VB-G RAM G पर कांग्रेस छेड़ने जा रही बड़ी लड़ाई; कहा-“ग्रामीण भारत के साथ बड़ा अन्याय”

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

khadge rahul gandhiनई दिल्‍ली। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का नाम बदलकर विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025 कर दिया गया है। देश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया है। अब कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने MGNREGA योजना को खत्म करने को संवैधानिक और कानूनी रूप से चुनौती देने का फैसला किया है। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस मुद्दे को जनता की अदालत में ले जाया जाएगा।

 

कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार (15 जनवरी) को दो टूक कहा कि राज्य सरकार MGNREGA योजना को खत्म करने को संवैधानिक और कानूनी रूप से चुनौती देगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर 22 जनवरी से राज्य विधानसभा का संयुक्त सत्र बुलाया गया है, जिसमें मनरेगा को हटाकर लागू किए गए नए कानून VB-G RAM G Act, 2025 पर विशेष चर्चा होगी।

 

“ग्रामीण भारत के साथ बड़ा अन्याय”
प्रियंक खड़गे ने कहा, “मनरेगा को खत्म करना ग्रामीण इलाकों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। हमने दो दिन का विशेष सत्र इसी मुद्दे पर बुलाया है। हमने जनता के सामने साफ किया है कि नए कानून और मनरेगा में क्या फर्क है और इसका सामाजिक व आर्थिक असर क्या होगा। हम इस फैसले को संविधान, कानून और जनता—तीनों के सामने चुनौती देंगे।”

केंद्र के फैसले पर कांग्रेस का तीखा हमला

इससे पहले कर्नाटक सरकार के मंत्री एच.के. पाटिल ने भी केंद्र के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘तानाशाही भरा और क्रूर निर्णय बताया था। उन्होंने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण लोगों को काम का अधिकार दिया था, जिसे अब छीन लिया गया है। पाटिल ने कहा, “मनरेगा ग्रामीण मज़दूरों और कृषि श्रमिकों के लिए जीवनरेखा थी। केंद्र सरकार ने यह अधिकार उनसे छीन लिया है।”

देशभर में कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ’ आंदोलन

मनरेगा को हटाने के विरोध में कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ’ नाम से तीन चरणों वाला राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर रोजगार गारंटी योजना को केंद्रीकृत करने और मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” नाम से एक व्यवस्थित अभियान को मंजूरी दी है।

आंदोलन का कार्यक्रम:
उन्होंने कहा, “पहला चरण 8 जनवरी को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालयों में पूरे दिन की तैयारी बैठक के साथ शुरू होगा।” वेणुगोपाल ने आगे कहा, “10 जनवरी को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस होंगी, जिसके बाद 11 जनवरी को जिला मुख्यालयों पर महात्मा गांधी और बीआर अंबेडकर की मूर्तियों के पास एक दिन का उपवास रखा जाएगा।” पार्टी के अनुसार, अभियान का दूसरा चरण 12 जनवरी से 30 जनवरी तक चलेगा। वेणुगोपाल ने कहा, “सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर पर चौपाल आयोजित की जाएंगी, और कांग्रेस अध्यक्ष का एक पत्र पहुंचाया जाएगा।”

मनरेगा पर सियासत गरम

उन्होंने कहा कि विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पैम्फलेट बांटने की भी योजना है। उन्होंने कहा, “30 जनवरी को शहीद दिवस पर, पार्टी मनरेगा मजदूरों के साथ वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना देगी।” वेणुगोपाल ने कहा, “तीसरा चरण 31 जनवरी को जिला स्तर पर डीसी और डीएम कार्यालयों में मनरेगा बचाओ धरने के साथ शुरू होगा और 6 फरवरी तक चलेगा।” उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद 7 फरवरी से 15 फरवरी तक विधानसभा भवनों का राज्य स्तरीय घेराव किया जाएगा और 16 फरवरी से 25 फरवरी के बीच देश भर में चार आंचलिक AICC रैलियां होंगी।” यानी मनरेगा को लेकर अब केंद्र और कांग्रेस शासित राज्यों के बीच टकराव तेज़ हो गया है। कर्नाटक सरकार का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक योजना की नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के अधिकारों की है।

