प्रियंका गांधी के बेटे रेहान की गर्लफ्रेंड संग होगी सगाई, वाड्रा परिवार में जल्द बजेंगी शहनाइयां

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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के घर जल्द ही एक मांगलिक उत्सव की रौनक देखने को मिलेगी। चर्चा है कि उनके बेटे रेहान वाड्रा जल्द ही अपनी लंबे समय की मित्र अवीवा बेग के साथ सगाई के बंधन में बंधने जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है और विवाह की दिशा में यह पहला कदम उठाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि रेहान वाड्रा और अवीवा बेग पिछले सात वर्षों से एक-दूसरे के मित्र हैं। हाल ही में रेहान ने अवीवा को प्रपोज किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। अवीवा बेग का परिवार देश की राजधानी दिल्ली का ही रहने वाला है। हालांकि अभी तक सगाई की किसी निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही एक निजी समारोह में दोनों अंगूठियों का आदान-प्रदान करेंगे। वाड्रा परिवार के चश्मचराग रेहान फिलहाल सक्रिय राजनीति की चकाचौंध से दूर अपनी एक अलग पहचान बनाने में जुटे हैं। 29 अगस्त 2000 को जन्मे 24 वर्षीय रेहान ने अपनी शुरुआती शिक्षा दिल्ली और देहरादून से पूरी करने के बाद लंदन की प्रतिष्ठित एसओएएस यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद रेहान की रुचि कला और सृजनात्मकता के क्षेत्र में अधिक रही है। वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही नजर आते हैं, हालांकि कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक दौरों पर उन्हें अपनी मां प्रियंका गांधी के साथ देखा गया है। पेशेवर तौर पर रेहान एक स्थापित विजुअल और इंस्टॉलेशन आर्टिस्ट हैं। उन्हें बचपन से ही फोटोग्राफी, विशेषकर वाइल्डलाइफ और नेचर फोटोग्राफी का बेहद शौक रहा है। रेहान अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन कई प्रदर्शनियों के माध्यम से कर चुके हैं। उनकी पहली सोलो एग्जीबिशन डार्क परसेप्शन को काफी सराहना मिली थी। इसके अलावा कोलकाता में आयोजित द इंडिया स्टोरी में भी उनकी कला को प्रदर्शित किया जा चुका है। दिसंबर 2022 में उनकी दूसरी बड़ी प्रदर्शनी आयोजित हुई थी, जिसने कला जगत का ध्यान उनकी ओर आकर्षित किया था। अब जब दोनों परिवारों ने इस रिश्ते पर अपनी मुहर लगा दी है, तो उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में गांधी-वाड्रा परिवार में वैवाहिक आयोजनों की हलचल तेज होगी। रेहान और अवीवा की सगाई की खबरों ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता पैदा कर दी है।

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नए साल से बदलेंगे आधार-पैन, बैंक और राशन के नियम

