जेएनयू की टुकड़े-टुकड़े गैंग को केंद्रीय मंत्री गिरिराज की चेतावनी…………..ये मोदी का भारत है 

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नई दिल्ली । जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी का मामला गर्मा गया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, जेएनयू टुकड़े-टुकड़े गैंग, राहुल गांधी जैसी देश विरोधी मानसिकता वाले लोग, चाहे वह राजद हो, टीएमसी हो, या वामदल हो उनका कार्यालय बन गया है। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह भारत है, यह 21वीं सदी का नरेंद्र मोदी का भारत है। मैं टुकड़े-टुकड़े गैंग से कहना चाहता हूं कि जो लोग उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोगों का समर्थन करते हैं, जो पाकिस्तान की सोच रखते थे और चिकन नेक को अलग करने की बात करते, वे देशद्रोही हैं।
वहीं जेएनयू में नारेबाजी पर दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, बात सिर्फ जेएनयू की नहीं है, कुछ लोग हैं जो इस प्रकार के देश विरोधी, धर्म विरोधी नारे लगाते हैं। ये अफजल गुरु के लिए भी नारे लगाते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ, आतंकियों के समर्थन में, नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाते हैं लेकिन कुल मिलाकर इनके नारे बस नारे तक ही सीमित रह जाते हैं। जहां नक्सलवादी होते थे वहां नक्सलवादी खत्म हो गए हैं, जहां आतंकवादी होते थे वहां आतंकवादी खत्म हो गए हैं और जिन लोगों ने दिल्ली के खिलाफ साजिश रची उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है, तब यह बस उनकी छटपटाहट है।
वहीं भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा, इस देश में कोई भी सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है। इस देश में न्याय व्यवस्था से ऊपर कुछ भी नहीं है और सरकार भी इसका पालन करने के लिए बाध्य है। इस तरह से उस न्याय का विरोध करना और सिर्फ राजनीति करना, इसका मतलब है कि आप देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं। 

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मणिपुर में 3 घंटे में दो आईईडी ब्लास्ट

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इंफाल। मणिपुर सरकार ने बिष्णुपुर जिले में लगातार दो धमाकों की घटना की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। सोमवार को हुए इन ब्लास्ट में एक महिला समेत दो लोग घायल हो गए थे। ये धमाके स्थानीय स्तर पर बनाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से किए गए थे। पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) और बिष्णुपुर जिले के पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के लिए धमाके वाली जगहों का दौरा किया। घटना में शामिल दोषियों को पकडऩे के लिए मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी आस-पास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी रहा। मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से इस घर का परिवार फिलहाल केइबुल लामजाओ के एक रिलीफ कैंप में रह रहा है। पहला धमाका होने के बाद जब गांव वाले मौके पर जमा हुए, तो करीब 200 मीटर दूर पर 8:45 बजे दूसरा ब्लास्ट हुआ। इस ब्लास्ट में दो लोग घायल हो गए।

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दिल्ली विधानसभा में क्यों लगे अरविंद केजरीवाल माफी मांगो के नारे 

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नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को हंगामे के साथ शुरू हुआ। हंगामा इतना बढ़ गया कि स्पीकर को आधे घंटे के लिए सदन को स्थगित करना पड़ा है। बीजेपी नेताओं ने सदन के अंदर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल माफी मांगो के नारे लगाए जिससे विधानसभा के अंदर माहौल गरमा गया। शिक्षा मंत्री आशीष सूद सहित तमाम विधायकों का कहना है कि केजरीवाल और उनकी पार्टी आप ने कुत्तों की गिनती के लिए सरकारी टीचरों की नियुक्ति को लेकर झूठ फैलाया, जबकि ऐसा कोई सर्कुलर जारी नहीं हुआ है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री सूद ने दिल्ली विधानसभा शुरू होने से पहले ही कुत्तों की गिनती के लिए सरकारी टीचरों वाले मामले पर बात की थी। सूद ने सोमवार को पूर्व सीएम केजरीवाल को पत्र भी लिखा था। इसके बाद मंगलवार को विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही बीजेपी विधायक मुखर हो गए। सब सदन के बाहर बैनर लिए नारेबाजी जारी है। कुत्ते के मामले को लेकर झूठ फैलाने के लिए उनसे माफी मांगने को कहा जा रहा है।
शिक्षा मंत्री सूद ने कहा कि केजरीवाल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मैंने सर्कुलर पढ़कर बताया था। मैंने कहा था कि सर्कुलर में अगर कहीं भी शिक्षक के लिए कुत्तों की गिनती के बारे में लिखा हो तब मैं माफी मागूंगा। वह कोई साक्ष्य नहीं दिखा सके। उन्होंने इस मुद्दे को उठाना बंद कर दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर सरकार को बदनाम किया जा रहा है इसलिए मैंने उनसे कहा है कि लोगों के बीच विषय को लेकर भ्रम न फैलाएं। एक पार्टी के राष्ट्रीय मुखिया झूठ बोल रहे हैं।