नजमुल पर कार्रवाई के बाद भी अड़े बांग्लादेशी क्रिकेटर, सार्वजनिक माफी की मांग, अधर में BPL

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के डायरेक्टर नजमुल इस्लाम की अपमानजनक टिप्पणियों से आक्रोशित बांग्लादेशी क्रिकेटरों के बागी तेवर अभी शांत नहीं हुए हैं। बीसीबी ने नजमुल को अपनी वित्त समिति के प्रमुख से हटा दिया है, इसके बाद भी क्रिकेटर संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने दो टूक कहा है कि नजमुल इस्लाम के सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के बाद ही वे क्रिकेट के मैदान में उतरेंगे। खिलाड़ियों के इस रुख से बांग्लादेश प्रीमियर लीग अधर में लटक गया है। गुरुवार को उसके दो मैच क्रिकेटरों के बहिष्कार की वजह से स्थगित किए गए थे। नजमुल बीसीबी की फाइनेंस कमिटी के चेयरमैन पद से तो हटा दिए गए हैं लेकिन बोर्ड डायरेक्टर के पद पर अभी भी बने हुए हैं। हालांकि क्रिकेटरों के तेवरों के देखते हुए बीसीबी उन्हें डायरेक्टर पद से भी हटा सकता है।द क्रिकेटर्स वेल्फेयर असोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (CWAB) ने गुरुवार को कहा कि खिलाड़ी शुक्रवार से क्रिकेट के मैदान पर लौट सकते हैं बशर्ते कि बीसीबी डायरेक्टर एम नजमुल सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे और उन्हें इस पद से भी हटाए जाने की प्रक्रिया तेज की जाए।

बीसीबी के डायरेक्टर बने हुए हैं नजमुल

खिलाड़ियों और जनता के दबाव में बीसीबी को कार्रवाई करनी पड़ी और नजमुल को बोर्ड की वित्त समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। नजमुल हालांकि बोर्ड के निदेशक बने हुए हैं और अनुशासनात्मक कारणों से उन्हें इस पद से हटाया जा सकता है।बीसीबी ने बयान में कहा, ‘बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यह सूचित करना चाहता है कि हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा के बाद और संगठन के सर्वोत्तम हित में बीसीबी अध्यक्ष ने नजमुल इस्लाम को वित्त समिति के अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त करने का फैसला किया है।’इसमें आगे कहा गया, ‘अगले आदेश तक बीसीबी अध्यक्ष वित्त समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष का पद संभालेंगे। बीसीबी दोहराता है कि क्रिकेटरों के हित उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। बोर्ड अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सभी खिलाड़ियों के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’

नजमुल के किस बयान पर बरपा है हंगामा?

यह हंगामा तब शुरू हुआ जब नजमुल ने ‘सुरक्षा चिंताओं’ के कारण अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारत जाने से बांग्लादेश के इनकार को दोहराते हुए देश के टूर्नामेंट से हटने पर खिलाड़ियों की पारिश्रमिक से जुड़ी चिंताओं को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मुआवजा नहीं दिया जाएगा क्योंकि उन्होंने अब तक मिले समर्थन को सही साबित नहीं किया है और एक भी आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) प्रतियोगिता नहीं जीत पाए हैं। इस बयान से काफी हंगामा हुआ और सीडब्ल्यूएबी ने उन्हें तुरंत हटाने की मांग की।

बीसीबी ने नजमुल को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।

डैमेज कंट्रोल में जुटा बीसीबी

बीसीबी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के एक सदस्य द्वारा हाल ही में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर अपना खेद फिर दोहराता है। बीसीबी इन टिप्पणियों से हुई चिंता को स्वीकार करता है और पेशेवरपन, क्रिकेटरों के प्रति सम्मान और क्रिकेट के खेल को बढ़ावा देने वाले मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।’विज्ञप्ति के अनुसार, ‘बोर्ड ने संबंधित बोर्ड सदस्य के खिलाफ पहले ही औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और संबंधित व्यक्ति को 48 घंटे के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया गया है।’बांग्लादेश टी20 विश्व कप के लिए भारत जाने से इनकार कर रहा है और सुरक्षा चिंताओं का हवाला दे रहा है क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्देश पर तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर कर दिया गया था। मुस्तफिजुर को बाहर करने के लिए ‘चारों ओर की घटनाओं’ का हवाला दिया गया।बीसीबी अब भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के साथ बातचीत कर रहा है जिससे कि कोई रास्ता निकाला जा सके क्योंकि वैश्विक संचालन संस्था ने भारत में बांग्लादेश के चार मैच को श्रीलंका में स्थानांतरित करने में अनिच्छा जताई है।

