215 रन के अंतर से हार गई टीम, लेकिन 17 छक्के लगाने वाला स्टार चमका

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क्रिकेट | क्रिकेट के जिस फॉर्मेट यानी कि T20 क्रिकेट में 200 प्लस रन को विनिंग टोटल समझा जाता है. उसमें एक टीम 215 रन से मुकाबला हार गई. अब जरा सोचिए कि सामने वाली टीम ने उसे टारगेट कितने रनों का दिया होगा? और, ये नतीजा किसी लीग के मुकाबले का नहीं बल्कि T20 इंटरनेशनल मैच का है. हम बात कर रहे हैं स्पेन और क्रोएशिया के बीच खेले T20 इंटरनेशनल मैच की. 7 दिसंबर को दोनों टीमों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें स्पेन ने क्रोएशिया को 215 रन से हरा दिया. अब ये हुआ कैसा, आइए जानते हैं |

स्पेन ने खड़ा किया रनों का पहाड़

मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए स्पेन ने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया. उसने 20 ओवर में 3 विकेट पर 290 रन बनाए, जो कि T20 इंटरनेशनल में किसी टीम का बनाया 5वां सबसे बड़ा स्कोर है. स्पेन की टीम को इतने बड़े स्कोर तक पहुंचाने में उसके ओपनर मोहम्मद इहसान का बड़ा रोल रहा, जो अकेले ही क्रोएशिया के 11 खिलाड़ियों पर भारी पड़ गए |

17 छक्के उड़ाने वाला पड़ा पूरी टीम पर भारी

मोहम्मद इहसान ने क्रोएशिया के खिलाफ 253.96 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए ना सिर्फ 17 छक्के लगाए बल्कि 5 चौके भी मारे. इन 22 बाउंड्रीज के दम पर उन्होंने सिर्फ 63 गेंदों में ही 160 रन जड़ दिए. अब जब अकेला बल्लेबाज इतने रन मारेगा तो टीम के स्कोर बोर्ड में तो आग लगेगी ही. कुछ वैसा ही क्रोएशिया के खिलाफ स्पेन का स्कोर बोर्ड भी रहा |

अब जब क्रोएशिया की टीम लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो उसके लिए स्पेन के दिए लक्ष्य को छू पाना तो बहुत दूर की बात, 17 छक्के मारने वाले मोहम्मद इहसान के स्कोर से भी पार पाना मुश्किल हो गया. सीधे शब्दों में कहें तो क्रोएशियाई टीम ने 20 ओवर में जितने रन बनाए, वो मोहम्मद इहसान के बनाए 160 रन से भी 85 रन कम ही रहे |

T20I की 5वीं सबसे बड़ी हार

क्रोएशिया की टीम ने 291 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर सिर्फ 75 रन ही बनाए. नतीजा ये हुआ कि वो 215 रन से मुकाबला हार गए, जो कि रनों के लिहाज से क्रोएशिया को मिली सबसे बड़ी हार है. वहीं T20 इंटरनेशनल में किसी टीम को रनों के लिहाज से मिली ये 5वीं सबसे बड़ी हार है |

ग्रेटर हैदराबाद में बाबरी मस्जिद मेमोरियल निर्माण का ऐलान

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तहरीक मुस्लिम शब्बन के प्रेसिडेंट बोले- बाबर के नाम से परेशान नहीं होना चाहिए

