जहरीली हवा से बचाएगी दिल्ली सरकार…सरकारी स्कूलों की 10,000 कक्षाओं के लिए बड़ा ऐलान, हर बच्चे को मिलेगी साफ हवा

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Delhi Schools Air Purifier: दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण शहर वासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है. यहां की जहरीली हवा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी के लिए जानलेवा है. लगातार बढ़ते AQI स्तर और स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. हाल ही में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने घोषणा की है कि राजधानी के सरकारी स्कूलों की 10 हजार कक्षाओं में एयर प्यूरीफायर (Air Purifier) लगाए जाएंगे. इसका मकसद बच्चों को पढ़ाई के दौरान साफ और सुरक्षित हवा उपलब्ध कराना है, ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे और वे बिना किसी परेशानी के मन लगाकर पढ़ सकें.

मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि राजधानी की जहरीली हवा से निपटने के लिए सरकार एक ऐसा कदम उठा रही है, जो लंबे समय तक असर करेगा. उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसके अलावा, स्कूलों में स्वच्छ माहौल देना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है. मंत्री ने आगे बताया कि शहर में AQI का स्तर इतना बढ़ जाता है कि बच्चों को सांस लेने में काफी कठिनाई होने लगती है और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगती हैं. इसलिए, स्कूलों में बच्चों को साफ हवा मिल सके, इसके लिए हमने कक्षाओं में एयर प्यूरीफायर लगाने का निर्णय लिया है.

पहले चरण में 10 हजार क्लासेस होंगे कवर
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस योजना को शहर में एक साथ लागू न करके चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. पहले चरण में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में स्थित 10 हजार कक्षाओं में एयर प्यूरीफायर लगाए जाएंगे. इसके बाद यदि और अधिक एयर प्यूरीफायर की आवश्यकता पड़ती है, तो इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बच्चों को स्वच्छ हवा मिले ताकि वे बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें. साफ और शुद्ध हवा बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है, इसके बिना उनका विकास संभव नहीं है.

AAP पार्टी पर मंत्री आशीष सूद का तंज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या का हल दिखावे से नहीं निकलता. आगे तंज कसते हुए मंत्री ने कहा, ‘हम वे लोग नहीं हैं, जो बड़ी-बड़ी डिग्रियों का दिखावा करें और ऑड-ईवन या रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ जैसे अस्थायी अभियान चलाएं. हमारी सरकार प्रशासनिक और स्थायी उपायों के जरिए प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या से निपट रही है.’

स्कूलों के साथ सड़कों की सफाई होगी
शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार सिर्फ स्कूलों में प्रदूषण कम करने के लिए काम नहीं कर रही है, बल्कि पूरे शहर को जहरीली हवा से निजात दिलाने की दिशा में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने आगे बताया कि शहरी इलाकों में प्रदूषण कम करने का जिम्मा लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंप दिया गया है. इसके अलावा, हमने विभाग को इस कार्य के लिए ‘पर्यावरण उपकर’ (Environment Cess) की राशि का इस्तेमाल करने का आदेश भी दिया है.

सोनिया गांधी का केंद्र पर तीखा हमला…अब किसको और कैसे मिलेगा रोजगार?’, मनरेगा के बजट पर सरकार को घेरा

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Sonia Gandhi On MGNREGA: संसद में मनरेगा को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है. लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के बाद अब कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने मनमोहन सिंह की सरकार को याद करते हुए कहा कि 20 साल पहले मनरेगा कानून आम सहमति से संसद में पास किया गया था, जो क्रांतिकारी कदम था. इस कानून से करोड़ों की तादात में ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला. इससे पलायन में कमी आई और लोगों को रोजगार के लिए कानूनी अधिकार मिला. लेकिन मोदी सरकार ने पिछले 11 सालों से इसे कमजोर करने का प्रयास किया.

उन्होंने कहा, “खासतौर पर मनरेगा वंचित, शोषित, गरीब और अतिगरीब लोगों के लिए रोजी-रोटी का जरिया बना. रोजगार के लिए अपनी माटी, अपना गांव, अपना घर-परिवार छोड़कर पलायन करने पर रोक लगी. रोजगार का कानूनी हक दिया गया, साथ ही ग्राम पंचायतों को ताकत मिली. मनरेगा के जरिए महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों के भारत की ओर एक ठोस कदम उठाया गया.”

