अंडर-19 एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत-पाकिस्तान की महामुकाबला

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IND vs PAK Final LIVE: क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता एक बार फिर देखने को मिल रही है। दुबई के आईसीसी एकेडमी ग्राउंड पर आज भारत और पाकिस्तान की अंडर-19 टीमें एशिया कप 2025 के फाइनल मुकाबले में आमने-सामने हैं। हाई-वोल्टेज इस मुकाबले को लेकर दोनों देशों के क्रिकेट प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम इंडिया अब तक एशिया कप 2025 में अजेय रही है और हर मैच में अपने संतुलित खेल से विरोधी टीमों पर दबदबा बनाया है। खास बात यह है कि ग्रुप स्टेज में भारत ने पाकिस्तान को 90 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी ताकत का स्पष्ट संकेत दे दिया था।

IND vs PAK Final LIVE मुकाबले में भारत का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है, लेकिन फाइनल मैच की चुनौती हमेशा अलग होती है। पाकिस्तान की टीम भी दबाव में खेलने की आदी मानी जाती है और नॉकआउट मुकाबलों में अक्सर दमदार वापसी करती रही है। ऐसे में भारतीय टीम किसी भी तरह की ढिलाई बरतना नहीं चाहेगी।

भारतीय बल्लेबाजी क्रम इस टूर्नामेंट में मजबूत नजर आया है, वहीं गेंदबाजों ने भी लगातार विकेट निकालकर विरोधियों को दबाव में रखा है। दूसरी ओर पाकिस्तान की टीम अपनी तेज गेंदबाजी और आक्रामक खेल शैली के लिए जानी जाती है, जो फाइनल को और रोमांचक बना सकती है।

कुल मिलाकर IND vs PAK Final LIVE सिर्फ एक खिताबी मुकाबला नहीं, बल्कि सम्मान, गौरव और एशिया की सर्वश्रेष्ठ अंडर-19 टीम बनने की जंग है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत अपनी अजेय लय को बरकरार रखते हुए ट्रॉफी उठाता है या पाकिस्तान फाइनल में उलटफेर कर इतिहास रच देता है।

बीमा का पैसा हड़पने के लिए पिता को 2 बार सांप से कटवाया, 6 करोड़ के लिए इंसानियत भूले बेटे

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तिरुवल्लुवर। तमिलनाडु के तिरुवल्लुवर जिले (Tiruvallur District) से एक चौंका देने वाली घटना सामने आयी है। जिले के पोथत्तुरपेट में नल्लथिनिरकुलम स्ट्रीट के रहने 56 साल के गणेशन (Ganeshan) की सांप के डसने से मौत हो गई। गणेशन सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में लैब असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे। 22 अक्टूबर की सुबह घर पर सोते समय सांप के काटने से गणेशन की मौत हो गई। उनके बेटे ने पोथत्तुरपेट पुलिस को इसकी सूचना दी।

पुलिस ने केस दर्ज किया और जांच कर रही थी। इसी बीच परिवार वालों ने उनके नाम पर किये गए बीमा को लेकर क्लेम किया। यह राशि 3 करोड़ रुपये की थी। इंश्योरेंस कंपनी को परिवार के लोगों के अलग-अलग बयान देने से शक हुआ। कंपनी ने नॉर्दर्न जोन के आईजी असरा गर्ग के पास शिकायत दर्ज कराई। 6 दिसंबर को मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया तो बेटों की साजिश का सारा कच्चा चिठ्ठा सामने आ गया।

पुलिस जांच में पता चला कि गणेशन के नाम पर कई महंगी इंश्योरेंस पॉलिसी थीं। उन्हें पाने के लिए, गणेशन के बेटों मोहनराज और हरिहरन ने बालाजी (28 साल), प्रशांत (35 साल), नवीन कुमार (28 साल) और दिनकरन (28 साल) के साथ मिलकर अपने पिता की सांप से कटवाकर हत्या कर दी। शक की एक ओर बड़ी वजह थी। 22 अक्टूबर की सुबह जब गणेशन की मौत हुई उससे ठीक एक सप्ताह पहले उनको कोबरा सांप ने काटा था। हालांकि, पड़ोसियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया जिससे उनकी जान बच गई। एक सप्ताह बाद उन्हें फिर से सांप ने काटा, लेकिन इस बार परिवार वालों ने उन्हें अस्पताल ले जाने में देर कर दी।