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दिल्ली में आधी रात में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुलडोजर एक्शन, विरोध में पुलिस पर पथराव, इलाके में तनाव

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नई दिल्ली: रामलीला मैदान के समीप तुर्कमान गेट इलाके में आज तड़के दिल्ली नगर निगम ने एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया. दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद की गई इस कार्रवाई में 17 बुलडोजरों और भारी पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया.

बता दें कि आमतौर पर ऐसी कार्रवाई सुबह 8 बजे के बाद शुरू होती हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों और संभावित विरोध को देखते हुए प्रशासन ने इसे तड़के 1:30 बजे ही शुरू कर दिया. अभियान का मुख्य लक्ष्य फैज-ए-इलाही मस्जिद के समीप और रामलीला मैदान की भूमि पर अवैध रूप से बने एक सामुदायिक भवन (बारात घर), डिस्पेंसरी और कुछ व्यावसायिक ढांचों को गिराना था.

पुलिस पर पथराव, स्थिति तनावपूर्ण

जैसे ही बुलडोजरों ने अवैध ढांचों को गिराना शुरू किया, स्थानीय निवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया. स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस और निगम कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया. इस झड़प में 5 पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्के बल का प्रयोग और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े
 

मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल

रामलीला मैदान के फैज इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जे को हटाने के लिए दिल्ली के 9 जिले के डीसीपी रैंक के अफसरों को लगाया गया था. 15 से ज्यादा जेसीबी मशीनों को डेमोलेशन में लगाया गया था. 70 से ज्यादा डंपरों को मलबा हटाने में लगया गया. इस दौरान करीब 150 से ज्यादा एमसीडी कर्मचारी तैनात रहे. तुर्कमान गेट की तरफ़ बैरिकेडिंग के खिलाफ़ लोग नारेबाजी कर रहे थे और बैरकिंग को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे. जिसके बाद पुलिस ने हल्का पुलिसबल का उपयोग कर उपद्रव कर रहे लोगो को दूर किया.

मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल

रामलीला मैदान के फैज इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जे को हटाने के लिए दिल्ली के 9 जिले के डीसीपी रैंक के अफसरों को लगाया गया था. 15 से ज्यादा जेसीबी मशीनों को डेमोलेशन में लगाया गया था. 70 से ज्यादा डंपरों को मलबा हटाने में लगया गया. इस दौरान करीब 150 से ज्यादा एमसीडी कर्मचारी तैनात रहे. तुर्कमान गेट की तरफ़ बैरिकेडिंग के खिलाफ़ लोग नारेबाजी कर रहे थे और बैरकिंग को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे. जिसके बाद पुलिस ने हल्का पुलिसबल का उपयोग कर उपद्रव कर रहे लोगो को दूर किया.

मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल

रामलीला मैदान के फैज इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जे को हटाने के लिए दिल्ली के 9 जिले के डीसीपी रैंक के अफसरों को लगाया गया था. 15 से ज्यादा जेसीबी मशीनों को डेमोलेशन में लगाया गया था. 70 से ज्यादा डंपरों को मलबा हटाने में लगया गया. इस दौरान करीब 150 से ज्यादा एमसीडी कर्मचारी तैनात रहे. तुर्कमान गेट की तरफ़ बैरिकेडिंग के खिलाफ़ लोग नारेबाजी कर रहे थे और बैरकिंग को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे. जिसके बाद पुलिस ने हल्का पुलिसबल का उपयोग कर उपद्रव कर रहे लोगो को दूर किया.

मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल

रामलीला मैदान के फैज इलाही मस्जिद के पास अवैध कब्जे को हटाने के लिए दिल्ली के 9 जिले के डीसीपी रैंक के अफसरों को लगाया गया था. 15 से ज्यादा जेसीबी मशीनों को डेमोलेशन में लगाया गया था. 70 से ज्यादा डंपरों को मलबा हटाने में लगया गया. इस दौरान करीब 150 से ज्यादा एमसीडी कर्मचारी तैनात रहे. तुर्कमान गेट की तरफ़ बैरिकेडिंग के खिलाफ़ लोग नारेबाजी कर रहे थे और बैरकिंग को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे. जिसके बाद पुलिस ने हल्का पुलिसबल का उपयोग कर उपद्रव कर रहे लोगो को दूर किया.

अतिक्रमण हटाने के अभियान से पहले, शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से अमन कमेटी के सदस्यों और अन्य स्थानीय हितधारकों के साथ कई समन्वय बैठकें की गईं. सभी संभावित निवारक और विश्वास-निर्माण के उपाय किए गए.अतिक्रमण हटाने के दौरान, कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाज़ी करके गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश की. स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया गया, जिसमें बल का सीमित और न्यूनतम इस्तेमाल किया गया, यह सुनिश्चित करते हुए कि स्थिति बिगड़े बिना सामान्य स्थिति बहाल हो जाए. दिल्ली पुलिस कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करती है कि सभी न्यायिक निर्देशों को कानूनी, पेशेवर और संवेदनशील तरीके से लागू किया जाए.- मधुर वर्मा संयुक्त पुलिस आयुक्त सेंट्रल रेंज, दिल्ली

 

 

जम्मू-कश्मीर में ठंड के कहर के बीच श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस रहा

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श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर में ठंड के कहर के बीच (Amid cold wave gripped Jammu-Kashmir) श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस रहा (Srinagar recorded minimum temperature of Minus 4 Degrees Celsius) ।

मौसम विभाग के अनुसार, 20 जनवरी तक जम्मू और कश्मीर में किसी बड़े वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर होने की संभावना नहीं है, जिसका मतलब है कि कम से कम 20 जनवरी तक भारी बर्फबारी की उम्मीद कम है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 8.6 डिग्री सेल्सियस और पहलगाम में माइनस 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा, इसके बाद कटरा में 4.8 डिग्री सेल्सियस, बटोटे में 1.7 डिग्री सेल्सियस, बनिहाल में 1.5 डिग्री सेल्सियस और भद्रवाह में माइनस 2.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

कड़ाके की ठंड का 40 दिन का समय, जो 21 दिसंबर को शुरू हुआ था, 30 जनवरी को खत्म होगा। जब तक मौसम का मिजाज नहीं बदलता, तब तक घाटी के मैदानी इलाकों में इस सर्दी की पहली बर्फबारी कम से कम 20 जनवरी तक नहीं होगी। अगर चिल्लई कलां बिना किसी बड़ी बर्फबारी के गुजर जाता है, तो गर्मियों के महीनों में जम्मू-कश्मीर की नदियों, झरनों, तालाबों, झीलों और कुओं में पानी का स्तर बहुत कम हो जाएगा। गर्मियों के महीनों में इन जल स्रोतों को पहाड़ों में मौजूद बारहमासी पानी के भंडारों से पानी मिलता है।

घाटी में लोग ‘फेरहन’ नाम का पारंपरिक ऊनी कपड़ा पहनकर कड़ाके की ठंड का सामना कर रहे हैं। ‘फेरहन’ से खुद को बचाने के अलावा, कश्मीरी लोग गर्मी बनाए रखने के लिए ऊनी कपड़ों की कई परतें भी पहनते हैं। मध्यम और ज्यादा उम्र के सभी कश्मीरी ऊनी टोपी और मफलर पहनते हैं, जबकि युवा मानते हैं कि वे शारीरिक गतिविधियों के जरिए ठंड का सामना कर सकते हैं। डॉक्टरों ने लोगों, खासकर युवाओं को चेतावनी दी है कि वे ज्यादा ठंड में ज्यादा शारीरिक गतिविधि न करें, क्योंकि इससे शरीर के तापमान में अचानक बदलाव जानलेवा हो सकता है। बुजुर्गों को सलाह दी गई है कि वे सुबह 10 बजे तक अपने घरों से बाहर न निकलें, क्योंकि सर्दियों के महीनों में सुबह का समय सबसे ठंडा होता है।