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पटना। नए साल की शुरुआत के साथ ही आम लोगों से जुड़ी कई अहम सुविधाओं और नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खातों और राशन व्यवस्था पर पड़ेगा। सरकार और संबंधित विभागों का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करना है। ऐसे में जरूरी है कि आम लोग इन नए नियमों की जानकारी समय रहते समझ लें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सबसे बड़ा बदलाव आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर अपडेट को लेकर किया गया है। अब आधार कार्ड में मोबाइल नंबर वही अपडेट हो सकेगा, जो उसी व्यक्ति के नाम से रजिस्टर्ड सिम से जुड़ा होगा। यानी यदि आधार में किसी अन्य व्यक्ति के नाम का मोबाइल नंबर अपडेट कराने की कोशिश की गई, तो वह आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाएगा। अब तक लोग किसी भी परिचित या परिवार के सदस्य के नंबर से आधार अपडेट करवा लेते थे, लेकिन नए नियम के बाद ऐसा संभव नहीं होगा। आधार कार्ड बनवाते समय या अपडेट कराते समय जो मोबाइल नंबर दिया जाएगा, वह उसी व्यक्ति के नाम से होना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में सभी आधार सेवा केंद्रों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। आधार केंद्रों पर रोजाना 10 हजार से अधिक लोग मोबाइल नंबर अपडेट कराने पहुंचते हैं। ऐसे में नए नियमों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे सही दस्तावेज और अपने नाम का मोबाइल नंबर लेकर ही आधार केंद्र जाएं। सरकार का मानना है कि इससे आधार से जुड़ी धोखाधड़ी और गलत अपडेट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इसी तरह आधार और पैन कार्ड को लिंक करने को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। यदि 31 दिसंबर तक आधार को पैन से लिंक नहीं किया गया, तो पैन कार्ड डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा। पैन के डीएक्टिव होने के बाद आयकर रिटर्न फाइल करना, बैंक से जुड़े कई वित्तीय लेनदेन और अन्य जरूरी कामों में गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं। इसके अलावा पैन को दोबारा सक्रिय कराने के लिए 1000 रूपये तक का जुर्माना भी देना होगा। ऐसे में जिन लोगों ने अब तक आधार-पैन लिंक नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। बैंक खातों से जुड़े नियमों में भी जनवरी से बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। अब तक कई लोग बैंक खाते में किसी और का मोबाइल नंबर दर्ज करवा कर भी काम चला लेते थे। लेकिन नए साल से नए खाताधारकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि बैंक खाते में वही मोबाइल नंबर दिया जाए, जो खाताधारक के नाम से रजिस्टर्ड हो। इसके साथ ही पुराने खाताधारकों के मोबाइल नंबर को भी चरणबद्ध तरीके से अपडेट किया जाएगा। अब बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर पूरी तरह खाता धारक आधारित होगा। इसके लिए दूरसंचार विभाग और बैंकों के बीच समन्वय किया जा रहा है। जो लोग नया खाता खोलना चाहते हैं, उन्हें अपने नाम का मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा नए साल से राशन व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जनवरी से जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिए मिलने वाले अनाज की मात्रा में बदलाव होगा। अब हर लाभार्थी परिवार को 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल दिया जाएगा। इससे पहले तक प्रत्येक परिवार को 7 किलो गेहूं और 28 किलो चावल मिलता था। इस बदलाव का उद्देश्य परिवारों की पोषण आवश्यकताओं को संतुलित करना और अनाज वितरण को बेहतर बनाना है।

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ड्राफ्ट रोल अब नहीं कल, नई तारीख घोषित

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भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के क्रम में 31 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल जारी होना था. हालांकि अब इसकी नई तारीख बताई गई है |

सोशल मीडिया साइट एक्स पर राज्य निर्वाचन आयोग ने लिखा कि- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2026 के आधार पर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की घोषित तिथियों में संशोधन करते हुए नई तिथियां जारी कर दी गई है |

UP SIR का ड्राफ्ट रोल कब होगा जारी?

आयोग ने लिखा कि संशोधित तिथियों के अनुसार अब मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 06 जनवरी, 2026 को किया जाएगा | दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी, 2026 तक निर्धारित की गई है |

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण, गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा | उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च, 2026 को किया जाएगा  |

यूपी में दो करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम कटे

उत्तर प्रदेश में चार नवंबर को शुरू हुई SIR की कवायद में लगभग दो करोड़ 89 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं | उन्हें नाम शामिल कराने के लिये फार्म संख्या छह जमा करना होगा | प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि इन 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार मतदाताओं में से जो मसौदा सूची में शामिल हुए हैं, उनमें से एक करोड़ से अधिक ‘अनमैप्ड’ श्रेणी में हैं. ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे ताकि वे निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 12 दस्तावेजों की सूची में से किसी एक को जमा करें, ताकि उन्हें ‘मैप्ड’ श्रेणी में शामिल किया जा सके |

उत्तर प्रदेश में लगभग 52 दिन तक संचालित SIR के पहले चरण की अवधि दो बार बढ़ाए जाने के बाद 26 दिसंबर को समाप्त हुई. रिणवा ने बताया, ‘निर्वाचन आयोग एक जनवरी से अब एक महीने की प्रक्रिया शुरू करेगा | इस दौरान दो करोड़ 88 लाख 75 हजार नाम अलग-अलग कारणों से मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं. जो लोग दोबारा नाम जुड़वाना चाहते हैं, वे फॉर्म संख्या छह भरकर दोबारा आवेदन कर सकते हैं |