गणेशन को 2 बार सांप का काटना परिवार वालों की उनके इलाज को लेकर बरती गई उदासीनता। शक की बड़ी वजह बनी, जब पुलिस ने दोनों बेटों के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच की तो पता चला कि बेटों ने दोस्तों के जरिये सांप का इंतजाम किया, जिससे कटवाकर उन्होंने अपने पिता की हत्या की ताकि इंश्यूरेंस के तीन करोड़ रुपये मिल जाएं। इस मामले में पुलिस ने दोनों बेटों सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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News Desk

PM के साथ प्रियंका के चाय पीने से बढ़ी सियासी हलचल, क्‍या राहुल को आएगा रास? कांग्रेस में उभरते दो पावर सेंटर

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नई दिल्‍ली । संसद सत्र (Parliament session) के समापन के बाद होने वाली पारंपरिक ‘चाय पे चर्चा’ (Discussion over tea) इस बार सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं रही, बल्कि इसने कांग्रेस (Congress) की आंतरिक राजनीति में उभरते नए समीकरणों की झलक भी दे दी। लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री (Prime Minister) का अग्रिम पंक्ति में बैठना सामान्य बात है, लेकिन इस बार पहली बार सांसद बनीं प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) का उसी पंक्ति में बैठकर चाय पीना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। खास बात यह रही कि संसदीय दल में किसी औपचारिक पद पर न होने के बावजूद प्रियंका को प्रमुख स्थान मिला, जबकि एनसीपी की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले उनसे पीछे बैठी नजर आईं। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान प्रियंका गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड को लेकर शालीन बातचीत भी हुई।

जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर ऐसी अनौपचारिक बैठकों से दूरी बनाए रखते हैं, वहीं प्रियंका गांधी की मौजूदगी उनकी राजनीतिक समझ और सार्वजनिक छवि की अहमियत को दर्शाती है। इस दौरान उनके चेहरे पर सहज मुस्कान और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। इससे ठीक एक दिन पहले प्रियंका ने लोकसभा में हल्के-फुल्के अंदाज में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से वायनाड में एक हाईवे को लेकर मुलाकात का अनुरोध किया था। गडकरी ने सत्र समाप्त होते ही उन्हें अपने कार्यालय आने का आमंत्रण दे दिया।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी की अनुपस्थिति में प्रियंका गांधी ने इस सत्र में प्रभावी ढंग से संसदीय कमान संभालती नजर आईं। वह रोज सुबह करीब 9:30 बजे संसद पहुंचीं, मीडिया में सक्रिय रहीं और यह सुनिश्चित किया कि कांग्रेस की आवाज दबने न पाए। हालांकि, उनकी रणनीति सिर्फ मौजूदगी तक सीमित नहीं दिखी। सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी ने पार्टी के भीतर ‘बिग टेंट’ अप्रोच अपनाने की पहल की। यानी अलग-थलग पड़े नेताओं को फिर से साथ लाना।

कांग्रेस के बागी आवाजों की वापसी?
बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी के प्रयास से ही मनीष तिवारी और शशि थरूर जैसे नेताओं को दोबारा प्रमुख बहसों में आगे लाया गया। पार्टी के भीतर यह महसूस किया गया कि अनुभवी वक्ताओं को दरकिनार करना कहीं न कहीं बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो रहा था। इसके बाद मनीष तिवारी ने SHANTI विधेयक समेत कई अहम मुद्दों पर सदन में कई बार अपनी बात रखी, जबकि शशि थरूर ने VB-G RAM G बिल पर बोलने के साथ-साथ नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर मकर द्वार पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया।

सोनिया गांधी की झलक?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, प्रियंका गांधी का यह समावेशी तरीका उनकी मां सोनिया गांधी की राजनीतिक शैली की याद दिलाता है। वह पार्टी के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक टकराव बनने से पहले ही संभाल लेती हैं।

