‘द 50’ में साथ नजर आएंगे युजवेंद्र चहल और एक्स वाइफ धनश्री वर्मा? क्रिकेटर ने शेयर की पोस्ट

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रिएलिटी शो ‘द 50’ ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर 1 फरवरी से शुरू होने वाला है। इस शो में 50 कंटेस्टेंट्स हिस्सा लेंगे और 50 दिनों तक साथ रहेंगे। बीच में एक रिपोर्ट आई थी जिसमें इस बात का दावा किया गया था कि ‘द 50’ में इंडियन क्रिकेटर युजवेंद्र चहल हिस्सा लेने वाले हैं। इतना ही नहीं, उनके साथ उनकी एक्स वाइफ धनश्री वर्मा भी पार्टिसिपेट करेंगी। वहीं अब इन रिपोर्ट्स पर युजवेंद्र चहल का रिएक्शन आया है।

‘ये दावे गलत हैं’

युजवेंद्र चहल ने पोस्ट शेयर कर इन रिपोर्ट्स को गलत बताया है। उन्होंने साफ कहा कि वह इस रिएलिटी शो में हिस्सा नहीं लेने वाले हैं। उनके बयान में कहा गया है, “युजवेंद्र चहल के रिएलिटी शो में हिस्सा लेने के बारे में जो रिपोर्ट्स आ रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। ये दावे गलत हैं।”

अभी तक नहीं आया है धनश्री का कोई रिएक्शन

नोट में आगे लिखा है, “युजवेंद्र का हाल की रिपोर्ट्स में बताए गए शो से कोई संबंध नहीं है और इस तरह की कोई बातचीत या कमिटमेंट नहीं हुई है। हम मीडिया प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया यूजर्स से अनुरोध करते हैं कि वे बिना वेरिफाई की हुई जानकारी न फैलाएं।” इस बीच, धनश्री ने अभी तक शो का हिस्सा होने की अफवाहों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कौन कर रहा है इसे होस्ट?

यह आने वाला रिएलिटी शो 1 फरवरी से लाइव होगा। इसे फिल्ममेकर फराह खान होस्ट करेंगी। फराह खान का कहना है कि भारत में रिएलिटी शोज सालों से एक ही पैटर्न फॉलो कर रहे हैं और आखिरकार ‘द 50’ इस पैटर्न को बदलने आ गया है।

