वो घबराए हुए थे, हाथ कांप रहे थे… 

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नई दिल्ली! चुनाव सुधारों पर लोकसभा में हुई चर्चा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के अगले दिन विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शाह पर निशाना साधा और यहां तक कह दिया कि वे काफी घबराए हुए थे। राहुल गांधी ने कहा, कि अमित शाह ने उनके किसी भी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया।   
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, कि अमित शाह जी कल बहुत घबराए हुए थे। उन्होंने गलत भाषा का उपयोग किया। उनके हाथ कांप रहे थे… वे बहुत मानसिक दबाव में हैं। यह सबने देखा। मैंने उनसे जो भी पूछा, उन्होंने उसका सीधा जवाब नहीं दिया। न कोई सबूत दिया। राहुल गांधी ने यहां बताया, कि उन्होंने गृह मंत्री को चुनौती दी कि संसद में उनकी सभी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चा की जाए, लेकिन शाह ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। 

कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया का समर्थन
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने भी राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि गृहमंत्री ने हरियाणा में चुनावी घटनाओं से जुड़े असल सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता की उम्मीद थी, लेकिन कांग्रेस पर आरोप लगाकर बात को भटका दिया गया। 

भाजपा ने किया पलटवार 
भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए जवाबी हमला बोला।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, राहुल गांधी ‘हिट एंड रन’ का फॉर्मूला अपनाते हैं। जब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बोलते हैं, तो वे बाहर चले जाते हैं। उनमें सच सुनने की हिम्मत नहीं है। 

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परेशान यात्रियों को 5,000 से 10,000 रुपये का मुआवजा…..10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर

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नई दिल्ली। बीते कई दिनों से इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से यात्रियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। दिसंबर के पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा यात्रियों को परेशानी हुईं, क्योंकि इस दौरान सैकड़ों इंडिगो की फ्लाइट्स रद्द हुई। जिससे यात्रियों को आर्थिक तौर पर भारी नुकसान उठना पड़ा है। 
इसके बाद एयरलाइन के खिलाफ डीजीसीए ने सख्त कदम उठाया है। अब इंडिगो ने 3, 4 और 5 दिसंबर को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने की वजह से यात्रियों को राहत देने का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा है कि प्रभावित यात्रियों को सरकार के नियमों के अनुसार 5,000 से 10,000 रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। 
इसके साथ ही एयरलाइन ने सबसे ज्यादा प्रभावित यात्रियों के लिए 10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर जारी करने की घोषणा की है। यह फैसला उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जिनकी यात्रा योजनाएं अचानक बदल गईं और जिन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस ट्रैवल वाउचर की खास बात यह है कि इस वाउचर को अगले 12 महीनों तक कभी भी इस्तेमाल कर सकते है। यात्री भारत में इंडिगो की किसी भी घरेलू उड़ान या फिर अंतरराष्ट्रीय रूट के लिए इन वाउचर का उपयोग कर सकते हैं। इंडिगो ने बताया कि 10 हजार रुपये का ट्रैवल वाउचर उन यात्रियों दी जाएगी, जिनकी यात्राएं एक से ज्यादा बार बदलनी पड़ीं, यानी जिनकी उड़ानें बार-बार रीशेड्यूल हुईं, या जिन्हें एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने रजिस्टर्ड ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज को चेक करें, ताकि उन्हें मुआवजा और वाउचर क्लेम करने की प्रक्रिया में आसानी हो। 
कंपनी के अनुसार, मुआवजा राशि डीजीसीए द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के तहत मिलेगी। जिन यात्रियों की उड़ानें एयरलाइन की वजह से रद्द हुईं, वे नियमों के मुताबिक इस मुआवजे के हकदार हैं। इंडिगो ने स्पष्ट किया कि मुआवजा राशि फ्लाइट की दूरी, टिकट श्रेणी और यात्री को हुई असुविधा के आधार पर होगी।

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गुजरात कांग्रेस का चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप

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* एसआईआर में 74 लाख मतदाता संदिग्ध, लोकतंत्र बचाने ‘वोट चोर, गादी छोड़’ महाअभियान को देशव्यापी समर्थन
* लोकतंत्र बचाने उठी कांग्रेस की निर्णायक हुंकार, 14 दिसंबर को दिल्ली में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ महारैली

अहमदाबाद | गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने राजीव गांधी भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश के संविधान ने प्रत्येक नागरिक को ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ का अधिकार दिया है। यह केवल मतदान का अधिकार नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा की जिम्मेदारी भी है। कई वर्षों से चुनाव आयोग की निष्पक्षता, तटस्थता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। अनेक प्रमाण सामने आने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राहुल गांधी ने देशभर में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी शंकाओं को प्रमाणों के साथ उजागर किया और वोट चोरी के नेक्सस का भंडाफोड़ किया, जो लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण है। 7 अगस्त 2025 की अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कर्नाटक में हुई वोट चोरी के तथ्य पेश किए, लेकिन चुनाव आयोग मौन रहा। दूसरी ओर सरकार और भाजपा नेता गलत आरोपों से लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते रहे।
5 नवंबर 2025 की दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा की मतदाता सूची में एक विदेशी अभिनेत्री की तस्वीर के साथ 22 बार नाम दर्ज होने तथा हजारों फर्जी मतदाताओं का खुलासा हुआ-यह पूरे देश में ‘हाइड्रोजन बम’ जैसा साबित हुआ, फिर भी चुनाव आयोग ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
गुजरात में भी वोट चोरी को लेकर प्रदेश कांग्रेस समिति ने गंभीर कार्य किया। नवसारी लोकसभा (जहाँ से चुने गए सी.आर. पाटिल आज केंद्र में मंत्री हैं) की चोर्यास़ी विधानसभा क्षेत्र में 40% मतदाताओं की जांच में 12% मतदाता फर्जी या संदिग्ध पाए गए। इसी औसत से पूरे राज्य में 60 लाख से अधिक फर्जी मतदाता होने की 30 अगस्त 2025 की हमारी रिपोर्ट को भाजपा और चुनाव आयोग लगातार नकारते रहे।
लेकिन अब स्वयं चुनाव आयोग ने स्वीकार किया है कि एसआईआर प्रक्रिया में कुल 5,08,43,436 मतदाताओं में से 14.61% यानी 74 लाख से अधिक मतदाता मृत, अनुपस्थित, डुप्लिकेट या स्थानांतरित हैं। इससे हमारे आरोप सिद्ध होते हैं कि 2002 से अब तक गुजरात में भाजपा की हर जीत में लगभग 14% वोट चोरी शामिल रही है।
एसआईआर प्रक्रिया में तैयारी के अभाव, बीएलओ पर राजनीतिक दबाव और मानसिक तनाव के कारण राज्य में 9 बीएलओ की दुखद मौतें हुईं। इसके बावजूद चुनाव आयोग अपनी गलतियों को छिपाने में जुटा है। वहीं विदेश में रहने वाले या नागरिकता बदल चुके कई लोगों के नाम मतदाता सूची में यथावत हैं-जिनके फॉर्म किसी और द्वारा जमा कराए जाने के भी प्रमाण मौजूद हैं। डुप्लिकेट वोटरों की सूची अभी भी सार्वजनिक नहीं की गई है।
देश की संसद में भी चुनाव आयोग की पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा पर गंभीर चर्चा हुई, परंतु सरकार कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। जनता पूछ रही है कि आखिर मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयुक्त चयन समिति से क्यों हटाया गया? चुनाव आयोग को अत्यधिक कानूनी सुरक्षा क्यों दी गई? सीसीटीवी फुटेज 45 दिनों में क्यों डिलीट किए जाते हैं? ये आज के सबसे बड़े राजनीतिक और लोकतांत्रिक प्रश्न हैं।
वोट चोरी के इस नेक्सस के खिलाफ पूरे देश में एक ही नारा गूंज रहा है-“वोट चोर, गद्दी छोड़।” इस लोकआंदोलन को और मजबूत करने के लिए कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए “वोट चोर, गद्दी छोड़” हस्ताक्षर अभियान को देशभर में व्यापक समर्थन मिला है। केवल गुजरात से ही 10 लाख से अधिक लोगों ने लोकतंत्र बचाने की मांग में इस अभियान को समर्थन दिया है। देशभर से करोड़ों हस्ताक्षर एकत्र हुए हैं, जिन्हें 14 दिसंबर को दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक “वोट चोर, गद्दी छोड़” महारैली में चुनाव आयोग को सौंपा जाएगा।
दिल्ली के रामलीला मैदान में 14 दिसंबर, रविवार को दोपहर 1 बजे होने वाली इस महारैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, देशभर में वोट चोरी का भंडाफोड़ करने वाले राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल तथा सभी वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति सभी से अपील करती है कि लोकतंत्र बचाने, वोट के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने और वोट चोरी के इस गठजोड़ के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए 14 दिसंबर को बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचे और इस संकल्प को समर्थन दें कि वोट चोरों को उजागर कर लोकतंत्र की रक्षा की जाएगी।