लोकसभा के भीतर भी प्रियंका ने सीधे टकराव से परहेज नहीं किया। उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री को घेरने का साहस दिखाया। यह एक ऐसा विषय जिसे छूने से पार्टी के कई नेता कतराते रहे हैं। इस दौरान उन्होंने संयम, दृढ़ता और हल्के हास्य के मिश्रण से सरकार को जवाब देने पर मजबूर किया।

बीजेपी मान रही नई चुनौती
बीजेपी खेमे में भी यह धारणा बनती दिख रही है कि जहां राहुल गांधी को निशाना बनाना आसान रहा है, वहीं प्रियंका गांधी एक ज्यादा जटिल और संतुलित राजनीतिक चुनौती पेश करती हैं। उनके बारे में कहा जा रहा है कि वह लंबी राजनीतिक नाराजगियां नहीं पालतीं और संवाद के रास्ते खुले रखती हैं। इसी बीच, रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ उनके रिश्तों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। गौरतलब है कि बिहार अभियान के दौरान प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी की आलोचना की थी, लेकिन प्रियंका गांधी को लेकर वह हमेशा सम्मानजनक रुख अपनाते रहे।

कांग्रेस में दो पावर सेंटर?
शीतकालीन सत्र के समापन के साथ ही कांग्रेस में दो शक्ति केंद्रों का उभरना अब नजरअंदाज करना मुश्किल होता जा रहा है। पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज है कि जहां राहुल गांधी वैचारिक आंदोलनों और जन-आंदोलनों का चेहरा बने रहेंगे, वहीं रणनीति, संवाद और रोजमर्रा के राजनीतिक प्रबंधन की जिम्मेदारी धीरे-धीरे प्रियंका गांधी के हाथों में जा सकती है।

बाबरी मस्जिद बनवा रहे हुमायूं कबीर का चैलेंज… बोले- ये अयोध्या नहीं, मुर्शिदाबाद है

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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुर्शिदाबाद जिले (Murshidabad district ) में बाबरी मस्जिद का निर्माण करवा रहे हैं। इसके लिए पिछले दिनों मस्जिद की नींव भी रखी गई, जिस कार्यक्रम में सऊदी अरब से मौलवी बुलाए गए। अब कबीर का कहना है कि तीन साल के भीतर यह मस्जिद बनकर तैयार हो जाएगी और कोई भी राजनैतिक ताकत इसे रोक नहीं सकती। कबीर ने बताया कि इसका निर्माण कार्य अगले साल की शुरुआत में फरवरी से शुरू हो जाएगा।

हुमायूं कबीर ने कहा, ”यह अयोध्या नहीं है, मुर्शिदाबाद है। मेरा चैलेंज है। कोई भी यहां आकर बाबरी मस्जिद को हाथ नहीं सकता है।” दरअसल, छह दिसंबर 1992 में यूपी के अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ था, जिसकी वजह से कबीर ने भी बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखी। चंद दिनों में कबीर को इसके लिए करोड़ों का चंदा भी मिल चुका है।

उन्होंने कहा, “मैंने यह फैसला 1992 में लिया था जब बाबरी मस्जिद गिराई गई थी। लेकिन जब 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने जमीन राम मंदिर को दी, बाबरी मस्जिद को नहीं, तो मैंने पक्का इरादा कर लिया कि अब बाबरी मस्जिद मुर्शिदाबाद में बनेगी। मेरा बाबर से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने इसका नाम बाबरी मस्जिद इसलिए रखा क्योंकि लोगों को आज भी दर्द होता है। अगर चुनाव के दौरान ‘जय श्री राम’ बोलना सही है, तो ‘अल्लाह हू अकबर’ बोलना भी सही है।”

कबीर ने आगे बताया कि मस्जिद निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये मिल चुके हैं और यह पैसा हमारे घर में रखा हुआ है। हमने 25 बीघा जमीन ले ली है और कागज़ी कार्रवाई चल रही है। फरवरी में तैयारियां शुरू हो जाएंगी और मस्जिद तीन साल में पूरी हो जाएगी। यहां हर हफ़्ते शुक्रवार की नमाज़ पढ़ी जाएगी और लाखों ईंटें पहले ही आ चुकी हैं।”