हैदराबाद। तहरीक मुस्लिम शब्बन ने ग्रेटर हैदराबाद में बाबरी मस्जिद मेमोरियल और वेलफेयर इंस्टीट्यूशन बनाने के प्लान का ऐलान किया है। यह फैसला मस्जिद गिराए जाने की 33वीं बरसी पर बाद लिया गया। संस्था के प्रेसिडेंट मुश्ताक मलिक ने कहा हम जल्द ही ऐलान करेंगे कि यह कैसे और कितने समय में बनाया जाएगा।
मलिक ने कहा कि बाबर के नाम से किसी को परेशान नहीं होना चाहिए, उन्होंने दावा किया कि यह मुद्दा पॉलिटिकल प्रोपेगैंडा है। इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की नींव रखी है। कबीर ने दावा किया कि वह कुछ भी गैर-कानूनी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कोई भी मंदिर बना सकता है, कोई भी चर्च बना सकता है। मैं मस्जिद बनाऊंगा।
 तुलसी की रामचरित मानस में जिक्र नहीं
तहरीक मुस्लिम शब्बन के प्रेसिडेंट ने आरोप लगाया कि अगर हम तुलसीदास की रामायण देखें, तो वह बाबरी मस्जिद बनने के 60 साल बाद लिखी गई थी। उस रामायण में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि राम मंदिर तोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि बाबर के बाद हुमायूं का राज आया, और उसके बाद अकबर का। अकबर के महल में रस्में और प्रार्थनाएं होती थीं। जोधाबाई अकबर के महल में थीं। रस्में, प्रार्थनाएं और हवन होते थे। उस समय तुलसीदास भी जिंदा थे। अकबर के समय में, तुलसीदास अकबर से बात कर सकते थे। मान सिंह उस समय आर्मी चीफ थे। वह उनसे पूछ सकते थे। ऐसी बात तुलसी दास की रामायण में नहीं आती है। मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि यह देश को बांटने के लिए पॉलिटिकल प्रोपेगैंडा है। इससे हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और दलितों के बीच जो भाईचारा था, वह टूट गया है, और नफरत के बीज बोए गए हैं।

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धर्मेंद्र ने एक बार जड़ दिया था तमाचा, वजह जानकर चौंक जाएंगे!

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बॉलीवुड | बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने 24 नवंबर को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था. धर्मेंद्र अगर आज जीवित होते तो अपना 90वां जन्मदिन मना रहे होते. उनका जन्म पंजाब के नसराली में 8 दिसंबर 1935 को हुआ था. बॉलीवुड पर सालों तक राज करने वाले धर्मेंद्र की अब सिर्फ यादें रह गई हैं. उनसे जुड़े कई किस्से भी काफी मशहूर हैं. आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर हम आपको एक ऐसा ही किस्सा सुनाने जा रहे हैं |

धर्मेंद्र का फिल्मी करियर 65 सालों का रहा है. अभिनेता ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में दी थीं. अपनी फिल्मों और अदाकारी के साथ-साथ वो अपनी पर्सनल लाइफ और कई किस्सों के जरिए भी फैंस के बीच चर्चा मे रहे. एक बार धर्मेंद्र ने अपने भतीजे और अभिनेता अभय देओल को जोरदार थप्पड़ जड़ दिया था. अगर धर्मेंद्र ऐसा न करते तो शायद बड़ा हादसा भी हो सकता था. आइए विस्तार से इस किस्से के बारे में जानते हैं |

हो सकता था बड़ा हादसा

जो किस्सा हम आपको बता रहे हैं उसका खुलासा खुद अभय देओल ने मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो पर किया था. अभय ने बताया था कि वो अपने बड़े पापा धर्मेंद्र को पापाजी बुलाते थे. ये किस्सा उन दिनों का है जब अभय सिर्फ सात से आठ साल के थे. उस वक्त हर चीज से नादान अभय एक बड़े हादसे का शिकार हो सकते थे| 

जब धर्मेंद्र ने जड़ा अभय को थप्पड़

अभय देओल ने बताया था कि बचपन में एक बार जब ड्राइवर कार को बैक ले रहे थे उसी वक्त अभय गाड़ी की तरफ तेजी से दौड़ने लगे थे. ऐसे में धर्मेंद्र को अभय पर गुस्सा आ गया और उन्होंने अभय को एक थप्पड़ रसीद कर दिया. थप्पड़ इतना तेज था कि अभय के आंसू निकल आए| 

अभय ने कहा था, ”’वो थप्पड़ इतना तेज था कि मेरा गाल लाल हो गया था और मैं खूब जोर जोर से रोया था. लेकिन, पापाजी को मेरी​ चिंता थी और इसी कारण उनका हाथ उठ गया था. मुझे बाद में फील हुआ कि गलती मेरी थी. हालांकि बाद में पापाजी को भी मुझे मारने का अफसोस हुआ | 

बंगाल में बाबरी मस्जिद विवाद पर बोले शत्रुघ्न सिन्हा, ‘भाजपा के पास अच्छा मुद्दा है जिसे…’