नजमुल ने तमीम इकबाल को ‘भारत का एजेंट’ भी कहा था

नजमुल ने इससे पहले पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को ‘भारत का एजेंट’ बताया था जब उन्होंने भारत के साथ गतिरोध को संयम से संभालने की बात कही थी और चेतावनी दी थी कि आज लिए गए फैसलों का असर 10 साल तक दिखेगा।बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर संघ (सीडब्ल्यूएबी) ने नजमुल के बयान की निंदा की थी।बांग्लादेश के टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शंटो ने भी व्यावहारिक रवैया अपनाने की अपील की थी और यह भी बताया था कि मौजूदा हालात की वजह से खिलाड़ी बहुत अधिक तनाव में हैं।सीडब्ल्यूएबी अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन ने नजमुल के खिलाफ कार्रवाई होने से पहले कहा, ‘हम बीसीबी ​​के साथ कई मुद्दों पर बात कर रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। अब हम निराश हैं। क्रिकेटर सम्मान के लिए खेल रहे हैं। हमने उनसे माफी मांगने को कहा लेकिन वह और अधिक अड़ियल हो गए। वह ऐसी टिप्पणी नहीं कर सकते।’उन्होंने कहा, ‘वे महिला टीम के मामलों को सुलझाने में बहुत अधिक समय ले रहे हैं। बीपीएल में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में बिना सबूत के नौ खिलाड़ियों को बीपीएल से बाहर कर दिया गया। महिला खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं भी कम हैं।’

आर-पार के मूड में बांग्लादेशी क्रिकेटर

सीनियर ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज ने कहा, ‘हम हमेशा कहते हैं कि क्रिकेट बोर्ड हमारा अभिभावक है लेकिन उनमें से किसी एक का ऐसी बात कहना बेहद निराशाजनक है। क्रिकेट बोर्ड आईसीसी और प्रायोजक के पैसे से चलता है। हम सबसे अधिक 25-30 प्रतिशत कर देते हैं।’शंटो और मौजूदा टी20 कप्तान लिटन दास ने भी इस विवादास्पद मुद्दे पर अपना नजरिया रखा।लिटन ने कहा, ‘एक खिलाड़ी के तौर पर, चाहे वह पुरुष हो या महिला, उन्हें बेहतर भुगतान होना चाहिए। हमारे पास अच्छा पैसा है और बीसीबी को इसका सही इस्तेमाल करना चाहिए।’उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा लैंगिक समानता की बात करते हैं और महिलाओं को सुरक्षित महसूस करना चाहिए। मुझे लगता है कि यह मामला जल्द से जल्द सुलझ जाना चाहिए था लेकिन तारीखें बस आगे बढ़ती जा रही हैं।’शंटो ने कहा, ‘महिला टीम ने भी कुछ बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। हम इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाना चाहते हैं।’

2 दिन में 6 लोगों की मौत, आई 805 इमरजेंसी कॉल…जिंदगी की डोर काट रहा पतंग का मांझा

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली: गुजरात (Gujarat) में पतंग उत्सव की मस्ती के बीच दो दिन (14-15 जनवरी) को मांझे की चपेट में आने से छह लोगों की मौत हो गई. वहीं आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है. कई शहरों में मांझे की वजह से लोगों के घायल होने की घटनाएं हुईं. अब तक 805 इमरजेंसी कॉल दर्ज की गई हैं. हालांकि पिछले साल की तुलना में इस साल इमरजेंसी मामलों में कमी आई है.