इससे पहले पिछले हफ्ते मुर्शिदाबाद जिले में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के स्थल पर सैकड़ों लोगों ने शुक्रवार की नमाज अदा की थी। सुबह से ही आसपास के गांवों से लोग निर्माण स्थल की ओर जाने वाले खेतों में आने लगे। जैसे-जैसे नमाज का समय नजदीक आया, आयोजकों ने लाउडस्पीकर के जरिए बढ़ती भीड़ को निर्देशित किया। नमाजियों की लंबी कतारें खेतों से होते हुए जाती दिखाई दे रही थीं।

सिद्धारमैया के ढाई साल सीएम वाली बात पर डीके शिवकुमार बोले- पालन करेंगे

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बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री (Karnataka Deputy Chief Minister) डी के शिवकुमार (D K Shivakumar) ने शुक्रवार को कहाकि वह ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहेंगे कि राज्य में मुख्यमंत्री का बदलाव होगा या नहीं। शिवकुमार ने कहा कि उनके और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया (Chief Minister Siddaramaiah) के बीच कांग्रेस आलाकमान के कहने पर कुछ सहमति बनी है और दोनों इसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि सिद्धरमैया आलाकमान के निर्णय के अनुसार मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल पर कभी कोई टिप्पणी नहीं की है।

डीके ने कहाकि हम दोनों के बीच कुछ सहमति बनी है। आलाकमान ने हमारे बीच वह सहमति कायम की है। इसके अनुसार हम दोनों ने चर्चा की है और कई बार कहा है कि हम इसका पालन करेंगे और आगे बढ़ेंगे। हालांकि, शिवकुमार ने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया कि मुख्यमंत्री पद में कोई बदलाव होगा या नहीं। मुख्यमंत्री के बदलाव की चर्चाओं पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहाकि यह आप (मीडिया) लोग बात कर रहे हैं, हमारे बीच इस बारे में कोई चर्चा नहीं है। हम पार्टी के फैसले का पालन करेंगे।

उपमुख्यमंत्री शुक्रवार को उत्तर कन्नड़ जिले के विभिन्न मंदिरों के दौरे पर थे। उत्तर कन्नड़ जिले के अंकोला स्थित देवी जगदीश्वरी मंदिर की उनकी यात्रा का मुख्यमंत्री बनने की उनकी महत्वाकांक्षाओं से संबंध होने से संबंधित प्रश्न के उत्तर में, शिवकुमार ने कहाकि मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता, यह मेरे और देवी मां के बीच का मामला है। यह भक्त और देवी के बीच का मामला है। मैंने देवी से क्या प्रार्थना की और उन्होंने मुझे क्या बताया, यह हम दोनों के बीच का मामला है।

डीके शिवकुमार ने कहाकि पांच साल पहले वह अपने परिवार से संबंधित किसी समस्या को लेकर मंदिर आए थे और उनकी मनोकामना पूरी हुई थी। डिप्टी सीएम ने कहाकि इसलिए मैं कृतज्ञता व्यक्त करने और अपने लिए, राज्य के लिए और मुझ पर विश्वास करने वाले लोगों के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए मंदिर आ रहा हूं। मैं यहां से खुशी-खुशी वापस जा रहा हूं।

इससे पहले दिन में, सिद्धारमैया ने कहा था कि वह पूरे पांच साल के अपने कार्यकाल के लिए पद पर बने रहेंगे। उन्होंने कहाकि उन्हें कांग्रेस आलाकमान के समर्थन पर पूरा विश्वास है। विधानसभा में उत्तर कर्नाटक के विकास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के दौरान भी सिद्धारमैया ने कहाकि उन्होंने कभी यह जिक्र नहीं किया कि वह केवल ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री हैं। शिवकुमार ने यहां पत्रकारों से कहाकि मैंने कभी नहीं कहा कि वह (सिद्धारमैया) पांच साल तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। मैंने कभी नहीं कहा कि आलाकमान उनके साथ नहीं है। आलाकमान उनके साथ है, इसीलिए वह आज मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया पार्टी के फैसले के अनुसार मुख्यमंत्री पद पर हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट पर हंगामा, पायलट ने पैसेंजर को 7 साल की बेटी के सामने पीटा

