हरदीप पुरी ने लोकसभा में कहा—भारत में गैस-तेल की कोई कमी नहीं

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नई दिल्ली। लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और उसके कारण तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ रहे असर को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दुनिया के ऊर्जा इतिहास में शायद ही कभी ऐसी स्थिति देखने को मिली हो जैसी अभी पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण बन रही है। यह संकट वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए गंभीर माना जा रहा है। मंत्री ने संसद में कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि देश के लगभग 33 करोड़ परिवारों की रसोई में ईंधन की कोई कमी न हो। उन्होंने साफ किया कि भारत में फिलहाल पेट्रोल, डीजल, गैस या एलपीजी की कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

 तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई: हरदीप पुरी 

हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली जहाजों की आवाजाही करीब 20 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। यह दुनिया का एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दूसरे देशों तक पहुंचता है। मंत्री के अनुसार भारत अपनी जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल अन्य देशों से भी प्राप्त कर रहा है, इसलिए सप्लाई को लेकर स्थिति फिलहाल सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और एलएनजी के जहाज लगातार देश में पहुंच रहे हैं। गैस सिलेंडर को लेकर जो कमी की अफवाहें फैल रही हैं, वे सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण लोगों में घबराहट बढ़ती है और जरूरत से ज्यादा खरीदारी होने लगती है, जिससे मांग अचानक बढ़ जाती है।

एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की वृद्धि की: पेट्रोलियम मंत्री

मंत्री ने जानकारी दी कि देश में एलपीजी उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, ताकि किसी भी संभावित संकट से निपटा जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अभी भी कनाडा, नॉर्वे और रूस जैसे देशों से तेल आयात कर रहा है। साथ ही सरकार ने गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद होने जैसी स्थिति बन गई है। दर्ज इतिहास में यह पहली बार है जब यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग व्यावसायिक जहाजों के लिए लगभग ठप जैसा हो गया है। इसी रास्ते से दुनिया के कई देशों तक कच्चे तेल की बड़ी आपूर्ति होती है।

सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही, जरूरी कदम उठाएंगे

उन्होंने संसद में कहा कि भारत इस संघर्ष का हिस्सा नहीं है, लेकिन वैश्विक बाजार से जुड़े होने के कारण इसके प्रभाव से पूरी तरह बच पाना संभव नहीं है। इसलिए सरकार को बहुत सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि आम लोगों पर इसका असर कम से कम पड़े।

संजू सैमसन और चारुलता की रोमांटिक लव स्टोरी

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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने वाले संजू सैमसन इस समय खूब सुर्खिया बटोर रहे हैं. संजू ने इस टूर्नामेंट में सिर्फ 5 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 80.25 की बेहतरीन औसत और 199.38 की दमदार स्ट्राइक रेट से कुल 321 रन बनाए. इस दौरान सैमसन ने 27 चौके और 24 गगनचुंबी छक्के भी लगाए. संजू की बल्लेबाजी जैसे ही उनकी लव स्टोरी भी कमाल की है. उन्होंने रात के 11 बजे फेसबुक के जरिए चारुलता को मैसेज किया था, जो वर्तमान में उनकी धर्मपत्नी हैं.

संजू की लव स्टोरी रही है काफी दिलचस्प

क्रिकेट के मैदान पर संजू सैमसन ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक खास पहचान बनाई है, चाहे वो भारत के लिए खेले हों या इंडियन प्रीमियर लीग में खेल रहे हों. हालांकि, उनकी निजी जिंदगी, खासकर उनकी प्रेम कहानी भी उतनी ही दिलचस्प रही है. केरल में जन्मे संजू सैमसन ने अपनी पत्नी चारुलता रमेश से कॉलेज के दिनों में तिरुवनंतपुरम के मार इवानियोस कॉलेज में मुलाकात हुई थी.

सैमसन ने रात के 11 बजे किया था मैसेज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चारुलता से संजू सैमसन की पहली बातचीत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हुई थी. संजू ने उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा था, जिसे बाद में चारुलता ने एक्सेप्ट किया था. सैमसन ने पहला मैसेज 22 अगस्त, 2013 को रात 11 बजे किया था. उन्होंने बातचीत शुरू करने के लिए ‘हाई’ लिखकर भेजा था |

फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुआ था संजू-चारुलता का रिश्ता

संजू सैमसन और चारुलता रमेश दोनों का रिश्ता फेसबुक के जरिए शुरू हुआ था. फिर दोनों के बीच फेसबुक पर ही बातचीत शुरू हुई, जो जल्द ही गहरी दोस्ती में बदल गई. संजू और चारुलता पांच साल तक रिलेशनशिप में रहे. इसके बाद साल 2018 में उन्होंने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने का फैसला किया. दोनों ने 22 दिसंबर 2018 को केरल के कोवलम में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत एक निजी समारोह में शादी की थी |

पैरों से भी मिलते हैं डायबिटीज के संकेत, इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

