लंबे इंतजार के बाद लौटा ‘फायरबॉल’, आर्चर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किया कमाल

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ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच एडिलेड में खेला जा रहा है | इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड के पेसर जोफ्रा आर्चर का कमाल देखने को मिला है. उन्होंने एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के 5 विकेट चटकाए हैं. साल 2019 के बाद ये पहली बार है जब जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट क्रिकेट में 5 विकेट लेने का कारनामा किया है |

जोफ्रा आर्चर ने कितनी बार लिए 5 विकेट?

ऑस्ट्रेलिया के 5 विकट गिराने का कारनामा करने के लिए जोफ्रा आर्चर ने 122 गेंदों का सहारा लिया. उन्होंने एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में 20.2 ओवर 53 रन देकर 5 विकेट लिए. टेस्ट क्रिकेट में ये चौथी बार है, जब जोफ्रा आर्चर ने 5 विकेट चटकाए हैं. उसमें से 3 बार 5 विकेट उन्होंने सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लिए हैं, जबकि एक बार ये कमाल साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले टेस्ट में किया है. इससे पहले तीनों 5 विकेट शिकार उन्होंने साल 2019 में ही खेले टेस्ट में किए थे |

जोफ्रा आर्चर ने किन-किन बल्लेबाजों को किया आउट?

जोफ्रा आर्चर ने एडिलेड टेस्ट की पहली बार में जिन-जिन बल्लेबाजों को आउट किया उनमें जेक वेदरॉल्ड, मार्नस लाबुशेन, कैमरन ग्रीन, मिचेल स्टार्क और नाथन लायन के नाम रहे |ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लिया 53 रन पर 5 विकेट, टेस्ट क्रिकेट में आर्चर का तीसरा बेस्ट गेंदबाजी फीगर है. उनके पहले बेस्ट प्रदर्शन भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही है, जब उन्होंने अगस्त 2019 में खेले टेस्ट में 45 रन देकर 6 विकेट और सितंबर 2019 में खेले टेस्ट में 62 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे |

जोफ्रा आर्चर ने टेस्ट डेब्यू कब किया था?

दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत भी साल 2019 में ही की थी. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अगस्त 2019 में अपना पहला टेस्ट खेला था | लेकिन 6 साल पहले डेब्यू करने के बाद भी वो अब तक सिर्फ 18 टेस्ट ही खेल सके हैं तो सिर्फ इसलिए क्योंकि इंजरी ने उन्होंने क्रिकेट से लंबे समय तक के लिए दूर किए रखा |

जोफ्रा आर्चर के टेस्ट में कितने विकेट हैं?

आस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में चटकाए 5 विकेटों के बाद जोफ्रा आर्चर के टेस्ट क्रिकेट में अब 59 विकेट हो गए हैं | उन्होंने ये विकेट 18 मैचों की 33 पारियों में 30.27 की औसत के साथ लिए हैं |

ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड टेस्ट की पहली पारी में कितने रन बनाए?

एडिलेड टेस्ट की बात करें तो उसमें जोफ्रा आर्चर के चटकाए 5 विकेट की बदौलत ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 371 रन पर सिमट गई | ऑस्ट्रेलिया की ओर से एलेक्स कैरी ने सबसे ज्यादा 106 रन बनाए. ये इंग्लैंड के खिलाफ उनका पहला और टेस्ट करियर का तीसरा शतक रहा. उनके अलावा उस्मान ख्वाजा ने 82 रन बनाए. जबकि मिचेल स्टार्क ने 54 रन की पारी खेली. मिचेल स्टार्क ने टेस्ट करियर में पहली बार बैक टू बैक अर्धशतक लगाया है |

जोफ्रा आर्चर को लेकर रेयान हैरिस ने क्या कहा था?

