नाम आया और बाहर हुआ खिलाड़ी, ऑस्ट्रेलिया टीम पर सवाल

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ऑस्ट्रेलिया ने भी भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेले जाने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का ऐलान कर दिया है. टीम में कप्तान मिचेल मार्श समेत 15 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है. लेकिन, हैरान करने वाली बात ये है कि ऑस्ट्रेलियाई सेलेक्टर्स ने उसी खिलाड़ी को टीम में नहीं चुना, जिसका साल 2025 में बहुत नाम हुआ. ऑस्ट्रेलियाई टीम के ऐलान के बाद चौंकने वाली बात सिर्फ यही नहीं रही बल्कि उस खिलाड़ी का सेलेक्शन भी रहा, जो पिछले 12 T20 इंटरनेशनल से बाहर चल रहा था. T20 वर्ल्ड कप 2026 चूंकि भारत और श्रीलंका में होना है, इसलिए ऑस्ट्रेलिया ने स्पिन को तव्वजो दी है |

मिचेल ओवन का नाम हुआ मगर T20 WC टीम से बाहर

T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम के सेलेक्शन में जिन 2 बातों ने हैरान किया, वो रहा मिचेल ओवन का बाहर होना और कूपर कोनोली को टीम में जगह मिलना. पिछले साल मिचेल ओवन तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने BBL में होबार्ट हरिकेन के लिए सिडनी थंडर के खिलाफ तूफानी शतक जड़ा था. उन्होंने 11 छक्कों के साथ 42 गेंदों पर ही 108 रन जमाए थे. इसके बाद मिचेल ओवन बीच PSL से IPL में खेलने के लिए बुलाए जाने पर चर्चा में आए. प्रीति जिंटा की टीम ने उन्हें 3 करोड़ में खुद से जो़ड़ा था. पिछले साल ही जुलाई में अपने इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर भी ये ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर सुर्खियों में बना रहा |

मिचेल ओवन के बाहर होने की वजह ये तो नहीं?

अब सवाल है कि मिचेल ओवन को T20 वर्ल्ड कप की टीम में जगह क्यों नहीं मिली? ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनके नहीं चुने जाने की वजह कहीं ना कहीं उनका परफॉर्मेन्स रहा है. मिचेल ओवन सुर्खियों में तो रहे मगर उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा. पिछले साल खेले 50 T20 में उन्होंने बस 981 रन ही बनाए. इसमें उन्होंने 13 T20 इंटरनेशनल खेले, जिसमें केवल 163 रन बनाए. भारत में तो उनके प्रदर्शन का हाल और भी बुरा रहा. पिछले साल भारत में खेले 3 T20 इंटरनेशनल वो बस 14 रन ही बना सके |

12 T20I से टीम से बाहर मगर T20 WC के लिए हुआ सेलेक्शन

मिचेल ओवन तो T20 वर्ल्ड कप की टीम में जगह नहीं बना पाए लेकिन पिछले 12 T20 इंटरनेशनल से ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा नहीं रहने वाले कूपर कोनोली को उसमें जगह मिली है. ऑस्ट्रेलियाई सेलेक्टर्स के इस फैसले ने सभी को हैरान किया है. कूपर कोनोली के अलावा मैथ्यू शॉर्ट, मैट कुन्हेमन और जेवियर बार्टलेट को भी T20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम में जगह मिली है. ये इन सभी खिलाड़ियों का पहला T20 वर्ल्ड कप होगा | 

टीम में पैट कमिंस, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल और जॉश हेजलवुड जैसे खिलाड़ियों का अनुभव भी मौजूद है. ऑस्ट्रेलिया के स्पिन की कमान टी20 वर्ल्ड कप में एडम जंपा संभालते दिखेंगे |

T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम

मिचेल मार्श (कप्तान), ट्रेविस हेड, पैट कमिंस, मार्कस स्टोइनिस, जॉश हेजलवुड, नाथन एलिस, जेवियर बार्टलेट, मैथ्यू वेड, कूपर कोनोली, एडम जंपा, मैट कुन्हेमन, टिम डेविड, कैमरन ग्रीन, जॉश इंग्लिस और ग्लेन मैक्सवेल |