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नई दिल्ली. दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi airport) के टर्मिनल-1 पर एक यात्री ने एअर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) के पायलट (Pilot) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अंकित दीवान नाम के यात्री ने दावा किया है कि उनके साथ पायलट कैप्टन वीरेंद्र ने ना सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि उन पर शारीरिक हमला भी किया, जिससे वह लहूलुहान हो गए. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद यह मामला तूल पकड़ गया है. पीड़ित यात्री का कहना है कि इस घटना ने उनकी पूरी छुट्टी बर्बाद कर दी और उनका परिवार, खासकर उनकी 7 साल की बेटी अब भी सदमे में है.

यात्री ने दावा किया है कि पायलट ने उसके साथ मारपीट की. 7 साल की बेटी के सामने पीटा गया. इस वारदात के बाद से बेटी सदमे में है. इस घटना के बाद एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बयान जारी किया और खेद जताया है. इसके साथ ही आरोपी पायलट को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया.

पीड़ित यात्री ने क्या आरोप लगाया?
यात्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- मुझे और मेरे परिवार को सिक्योरिटी चेक के लिए उस लाइन में जाने के लिए कहा गया, जिसका इस्तेमाल स्टाफ करता है क्योंकि हमारे साथ एक 4 महीने का बच्चा स्ट्रोलर में था. स्टाफ मेरे आगे लाइन ब्रेक रहा था. जब मैंने टोका तो कैप्टन वीरेंद्र नाराज हो गए और उन्होंने मुझसे कहा कि क्या आप अनपढ़ हैं और क्या ये साइन नहीं पढ़ सकते जिस पर लिखा है कि ये एंट्री स्टाफ के लिए है.

इसके बाद कहासुनी हो गई और पायलट ने मुझ पर हमला कर दिया, जिससे मुझे खून निकल आया. पायलट की शर्ट पर लगा खून भी मेरा ही है. मेरी छुट्टियां खराब हो गईं. मेरी 7 साल की बेटी ने अपने पिता को बेरहमी से पिटते हुए देखा. वो अभी भी सदमे में है और डरी हुई है.

एअर इंडिया ने क्या कहा…
घटना सामने आने के बाद एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने पायलट के व्यवहार पर खेद जताया और आधिकारिक बयान जारी किया है. एयरलाइन ने कहा है कि आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.

कंपनी के प्रवक्ता ने बयान में कहा, हमें दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई घटना की जानकारी मिली है, जिसमें हमारा एक कर्मचारी शामिल था. यह कर्मचारी किसी अन्य एयरलाइन की फ्लाइट से यात्री के रूप में यात्रा कर रहा था और उसका एक अन्य यात्री के साथ विवाद हुआ. हम इस तरह के व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं. संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से आधिकारिक ड्यूटी से हटा दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने कर्मचारियों से बेहतर आचरण और पेशेवर व्यवहार की अपेक्षा की. कंपनी का कहना था कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हर समय जिम्मेदारी से पेश आएं.

कांग्रेस का आरोप…. संसद के शीत सत्र की शुरुआत गुरुदेव और समापन गांधीजी के अपमान से हुई

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नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) ने संसद (Parliament) का शीतकालीन सत्र (Winter session) संपन्न होने के बाद शुक्रवार को आरोप लगाया कि इस सत्र की शुरुआत सत्तापक्ष द्वारा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर (Gurudev Rabindranath Tagore) की मानहानि किए जाने से हुई और समापन राष्ट्रपिता “महात्मा गांधी के अपमान” से हुआ और इस दौरान पंडित जवाहरलाल नेहरू पर भी प्रहार किए गए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया यह शीतकालीन सत्र नहीं “प्रदूषणकालीन सत्र” था और वह सरकार वायु प्रदूषण पर चर्चा से भाग गई, जो यह मानती है कि वायु प्रदूषण का फेफड़े पर कोई असर नहीं होता।