कप्तान का कबूलनामा! गिल को लेकर उठाया बड़ा कदम

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क्रिकेट | टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे-जैसे करीब आ रहा है, टीम इंडिया की फॉर्म सवालों के घेरे में आ रही है | भारतीय टीम ने भले ही एशिया कप 2025 का खिताब जीता, भले ही ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टी20 सीरीज भी जीती लेकिन दोनों ही मौकों पर पूरी टीम एक साथ लय में नजर नहीं आई और इसमें चैंपियन वाली बात नहीं दिखी है | यही स्थिति साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भी जारी है, जहां पहला मैच जीतने के बाद दूसरे में टीम को हार मिली और एक बार फिर निशाने पर वही खिलाड़ी आए, जो लगातार सवालों के घेरे में हैं | इसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव भी हैं, जिन्होंने अपनी गलती स्वीकार की |

कप्तान सूर्या ने मानी अपनी और गिल की गलती

चंडीगढ़ के नए स्टेडियम में गुरुवार 11 दिसंबर को खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले तो साउथ अफ्रीका को 213 रन जैसा बड़ा स्कोर बनाने दिया | फिर इसके जवाब में तिलक वर्मा को छोड़कर पूरी टीम बल्ले से बुरी तरह नाकाम रही. नतीजा ये हुआ कि साउथ अफ्रीका ने 51 रन से मैच जीत लिया | इस हार में सबसे ज्यादा सवाल कप्तान सूर्यकुमार और उप-कप्तान शुभमन गिल के फेलियर पर उठ रहे हैं. गिल जहां पहली ही गेंद पर आउट हो गए तो वहीं सूर्या ने 5 ही रन बनाए |

हार के बाद कप्तान सूर्या ने भी अपनी गलती मानी और स्वीकार किया कि उन्हें और शुभमन गिल को रन बनाने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी | हार के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में सूर्या ने कहा, “बल्लेबाजी में मुझे और गिल को अच्छी शुरुआत देनी चाहिए थी | हमेशा अभिषेक पर निर्भर नहीं रह सकते. मुझे लंबी पारी खेलनी चाहिए थी. हम इससे सीखेंगे और अगले मैच में बेहतर करेंगे |

पूरे साल फेल भारतीय कप्तान और उप-कप्तान

हालांकि इस साल ये कोई पहला मौका नहीं है, जब भारतीय टीम के ये दोनों स्टार बल्लेबाज बुरी तरह फेल हुए हैं बल्कि ये तो एक सिलसिला ही चला आ रहा है | सीरीज के पहले मैच में गिल जहां 4 रन बनाकर पहले ओवर में ही आउट हो गए थे तो वहीं सूर्या ने भी सिर्फ 12 रन ही बनाए थे | इस साल टीम इंडिया के कप्तान और उप-कप्तान एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके हैं | टी20 में पूर्व नंबर-1 रैंक बल्लेबाज कप्तान सूर्यकुमार यादव के नाम 2025 में 17 पारियों में सिर्फ 201 रन है, जिसमें औसत 14.35 और स्ट्राइक रेट सिर्फ 126 का रहा है |

