‘हसीन पल गुजर जाते हैं…’ टीम इंडिया की जीत पर युजवेंद्र चहल का भावुक पोस्ट

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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को जीतकर टीम इंडिया वर्ल्ड चैंपियन बन चुकी है. इस जीत के साथ ही भारत इकलौती टीम बन गई है, जिसने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब तीन बार अपने नाम किया है. भारत के वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद जहां पूरे देश में जश्न का माहौल है, वहीं टीम इंडिया के स्टार लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल के एक पोस्ट ने फैंस को भावुक कर दिया है. हालांकि चहल इस बार वर्ल्ड कप की टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन उन्होंने मैदान पर पहुंचकर अपने साथियों के साथ इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया और सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाला संदेश शेयर किया है|

युजवेंद्र चहल ने किया भावुक पोस्ट

युजवेंद्र चहल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें जीत के जश्न के दौरान शिवम दुबे और कुलदीप यादव उनके साथ मस्ती करते नजर आ रहे हैं. चहल ने इस वीडियो के साथ एक बेहद खूबसूरत शायरी लिखी, ‘जिंदगी में कुछ हसीन पल यूं ही गुजर जाते हैं, रह जाती हैं यादें और यार साथ रह जाते हैं.’ उनका ये पोस्ट उन गहरी यादों और अटूट दोस्ती को दर्शाती है, जो उन्होंने भारतीय ड्रेसिंग रूम में पिछले कई वर्षों के दौरान कमाई है |बता दें कि चहल उस भारतीय टीम के सदस्य थे, जिसने साल 2024 में टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम की थी|

बीसीसीआई ने दिया खिलाड़ियों को करोड़ों का इनाम

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड तोड़ इनाम का ऐलान किया है. इस विशाल राशि के बाटने को लेकर आई ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय टीम के सभी 15 मुख्य खिलाड़ियों में से प्रत्येक को लगभग 6 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिलने की उम्मीद है, जबकि बचे 41 करोड़ रुपये मुख्य कोच, कोचिंग स्टाफ और अन्य सहयोगी सदस्यों (सपोर्ट स्टाफ) के बीच उनके द्वारा दिए गए योगदान और उनकी भूमिका के आधार पर बाटें जाएंगे. ये राशि साल 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में जीतने वाली टीम को मिले 125 करोड़ रुपये के इनाम से 6 करोड़ रुपये ज्यादा है|

राज्यसभा में Raghav Chadha का टेलीकॉम कंपनियों पर हमला, बोले- 12 महीने में 13 बार रिचार्ज क्यों?

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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर आम आदमी से जुड़ा मुद्दा उठाया है. उन्होंने आज बुधवार को राज्यसभा में मोबाइल फोन उपभोक्ताओं से जुड़ा मुद्दा उठाया है. सांसद ने कहा कि प्रीपेड रिचार्ज खत्म होने से इनकमिंग सर्विस का रुकना पूरी तरह गलत है. यह टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी है. उन्होंने इससे होने वाली परेशानियों को गिनाया और इसे बंद करने को कहा. जानिए राघव चड्ढा ने क्या रखी मांगें? AAP सांसद राघव चड्ढा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज मैंने सदन में प्रीपेड रिचार्ज कराकर अपना फोन चलाने वाले उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाया. जब रिचार्ज की वैद्यता समाप्त हो जाती है तब आउटगोइंग कॉल का बंद होना समझ आता है, लेकिन इनकमिंग कॉल भी उसके साथ बंद कर देना उचित नहीं है. ये टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी है, जिस पर रोक लगनी चाहिए. मैंने मांग रखी कि कम से कम 1 साल तक इनकमिंग कॉल चालू रहनी चाहिए, ताकि देश का आम आदमी राइट टू कम्युनिकेशन सरेंडर ना करें। ”

28 दिन नहीं, 30 या 31 दिन का हो रिचार्ज

सांसद ने कहा कि वर्तमान में टेलीकॉम कंपनियों का रिचार्ज सिस्टम आम लोगों के साथ छुपी हुई लूट जैसा है. टेलीकॉम कंपनियां 30 दिन की बजाय 28 दिन का रिचार्ज कराती हैं. जिसकी वजह से यूजर्स को एक साल में ही 12 की जगह 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है. उन्होंने कहा कि अगर टेलीकॉम कंपनियों का प्लान सच में मंथली है, तो उनको वैलिडिटी 30 या 31 दिन रखनी चाहिए, 28 दिन नहीं. इससे एक महीने एक्सट्रा रिचार्ज कराना पड़ता है। 

क्या-क्या होते हैं नुकसान?