शराब परोसने से मना करने पर बार मालिक की नृशंस हत्या

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लातूर । महाराष्ट्र के लातूर जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। चाकुर तालुका के नाइगांव में मात्र शराब और सिगरेट न देने पर 3 युवकों ने मिलकर एक 42 वर्षीय बार मालिक, गजानन कासले, की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जब कासले अपना बार बंद कर चुके थे, तब तीन युवक जबरन अंदर घुस आए। उन्होंने बंद समय में शराब और सिगरेट की मांग की। जब कासले ने नियमों का हवाला देकर इंकार किया, तब आरोपी हिंसक हो उठे। आरोपियों ने कासले को गालियां देकर लकड़ी के डंडों व लाठियों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगने के कारण कासले की मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आए वेटर अजय मोरे को भी बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल है। आरोपी जाते-जाते काउंटर से 15,000 रुपये नकद, शराब की बोतलें लूट ले गए और बार का टेलीविजन भी तोड़ दिया।
इसके बाद स्थानीय पुलिस और एलसीबी ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी की मदद से पुलिस ने घटना के मात्र 5 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मारुति उर्फ बबलू हरिबा बोयने, संतोष राम तेलंगे, सागर हनुमंत बोयने (ये तीनों रेनापुर तालुका के धवेली गांव के निवासी) हैं। मृतक के भाई बालाजी कासले की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। 

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कर्नल संतोष बाबू की बायोपिक है सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’? जानें सच्चाई

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बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान की कोई नई फिल्म आने वाली हो, और उसको लेकर फैंस एक्साइटेड न हों, ऐसा तो हो ही नहीं सकता | बीते 27 दिसंबर को सलमान ने अपना 60वां बर्थडे सेलिब्रेट किया. इस खास मौके पर उनकी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान का एक छोटा सा टीजर रिलीज किया गया | इस टीजर ने रिलीज होते ही इंटरनेट पर तबाही मचा दी | इस टीजर में सलमान का कमाल का लुक नजर आ रहा है. उन्होंने इस फिल्म के लिए अपना वजन भी घटाया था, जिसके बाद फैंस को इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं |

सलमान के करियर के लिए बीते कुछ साल इंडस्ट्री में उतने अच्छे नहीं रहे हैं, ऐसे में इस फिल्म से सलमान को भी काफी उम्मीदें हैं | इसी बीच ऐसी चर्चा है कि सलमान की ये फिल्म असल में एक बायोपिक है. ऐसा कहा जा रहा है कि बैटल ऑफ गलवान, कर्नल संतोष बाबू की बायोपिक है. आइए जानते हैं, इस बात में कितनी सच्चाई है और आखिर कौन है कर्नल संतोष बाबू?

कौन थे कर्नल संतोष बाबू?

सबसे पहले जानते हैं कि कर्नल संतोष बाबू कौन हैं? तो आपको बता दें कि मिली जानकारी के मुताबिक, कर्नल बी. संतोष बाबू भारतीय सेना के एक वीर सैन्य अधिकारी थे, जो 2020 में गलवान घाटी में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान (शहादत) देने के लिए जाने जाते हैं | वो 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे और उन्हें मरणोपरांत भारत के दूसरे सबसे बड़े युद्धकालीन वीरता पुरस्कार, महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था | ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सलमान इस फिल्म में शहीद कर्नल के किरदार में ही नजर आने वाले हैं?