मनरेगा पर बुलडोजर चलाने की कही बात
सोनिया गांधी ने सरकार पर सवाल करते हुए बोलीं, पिछले 11 साल में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार, गरीबों और वंचितों के हितों को नजरअंदाज कर मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश की, जबकि कोविड के वक़्त ये गरीब वर्ग के लिए संजीवनी साबित हुआ. लेकिन बहुत अफसोस की बात है कि अभी हाल में सरकार ने मनरेगा पर बुलडोजर चला दिया. न सिर्फ महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, बल्कि मनरेगा का रूप-स्वरूप बिना विचार-विमर्श किए, बिना किसी से सलाह-मशवरा किए, बिना विपक्ष को विश्वास में लिए मनमाने ढंग से बदल दिया गया.”

मनरेगा को कमजोर करने का आरोप
अब किसको, कितना, कहां और किस तरह रोजगार मिलेगा, यह जमीनी हकीकत से दूर दिल्ली में बैठकर सरकार तय करेगी. कांग्रेस का मनरेगा को लाने और लागू करने में बड़ा योगदान था, लेकिन यह पार्टी से जुड़ा मामला कभी नहीं था. ये देशहित और जनहित से जुड़ी योजना थी. मोदी सरकार ने इस कानून को कमजोर करके देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों और भूमिहीन ग्रामीण वर्ग के गरीबों के हितों पर हमला किया है.

उन्होंने कहा कि इस हमले का मुकाबला करने के लिए हम सब तैयार हैं. 20 साल पहले अपने गरीब भाई-बहनों को रोजगार का अधिकार दिलवाने के लिए मैं भी लड़ी थी, आज भी इस काले कानून के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हूं. मेरे जैसे कांग्रेस के सभी नेता और लाखों कार्यकर्ता आपके साथ खड़े हैं.

गुवाहाटी में पीएम मोदी का बड़ा आरोप, कहा– कांग्रेस ने असम को खोखला करने की कोशिश की

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (19 दिसंबर, 2025) को असम के गुवाहाटी में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के लिए असम और पूर्वोत्तर का विकास उनके एजेंडे में ही नहीं था, बल्कि असम को ईस्ट पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की साजिश रची जा रही थी |

उन्होंने कहा, “कांग्रेस की सरकारों में बैठे लोग कहते थे कि असम और पूर्वोत्तर में जाता ही कौन है? उनकी सोच थी कि असम और पूर्वोत्तर को आधुनिक एयरपोर्ट, बेहतर रेलवे और हाईवे की क्या जरूरत है. इसी सोच की वजह से कांग्रेस ने दशकों तक इस पूरे क्षेत्र की उपेक्षा की |

मेरे लिए असम का विकास जिम्मेदारी है- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कांग्रेस 6-7 दशकों तक गलतियां करती रही, मोदी एक-एक करके उन गलतियों को सुधार रहा है. मेरे लिए असम का विकास जरूरत भी है, जिम्मेदारी भी है और इसकी जवाबदेही भी है. इसलिए पिछले 11 सालों में असम, पूर्वोत्तर के लिए लाखों-करोड़ो की परियोजनाएं शुरू हुई हैं. असम भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने में नंबर एक राज्य बना है. कांग्रेस के समय असम में बिना पर्ची, बिना खर्ची के सरकारी नौकरी मिलना असंभव था, लेकिन आज यहां हजारों युवाओं को बिना पर्ची, बिना खर्ची के नौकरी मिल रही है |

हिंसाग्रस्त माने जाने वाले जिले आज विकसित हो रहे- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस सरकारों के दौरान हिंसा का दौर बिना किसी रोक-टोक के लगातार बढ़ता रहा. अब हम महज 10 दिनों के भीतर इसे समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. पूर्वोत्तर में जिन इलाकों में कभी हिंसा और खून-खराबा देखा जाता था, आज वहां 4G और 5G टेक्नोलॉजी के जरिए डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंच रही है. जो जिले कभी हिंसाग्रस्त माने जाते थे, आज वे आकांक्षी जिले के रूप में विकसित हो रहे हैं |