राघव चड्ढा ने कहा कि रिचार्ज नहीं होने से कंपनियां इनकमिंग कॉल बंद कर देती हैं. जिसकी वजह से लोगों के सामने बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है. जिन लोगों के सिम में रिचार्ज नहीं होता. ऐसे लोगों को बैंकिंग, ओटीपी, सरकारी सेवाओं और अन्य कार्यों के जुड़े कामों में समस्या उत्पन्न होती है. उन्होंने कहा कि आज के दौरान में मोबाइल एक फैशन नहीं, बल्कि जरूरत बन गई है. इसलिए इस सुझाव पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। 

आईपीएल से पहले मालदीव पहुंचे रोहित शर्मा, शर्टलेस फोटो सोशल मीडिया पर वायरल

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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा इन दिनों मैदान से दूर छुट्टियों का आनंद ले रहे हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 खत्म होने के बाद रोहित मालदीव में वेकेशन पर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक शर्टलेस तस्वीर साझा की, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गई. रोहित की इस तस्वीर ने फैंस का खास ध्यान खींचा है, क्योंकि इसमें उनका फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन साफ नजर आ रहा है. लंबे समय तक अपनी फिटनेस को लेकर ट्रोल होने वाले रोहित अब काफी फिट दिखाई दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर लोग उनकी इस नई फिटनेस की जमकर तारीफ कर रहे हैं|

मालदीव में मना रहे छुट्टियां

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रोहित शर्मा ब्रांड एम्बेसडर की भूमिका में नजर आए थे. टूर्नामेंट खत्म होने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए क्रिकेट से ब्रेक लिया और छुट्टियां मनाने मालदीव पहुंच गए. मालदीव से शेयर की गई उनकी तस्वीर में वह समुद्र किनारे आराम करते नजर आ रहे हैं. इस तस्वीर को देखकर कई फैंस ने इसे “कमाल का फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन” बताया है|

11 किलो तक घटाया वजन

दरअसल, रोहित शर्मा ने पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है. उन्होंने फिटनेस ट्रेनर अभिषेक नायर के साथ मिलकर ट्रेनिंग की और अपनी डाइट पर भी खास ध्यान दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान रोहित ने करीब 11 किलो वजन कम किया. उन्होंने अपने पसंदीदा वड़ापाव समेत कई अनहेल्दी फूड्स को छोड़ दिया और फिटनेस पर फोकस किया|

अब सिर्फ वनडे क्रिकेट पर फोकस

रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं. उनका लक्ष्य अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए खुद को पूरी तरह फिट रखना है|

IPL 2026 में दिखेंगे मैदान पर

रोहित शर्मा अब जल्द ही आईपीएल में खेलते नजर आएंगे. माना जा रहा है कि IPL 2026 सीजन की शुरुआत 28 मार्च से हो सकती है और इसका शेड्यूल जल्द जारी होने की उम्मीद है. रोहित आईपीएल में मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हैं. हालांकि पिछले सीजन में उनका उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था. उन्होंने 15 मैचों में करीब 30 की औसत से 418 रन बनाए थे. इस दौरान उन्होंने 149 की स्ट्राइक रेट से चार अर्धशतक भी जड़े थे. ऐसे में फैंस को उम्मीद है कि शानदार फिटनेस के साथ रोहित शर्मा आईपीएल 2026 में भी दमदार प्रदर्शन करते नजर आएंगे|

पलाश मुछाल की फिल्म में इस टीवी एक्टर की एंट्री, स्मृति मंधाना से शादी टूटने को लेकर चर्चा में रहे निर्देशक

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पलाश मुछाल ने अपनी एक अनाम फिल्म की घोषणा कुछ दिनों पहले की है। इस फिल्म को वही निर्देशित करेंगे। इसकी कहानी एक आम आदमी की जिंदगी पर आधारित होगी। फिल्म में लीड रोल एक्टर श्रेयस तलपदे निभाएंगे। अब इस फिल्म में एक टीवी एक्टर भी शामिल हो गया है। इस बारे में सोशल मीडिया के जरिए पलाश मुछाल ने ही जानकारी साझा की है। टीवी एक्टर के साथ एक फोटो भी पोस्ट की है। 

फिल्म में अहम भूमिका निभाएगा ये टीवी एक्टर

पलाश मुछाल की फिल्म में टीवी एक्टर अभिनव शुक्ला एक अहम किरदार निभाएंगे। मंगलवार देर रात पलाश मुछाल ने अभिनव के साथ तस्वीर साझा की और फिल्म में उनका स्वागत किया। इस फिल्म में डेजी शाह भी नजर आएंगी। 

कई फिल्में निर्देशित कर चुके हैं पलाश

पलाश मुछाल डायरेक्शन में आने से पहले बतौर म्यूजिक कंपोजर बॉलीवुड में सक्रिय थे। फिर वह निर्देशक की भूमिका में आए। अब तक कई फिल्में बना चुके हैं। पलाश ने ‘अर्ध’ और ‘काम चालू है’ जैसी फिल्में बनाई हैं। इन दोनों फिल्मों में राजपाल यादव ने मुख्य भूमिका निभाई थी। 