बायोपिक है सलमान की फिल्म?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये बात सच है कि ये फिल्म साल 2020 में गलवान घाटी में हुए क्लैश से जुड़ी सच्ची घटनाओं पर आधारित है, लेकिन सलमान की ये फिल्म किसी की भी बायोपिक नहीं है | सलमान इस फिल्म में एक अलग किरदार निभाते नजर आएंगे, जिसका शहीद कर्नल संतोष बाबू की जिंदगी से कोई लेना देना नहीं है. फिल्म के टीजर में भी दिखाई दे रहा है कि सलमान हाथों में एक लकड़ी का टुकड़ा लेकर चीनी सेना का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं | इस फिल्म को अपूर्व लाखिया डायरेक्ट कर रहे हैं. फिल्म में सलमान के अलावा एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, जैन शाह, अंकुर भाटिया जैसे सितारे भी नजर आने वाले हैं |

अरावली के बाद अब सुप्रीम कोर्ट एनजीटी विषय पर भी करें हस्तक्षेप

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नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा है कि अरावली पहाड़ियों के मामले में आदेश के बाद अब सुप्रीम कोर्ट को एनजीटी के विषय पर भी हस्तक्षेप करना चाहिए। मंगलवार को पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि पिछले एक दशक में एनजीटी की शक्तियों को पूरी तरह से कमजोर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हस्तक्षेप करे ताकि यह संस्था बिना किसी भय या पक्षपात के कानून के अनुरूप स्वतंत्र रूप से काम कर सके।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि कल सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की परिभाषा में बदलाव को लेकर 20 नवंबर, 2025 को दिए गए अपने ही फैसले को स्वतः संज्ञान लेते हुए वापस ले लिया, जबकि मोदी सरकार ने उस फैसले को पूरे उत्साह के साथ अपनाया था। सुप्रीम कोर्ट का यह कदम अत्यंत जरुरत और स्वागतयोग्य था। उन्होंने कहा कि अब पर्यावरण से जुड़े तीन अन्य अत्यंत अहम और तात्कालिक मुद्दे हैं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट को अरावली मामले की तरह ही स्वतः संज्ञान लेकर हस्तक्षेप करना चाहिए। 
रमेश ने कहा कि 6 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के सरिस्का टाइगर रिजर्व की सीमाओं को दोबारा तय करने के प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी, इसके तहत करीब 57 बंद खदानों को खोलने का रास्ता बनाया जा रहा था। इस प्रस्ताव को साफ तौर से खारिज कर देना चाहिए। रमेश के मुताबिक 18 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही 16 मई, 2025 के उस फैसले की समीक्षा का दरवाजा खोल दिया था, जिसमें पूर्व प्रभाव से दी जाने वाली पर्यावरणीय मंजूरियों पर रोक लगाई गई थी। 
उन्होंने कहा कि ऐसी मंजूरियां न्यायशास्त्र के बुनियादी सिद्धांत के खिलाफ हैं और शासन व्यवस्था का उपहास बनाती हैं। कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया। इस फैसले की समीक्षा अनावश्यक थी। पूर्व प्रभाव से मंजूरी कभी भी नहीं दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि कानूनों, नियमों और प्रावधानों को अक्सर जानबूझकर दरकिनार किया जाता है कि परियोजना शुरू हो जाने के बाद निर्णय प्रक्रिया को मैनेज कर लिया जाएगा।

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स्मृति मंधाना की कुर्सी पर खतरा! अपनी ही दोस्त ने 236 रन ठोक मचाया तहलका

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क्रिकेट |  ICC ने महिला क्रिकेटरों की ताजा रैंकिंग जारी कर दी है |नई रैंकिंग में स्मृति मंधाना अभी भी टॉप 3 में बरकरार है | मगर उनकी पोजिशन पर अब अपने ही साथी खिलाड़ी का खतरा मंडराने वाला है. हम बात कर रहे हैं शेफाली वर्मा की, जिन्होंने नई रैंकिंग में 4 स्थान की जबरदस्त छलांग लगाई है. शेफाली की ये छलांग श्रीलंका के खिलाफ T20 सीरीज में उनके शानदार प्रदर्शन का नतीजा है |

शेफाली को मिला 236 रन ठोकने का इनाम

शेफाली वर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ 5 T20 की सीरीज के पहले 4 मुकाबलों में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं. वो 200 रन का आंकड़ा सीरीज में पार करने वाली पहली बल्लेबाज हैं | शेफाली ने सीरीज के पहले 4 मैचों में 118 की औसत और 185.82 की स्ट्राइक रेट के साथ 236 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 3 अर्धशतक जड़े. जबकि उनके बल्ले से 36 चौके और 5 छक्के निकले |

शेफाली बनीं स्मृति के लिए खतरा?