उन्होंने कहा, “आने वाले समय में यही इलाके इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी बनेंगे. इसी वजह से आज नॉर्थ ईस्ट को लेकर एक नया आत्मविश्वास पैदा हुआ है और हमें इसे और भी मजबूत करना होगा |

रेल हादसे में चार बीजेपी समर्थकों की मौत, पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

पश्चिम बंगाल केनादिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होने जा रहे भाजपा के समर्थक ट्रेन की चपेट में आ गए. इनमें चार की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. यह हादसा शनिवार सुबह हुआ. ये बीजेपी समर्थक पीएम मोदी की नादिया के ताहेरपुर में होने वाली सभा में भाग लेने के लिए जा रहे थे. तभी रास्ते में दर्दनाक हादसा हुआ. हादसा ताहेरपुर स्टेशन के पास हुआ. पता चला है कि सभी मृतक और घायल मुर्शिदाबाद के रहने वाले हैं | हालांकि शनिवार को कुहासे की वजह से पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर ताहेरपुर में नहीं लैंड कर पाया और पीएम मोदी ने फोन से सभा को संबोधित किया |

पीएम ने निधन पर जताई संवेदना

फोन से सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी सभा में उपस्थित नहीं होने के लिए क्षमा मांगी. उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम मैं आपसे क्षमाप्रार्थी हूं कि मौसम खराब होने की वजह से मैं आपके बीच उपस्थित नहीं हो सका. कोहरे की वजह से वहां हेलीकॉप्टर उतरने की स्थिति नहीं थी, इसलिए मैं आपको टेलीफोन के माध्यम से संबोधित कर रहा हूं |

उन्होंने कहा कि मुझे ये भी जानकारी मिली है कि रैली स्थल पर पहुंचते समय खराब मौसम की वजह से भाजपा परिवार के कुछ कार्यकर्ता रेल हादसा के शिकार हुए हैं. जिन बीजेपी कार्यकर्ताओं की दुखद मृत्यु हुई है, उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं. जो लोग इस हादसे में घायल हुए हैं, मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। दुख की इस घड़ी में हम सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं |

बीजेपी के चार समर्थकों की हुई मौत

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, हादसा ताहिरपुर और बड़कुल्ला के बीच हुआ. BJP समर्थक रेलवे ट्रैक से मीटिंग की जगह पर जा रहे थे. उसी समय यह हादसा हुआ. घायलों को शक्तिनगर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है |

हादसे में रामप्रसाद घोष (74), मुक्तिपद सूत्रधार (55) और गोपीनाथ दास (35) की मौके पर ही मौत हो गई. तीनों बरयान थाना इलाके में रहते हैं. भैरव घोष (47) की गंभीर हालत में हॉस्पिटल ले जाने पर मौत हो गई. इस घटना में एक और व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है |

टीम इंडिया में बड़ा फेरबदल, T20 वर्ल्ड कप से बाहर गिल, नया उपकप्तान घोषित

0

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

बीसीसीआई ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है. इस 15 सदस्यीय टीम में सबसे बड़ा झटका स्टार ओपनर शुभमन गिल को लगा है, जिन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है. गिल हाल ही में टी20 इंटरनेशनल टीम के उपकप्तान थे और उनकी बल्लेबाजी पर बड़ी उम्मीदें टिकी थीं, लेकिन टी20 फॉर्मेट में उनके हालिया औसत प्रदर्शन ने सेलेक्टर्स को यह कठोर फैसला लेने पर मजबूर कर दिया है |

शुभमन गिल का कटा पत्ता

सेलेक्टर्स ने इस बार टीम कॉम्बिनेशन पर जोर देते हुए गिल की जगह बाकी विकल्पों को तरजीह दी है. उनकी गैरमौजूदगी में निश्चित रूप से टीम की ओपनिंग जोड़ी पर असर डालेगी, जहां अब अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन नजर आ सकते हैं. वहीं, ऑलराउंडर अक्षर पटेल को उपकप्तान बनाया गया है, जो उनकी लगातार अच्छी फॉर्म को देखते हुए लिया गया फैसला माना जा रहा है. अक्षर की स्पिन गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी घरेलू परिस्थितियों में भारत के लिए अहम साबित हो सकती है |