शादी टूटने का मामला भी चर्चा में रहा

पिछले साल के आखिर में क्रिकेटर स्मृति मंधाना और कंपोजर पलाश मुछाल के शादी का मामला खूब सुर्खियों में रहा। इस साल की शुरुआत में स्मृति के दोस्त ने पलाश पर पैसों की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। पलाश ने भी मानहानि का मुकदमा ठोका है। इन सभी बातों के बीच वह अपनी अपकमिंग फिल्म से जुड़े अपडेट लगातार साझा कर रहे हैं।
 

फ्लाइट छूटी तो ट्रेन से मुंबई पहुंचे शिवम दुबे

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भारतीय टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। इस मुकाबले में भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ने आखिरी ओवर में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम का स्कोर 250 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। लंबे कद के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 20वें ओवर में तीन चौके और दो छक्के जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक ‘दुबे-दुबे’ के नारों से गूंज उठे, 

फ्लाइट नहीं मिली तो ट्रेन से निकल पड़े मुंबई

फाइनल के बाद अधिकतर खिलाड़ी और स्टाफ फ्लाइट से अपने-अपने शहरों के लिए रवाना हुए, लेकिन दुबे को मुंबई के लिए कोई फ्लाइट नहीं मिल पाई। ऐसे में उन्होंने ट्रेन से यात्रा करने का फैसला किया। दुबे ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘मुंबई के लिए कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मैंने सुबह जल्दी अहमदाबाद से ट्रेन पकड़ने का फैसला किया। हम सड़क से भी जा सकते थे, लेकिन ट्रेन ज्यादा तेज विकल्प था।’ दुबे अपनी पत्नी अंजुम और एक दोस्त के साथ अहमदाबाद-मुंबई सायाजी एक्सप्रेस की एसी 3-टियर बोगी में सवार हुए।

पहचान छिपाने के लिए अपनाया खास प्लान

दुबे जानते थे कि वर्ल्ड कप जीतने के तुरंत बाद अगर लोग उन्हें पहचान लेते तो स्टेशन या ट्रेन में भारी भीड़ जुट सकती थी। इसलिए उन्होंने पहचान छिपाने के लिए खास योजना बनाई। उन्होंने बताया, ‘मैं, मेरी पत्नी और एक दोस्त ट्रेन से जाने का फैसला किया। एसी 3-टियर की टिकट मिली, तो हमने वही बुक कर ली। परिवार और दोस्तों को चिंता थी कि कहीं स्टेशन या ट्रेन में किसी ने पहचान लिया तो क्या होगा।’ इस दौरान उन्होंने कैप, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहनकर खुद को छिपाने की कोशिश की।

ट्रेन की अपर बर्थ पर छिपे रहे वर्ल्ड कप हीरो

सुबह 5:10 बजे ट्रेन रवाना होने वाली थी। दुबे को उम्मीद थी कि प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ नहीं होगी, लेकिन वहां कई क्रिकेट फैंस मौजूद थे, जिनमें कुछ भारत की जर्सी पहने हुए भी थे। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने अपनी योजना थोड़ी बदल दी। दुबे ने कहा, ‘मैंने पत्नी से कहा कि मैं ट्रेन छूटने से पांच मिनट पहले तक कार में ही इंतजार करूंगा। फिर अचानक दौड़कर ट्रेन में चढ़ जाऊंगा।’ ट्रेन में चढ़ते ही दुबे सीधे अपनी सीट की अपर बर्थ पर पहुंच गए और रेलवे के भूरे कंबल में खुद को ढक लिया।

टिकट चेकर से भी बाल-बाल बचे

सफर के दौरान एक दिलचस्प पल तब आया जब टिकट चेकर टिकट जांचने पहुंचा। दुबे ने बताया, ‘टीसी ने पूछा, शिवम दुबे? वो कौन है, क्रिकेटर? मेरी पत्नी अंजुम ने तुरंत जवाब दिया- नहीं-नहीं, वो यहां कहां से आएगा। इसके बाद टीसी आगे बढ़ गया।ट इस घटना के बाद दुबे ने राहत की सांस ली और करीब आठ घंटे के सफर में ज्यादा समय सोकर ही बिताया।