एडिलेड टेस्ट में गेंद से कमाल कर ऑस्ट्रेलिया के 5 विकेट चटकाने वाले जोफ्रा आर्चर वही गेंदबाज हैं, जिन्हें लेकर पूर्व क्रिकेटर रेयान हैरिस ने कहा था कि उन्हें अपनी गोल्ड चेन उतारकर गेंदबाजी करनी चाहिए. इससे उन्हें और ज्यादा रफ्तार मिलेगी. आर्चर ने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर हैरिस की वो सलाह कितनी मानी उसका तो पता नहीं लेकिन उन्होंने एडिलेड में 5 विकेट लेकर अपनी दबंगई जरूर दिखा दी |

मणिपुर में गोलाबारी के बाद फिर बढ़ा तनाव, अतिरिक्त सुरक्षा बल किए गए तैनात

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इम्फाल। मणिपुर (Manipur) के बिष्णुपुर जिले (Bishnupur district) के बाहरी इलाकों में मंगलवार रात गोलीबारी के बाद राज्य में एक बार फिर तनाव (Tensions Increased) बढ़ गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चूड़ाचांदपुर जिले (Churachandpur District) की सीमा से लगे तोरबंग और फौगाकचाओ इखाई इलाकों के पास कई बार गोलीबारी की गई।

मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम गोलीबारी के कारण और उसके मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।’’ पहाड़ी इलाकों के पास हुई ताजा गोलीबारी से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को घटनास्थल पर भेजा गया है।

इस बीच जातीय हिंसा से जूझ रहे मणिपुर में सरकार बनाने कयावद जारी है। इस दिशा में बीजेपी नेतृत्व ने राज्य के बीजेपी विधायकों के साथ कई दौर की बातचीत की है। इससे पहले 3 मई, 2023 को हिंसा भड़कने के बाद पहली बार कुकी समुदाय और मैतेई समुदाय के बीजेपी विधायक पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा में एक साथ बैठे। बैठक में कुल 34 बीजेपी विधायकों ने हिस्सा लिया, जिनमें मणिपुर विधानसभा के स्पीकर सत्यब्रत और पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह भी शामिल थे।

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MP में कांग्रेस को बड़ा झटका, जिलाध्यक्ष ने अपने पद से दिया इस्तीफा

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रतलाम: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम ग्रामीण कांग्रेस (Ratlam Rural Congress) के जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत (Harsh Vijay Gehlot) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी (Jitu Patwari) को भेजा है. बता दें कि कल ही कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा हुई है.

ऐसे में हर्ष विजय गहलोत का इस्तीफा होने से सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलें भी चल रही हैं. हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह पारिवारिक और विधानसभा क्षेत्र में लगातार व्यस्तता को बताया है. जिसके बाद एमपी में भोपाल से लेकर रतलाम तक सियासी हलचल फिलहाल देखी जा रही है.

बता दें कि हर्ष विजय गहलोत कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं, वह 2018 में रतलाम ग्रामीण सीट से विधायक बने थे. हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. गहलोत को कांग्रेस ने अगस्त 2025 में बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए रतलाम ग्रामीण का जिलाध्यक्ष बनाया था. लेकिन अब उन्होंने इस पोस्ट से इस्तीफा दे दिया है. सियासी गलियारों में चर्चा चल रही है कि मनमुताबिक ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त न होने की वजह से भी इस्तीफा हुआ है. हालांकि अब तक इस पर कोई आधिकारिक बात सामने नहीं आई है.

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने 16 दिसंबर की रात में मध्य प्रदेश कांग्रेस के 780 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा की है. पटवारी ने 2 साल का कार्यकाल पूरा होने पर ब्लॉक और उप ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान कर दिया है. लेकिन अगले ही दिन रतलाम ग्रामीण जिला अध्यक्ष का इस्तीफा आना बड़ी वजह माना जा रहा है. कांग्रेस का कहना है कि यह एक लंबी प्रक्रिया थी, जिसके बाद ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान किया गया है.

हर्ष विजय गहलोत ने अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को भेजा है. उनका कहना है कि वह लगातार विधानसभा क्षेत्र में एक्टिव रहते हैं, जबकि पारिवारिक समस्याओं के चलते भी वह जिलाध्यक्ष के पद पर समय नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है. लेकिन उनके इस्तीफे से फिलहाल एमपी कांग्रेस में एक बार फिर सियासी हलचल देखने को मिल रही है.