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नई दिल्‍ली । त्रिणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) ने भाजपा (BJP) पर धर्म का इस्तेमाल कर वोटरों को उकसाने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के नेतृत्व और लोकप्रियता की जमकर प्रशंसा की। उनकी टिप्पणियां तब आईं जब शनिवार को बीजेपी ने सीएम बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर को मुसलमानों के ध्रुवीकरण करने की इजाजत दे रही हैं। हुमायूं ने आज सुबह मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए नींव रखी। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिन्हा ने कहा, ‘मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं जो सर्वधर्म समभाव में विश्वास करता हूं। आसनसोल भाईचारे का शहर है। यहां हर प्रदेश के लोग साथ रहते हैं।’

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘भाजपा के पास एक अच्छा मुद्दा है जिसे वे कभी भी उठा सकते हैं, जैसे धर्म की बात करना और लोगों को उकसाना। ममता बनर्जी एक बहुत लोकप्रिय और शक्तिशाली नेता हैं। भाजपा ने ममता बनर्जी को हराने के लिए कड़ी मेहनत की है।’ उत्तर 24 परगना में TMC विधायक निर्मल घोष ने इसी मुद्दे पर कहा कि मुख्यमंत्री सभी समुदायों के लिए समान दृष्टिकोण के साथ शासन करती हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री हर धर्म के लिए हैं। लोग ममता बनर्जी के साथ हैं। आप इसे 2026 में देख सकते हैं।

 

बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए रखी नींव
निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए नींव रखी। उन्होंने संवैधानिक अधिकार की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि वह कुछ गैरकानूनी नहीं कर रहे हैं। जैसे कोई मंदिर या चर्च बना सकता है, वैसे ही मैं भी मस्जिद बना सकता हूं। मुर्शिदाबाद में सभा को संबोधित करते हुए कबीर ने कहा, ‘मैं कुछ भी गैरसंवैधानिक नहीं कर रहा हूं। कोई भी मंदिर बना सकता है, कोई भी चर्च बना सकता है; मैं मस्जिद बनाऊंगा। कहा जा रहा है कि हम बाबरी मस्जिद नहीं बना सकते। यह कहीं भी लिखा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला दिया जो कहता है कि हिंदू लोगों ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया था। हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, यहां मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया। संविधान हमें मस्जिद बनाने की अनुमति देता है।’

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एक साथ चार खिलाड़ी बाहर—न्यूज़ीलैंड क्रिकेट बोर्ड के फैसले ने सबको हैरान किया

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क्रिकेट | वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के शुरू होने से पहले न्यूजीलैंड की टीम में हड़कंप मचा है. कीवी टीम में मचा हड़कंप 4 खिलाड़ियों के बाहर होने से है. अब सवाल है कि न्यूजीलैंड टीम में अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसके 4 खिलाड़ी एक साथ टीम से बाहर हो गए हैं. उनमें से 3 खिलाड़ी तो वो हैं जो क्राइस्टचर्च में खेले पहले टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी थे |

इस वजह से चारो खिलाड़ी बाहर

न्यूजीलैंड के चारों खिलाड़ियों के बाहर होने की वजह भी एक ही है. वो सभी इंजरी की चपेट में आकर टीम से बाहर हुए हैं. इंजरी के चलते दूसरे टेस्ट से बाहर होने वाले खिलाड़ियों में मैट हेनरी, नाथन स्मिथ, मिचेल सैंटनर और टॉम ब्लंडेल का नाम शामिल है. इन चारों खिलाड़ियों को इंजरी तो हैं मगर उनकी चोट के नेचर अलग-अलग हैं. मैट हेनरी को हैमस्ट्रिंग हैं. नाथन स्मिथ को साइड इंजरी है. सैंटनर को ग्रोइन इंजरी है. जबकि टॉम ब्लंडेल की हेनरी की तरह हैमस्ट्रिंग इंजरी की चपेट में हैं |

इन 2 खिलाड़ियों ने टीम को किया जॉइन

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने इंजर्ड टॉम ब्लंडेल की जगह टीम में मिचेल हे के नाम का ऐलान पहले ही कर दिया था. वहीं अब उसने तेज गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क के भी दूसरे टेस्ट से पहले टीम को जॉइन करने की जानकारी दी है. इन दोनों खिलाड़ियों के पास टेस्ट का अनुभव नहीं है. क्रिस्टियन क्लार्क ने तो अभी तक किसी भी फॉर्मेट में न्यूजीलैंड टीम का प्रतिनिधित्व नहीं किया है |