ICC T20 महिला बल्लेबाजों की रैंकिंग में शेफाली वर्मा पहले 10वें स्थान पर थीं. मगर नई रैंकिंग में 4 स्थान की छलांग लगाकर वो अब छठे स्थान पर पहुंच गई हैं. शेफाली वर्मा के 736 रेटिंग पॉइंट हैं | वहीं, नंबर 3 पर मौजूद स्मृति मंधाना के 767 रेटिंग पॉइंट हैं. यानी, स्मृति और शेफाली के बीच का फासला 31 पॉइंट का है |

टॉप 10 में 3 भारतीय बल्लेबाज

ICC महिला बल्लेबाजों की T20 रैंकिंग में टॉप में 3 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं, जिसमें स्मृति और शेफाली के अलावा जेमिमा भी हैं. जेमिमा रोड्रिग्ज नई रैंकिंग में 9वें से खिसककर 10वें नंबर पर आ गई हैं | उनकी रेटिंग पॉइंट 643 है. भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर पहले की ही तरह 615 रेटिंग पॉइंट के साथ 15वें स्थान पर बरकरार हैं |

ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी वर्ल्ड नंबर 1

ICC महिला बल्लेबाजों की T20 रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी पहले नंबर पर हैं. उनकी रेटिंग पॉइंट 794 रन है | वहीं, वेस्टइंडीज की हेले मैथ्यूज 774 रेंटिंग अंक के साथ दूसरे नंबर की बल्लेबाज बनी हैं |

बांग्लादेशी गैस टैंकर्स का घेराव

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अगरतला। त्रिपुरा के जीरानिया और बोधजंग नगर क्षेत्रों में जनता का धैर्य तब जवाब दे गया, जब प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश से आए आठ गैस बुलेट टैंकर्स को रोक दिया। बांग्लादेशी वापस जाओ के नारों के साथ हुआ विरोध प्रदर्शन केवल एक नाकाबंदी नहीं, बल्कि पड़ोसी देश में पनप रहे भारत-विरोधी विमर्श और हिंदुओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ एक कड़ा संदेश है।
दरअसल बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के आने को विशेषज्ञ केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि कट्टरपंथ का आगमन मान रहे हैं। यूनुस की चीन यात्रा और वहां सेवन सिस्टर्स (पूर्वोत्तर भारत) के लिए बांग्लादेश को गार्जियन बताने वाला बयान भारत की क्षेत्रीय अखंडता के लिए सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। त्रिपुरा जैसे शांत राज्य में इस तरह का प्रदर्शन भारत की बदलती रणनीति और जन-भावनाओं को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार अब स्वीकार्य नहीं हैं। भारत-विरोधी एजेंडा चलाने वालों को भारतीय संसाधनों का लाभ नहीं मिलने दिया जाएगा। सीमा पार से दी जा रही धमकियों का जवाब अब ज़मीनी कार्रवाई से दिया जाएगा।

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400 करोड़ की फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल, 5 दिन में नहीं छू पाई 5 करोड़

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रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. ये फिल्म अब वर्ल्डवाइड 1100 करोड़ रुपये के आंकड़े को छूने जा रही है. रणवीर की फिल्म को हॉलीवुड फिल्म ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ के आने से भी कोई फर्क नहीं पड़ा और उसकी ताबड़तोड़ कमाई जारी रही. धुरंधर तो हॉलीवुड फिल्म को भी कमाई में टक्कर देते हुए लगातार आगे बढ़ती रही और ये सिलसिला जारी है | हालांकि विदेशी फिल्म होने के बावजूद अवतार ने भी दमदार प्रदर्शन टिकट खिड़की पर किया है, लेकिन एक दूसरी हॉलीवुड फिल्म कमाई में फिसड्डी निकली है |