गुजरात में एक बार फिर पतंग का मांझा मौत का मांझा बनकर सामने आया. मकर संक्रांति के दिन सूरत में मांझे की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई. वहीं भरूच के जंबूसर के पिलुदरा गांव में पतंग के मांझे से गला कटने से एक युवक की मौत हो गई. बाइक से जा रहे युवक की गर्दन मांझे से कट गई. घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

 

मांझे से गला कटने से नाबालिग की मौत
दूसरी ओर, अरावली में पतंग की डोर से गला गला कटने से एक नाबालिग की मौत हो गई. बयाड के चोइला गांव में मोपेड चला रहे 17 साल के तीर्थ नाम के एक लड़के का मांझे से गला कट गया. लड़के को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

बाइक से जा रहे पिता-पुत्र घायल
वहीं पंचमहल में दवाड़ा के पास भी एक बाइक सवार पतंग के मांझे की वजह से घायल हो गया. घर से हलोल जा रहा एक युवक चेहरे पर मांझा लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे हलोल और बाद में वडोदरा रेफर कर दिया गया. दूसरी ओर, नवसारी में गणदेवी रोड पर भी एक बाइक सवार का एक्सीडेंट हो गया. पिता और बेटा बाइक से गुजर रहे थे, तभि मांझे की चपेट में आ गए, जिससे पिता के नाक और कान पर गहरा कट लग गया.

सूरत में मांझे ने ले ली 4 की जान
उत्तरायण (मकर संक्रांति) का त्योहार कई परिवारों में मातम लेकर आया है. सूरत में पतंग की डोर की वजह से हुए अलग-अलग हादसों में 4 लोगों की जान चली गई. सूरत में एक परिवार के पति, पत्नी और बेटी की पुल से गिरने से मौत हो गई, जबकि एक युवक की गर्दन में डोर फंसने से मौत हो गई.

पतंग की डोर फंसने से पुल के नीचे गिरी बाइक
सूरत में वेड रोड और अडाजन को जोड़ने वाले पुल पर एक चौंकाने वाला हादसा हुआ. 35 साल के रेहान अपनी पत्नी और 7 साल की बेटी आयशा के साथ सुभाष गार्डन से लौट रहे थे. पतंग की डोर फंसने से रेहान का बैलेंस बिगड़ गया. बाइक डिवाइडर से टकराने के बाद तीनों सदस्य पुल से नीचे गिर गए. इस भयानक हादसे में रेहान और मासूम आयशा की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं उनकी पत्नी रेहाना नीचे खड़े रिक्शे पर गिर गईं और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

सूरत के वेसू इलाके में भी मांझे की वजह से एक भयानक हादसा हुआ. लाल घोड़ा इलाके में एक 23 साल का युवक अपनी मोपेड से गुजर रहा था, तभी पतंग की डोर उसके गले में फंस गई. गंभीर चोटों और ज्यादा खून बहने से युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

विद्या पर भड़केंगी दादी-सा, अभिरा से पूछेंगी सवाल, मेहर बनाएगी खतरनाक प्लान

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के 16 जनवरी के एपिसोड में अरमान, अभिरा से नाराज हो जाता है। अरमान, अभिरा को अपनी डिग्री दिखाता है और कहता है कि तुम्हे मेरी काबिलियत पर शिकायत है न तो ये देखा। अरमान, अभिरा को कुछ बोलने का मौका ही नहीं देता है। अभिरा भड़क जाती है। अभिरा चिल्लाती है और अरमान को बताती है कि मेहर गुनहगार है।‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के 16 जनवरी के एपिसोड में अरमान, अभिरा से नाराज हो जाता है। अरमान, अभिरा को अपनी डिग्री दिखाता है और कहता है कि तुम्हे मेरी काबिलियत पर शिकायत है न तो ये देखा। अरमान, अभिरा को कुछ बोलने का मौका ही नहीं देता है। अभिरा भड़क जाती है। अभिरा चिल्लाती है और अरमान को बताती है कि मेहर गुनहगार है।

विद्या का सच

वहीं दूसरी तरफ, विद्या, वाणी पर अपना गुस्सा निकालती है। विद्या, वाणी से पूछती है, ‘तुम मायरा से जलती हो?’ विद्या की रवैया देख दादी-सा को शक होता है। दादी-सा गुस्से में विद्या से पूछती हैं, ‘तुम्हे पहले से ही वाणी का सच पता था न?’ विद्या डर जाती है और अपना सिर हिलाकर ‘हां’ कहती है। दादी-सा, विद्या पर अपना गुस्सा निकालती हैं और फिर अरमान-अभिरा के पास जाती हैं।