10 दिसंबर से दूसरा टेस्ट

हालांकि, जिस तरह से चोट के चलते अचानक न्यूजीलैंड टीम में खिलाड़ियों का शॉर्टेज हुआ है, उससे लगता है कि मिचेल हे और क्रिस्टियन क्लार्क दोनों का ही वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में डेब्यू होता दिख सकता है. न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टेस्ट मैच 10 दिसंबर से वेलिंगटन में खेला जाना है. इससे पहले दोनों टीमों के बीच क्राइस्टरचर्च में खेला पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था. मतलब, 3 टेस्ट की सीरीज को जीतने का मौका अभी दोनों टीमों के पास बरकरार है |

अब लेंगे कानूनी कार्रवाई का सहारा

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मुंबई। संगीतकार और निर्देशक पलाश मुछाल और क्रिकेटर स्मृति मंधाना की शादी को लेकर पिछले कई दिनों से अलग-अलग खबरें सामने आ रही थीं। 23 नवंबर को दोनों की शादी होनी थी, लेकिन फिलहाल स्मृति के पिता की तबीयत खराब होने की बात कहकर शादी टाली गई थी। उसके बाद इस मामले में तरह-तरह की खबरें सामने आई थीं। अब इस मामले में पलाश मुछाल ने खुद बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में आगे बढऩे का तय किया है और अपने रिश्ते से पीछे हट रहे हैं। पलाश ने बयान जारी कर ये साफ किया है कि उनकी और स्मृति मंधाना की शादी अब टूट चुकी है।

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वंदे मातरम पर आज संसद में चर्चा, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे शुरुआत

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नई दिल्ली। संसद (Parliament) का शीतकालीन सत्र (Winter session) जारी है। ऐसे में आज (08 दिसंबर) को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ (Vande Mataram)  पर संसद में विशेष चर्चा का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) लोकसभा में इस बहस की शुरुआत करेंगे। वहीं राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह बहस की शुरुआत करेंगे। बहस के लिए 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है।

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर आज लोकसभा में चर्चा होगी। 150 वर्ष पूर्व लिखे गए इस गीत के ऐतिहासिक महत्व पर निचले सदन में होने वाली चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। वहीं, उच्च सदन राज्यसभा में इस पर मंगलवार को चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।

जानकारी के मुताबिक, लोकसभा में वंदेमातरम पर चर्चा की शुरुआत पीएम मोदी दोपहर 12 बजे करेंगे। चर्चा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई समेत आठ सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। चर्चा का समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संबोधन के साथ होगा। सरकार ने गत 7 नवंबर को राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ मनाई गई थी। वहीं, कई राज्यों में चल रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी मंगलवार को चर्चा होनी है।

पीएम ने लगाया गीत के वंदे मातरम के टुकड़े करने का आरोप
पीएम मोदी ने हाल में कहा था कि 1937 में वंदे मातरम के टुकड़े किए गए थे। वंदे मातरम के इस विभाजन ने के बीज भी बो दिए थे। राष्ट्र-निर्माण के इस महामंत्र के साथ यह अन्याय क्यों हुआ? यह आज की पीढ़ी को जानना जरूरी है। आज भी वही विभाजनकारी सोच बड़ी चुनौती बनी हुई है।

इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष बोले-मुस्लिमों को शुरुआती दो लाइनों से परहेज नहीं
संसद में बहस से पहले ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मुस्लिमों को राष्ट्रगीत से नफरत नहीं है। उनकी आपत्ति विशुद्ध रूप से धार्मिक मान्यताओं (एकेश्वरवाद) व गीत के अगले हिस्सों में मूर्ति पूजा के भाव को लेकर है। रशीदी ने साफ कहा कि राष्ट्रगीत की शुरुआती दो लाइनों को गाने में किसी भी मुसलमान को कोई परहेज नहीं होना चाहिए। ये लाइनें वतन की खूबसूरती और उसकी समृद्धि की तारीफ है।

