कांग्रेस ने बिना बताए BJP के साथ डीलिंग करने पर अपने 12 पार्षदो को किया निलंबित, जाने मामला

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नई दिल्‍ली । महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव (Ambernath Municipal Council Elections) के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस (Congress) ने स्थानीय स्तर पर भाजपा (BJP) के साथ मिलकर मोर्चा बनाने और पार्टी नेतृत्व को सूचित किए बिना निर्णय लेने के आरोप में अपने सभी 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता का कहना है कि यह भाजपा के साथ कोई औपचारिक गठबंधन नहीं था। उन्होंने कहा कि स्थानीय मुद्दों को लेकर पार्षदों द्वारा उठाया गया एक कदम था। जानिए अंबरनाथ नगर निकाय के चुनाव परिणाम के बाद पैदा हुए इस विवाद की पूरी सच्चाई और क्यों पार्टी को अपनी पूरी ब्लॉक यूनिट भंग करने जैसा बड़ा फैसला लेना पड़ा।

शिवसेना को ऐसे बाहर किया
ठाणे जिले के अंबरनाथ कस्बे में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ चुनाव के बाद समझौता किया था और बहुमत के जादुई आंकड़े 31 सीट को प्राप्त करने में सफल हुई। हालांकि, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 27 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। प्रतिद्वंद्वी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर हुए विवाद के बाद, कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की।

यूनिट ही भंग
कांग्रेस ने अपने अंबरनाथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को भी निलंबित कर दिया है। पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने एक पत्र में उन्हें सूचित किया है कि ब्लॉक इकाई भी भंग कर दी गई है।

पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर निर्वाचित हुए सभी पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। इसमें कहा गया कि स्थानीय निकाय में भाजपा के साथ गठबंधन करने का निर्णय पार्टी के राज्य नेतृत्व को सूचित किए बिना लिया गया था।

इसी बीच, कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, ‘स्थानीय स्तर पर शिवसेना के कथित भ्रष्टाचार का विरोध करने के लिए निर्दलीय पार्षदों सहित कई पार्षदों ने पार्टी चिह्नों और संबद्धताओं को दरकिनार करते हुए अंबरनाथ विकास मोर्चा (अंबरनाथ विकास अघाड़ी) का गठन किया है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस और भाजपा के बीच कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है। लेकिन समर्थन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।’

कांग्रेस के बारह, भाजपा के 14, राकांपा के चार और एक निर्दलीय नवनिर्वाचित पार्षद ने 31 दिसंबर को भाजपा के स्थानीय कार्यालय में बैठक की और गठबंधन बनाने की जानकारी ठाणे के जिला अधिकारी को देते हुए एक पत्र सौंपा।

सीट का गणित
अंबरनाथ नगर निकाय सदन में कुल 60 सदस्य हैं। 20 दिसंबर को हुए चुनावों में, शिवसेना ने 27 सीटें जीतीं, जो बहुमत से मात्र चार कम थीं। भाजपा को 14, कांग्रेस को 12, राकांपा को चार सीट मिलीं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

 

उत्तर भारत में कंपाने वाली ठंड और दक्षिण-पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट

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नई दिल्ली। दक्षिण भारत में मानसून की विदाई के बावजूद बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। केरल में आने वाले 72 घंटों के दौरान कई जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और हवाओं की रफ्तार बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। तमिलनाडु में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चेन्नई समेत कई तटीय इलाकों में घने बादल छाए रहेंगे और झमाझम बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा पुडुचेरी और कराईकल जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने के कारण एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाके भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, विभिन्न मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू होने वाला है।
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का असर काफी गहरा रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की आशंका है, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस बर्फबारी और बारिश के कारण पहाड़ों से सटे मैदानी इलाकों में तापमान और नीचे गिरेगा, जिससे ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ जाएगा। सड़कों पर फिसलन और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। दक्षिण के अन्य हिस्सों जैसे तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी अगले तीन दिनों तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, वहीं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके।

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संक्रांति के बाद BJP संगठन में बड़े बदलाव के आसार… राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं नितिन नबीन