दिग्विजय सिंह नहीं जाएंगे राज्यसभा, कई नेता दौड़ में, कमलनाथ को मिलेगा मौका

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की सियासत के ‘चाणक्य’ पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने अचानक ऐलान किया कि वह राज्यसभा नहीं जाएंगे इससे सियासी हलकों में हलचल मच गई है। बता दें दिग्विजय सिंह कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, लेकिन इससे पहले ही राज्यसभा नहीं जाने उनकी घोषणा से दिल्ली से भोपाल तक कांग्रेस में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि दिग्विजय सिंह का अचानक राज्यसभा से मोहभंग क्यों हो गया? वहीं यह सवाल भी उठने लगा कि सिंह की जगह अब मप्र से कांग्रेस किसे राज्यसभा भेजेगी।
मीडिया रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि दिग्विजय सिंह का यह फैसला कोई व्यक्तिगत नहीं, बल्कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की रणनीतिक सोच का हिस्सा है। यह कदम कांग्रेस के उस नए राजनीतिक रोडमैप से जुड़ा है, जिसे राहुल गांधी पिछले कुछ सालों से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व का फोकस अब केवल संसद के अंदर आक्रामक विपक्षी भूमिका निभाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर फिर से खड़ा करना प्राथमिकता बन चुका है।
इसी सोच के तहत वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों में लगाने और युवा नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। माना जा रहा है कि दिग्विजय सिंह को भी इसी रणनीति के तहत राज्यसभा की भूमिका से मुक्त कर दोबारा मैदान में उतारने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो पार्टी दिग्विजय को एक बार फिर मध्य प्रदेश में बड़े संगठनात्मक मिशन की जिम्मेदारी सौंप सकती है। 2017-18 में की गई उनकी 3300 किलोमीटर लंबी नर्मदा परिक्रमा आज भी कांग्रेस के लिए एक मजबूत राजनीतिक प्रतीक मानी जाती है। उस परिक्रमा ने न सिर्फ कार्यकर्ताओं में जान फूंकी थी, बल्कि 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को वैचारिक और भावनात्मक बढ़त भी दिलाई थी।
अब चर्चा है कि 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले एक और नर्मदा परिक्रमा या इसी तरह का कोई बड़ा जनसंपर्क अभियान दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कराया जा सकता है, ताकि बिखरे संगठन को जोड़ा जा सके और युवा कार्यकर्ताओं को दिशा दी जा सके। इस बीच दिग्विजय सिंह के फैसले के बाद कांग्रेस में सामाजिक संतुलन की बहस भी तेज हो गई है। अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने मांग रखी है कि राज्यसभा में इस बार दलित समाज को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि मध्य प्रदेश की करीब 17 फीसदी अनुसूचित जाति आबादी की यह लंबे समय से अपेक्षा रही है। हालांकि इस मांग पर दिग्विजय सिंह ने साफ कर दिया कि टिकट का फैसला उनके हाथ में नहीं है, लेकिन यह जरूर तय है कि वे अपनी सीट खाली कर रहे हैं।
कमलनाथ कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं। चर्चा है कि वे एक बार फिर केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका चाहते हैं। यदि उन्होंने दावेदारी ठोकी, तो बाकी नामों की राह मुश्किल हो सकती है। जीतू पटवारी मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। आक्रामक तेवर, विधानसभा में सक्रिय भूमिका और संगठनात्मक पकड़ उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। वहीं अरुण यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व पीसीसी चीफ रह चुके हैं। संगठन और दिल्ली दोनों में उनकी स्वीकार्यता है। अजय सिंह (राहुल भैया) पूर्व नेता प्रतिपक्ष रहे हैं, जो लंबे समय से किसी बड़ी जिम्मेदारी की प्रतीक्षा में हैं।
दिग्विजय सिंह के हटने के साथ ही कांग्रेस की एकमात्र सुरक्षित मानी जा रही राज्यसभा सीट अब सियासी मुकाबले का केंद्र बन गई है। पार्टी में कई बड़े नामों की चर्चा शुरू हो चुकी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में लॉबिंग और समीकरण तेज होंगे। सबसे चर्चित नाम पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का है। समय-समय पर यह संकेत मिलते रहे हैं कि वे एक बार फिर केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के इच्छुक हैं। अगर कमलनाथ राज्यसभा की दौड़ में उतरते हैं, तो उनके राजनीतिक कद और अनुभव के चलते बाकी दावेदारों की राह आसान नहीं रहेगी।
राज्यसभा की मध्य प्रदेश में कुल 11 सीटें हैं, जिनमें से आठ पर बीजेपी और तीन पर कांग्रेस का कब्जा है। 2026 में तीन सीटें खाली हो रही हैं, लेकिन मौजूदा संख्या बल को देखते हुए कांग्रेस के लिए फिलहाल सिर्फ एक सीट ही सुरक्षित मानी जा रही है। ऐसे में दावेदारी की लड़ाई और भी दिलचस्प हो गई है, क्योंकि हर बड़ा नेता जानता है कि मौका एक ही है और दावेदार कई। कुल मिलाकर दिग्विजय सिंह का राज्यसभा से हटना कांग्रेस की बदलती रणनीति, पीढ़ीगत बदलाव और मध्य प्रदेश में संगठन को दोबारा मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस नेतृत्व इस खाली होने वाली सीट पर किसे मौका देता है और क्या यह फैसला पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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News Desk

क्या गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं में तालमेल नहीं है? आकाश चोपड़ा ने उठाए सवाल

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ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ बाकी दो वनडे मैचों के लिए आयुष बडोनी को टीम इंडिया में जगह मिली है। इसे लेकर पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने सवाल उठाए हैं। सवाल ये कि क्या टीम मैनेजमेंट और बीसीसीआई के सिलेक्शन कमिटी में तालमेल की कमी है? क्या कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर की जोड़ी और अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयन समिति की टीम और उसकी जरूरतों को लेकर सोच अलग-अलग है? चोपड़ा ने ये सवाल ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को केंद्र में रखकर उठाए हैं।