आजादी की प्रेरणा बना था यह गीत
बंकिम चंद्र चटर्जी रचित वंदे मातरम पहली बार 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित हुआ था।
1882 में यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा बना।

बाद में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया और आजादी की लड़ाई में यह स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा बना था।
24 जनवरी, 1950 को भारत सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था।

संसद में PM मोदी आज करेंगे ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा, जानिए इस गीत का महत्व और इतिहास

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Vande Mataram debate in Parliament आज लोकसभा में शुरू होने जा रही है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष चर्चा की शुरुआत करेंगे। इस बहस में वंदे मातरम के इतिहास, इसके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और इसके व्यापक सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही इस चर्चा के दौरान गीत से जुड़ी कई कम ज्ञात ऐतिहासिक बातें भी सामने आ सकती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में प्रकाशित इस गीत की प्रासंगिकता पर भी बात कर सकते हैं। विपक्ष भी पीएम मोदी की टिप्पणियों का इंतजार कर रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर 1937 में फैजाबाद सेशन के समय गीत की मूल पंक्तियों में बदलाव का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि उस फैसले ने विभाजन को बढ़ावा दिया। वहीं, कांग्रेस का दावा है कि यह निर्णय रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर लिया गया था, ताकि सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जा सके।

राज्यसभा में मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विषय पर चर्चा की शुरुआत कर सकते हैं। चर्चा के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एनडीए सांसदों को लोकसभा में इस 10 घंटे की बहस में से तीन घंटे का समय दिया गया है।

इधर, शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले ही विवाद तब बढ़ गया जब राज्यसभा सचिवालय ने सांसदों को ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ जैसे शब्दों के प्रयोग से बचने की सलाह दी। विपक्ष ने इस पर सरकार को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि एनडीए भारत की एकता और स्वतंत्रता का प्रतीक माने जाने वाले शब्दों से असहज है।

19 दिसंबर तक जारी रहने वाले इस सत्र में वंदे मातरम पर बहस के राजनीतिक रूप से गरम रहने की उम्मीद है।

सिद्धू को सीएम चेहरा बनाओ तो लौटेंगे राजनीति में

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चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से राजनीतिक रूप से निष्क्रिय चल रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की सक्रिय राजनीति में वापसी को लेकर उनकी पत्नी और कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस हाईकमान सिद्धू को पंजाब का मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करती है, तो वह दोबारा सक्रिय राजनीति में उतरेंगे। लोकभवन में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि हम पंजाब और पंजाबियत की बात करते हैंज्लेकिन हमारे पास 500 करोड़ रुपये नहीं हैं, जो किसी पार्टी को देकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा जाए। उन्होंने इशारों में आरोप लगाया कि पैसे के सहारे सीएम की दौड़ तय हो रही है। उन्होंने कहा कि जो 500 करोड़ का सूटकेस देता है, वही मुख्यमंत्री बनता है।

पंजाब को गोल्डन स्टेट बना सकते हैं सिद्धू
उन्होंने दावा किया कि यदि सिद्धू को शक्ति और जिम्मेदारी दी जाए, तो वह पंजाब को गोल्डन स्टेट में बदल देंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धू के पास पैसा नहीं है लेकिन नतीजे देने की क्षमता है। नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी का भी मुद्दा उठाया और कहा कि पहले से ही पांच नेता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं और वो सिद्धू को आगे नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि इतनी अंदरूनी लड़ाई है कि वो सिद्धू को प्रमोट नहीं होने देंगे। वो कांग्रेस को हार की तरफ ले जा रहे हैं। यदि हाईकमान इसे समझे तो बात अलग है।

क्रिकेट और कॉमेडी में व्यस्त हैं सिद्धू
कांग्रेस से उनकी निष्ठा पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सिद्धू, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। हालांकि, यह भी कहा कि यदि कोई दूसरी पार्टी उन्हें शक्ति दे तो उस पर वह टिप्पणी नहीं कर सकतीं। उन्होंने यह भी बताया कि राजनीति से दूर, सिद्धू अभी अच्छी कमाई कर रहे हैं और खुश हैं।  जानकारी के अनुसार, आईपीएल 2024 में उन्होंने फिर से क्रिकेट कमेंट्री में वापसी की थी और उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल नवजोत सिंह ऑफिशियल भी शुरू किया है। गौरतलब है कि सिद्धू ने पिछले कई महीनों में किसी पार्टी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया और 2024 लोकसभा चुनाव में भी प्रचार से दूर रहे। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और इससे पहले सिद्धू की संभावित भूमिका पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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इंडिगो ने 610 करोड़ रिफंड किए, यात्रियों को 3 हजार बैग भी लौटाए