जयशंकर–PAK स्पीकर मुलाकात पर सियासत तेज, कांग्रेस का हमला

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पिछले साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. हमले से नाराज भारत ने पाकिस्तान के साथ अपने राजनयिक संबंध खत्म कर लिए गए और फिर मई में दोनों के बीच जंग भी हुई. इस दौरान दोनों देशों के नेता आपस में नहीं मिले | हालांकि अब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने ढाका पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान के स्पीकर अयाज सादिक से मुलाकात की. कांग्रेस ने इस मुलाकात पर निशाना साधा है |

बेगम खालिदा जिया का पिछले दिनों लंबी बीमारी के बाद ढाका में निधन हो गया था. उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर ढाका के दौरे पर गए. अंतिम संस्कार के इतर जयशंकर ने ढाका में पाकिस्तान के नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक से मुलाकात की |

जयशंकर की सादिक के साथ मुलाकात पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर शमा मोहम्मद ने सवाल किया कि जब पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार आतंकवाद लगातार जारी है, तो मंत्री एक पाकिस्तानी नेता से क्यों मिल रहे हैं? उन्होंने यह भी सवाल किया, “जब आप यहां पाकिस्तानियों को बुरा-भला कह रहे हैं, तो आप उनसे मिलते क्यों हैं?”

युनूस ने भी मुलाकात को लेकर किया पोस्ट

दोनों नेताओं के मुलाकात की तस्वीर को बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. इस मुलाकात को लेकर पाकिस्तान ने भी कल बुधवार को कहा कि देश की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक और भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर के बीच छोटी सी मुलाकात हुई |

पाकिस्तान की ओर से इस मुलाकात को मई के संघर्ष छिड़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच “पहला अहम उच्च-स्तरीय संपर्क” बताया गया. दोनों की मुलाकात ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार के मौके पर हुई |

रहमान से भी मिल विदेश मंत्री जयशंकर

पाक नेशनल असेंबली सचिवालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि स्पीकर सादिक बांग्लादेश की संसद में बेगम खालिदा जिया के लिए रखी शोक पुस्तिका में अपनी संवेदना लिखने गए थे, जहां अलग-अलग देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में विदेश मंत्री जयशंकर ने सादिक से मुलाकात की और हाथ मिलाया. बयान में आगे कहा गया, “यह बातचीत मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों देशों के बीच पहला अहम उच्च-स्तरीय संपर्क था.”

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के ऑफिस की ओर से ‘X’ पर पोस्ट किए गए 2 फोटो के साथ कहा गया, “पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने बुधवार को ढाका में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार कार्यक्रम से पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का अभिवादन किया.”

इससे पहले जयशंकर ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं बेगम खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे रहमान से मुलाकात की और 3 दशकों से अधिक समय तक देश की राजनीति पर अपना दबदबा बनाए रखने वाली नेता के निधन पर भारत की ओर से संवेदना जताई |

PM मोदी की कलाई पर बंधा ‘काला धागा’ कोई साधारण धागा नहीं? इसके रहस्य जानकर रह जाएंगे हैरान!

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के उन शीर्ष नेताओं में शुमार हैं, जिनकी एक झलक पाने के लिए दुनिया बेताब रहती है. उनके पहनावे, भाषण और उनकी जीवनशैली पर वैश्विक मीडिया की नजर रहती है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि दशकों से उनकी दाहिनी कलाई पर एक मामूली सा ‘काला धागा’ (Black Thread) बंधा रहता है? करोड़ों की घड़ी या महंगे आभूषणों के बजाय, विश्व के सर्वाधिक प्रभावशाली और लोकप्रिय नेताओं में से एक होने के बावजूद मोदी इस धागे को इतनी अहमियत क्यों देते हैं? इसके पीछे का रहस्य और आध्यात्मिक तथ्य आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगा. 