पापुआ न्यू गिनी
131/6
20.0 ov
ज़िम्बाब्वे
40/0
6.0 ov
ज़िम्बाब्वे को 84 गेंदों में 6.57 प्रति ओवर की औसत से 92 रन चाहिए
बांग्लादेश
151/3
20.0 ov
नीदरलैंड
73/3
11.0 ov
नीदरलैंड को 54 गेंदों में 8.77 प्रति ओवर की औसत से 79 रन चाहिए
आयरलैंड
200/7
20.0 ov
नेपाल
12/1
4.0 ov

नेपाल को 96 गेंदों में 11.81 प्रति ओवर की औसत से 189 रन चाहिए

नीतीश रेड्डी वाली पहेली

आकाश चोपड़ा ने कहा कि 22 वर्ष के इस ऑलराउंडर को टीम इंडिया के तकरीबन हर स्क्वाड में लिया जा रहा है लेकिन मुश्किल से उसे मौका दिया जा रहा है। जब मौका दिया भी जा रहा तो उसकी पूरी क्षमता का इस्तेमाल तक नहीं किया जा रहा।आकाश चोपड़ा ने एक्स पर शेयर अपने वीडियो में कहा, ‘क्या सिलेक्टर और कोचिंग स्टाफ में तालमेल नहीं है? मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि नीतीश रेड्डी को लेकर क्या चल रहा है। वह हर फॉर्मेट में चुने जा रहे हैं। जब वह खिलाए जाते हैं तो बैटिंग नहीं करते और गेंदबाजी में भी बहुत कम गेंदें फेंकते हैं।’

आज सीरीज जीतने उतरेगी टीम इंडिया, विराट कोहली से फिर धमाल की उम्मीद

चोपड़ा ने कहा, ‘वाइट-बॉल क्रिकेट में सिलेक्टर उन्हें चुन रहे हैं लेकिन उन्हें मैच नहीं मिल रहे। दक्षिण अफ्रीका के साथ सीरीज के दौरान बहुत सारी ओस दिख रही थी। तेज गेंदबाजों का बहुत इस्तेमाल किया जा रहा था। स्पिनरों को मदद नहीं मिल रही थी लेकिन तब भी नीतीश रेड्डी का इस्तेमाल नहीं हुआ।’

‘रेड्डी टीम में तो होते हैं लेकिन उनका पूरा इस्तेमाल नहीं होता’

आकाश चोपड़ा ने आगे कहा, ‘और जब हम वडोदरा पहुंचते हैं तो फिर वही कहानी होती है कि नीतीश कुमार रेड्डी को नहीं खिलाया जाता है। सवाल फिर उठता है कि ऐसा क्यों है कि सिलेक्टर ये सोचते हैं कि नीतीश को सिलेक्ट करना जरूरी है। वो टीम को एक बैलेंस प्रदान करते हैं। वो फ्यूचर के लिए रेडी करते हैं कि अगर हार्दिक पांड्या कभी ना हुए तो क्या होगा…लेकिन टीम मैनेजमेंट ये नहीं सोचती है।उन्होंने कहा, ‘वो (टीम मैनेजमेंट) कहती है कि हमें नीतीश कुमार रेड्डी नहीं चाहिए। हम 2 स्पिनर्स के साथ खेलें या 3 स्पिनर्स के साथ खेलें। हमारे स्कीम्स ऑफ थिंग्स में नीतीश कुमार रेड्डी सेट नहीं होते हैं और जब होते हैं तो वह या तो बैटिंग करते हैं या बोलिंग करते हैं, दोनों चीजें साथ नहीं करते हैं। असल में चल क्या रहा है? अगर उन्हें बाहर ही बैठना है तो ये बेहतर होता कि वह विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते।’रेड्डी ने अब तक टीम इंडिया के लिए 2 ओडीआई और 4 टी20 इंटरनेशनल खेले हैं। ये हाल तब है जब करीब एक साल से वह तकरीबन हर स्क्वाड का हिस्सा हैं। ऐसा लग रहा कि उन्हें हार्दिक पांड्या के बैकअप के तौर पर तैयार किया जा रहा लेकिन जब पांड्या नहीं खेलते तब भी उन्हें बमुश्किल मौका मिलता है।

CM आवास के पास हुई हत्या पर AAP का हमला, पुलिस पर उठाए सवाल

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नई दिल्ली|दिल्ली के शालीमार बाग में एक दिल दहला देने वाली घटना ने फिर से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यकर्ता और स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की अध्यक्ष रचना यादव की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना पिछले सप्ताह हुई। इस घटना पर आप नेताओं ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथ लिया है।

क्या है मामला?