इससे पहले सोमवार को गुलमर्ग के स्की रिज़ॉर्ट में न्यूनतम तापमान माइनस 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 3.6 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं जम्मू शहर में रात का सबसे कम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस, कटरा शहर में 5.6, बटोटे में 2.1, बनिहाल में माइनस 1.3 और भद्रवाह में माइनस 2.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि गुलमर्ग और सोनमर्ग में ताजा बर्फबारी हुई, लेकिन घाटी में अभी तक भारी बर्फबारी नहीं हुई है।

 

 असम में प्रिंयका गांधी वाड्रा को कमान देना……….सीएम सरमा के लिए एक बड़ी चुनौती मान रही कांग्रेस

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नई दिल्ली । कांग्रेस नेतृत्व का मानना ​​है कि असम में एक निष्क्रिय आंतरिक नेटवर्क, इस पार्टी संभावित स्लीपर सेल कहती है, वे अभी भी सक्रिय है। वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, जो कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए, अमस में कांग्रेस ढांचे के भीतर कुछ व्यक्तियों पर अपना प्रभाव बनाए हुए हैं। कांग्रेस पार्टी को उम्मीद है कि प्रियंका गांधी वाड्रा की अधिक सक्रिय भागीदारी इस प्रभाव को बेअसर करने में मददगार साबित होगी। 
बीते असम विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर्दे के पीछे काफी सक्रिय रहीं, हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आईं। तब कांग्रेस नेता भूपेश बघेल राज्य के वरिष्ठ पर्यवेक्षक के रूप में कार्यरत थे। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का मानना ​​है कि प्रियंका का सशक्त नेतृत्व, रणनीतिक स्पष्टता और कार्यकर्ताओं से जुड़ने की क्षमता संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करने और शर्मा के जाने के बाद बचे किसी भी अप्रत्यक्ष प्रभाव का मुकाबला करने में सहायक हो सकती है।
पार्टी का असम पर दुबारा ध्यान केंद्रित करना स्पष्ट राजनीतिक गणनाओं से प्रेरित है। पश्चिम बंगाल, जहाँ कांग्रेस का कोई मजबूत संगठनात्मक आधार नहीं है, या तमिलनाडु, जहाँ वह एक कनिष्ठ सहयोगी बनी हुई है, के विपरीत, पार्टी नेताओं के अनुसार, असम कांग्रेस को वापसी का मौका देता है। प्रियंका गांधी केरल में संगठनात्मक जिम्मेदारी भी नहीं ले सकतीं, क्योंकि आंतरिक नियमों के अनुसार नेता उन राज्यों में पद धारण नहीं कर सकते जहाँ से वे सांसद हैं, क्योंकि इससे निहित स्वार्थों की आशंका पैदा हो सकती है। इन सीमाओं को देखते हुए, असम प्रियंका गांधी के लिए कमान संभालने और राजनीतिक परिदृश्य को आकार देने के लिए सबसे आशाजनक क्षेत्र के रूप में उभरा है।
कांग्रेस नेताओं का मानना ​​है कि प्रियंका की उपस्थिति से पार्टी को एक मजबूत छवि बनाने, लगातार सुर्खियों में बने रहने और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में मदद मिलेगी। उनकी भागीदारी से असम में सत्ता पुनः प्राप्त करने के प्रति पार्टी की गंभीरता का संकेत मिलेगा और गठबंधन सहयोगियों को भी गति मिलेगी। पिछले विधानसभा चुनावों में, महाजोत गठबंधन को 43.68 प्रतिशत वोट मिले, जबकि एनडीए को 44.51 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। एनडीए ने 75 सीटें जीतीं, जबकि महाजोत को 50 सीटें मिलीं।