T20I में शुभमन गिल का खराब रिकॉर्ड

शुभमन गिल ने टीम इंडिया के लिए अभी तक 36 टी20 मैच खेले हैं, इस दौरान उन्होंने 28.03 के खराब औसत से सिर्फ 869 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं. वहीं, साल 2025 में तो उनका प्रदर्शन और खराब रहा, इस उन्होंने कुल 15 टी20I मैच खेले और वह 24.25 के औसत से 291 रन ही बना सके. चौंकाने वाली बात ये भी रही कि उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला. उनका स्ट्राइक रेट भी 137.26 का रहा, जो उनके लिए एक बड़ी टेंशन बन गया |

हाल ही में दो बार लगी चोट

शुभमन गिल को हाल ही में चोट का भी सामना करना पड़ा है. नवंबर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान कोलकाता मैच में उन्हें गर्दन में स्पैजम की समस्या हुई थी. इसके बाद उन्हें वनडे टीम से बाहर रहना पड़ा था. इसके बाद गिल ने टी20 सीरीज से टीम में वापसी की, लेकिन इस दौरान लखनऊ में प्रैक्टिस करते समय उनके दाहिने पैर में चोट लग गई. इस चोट के चलते गिल को टी20 सीरीज के आखिरी मैच से भी बाहर होना पड़ा था |

1 जनवरी से सस्ता हो सकता है रसोई गैस सिलेंडर, आम आदमी को सरकार देगी बड़ी राहत

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Gas Cylinder Price Cut: नए साल 2026 के आने में अब बस कुछ ही दिन शेष रह गए हैं. लोगों के लिए न्यू ईयर किसी त्योहार से कम नहीं होता. इस नए साल पर भारत सरकार करोड़ों देशवासियों को बड़ा तोहफा दे सकती है. कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही एलपीजी (LPG) सिलेंडर यानी घरेलू गैस के दामों में कटौती देखने को मिल सकती है.

9 मार्च 2024 से LPG सिलेंडर में कोई बदलाव नहीं
बता दें कि सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर (LPG) की कीमतों को लेकर चर्चा करती हैं. कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इस साल काफी कटौती देखने को मिली है, जो की यह राहत भरी रही. लेकिन घरों में यूज होने वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमतों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है.

इन प्रमुख शहरों में LPG सिलेंडर के दाम
वर्तमान में राजधानी दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमत 803 रुपये है. वहीं उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों को सालाना 9 सिलेंडर तक 300 रुपये की सब्सिडी मिलती है, जिससे उनको एलपीजी सिलेंडर 503 रुपये में मिल जाता है. इसके अलावा, कोलकाता शहर में बिना सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये है. वहीं अगर 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों की बात करें तो दिल्ली में 1580.50 रुपये, कोलकाता में 1684 रुपये, मुंबई में 1531.50 रुपये और चेन्नई में 1739.50 रुपये की कीमत में मिल रहा है.

कच्चे तेल में गिरावट
कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बदलाव के बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. वर्तमान में कच्चा तेल 60 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है, जो 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है. Oilprice.com के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड फिलहाल 60.22 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है. बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति (Supply) बढ़ने और मांग (Demand) स्थिर रहने के कारण कीमतों में यह कमी आई है. वहीं पिछले साल तेल की कीमतें 60 डॉलर से भी नीचे गिर गई थीं, जो पिछले 5 सालों का सबसे न्यूनतम स्तर था.

इस साल क्रूड ऑयल की कीमतों में कुल 21 फीसदी की गिरावट देखी गई है, जो साल 2020 के बाद इसका सबसे कमजोर प्रदर्शन माना जा रहा है.

कच्चे तेल से कई उत्पाद बनते हैं
बता दें कि कच्चे तेल (Crude Oil) से ही पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) जैसे महत्वपूर्ण उत्पाद बनते हैं. रिफाइनिंग प्रक्रिया के समय जब कच्चे तेल को कई अलग-अलग हाइड्रोकार्बन घटकों में विभाजित किया जाता है, तो इसके पहले प्रोसेस में पेट्रोलियम गैस निकलती है, जिसे एलपीजी सिलेंडरों में भरा जाता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने से तेल शोधन कंपनियों (Refineries) के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हुआ है, जिसका सीधा लाभ वे उपभोक्ताओं को दे सकती हैं.