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डायबिटीज की बात आते ही लोगों के मन में सबसे पहले हाई ब्लड शुगर, बार-बार प्यास लगना या बार-बार यूरिन आने जैसे लक्षण आते हैं. लेकिन अक्सर यह नजरअंदाज हो जाता है कि यह बीमारी धीरे-धीरे पैरों में भी अपने संकेत देने लगती है. दरअसल हमारे पैर शरीर का पूरा वजन उठाते हैं और उनकी सेहत काफी हद तक सही ब्लड फ्लो और नसों के सही काम करने पर निर्भर करती है. TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज इन दोनों चीजों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए कई बार इसके शुरुआती संकेत पैरों में दिखाई देने लगते हैं |

 पैरों में झनझनाहट या सुई चुभन

कई लोगों को पैरों में झनझनाहट या सुई चुभने जैसा एहसास होता है. आम तौर पर लोग इसे लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने का परिणाम मान लेते हैं. लेकिन अगर यह एहसास बार-बार हो या लंबे समय तक बना रहे, तो यह नसों को होने वाले नुकसान का संकेत हो सकता है. इसे पेरिफेरल न्यूरोपैथी कहा जाता है, जो डायबिटीज से जुड़ी एक आम समस्या है. यह झनझनाहट खासकर रात के समय ज्यादा महसूस हो सकती है |

पिंडलियों में जलन का अनुभव

कुछ लोगों को पिंडलियों में जलन जैसा अनुभव भी होता है. कई बार इसे ज्यादा चलने-फिरने या थकान से जोड़ दिया जाता है, लेकिन डायबिटीज में यह नसों के ठीक से काम न करने का संकेत हो सकता है. कई मरीज बताते हैं कि रात के समय पैरों में तेज जलन महसूस होती है, जैसे किसी तरह की गर्मी या आग जैसी अनुभूति हो रही हो |

पैरों पर बाल का कम होना

पैरों पर अचानक बाल कम होना भी एक संकेत हो सकता है. आमतौर पर लोग इसे उम्र बढ़ने या त्वचा की सामान्य समस्या मान लेते हैं, लेकिन डायबिटीज में खराब ब्लड फ्लो के कारण बालों की जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता. इससे पैरों पर बाल धीरे-धीरे कम होने लगते हैं या जगह-जगह से गायब हो सकते हैं |

त्वचा का रंग बदलना

कुछ मामलों में टखनों या पिंडलियों के आसपास त्वचा का रंग भी बदलने लगता है. यह काले या गहरे धब्बों के रूप में दिखाई दे सकता है. कई बार लोग इसे धूप या गंदगी समझ लेते हैं, लेकिन यह डायबिटिक डर्मोपैथी का संकेत भी हो सकता है. हाई ब्लड शुगर छोटे ब्लड वेसल्स को प्रभावित करती है, जिससे त्वचा में ऐसे बदलाव दिखाई देने लगते हैं |

पैरों में अचानक ऐंठन

रात के समय पैरों में अचानक ऐंठन होना भी डायबिटीज से जुड़ा हो सकता है. आमतौर पर लोग इसे पानी की कमी या शरीर में मिनरल की कमी से जोड़ते हैं, लेकिन कई बार यह खराब ब्लड फ्लो या नसों की समस्या के कारण भी हो सकता है. जब मांसपेशियों तक पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंचता, तो दर्द भरी ऐंठन होने लगती है |

 पैरों की त्वचा असामान्य रूप से चमकदार 

कुछ लोगों के पैरों की त्वचा असामान्य रूप से चमकदार और कसी हुई दिखाई देने लगती है. यह स्थिति शरीर में तरल पदार्थ जमा होने यानी सूजन के कारण हो सकती है, जो ब्लड फ्लो से जुड़ी समस्याओं का संकेत देती है. इसके अलावा पैरों पर छोटी-मोटी खरोंच या घाव का देर से भरना भी डायबिटीज का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है, क्योंकि हाई ब्लड शुगर शरीर की इम्यून  क्षमता को प्रभावित करती है |

 पैरों के तापमान में बदलाव

कई बार पैरों के तापमान में भी बदलाव महसूस होता है. कुछ लोगों को पैर असामान्य रूप से ठंडे लगते हैं, जबकि कुछ को उनमें ज्यादा गर्माहट महसूस होती है. यह स्थिति नसों और ब्लड वेसल्स के प्रभावित होने का संकेत हो सकती है. इसलिए अगर पैरों में ऐसे बदलाव लगातार दिखाई दें, तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है |