वहीं उप-कप्तान गिल की स्थिति भी खराब है. गिल के नाम इस साल 14 पारियों में 234 की मामूली औसत से सिर्फ 263 रन ही हैं. गिल की जगह पर तो इसलिए भी सवाल उठ रहा है क्योंकि उनके लिए संजू सैमसन को प्लेइंग-11 से बाहर बैठना पड़ रहा है, जबकि यशस्वी जायसवाल का तो टी 20 टीम में सेलेक्शन भी नहीं हो रहा | ऐसे में जाहिर तौर पर इन दोनों पर ज्यादा नजरें हैं और अपनी गलती मानने के बाद उम्मीद यही होगी कि अगले मैच में दोनों ही बल्लेबाज कुछ कमाल कर सकें |

डीजीसीए ने निगरानी से जुड़े नियम तत्काल प्रभाव से बदले

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नई दिल्ली। देश के विमानन सेक्टर में पहली बार तकनीकी खामियों की निगरानी का पूरा ढांचा तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। उड़ानों में लगातार देरी, कैंसिलेशन और हालिया सुरक्षा घटनाओं ने डीजीसीए को डिफेक्ट रिपोर्टिंग सिस्टम को जड़ से सख्त करने के लिए मजबूर किया है।
12 पेज के नए आदेश के मुताबिक अब किसी भी निर्धारित उड़ान में तकनीकी कारण से 15 मिनट या उससे ज्यादा की देरी होती है तो उसकी जांच अनिवार्य होगी। कंपनी को बताना होगा कि देरी क्यों हुई? उसे कैसे ठीक किया गया? दोबारा न होने के लिए क्या उपाय किए?  ये ऐसे प्रावधान हैं, जो पहले लागू नहीं थे।
कंपनी को किसी भी ‘मेजर डिफेक्ट’ की तुरंत सूचना डीजीसीए को फोन पर देनी होगी। 72 घंटे में विस्तार से रिपोर्ट भेजनी होगी। डिफेक्ट तीन बार दोहराए जाने पर उसे ‘रिपीटेटिव डिफेक्ट’ माना जाएगा और उस पर अलग से विशेष जांच शुरू होगी। डीजीसीए ने यह सख्ती इसलिए की क्योंकि अब तक डिफेक्ट रिपोर्टिंग व्यवस्था कमजोर थी। अभी तक 15 मिनट की देरी की जांच जैसी व्यवस्था नहीं थी और रिपीट डिफेक्ट की परिभाषा भी नहीं थी।

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 रैली को संबोधित करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने बोला हमला,महिलाओं से कहा- एसआईआर में नाम कटे तो आपके खाना बनाने के बर्तन हैं, उनसे लड़ो

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खतरनाक करार दिया है। ममता ने गुरुवार को कृष्णानगर की रैली में कहा कि शाह की आंखों में दहशत है। उनकी एक आंख में आपको दुर्योधन तो दूसरी आंख में दुशासन दिखाई देगा। ममता ने स्पेशल इंटेसिव रिवीजन को लेकर महिलाओं से कहा कि वे (केंद्र सरकार) एसआईआर के नाम पर मांओं-बहनों के अधिकार छीन लेंगे। वे चुनाव के दौरान दिल्ली से पुलिस बुलाएंगे।
ममता के मुताबिक माताओ-बहनों, अगर आपके नाम काटे गए तो आपके पास किचन के बर्तन हैं, इनसे लडि़ए। अपने नाम को लिस्ट कटने मत देना। महिलाएं आगे आकर लड़ेगी, पुरुष इनके पीछे रहेंगे। ममता ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एसआईआर को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है। अमित शाह वोटों के इतने भूखे हैं कि चुनाव से दो महीने पहले ही यह प्रक्रिया चला रहे हैं।