उतरते समय पुलिस से लेनी पड़ी मदद

ट्रेन यात्रा के दौरान किसी ने उन्हें पहचान नहीं पाया, लेकिन मुंबई पहुंचते समय दुबे को थोड़ा डर था कि दिन के उजाले में स्टेशन पर भीड़ जुट सकती है। उन्होंने कहा, ‘रात में मैं बर्थ से नीचे उतरा और वॉशरूम तक गया, लेकिन किसी ने पहचाना नहीं। सफर अच्छा रहा, लेकिन बोरीवली स्टेशन पर उतरते समय मुझे थोड़ा डर लग रहा था।’ आखिरकार उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में सहायता की। दुबे ने हंसते हुए कहा, ‘पुलिस को लगा कि मैं एयरपोर्ट पर उतर रहा हूं, लेकिन जब मैंने बताया कि मैं ट्रेन से आ रहा हूं तो वे भी हैरान रह गए।’

टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन

टी20 विश्व कप में दुबे का प्रदर्शन शानदार रहा। कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर ने उन्हें टीम में खास भूमिका दी थी। दुबे ने पूरे टूर्नामेंट में 39 की औसत और 169 के स्ट्राइक रेट से 235 रन बनाए। निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 17 छक्के और 15 चौके लगाए। फाइनल में उनकी आठ गेंदों में 26 रन की पारी काफी अहम साबित हुई। दुबे ने कहा, ‘मुझसे कहा गया था कि जब मैं बल्लेबाजी करूं तो रन रेट कभी कम न होने दूं और गेंदबाजी करते समय विपक्षी टीम को ज्यादा रन न बनाने दूं।’

घर पहुंचते ही बच्चों से मिले वर्ल्ड कप हीरो

आखिरकार दोपहर तक दुबे मुंबई स्थित अपने घर पहुंच गए। वहां उनके चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी मेहविश उनका इंतजार कर रहे थे। विश्व कप जीतने के बाद ट्रेन की अपर बर्थ पर छिपकर घर लौटने वाला यह सफर उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। वर्ल्ड कप हीरो घर पहुंच चुका था, लेकिन रेलवे का वह भूरा कंबल ट्रेन में ही रह गया।

मां की पुण्यतिथि पर अभिनेता राजकुमार राव हुए भावुक, बोले– आपकी कमी हर रोज महसूस होती है

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बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव की मां कमलेश यादव की आज 10वीं पुण्यतिथि है। अभिनेता ने अपनी मां की याद में आज सोशल मीडिया पर एक बहुत भावुक पोस्ट शेयर किया। इसके साथ ही अभिनेता ने अपनी मां अपना सबसे अच्छा दोस्त भी बताया।

राजकुमार राव का पोस्ट

राजकुमार राव ने अपनी मां को याद करते हुए इंस्टाग्राम पर उनकी एक तस्वीर शेयर की है। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘आज 10 साल हो गए आप को गए हुए मां। पर आपकी कमी हर रोज खलती है। आपके दिए सिद्धांत मैं जिंदगी भर अपने साथ लेकर चलूंगा।’

बिना मेहनत किए सुबह उठते ही होता है बदन दर्द? जानें इसके छिपे हुए कारण

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Why Body Hurts Without Exercise: कई लोग सुबह उठते ही कंधों में दर्द, पीठ में जकड़न या पैरों में भारीपन महसूस करते हैं, जबकि उन्होंने कोई भारी काम या एक्सरसाइज भी नहीं की होती. न कोई चोट लगी होती है और न ही ज्यादा शारीरिक मेहनत की होती है, फिर भी शरीर थका-थका और दर्द से भरा महसूस होता है. आजकल इस तरह का रोजमर्रा का बॉडी पेन काफी आम होता जा रहा है|

क्यों होती है इस तरह की दिक्कत?

डॉक्टरों के मुताबिक यह दर्द हमेशा मांसपेशियों पर पड़े दबाव की वजह से नहीं होता. कई बार यह शरीर के अंदर चल रही कुछ प्रक्रियाओं का संकेत भी हो सकता है. आज की लाइफस्टाइल में लंबे समय तक बैठकर काम करना, नींद पूरी न होना, तनाव और असंतुलित खानपान जैसी आदतें धीरे-धीरे शरीर में हल्की सूजन यानी इंफ्लेमेशन पैदा कर सकती हैं. यही सूजन मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द या थकान का कारण बनती है|

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डॉ. अभिषेक पाटिल बताते हैं कि लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव भी शरीर पर गहरा असर डालता है. जब व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है तो शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन ज्यादा मात्रा में बनने लगते हैं. शुरुआत में ये हार्मोन शरीर को चुनौतियों से निपटने में मदद करते हैं, लेकिन जब तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो शरीर की नसें और मसल्स लगातार तनाव की स्थिति में रहती हैं. इसके कारण गर्दन, कंधों और पीठ में जकड़न या दर्द महसूस हो सकता है|