नशे ने छीन ली जिंदगी की दिशा, पीयूष मिश्रा ने खुद सुनाई संघर्ष की कहानी

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

बॉलीवुड के मल्टी टैलेंटेड स्टार पीयूष मिश्रा ने हाल ही में अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर के बारे में खुलकर बातचीत की है. फिल्मी दुनिया में पीयूष मिश्रा का सफर काफी शानदार रहा है, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब उन्हें अपनी बुरी आदतों की वजह से काफी परेशानियां उठानी पड़ी थी. एक्टर ने शराब की लत से अपनी लड़ाई, उससे होने वाले नुकसान के बारे में बात की है. उन्होंने अपनी आत्मकथा तुम्हारी औकात क्या है में अपने इन एक्सपीरियंस को किस तरह लिखा है, यह सब बेहद ईमानदारी से साझा किया है |

पीयूष मिश्रा ने बताया कि उन्होंने लगभग दो दशक तक शराब की लत के साथ जूझा. ये समस्या उनपर 1980 के दशक में हावी हो गई थी और कई सालों तक इससे छुटकारा नहीं मिल पाया. एक्टर ने इस बात को माना कि शराब ने उनकी क्रिएटिविटी को नुकसान पहुंचाया है और वो आज इसका सबसे बड़ा पछतावा मानते हैं. उन्होंने कहा कि अगर शुरुआत में ही उन्होंने शराब पर कंट्रोल रखा होता, तो शायद उनका जीवन और करियर आज और ऊंचाइयों पर होता |

जीवन की सबसे बड़ी गलती

उन्होंने मीडिया आउटलेट से बात करते हुए ये भी माना कि शराब सिर्फ एक आदत नहीं थी, बल्कि उसने उनकी सोच और काम करने की क्षमता को भी प्रभावित किया. पीयूष ने कहा कि नशा क्रिएटिविटी को मार देता है और ये उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती थी. पीयूष मिश्रा ने ये भी साझा किया कि उन्होंने किस तरह से अपनी पत्नी से अपने गलत व्यवहार के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि इस सच को बताना उनके लिए मुश्किल नहीं था, बल्कि इससे उन्हें अंदर से सुकून मिला |

पत्नी से सच्चाई बताना

पीयूष मिश्रा ने बताया कि जब उन्होंने अपनी पत्नी से सारी बातें शेयर की तो उनकी पत्नी ने उनकी बात को समझा और कहा कि साथी होने के नाते दोनों ने गलतियां की हैं, लेकिन अब आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि सच बताने के बाद उन्होंने खुद को मुक्त महसूस किया और अब जीवन में आगे बढ़ने का निर्णय लिया. ये मानना कि सच बोलने से उनके अंदर का गिल्ट हट गया, उनके लिए एक बड़ा मोड़ साबित हुआ और उनकी जिंदगी में काफी बदलाव आए |

आत्मकथा में जीवन की सच्चाई

पीयूष मिश्रा ने अपनी आत्मकथा तुम्हारी औकात क्या है में अपने जीवन के बेहद निजी पहलुओं को शामिल किया है. इसमें उन्होंने अपने बचपन से लेकर बड़े होने तक के एक्सपीरियंस, शराब की लत, प्रेम संबंधों और कठिनाइयों को बिना किसी हिचकिचाहट के लिखा है. उन्होंने कहा कि वह अपनी जिंदगी की सही सच्चाई को छिपाना नहीं चाहते थे और इसी वजह से सब कुछ ईमानदारी से किताब में शामिल किया. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने किताब में अपने जीवन में आए सभी लोगों के नाम बदल दिए हैं, ताकि किसी की पहचान को ठेस न पहुंचे |