शालीमार बाग के बीसी ब्लॉक में रचना यादव को उनके घर के पास ही हमलावरों ने सिर में गोली मार दी। हमलावरों ने पहले उनका नाम पूछा और जैसे ही उन्होंने हां में जवाब दिया, ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज में हत्यारे साफ दिखाई दे रहे हैं, वे मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पति की हत्या की गवाह थीं रचना

रचना यादव की यह त्रासदी अकेली नहीं है। दो साल पहले (2023 में) उनके पति विजेंद्र यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला आपसी रंजिश से जुड़ा था, और कोर्ट में चल रहा है। रचना इस केस में मुख्य चश्मदीद गवाह थीं। वे न्याय की लड़ाई लड़ रही थीं और गवाही देने वाली थीं। पुलिस को शक है कि उनकी हत्या इसी केस को कमजोर करने और गवाहों को डराने के मकसद से की गई। रचना के परिवार में दो बेटियां हैं।

नेताओं ने शोक सभा में दी श्रद्धांजलि

मंगलवार को शालीमार बाग में रचना यादव की शोक सभा हुई, जिसमें दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा ने हिस्सा लिया। दोनों नेताओं ने परिवार से मुलाकात की और श्रद्धांजलि अर्पित की।सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीसीटीवी में हत्यारे साफ दिख रहे हैं, फिर भी पुलिस की कार्रवाई लचर है। उन्होंने घटना को बेहद निंदनीय बताया और दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। AAP ने स्पष्ट किया कि पार्टी पीड़ित परिवार को हर स्तर पर न्याय दिलाने के लिए लड़ेगी। इस दुख की घड़ी में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जहां हत्या हुई वह जगह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास से महज 400 मीटर दूर है, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं दिख रहा। पार्टी दोषियों को सजा दिलाने और परिवार को इंसाफ मुहैया कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

टॉप 10 हिंदी टीवी एक्टर्स की लिस्ट में रुपाली गांगुली और स्मृति पिछड़ीं, यह हैं नंबर 1 पर

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टीवी एक्टर्स
टॉप 10 हिंदी टीवी एक्टर्स की रिपोर्ट आ गई है। गॉसिप टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार लिस्ट में काफी बदलाव आए हैं। जानें आपके फेवरेट एक्टर्स इस लिस्ट में किस नंबर पर हैं।

टॉप 10 हिंदी टीवी एक्टर्स की लिस्ट में रुपाली गांगुली और स्मृति पिछड़ीं, यह हैं नंबर 1 पर2/11

प्रियंका चहर चौधरी

प्रियंका चहर चौधरी इस लिस्ट में नंबर 1 पर हैं। प्रियंका फिलहाल शो नागिन 7 में नजर आ रही हैं और उन्हें काफी पसंद भी किया जा रहा है शो में।

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समृद्धि शुक्ला

समृद्धि शुक्ला वहीं दूसरे नंबर पर हैं जो काफी समय से ये रिश्ता क्या कहलाता है से सबका दिल जीत रही हैं।

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नामिक पौल

तीसरे नंबर पर नामिक पौल हैं जो नागिन 7 में ही नजर आ रहे हैं।

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पार्थ समथान जिन्होंने कुछ समय पहले सहर शो से टीवी पर कमबैक किया है। वह इस लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं।

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रुपाली गांगुली

पांचवें नंबर पर अनुपमा फेम रुपाली गांगुली हैं। रुपाली इस शो से घर-घर फेमस हैं।

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रोहित पुरोहित

इसके बाद आते हैं ये रिश्ता क्या कहलाता है स्टार रोहित पुरोहित। रोहित की इस शो के बाद पॉपुलैरिटी काफी बढ़ गई थी।

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स्मृति ईरानी

सातवें नंबर पर आती हैं समृति ईरानी जो क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में नजर आ रही हैं। इस शो के जरिए स्मृति ने सालों बाद कमबैक किया है।