अंबा माता का वो ‘सिद्ध’ आशीर्वाद, वडनगर से दिल्ली तक का सफर

इस रहस्य की पहली कड़ी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर (गुजरात) से जुड़ती है. यहां स्थित मां अंबा (मां वाराही) का मंदिर मोदी परिवार की गहरी आस्था का केंद्र है. प्रधानमंत्री मोदी बचपन से ही मां शक्ति के अनन्य उपासक रहे हैं. धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई साधारण धागा नहीं है. इसे विशेष तिथियों पर, खासकर नवरात्रि के दौरान, अत्यंत गोपनीय मंत्रों के साथ ‘अभिमंत्रित’ किया जाता है. माना जाता है कि यह धागा सीधे मां शक्ति की ऊर्जा का संवाहक है. मोदी इसे एक ‘प्रसाद’ और ‘रक्षा कवच’ के रूप में पहनते हैं. यह धागा उनकी सांस्कृतिक जड़ों और उस शक्ति के प्रति समर्पण का प्रतीक है.

ऊर्जा संरक्षण का विज्ञान: काला रंग और ‘Aura’ की सुरक्षा

अक्सर लोग इसे केवल ‘अंधविश्वास’ मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन प्राचीन भारतीय ग्रंथों और आधुनिक मनोविज्ञान में रंगों का विशेष महत्व बताया गया है- नकारात्मक ऊर्जा: भौतिक विज्ञान के अनुसार काला रंग ऊष्मा और प्रकाश का सबसे बड़ा अवशोषक (Absorber) है. आध्यात्मिक दृष्टि से माना जाता है कि काला रंग बाहरी दुनिया की नकारात्मक तरंगों और ‘नजर दोष’ को सोख लेता है. आभामंडल (Aura) की सुरक्षा: प्रधानमंत्री हर दिन लाखों लोगों के संपर्क में आते हैं. तंत्र शास्त्र के अनुसार, यह काला धागा व्यक्ति के आभामंडल को सुरक्षित रखता है, जिससे मानसिक एकाग्रता भंग नहीं होती.

नवरात्रि की वो 9 दिनों की गुप्त साधना का सच

एक रोचक जानकारी यह है कि पीएम मोदी इस धागे को अपनी मर्जी से कभी नहीं बदलते. वे इसे साल में केवल दो बार, चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के समय ही बदलते हैं. मोदी पिछले कई दशकों से नवरात्रि के दौरान 9 दिनों का कठिन उपवास रखते हैं. जानकारों का कहना है कि साधना के इन 9 दिनों में जब शरीर और मन अपनी उच्चतम आध्यात्मिक अवस्था में होता है, तब वे मंदिर से आए नए अभिमंत्रित धागे को धारण करते हैं. यह धागा उनके आध्यात्मिक अनुशासन और अटूट संकल्प शक्ति का जीवंत प्रमाण है.

ज्योतिषीय रहस्य: शनि और राहु की चाल पर नियंत्रण? वैदिक ज्योतिष के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और उनके जीवन की चुनौतियों को देखते हुए यह धागा अत्यंत महत्वपूर्ण है:

शनि देव का प्रभाव: काला रंग शनि का प्रतीक है, जो कर्म, न्याय और जनता के कारक हैं. मोदी की कार्यशैली में जो ‘लोहे जैसा अनुशासन’ दिखता है, ज्योतिषी उसे शनि के शुभ प्रभाव से जोड़ते हैं.

अदृश्य शत्रुओं से बचाव: राजनीति और कूटनीति में हमेशा गुप्त चुनौतियां रहती हैं. माना जाता है कि सिद्ध किया गया काला धागा राहु जैसे छाया ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को कम करता है.

मॉडर्न लीडरशिप और सनातन परंपरा का संगम

आज के ‘डिजिटल इंडिया’ के युग में, मोदी का यह धागा एक वैश्विक संदेश देता है,’विरासत भी, विकास भी’. यह दुनिया को दिखाता है कि आप तकनीक के शिखर पर होकर भी अपनी प्राचीन संस्कृति का गर्व से पालन कर सकते हैं. यह उनके लिए कोई ‘पर्सनल ब्रांडिंग’ नहीं, बल्कि उनकी आध्यात्मिक पहचान का हिस्सा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने दी 2026 की शुभकामनाएं, एशिया में धूमधाम से हुआ नए साल का स्वागत

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दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को नए साल 2026 की शुभकामनाएं देते हुए शांति और खुशहाली की कामना की है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सभी को 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं। आने वाला वर्ष अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए, आपके प्रयासों में सफलता मिले और आपके सभी कार्य पूर्ण हों। उन्होंने समाज में शांति और सुख के लिए प्रार्थना भी की।