राहुल गांधी पर BJP का बड़ा आरोप, कहा– विदेश में भारत की छवि खराब कर रहे

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नेता गौरव भाटिया ने एक बार फिर राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर हमला किया है. उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता, जिनकी पहली ज़िम्मेदारी संसद सत्र के दौरान संसद में मौजूद रहना था, लेकिन वह विदेश चले जाते हैं.” इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश जाकर उन लोगों से मिलते हैं, जो भारत विरोधी हैं |

गौरव ने कहा, “जर्मनी के हर्टी स्कूल में वह कॉर्नेलिया वोल से मिलते हैं. राहुल गांधी और जॉर्ज सोरोस दो शरीर, एक जान की तरह हैं और अब इसका एक और सबूत सामने आया है. वह विदेश जाते हैं और उन लोगों से मिलते हैं और बातचीत करते हैं जो भारत के दुश्मन हैं, जो भारत से जलते हैं और जो हमारी अखंडता पर हमला करते हैं |

भारत के खिलाफ साजिश कौन से साजिश रच रहे हैं- गौरव भाटिया

गौरव भाटिया ने आरोप लगाते हुए पूछा कि यह किस तरह का भारत विरोधी एजेंडा है, जहां भारत के विपक्ष का नेता ऐसी ताकतों से मिलकर भारत के खिलाफ साज़िश रच रहा है? उन्होंने कहा कि इससे पहले राहुल गांधी अमेरिका में जमाते इस्लामी के मुर्शिकुल फजल से मिले थे और सैम पित्रोदा के साथ मुलाकात करते हैं |

ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना

बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के इशारे पर राज्य में सांप्रदायिक राजनीति की जा रही है और भगवान राम के नाम पर हिंदुओं की भावनाओं को जानबूझकर आहत किया जा रहा है |

भाटिया ने TMC विधायक मदन मित्रा के हालिया विवादास्पद बयान का उदाहरण देते हुए कहा कि उनसे ऐसा बयान दिलवाया गया, जिससे करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंची हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा महाकुंभ को मृत्यु कुंभ कहने और जय श्रीराम बोलने पर पहले दी गई धमकियों का भी जिक्र किया |

मोहम्मद शमी वनडे टीम में शामिल, टूर्नामेंट में दिखाएंगे अपना जलवा

0

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाद मोहम्मद शमी को विजय हजारे ट्रॉफी के लिए बंगाल की टीम में शामिल किया गया है. शमी के लिए यह घरेलू सीजन शानदार रहा है. उन्होंने 36 विकेट लेकर अपने शानदार फॉर्म को साबित करने का काम किया है. शमी लंबे समय से टीम इंडिया के लिए नहीं खेले हैं. हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे, टेस्ट और टी20 में से किसी भी सीरीज में शमी को मौका नहीं मिला. ऐसे में उम्मीद है कि विजय हजारे ट्रॉफी में शमी एक बार अपना दमदार खेल दिखाएंगे |

बता दें कि चोट से उबरने के बाद शमी ने बंगाल के लिए जोरदार वापसी की है. उनकी फिटनेस को लेकर हाल ही में काफी चर्चा हुई थी क्योंकि वह टीम में नहीं चुने गए थे. इसके बावजूद, राष्ट्रीय टीम में जगह न मिलने के बाद भी शमी घरेलू टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. रेड बॉल सीजन में शमी ने चार रणजी मैचों में 20 विकेट लिए, जिसमें उनका औसत 18.60 रहा और एक बार 5/38 भी लिया. बंगाल ने पांच मैचों में तीन जीत के साथ ग्रुप सी में टॉप किया है. सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी शमी ने फॉर्म जारी रखी और सात मैचों में 16 विकेट लेकर बंगाल के सबसे सफल गेंदबाज बने, उनका औसत 14.93 रहा |

शमी के साथ मुकेश और आकाशदीप भी टीम में

विजय हजारे ट्रॉफी में शमी बंगाल की तीन तेज गेंदबाजों की अगुवाई करेंगे, जिसमें भारत के ही आकाश दीप और मुकेश कुमार भी शामिल हैं. शुक्रवार को घोषित टीम में टॉप ऑर्डर बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन को कप्तान बनाया गया है. बंगाल को एलीट ग्रुप बी में रखा गया है और वे 24 दिसंबर को राजकोट में विदर्भ के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगे. इस ग्रुप में असम, बड़ौदा, जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश की टीमें भी हैं. टूर्नामेंट अहमदाबाद (ग्रुप ए), राजकोट (ग्रुप बी), जयपुर (ग्रुप सी) और अलूर (ग्रुप डी) में खेला जाएगा, जबकि नॉकआउट मैच 12 से 18 जनवरी तक बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में होंगे |