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद रमेश ने संवाददाताओं से कहा, “हमसे सर्वदलीय बैठक में कहा गया कि 14 विधेयक पेश होंगे, जिनमें दो विधेयक औपचारिकता निभाने वाले थे। यानी कुल 12 विधेयक की जानकारी दी गई थी। लेकिन इनमें से पांच विधेयक नहीं लाए गए।”

आखिरी दो दिनों में जी राम जी विधेयक
उन्होंने कहा कि ‘वीबी जी राम जी विधेयक’’ आखिरी दो दिनों में पेश किया गया। जी राम जी विधेयक पर लोकसभा में बुधवार देर रात तक चर्चा हुई इसे बृहस्पतिवार को पारित किया गया जबकि राज्यसभा में इस पर कल करीब छह घंटे से अधिक की चर्चा के बाद 18 दिसंबर को देर रात पारित किया गया। रमेश ने दावा किया, “इस सत्र की शुरुआत गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के अपमान से हुई… वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान इतिहास को तोड़मरोड़कर पेश किया गया।”

पंडित जवाहरलाल नेहरू का भी अपमान
उनका कहना था कि सत्ता पक्ष भूल गया कि टैगोर के सुझाव पर वंदे मातरम् के दो अंतरों को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया था। लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरा होने के अवसर पर हुई चर्चा का प्रारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन से हुआ जबकि राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने इस चर्चा की शुरुआत की थी। रमेश ने कहा कि सत्ता पक्ष ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का भी अपमान किया।

उन्होंने जी राम जी विधेयक का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इस सत्र की समाप्ति महात्मा गांधी के अपमान से हुई। रमेश ने कहा कि विपक्ष की ओर से वायु प्रदूषण पर चर्चा की मांग की गई थी, लेकिन इसे अनसुना किया गया। उन्होंने कहा, “हमने सरकार को यह जानकारी दी थी कि हम वायु प्रदूषण पर चर्चा होनी चाहिए। हमें उम्मीद थी कि आज चर्चा होगी, लेकिन यह नहीं हुआ।”

महिला को झांसे में लेकर की भारी लूट, आरोपी गिरफ्तार—पढ़ें पूरी वारदात

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मुंबई। मुंबई काला जादू ठगी मामला सामने आने के बाद शहर में सनसनी फैल गई है। विले पार्ले इलाके में एक व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिस पर आरोप है कि उसने एक महिला को परिवार पर काला जादू होने का डर दिखाकर करीब 10 लाख रुपये की ज्वेलरी चोरी कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को पूजा-पाठ करने वाला व्यक्ति बताकर महिला का भरोसा जीता और फिर ठगी की इस वारदात को अंजाम दिया।

विले पार्ले पुलिस के मुताबिक, आरोपी रामचंद्र सुतार ने महिला से दावा किया कि किसी ने उसके परिवार पर काला जादू कर दिया है। उसने कहा कि विशेष पूजा से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। अक्टूबर महीने में वह महिला के घर आया और पूजा के नाम पर उससे मोटी रकम भी वसूली। शुरुआत में महिला को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।

पुलिस ने बताया कि अगली विज़िट के दौरान आरोपी ने महिला से कहा कि वह अपनी सारी सोने की ज्वेलरी एक स्टील के कंटेनर में रख दे। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि ऐसा करने से उसकी और उसके परिवार की किस्मत चमक जाएगी। साथ ही यह भी हिदायत दी गई कि जब तक वह खुद न कहे, तब तक कंटेनर को न खोला जाए। महिला ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया।

कुछ समय बाद परिवार में एक शादी के लिए जब महिला को ज्वेलरी की जरूरत पड़ी और उसने कंटेनर खोला, तो वह सन्न रह गई। कंटेनर पूरी तरह खाली था। इसके बाद महिला ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मुंबई काला जादू ठगी मामला में FIR दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अंधविश्वास के झांसे में न आएं और ऐसे किसी भी व्यक्ति से सतर्क रहें, जो काला जादू या चमत्कार के नाम पर ठगी करता हो।

 

 

 

कपिल सिब्बल बोले- संसद की प्रासंगिकता हो रही कम.. सत्ता में बैठे लोगों को इसकी परवाह नहीं