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नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइंस (Indigo Airlines) में तकनीकी खराबी और स्टाफ की कमी के कारण पिछले कई दिनों लगातार कैंसिल हो रही फ्लाइट्स (Flights cancelled.) और देरी की समस्या के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा अपडेट दिया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि अब तक यात्रियों को कुल 610 करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड प्रोसेस कर दिए गए हैं. वहीं, केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने स्टेकहोल्डर्स के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है, जिसमें रिफंड को लेकर निर्देश दिए गए हैं. सूत्रों का कहना है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ एक और बैठक करेगा.

मंत्रालय के अनुसार, इंडिगो की उड़ानों में बाधा (Flight Disruptions) के चलते यात्रियों को हुई परेशानी के बीच इंडिगो ने अब तक यात्रियों को कुल ₹610 करोड़ की राशि रिफंड के रूप में वापस कर दी है. इसके साथ ही एयरलाइन ने शनिवार तक देशभर में 3,000 बैगेज भी डिलीवर किए गए हैं.

दरअसल, पिछले हफ्ते इंडिगो के बुकिंग और चेक-इन सिस्टम में अचानक आई गंभीर तकनीकी खराबी के कारण देशभर में सैकड़ों उड़ानें या तो रद्द हो गईं या घंटों देर से चलीं. हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे, कई लोगों का सामान भी गायब हो गया था. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा था और मंत्रालय ने इंडिगो से तुरंत कार्रवाई करने को कहा था.

संकट के बीच इंडिगो ने अपडेट जारी कर बताया कि सात दिसंबर को 138 में से 137 डेस्टिनेशन पर परिचालन शुरू हो गया है. आज 1,650 से ज्यादा उड़ानें संचालित की गई हैं, जबकि शनिवार को 1500 से ज्यादा फ्लाइट्स ने उड़ान भरी थी. इंडिगो ने कहा कि ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) 75% तक पहुंचने की उम्मीद है जो कि शनिवार को 30% था. साथ ही कंपनी का दावा है कि 10 दिसंबर तक पूरा नेटवर्क पूरी तरह स्थिर हो जाएगा. इससे पहले इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने रविवार को कहा कि एयरलाइन रविवार को लगभग 1,650 उड़ानें संचालित करेगी. एल्बर्स ने कर्मचारियों को भेजे एक वीडियो संदेश में कहा कि एयरलाइन का ऑन टाइम परफॉरमेंस (ओटीपी) रविवार को 75 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.

एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के कार्यालय ने बताया कि सभी एयरपोर्ट की रियल टाइम स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. राम मोहन नायडू के ऑफिस ने बताया कि एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए, कई स्टेक होल्डर्स (हितधारकों) के साथ बैठकें की गईं और पिछले चार दिनों से हवाई अड्डों की रियल टाइम स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

उन्होंने कहा कि सभी ऑपरेटरों, हवाई अड्डा निदेशकों, ग्राउंड-हैंडलिंग एजेंसियों और अन्य सभी हितधारकों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की गईं. ऑपरेटरों को फंसे हुए यात्रियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाएगा.

उन्होंने रिफंड के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इंडिगो को रद्दीकरण के बारे में यात्रियों को समय पर सूचित करने और रद्द या अत्यधिक विलंबित उड़ानों के लिए आज रात 8:00 बजे तक सभी रिफंड पूरा करने का निर्देश दिया गया है. विमानन नेटवर्क अब पूरी तरह से सामान्य स्थिति की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है और परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने तक सुधारात्मक उपाय जारी रहेंगे. प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंडिगो में अभी भी गंभीर संकट बना हुआ है. सात दिसबंर को 650 फ्लाइट्स कैंसिल की गई हैं. इससे पहले छह दिसंबर को 850 फ्लाइट और 5 दिसंबर को 1000 फ्लाइट्स रद्द की गई थीं.