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party- BJP) में परिवर्तन की प्रक्रिया जोरों पर है। दिसंबर 2025 में बिहार के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नितिन नबीन (Nitin Nabin) (45 वर्ष) को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (National Executive Chairman) नियुक्त किया गया है। वे भाजपा के इतिहास में सबसे युवा नेता हैं जो इस शीर्ष संगठनात्मक पद तक पहुंचे हैं। नितिन नबीन बिहार की राजधानी पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक हैं और नीतीश कुमार सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वे पार्टी के युवा मोर्चा में लंबे समय तक सक्रिय रहे तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जनवरी 2020 से इस पद पर हैं। अब जनवरी 2026 के मध्य तक नितिन नबीन को औपचारिक रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की संभावना है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन के चुनाव को भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में अनुमोदित किया जाएगा, जो इस महीने के अंत तक होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद नितिन नबीन द्वारा अपनी नई टीम बनाने के लिए संगठनात्मक फेरबदल किए जाने की उम्मीद है, जो एक ‘समावेशी’ प्रक्रिया होगी। भाजपा के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम भाजपा और संघ परिवार के बीच तालमेल और समन्वय को दर्शाएगी।

मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल होने की उम्मीद
एक रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के संगठनात्मक स्तरों में व्यापक फेरबदल से जुड़ी इस प्रक्रिया के कारण केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल हो सकता है। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने यह भी बताया कि जून 2024 में इसके गठन के बाद से इसमें कोई फेरबदल नहीं हुआ है। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की समीक्षा कर रही है। जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल होने की उम्मीद है, जिसमें युवा नेतृत्व के साथ-साथ जाट समुदाय के चेहरों को भी शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार और संगठन दोनों में जाट समुदाय का घटता प्रतिनिधित्व भी हमारे उच्च कमान के विचार-विमर्श के बिंदुओं में से एक है।

सरकार और संगठन में आएंगे संघ परिवार से जुड़े लोग
पार्टी सूत्रों ने कहा कि नबीन ने भाजपा और उसके वैचारिक मार्गदर्शक आरएसएस के बीच संबंधों और समन्वय को बेहतर बनाने के लिए पहले ही कदम उठाए हैं, इससे यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे केंद्र सरकार और पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों के बीच ‘सक्रिय समन्वय’ सुनिश्चित करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और आरएसएस पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकारों के कामकाज की समीक्षा करने जा रहे हैं और संगठन तथा सरकारी या अर्ध-सरकारी निकायों, जिनमें विभिन्न आयोग भी शामिल हैं, में कई नई नियुक्तियों पर चर्चा करेंगे। एक पार्टी नेता ने कहा कि इससे राज्य के कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं के लिए केंद्रीय स्तर पर संगठनात्मक या सरकारी भूमिकाएं निभाने का रास्ता खुल जाएगा, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय से संघ परिवार से जुड़े हुए हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि ऐसे कई नेताओं को समायोजित किए जाने की संभावना है, जिनमें वे नेता भी शामिल हैं जो अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में पार्टी के साथ रहे हैं। ये नेता बिहार जैसे राज्यों के साथ-साथ उन राज्यों से भी होंगे जहां आने वाले महीनों में चुनाव होने हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल, असम, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा और आरएसएस की हालिया समन्वय बैठकों के दौरान, आरएसएस ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे नेताओं की पहचान की जानी चाहिए जो तीन-चार दशकों से संघ परिवार से जुड़े हुए हैं लेकिन संगठन, सरकार या किसी अन्य सार्वजनिक संस्था में उन्हें स्थान नहीं मिला है। नितिन नबीन उन वरिष्ठ भाजपा नेताओं के समूह में शामिल हैं जो इस प्रक्रिया का समन्वय कर रहे हैं।