बंगाल टीम:

अभिमन्यु ईश्वरन (कप्तान), अनुस्तुप मजूमदार, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), सुदीप कुमार घरामी, सुमंत गुप्ता, सुमित नाग (विकेटकीपर), चंद्रहास दाश, शाहबाज अहमद, करण लाल, मोहम्मद शमी, आकाश दीप, मुकेश कुमार, सयान घोष, रवि कुमार, आमिर गनी, विशाल भाटी, अंकित मिश्रा |

पुलिस हमले के केस में कोर्ट ने अलका लांबा के खिलाफ ठोस कार्रवाई की तैयारी

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस लीडर अलका लांबा के खिलाफ 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्लियामेंट में महिला रिजर्वेशन लागू करने की मांग को लेकर जनता मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमले के मामले में आरोप तय कर दिए हैं. राउज़ एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने अलका लांबा पर सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, क्रिमिनल फोर्स का इस्तेमाल करने, सरकारी अधिकारियों के काम में रुकावट डालने, कानूनी आदेश न मानने और सार्वजनिक रास्ते में रुकावट डालने से जुड़े आरोप तय किए हैं |

कोर्ट ने कहा कि पहली नज़र में आरोपी अलका लांबा के खिलाफ BNS की धारा 132/221/223(a)/285 के तहत मामला बनता है. इसलिए, ऊपर बताए गए प्रोविज़न के तहत आरोपी के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया जाता है. इसी के साथ कोर्ट ने मामले में बरी करने की मांग करने वाली अलका लांबा की अर्जी भी खारिज कर दी. कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी की ओर से कार्यवाही से मुक्ति/समाप्ति की मांग वाली याचिका उपरोक्त कारणों के मद्देनजर खारिज कर दी गई और उसका निपटारा किया जाता है |

अलका लांबा के वकील ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान अलका लांबा के वकील ने दलील दी कि प्रोटेस्ट शांतिपूर्ण था और एक तय एरिया में हुआ था जहां पर इकट्ठा होने की इजाज़त है. यह भी कहा गया कि कोई इंडिपेंडेंट गवाह नहीं था, चोटों की कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं थी और वीडियो सबूतों में अलका लांबा को किसी पुलिस ऑफिसर पर हमला करते हुए नहीं दिखाया गया था. लेकिन, कोर्ट ने पाया कि सुनवाई के दौरान चलाए गए वीडियो फुटेज में लांबा को प्रदर्शनकारियों को भड़काते, पुलिस अधिकारियों को धक्का देते, बैरिकेड फांदते और प्रदर्शनकारियों को तय प्रोटेस्ट एरिया से बाहर ले जाते हुए दिखाया गया |

कोर्ट ने देखा कि आरोपी प्रोटेस्ट में सबसे आगे दिख रही थी और उसने दूसरों को पुलिस बैरिकेड तोड़ने और पब्लिक रास्ते में रुकावट डालने के लिए उकसाने में अहम भूमिका निभाई. इसलिए, कोर्ट ने लांबा के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू की |

क्या है मामला?

यह मामला 29 जुलाई, 2024 को पार्लियामेंट में महिला आरक्षण के सपोर्ट में हुए एक प्रोटेस्ट से जुड़ा है, जिसमें अलका लांबा पर आरोप है कि वह मेन स्पीकर थीं. प्रॉसिक्यूशन के मुताबिक, जंतर-मंतर रोड के आस-पास के इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के सेक्शन 163 के तहत रोक लगी हुई थी. पार्लियामेंट की तरफ मार्च करने की इजाज़त साफ तौर पर मना कर दी गई थी |

दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद, अलका लांबा और दूसरे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की. संसद के घेराव के नारे लगाए, पुलिसवालों को धक्का दिया और एक पब्लिक रोड पर बैठकर उसे ब्लॉक कर दिया. घटना के बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई |