भारत-पाक सीमा पर अब एयरबेस बनाने का रास्ता साफ………श्रीगंगानगर तहसील में बनेगा दूसरा एयरबेस 

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

जोधपुर। राजस्थान से लगती भारत-पाक सीमा पर अब एयरबेस बनने का रास्ता साफ हो गया है। नए एयरबेस से पाकिस्तान के 3 बड़े एयरबेस तक भारतीय फाइटर जेट जल्दी पहुंच सकते हैं।
नए एयरबेस के लिए सादुलशहर (श्रीगंगानगर) तहसील के आस-पास के क्षेत्र की जमीन के अधिग्रहण का रास्ता साफ हुआ है। दरअसल, अधिग्रहण के विरोध में 58 किसानों और जमीन मालिकों ने याचिका लगाई थी। राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर) ने सुनवाई में सभी याचिकाओं को खारिज किया। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी ने फॉरवर्ड कंपोजिट एविएशन बेस (एफसीएबी) के लिए भूमि अधिग्रहण को सही ठहराया है। यह रिट याचिका केवल तकनीकी आपत्तियों के सहारे राष्ट्रीय महत्व की रक्षा परियोजना को पटरी से उतारने की कोशिश मात्र है। राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने रिपोर्टेबल जजमेंट में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं में व्यक्तिगत हितों पर जनहित भारी पड़ता है।
नया सादुलशहर एयरबेस पाकिस्तान बॉर्डर से करीब 40 किलोमीटर दूर होगा। श्रीगंगानगर जिले में यह दूसरा एयरफोर्स स्टेशन होगा। इसके पहले सूरतगढ़ एयरफोर्स स्टेशन मौजूद है। राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर के जिलों पहले से 5 एयरफोर्स स्टेशन ऑपरेशनल हैं। नए एयरबेस से युद्ध की कंडीशन में पाकिस्तान के जकोबाबाद, भोलारी और रहीम यार खान एयरबेस तक फाइटर जेट तेजी से पहुंच सकते हैं।
मामला सादुलशहर तहसील के लालगढ़ जाटान और आस-पास के क्षेत्र का है। यहां भारत-पाक सीमा के पास रक्षा मंत्रालय की ओर से एक महत्वपूर्ण एयरबेस स्थापित होना है। इसका ऑपरेशन सिंदूर के तहत निर्माण हो रहा है, जो रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। 

Previous articleमास्को से जामनगर तक बढ़ती नजदीकी, ग्लोबल पॉलिटिक्स में हलचल
Next articleVijay Hazare Trophy: रोहित शर्मा और विराट कोहली का अगला मैच कब और किस टीम से?
News Desk

100 लोगों के बीच आमना-सामना, कौन जीतेगा टाइगर श्रॉफ या आर्यन खान का हीरो?

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

साल 2025 में कई बड़ी और छोटे बजट की फिल्में रिलीज हुई हैं. जहां बिग बजट की फिल्मों को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा. तो कुछ फिल्में ऐसी हैं, जिनकी कोई बात नहीं हुई, पर जैसे ही रिलीज हुई तो भौकाल काट दिया. फिलहाल अगले साल के लिए फिल्मों की तैयारी चल रही है. कुछ फिल्में एकदम तैयार हैं, तो कुछ पर अभी भी काम चल रहा है. इस साल टाइगर श्रॉफ की Baaghi 4 रिलीज हुई थी. जिसमें उन्होंने खूब खून खराबा किया और विलेन बनकर खुद संजय दत्त ही आए थे. पर मामला एकदम ठंडा रहा. इस वक्त ‘लग जा गले’ नाम की एक फिल्म पर काम हो रहा है, जो करण जौहर की एक्शन फिल्म है. इसी बीच पता लगा कि फिल्म में आर्यन खान के हीरो की टाइगर से टक्कर होने वाली है |

टाइगर श्रॉफ के लिए बीते कुछ साल ज्यादा खास साबित नहीं हुए हैं. जिस भी फिल्म में दिखे, वो या तो ज्यादा कमाई नहीं कर पाई या तो फ्लॉप ही हो गई. हालांकि, अजय देवगन की सिंघम अगेन में एक्टर ने पुलिसवाला बनकर अच्छा काम किया था. जिसके बाद उनके खाते में और फिल्में आ गईं. अब एक बार फिर करण जौहर की पिक्चर में दिखने वाले हैं. टाइगर श्रॉफ और लक्ष्य लालवानी के बीच कौन सी टक्कर होने वाली है?

टाइगर की आर्यन खान के हीरो से टक्कर

हाल ही में एक न्यूज वेबसाइट पर रिपोर्ट छपी. जिससे पता लगा कि, टाइगर श्रॉफ और लक्ष्य लालवानी एक रिवेंज एक्शन फिल्म ‘लग जा गले’ में आमने-सामने होंगे. फिलहाल यह टक्कर सबसे पहले डांस फ्लोर पर आएगी. कहा जा रहा है कि डायरेक्टर राज मेहता ने 24 दिसंबर को कोलाबा के मुकेश मिल्स में एक डांस फेस ऑफ की शूटिंग शुरू की. जिसे गणेश आचार्य ही कोरियोग्राफ कर रहे हैं. वहीं उन्होंने इस गाने के लिए 100 से ज्यादा प्रोफेशनल डांसर बुलाए हैं. यह एक फुल-फ्लेज्ड डांस-ऑफ ही होगा, जैसा टाइगर श्रॉफ की कई फिल्मों में आपने देखा होगा. हालांकि, इस मामले में टाइगर का पलड़ा काफी भारी है. इस गाने के लिए लक्ष्य को आसान मूव्स दिए जाएंगे |

दरअसल कई दिनों से यह दोनों ही एक्टर्स रिहर्सल कर रहे थे, जिसके बाद इस हफ़्ते की शुरुआत में एक साथ जॉइंट रन-थ्रू के लिए आगे आ गए हैं. हाल ही में पता लगा कि 29 दिसंबर तक गाने को कंप्लीट शूट कर लिया जाएगा. यानी फाइनल डे पर दोनों की टक्कर का पूरा शूट एकदम तैयार होगा |

साल 2025 में लक्ष्य छाए रहे

इस साल शाहरुख खान के लाडले आर्यन खान की पहली वेब सीरीज Bads Of Bollywood आई. नेटफ्लिक्स पर इस सीरीज को भर-भरकर प्यार भी मिला. जिसमें लक्ष्य लालवानी को ही हीरो बनाकर उतारा गया था. अब लक्ष्य और टाइगर की टक्कर होगी |

प्रियंका गांधी का एकमात्र उद्देश्य भाई राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना: शिवकुमार 

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

बेंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का यह बयान हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिल्ली में मीडिया से बात कर उन्होंने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट की, बल्कि कर्नाटक की राजनीति में चल रही उथल-पुथल पर भी अपनी राय रखी। शिवकुमार ने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में देखा जा रहा था।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रियंका गांधी का एकमात्र उद्देश्य अपने भाई राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाना है। शिवकुमार ने कहा कि उनके लिए मल्लिकार्जुन खड़गे (एआईसीसी अध्यक्ष) ही सर्वोच्च नेता हैं और राहुल गांधी विपक्ष के नेता के रूप में पार्टी का मुख्य चेहरा हैं।
दरअसल यह स्पष्टीकरण रॉबर्ट वाड्रा के उस बयान के बाद आया जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी प्रियंका गांधी वाड्रा की नेतृत्व क्षमता की तारीफ कर उनके राजनीति में उज्ज्वल भविष्य की बात की थी, जिससे नेतृत्व को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
वहीं पिछले कुछ समय से कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के सत्ता हस्तांतरण के समझौते की खबरें आ रही थीं। इस विवाद पर शिवकुमार ने कहा कि वर्तमान में नेतृत्व को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा, मैं उपमुख्यमंत्री के रूप में खुश हूं और मुझे एक पार्टी कार्यकर्ता बने रहना पसंद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेतृत्व को लेकर कोई भी निर्णय लेना पूरी तरह से कांग्रेस आलाकमान का अधिकार है और जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह उन्हें स्वीकार होगा।
डीके का यह बयान कांग्रेस के भीतर एकता दिखाने और नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह के भ्रम को दूर करने की एक कोशिश है। विशेष रूप से प्रियंका गांधी को लेकर उनके बयान ने यह संदेश दिया है कि परिवार के भीतर और पार्टी में राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद बने हुए हैं।

Previous articleRSS शताब्दी वर्ष पर भोपाल में चार आयोजन, मोहन भागवत करेंगे युवाओं के साथ संवाद
Next article100 लोगों के बीच आमना-सामना, कौन जीतेगा टाइगर श्रॉफ या आर्यन खान का हीरो?
News Desk

पहले ही मुकाबले में छाए वैभव सूर्यवंशी, रोहित-कोहली को छोड़ा पीछे

0

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का आगाज एकदम धमाकेदार रहा, जहां पहले ही दिन शतकों की बारिश हुई. मगर सबसे ज्यादा चर्चा तीन शतकों ने बटोरी- विराट कोहली, रोहित शर्मा और वैभव सूर्यवंशी. भारतीय क्रिकेट के दो सीनियर दिग्गज और एक उभरते हुए सितारे ने जोरदार शतकीय पारियों के दम पर अपनी-अपनी टीम को तो जिताया ही, साथ ही फैंस को भी एंटरटेन किया. इनमें भी 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने असली धमाका किया, जो दोहरे शतक से तो चूक गए लेकिन एक खास मामले में वो शतक लगाने वाले बाकी 21 बल्लेबाजों से आगे निकल गए. ये है सबसे ज्यादा छक्के और सबसे ज्यादा बाउंड्री |

24 दिसंबर से शुरू हुए इस टूर्नामेंट के पहले दिन ही वैभव सूर्यवंशी ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 190 रन कूटे. जो काम वैभव नहीं कर सके, वो ओडीशा के स्वास्तिक समाल ने कर दिखाया. इस बल्लेबाज ने टूर्नामेंट के पहले मैच में ही दोहरा शतक ठोक दिया. 25 साल के स्वास्तिक ने अपने लिस्ट ए करियर का पहला ही शतक लगाया और सौराष्ट्र के खिलाफ 212 रन की यादगार पारी खेलकर इतिहास रचा. मगर इसके बाद भी वो बाउंड्री जड़ने के मामले में वैभव से पीछे रह गए |

वैभव ने जमाए सबसे ज्यादा छक्के

बिहार के 14 साल के ओपनर वैभव ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 84 गेंदों का सामना करते हुए ये धुआंधार पारी खेली. इस दौरान उन्होंने कुल 15 छक्के जमाए, जो बाकी सभी बल्लेबाजों से ज्यादा थे. उनके बाद सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर झारखंड के कप्तान ईशान किशन रहे, जिन्होंने कर्नाटक के खिलाफ सिर्फ 39 गेंदों में 125 रन कूटे और इस दौरान 14 छक्के ठोके. वहीं रोहित शर्मा ने अपनी 155 रन की पारी में 9 छक्के ठोके |

विराट-रोहित से कितने आगे वैभव?

इतना ही नहीं, सबसे ज्यादा बाउंड्री (चौके-छक्के) जमाने के मामले में भी वैभव ने सभी बल्लेबाजों को पछाड़ दिया. 15 छक्कों के साथ ही वैभव ने 16 चौके भी ठोके और इस तरह कुल 31 बाउंड्री उनके बल्ले से निकली. ये दोहरा शतक लगाने वाले स्वास्तिक से भी ज्यादा थी, जिन्होंने 29 बाउंड्री (21 चौके, 8 छक्के) जड़ी. इस मामले में तीसरे नंबर पर रोहित शर्मा रहे, जिन्होंने 9 छक्के और 18 चौकों के साथ कुल 27 बाउंड्री बटोरीं. वहीं 131 रन की पारी खेलने वाले विराट कोहली सिर्फ 17 बाउंड्री (14 चौके, 3 छक्के) ही जमा सके |

बस और लॉरी की भिड़ंत के बाद लगी भीषण आग, 12 की मौत, 20 झुलसे

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Karnataka Road Accident: कर्नाटक में गुरुवार की सुबह भीड़क सड़क हादसा हो गया. चित्रदुर्ग जिले में हिरियूर के पास एक निजी बस और कंटेनर ट्रक के बीच जोरदार भिड़ंत के बाद बस में आग लग गई. आज इतनी भयावह थी कि इसमें लगभग 12 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.

उद्धव और राज ठाकरे एकसाथ आए, कांग्रेस ने दी बधाई……….लेकिन एकला चलो रे की रणनीति अपनाएगी 