रेलवे फाटक के पास हादसा, खड़े ट्रक से टकराई तेज रफ्तार कार, चार लोगों की मौत

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ऋषिकेश. ऋषिकेश (Rishikesh) क्षेत्र में मनसा देवी मंदिर (Mansa Devi Temple) के रेलवे फाटक के पास देर रात भीषण दुर्घटना (terrible accident) हो गई। बेहद तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकराकर उसके नीचे घुस गई। दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। क्षत-विक्षत शव बाहर निकालने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मांस के लोथड़े सड़क पर इधर-उधर बिखर गए। वाहन काटकर शव निकाले जा सके।

पुलिस के मुताबिक मंगलवार रात 10:30 बजे के करीब एक बेहद तेज रफ्तार कार हरिद्वार से ऋषिकेश की ओर आ रही थी। एक के बाद एक उसने कई कारों को ओवरटेक किया। इसके बाद एक ट्रक से टकराकर उसके नीचे जा घुसी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि सड़क पर आए किसी जानवर को बचाने के चक्कर में चालक ने कार को बाईं ओर मोड़ा और नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने कार नंबर के आधार पर कार स्वामी की जानकारी निकाली।

 

 

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा-गांधी परिवार को सताया जा रहा

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने बुधवार को नेशनल हेराल्ड मामले पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। खडग़े ने कहा कि नेशनल हेराल्ड केस सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। खडग़े ने कहा कि नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी, लेकिन ये लोग (भाजपा) सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके कांग्रेस नेताओं को बदनाम कर रहे हैं। खासकर गांधी परिवार को सताया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। किसी की शिकायत मात्र से जांच शुरू कर दी। हमारा नारा है, सत्यमेव जयते। कल कोर्ट का फैसला न्याय के हित में आया है। कोर्ट का फैसला पीएम नरेंद्र मोदी और शाह के मुंह पर थप्पड़ जैसा है। दिल्ली के कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। ईडी चार्जशीट में कांग्रेस नेताओं पर नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक कंपनी एजेएल की 2,000 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप है।

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110 चक्कों के ट्रेलर पर 1.8 लाख किलो का शिवलिंग, चेन्नई से चंपारण के लिए रवाना

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सिवनी. तमिलनाडु (Tamil Nadu) के चेन्नई (Chennai) से बिहार के चंपारण (Champaran) ले जाया जा रहा एक विशालकाय शिवलिंग (Shiva lingam) इस समय आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है. शिवलिंग अभी जबलपुर से नागपुर के रास्ते NH-44 पर गुजर है, जहां रास्ते में जगह-जगह लोग पूजा करने के लिए पहुंच रहे हैं.

शिवलिंग का वजन 1 लाख 80 हजार किलो है और ऊंचाई 30 फीट है. इस विशालकाय को 110 चक्के वाले ट्रेलर पर ले जाया जा रहा है. ट्रेलर के ड्राइवर अरुण कुमार ने बताया कि 23 दिन पहले चेन्नई से निकले हैं और 20 दिन बाद वो बिहार के चंपारण पहुंच जाएंगे.

शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा चंपारण में निर्माणधीन विराट रामायण मंदिर में की जाएगी. पूर्वी चंपारण जिले के जानकीनगर के कैथवलिया गांव में ये मंदिर बन रहा है. महावीर मंदिर ट्रस्ट समिति इस मंदिर का निर्माण करा रही है.

मुख्य मंदिर 1080 फीट लंबाई और 540 फीट चौड़ाई में है. इसमें कुल 18 शिखर के साथ 22 और मंदिर होंगे. मंदिर के शिखर की ऊंचाई 270 फीट रखी गई है.

एक ही पत्थर से बना हैं 30 फीट ऊंचा शिवलिंग.
यह शिवलिंग एक ही पत्थर को तराश कर बनाया गया है. इसे विनायक वेंकटरमण की कंपनी ने 10 साल की अथक मेहनत से तैयार किया है. इसे बनाने में करीब 3 करोड़ खर्च आया है. महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में इस विशालकाय शिवलिंग को वास्तुकार लोकनाथ ने कड़ी मेहनत से तैयार किया. खास बात यह है कि शिवलिंग पर छोटे छोटे 1008 शिवलिंग भी बनाए गए हैं.