उधर, एशिया के कई देशों में नए साल 2026 का जोरदार स्वागत किया गया। सिंगापुर में मरीना बे के आसपास भव्य आतिशबाजी ने आसमान को रंगीन कर दिया। हजारों लोग सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में एकत्र हुए, जहां ऊंची इमारतों पर काउंटडाउन क्लॉक प्रोजेक्ट किए गए। जैसे ही घड़ी ने आधी रात का संकेत दिया, जश्न शुरू हो गया।

हांगकांग में भी लोगों ने इमारतों पर दिखाई दे रहे काउंटडाउन के साथ नए साल का स्वागत किया। चीन के बड़े शहरों में रोशनी, आतिशबाजी और पारंपरिक कार्यक्रमों के जरिए 2026 की शुरुआत हुई। मलेशिया के कुआलालंपुर और चीन के प्रमुख शहरों में भी रोशनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ नए साल का उत्साह देखने को मिला।

दिल्ली की रौनक से गोवा के बीच तक, देखें देशभर में कैसे हुआ नए साल का जोरदार स्वागत

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New Year 2026: नए साल 2026 का जश्न भोपाल-रायपुर समेत पूरे देश में मनाया जा रहा है. स्वागत के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. दिल्ली से लेकर गोवा तक पूरी रात आतिशबाजी, संगीत और पार्टियों के बीच हर जगह जश्न का नजारा दिखा. यहां जानिए कहां-कैसे हुआ नए साल का स्वागत?

दिल्ली में नए साल 2026 का स्वागत करने के लिए लोग बड़ी संख्या में अपने घरों से निकलकर इंडिया गेट पर जमा हुए. दिल खोलकर लोगों ने नए साल का स्वागत किया. जश्न में शामिल होने के लिए परिवार, युवा और पर्यटक सभी पहुंचे.

नववर्ष 2026 के पहले दिन महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की आरती की जा रही है.

पीएम मोदी ने दी नए साल की बधाई
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सभी देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा, “आप सभी को 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं! आगामी वर्ष आपके लिए अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए, आपके प्रयासों में सफलता और आपके सभी कार्यों में पूर्णता प्रदान करे. हमारे समाज में शांति और सुख के लिए प्रार्थना.”

ग्वालियर में लोग आतिशबाजी और उत्सवों के साथ नए साल2026 का किया स्वागत.

गोवा में नए साल के जश्न में डूबे लोग.

मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर लोगों ने नए साल 2026 का जश्न मनाया.

नया साल 2026 को लेकर देशभर में लोगों में काफी खुशी और उत्साह का माहौल है. आज लोगों ने साल के पहले सूरज का स्वागत किया. लोगों के लिए यह सिर्फ एक तारीख का बदलना नहीं, बल्कि उम्मीदों का नया सूरज है, सपनों की नई उड़ान है.

उज्जैन की तर्ज पर सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर, BJP सांसद बोले- ममता को आज हिंदू धर्म की याद क्यों

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 मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल के मंदिर की तर्ज पर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में मंदिर बनाया जा रहा है | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि जनवरी के दूसरे हफ्ते में महाकाल मंदिर का शिलान्यास किया जाएगा | वहीं ममता बनर्जी के बयान के बाद उज्जैन से बीजेपी सांसद अनिल फिरोजिया ने ममता बनर्जी पर तंज कसा है |

बाबरी मस्जिद की नींव की बात करते समय हिंदू प्रेम कहां था

उज्जैन की तर्ज पर सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर बनाने को लेकर बीजेपी सांसद अनिल फिरोजिया ने ममता बनर्जी पर तंज कसा है | अनिल फिरोजिया ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आज क्यों सनातन धर्म ओर हिन्दू धर्म की याद आ रही है. जब उनकी ही पार्टी के नेता बाबरी मस्जिद की नींव की बात कर रहे थे, तब उनका हिंदू प्रेम कहां गया था | तब क्यों ना उन्हीं के पार्टी के नेता को बर्खास्त किया गया? उनके खिलाफ क्यों नहीं मोर्चा खोला. इस पर सवाल खड़ा होता है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आज महाकाल की याद आ रही है. पहले याद क्यों नहीं आई, जब टीएमसी के नेता ने पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा की थी.’