अभिरा से सवाल करेंगी दादी-सा

दादी-सा, अभिरा से सवाल करती हैं। अभिरा, दादी-सा को बताती है कि वाणी की मां ने मरते वक्त उसे सारी बातें बताई थीं। दादी-सा, अभिरा की बात नहीं मानती हैं। दादी-सा कहती हैं कि वाणी के भविष्य को सुधारने के लिए उसकी मां ने मरते वक्त भी झूठ कहा है ये रिश्ता क्या कहलाता है अरमान-अभिरा के प्यार की होगी जीत, मेहर मित्तल को लगेगा 440 वॉट का झटकाये भी पढ़ें:‘द 50’ के पहले कन्फर्म कंटेस्टेंट का नाम आया सामने, 1 फरवरी से होगा शुरू

मेहर का प्लान

वहीं अरमान टूट जाता है। अरमान अपने आपको बाथरूम में बंद कर लेता है। एक तरफ, मेहर अपने पिता से कहती है कि अगर जेल जाने की नौबत आएगी तो वो अभिरा और वाणी की जान लेने के बाद जेल जाएगी। दूसरी तरफ, अरमान को अभिरा की बातें सही लगने लगती हैं। अरमान सोचता है कि अभिरा को लोगों की परख है। अगर वो ये सब कह रही है तो कोई बात जरूर होगी।

दिग्विजय सिंह के राज्यसभा सीट छोड़ने पर कांग्रेस विधायक का बयान, कहा- इनको इग्नोर करके काम नहीं चलेगा

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

दतिया । कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने राज्यसभा सीट (Rajya Sabha seat) छोड़ने का ऐलान किया है। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। ऐसे में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती (Congress MLA Rajendra Bharti) का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- दिग्विजय सिंह ऐसे नेता हैं जिन्हें इग्नोर करके किसी का काम नहीं चल सकता।

ऐसे नेताओं की कांग्रेस को जरूरत है
उन्होंने जोर देते हुए कहा- दिग्विजय सिंह जितने जीनियस और मेहनती हैं, वैसे नेताओं की कांग्रेस को और जरूरत है। उन्हें जनता और पार्टी के लिए समर्पित बताते हुए कहा- उनकी खासियत यही है कि वे लगातार स्वीकार्य और प्रिंसिपल्ड बने हुए हैं। आगे कहा- दिग्विजय सिंह जी कांग्रेस पार्टी के लिए, मध्य प्रदेश के लिए, जनता के लिए प्रासंगिक बने हुए हैं। उन्हें किसी भी तरह से इग्नोर करके काम नहीं चल सकता है। जिस तरह से वो मेहनती हैं, कांग्रेस के अंदर ऐसे और भी नेताओं की जरूरत है।

 

हर बात हर किसी के समझने की नहीं होती
विधायक ने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह राजनीति में अपने बयान और फैसलों को लेकर पूर्ण रहस्य रखते हैं और हर बात हर किसी के समझने की नहीं होती। राजेंद्र भारती ने दिग्विजय सिंह की 10 साल तक सक्रिय राजनीति से दूर रहने वाली घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने खुद कहा था कि वे 10 साल तक कोई पद नहीं लेंगे और उन्होंने इसे निभाया भी..विधायक ने कहा वह बात के पक्के हैं और ऐसे नेताओं की पार्टी को सख्त ज़रूरत है।

आपको बताते चलें कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने जबसे राज्यसभा सीट छोड़ने का ऐलान किया है, तबसे इस बात की चर्चाएं तेज हो गई हैं कि नया दावेदार कौन होगा। ऐसे में जब अगला कौन, उनसे पूछा गया तो बात को गोल मोल कर दिया। दिग्विजय सिंह 2 बार से राज्यसभा सांसद हैं। कांग्रेस के विधायकों की गिनती को देखते हुए उनका तीसरी बार सदन में जाना लगभग तय था, लेकिन उन्होंने अपने ना जाने का ऐलान किया है।

तिंथानी कनक गुरु पीठ के सिद्धरामानंद स्वामी का निधन, 49 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक से मौत

