तक खेला और आईपीएल के महान खिलाड़ी बने. अब वह इस टीम के लिए ‘पावर कोच’ की भूमिका निभाएंगे. लेकिन आंद्रे रसेल का टीम से क्यों रिलीज किया गया और उन्होंने संन्यास क्यों लिया, इस पर अब बड़ा खुलासा हुआ है |

आंद्रे रसेल को क्यों किया गया रिलीज?

आंद्रे रसेल का आईपीएल से संन्यास लेना कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए एक भावुक मोड़ साबित हुआ. यह फैसला ऑक्सन में बड़े पर्स के साथ उतरने के चलते लिया गया. KKR के सीईओ वेंकी मैसूर ने खुलासा किया कि रसेल को यह रिलीज इतना भारी लगा कि उन्हें कई रातें नींद नहीं आई. रसेल का केकेआर से रिश्ता 2014 से चला आ रहा है, जब वह दिल्ली डेयरडेविल्स से इस टीम आए थे. 2017 में डोपिंग बैन के बाद भी केकेआर ने उनका साथ नहीं छोड़ा. लेकिन उनकी उम्र और बड़ी सैलरी को देखते हुए केकेआर ने उनसे आगे बढ़ने का फैसला लिया, ताकी वह ऑक्शन में नए खिलाड़ी खरीद सके, जिसके लिए बड़े पर्स की जरूरत होगी. अगर, केकेआर उन्हें रिटेन करती तो उनके पर्स से 18 करोड़ रुपए कम हो जाते, जो ऑक्शन में एक बड़ा नुकसान हो सकता था |

शाहरुख खान के कहने पर बने कोच

कोलकाता नाइट राइडर्स ने जब अपना ये फैसला आंद्रे रसेल को बताया तो वह भी ऑक्शन में उतरने के लिए एक्साइटेड थे. लेकिन कुछ दिन बाद ही उन्होंने अपने मन बदल लिया. केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो को बताया, ‘कुछ दिन बाद उसे रसेल को बात समझ आई, उन्होंने मुझसे कहा कि मैं तो कई रातें इसी सोच में बिता चुका हूं कि ये सब कहां जा रहा है. मैं बैंगनी और सुनहरे रंग, नाइट राइडर्स और फ्रैंचाइजी, तुम्हारे और मालिकों के साथ बने रिश्तों का आदी हो चुका हूं.’ वेंकी मैसूर ने इसके बाद केकेआर के को ओनर शाहरुख खान को ये बात बताई और उन्होंने कि आंद्रे रसेल को कोचिंग का ऑफर देने को कहा |

वेंकी मैसूर ने कहा, ‘मैं देख सकता था कि रसेल इस बात से बहुत परेशान थे, और इसलिए जब मैंने यह बात शाहरुख खान से शेयर की, तो असल में रसेल को कोचिंग की भूमिका देने का सुझाव शाहरुख खान का ही था. क्योंकि, देखिए, एक खिलाड़ी अपने मन में कहीं न कहीं सोच रहा होता है कि मेरे संन्यास के बाद क्या होगा? लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह इसके बारे में इतना सोचना चाहते हैं क्योंकि पेशेवर एथलीट ऐसे ही होते हैं.’ यानी शाहरुख खान के इस ऑफर के बाद आंद्रे रसेल ने संन्यास का ऐलान किया और केकेआर के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो गया. हालांकि, वह अब भी दुनिया भर की बाकी लीग में खेलते रहेंगे |

भारत में पुतिन, राष्ट्रपति ने पाया वह जो पिछले चार सालों में नहीं मिला

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रूस और यूक्रेन के बीच जंग लगातार खिंचती ही जा रही है. सैन्य मोर्चे के साथ-साथ यह संघर्ष अब आर्थिक, कूटनीतिक और वैश्विक मान्यता की लड़ाई भी बन चुका है. अमेरिका और यूरोप ने युद्ध शुरू होने के बाद रूस को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से अलग-थलग करने की कई रणनीतिक कोशिशें कीं. कड़े आर्थिक प्रतिबंध, वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बहिष्कार और पुतिन की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को सीमित करने समेत कई तरह की कोशिशें की गई | 

ऐसे माहौल में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिन का भारत दौरा रूस के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत साबित हुआ. यह यात्रा सिर्फ एक द्विपक्षीय कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि रूस के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी का अवसर भी बन गई |