जनवरी के दूसरे हफ्ते में होगा मंदिर का शिलान्यास

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर मंदिर बनेगा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि जनवरी के दूसरे हफ्ते में शिलीगुड़ी में बाबा महाकाल के मंदिर का शिलान्यास किया जाएगा |

5 जनवरी से कांग्रेस करेगी ‘जी राम जी’ पर आंदोलन और मनरेगा बचाओ अभियान

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 सेव अरावली और वोट चोरी के मुद्दे के बाद अब कांग्रेस की सियासत ‘जी राम जी’ यानी मनरेगा के इर्द-गिर्द घूमती नजर आएगी। नए साल की शुरुआत के साथ ही कांग्रेस केन्द्र सरकार के खिलाफ मनरेगा बचाओ आंदोलन छेड़ने जा रही है। 5 जनवरी से देशभर में इस आंदोलन का आगाज होगा, जिसके तहत पैदल मार्च, मशाल जुलूस, धरना-प्रदर्शन और जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा।

राजस्थान कांग्रेस भी मनरेगा को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करेगी। प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर केन्द्र सरकार के नए संशोधन बिल का विरोध करेंगे। कांग्रेस हाईकमान ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मनरेगा को लेकर आक्रामक आंदोलन चलाने का प्रस्ताव पारित किया है। आंदोलन की रणनीति से जुड़ा सर्कुलेशन जल्द ही सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को भेजा जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि केन्द्र सरकार मनरेगा के मूल स्वरूप को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। इससे पहले संसद के दोनों सदनों में मनरेगा योजना का नाम बदलने और महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया था। हालांकि विरोध के बावजूद संशोधित बिल पारित हो गया, जिसके बाद अब कांग्रेस ने सड़क पर उतरने का फैसला किया है।

 इस मुद्दे को लेकर यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी सक्रिय नजर आ रही हैं। उन्होंने कुछ मीडिया संस्थानों में इस मुद्दे को लेकर एडिटोरियल भी लिखे हैं। इसके बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई, जिसमें मनरेगा को बचाने के लिए देशव्यापी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे मजदूरों के हक की लड़ाई बताया है। दरअसल, मनरेगा से जुड़े करीब 12 करोड़ से अधिक मजदूर देशभर में कार्यरत हैं। ऐसे में कांग्रेस थिंक टैंक इस मुद्दे को बड़ा राजनीतिक हथियार बनाने की तैयारी में है। पार्टी मनरेगा के जरिए खुद को मजदूर हितैषी साबित करने और ग्रामीण वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। अब देखना होगा कि ‘जी राम जी’ यानी मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस को कितनी सियासी सफलता मिलती है।

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News Desk

अयोध्या में राजनीतिक गरमाहट, योगी-राजनाथ ने विपक्ष पर किया हमला, रक्षा मंत्री बोले- सबका समय आता है

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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ श्री राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए. इसके बाद अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, पिछली सरकारों ने अयोध्या को लहुलुहान किया. अयोध्या के खिलाफ साजिश की | अयोध्या ने कई उतार-चढ़ाव देखे. अयोध्या के नाम से ही एहसास होता है, यहां कभी युद्ध नहीं हुआ. कोई भी दुश्मन यहां के पराक्रम के सामने कभी टिक नहीं पाया लेकिन कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ, मजहबी जुनून और सत्ता के तुष्टिकरण की निकृष्टता में पड़कर अयोध्या को उपद्रव व संघर्ष का अड्डा बना दिया था |

उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए और संगठन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में प्रत्यक्ष भूमिका निभाई है. इसलिए आज वो इस रामलला मंदिर का भव्य रूप देखकर आनंद की अनुभूति कर रहे हैं. पिछले 5 साल में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे | जहां पहले कुछ लाख में लोग आते थे |

जय श्रीराम बोलने पर लाठी पड़ जाती थी

सीएम योगी ने कहा, 2017 के पहले ना स्वच्छता थी, ना बिजली, ना कनेक्टिविटी, ना सुरक्षा थी. कोई जय श्रीराम बोलता था तो उस पर लाठी जरूर पड़ जाती थी |गिरफ्तारियां हो जाती थीं. आज देश में जय श्रीराम बोलिए. अब तो भारत सरकार की योजना भी ‘जी राम जी’ के ही नाम पर आ गई है, जो रोजगार की सबसे बड़ी स्कीम बनने जा रही है |