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

बंगलूरू। कर्नाटक (Karnataka) के तिंथानी कनक गुरु (Tinthani Kanaka Guru) पीठ के प्रमुख और कलबुर्गी डिविजनल कनकगुरु पीठ के अधिष्ठाता सिद्धरामानंद स्वामी (Siddharamananda Swami) का गुरुवार तड़के हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनका जन्म नाम मोहन प्रधान था और वे चित्रदुर्ग जिले के निवासी थे।

सूत्रों के अनुसार, स्वामी ने रात में भजनों में भाग लेने के बाद अचानक ब्लड प्रेशर गिरने की वजह से स्वास्थ्य बिगड़ गया। उन्हें लिंगसुगुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान सुबह लगभग 3.40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

CM मोहन यादव ने PM मोदी से की मुलाकात, 2 साल की उपलब्धियां बताईं

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नई दिल्ली में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट कर नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा के सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन के विस्तार की परियोजना के भूमि-पूजन के लिये अनुरोध किया. प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के आयोजन, प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाये जाने, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड सांची सहकारिता अनुबंध की प्रगति रिपोर्ट के साथ प्रदेश में एनटी नक्सल अभियान की प्रगति से अवगत कराया।

1600 मेगावॉट क्षमता के विस्तार की अनुमति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी लिमिटेड का सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन स्थित है. ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1600 मेगावॉट (स्टेज II, 2× 800 MW) क्षमता के विस्तार की अनुमति प्रदान की गई है. इसकी कुल लागत 20 हजार 446 करोड़ रूपये है. परियोजना को वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है. यह परियोजना अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित है और इसमें एयर कूल्ड कंडेंसर टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है, जो पारंपरिक वॉटर कूल्ड कंडेंसर (कूलिंग टॉवरों के साथ) की तुलना में पानी की खपत को 1/3 कम करता है।

‘कृषक कल्याण वर्ष’ बना रही सरकार

प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष-2026 में “समृद्ध किसान समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य को साकार करने के लिए ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश में उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 के आयोजन के लिये जनवरी, 2026 से नवम्बर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है. सभी गतिविधियां 3 साल का लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएंगी. इसमें 16 से अधिक विभागों की सहभागिता रहेगी. कृषक कल्याण वर्ष-2026 में सरकार के 10 संकल्प प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना, शीघ्रनाशी फसलों वाले स्थानों पर फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट बनाये जाना, कृषि उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये सब्सिडी उपलब्ध कराना, कृषि उद्योगों में किसानों की भागीदारी को बढ़ाना के लिये कार्य करेगी. प्रदेश सरकार अगले 3 साल में 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पंप की स्थापना के लक्ष्य प्राप्ति के लिये कार्य करेगी।

Previous articleप्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की सौजन्य भेंट
News Desk

दिल्ली पुलिस की लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों के साथ मुठभेड़, एनकाउंटर के बाद दो शार्प शूटर गिरफ्तार

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर्स के साथ मुठभेड़ हुई है. इस मुठभेड़ के बाद दो शूटर्स को गिरफ्तार किया गया है. बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) जोन-1 रविंद्र यादव ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी हाल ही में पश्चिम विहार ईस्ट और मधु विहार में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल थे.

स्पेशल सीपी रविंद्र यादव ने बताया कि नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के एंटी-नारकोटिक्स टीम को एक अहम सुराग मिला था, जिसके आधार पर टीम ने बराड़ी इलाके में दोनों बदमाशों को इंटरसेप्ट किया. बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी दीपक के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपी जो नाबालिग है, उसको भी मौके से पकड़ लिया गया. दोनों के पास से फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद कर लिए गए हैं.

 

स्पेशल सीपी रविंद्र यादव के अनुसार, हाल के दिनों में दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ व्यापक व सख्त अभियान चलाया था, जिससे फिरौती कॉल्स और गैंग एक्टिविटी में कमी आई थी. इसके बावजूद इन फायरिंग की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी. इस घटना के बाद से सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया. इसी सतर्कता के चलते 24 घंटे के भीतर आरोपियों को ट्रैक कर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है.