एसआईआर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए हो रहा
ममता ने रैली में ये भी कहा कि अक्टूबर से 12 राज्यों में एसआईआर चल रहा है। इस प्रक्रिया का मकसद गलत मतदाता का नाम हटाना और नए मतदाता जोडऩा है। यह बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए हो रहा है। ममता ने केंद्र पर बंगालियों को बांग्लादेशी बताकर डिटेंशन कैंप भेजने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली से बीजेपी समर्थक अफसर भेजे जा रहे हैं, जो जिलाधिकारियों की निगरानी कर रहे हैं। अगर किसी को बाहर निकाला गया, तो हम वापस लाएंगे। बंगाल का मामला अलग है।

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लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड में हिरासत में लिए गए

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नई दिल्ली। गोवा के बिर्च नाइट क्लब में अग्निकांड के पांचवें दिन, गुरुवार को क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को थाईलैंड में हिरासत में लिया गया है। थाइलैंड पुलिस ने दोनों भाइयों की तस्वीरें भी जारी की हैं, जिनमें उनके हाथों में हथकड़ी लगी है। वे अपने पासपोर्ट पकड़े हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों की एक टीम थाईलैंड के लिए रवाना हो चुकी है और 24 घंटे के भीतर लूथरा ब्रदर्स को वापस लेकर आएगी। संभावना है कि भारत लाने के बाद गोवा पुलिस दोनों को अपनी हिरासत में लेगी। बिर्च नाइट क्लब में 6 दिसंबर को आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद दोनों भाई भारत छोडक़र थाईलैंड फरार हो गए थे। दोनों पर गैर इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।

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शाह को वोट चोरी की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए, डीके का केंद्र सरकार पर हमला 

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नई दिल्ली। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाहरलाल नेहरू के समय में वोट चोरी के दावे का खंडन कर कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह को इस विषय की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उस समय मतपत्र होते थे, इसलिए वोटों की चोरी या हेराफेरी जैसी कोई घटना संभव ही नहीं थी। डीके ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह को वोट चोरी की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए। तब मतपत्र होते थे, और अब नहीं हैं। इसके पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शाह पर अपना हमला जारी रखा। राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री ने उनके किसी भी प्रश्न का सीधा उत्तर नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि कल शाह बहुत घबराए हुए थे। उन्होंने गलत भाषा का प्रयोग किया, उनके हाथ कांप रहे थे…वे अत्यधिक मानसिक दबाव में हैं। मैंने उनसे जो पूछा, उन्होंने उसका सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया। मैंने उन्हें सीधे चुनौती दी है कि वे मैदान में आएं और संसद में मेरी सभी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चा करें। मुझे कोई जवाब नहीं मिला।
लोकसभा में तनाव तब बढ़ गया जब शाह और राहुल गांधी के बीच “वोट चोरी” के आरोपों पर तीखी बहस हुई। गांधी ने शाह को बार-बार प्रेसवार्ता में उठाए गए मुद्दों पर बहस करने की चुनौती दी, जिसमें मतदाता सूची में अनियमितताओं के दावे भी शामिल थे। शाह ने दृढ़ता से जवाब देकर कहा कि संसद उनकी मर्जी से नहीं चलेगी और कहा कि वे सभी सवालों का जवाब अपने क्रम में देने वाले है। 
 

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एयरलाइन कंपनी प्रभावित यात्रियों के लिए की घोषणा, 3-5 दिसंबर के बीच ज्यादा परेशान पैसेंजर्स को मिलेगा

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यात्रियों को रिफंड के अलावा मिलेगा मुआवजे में 10 हजार का ट्रैवल वाउचर