मकर संक्रांति के बाद फेरबदल की संभावना
भाजपा सूत्रों ने बताया कि हमारा ध्यान उन लोगों को महत्वपूर्ण भूमिकाएं देने पर है जिन्होंने अपना पूरा जीवन भाजपा और संघ के लिए समर्पित कर दिया है। यह प्रक्रिया जारी है, लेकिन घोषणाओं के लिए सीमित अवसर ही उपलब्ध होंगे। सूत्रों ने बताया कि अधिकांश महत्वपूर्ण नियुक्तियां मकर संक्रांति के बाद से लेकर बजट सत्र के प्रारंभ होने तक होने की उम्मीद है, जो फरवरी की शुरुआत से शुरू होगा। इस प्रक्रिया के लिए एक और समयसीमा आगामी राज्य चुनावों की घोषणा से पहले होने की संभावना है।

 

पीएम मोदी 12 जनवरी को अहमदाबाद में करेंगे अंतर्राष्टीय पतंग महोत्सव 2026 का उद्घाटन

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अहमदाबाद| गुजरात में उत्तरायण अर्थात मकर संक्रांति का पर्व विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर पूरे राज्य में पतंग प्रेमी रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान को सजाते हैं। इसी परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हुए इस वर्ष ‘अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
महोत्सव का उद्घाटन 12 जनवरी 2026 को सुबह अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से होगा। उद्घाटन समारोह में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की प्रेरक उपस्थिति भी रहेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के दिशा-निर्देश और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। 12 से 14 जनवरी 2026 तक अहमदाबाद में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पतंगबाज विशाल और अनोखी पतंगों की उड़ान भरेंगे। 13 जनवरी को विशेष रात्रि पतंग उड़ान भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
महोत्सव के दौरान अहमदाबाद की विरासत को दर्शाती हेरिटेज हवेलियां, प्राचीन पोल, रंगीन हस्तकला बाजार, हेरिटेज वॉक-वे पर पतंग संग्रहालय, और आकर्षक आइकॉनिक फोटो वॉल इंस्टॉलेशन दर्शकों को लुभाएंगे। प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें प्रसिद्ध लोक गायिका किंजल बेन दवे प्रस्तुति देंगी।
इस वर्ष महोत्सव में 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज, भारत के 13 राज्यों से 65, तथा गुजरात के 16 जिलों से 871 पतंगबाज भाग लेंगे। इस प्रकार कुल 1,071 पतंग प्रेमी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। साथ ही 25 हस्तकला स्टॉल और 15 फूड स्टॉल स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देंगे।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 केवल अहमदाबाद तक सीमित नहीं रहेगा। यह 10 जनवरी को राजकोट, सूरत और कच्छ के धोलावीरा, 11 जनवरी को वडनगर, शिवराजपुर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, तथा 13 जनवरी को वडोदरा में भी आयोजित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में इस महोत्सव ने पूरे गुजरात में 3.83 लाख से अधिक पर्यटकों को आकर्षित किया था। गुजरात टूरिज्म के अनुसार, इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 के दौरान अनुमानित पांच लाख से अधिक पर्यटक गुजरात की यात्रा करेंगे, जिससे राज्य को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
 

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शशि थरूर ने PM मोदी के बारे में ट्रंप के दावों पर दिया बयान, बोले- राष्ट्रहित का मतलब परेशानी खड़ी करना नहीं है

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नई दिल्‍ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) की टिप्पणियों पर राजनीति जारी है। अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) ने इसे लेकर कहा कि हर देश अपने राष्ट्र हितों को सबसे आगे रखता है। साथ ही उन्होंने कहा कि मेरे लिए राष्ट्रहित का मतलब कहीं दुश्मन नहीं बनाना है। ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने उनसे मिलने के लिए समय मांगा था।

थरूर ने कहा, ‘हर देश के लिए उसका राष्ट्रहित सबसे ऊपर होता है। मेरे लिए उन राष्ट्र हितों का मतलब है कि हम अपने लिए कहीं भी बड़ी परेशानियां खड़ी न करें या बड़े दुश्मन न बनाएं। हम जहां तक संभव हो, सभी के साथ संपर्क के रास्ते बचाकर रखना चाहते हैं। अपने लेखनी में भी मैंने इस नजरिए का समर्थन किया है।’