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपराध में धकेला जा रहा

स्पेशल सीपी रविंद्र यादव ने बताया कि गैंगस्टर सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं व नाबालिगों को लालच देकर अपराध की दुनिया में धकेल रहे हैं. इस मामले में नाबालिग आरोपी का रोहिणी इलाके में किसी से झगड़ा हुआ था. बदला लेने के इरादे से उसने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें डालने वाले एक फर्जी अकाउंट से संपर्क किया. उसे लालच दिया गया कि अगर वह गैंग के लिए काम करेगा तो उसे हथियार और पैसा मिलेगा. इसके बाद अलग-अलग जगह बुलाकर उसे हथियार दिए गए. साथ ही फायरिंग की लोकेशन बताई गई. निर्देश ये भी था कि एक ही जगह नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर कई बार फायरिंग कर इलाके में दहशत फैलाई जाए.

फिरौती की कॉल आए तो पुलिस को तुरंत दें सूचना

स्पेशल सीपी रविंद्र यादव ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में रणदीप मलिक का नाम सामने आ रहा है, जो पहले भी एक चर्चित मर्डर केस में वांटेड है. उसी के जरिए यह संपर्क हुआ. इसके बाद में सोशल मीडिया पर फायरिंग की जिम्मेदारी भी ली गई. मामले में इंटरस्टेट कनेक्शन की भी जांच की जा रही है. हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़ व उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी को भी इस तरह की धमकी या फिरौती की कॉल आती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. इससे दिल्ली पुलिस न सिर्फ सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर मकोका, बीएनएस की धारा 111 जैसे सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई भी करेगी.

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.19 करोड़ की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्गों को डराकर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह ने खुद को पुलिस, सीबीआई और अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर 78 वर्षीय बुजुर्ग से 2 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी. मामले में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक, पीड़ित को फोन कर खुद को लखनऊ पुलिस मुख्यालय से बताने वाले व्यक्ति ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तारी वारंट होने की बात कही. उम्र और असमर्थता का हवाला देने पर आरोपियों ने उसे तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ में डाल दिया. इसके बाद आधार कार्ड के दुरुपयोग का डर दिखाकर पीड़ित से उसकी पूरी संपत्ति, बैंक बैलेंस और नकदी की जानकारी हासिल की गई.

आरोपियों ने पीड़ित को लगातार व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा और घर से बाहर न निकलने व किसी से बात न करने के निर्देश दिए. भरोसा दिलाने और डर का माहौल बनाने के लिए फर्जी सीबीआई ऑफिस का सेटअप तक तैयार किया और एक अन्य व्यक्ति को वकील बनाकर पेश किया गया. इस मानसिक दबाव में आकर पीड़ित ने 26 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग खातों में 2.19 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए.

इन जगहों से हुई गिरफ्तारी: शिकायत मिलने पर आईएफएसओ में मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई. जांच में सामने आया कि रकम कई म्यूल खातों में घुमाई गई. डीसीपी विनीत कुमार के अनुसार, तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पहले मध्य प्रदेश के बड़वानी से दो आरोपियों को पकड़ा गया, जिनके खातों में एक करोड़ रुपये पहुंचे थे. इसके बाद उत्तर प्रदेश के लखनऊ से तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, जो फर्जी खाते उपलब्ध कराने और पैसे को लेयर करने में शामिल थे.

की गई ये अपील: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, चेकबुक, रबर स्टांप और आधार कार्ड की प्रतियां बरामद की हैं. शुरुआती जांच में यह गिरोह संगठित और अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय पाया गया है. डीसीपी विनीत कुमार ने यह भी कहा कि कहा कि दिल्ली पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. अन्य अपराधियों, साजिशकर्ताओं की पहचान करने, पैसे के लेन-देन का पता लगाने और इस रैकेट में शामिल अन्य सक्रिय अपराधियों और मददगारों की भूमिका की जांच करने के लिए आगे की जांच सक्रिय रूप से जारी है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस या सीबीआई कॉल से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत पुलिस को सूचना दें.

पहले भी हो चुकी है ऐसा घटना: इससे पहले दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश–2 इलाके की रहने वाली 77 वर्षीय NRI महिला और उनके पति को साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया था. बुजुर्ग दंपती को 17 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 14.50 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी. फिलहाल शिकायत दर्ज कराए के बाद पुलिस जांच में जुटी हुई है.