नई दिल्ली। इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने की वजह से यात्रियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। दिसंबर के पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा यात्रियों को परेशानी हुईं, क्योंकि इस दौरान सैकड़ों इंडिगो की फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं। जिससे यात्रियों को आर्थिक तौर पर भी भारी नुकसान हुआ। जिसके बाद एयरलाइन के खिलाफ डीजीसीए ने सख्त कदम उठाया है। अब इंडिगो ने 3, 4 और 5 दिसंबर को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने की वजह से यात्रियों को राहत देने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा है कि प्रभावित यात्रियों को सरकार के नियमों के अनुसार 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा।
इसके साथ ही एयरलाइन ने सबसे ज्यादा प्रभावित यात्रियों के लिए 10,000 रुपये तक के अतिरिक्त ट्रैवल वाउचर जारी करने की भी घोषणा की है। यह फैसला उन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है, जिनकी यात्रा योजनाएं अचानक बदल गईं और जिन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस ट्रैवल वाउचर की खास बात यह है कि इसे अगले 12 महीनों तक कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यात्री भारत में इंडिगो की किसी भी घरेलू उड़ान या फिर अंतरराष्ट्रीय रूट के लिए इन वाउचर का उपयोग कर सकते हैं। इंडिगो ने बताया कि 10 हजार रुपये का ट्रैवल वाउचर उन यात्रियों दी जाएंगी, जिनकी यात्राएं एक से ज्यादा बार बदलनी पड़ीं, यानी जिनकी उड़ानें बार-बार रीशेड्यूल हुईं, या जिन्हें एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने रजिस्टर्ड ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजे गए मैसेज को चेक करें, ताकि उन्हें मुआवजा और वाउचर क्लेम करने की प्रक्रिया में आसानी हो।

इंडिगो ने यात्रियों से मांगी माफी
कंपनी के अनुसार, मुआवजा राशि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के तहत दी जाएगी। जिन यात्रियों की उड़ानें एयरलाइन की वजह से रद्द हुईं, वे नियमों के मुताबिक इस मुआवजे के हकदार हैं। इंडिगो ने स्पष्ट किया कि मुआवजा राशि फ्लाइट की दूरी, टिकट श्रेणी और यात्री को हुई असुविधा के आधार पर दी जाएगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को हुए आर्थिक नुकसान और अनावश्यक परेशानी को कम करना है। इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि रद्द उड़ानों के कारण जिन यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी, उनके लिए कंपनी खेद व्यक्त करती है और यह सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न हो।

फ्लाइट उडऩे में 15 मिनट की देरी की जांच होगी
इंडिगो के फ्लाइट ऑपरेशंस में आई दिक्कतों के बाद तकनीकी खामियों की निगरानी का पूरा ढांचा तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। उड़ानों में लगातार देरी, कैंसिलेशन और हालिया सुरक्षा घटनाओं ने डीजीसीए को डिफेक्ट रिपोर्टिंग सिस्टम को जड़ से सख्त करने के लिए मजबूर किया है। 12 पेज के नए आदेश के मुताबिक अब किसी भी निर्धारित उड़ान में तकनीकी कारण से 15 मिनट या उससे ज्यादा की देरी होती है तो उसकी जांच अनिवार्य होगी। कंपनी को बताना होगा कि देरी क्यों हुई? उसे कैसे ठीक किया गया? दोबारा न होने के लिए क्या उपाय किए? ये ऐसे प्रावधान हैं, जो पहले लागू नहीं थे। कंपनी को किसी भी ‘मेजर डिफेक्ट’ की तुरंत सूचना डीजीसीए को फोन पर देनी होगी। 72 घंटे में विस्तार से रिपोर्ट भेजनी होगी। डिफेक्ट तीन बार दोहराए जाने पर उसे ‘रिपीटेटिव डिफेक्ट’ माना जाएगा और उस पर अलग से विशेष जांच शुरू होगी। डीजीसीए ने यह सख्ती इसलिए की क्योंकि अब तक डिफेक्ट रिपोर्टिंग व्यवस्था कमजोर थी। अभी तक 15 मिनट की देरी की जांच जैसी व्यवस्था नहीं थी और रिपीट डिफेक्ट की परिभाषा भी नहीं थी।