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ पर आ गई है। वहीं कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का यह बयान स्पष्ट करता है कि कांग्रेस गठबंधन धर्म और जमीनी संगठन की मजबूती के बीच एक महीन संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
दरअसल कांग्रेस ने उद्धव और राज ठाकरे के बीच संभावित राजनीतिक समझौते का स्वागत किया है। वडेट्टीवार ने इसे पारिवारिक एकता बताकर बधाई दी है, लेकिन साथ ही एक लक्ष्मण रेखा भी खींच दी है। कांग्रेस महाराष्ट्र नवनिमार्ण सेना (मनसे) के साथ किसी भी औपचारिक गठबंधन के पक्ष में नहीं है। उनकी प्राथमिकता हमेशा की तरह शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी के साथ ही रहेगी।
कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने साफ कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर कांग्रेस एकला चलो रे की रणनीति अपनाएगी है। इसके पीछे के तर्क ये हैं हालिया नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि अपने दम पर लड़ने से पार्टी का आधार बढ़ता है। कांग्रेस का दावा है कि पार्षद सीटों और महापौर पदों के मामले में उनका प्रदर्शन सहयोगियों से बेहतर रहा है। वहीं कांग्रेस अब आक्रामक रूप से मराठी कार्ड खेलती नजर आ रही है। वडेट्टीवार ने उद्धव ठाकरे के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि मुंबई में मराठी भाषा और लोगों के अधिकारों पर अतिक्रमण हो रहा है। मुंबई को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसका कांग्रेस विरोध करेगी।
वडेट्टीवार का यह बयान एमवीए (एमवीए) के भीतर किसी दरार का संकेत नहीं, बल्कि एक रणनीतिक स्वायत्तता है। कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि वह राज्य स्तर पर गठबंधन के प्रति वफादार है, लेकिन स्थानीय निकायों में अपनी ताकत को किसी के साथ साझा करके कम नहीं करना चाहती।

Previous articleआर्मी कैंप में फायरिंग, जेसीओ की मौत
Next articleमध्यप्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज, पचमढ़ी में पारा 4 डिग्री से नीचे
News Desk

आर्मी कैंप में फायरिंग, जेसीओ की मौत

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में स्थित एक आर्मी कैंप के भीतर फायरिंग हुई। घटना में सेना के एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) की मौत हो गई। यह घटना देर रात हुई। रक्षा प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रवक्ता के अनुसार, ड्यूटी के दौरान जेसीओ को गोली लगी थी। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शुरुआती जांच में इस घटना के पीछे किसी आतंकी साजिश की आशंका से इनकार किया गया है।मामले की जांच जारी है। तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

Previous articleअमेरिका में अवैध प्रवासियों पर सख्ती, 30 भारतीय ड्राइवरों समेत 42 गिरफ्तार
Next articleउद्धव और राज ठाकरे एकसाथ आए, कांग्रेस ने दी बधाई……….लेकिन एकला चलो रे की रणनीति अपनाएगी 
News Desk

राहुल गांधी समेत सोनिया-प्रियंका को नोटिस

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

लखनऊ। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत सोनिया-प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खडग़े को लखनऊ कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। राहुल गांधी के एक बयान को लेकर दाखिल परिवाद पर एमपी-एमएलए कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा- विवादित बयान को लेकर सभी 5 जनवरी 2026 को जवाब दाखिल करें। परिवाद अधिवक्ता नृपेन्द्र पांडेय की ओर से दाखिल किया गया था।
नृपेन्द्र पांडेय ने कोर्ट को बताया-15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस के नवनिर्मित मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के अवसर पर राहुल गांधी गांधी ने कहा था- वी आर नाउ फाइटिंग द बीजेपी, द आरएसएस एंड द इंडियन स्टेट इटसेल्फ। परिवाद में दावा है कि यह बयान भारत राष्ट्र और उसकी संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है, जिसे जानबूझकर और सोच-समझकर दिया गया है।

‘इंडियन स्टेट’ की व्याख्या को बनाया आधार
परिवाद में ‘इंडियन स्टेट’ की व्याख्या करते हुए कहा गया है कि इसका अर्थ केवल सत्ताधारी दल नहीं, बल्कि भारत की संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका और समूची संवैधानिक व्यवस्था से है। ऐसे में ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ लडऩे की बात करना भारत राष्ट्र, उसकी एकता और अखंडता के विरुद्ध है। यह राष्ट्र दोह के दायरे में आता है।

बयान का कोई विरोध या खंडन नहीं किया
परिवाद में कहा गया है कि कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खडग़े, सोनिया गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा और जयराम रमेश ने राहुल गांधी के इस बयान का कोई विरोध या खंडन नहीं किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि बयान सामूहिक सहमति से दिया गया है।

देश को अस्थिर करने की साजिश का आरोप
परिवादी नृपेन्द्र पांडेय ने अदालत में दलील दी कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी बार-बार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर, युवाओं और आम जनता के मन में भ्रम और असंतोष फैलाने का काम कर रहे हैं। इससे देश को अस्थिर करने और सामाजिक सौहार्द बिगाडऩे की साजिश की आशंका जताई गई है। लखनऊ के हजरतगंज थाने से जुड़े इस परिवाद की सुनवाई एसीजेएम तृतीय/एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में हुई। न्यायालय ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए 5 जनवरी 2026 को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई में अदालत यह तय करेगी कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी।