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ईशा सिंह, नागिन 7 शो के जरिए 8वें नंबर पर हैं।

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तेजस्वी प्रकाश

9वें नंबर पर हैं एक्ट्रेस तेजस्वी प्रकाश जो इन दिनों शो लाफ्टर शेफ 3 में नजर आ रही हैं।

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आयशा सिंह

10वें नंबर पर आयशा सिंह हैं जो मन्नत शो में नजर आ रही हैं। आयशा का नंबर पहले काफी नीचे गिरा है।

ODI क्रिकेट में रोहित शर्मा से आगे क्यों नजर आते हैं विराट कोहली? मोहम्मद कैफ ने समझाया पूरा गणित

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टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने बताया है कि वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट कोहली ओपनर रोहित शर्मा से क्यों एक कदम आगे नजर आते हैं? विराट कोहली और रोहित शर्मा इस समय सिर्फ वनडे क्रिकेट ही भारत के लिए खेल रहे हैं, क्योंकि दोनों टी20 और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। टी20 और टेस्ट क्रिकेट से रिटायर होने के बाद विराट-रोहित तीसरी वनडे सीरीज खेल रहे हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, विराट कोहली अपनी टॉप फॉर्म में नजर आ रहे हैं, जबकि रोहित शर्मा भी दमदार खेल दिखा रहे हैं, लेकिन मोहम्मद कैफ ने दावा किया है कि विराट कोहली हिटमैन से आगे हैं।

पापुआ न्यू गिनी
131/6
20.0 ov
ज़िम्बाब्वे
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11.0 ov

ज़िम्बाब्वे को 54 गेंदों में 8.11 प्रति ओवर की औसत से 73 रन चाहिए
बांग्लादेश
151/3
20.0 ov
नीदरलैंड
106/5
16.0 ov

नीदरलैंड को 24 गेंदों में 11.5 प्रति ओवर की औसत से 46 रन चाहिए
आयरलैंड
200/7
20.0 ov
नेपाल
12/1
4.0 ov

नेपाल को 96 गेंदों में 11.81 प्रति ओवर की औसत से 189 रन चाहिए

कैफ का ये कमेंट बुधवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरे वनडे से पहले आया है। इसी सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम भूमिका विराट और रोहित ने निभाई थी। रोहित शर्मा ने 30 प्लस रन की ताबड़तोड़ पारी खेली थी, जबकि विराट कोहली ने 90 प्लस रन बनाए। इसी को लेकर मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “विराट कोहली अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलते हैं। 30 या 40 का स्कोर मतलब वह आखिर तक टिके रहेंगे, मैच जिताएंगे और अगर वह फॉर्म में आ गए, तो लगातार अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इसीलिए, वनडे क्रिकेट में, विराट कोहली हमेशा रोहित शर्मा से आगे रहे हैं। वह लगातार रन बनाते हैं और बड़ी पारियां खेलते हैं।”कैफ ने कोहली की तीव्रता और आत्म-जागरूकता को भी एक मुख्य अंतर बताया और पहले वनडे के ही एक पल का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “आप यह देख सकते हैं जब विराट कोहली पहले वनडे में आउट हुए; वह अपना सिर हिला रहे थे, साफ तौर पर सोच रहे थे कि उन्होंने गलत शॉट खेला।” विराट कोहली से उन्होंने अपनी इसी तरह की क्रिकेट खेलते हुए जारी रखने का आग्रह भी कहा। विराट भले ही 54वां वनडे इंटरनेशनल शतक जड़ने से चूक गए, लेकिन 91 गेंदों में 93 रनों की पारी उन्होंने खेली और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। रोहित शर्मा ने उस समय तेजी से रन बनाए, जब कप्तान शुभमन गिल उनके साथ संघर्ष कर रहे थे।