नींद की कमी बड़ा कारण

नींद की कमी भी शरीर में दर्द का एक बड़ा कारण बन सकती है. दरअसल, गहरी नींद के दौरान ही शरीर खुद की मरम्मत करता है, एनर्जी को फिर से संतुलित करता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है. अगर नींद पूरी न हो या बार-बार टूटती रहे तो यह प्रक्रिया अधूरी रह जाती है. इसी वजह से कई लोग बिना ज्यादा काम किए भी सुबह उठते ही थकान या दर्द महसूस करते हैं. खानपान का भी शरीर के दर्द से गहरा संबंध होता है. ज्यादा प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड शुगर और अनहेल्दी फैट्स वाले भोजन शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं. वहीं फल, सब्जियां, मेवे, बीज और ओमेगा-3 से भरपूर भोजन शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं और मांसपेशियों को स्वस्थ रखते हैं|

क्या इसको कम किया जा सकता है?

रोजमर्रा के ऐसे दर्द को अक्सर छोटी-छोटी लाइफस्टाइल आदतों से काफी हद तक कम किया जा सकता है. नियमित हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और तनाव को कम करने वाली गतिविधियां शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती हैं. अगर दर्द कई हफ्तों तक बना रहे या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें तो एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर होता है|

मैदान पर आक्रामक अंदाज पड़ा महंगा, अर्शदीप सिंह को भरना होगा जुर्माना

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भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कड़ा एक्शन लिया है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए फाइनल मैच में डेरिल मिचेल के साथ झड़प के बाद ICC ने अर्शदीप को आचार संहिता के लेवल-1 का दोषी माना, जिसके तहत उनपर मैच फीस का 15 फीसद जुर्माना लगाया गया है और साथ ही एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला है|यह घटना रविवार, 8 मार्च को खेले गए भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल मैच की है, जिसमें न्यूजीलैंड की टीम 256 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी. न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में अर्शदीप गेंदबाजी कर रहे थे, जिसपर मिचेल ने एक गेंद को हल्का सा पुश किया और गेंद वापस अर्शदीप के हाथों में चली गई. इसी बीच अर्शदीप ने आक्रामक अंदाज में डेरिल मिचेल के पैड पर जोर से गेंद मारी थी|अर्शदीप सिंह पर मैच फीस का 15 फीसद जुर्माना लगाया गया और साथ ही एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया. अर्शदीप को आईसीसी की आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का दोषी पाया गया. इस नियम के तहत किसी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में कोई खिलाड़ी अन्य प्लेयर की तरफ किसी उपकरण को खतरनाक तरीके से फेंकता है, तो उस पर कार्यवाई की जा सकती है. बता दें कि अर्शदीप को पिछले 24 महीनों में पहला डिमेरिट पॉइंट मिला है. बता दें कि 24 महीने के अंतराल में 4 या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट मिलने पर किसी खिलाड़ी को एक टेस्ट मैच या फिर 2 ODI/टी20 मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है|2026 टी20 वर्ल्ड कप में अर्शदीप सिंह के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उन्होंने 8 मैचों में 9 विकेट लिए थे. टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जिम्बाब्वे के खिलाफ आया, जहां उन्होंने 4 ओवरों में सिर्फ 24 रन देकर 3 विकेट लिए थे. मगर वो वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 मैच और फिर सेमीफाइनल में भी बहुत महंगे साबित हुए थे. अर्शदीप सिंह अब तक अंतर्राष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में 127 विकेट ले चुके हैं और इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज हैं|

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News Desk

बदरी-केदार समेत उत्तराखंड के 47 मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, बीकेटीसी का बड़ा फैसला

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देहरादून: उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026 की 19 अप्रैल से शुरुआत होने जा रही है. इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलेंगे. चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी 6 मार्च से शुरू हो गई है. शासन प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को पूरा कराया जा रहा है, ताकि चारधाम की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. चारधाम में मोबाइल बैन का निर्णय सरकार पहले ही ले चुकी है. वहीं बदरी-केदार मंदिर समिति ने धामों में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित किए जाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इसमें आगामी चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और बदरीनाथ धाम परिसर में गैर हिंदू प्रवेश नहीं कर पाएंगे. इसके साथ ही बीकेटीसी ने उनके अधीन आने वाले 45 अन्य मंदिरों में भी गैर हिंदुओं की एंट्री पर बैन लगा दिया है.

बदरी-केदार मंदिर समिति का बड़ा फैसला: 

दरअसल, उत्तराखंड में इसी साल जनवरी महीने में गंगा सभा ने हरकी पैड़ी पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग उठाई थी. इसके लिए, गंगा सभा ने हर की पैड़ी में जगह-जगह पर अहिंदु प्रवेश निषेध क्षेत्र के बोर्ड भी लगा दिए थे. इसके बाद यह मामला काफी अधिक चर्चाओं में रहा. हर साल करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार हर की पौड़ी स्नान के लिए पहुंचते हैं. गंगा सभा की ओर से गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित की मांग के बाद चारधाम में भी गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित की मांग उठने लगी. उस दौरान बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा था कि वो आगामी बोर्ड बैठक के दौरान बीकेटीसी के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित के प्रस्ताव को पारित करेंगे.