उन्होंने कहा, ‘एक ओर जहां रूस के साथ हमारे अच्छे रिश्ते हैं, चीन के साथ ठीक संबंध हैं, अमेरिका के साथ अच्छे रिश्ते हैं, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ स्थिति सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे साथ जापानी, दक्षिण कोरियाई और दक्षिए पूर्व एशिया के देश हैं। ये सभी बातें हमारी नीति का हिस्सा हैं।’

उन्होंने कहा, ‘जीवन में, राजनीति में और कूटनीति में, अक्सर आपके पास जितने अधिक विकल्प होते हैं, आप किसी एक देश के मनमाने व्यवहार या उतार-चढ़ाव से उतने ही अधिक सुरक्षित रहते हैं। फिलहाल इसे यहीं रहने देते हैं।’

ट्रंप का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को कहा कि रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए शुल्क के कारण प्रधानमंत्री मोदी उनसे ‘ज्यादा खुश नहीं हैं।’ ट्रंप ने ‘हाउस जीओपी सदस्य रिट्रीट’ में अपने संबोधन में यह भी दावा किया, ‘प्रधानमंत्री मोदी मुझसे मिलने आए और बोले, ‘श्रीमान्, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं?’ मैने कहा, ‘जी हां।’

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का दावा किया हो। इससे पहले उन्होंने भारत पर लगाए गए टैरिफ को बढ़ाने की चेतावनी दी थी। साथ ही कहा था कि पीएम मोदी को पता है कि उन्हें खुश रखना बहुत जरूरी है।

 

Trusted Mumbai Supplier for Genuine Smartphone Spare Parts

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iServiceIndia

iServiceIndia is an Indian hyperlocal e-commerce platform providing mobile and laptop repair services along with spare parts procurement. Operated by Service Jet Private Limited, the platform connects technicians, repair shops, spare parts wholesalers, delivery partners, and customers through a technology-driven digital network. Founded in 2020 by Dinesh Chandwani, iServiceIndia focuses on transparency, speed, and technician empowerment within India’s device repair ecosystem.

Overview

iServiceIndia operates as a hyperlocal, on-demand repair and spare parts platform designed to address inefficiencies and trust issues in India’s fragmented repair industry. The platform offers same-day repair services, quality-tested spare parts, real-time logistics support, and transparent pricing models for consumers and technicians alike.

With nationwide operations and a technician-first approach, iServiceIndia has emerged as a fast-growing player in India

Website https://www.iserviceindia.in/

कठुआ के कहोग गांव में सुरक्षा बल और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ 

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कठुआ । जम्मू-कश्मीर के कठुआ के बिलावर क्षेत्र के कहोग गांव में सुरक्षा बल और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। अधिकारियों के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकवादी गांव में छिपे हुए हैं और उन्हें पकड़ने के लिए सुरक्षा बल तलाशी अभियान जारी हैं। मुठभेड़ बुधवार शाम शुरू हुई, जब दो से तीन आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली। जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) और अन्य सुरक्षा बलों ने मिलकर कार्रवाई की। मुठभेड़ में एक सुरक्षाकर्मी को पैर में गोली लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। अधिकारी बताते हैं कि घने जंगल और दुर्गम इलाके में रात भर घेराबंदी के बाद तलाश अभियान फिर से शुरू किया। धनु परोल-कमाध नाला क्षेत्र में हवाई निगरानी के साथ अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन तूती ने बताया कि अंधेरा और कठिन भूभाग होने के बावजूद एसओजी आतंकवादियों से लगातार मुकाबला कर रही है। सीआरपीएफ की टीम भी संयुक्त अभियान में शामिल है। मुठभेड़ करीब एक घंटे चली, इसके बाद गोलीबारी रुक गई। फिलहाल यह जानकारी नहीं है कि कोई आतंकवादी हताहत हुआ या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक महीने से सेना, बीएसएफ, पुलिस और सीआरपीएफ सीमा क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। वे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वालों की पहचान कर रहे हैं और सांबा एवं कठुआ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गश्त तेज कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस से पहले बीएसएफ, सीमा पुलिस और ग्राम रक्षा गार्ड समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। इस कार्रवाई का मकसद न केवल आतंकवादियों को पकड़ना बल्कि सीमा सुरक्षा मजबूत करना और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कठुआ जिले के दुर्गम इलाके में सक्रिय आतंकवादी समूहों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लगातार चल रही है।