आवारा कुत्तों पर SC की टिप्पणियों का गोयल ने किया स्वागत, बोले- आवारा कुत्तों को खाना डालने वालों के खिलाफ FIR की जाए दर्ज

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली/गाजियाबाद: पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही आवारा कुत्तों से संबंधित सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियों का स्वागत किया है. विजय गोयल लंबे समय से देश भर में आवारा कुत्तों की समस्या और लगातार लोगों पर आवारा कुत्तों द्वारा किए जा रहे हमले को लेकर आवाज उठा रहे हैं और आंदोलन कर रहे हैं.

दिल्ली एनसीआर के विभिन्न इलाकों में लगातार विजय गोयल द्वारा निवासियों के साथ बैठकों का आयोजन किया जा रहा है. इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में जाकर आंदोलन को गति देने की कवायद की जा रही है.

विजय गोयल ने बताया, यह उनके लंबे समय से चल रहे आंदोलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस दलील को स्वीकार किया है कि आवारा कुत्तों के हमले से यदि किसी बच्चे या बुजुर्ग की मृत्यु या चोट होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित सरकारों तथा सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी होगी. न्यायालय ने यह भी गंभीर प्रश्न उठाया है कि जिन सरकारों ने वर्षों से आवारा कुत्तों की समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, उन पर भारी मुआवजा क्यों न लगाया जाए.

 

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का गोयल ने किया स्वागत: आवारा कुत्तों को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन में लगातार विजय गोयल को आम जनता का सहयोग मिल रहा है. गोयल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाकर पुनः वहीं न छोड़ा जाए, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम द्वारा पकड़े गए कुत्तों को फिर उसी स्थान पर छोड़ा जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब नगर निगम की टीमें कुत्तों को पकड़ने आती हैं, तो तथाकथित कुत्ता-प्रेमी उन्हें रोकते हैं.

दिल्ली में एक भी डॉग शेल्टर का निर्माण नहीं किया गया: उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली नगर निगम द्वारा कुत्तों को खाना खिलाने के लिए जिन स्थानों को चिह्नित किया गया है, वहां अब तक कोई सूचना-पट्ट (बोर्ड) नहीं लगाया गया है, और न ही वहां किसी चौकीदार की व्यवस्था की गई है, जिसके कारण आए दिन झगड़े की स्थिति बनती है. गोयल ने चिंता व्यक्त की कि दिल्ली में अब तक एक भी डॉग शेल्टर का निर्माण नहीं किया गया है, ऐसे में काटने वाले या आक्रामक कुत्तों को आखिर कहां रखा जाएगा. इसी कारण उन्हें पकड़कर फिर उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है.

आवारा कुत्तों को खाना डालने वालों के खिलाफ एफआईआर की मांग: उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम द्वारा माइक्रोचिपिंग का कार्य भी शुरू नहीं किया गया है, जबकि इस संबंध में तीन महीने पहले निर्णय लिया जा चुका है. उन्होंने मांग की कि पार्कों में ऐसे गेट लगाए जाएं, जिससे आवारा कुत्तों का प्रवेश रोका जा सके, ताकि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो. गोयल ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) से अपील की कि वे सड़कों पर आवारा कुत्तों को खाना डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश अब स्पष्ट हैं कि सार्वजनिक सड़कों पर कुत्तों को खाना नहीं दिया जा सकता.

उन्होंने बताया कि उनका संगठन ‘लोक अभियान’ शीघ्र ही एक हेल्पलाइन नंबर – 9220-606060 जारी करने जा रहा है, जिस पर लोग नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेंगे. गोयल ने कहा कि वह स्वयं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर धमकियां दी जा रही हैं, अपशब्द कहे जा रहे हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “ये लोग न तो कुत्तों को अपने घरों में गोद लेना चाहते हैं और न ही उनकी जिम्मेदारी लेना चाहते हैं, लेकिन मुझे गालियां देने में पीछे नहीं रहते. मेरा उद्देश्य केवल सोसाइटी के बच्चों और नागरिकों की जान बचाना है.”