बिहार में गहराया हिजाब विवाद, इमारत-ए-शरिया के सचिव ने की CM नीतीश कुमार से माफी की मांग

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पटना । बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) द्वारा एक महिला आयुष चिकित्सक (Female Ayush doctor) के चेहरे से हिजाब (Hijab) हटाने का विवाद नहीं थम रहा है। अब इसपर बिहार, ओडिशा तथा झारखंड के इमारत-ए-शरिया के सचिव मौलाना मुफ्ती मोहम्मद सईदउर रहमान कासमी (Maulana Mufti Muhammad Saeedur Rahman Qasmi) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मौलना इस मुद्दे पर नाराज नजर आए। रहमान कासमी ने कहा कि नियुक्ति पत्र देने के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक महिला का हिजाब हटाया। हम इसकी सख्त लहजे में निंदा करते हैं। इनको ऐसा हरगिज नहीं करना चाहिए।

इसलिए क्योंकि पर्दा औरतों और समाज की इज्जत है। पर्दे की वजह से औऱतों की इज्जत की हिफाजत होती है। जो मुख्यमंत्री खुद औऱतों की इज्जत करते हैं और उन्हें सम्मान देते हैं उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। ये हिजाब का हटाना औरतों का हटाना औरतों का अपमान और उनकी तौहीन है। हम इसकी निंदा करते हैं। उन्होंने औरतों का अपमान किया है लिहाजा उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

आपको बता दें कि हाल ही में बिहार में नवनियुक्त एक आयुष चिकित्सक उस समय असहज हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र प्रदान करने के दौरान उसके चेहरे से हिजाब (घूंघट) हटा दिया था। इस घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। यह घटना मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में आयोजित उस कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, नियुक्त किए गए डॉक्टरों में 685 आयुर्वेद, 393 होम्योपैथी और 205 यूनानी पद्धति के चिकित्सक शामिल हैं। इनमें से 10 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि शेष को ऑनलाइन माध्यम से पत्र दिए गए थे।

जब नुसरत परवीन की बारी आई, जो चेहरे पर हिजाब डाले हुई थीं, तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह क्या है?” इसके बाद मुख्यमंत्री उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया।घबराई हुई नवनियुक्त चिकित्सक को इसके बाद वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने के प्रयास में उनकी आस्तीन खींचते हुए नजर आए।

राजद ने साधा था निशाना
इधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया खातों पर साझा करते हुए दावा किया था कि यह घटना जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख की “अस्थिर मानसिक स्थिति” का ताजा उदाहरण है।

राजद ने ‘एक्स’ पर लिखा, “यह क्या हो गया है नीतीश जी को?” पार्टी ने कहा, “मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है या नीतीश बाबू अब शत-प्रतिशत संघी हो चुके हैं?”

आईएनएस हंसा पर दूसरी एमएच-60आर रोमियो मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर लॉन्च