दरीनाथ-केदारनाथ समेत उत्तराखंड के 47 मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित: 

ऐसे में जहां एक ओर उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में बजट सत्र चल रहा है, तो वहीं दूसरी ओर मंगलवार यानी 10 मार्च को देहरादून स्थित बीकेटीसी के शिविर कार्यालय में बजट बैठक आहूत की गयी. बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बजट बैठक के दौरान आगामी वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए 121.7 करोड़ रुपए का बजट पारित किया गया. साथ ही सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी मुहर लगी, जिस पर देशभर की निगाहें टिकी हुई थी. दरअसल, बजट बैठक के दौरान बदरीनाथ और केदारनाथ धाम समेत बीकेटीसी के अंडर आने वाले उत्तराखंड के 47 मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश वर्जित का प्रस्ताव रखा गया. इस पर सहमति बनने के साथ ही इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया.

मुस्लिम नेता और संगठन पहले ही दे चुके हैं मिलीजुली प्रतिक्रिया: 

दरअसल, जब उत्तराखंड में धार्मिक स्थलों में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित की मांग उठ रही थी, तो उस दौरान विपक्षी दल कांग्रेस समेत तमाम संगठनों की ओर से इस पर सवाल खड़े किए गए थे. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली में प्रेस वार्ता कर कहा था कि हरिद्वार में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित के पोस्टर लगाना संविधान का मखौल उड़ाने जैसा है. यह छुआछूत है और समानता के अधिकार का सीधा-सीधा उल्लंघन है. अगर आप इस तरह की विचारधारा रखते हैं, तो इसका मतलब आप कानून को नहीं मानते हैं. इसके साथ ही जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने भी कहा था ऐसे प्रतिबंध समाज में विभाजन की भावना को बढ़ा सकते हैं. यह भारत की साझा संस्कृति और आपसी सम्मान की भावना के विपरीत है. इसके बाद ही राष्ट्रीय स्तर पर बयान बाजियों का दौर शुरू हो गया था.

डॉ इलियासी ने किया था समर्थन: ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के चीफ इमाम डॉ. इमाम उमर अहमद इलियासी मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का समर्थन कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि यह धर्म का मामला है और धर्म का अपना महत्व है. अगर मंदिर कमेटी यह तय करती है कि गैर-हिंदू धाम में नहीं जा सकते, तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. हर जगह के अपने नियम होते हैं. मुसलमानों को शायद गंगोत्री नहीं जाना चाहिए और अगर वे जाते हैं, तो इससे विवाद हो सकता है. दूसरे धर्मों की पवित्र जगहों पर जाने से बचना बेहतर है. मक्का और मदीना में गैर-मुसलमानों को इजाज़त नहीं है, लेकिन कोई इस पर आपत्ति नहीं करता. ऐसे मामलों में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए.

सीएम धामी ने फैसला मंदिर समितियों पर छोड़ा था: 

उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित किए जाने की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस बात पर जोर दिया था कि धार्मिक स्थलों का संचालन करने वाले लोगों से बातचीत कर निर्णय लिया जाएगा. उस दौरान सीएम ने कहा था कि प्रदेश के जितने भी धार्मिक स्थल, पौराणिक स्थल और देवस्थान हैं, इन स्थानों को देखने वाले और उनका संचालन करने वाले, सभी धार्मिक संगठनों के लोग, तीर्थ सभा के लोग, गंगा सभा के लोग, केदार सभा के लोग, बदरी- केदार मंदिर समिति के लोग और पूज्य संत समाज हैं, ये सभी लोग ही धार्मिक स्थलों का संचालन करते हैं. ऐसे में इन सभी की जो राय और मत होगा उसी के अनुसार सरकार आगे बढ़ेगी, क्योंकि ये स्थान बहुत पौराणिक महत्व के स्थान हैं.

अब अन्य पौराणिक मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग उठ सकती है: 

हालांकि, राज्य सरकार प्रदेश में मौजूद धार्मिक स्थलों में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित किए जाने संबंधित अभी कोई निर्णय नहीं ले पाई है, जबकि आगामी चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. इसी बीच बदरी केदार मंदिर समिति ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम समेत 47 मंदिरों में गैर सनातनियों का प्रवेश वर्जित करने का निर्णय ले लिया है. साथ ही अपने बजट बैठक में भी प्रस्ताव पारित कर दिया है. ऐसे में आगामी चारधाम यात्रा के दौरान बीकेटीसी के अधीन आने वाले बदरीनाथ और केदारनाथ समेत 47 मंदिरों में अब गैर हिंदू प्रवेश नहीं कर पाएंगे. बीकेटीसी के इस निर्णय के बाद संभावना जताई जा रही है कि प्रदेश में मौजूद अन्य पौराणिक एवं धार्मिक मंदिरों में भी गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित की मांग तेज हो सकती है.

बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा लंबे समय से मांग उठ रही थी: 

ज्यादा जानकारी देते हुए बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि-

जो हिंदुत्व एवं सनातन धर्म को मानने वाले हैं और जिनकी बाबा केदारनाथ और बदरी विशाल में आस्था है, वही हिंदू हैं और वही सनातनी हैं. ऐसे में सनातन धर्म को मानने वाले लोगों का हम स्वागत करते हैं. लेकिन जो सनातन धर्म को मानने वाले लोग नहीं हैं, उनको पूरी तरह से मंदिर क्षेत्र में आने से प्रतिबंधित किया गया है. बदरी केदार मंदिर समिति के अधीन मंदिर और मंदिर परिसर का संचालन है. ऐसे में केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम समेत 47 मंदिरों के गर्भगृह और मंदिर परिसर में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया गया है. प्रदेश में लंबे समय से इसकी मांग भी उठ रही थी.
-हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष, बीकेटीसी-

धामों की पवित्रता के लिए लिया फैसला- हेमंत द्विवेदी: 

साथ ही बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि उत्तराखंड के अंदर अवैध मजारों का निर्माण हुआ है, धर्म विशेष के लोगों ने धार्मिक आस्था के नाम पर लैंड जिहाद किया और यहां का माहौल खराब करने की कोशिश की है. उत्तराखंड में मौजूद धार्मिक स्थलों में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु देश दुनिया से आ रहे हैं. ऐसे में तीर्थ स्थलों की धार्मिक और पौराणिक आस्था एवं पवित्रता को किस तरह से कायम रखा जाए, इस पर जोर दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु सिर्फ तीर्थाटन के लिए ही वहां पहुंचें. इस वजह से इस तरह के निर्णय लेने पड़े हैं.

हेमंत द्विवेदी बोले संविधान के तहत लिया फैसला:

बदरीनाथ- केदारनाथ समेत 47 मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित के बाद प्रदेश में मौजूद अन्य धार्मिक स्थलों में भी गैर हिंदुओं के प्रवेश वर्जित किए जाने के सवाल पर हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सबकी अपने-अपने धर्म के प्रति आस्था है. सबको अपने धर्म को किस तरह से चलाना है, उसकी व्यवस्था संविधान में भी है. ऐसे में जितने भी धर्म हैं, उनकी अपनी परंपराएं हैं और उस तरह से उनकी व्यवस्थाओं को देखा जाता है. ऐसे में जितने भी सनातन धर्म और हिंदुओं के धार्मिक स्थल हैं वो भारत की आत्मा हैं. जहां पर देश दुनिया से लाखों तीर्थ यात्री आस्था और भाव के लिए हर साल पहुंचते हैं. ऐसे में उसकी पवित्रता, पौराणिकता और पहचान को बनाए रखने के लिए उसकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है.

कितने क्षेत्र में गैर सनातनियों का प्रवेश प्रतिबंधित: 

उत्तराखंड एक पहाड़ी प्रदेश है. यहां ज्यादातर मंदिर पहाड़ियों पर स्थित हैं. ऐसे में मंदिर तक पहुंचने के लिए डोली, कंडी और घोड़े खच्चर इस्तेमाल किए जाते हैं. इनका संचालन गैर हिंदुओं द्वारा भी किया जाता है. बदरी-केदार मंदिर समिति ने 47 मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर जो प्रतिबंध लगाया है, उसका इन लोगों के रोजगार पर असर नहीं पड़ेगा. दरअसल प्रवेश पर रोक मंदिर परिसर और मंदिर के गर्भगृह पर लागू होगी. बाकी डोली, कंडी और घोड़े खच्चर के संचालक मंदिर परिसर के बाहर तक जा सकते हैं.

ये हैं वो 47 मंदिर जहां गैर हिंदुओं का प्रवेश हुआ बैन: 

बीकेटीसी ने जिन 47 मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है, उनके नाम इस प्रकार हैं. बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के साथ ही त्रियुगीनारायण मंदिर, नरसिंह मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, ओंकारेश्वर मंदिर, कालीमठ मंदिर, ब्रह्मकपाल शिला एवं परिक्रमा- बदरीनाथ, तप्त कुंड, शंकराचार्य समाधि, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, कल्पेश्वर, योगध्यान बदरी, भविष्य बदरी, आदि बदरी, वृद्ध बदरी, माता मूर्ति मंदिर, वासुदेव मंदिर, गौरी कुंड मंदिर, आदिकेदारेश्वेर मंदिर, पांच शिला बदरीनाथ (नारद शिला, नृसिंह शिला, बाराही शिला, गरुड़ शिला और मार्कण्डेय शिला), पांच धाराएं (प्रह्लाद धारा, कूर्मा धारा, भृगु धारा, उर्वशी धारा और इंदिरा धारा), ऊखीमठ में उषा का मंदिर, कालिशिला और वसुधारा शामिल हैं.