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नई दिल्ली। राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल (Rajya Sabha member Kapil Sibal) ने शुक्रवार को दावा किया कि संसद (Parliament) की प्रासंगिकता धीरे-धीरे कम हो रही है, क्योंकि सत्ता में बैठे लोगों को इसकी ज्यादा परवाह नहीं है। वे सिर्फ उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो मौजूदा समय के लिए अप्रासंगिक हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह भी कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है क्योंकि संसद में वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाती है।

कपिल सिब्बल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमारी संसद की प्रासंगिकता धीरे-धीरे कम हो रही है। अब कम बैठकें होती हैं और लोग सोचते हैं कि वहां कुछ नहीं होता है। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है, क्योंकि वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाती है। इसके बजाय, ऐसे विषय उठाए जाते हैं जो आज के समय के लिए अप्रासंगिक हैं।’ उन्होंने इस बात का उल्लेख्र किया कि शीतकालीन सत्र एक से 19 दिसंबर तक आयोजित किया गया था, जिसके दौरान 15 बैठकें हुईं।

कपिल सिब्बल की क्या है शिकायत
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘जब हम पहले संसद में थे तो शीतकालीन सत्र 20 नवंबर को शुरू होता था। 2017 में 13 बैठकें हुईं, 2022 में 13 बैठकें हुईं, 2023 में 14 बैठकें हुईं। अगर यही जारी रहा तो जो चर्चा होनी चाहिए वह नहीं हो सकेगी। ऐसा लगता है कि सत्ता में बैठे लोगों को संसद की ज्यादा परवाह नहीं है।’ कपिल सिब्बल ने कहा कि विपक्ष 1 दिसंबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा चाहता है क्योंकि एसआईआर आज देश में सबसे बड़ा मुद्दा है, लेकिन सरकार ने शर्त रख दिया कि पहले वंदे मातरम् पर चर्चा होगी। उन्होंने दावा कि संसद की प्रासंगिकता धीरे-धीरे कम हो रही है।

मुंबई में नोरा फतेही की कार का एक्सीडेंट, शराबी ड्राइवर गिरफ्तार

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मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही एक्सीडेंट का शिकार हो गईं, जब मुंबई में उनकी कार को एक शराबी ड्राइवर ने टक्कर मार दी। यह सड़क दुर्घटना बीती रात हुई, जब नोरा फतेही डीजे डेविड गुएटा के कॉन्सर्ट में शामिल होने जा रही थीं। अचानक नशे में धुत एक शख्स ने अपनी कार से उनकी गाड़ी में जोरदार टक्कर मार दी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में नोरा फतेही को कोई गंभीर चोट नहीं आई है।

हादसे की जानकारी देते हुए मुंबई पुलिस ने बताया कि टक्कर के बाद एहतियातन एक्ट्रेस को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई। जांच में सामने आया कि दूसरी कार का चालक शराब के नशे में था। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। नोरा फतेही एक्सीडेंट की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके फैंस चिंता में पड़ गए थे।

हालांकि, जैसे ही यह साफ हुआ कि एक्ट्रेस पूरी तरह सुरक्षित हैं, फैंस ने राहत की सांस ली। नोरा फतेही की टीम की ओर से भी यह पुष्टि की गई कि उन्हें किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई है और वह ठीक हैं।

वर्क फ्रंट की बात करें तो नोरा फतेही ने अपने करियर की शुरुआत सलमान खान के रियलिटी शो बिग बॉस से की थी। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके दमदार डांस मूव्स और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें यूथ के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है। उन्होंने साल 2014 में फिल्म ‘रोर’ से एक्टिंग डेब्यू किया था और हिंदी के साथ-साथ तेलुगू व मलयालम फिल्मों में भी काम किया है।

आने वाले समय में नोरा फतेही कन्नड़ फिल्म ‘केडी – द डेविल’ और ‘कंचना 4’ में नजर आएंगी, जो साल 2026 में रिलीज होंगी। नोरा फतेही एक्सीडेंट के बावजूद फैंस अब उनकी आगामी फिल्मों को लेकर उत्साहित हैं।

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News Desk