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सोमनाथ मंदिर विवाद? BJP ने नेहरू, गजनी-खिलजी को बताया जिम्‍मेदार

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नई दिल्‍ली। सोमनाथ मंदिर (Somnath Temple) के जीर्णोद्धार को लेकर भाजपा (BJP) ने एक बार फिर तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) पर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को कहा कि नेहरू अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के कारण स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं चाहते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोमनाथ मंदिर को अतीत में महमूद गजनी और अलाउद्दीन खिलजी ने लूटा था, लेकिन स्वतंत्र भारत में देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भगवान सोमनाथ से सबसे अधिक नफरत थी।

 

सुधांशु त्रिवेदी ने पंडित नेहरू द्वारा 21 अप्रैल 1951 को पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को लिखे पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि नेहरू ने खान को प्रिय नवाबजादा कहा और सोमनाथ के दरवाजों की कहानी को झूठा बताया। उन्होंने कहा लियाकत अली खान के सामने आत्मसमर्पण करते हुए नेहरू ने लिखा कि सोमनाथ मंदिर के निर्माण जैसा कुछ भी नहीं हो रहा। त्रिवेदी ने पूछा आखिर पंडित नेहरू को लियाकत अली खान से ऐसा क्या डर था कि उन्हें सोमनाथ मंदिर के बारे में पत्र लिखना पड़ा?

 

‘ट्रस्ट को मदद देने से साफ मना किया’

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पंडित नेहरू ने भारतीय दूतावासों को पत्र लिख कर सोमनाथ ट्रस्ट को मदद से साफ मना कर दिया, जिसमें अभिषेक समारोह के लिए नदी से पानी के अनुरोध भी शामिल थे। पाकिस्तान में भारत के राजदूत को लिखे पत्र में नेहरू ने मंदिर में अभिषेक के लिए सिंधु के पानी के इस्तेमाल को मंजूरी देने से मना कर दिया। यह आदेश दिया कि भविष्य में ऐसे किसी अनुरोध से पहले से मंजूरी लेनी चाहिए।

सुधांशु त्रिवेदी ने एक्स पर सिलसिलेवार पोस्ट कर आरोप लगाया कि नेहरू अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के लिए मुगल आक्रांताओं का महिमामंडन करने से भी परहेज नहीं किया। उन्होंने प्रथम प्रधानमंत्री के पत्रों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि नेहरू ने पाकिस्तानी दुष्प्रचार का सामना करने या भारत की सभ्यतागत स्मृति का बचाव करने के बजाय, हिंदू धर्म के ऐतिहासिक प्रतीकों को कम महत्व देकर पाकिस्तान को खुश करने का विकल्प चुना और आंतरिक आत्मविश्वास के बजाय बाहरी तुष्टीकरण को प्राथमिकता दी।

कांग्रेस ने कहा, नेहरू के बारे में झूठ फैलाया जा रहा

कांग्रेस ने सोमनाथ मंदिर और पंडित जवाहरलाल नेहरू पर भाजपा के दावे को झूठ करार दिया है। पार्टी ने बुधवार को कहा कि नेहरू ने महात्मा गांधी और सरदार पटेल की सहमति से तय उस नीति का पालन किया था कि धर्मस्थल के निर्माण में सरकारी पैसे का उपयोग नहीं होना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पार्टी नेता ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें आरोपों पर विस्तृत जवाब दिया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा, भाजपा पंडित नेहरू और सोमनाथ को लेकर झूठ फैला रही है। रमेश ने पूछा कि राम मंदिर शिलान्यास में तत्कालीन राष्ट्रपति कोविंद और उद्घाटन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को क्या इसलिए नहीं आमंत्रित किया गया कि कि वे दलित और आदिवासी हैं?