सीएम योगी के बाद अयोध्या प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, आज इस पवन भूमि पर आकर भावुक और अभिभूत हूं. जो मुझे जीवन में चाहिए था वो मुझे आज दर्शन करके मिल गया. आज से दो साल पहले सदियों की प्रतीक्षा के बाद हमारे भगवान श्री राम अपने भव्य मंदिर में आए. आज का दिन मेरे जीवन के सौभाग्यशाली दिनों में से एक है |

यह वही अयोध्या है जो वर्षों तक रक्तरंजित रही

राजनाथ सिंह ने कहा, आज का दिन हम सबके लिए गौरव का क्षण है. यह वही अयोध्या है जो वर्षों तक रक्तरंजित रही. पीड़ा और अपमान सहने के बाद भी इस धरती ने आस्था को खत्म नहीं होने दिया | हम सबने अनेक पीढ़ियों में सबसे सौभाग्यशाली पीढ़ी में जन्म लिया है. दुनिया से जाते हुए ये संतोष रहेगा कि हम सबने राम मंदिर का निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा देखी |

रक्षा मंत्री ने कहा, आने वाली पीढ़ियां भी खुद को भाग्यशाली समझेंगी. राम मंदिर आंदोलन दुनिया के सबसे ग्रैंड नैरेटिव है, ये दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन है | भूगोल और समय दोनों के लिहाज से देखें तो ये आंदोलन दुनिया का सबसे ग्रैंड नैरेटिव बना है | पहले राम का नाम लेने वालों को अपराधी कहा गया. प्रभु राम से हम सबने सीखा है कि समय सबका आता है | जिन्होंने त्याग और तपस्या को कुचलने का काम किया उनकी स्थिति भी दुनिया देख रही है | हमने केवल राम मंदिर के आंदोलन को देखा ही नहीं बल्कि हनने आंदोलन को जिया भी है |

नए साल की शुरुआत से पहले टीम में बड़ा बदलाव, खिलाड़ी को किया गया बाहर

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अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपने स्क्वाड का ऐलान कर दिया है | अफगानी चयनकर्ताओं ने बुधवार, 31 दिसंबर को वेस्टइंडीज और टी20 वर्ल्ड कप के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है जिसमें एक बड़े मैच विनर स्पिनर को बाहर रखा गया है |बात हो रही है मिस्ट्री स्पिनर अल्लाह गजनफर की जिन्हें टीम में मौका नहीं मिला है. बता दें टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में आयोजित होगा. इस टूर्नामेंट से पहले अफगानी टीम 19 से 22 जनवरी तक यूएई में तीन मैचों की टी20 सीरीज भी खेलेगी |

अल्लाह गजनफर क्यों हुए बाहर?

मिस्ट्री स्पिनर अल्लाह गजनफर का टी20 रिकॉर्ड कमाल है और इसके बावजूद उन्हें टी20 वर्ल्ड कप में मौका नहीं मिला है. बता दें अल्लाह गजनफर ने वैसे तो सिर्फ 5 ही टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने दो विकेट चटकाए हैं लेकिन उनका इकॉनमी रेट सिर्फ 6 रन प्रति ओवर है. इसके अलावा टी20 में वो 60 मैचों में 74 विकेट ले चुके हैं. साफ है ये खिलाड़ी बड़ा मैच विनर है लेकिन इसके बावजूद वो टीम से बाहर हैं |

एसीबी के चीफ सेलेक्टर अहमद शाह सुलेमानखिल ने कहा कि अल्लाह गजनफर को बाहर करना आसान नहीं था. उन्होंने कहा, ‘गजनफर को टीम से बाहर रखना एक कठिन फैसला था, क्योंकि उनकी जगह मुजीब को शामिल किया गया. शाहिद उल्लाह कमाल ने हाल ही में हुए टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया और वो बाएं हाथ के अच्छे बल्लेबाज हैं, जो बड़े टूर्नामेंटों में बेहद अहम साबित हो सकते हैं |