‘अवतार: फायर एंड ऐश’ ने 19 दिंसबर को सिनेमाघरों में दस्तक दी थी. 11 दिनों में इस फिल्म ने भारत में शानदार कमाई की है. लेकिन, इसके बाद रिलीज हुई एक अन्य हॉलीवुड फिल्म का टिकट खिड़की पर जलवा देखने को नहीं मिला है. इस पिक्चर का नाम है ‘एनाकोंडा’. ये पिक्चर 25 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई थी. इसका बजट बहुत भारी भरकम है. इसकी कमाई तगड़ी हो रही है, लेकिन भारत में नहीं. विदेशों में धूम मचा रही ये पिक्चर इंडियन बॉक्स ऑफिस पर सरेंडर कर चुकी है. इंडियन बॉक्स ऑफिस पर इसने दम तोड़ दिया है |

404 करोड़ रुपये है बजट

एनाकोंडा एक अमेरिकी एक्शन कॉमेडी फिल्म है. ये एनाकोंडा सीरीज की छठी पिक्चर है. इसका डायरेक्शन टॉम गोर्मिकन ने किया है. वहीं इसकी कहानी उन्होंने केविन एटन के साथ मिलकर लिखी है. फिल्म में जैक ब्लैक, पॉल रुड, स्टीव जाह्न, थैंडीवे न्यूटन, डेनिएला मेल्चियर और सेल्टन मेलो जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं. 6 दिन पहले रिलीज हुई एनाकोंडा का बजट 45 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 404 करोड़ रुपये है |

भारत में 5 दिनों में 5 करोड़ भी नहीं हुई कमाई

404 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट में बनी एनाकोंडा दुनियाभर में अब तक 400 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है और अपना बजट निकाल चुकी है. लेकिन, इंडिया में इसकी हालत बहुत खस्ता है. इसने भारत में सिर्फ 1.6 करोड़ रुपये से ओपनिंग ली थी. दूसरे दिन 0.8 करोड़, तीसरे दिन 1.05 करोड़ रुपये, चौथे दिन 1.05 करोड़ रुपये और पांचवें दिन सिर्फ 35 लाख रुपये कमाए. इस हिसाब से अब तक पांच दिनों में इसकी भारत में सिर्फ 4.85 करोड़ रुपये कमाई हुई है |

संजय राउत का शिंदे गुट पर तंज………पहले शिवसेना हमेशा अग्रणी रही, अब बीजेपी के सामने झुक गई 

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मुंबई। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल है। महायुति द्वारा सीटों के बंटवारे का फार्मूला सामने आने के बाद, यूबीटी शिवसेना सांसद संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा प्रहार किया है। सांसद राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट भाजपा के सामने झुक गया है और उनके द्वारा दी गई सीटों पर चुनाव लड़ेगा। राउत ने कहा कि पिछले 60 वर्षों में शिवसेना ने कभी किसी के सामने समझौता नहीं किया, लेकिन अब शिंदे गुट ने भाजपा के पास जाकर मराठी अस्मिता पर सवाल उठाया है।
सांसद राउत ने कहा कि अब शिवसेना को सीटें भाजपा के कारण मिल रही हैं, जबकि पहले शिवसेना हमेशा अग्रणी रही है। उन्होंने शिंदे गुट पर कटाक्ष कर इस मराठी लोगों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। संजय राउत ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ गठबंधन में करीब 140 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके अलावा, एनसीपी के शरद पवार गुट के साथ भी कुछ सीटों का आदान-प्रदान होगा। बीएमसी चुनावों से पहले उद्धव और राज ठाकरे ने मिलकर ‘भूमिपुत्र’ के मुद्दे को फिर से जोर देने की कोशिश की है।
इस बीच,एनसीपी-एससीपी ने मुंबई के सात वार्डों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने 37 उम्मीदवारों की सूची के एक दिन बाद 27 और उम्मीदवारों की दूसरी सूची भी जारी की है। इस राजनीतिक गतिरोध ने महाराष्ट्र की सियासत में एक नई हलचल पैदा कर दी है, जहां पुराने और नए गठबंधनों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। बंटवारे, गठबंधन और मराठी अस्मिता का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में नई ज्वाला पैदा कर रहा है।

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