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नई दिल्ली। भारत अपनी सैन्य ताकत को लगातार बढ़ा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद इंडियन आर्म्‍ड फोर्सेज को लगातार अपग्रेड किया जा रहा है। मॉडर्न वॉरफेयर में एयरफोर्स और नेवी की घोषणा बेहद अहम है। इजराइल-ईरान से लेकर रूस-यूक्रेन वॉर तक में इसकी पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में भारत का एयरफोर्स के साथ ही नेवी पर ज्‍यादा फोकस है। 
इस लिहाज से बुधवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की मौजूदगी में नेवी की गोवा में स्थित आईएनएस हंसा नेवी बेस पर दूसरी एमएच-60आर रोमियो मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन को कमीशन किया गया। इसके साथ ही भारत उन वर्ल्‍ड पावर्स देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास सबमरीन को हेलीकॉप्‍टर के जरिये पानी के अंदर ही तबाह करने की क्षमता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रोमियो हेलीकॉप्‍टर की कमीशनिंग से भारतीय नेवी की ताकत में कई गुना तक इजाफा होगा। यह भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम है। अमेरिका से साल 2020 में खरीदे गए 24 एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों में से अब दूसरी पूरी स्क्वाड्रन तैयार हो गई है। पहली स्क्वाड्रन आईएनएएस334 को मार्च 2024 में कोच्चि में कमीशन किया था। इन हेलीकॉप्टरों की वजह से नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध, सतही हमले, निगरानी और खोज-बचाव की क्षमता में भारी बढ़ोतरी हुई है।
रोमियो हेलीकॉप्टर हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की नेवी की गतिविधियों और पनडुब्बी तैनाती के खिलाफ कारगर साबित होंगे। नौसेना अधिकारियों का कहना है कि ये हेलीकॉप्टर दुश्मन की सबमरीन को दूर से ट्रैक कर हमला कर सकते हैं। इससे समंदर में भारतीय पोतों की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी। बता दें मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए गए। उसी समय भारत का एक एयरक्राफ्ट कैरियर कराची से कुछ ही दूरी पर अरब सागर में मौजूद था। बताया यह भी गया कि यह विमानवाहक पोत वॉर-रेडी मोड में था। हालात को देखते हुए पाकिस्‍तान ने घुटने टेक दिए थे। अब नौसेना इन आधुनिक हेलीकॉप्टरों से अपनी तैयारियों को और मजबूत कर रही है। 
जानकारी के मुताबिक उन्नत हथियारों, आधुनिक सेंसरों और नई एवियोनिक्स प्रणाली से लैस एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों को पारंपरिक और असममित दोनों तरह के खतरों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। ये हेलीकॉप्टर नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता, सतह पर हमला करने के मिशन, निगरानी तथा खोज-और-बचाव अभियानों को और मजबूत बनाते हैं, जिससे ये बेड़े के सबसे बहुउपयोगी प्लेटफॉर्म में से एक हैं। इन हेलीकॉप्टरों को पहले ही नौसेना के बेड़े के साथ पूरी तरह जोड़ दिया गया है और कई मौकों पर इन्होंने अपनी संचालन क्षमता साबित की है। एमएच-60आर हेलीकॉप्टर टॉरपीडो, मिसाइलें और उन्नत सटीक मार करने वाली रॉकेट प्रणाली दागने में भी सक्षम है। इसकी आत्म-सुरक्षा प्रणाली में चैफ और इंफ्रारेड फ्लेयर शामिल हैं, जो खतरे का पता चलते ही अपने-आप छोड़े जा सकते हैं।

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ऑपरेशन सिंदूर पर पूर्व CM पृथ्वीराज चव्हाण का विवादित बयान, बोले-पहले दिन हम बुरी तरह हार गए थे…

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पुणे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण  (Prithviraj Chavan) ने ऑपरेशन सिंदूर  (Operation Sindoor) पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन भारतीय वायु सेना को पूरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। चव्हाण ने कहा, “7 मई को पहले दिन हम बुरी तरह हार गए थे। उस, दिन आधे घंटे की हवाई लड़ाई हुई, उसमें हम पूरी तरह हार गए, चाहे लोग इसे मानें या न मानें। भारतीय विमानों को मार गिराया गया। एयर फोर्स पूरी तरह से ग्राउंडेड थी और एक भी विमान नहीं उड़ सका।”

चव्हाण ने पुणे में संवाददाताओं से बात करते हुए आगे कहा, “अगर ग्वालियर, बठिंडा या सिरसा से कोई विमान उड़ान भरता, तो पाकिस्तान द्वारा उसे मार गिराए जाने की बहुत ज़्यादा संभावना थी, इसीलिए एयर फोर्स पूरी तरह से ग्राउंडेड थी।”

 

मराठी नेता देश का प्रधानमंत्री बनेगा
चव्हाण ने आज अपने इस दावे को फिर दोहराया कि जल्द ही एक मराठी नेता देश के प्रधानमंत्री का पद संभाल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 19 दिसंबर को भारत के प्रधानमंत्री बदल जाएंगे। चव्हाण, जो पहले प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री रह चुके हैं और नई दिल्ली में अपने मजबूत संपर्कों के लिए जाने जाते हैं, ने कहा कि उनके अनुभव और संपर्कों को देखते हुए उनके इस बयान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

 