गुलबदीन-नवीन उल हक की वापसी

टी20 वर्ल्ड कप में राशिद खान अफगानिस्तान टीम की कप्तानी करेंगे. टीम में ऑलराउंडर गुलबदीन नईब और कंधे की चोट से उबरकर लौटे दाएं हाथ के तेज गेंदबाज नवीन उल हक की वापसी हुई है | बाएं हाथ के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज शाहिद उल्लाह कमाल और विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद इशाक ने टीम में अपनी जगह बरकरार रखी है. युवा तेज गेंदबाज अब्दुल्ला अहमदजाई को भी टीम में शामिल किया गया है | फजल हक फारूकी, जो हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में नहीं खेल पाए थे उन्हें वेस्ट इंडीज सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप दोनों के लिए 15 सदस्यीय टीम में जगह मिली है |

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अफगानिस्तान की टीम

राशिद खान (कप्तान), इब्राहिम जादरान (उपकप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, शाहिदुल्लाह कमाल, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नईब, मोहम्मद नबी, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, नवीन उल हक, फजल हक फारूकी और अब्दुल्ला अहमदजई |

120 करोड़ की गुजराती ब्लॉकबस्टर अब हिंदी में, क्या प्रभास की ‘द राजा साब’ पर पड़ेगा असर?

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बॉलीवुड और साउथ के शोर के बीच अक्सर ही रीजनल सिनेमा और रीजनल फिल्मों की बातें नहीं हो पाती है. होती भी है तो बहुत कम. हालांकि टैलेंट कहीं भी हो और कहीं का भी हो वो अपनी पहचान बना ही लेता है | साल 2025 में बॉलीवुड और साउथ की कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस को हिलाया और करोड़ों-अरबों की कमाई की |लेकिन, प्रॉफिट के मामले में एक गुजराती फिल्म बाजी मार ले गई. इसका नाम है ‘लालो: कृष्णा सदा सहायते’.

ये एक गुजराती फिल्म है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर जमकर तबाही मचाई. लाखों के बजट में बनी इस पिक्चर ने करोड़ों का कारोबार किया था. अब ये फिल्म हिंदी में भी रिलीज होने वाली है. जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली इस फिल्म का मेकर्स ने हिंदी वर्जन का ट्रेलर रिलीज कर दिया है. इसकी कहानी एक रिक्शा ड्राइवर के इर्द गिर्द घूमती है. रिक्शा चालक अपनी लाइफ में कई तरह की परेशानियां फेस करता है. इसके बाद उसकी लाइफ में भगवान श्री कृष्ण की एंट्री होती है |

लालो: कृष्णा सदा सहायते’ का हिंदी ट्रेलर रिलीज

गुजराती फिल्म ‘लालो: कृष्णा सदा सहायते‘ ने हिंदी दर्शकों का ध्यान भी खींचा है. हिंदी दर्शकों की एक्साइटमेंट और डिमांड को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने इसे देशभर में हिंदी में भी रिलीज करने का फैसला लिया था. फिलहाल मेकर्स ने इसका ट्रेलर रिलीज किया है |

कहानी की शुरुआत हंसी-खुशी के साथ होती है. लेकिन, बाद में रिक्शा चालक अपने परिवार से कहीं दूर चला जाता है और उसका परिवार उसके लिए काफी परेशान रहता है. पत्नी और परिवार उसकी तलाश के लिए पुलिस थाने के चक्कर काटते हैं. दूसरी ओर रिक्शा ड्राइवर किसी ऐसी जगह पर फंस जाता है, जहां से उसके लिए निकलना मुश्किल हो जाता है और वो भगवान श्री कृष्ण से मदद मांगता है | फिल्म के नाम के मुताबिक फिर भगवान उसकी मदद करता है |

हिंदी में कब रिलीज होगी फिल्म?

‘लालो: कृष्णा सदा सहायते’ का डायरेक्शन अंकित सकिया ने किया है. फिल्म में रीवा रच्छ, श्रुहद गोस्वामी, करण जोशी, अंशु जोशी और किन्नल नायक अहम किरदारों में हैं. 50 लाख के बजट में बनी पिक्चर ने 120 करोड़ रुपये कमाए हैं | हिंदी में ये पिक्चर 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. यानी इस फिल्म की टक्कर प्रभास और संजय दत्त की ‘द राजा साब’ और थलपति विजय की ‘जन नेता’ से होगी. ये दोनों फिल्में साउथ की हैं, लेकिन हिंदी में भी रिलीज़ हो रही हैं |