रूस की आर्थिक चुनौतियां, भारत की भूमिका

पश्चिमी देशों ने रूस को झटका देने के लिए उसे वैश्विक वित्तीय प्रणाली से लगभग काट दिया. विदेशी बैंकों के कार्ड रूस में बंद हो गए और रूसी बैंकों के कार्ड विदेश में काम नहीं करते. इससे रूस की अर्थव्यवस्था और कारोबार पर बड़ा असर पड़ा. रूस ने इस स्थिति का समाधान खोजने के लिए राष्ट्रीय मुद्रा में लेन-देन को बढ़ावा दिया |

यही कारण है कि पुतिन के साथ इस बार कई रूसी बैंकों के प्रमुख भी भारत आए. दोनों देशों ने वित्तीय लेन-देन को सुचारू करने, वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों पर काम करने और 2030 तक आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने पर खास जोर दिया. यह कदम रूस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत उसके लिए एक स्थिर, बड़ा और विश्वसनीय बाजार है |

पुतिन की अंतरराष्ट्रीय छवि को नई ऊर्जा

यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी जगत ने पुतिन को अंतरराष्ट्रीय मंचों से दूर रखने की कोशिश की. वे G20 जैसे बड़े शिखर सम्मेलनों में शामिल नहीं हो सके. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होने के बाद भी संयुक्त राष्ट्र महासभा को पिछले 3 साल में संबोधित करने नहीं जा सके. SCO सम्मेलन के लिए भले ही चीन गए, लेकिन उन्हें वह वैश्विक स्वीकार्यता नहीं मिली जिसकी रूस को जरूरत थी |

भारत में उनका दौरा बिल्कुल अलग संदेश देता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट जाना, निजी डिनर देना और फिर राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत, ये सब घटनाएं बताती हैं कि पुतिन अभी भी दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्था के विशेष साझेदार हैं |

भारत आकर पुतिन ने पश्चिम को यह स्पष्ट संकेत भेजा कि रूस को वैश्विक राजनीति से बाहर नहीं किया जा सकता. भारत ने भी बहुत सहजता से यह संदेश दिया कि रूस अंतरराष्ट्रीय संतुलन के लिए अब भी अनिवार्य है |

गांधी के समाधि स्थल जाना, औपचारिकता नहीं

राष्ट्रपति पुतिन का राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देना बहुत महत्वपूर्ण कदम था. पश्चिमी दुनिया गांधी को शांति और नैतिक नेतृत्व के सबसे बड़े प्रतीक के रूप में स्वीकार करती है | यूक्रेन युद्ध के बीच जब पुतिन दुनिया से शांति की अपील करते हैं, और यह अपील गांधी के स्मारक से आती है, तो इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग प्रभाव पड़ता है. यह संदेश जाता है कि रूस केवल युद्ध का चेहरा नहीं है, वह संवाद, स्थिरता और संतुलन की बात भी कर रहा है |

भारत-रूस आर्थिक विजन: भविष्य की साझेदारी

भारत और रूस ने 2030 तक के लिए एक व्यापक आर्थिक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, बैंकिंग, अंतरिक्ष, रक्षा और समुद्री गलियारों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है | यूरोप जहां Re-Arming Europe 2030 के माध्यम से रूस के खिलाफ सैन्य तैयारी कर रहा है, वहीं रूस ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाकर एक सामरिक- आर्थिक संतुलन खड़ा करने की कोशिश की है. यह कदम रूस को अगले दशक में पश्चिमी दबावों से निपटने की क्षमता बढ़ाएगा |

2 दिन में बड़ा संदेश: रूस अभी भी ग्लोबल पावर

सिर्फ दो दिनों में पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को तीन बड़े संकेत दे दिए. पहला, रूस अलग-थलग नहीं है. भारत जैसे बड़े देश में आकर उन्होंने यह तस्वीर बदल दी. दूसरा, दोनों के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत है और 2030 का ढांचा रूस के लिए सुरक्षा कवच जैसा है. इसके अलावा तीसरा, शांति का नैरेटिव- गांधी के संदेश के साथ रूस ने कूटनीतिक छवि सुधारने की कोशिश की है | 

यह दौरा रूस के राजनीतिक नेतृत्व के लिए मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक राहत लेकर आया है. इससे पुतिन न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ लौटेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में पश्चिम के दबावों का सामना करने में अधिक सक्षम भी दिखाई देंगे |