बाड़ी घाटी में थमा बेनीवाल का जयपुर कूच, प्रशासन से बनी सहमति

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जयपुर |बजरी माफिया पर कार्रवाई, किसानों को मुआवजा और प्रशासनिक अफसरों पर एक्शन की मांग को लेकर जयपुर कूच पर निकले नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आखिरकार आंदोलन स्थगित करने का ऐलान कर दिया है। बुधवार तड़के करीब 5 बजे प्रशासन के साथ हुई वार्ता में मांगों पर लिखित सहमति बनने के बाद बेनीवाल ने जयपुर कूच और किसानों का आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।हनुमान बेनीवाल मंगलवार शाम करीब 2000 गाड़ियों के विशाल काफिले के साथ नागौर से जयपुर के लिए रवाना हुए थे। रियांबड़ी और मेड़ता क्षेत्र के किसानों की छह सूत्रीय मांगों को लेकर बीते आठ दिनों से आंदोलन चल रहा था। प्रशासन को 4 बजे तक का अल्टीमेटम देने के बाद जब मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो बेनीवाल ने जयपुर कूच का फैसला किया।

बाड़ी घाटी में रुका काफिला, देर रात चली वार्ता

मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे सांसद का काफिला नागौर जिले के अंतिम गांव बाड़ी घाटी में टोल प्लाजा के पास हाईवे किनारे रुक गया। यहां रात करीब 11:30 बजे अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह, नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित और एसपी मृदुल कच्छावा वार्ता के लिए पहुंचे। अधिकारियों और सांसद के बीच रात डेढ़ बजे तक बातचीत चली, लेकिन कई अहम बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई।इसके बाद प्रशासन के आग्रह पर काफिला वहीं रुका रहा। बुधवार सुबह करीब 5 बजे एक बार फिर बातचीत हुई, जिसमें रियांबड़ी एसडीएम सूर्यकांत भी मौजूद रहे। इस बार सभी प्रमुख मांगों पर लिखित सहमति बनने के बाद बेनीवाल ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान कर दिया।

क्या रही सहमति की प्रमुख बातें

हनुमान बेनीवाल ने बताया कि बजरी माफिया के खिलाफ ड्रोन सर्वे और मैनुअल जांच के लिए एक दिन बाद टीमें लगा दी जाएंगी। अवैध खनन में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही खनन, राजस्व और पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी।किसानों से जुड़ी मांगों पर भी सहमति बनी है। मेड़ता और रियां क्षेत्र के जिन गांवों को पिछले साल का आपदा राहत मुआवजा और बीमा क्लेम नहीं मिला, उन्हें शीघ्र भुगतान किया जाएगा। रेलवे द्वारा अधिग्रहित भूमि के मुआवजे और गोचर भूमि से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।

प्रशासनिक अफसरों पर कार्रवाई की मांग

बेनीवाल की मांगों में डेगाना एसडीएम, डेगाना डीएसपी और माइनिंग इंजीनियर राकेश शेषमा सहित अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई का मुद्दा भी शामिल था। इस पर प्रशासन ने जांच कर उचित कदम उठाने का लिखित आश्वासन दिया है। कथित रूप से गलत तरीके से आवंटित 14 हजार बीघा गोचर भूमि के मामले में भी समीक्षा और कार्रवाई पर सहमति बनी।

बेनीवाल बोले- दो-तीन दिन में दिखेगा असर

वार्ता के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, “कलेक्टर और एसपी से बातचीत के बाद हमारी मांगों पर लिखित सहमति बनी है। बजरी माफिया के खिलाफ सर्वे के लिए टीमें लगेंगी और आगामी दो-तीन दिन में सारे काम शुरू हो जाएंगे। किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”

जयपुर कूच क्यों रोका गया

बेनीवाल ने कहा कि प्रशासन ने सकारात्मक रुख दिखाया, इसलिए जयपुर कूच का फैसला वापस लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सहमति का पालन नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। इससे पहले बेनीवाल ने कहा था कि अगर बाड़ी घाटी में वार्ता विफल होती है तो वे निश्चित रूप से जयपुर पहुंचेंगे।

आंदोलन खत्म, लेकिन चेतावनी बरकरार

सुबह 5 बजे बनी सहमति के साथ ही हनुमान बेनीवाल ने जयपुर कूच स्थगित कर आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया। हालांकि उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ स्थगन है, समाप्ति नहीं। यदि प्रशासन ने वादों पर अमल नहीं किया तो किसान और युवा फिर सड़कों पर उतरेंगे।