केंद्र सरकार ने राज्यों को दिए नए निर्देश,अरावली क्षेत्र में खनन के लिए नए पट्टे पर पूर्ण प्रतिबंध

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली।पर्यावरण से जुड़े ज्वलंत मुद्दे पर केंद्र सरकार ने राज्यों को नए सिरे से निर्देश दिए हैं। अरावली पर्वत श्रृंखला में खनन का पट्टा दिए जाने के मामले में दिए गए इस निर्देश के मुताबिक राज्य गुजरात से दिल्ली तक फैली अरावली पर्वतमाला में खनन के लिए नई लीज नहीं दी जा सकेगी। यानी अब पर्यावरण के लिहाज से इस अत्यंत संवेदनशील इलाके में खनन के नए पट्टे जारी करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। बता दें कि बीते नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पर्यावरण मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों को पहले भी आगाह किया था।
21 दिसंबर के परामर्श में कहा गया था कि एमपीएसएम  यानी सतत खनन प्रबंधन योजना को अंतिम रूप दिए जाने तक माइनिंग के लिए कोई नई लीज नहीं दी जानी चाहिए। यह परामर्श सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी हुआ था। आदेश में कहा गया था कि भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद जब तक प्रबंधन योजना नहीं बना लेती, तब तक खनन के लिए नई लीज नहीं दी जा सकती। पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद से कहा गया है कि पूरे अरावली क्षेत्र में ऐसे अतिरिक्त क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां पर खनन पर रोक लगनी चाहिए। यह उन क्षेत्रों के अतिरिक्त रहे, जहां पर केंद्र ने पहले से खनन पर प्रतिबंध लगा रखा है। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद से एक समग्र और विज्ञान आधारित प्रबंधन योजना बनाने को कहा गया है। इस योजना को फिर सार्वजनिक किया जाएगा ताकि सभी साझेदारों से इस पर सलाह-मशविरा किया जा सके। इसके पर्यावरण आकलन और पारिस्थितिक क्षमता को भी देखा जाएगा ताकि संवेदनशील क्षेत्रों की संरक्षण के लिहाज से पहचान की जा सके। साथ ही ऐसे क्षेत्रों की बहाली या पुनर्वास के उपाय किए जा सकें।

Previous articleCM साय ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर किया नमन
Next articleसरस्वती शिशु विद्या मंदिर रातू के 130 बच्चों का ‘एडवेंचर डे आउट’, पंचघाघ की वादियों में ऐसे की मस्ती और पढ़ाई
News Desk

राहुल गांधी ने दिया विवादित बयान………फंस गए खुद और सोनिया-प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन 

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

लखनऊ। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित सोनिया-प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे को लखनऊ कोर्ट ने नोटिस दिया है। राहुल गांधी के एक बयान को लेकर दाखिल परिवाद पर एमपी-एमएलए कोर्ट ने सख्त रुख दिखाकर कहा कि विवादित बयान को लेकर सभी 5 जनवरी 2026 को जवाब दाखिल करें। परिवाद अधिवक्ता नृपेन्द्र पांडेय की ओर से दाखिल किया गया था।
पांडेय ने कोर्ट को बताया कि 15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस के नवनिर्मित मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के मौके पर राहुल गांधी ने कहा था कि वी आर नाउ फाइटिंग द बीजेपी, द आरएसएस एंड द इंडियन स्टेट इटसेल्फ। परिवाद में दावा है कि यह बयान भारत राष्ट्र और उसकी संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है, इतना ही नहीं इस बयान को जानबूझकर और सोच-समझकर दिया गया है।
परिवाद में ‘इंडियन स्टेट’ की व्याख्या कर बताया गया कि इसका अर्थ केवल सत्ताधारी दल नहीं, बल्कि भारत की संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका और समूची संवैधानिक व्यवस्था से है। इसतरह से ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ लड़ने की बात करना भारत राष्ट्र, उसकी एकता और अखंडता के विरुद्ध है। यह राष्ट्र दोह के दायरे में आता है।
परिवाद में इस बात का भी ज्रिक किया गया कि कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा और जयराम रमेश ने राहुल गांधी के बयान का कोई विरोध या खंडन नहीं किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि बयान सामूहिक सहमति से दिया गया है।

Previous articleगूगल पर 2025 में सबसे ज्यादा खोजा गया शब्द ‘जेमिनी’, एआई ने बदली दुनिया
Next articleग्वालियर बनेगा औद्योगिक हब….गृह मंत्री और सीएम आज करेंगे वो बड़ा धमाका, जिससे बदल जाएगी शहर की किस्मत
News Desk