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इस रेलवे स्टेशन पर बम की सूचना से मचा हड़कंप, खाली कराई गई ट्रेन; हर बोगी की हो रही चेकिंग

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मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ (Mau) से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। मऊ रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर बम (Bomb) की सूचना से हड़कंप मच गया है। खबर मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां (Security Agencies) अलर्ट हो गईं और 15018 डाउन ट्रेन खाली कराई गई। इसके बाद हर बोगी (Bogie) को गहन चेकिंग (Intensive Checking) हो रही है।

मऊ जिले के रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल (मुंबई) जा रही डाउन 15018 ट्रेन में बम होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और पूरे स्टेशन परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल सख्त कदम उठाए गए।

बम की सूचना मिलते ही एसपी इलामारन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कोतवाल अनिल कुमार सिंह, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को खाली कराया और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

इसके बाद बम स्क्वायड टीम की मदद से सघन जांच अभियान शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार, गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल जा रही 15018 ट्रेन की हर बोगी की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। प्लेटफॉर्म और आसपास के इलाके को भी घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से यात्रियों में दहशत का माहौल रहा, हालांकि प्रशासन द्वारा लगातार अनाउंसमेंट कर लोगों को शांत और सुरक्षित रहने की अपील की जा रही है।

 

खो गया है UAN नंबर तो न हों परेशान! 2 मिनट में अपने मोबाइल से ऐसे करें रिकवर, पीएफ का पैसा रहेगा सुरक्षित

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How to Recover UAN: हर महीने PF कटने वाले कर्मचारियों के लिए UAN नंबर जानना बेहद जरूरी होता है. यह 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर EPFO हर PF अकाउंट धारक को देता है, जो कई सेवाओं के लिए जरूरी होता है. चाहे आप अपना EPF बैलेंस चेक करना चाहें या अकाउंट से जुड़ा मोबाइल नंबर बदलना चाहें, UAN होना बहुत जरूरी है. अगर आपका UAN भूल गया है, तो चिंता की कोई बात नहीं है. इसे आसानी से फिर से रिकवर किया जा सकता है.

क्या UAN के बिना PF अकाउंट कर पाएंगे एक्सेस ?
12 अंकों का UAN हर EPFO मेंबर के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इसके बिना आप अपना PF अकाउंट नहीं खोल या इस्तेमाल कर सकते हैं. मान लीजिए आपको अपने PF अकाउंट से जुड़ा कोई काम करना है, लेकिन आपको अपना UAN याद नहीं है या आप भूल गए हैं, तो बिना UAN के यह काम पूरा नहीं हो पाएगा.

कैसे करें UAN नंबर रिकवर ?
सबसे पहले UAN की ऑफिशियल वेबसाइट mem.epfindia.gov.in/memberinterface पर जाएं.
वेबसाइट के राइट हैंड साइड दिखाई दे रहे Important Links सेक्शन में जाकर ‘Know your UAN’ पर क्लिक करें.
अब अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को भरें, फिर Request OTP बटन पर क्लिक करें.
इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा. OTP डालकर Validate OTP बटन दवाएं.
अब आपको कुछ जानकारी भरनी होगी. जैसे आपका पूरा नाम, जन्म तिथि और आधार या पैन नंबर.
सभी जानकारी भरने के बाद ‘Show My UAN’ बटन पर क्लिक करें. क्लिक करते ही आपकी स्क्रीन पर UAN नंबर दिखाई देगा.
अब आप यहां से UAN नंबर को कॉपी करके किसी दूसरी जगह सेव कर रख सकते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर आपको आसानी से मिल जाए.
क्या SMS से भी प्राप्त कर सकते हैं UAN नंबर?
इसके अलावा, आप एसएमएस (SMS) के जरिए भी आसानी से UAN नंबर पता कर सकते हैं. इसके लिए आपको ‘EPFOHO UAN ENG’ लिखकर EPFO की ओर से जारी मोबाइल नंबर ‘7738299899’ पर एसएमएस send कर करना होगा. कुछ ही समय बाद आपके फोन में एक SMS रिसीव होगा, जिसमें आपका UAN नंबर दिया होगा.

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने बयानों और उठे विवादों पर दी सफाई, कहा- मैं कभी पार्टी लाइन से अलग नहीं हुआ

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नई दिल्‍ली । कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने सोमवार को कहा कि वह कभी भी पार्टी लाइन से अलग नहीं हुए हैं। उनके हालिया बयानों और लेख ने पार्टी को डिफेंसिव मोड में ला दिया था। आगामी राज्य विधानसभा चुनाव (assembly elections) के लिए रणनीति तैयार के चलते केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Kerala Pradesh Congress Committee) द्वारा सुल्तान बाथरी में आयोजित ‘लक्ष्य 2026’ नेतृत्व शिविर में भाग लेने के बाद वह पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में हार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ समेत कई मुद्दों पर बात की।

पार्टी लाइन पर क्या बोले
उन्होंने कहा, ‘मेरा सवाल यह है कि किसने कहा कि मैंने पार्टी की विचारधारा का उल्लंघन किया है? मैंने विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त की है, लेकिन अधिकतर मामलों में पार्टी और मैं एक ही रुख पर कायम रहे हैं।’ थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में मंत्रियों के सामने जो सवाल उठाए थे, उनकी एक स्पष्ट दिशा थी और पार्टी को उनसे परेशान नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विवाद आमतौर पर तब उत्पन्न होते हैं जब मीडिया की खबरें पूरी सामग्री पढ़े बिना केवल सुर्खियों पर आधारित होती हैं। थरूर ने कहा, ‘जब मैं लोगों से पूछता हूं कि क्या उन्होंने वास्तव में मैंने जो लिखा है उसे पढ़ा है, तो ज्यादातर लोगों ने नहीं पढ़ा होता है। पूरा पाठ पढ़ने के बाद, उन्हें असली मुद्दा समझ में आता है।’ उन्होंने कहा कि वह 17 साल से पार्टी में हैं और अपने सहयोगियों के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘अभी किसी तरह की अचानक गलतफहमी की कोई जरूरत नहीं है।’

 

कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव का जिक्र
यह पूछे जाने पर कि क्या ये मुद्दे कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने के बाद शुरू हुए, थरूर ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करती है और अतीत में कई नेताओं ने आंतरिक चुनाव लड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने चुनाव लड़ा और हार गया। बात यहीं खत्म हो गई। मुझे इसमें कोई कहानी नजर नहीं आती। पार्टी के इतिहास में कई चुनाव हुए हैं, तथा कई में जीत और हार हुई है।’

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का बचाव करने वाली उनकी टिप्पणी पर थरूर ने कहा कि यह आडवाणी के 98वें जन्मदिन पर शिष्टाचार का एक कार्य था। उन्होंने कहा, ‘हमारी संस्कृति हमें बड़ों का सम्मान करना सिखाती है, और मैंने वही किया।’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा के रूप में देखे जाने वाले बयानों को लेकर एक अन्य विवाद का जिक्र करते हुए, थरूर ने कहा कि उन्होंने केवल एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कही गई बातों को पेश किया था। उन्होंने कहा, ‘मैंने लोगों से पूछा कि मैंने उनकी प्रशंसा कहां की है। अगर कोई पूरा पोस्ट पढ़ेगा तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था।’

क्या विधानसभा चुनाव लड़ेंगे सांसद थरूर?
केरल विधानसभा चुनाव और उम्मीदवारों के चयन के संबंध में थरूर ने कहा कि पार्टी नेताओं से परामर्श किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के नेताओं के साथ उनके अच्छे संबंध हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस सांसद विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, उन्होंने कहा कि कुछ सांसद इच्छुक हैं, लेकिन यह निर्णय पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करता है।

केरल सरकार पर सवाल
उन्होंने कहा, ‘मैं उन लोगों के लिए बोलता और लिखता हूं जो भविष्य की तलाश में दूसरे राज्यों और देशों में पलायन करते हैं।’ थरूर ने कहा कि केरल को अधिक अवसर पैदा करने के लिए निवेश के द्वार खोलने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘केरल का विकास तभी होगा जब रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।’ कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि सभी क्षेत्रों का अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है।