CBFC को नहीं दी गई थी टीजर की जानकारी, विवादों में घिरी यश की फिल्म

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यश की आने वाली फिल्म टॉक्सिक का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। हाल में टीजर भी रिलीज किया गया जिसके बाद फिल्म मुश्किलों में आ गई है। करीब तीन मिनट के इस टीजर में यश और ब्रिज़लियन एक्ट्रेस बीट्रीज़ टोफेनबैक के बीच गाड़ी में एक इंटिमेट सीन दिखाया गया है। इस सीन को लेकर काफी विवाद हो गया है। आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने यश और सीन पर आपत्ति जताई थी। विंग ने कर्नाटक स्टेट विमिन कमीशन से इस बारे में शिकायत दर्ज की थी।

CBFC को इसलिए नहीं दी गई जानकारी

कर्नाटक स्टेट विमिन कमीशन ने CBFC से लिखित में यश की फिक्म टॉक्सिक के टीजर के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की थी। लेकिन इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक CBFC से जुड़े सूत्र ने पोर्टल को ये जानकारी दी है कि टॉक्सिक का टीजर को बोर्ड ने सर्टिफिकेट नहीं दिया है। क्योंकि ये टीजर ऑनलाइन रिलीज किया गया है। और ऑनलाइन रिलीज के लिए CBFC के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती।

ऑनलाइन टीजर को सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं

अगर कोई भी टीजर या प्रोमो थिएटर में दिखाया जाता या किसी दूसरी फिल्म के सैट जुड़ा होता तब CBFC के सर्टिफिकेट की जरूरत होती।टॉक्सिक के मेकर्स ने ये करीब तीन मिनट का टीजर अपने यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया है। इसलिए CBFC के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी।

इस सीन पर हुआ विवाद

टॉक्सिक का टीजर रिलीज होते ही विवाद में घिर गया था। टीजर में दिखाया गया था कि शमशान भूमि पर किसी को दफनाया जा रहा है तभी यश के किरदार राया का इंट्रो सीन शुरू हो जाता है। वो एक गाड़ी में आता है। गेट के बाहर गाड़ी रोकी जाती है और एक तार से जोड़ दी जाती है। इंटिमेट सी की वजह से गाड़ी हिलने लगती है और शमशान भूमि पर ब्लास्ट हो जाता है। इस सीन को लेकर विवाद हुआ है। हालांकि, इस पर मेकर्स की तरफ से कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है।

टॉक्सिक रिलीज

टॉक्सिक की बात करें तो फिल्म 19 मार्च को धुरंधर 2 के साथ रिलीज हो रही है। इस फिल्म की कास्ट शानदार है। फिल्म में नयनतारा, कियारा अडवानी, तारा सुतारिया, रुकमणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसी पांच दमदार हीरोइन नजर आने वाली हैं। फिल्म को गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट की है। अब बस रिलीज का इंतजार हो रहा है।

क्या आज मकर संक्रांति के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे, क्या 15 को भी है छुट्टी

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मकर संक्रांति, भारत का एक प्रमुख त्योहार, 14 जनवरी 2026 को है। इससे पूरे देश में बैंक खुले रहेंगे या बंद रहेंगे, इसको लेकर भ्रम है। आरबीआई के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, कई पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंक विभिन्न क्षेत्रों में बंद रहेंगे। मकर संक्रांति के साथ-साथ पोंगल और माघ बिहू जैसे अन्य त्योहार भी देशभर में मनाए जा रहे हैं, जिसके कारण बैंक हॉलिडे है।कौन से बैंक खुले रहेंगे मकर संक्रांति परभारत में बैंक हॉलिडे राज्य पर निर्भर करते हैं जहां ब्रांच स्थित है।आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, 14 जनवरी को कई शहरों और राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। ये त्योहार नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत आते हैं। गुजरात, ओडिशा, असम और अरुणाचल प्रदेश में आज बैंक हॉलिडे रहेगा, क्योंकि यहां मकर संक्रांति और अन्य फसल त्योहार मनाए जा रहे हैं।

15 जनवरी को बैंक हॉलिडे

15 जनवरी, गुरुवार को कर्नाटक, तमिलनाडु, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

16 जनवरी को बैंक हॉलिडे

16 जनवरी को तिरुवल्लुवर दिवस है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इस दिन बैंक बंद रहेंगे।