 

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर पीएम मोदी का टवीट…..अटूट आस्था के एक हजार वर्ष 

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू हो रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर भारत की सांस्कृतिक अटूटता और संघर्ष की गाथा को याद किया है। उन्होंने कहा कि अटूट आस्था के एक हजार वर्ष का यह मौका हमें राष्ट्र की एकता के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को एक्स पर लिखा, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आज से शुरु हो रहा है। एक हजार साल पहले जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके, बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरों को शेयर किया। उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि अगर वे भी सोमनाथ गए हैं, तब अपनी तस्वीरें हैशटैग सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के साथ जरूर शेयर करें।
उन्होंने लिखा, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का ये मौका भारत माता के उन असंख्य सपूतों को स्मरण करने का पर्व है, जिन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता नहीं किया। समय कितना ही कठिन और भयावह क्यों ना रहा हो, उनका संकल्प हमेशा अडिग रहा। हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना के प्रति उनकी निष्ठा अटूट रही। 
प्रधानमंत्री मोदी ने 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित हुए कार्यक्रम की कुछ झलकियां शेयर कीं। उन्होंने बताया कि यह वहां साल था, जब 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 50 साल पूरे होने का उत्सव मनाया गया था। उन्होंने लिखा, 1951 में वहां ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में संपन्न हुआ था। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल और केएम मुंशी जी के साथ ही कई महान विभूतियों के प्रयास अत्यंत उल्लेखनीय रहे हैं।

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iServiceIndia Brings Transparency to India’s Fragmented Repair Market

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Transparency remains a major challenge in India’s repair sector. iServiceIndia addresses this through upfront pricing, open-box delivery, and verified spare parts. Customers know exactly what they pay for, while technicians gain credibility. This transparent model builds long-term trust and improves overall service standards.

iServiceIndia Emerges as a Fast-Growing Hyperlocal Repair and Spare Parts Platform in India

Bhopal, India: iServiceIndia, one of India’s fastest-growing eCommerce platforms for device repair services and spare parts procurement, is redefining the country’s mobile and laptop repair ecosystem through technology-driven, hyperlocal solutions. Operated under Service Jet Private Limited, the platform connects repair shops, wholesalers, delivery partners, technicians, and customers into a single, transparent digital network.

Founded by Dinesh Chandwani, iServiceIndia began its journey as a single repair table in Bhopal. Backed by over 20 years of multi-brand service expertise, the company has grown into a nationwide tech-enabled platform empowering more than 5,500 technicians across India. Since its incorporation on 10 April 2020, the company has focused on solving long-standing challenges in India’s fragmented repair and spare parts industry.

iServiceIndia positions itself as India’s first hyperlocal on-demand procurement and repair service platform, ensuring fast, reliable, and transparent access to quality spare parts and professional repair services. The platform bridges the trust gap between consumers, technicians, and brands by offering clear pricing, quality-tested spare parts, and real-time logistics support.

“Our mission is not just to fix devices, but to fix trust in the repair industry,” said Dinesh Chandwani, Founder & CEO, iServiceIndia. “By integrating hyperlocal logistics, authentic spare parts supply, and a trained gig workforce, we are building a scalable infrastructure for India’s growing device maintenance economy.”

The platform offers same-day mobile and laptop repair services, both at home and through franchise centers, along with COD and open-box delivery options that allow customers to pay after checking products. iServiceIndia serves repair shops, technicians, and resellers with over 50,000+ spare parts covering mobile phones, laptops, tablets, and smartwatches across major brands and models.

Currently, iServiceIndia operates across multiple pin codes in key Indian cities including Delhi, Mumbai, Bangalore, Hyderabad, Chennai, Kolkata, Pune, Ahmedabad, Jaipur, Lucknow, and Bhopal, with continuous expansion underway. Its hyperlocal delivery model ensures fast doorstep delivery of spare parts, even for urgent and bulk requirements.

Beyond customers, the platform strongly focuses on technician-first empowerment, offering CRM tools, billing systems, training, and operational support to help local repair shops scale their businesses. A gig-powered delivery network further strengthens speed and efficiency across the supply chain.

With its tagline “Innovation Service”, iServiceIndia envisions becoming India’s most trusted mobile and laptop repair logistics network, built on real-time parts distribution and equal access to quality and trust for technicians, dealers, and customers alike.

More information is available at www.iserviceindia.in
, where the company continues to expand its offerings and footprint across India’s rapidly growing digital repair economy.