इंडिगो संकट सामने आने के बाद नियम सख्त बने
डीजीसीए की तरफ से नए प्रावधान इंडिगो संकट के सामने आने के बाद आए हैं। दरअसल इंडिगो में क्रू मेंबर्स की कर्मी के चलते पिछले 8 दिनों में 5000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हुईं थीं। इंडिगो चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता संकट के 9 दिन बाद बुधवार को लोगों के सामने आए। उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर यात्रियों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि हम हर पहलू की जांच करेंगे। इसमें बाहरी तकनीकी विशेषज्ञ भी रहेंगे, जो गड़बड़ी की असली वजह पता करेंगे।

11 एयरपोर्ट पर इंडिगो के ऑपरेशन का ऑन-साइट इंस्पेक्शन भी होगा
डीजीसीए ने बताया कि 2-3 दिन में सीनियर अधिकारी 11 घरेलू एयरपोर्ट पर ऑन-साइट इंस्पेक्शन करेंगे। अधिकारी इंडिगो के ऑपरेशन के अलग-अलग पहलुओं की जांच करेंगे। इन 11 एयरपोर्ट में नागपुर, जयपुर, भोपाल, सूरत, तिरुपति, विजयवाड़ा, शिरडी, कोचीन, लखनऊ, अमृतसर और देहरादून शामिल हैं। ये अधिकारियों दौरे के 24 घंटे के अंदर नई दिल्ली में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन में फ्लाइट सेफ्टी डिपार्टमेंट के ऑपरेशंस डायरेक्टर को रिपोर्ट देंगे।
 

विराट कोहली को मिली 15 साल बाद टीम में जगह, क्रिकेट फैन्स के लिए खुशखबरी

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टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने वाले हैं | विराट कोहली को डीडीसीए ने विजय हजारे की संभावित टीम में जगह दी है | सिर्फ विराट कोहली नहीं ऋषभ पंत भी दिल्ली की टीम के संभावित खिलाड़ियों में शामिल हैं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान ही ये कंफर्म हो गया था कि विराट कोहली विजय हजारे ट्रॉफी में खेलेंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक वो 3 मैचों में दिल्ली के लिए खेल सकते हैं |

15 साल बाद विजय हजारे में विराट

विराट कोहली का विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना बेहद खास होगा क्योंकि ये दिग्गज 15 सालों के बाद इस टूर्नामेंट में खेलेगा | विराट कोहली आखिरी बार साल 2010 में इस टूर्नामेंट में खेलते नजर आए थे | विराट कोहली ने विजय हजारे में 13 मैच खेले हैं, जिसमें उनके बल्ले से 819 रन निकले हैं. विराट कोहली के नाम विजय हजारे में चार शतक हैं |

वर्ल्ड कप 2027 है रडार पर

विराट कोहली के रडार पर साल 2027 वर्ल्ड कप है. रिपोर्ट्स हैं कि विराट को वनडे क्रिकेट में बने रहने के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलने की सलाह दी गई थी और वो ऐसा कर भी रहे हैं. वैसे विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में साफ-साफ कह दिया था कि उनकी तैयारी शारीरिक से ज्यादा मानसिक होती है | विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में कमाल प्रदर्शन करते हुए 302 रन बनाए थे. उनके बल्ले से लगातार दो शतक निकले थे. ये खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया था |

रोहित शर्मा भी खेलेंगे विजय हजारे

सिर्फ विराट कोहली नहीं रोहित शर्मा भी विजय हजारे ट्रॉफी खेलने वाले हैं. मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के सूत्रों के मुताबिक रोहित का विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना पक्का है | ये खिलाड़ी भी विराट की तरह एक ही फॉर्मेट खेल रहा है. वो टेस्ट और टी20 को अलविदा कह चुके हैं |