17 जनवरी को बैंक हॉलिडे

तमिलनाडु में 17 जनवरी को उझावर तिरुनल के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे।

23 जनवरी को बैंक हॉलिडे

23 जनवरी को पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बैंक बंद रहेंगे। यह सरस्वती पूजा का दिन है और साथ ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन भी।

26 जनवरी को बैंक हॉलिडे

26 जनवरी को भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक बंद रहेंगे, क्योंकि यह गणतंत्र दिवस है।

इस हॉलिडे पीरियड में क्या करें

सभी ग्राहकों को इन छुट्टियों के दौरान अपनी ब्रांच विजिट की योजना पहले बना लेनी चाहिए। ध्यान दें कि भले ही फिजिकल बैंक ब्रांचें बंद रहें, लेकिन इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम, यूपीआई और अन्य सेवाएं हमेशा उपलब्ध रहेंगी।

इमरजेंसी में क्या करें

अगर आपको बैंक हॉलिडे पर कैश निकालना हो या पैसे भेजने हों, तो चिंता न करें। एटीएम सेवाएं 24×7 काम करती रहती हैं, चाहे कैश निकालना हो, स्टेटमेंट लेना हो या कोई अन्य जरूरत। पैसे भेजने के लिए NEFT, IMPS और RTGS जैसी ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा, यूपीआई सेवाएं भी इन दिनों पूरी तरह काम करती रहती हैं, जिससे पैसे भेजना-लेना आसान होता है।

2 बच्चों के पिता ने दिल्ली जाकर कराया जेंडर चेंज, राज खुला तो डिप्रेशन में गई पत्नी

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गोरखपुर। गोरखपुर के बांसगांव इलाके में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 2 बच्चों का बाप चुपके से दिल्ली में जेंडर चेंज कराकर लड़की बन गया। जब पत्नी ने विरोध किया तो मार-पीटकर उसे नशीली दवा देकर गैर मर्दों से जबरन यौन संबंध बनवाने लगा। मारपीट और पति की हरकत से परेशान महिला डिप्रेशन में चली गई है। अब पत्नी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपनी दो बेटियों का खर्च चलाने के लिए पति से हर्जाने की मांग की है। वहीं, पति की तरफ से भी एक प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया है। यह मामला कोर्ट में चल रहा है।

बांसगांव क्षेत्र की रहने वाली 24 साल की महिला ने बताया कि 24 अप्रैल 2016 को उसकी शादी घर से 5 किमी दूर रहने वाले युवक से धूमधाम से हुई थी। शादी के अगले दिन 25 अप्रैल को विदा होकर ससुराल गई थी। यहां पर कुछ दिन तक सब ठीक चला इसके बाद पति मारने पीटने लगा। पति के प्रताड़ित करने के बाद भी वह सब कुछ सहती रही। इस बीच उसकी दो बेटियां भी हुईं जिनकी उम्र इस समय 7 और साल है। बेटी होने की वजह से पति और ससुराल वाले मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देते थे।

एक बार विरोध किया तो ससुराल वाले दहेज की मांग करते हुए 20 जून 2021 की सुबह 8 बजे मारपीट कर बेटियों के साथ घर से निकाल दिया। इसके बाद कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। मध्यस्थता केंद्र की पहल पर फिर से ससुराल 29 अप्रैल 2024 को अपने ससुराल गई।

महिला ने बताया कि दोबारा ससुराल जाने पर पति के व्यवहार में काफी बदलाव दिखा। मुझे कमरे में एक पर्चा भी मिला जिससे पता चला कि मेरे पति दिल्ली एक क्लिनिक में सेक्स चेंज करवाकर लड़की बन गए हैं। पति कोर्ट में झूठ बोलकर हर्जाने से बचने के लिए मुझे और बच्चों को घर लेकर गए। इसके बाद दूसरी जगह किराए का एक मकान लेकर वहां पर हम लोगों को रख दिया। वहां पर गैर मर्दों से यौन संबंध बनवाने का पति दबाव बनाने लगा। मेरे मना करने पर मारपीट की। इसके बाद मुझे नशे की दवा देकर गैर मर्दों से जबरन यौन संबंध बनवाए।

 

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News Desk