उन्होंने अमेरिका में एक व्यक्ति के बारे में सनसनीखेज दावा भी किया, जो कथित तौर पर इजरायली खुफिया एजेंट है। उनके अनुसार, इस व्यक्ति ने कई प्रभावशाली हस्तियों के बंगलों में कैमरे लगाए थे और एक स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया था। उन्होंने दावा किया कि यह व्यक्ति जल्द ही प्रमुख वैश्विक नेताओं का पर्दाफाश कर सकता है, जिससे अमेरिका में एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो सकता है।

19 दिसंबर की फिर की चर्चा

चव्हाण ने कहा कि अमेरिका में एक नया कानून लागू किया जा रहा है, जिसके बाद 19 दिसंबर को इन प्रमुख हस्तियों के नाम सामने आने की संभावना है। हालांकि चव्हाण ने स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं पता कि ये नेता कौन हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कथित स्टिंग ऑपरेशन का असर भारत में भी महसूस होगा और संभवतः इससे भारत के प्रधानमंत्री में बदलाव हो सकता है। इससे पहले उन्होंने सांगली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी ऐसा ही बयान दिया था, जहां उन्होंने कहा था कि जल्द ही एक मराठी नेता अगला प्रधानमंत्री बनेगा।

इस बार चव्हाण ने अपने दावे को अमेरिका में हो रहे राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़ते हुए कहा कि जेफरी एपस्टीन फाइलों ने वहां भारी उथल-पुथल मचा दी है और यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुर्सी भी खतरे में दिख रही है। इस बीच, भाजपा नेताओं ने चव्हाण के दावों पर कड़ा सवाल उठाते हुए पूछा है कि अमेरिकी दस्तावेजों पर आधारित राजनीतिक उथल-पुथल से भारत के प्रधानमंत्री में बदलाव कैसे हो सकता है। उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया है कि एक मराठी नेता प्रधानमंत्री बनेगा और नेतृत्व परिवर्तन की किसी भी संभावना को नकार दिया है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गलत सूचना फैलाने के लिए जानबूझकर ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ दिनों से भ्रम और अशांति पैदा करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय साजिश चल रही है।

डिजिटल अरेस्ट स्कैम: पीड़ितों को मिले मुआवजा, एजेंसियों के साथ करें बैठक: सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली। साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर लिए गए स्वतः संज्ञान मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह पीड़ितों को मुआवज़ा दिलाने के मुद्दे पर स्टेकहोल्डर बैठक करेगी। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच इस मुद्दे पर लिए स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी।
इस मामले में एमिक्स क्यूरी यानी न्याय मित्र सीनियर एडवोकेट एनएस नप्पिनई ने यूके के ऑथराइज्ड पुश पेमेंट स्कैम मॉडल की तर्ज पर पीड़ित मुआवज़ा योजना का सुझाव दिया, जो बैंकिंग चैनल के दखल से पीड़ितों को अनिवार्य रूप से पैसे वापस दिलाने की गारंटी देता है। सीजेआई ने कहा कि जब ऐसे धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन होते हैं तो बैंकों को अलर्ट करने के लिए ऑटोमैटिक सिस्टम की जरूरत है। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एजी आर वेंकटरमणी ने बताया कि सीबीआई ने कुछ इनपुट दिए हैं और एमिक्स के सुझावों पर विचार करने के लिए एक इंटर-डिपार्टमेंटल बैठक का सुझाव भी दिया है।
इस पर विचार करते हुए बेंच ने आदेश पारित किया कि हमें इसमें कोई शक नहीं है कि सभी स्टेकहोल्डर्स, एजी के मार्गदर्शन में अपनी तरफ से उचित फैसले लेंगे और इस कोर्ट को सूचित करेंगे। एमिक्स की सिफारिशों पर संबंधित विभाग भी विचार कर सकते हैं। इससे पहले बेंच ने सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामलों की जांच करने का आदेश दिया था। कोर्ट मुख्य रूप से डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर ध्यान दे रहा है। साइबर अपराध की अन्य श्रेणियों पर बाद में विचार किया जा सकता है, जो उनके प्रभाव और आगे के दखल की जरूरत पर निर्भर करेगा।

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