थरूर ने कहा, ‘हमारी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और हम पर भारी कर्ज है। कर्ज चुकाने में विकास कार्यों के लिए निर्धारित बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है।’ उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के साथ एकजुट होकर खड़ी रहेगी और उन्हें विश्वास है कि यूडीएफ केरल में सत्ता में आएगा। कांग्रेस द्वारा 100 सीट जीतने का दावा किए जाने के बारे में थरूर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने यह दावा किया था और यह संभव है।

मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में थरूर ने कहा कि कांग्रेस में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘कई लोग योग्य हो सकते हैं, लेकिन हमारी पार्टी में अंतिम निर्णय विधायकों से परामर्श करने के बाद ही लिया जाता है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह केरल की राजनीति में सक्रिय रहेंगे, थरूर ने कहा कि संसदीय प्रतिबद्धताओं के बावजूद वह राज्य में सक्रिय रहेंगे।

उन्होंने कहा, ‘आपको याद रखना चाहिए कि 2021 में, कोविड-19 महामारी के दौरान भी, मैंने 56 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया था। मैं हमेशा से विधानसभा चुनाव में प्रचार करता आया हूं, तथा इस बार आप मुझे और भी अधिक सक्रिय देखेंगे।’ थरूर के बयानों और लेखों की राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कांग्रेस नेता कड़ी आलोचना करते रहे हैं।

आपके नाम पर चल रहे हैं 9 सिम कार्ड! क्या आपको पता है? तुरंत ऐसे करें चेक और अनचाहे नंबर को करें ब्लॉक

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Aadhaar Linked SIM: आज के इस डिजिटल दौर में मोबाइल नंबर हमारी पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है. बैंकिंग, सोशल मीडिया और सरकारी सेवाओं में इसका इस्तेमाल आम है. लेकिन फर्जी सिम और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के कारण यह जानना जरूरी हो गया है कि कहीं आपके आधार कार्ड पर कोई अनजान सिम तो एक्टिव नहीं है.

एक आधार कार्ड से कितने सिम खरीद सकते हैं ?
नए टेलीकॉम नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति के आधार कार्ड पर अधिकतम 9 सिम ही एक्टिव हो सकती हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में यह सीमा 6 सिम तय की गई है. अगर इस तय संख्या से ज्यादा सिम पाई जाती हैं, तो उस व्यक्ति पर जुर्माना भी लग सकता है. साथ ही यदि आपकी आईडी पर कोई ऐसी सिम एक्टिव है जिसका आप इस्तेमाल नहीं कर रहे, तो उसके गलत उपयोग की कानूनी जिम्मेदारी भी आपकी बन सकती है. वहीं फ्रॉड या किसी गैरकानूनी काम में उस सिम के इस्तेमाल से आपको परेशानी भी हो सकती है.

कैसे चेक करें ?
आपके आधार कार्ड पर कितनी सिम एक्टिव हैं, यह जानने के लिए टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने ‘संचार साथी’ और ‘TAFCOP’ पोर्टल की सुविधा दी है.
इन पोर्टल्स की मदद से आप घर बैठे कुछ ही मिनटों में पूरी जानकारी पा सकते हैं.
इसके लिए सबसे पहले tafcop.dgtelecom.gov.in या sancharsaathi.gov.in वेबसाइट पर जाएं.
होम पेज पर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और कैप्चा भरें.
अब आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, उसे डालकर लॉगिन करें.
लॉगिन करते ही आपकी आईडी से जुड़े सभी एक्टिव मोबाइल नंबरों की लिस्ट स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगी.

लिस्ट में फर्जी या अनजान नंबर दिखे तो क्या करें?
अगर लिस्ट में कोई ऐसा मोबाइल नंबर दिखाई दे, जिसे आप नहीं पहचानते या इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो उसके सामने दिए गए ‘Not My Number’ या ‘Not Required’ ऑप्शन पर क्लिक करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं. शिकायत करने के बाद आपको एक टिकट आईडी या रेफरेंस नंबर मिलेगा. जांच पूरी होने पर वह फर्जी सिम या तो बंद कर दी जाएगी या आपकी आईडी से हटा दी जाएगी. इस प्रोसेस के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता, हालांकि सिम को पूरी तरह डिएक्टिवेट होने में कुछ दिन का समय लग सकता है.