गैर हिंदू या गैर सनातनी से आशय: 

बीकेटीसी और गंगोत्री यमुनोत्री मंदिर समितियां पहले ही साफ कर चुकी हैं कि गैर हिंदू मतलब जो सनातन धर्म को नहीं मानते उनका प्रवेश मंदिर में वर्जित किया गया है. हिंदू सनातन धर्म से निकले सिख, जैन और बौद्धों पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होते हैं. ऐसे में इन तीनों धर्मों के लोग मंदिरों में जा सकेंगे.

बीकेटीसी क्या है? 

बीकेटीसी (BKTC) बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति है. इसके अधीन इन दोनों बड़े मंदिरों समेत 47 अन्य मंदिर आते हैं. बीकेटीसी इन मंदिरों की व्यवस्था देखती है. इसमें मंदिरों का प्रबंधन, सुरक्षा और रखरखाव शामिल हैं. बीकेटीसी 1939 के अधिनियम के तहत काम करती है. बदरी-केदार मंदिर समिति बदरीनाथ और केदारनाथ समेत अन्य मंदिरों के कपाट खुलने और बंद होने की व्यवस्था करती है. इसके साथ ही इन मंदिरों के विकास और तीर्थयात्रियों की सुख सुविधा के लिए बजट पास करना भी इनका जिम्मा है. मंगलवार को हुई बीकेटीसी की बजट बैठक में चारधाम यात्रा 2026 के लिए ₹121 करोड़ का बजट पास किया गया है. बीजेपी नेता हेमंत द्विवेदी अभी बीकेटीसी के अध्यक्ष हैं.

‘द केरल स्टोरी 2’ की मंगलवार को बढ़ी कमाई, ‘अस्सी’ और ‘ओ रोमियो’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल

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फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ को रिलीज हुए 12 दिन हो चुके हैं लेकिन यह फिल्म अब तक 50 करोड़ रुपये की कुल कमाई भी नहीं कर सकी है। वहीं फिल्म ‘अस्सी’ और ‘ओ रोमियो’ की कमाई भी अब घटने लगी है। जानिए, मंगलवार को इन फिल्मों ने कितनी कमाई की है। 

‘द केरल स्टोरी 2’ ने मंगलवार को कितना कमाया? 

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ ने मंगलवार को 2.12 करोड़ रुपये कमाए हैं। जबकि सोमवार को इस फिल्म ने 1.95 करोड़ रुपये कमाए थे। फिल्म का कुल कलेक्शन भी अब तक 36.97 करोड़ रुपये है। मंगलवार को इस फिल्म के कलेक्शन में इजाफा हुआ है लेकिन अब तक यह 50 करोड़ रुपये का कुल कलेक्शन भी पार नहीं कर सकी। 

‘अस्सी’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘अस्सी’ का कलेक्शन रिलीज के 19वें दिन सिर्फ 12 लाख रुपये हुआ। अठारहवें दिन भी इस फिल्म ने 12 लाख रुपये ही कमाए थे। ‘अस्सी’ का कुल कलेक्शन भी अब तक 10.59 करोड़ रुपये हो चुका है। इस फिल्म का कलेक्शन लाखों में सिमट गया है। 

‘ओ रोमियो’ की कमाई में मामूली इजाफा 

फिल्म ‘ओ रोमियो’ को रिलीज हुए 26 दिन हो चुके हैं। शाहिद कपूर की इस फिल्म ने मंगलवार को 41 लाख रुपये कमाए हैं। जबकि सोमवार को इसका कलेक्शन 35 लाख रुपये था। फिल्म अब तक 100 करोड़ क्लब का हिस्सा भी नहीं बन सकी है। इसका कुल कलेक्शन अब तक 70.76 करोड़ रुपये हुआ है।

आने वाले शुक्रवार इन फिल्मों की बढ़ेगी मुश्किल 

आने वाले शुक्रवार को ‘धुरंधर 2’ रिलीज हो रही है। ऐसे में मौजूदा फिल्मों को कलेक्शन प्रभावित हो सकता है। पहले ही जिन फिल्मों का कलेक्शन लाखों में सिमट कर रह गया है, उनका खेल भी खत्म हाे सकता है।