सुरक्षा बलों की तैनाती का फैसला अब चुनाव आयोग करेगा, ममता सरकार नहीं

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल बजने के साथ ही निर्वाचन आयोग ने एक ऐसा दांव खेला है जिसने राज्य की राजनीति और पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है। इस बार बंगाल चुनाव में सुरक्षा बलों की तैनाती का रिमोट कंट्रोल ममता सरकार के एसपी या जिलाधिकारियों के हाथ में नहीं, बल्कि सीधे चुनाव आयोग के पुलिस ऑब्जर्वर्स के पास होगा। आयोग का यह फैसला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए झटके से कम नहीं है।
अब तक के नियमों के मुताबिक चुनाव के दौरान सेंट्रल फोर्सेस की तैनाती का फैसला जिला मजिस्ट्रेट और स्थानीय पुलिस कप्तान मिलकर करते थे, लेकिन बंगाल के हिंसक चुनावी इतिहास और विपक्षी दलों की शिकायतों को देखते हुए आयोग ने इस ‘विशेषाधिकार’ को छीन लिया है। अब आयोग द्वारा नियुक्त सेंट्रल पुलिस ऑब्जर्वर्स ही यह तय करेंगे कि केंद्रीय बल और राज्य पुलिस के जवान किस इलाके में, कितनी संख्या में और कब तैनात होंगे।
चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक कोलकाता में हुई बैठकों में कई राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया था कि राज्य प्रशासन बल का दुरुपयोग करता है। आरोप था कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल नहीं भेजे जाते, जिससे सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं को खुली छूट मिल जाती है। सुरक्षा बलों को उन जगहों पर तैनात कर दिया जाता है जहां उनकी जरूरत नहीं होती। स्थानीय पुलिस और प्रशासन पर सत्ताधारी दल के कैडर की तरह काम करने के आरोप लगते रहे हैं। इन्हीं शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ कर दिया है कि चुनाव में हिंसा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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News Desk

द हंड्रेड 2026 ऑक्शन में बड़ा झटका, नंबर-1 गेंदबाज सादिया इकबाल रहीं अनसोल्ड

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इग्लैंड में आयोजित द हंड्रेड (The Hundred Auction) के नए सीजन के लिए हुए ऑक्शन के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. बुधवार को हुए महिला खिलाड़ियों के ऑक्शन में दुनिया की नंबर-1 टी20 गेंदबाज सादिया इकबाल को कोई खरीदार नहीं मिला. उनके साथ पाकिस्तान की ऑलराउंडर फातिमा सना भी अनसोल्ड रहीं.दोनों खिलाड़ियों का बेस प्राइस 15,000 पाउंड था, लेकिन किसी भी फ्रेंचाइजी ने इन पर बोली नहीं लगाई. इसके बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई कि क्या लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर अनकही दूरी बनाई जा रही है|

आईपीएल मालिकों के आने के बाद उठे सवाल

इस बार द हंड्रेड की कई टीमों में उन कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ी है जिनके पास IPL की फ्रेंचाइजी भी हैं. इसी वजह से कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या आईपीएल से जुड़े मालिकों के प्रभाव के कारण पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मौका नहीं मिला है.हालांकि लीग के आयोजक इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने ऑक्शन से पहले साफ कहा था कि खिलाड़ियों का चयन उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर नहीं किया जाएगा. इसके बावजूद परिणाम सामने आने के बाद इस मुद्दे पर बहस शुरू हो गई है|

पहले भी नहीं खेलीं पाकिस्तानी महिला खिलाड़ी

दिलचस्प बात यह है कि द हंड्रेड लीग के पिछले सीजनों में भी कोई पाकिस्तानी महिला खिलाड़ी इस लीग में नहीं खेल पाई थी. यानी आईपीएल मालिकों के आने से पहले भी पाकिस्तान की महिला क्रिकेटरों को इस लीग में मौका नहीं मिला था. फिर भी सादिया इकबाल जैसी शीर्ष गेंदबाज का अनसोल्ड रहना कई लोगों को चौंकाने वाला लगा है, क्योंकि वह मौजूदा समय में टी20 रैंकिंग में नंबर-1 गेंदबाज मानी जाती हैं|

भारतीय खिलाड़ियों पर हुई पैसों की बारिश

जहां पाकिस्तानी खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी, वहीं भारतीय महिला क्रिकेटरों को ऑक्शन में शानदार कीमत मिली है.ऋचा घोष – 50,000 पाउंड में खरीदा गया है.दीप्ती शर्मा – 27,000 पाउंडवहीं स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स जैसी दिग्गज खिलाड़ियों को पहले ही फ्रेंचाइज ने प्री-साइन या रिटेन कर लिया गया था. इस सीजन में महिला खिलाड़ियों की सैलरी में भी पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी देखने को मिली है.|

अब पुरुषों के ऑक्शन पर नजर

महिला ऑक्शन के बाद अब सबकी नजर पुरुष खिलाड़ियों की नीलामी पर है. पाकिस्तान के कई बड़े खिलाड़ी इस ड्राफ्ट में शामिल हैं, जिनमें शाहिन शाह अफरीदी, नसीम शाह और मोहम्मद आमिर आमिर जैसे खिलाड़ियों के नाम हैं.अब देखना दिलचस्प होगा कि पुरुषों के ऑक्शन में इन पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर टीमें दांव लगाती हैं या फिर उन्हें भी महिला खिलाड़ियों की तरह निराशा हाथ लगती है|

आंखों का रंग बदलना दे सकता है लिवर कैंसर की चेतावनी

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लिवर हमारे शरीर का एक बेहद अहम अंग है, जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, पाचन में मदद करने और पोषक तत्वों को प्रोसेस करने का काम करता है. जब किसी कारण से लिवर ठीक तरह से काम करना बंद कर देता है, तो इस स्थिति को लिवर फेलियर कहा जाता है. यह एक गंभीर और जानलेवा समस्या हो सकती है. चलिए आपको बताते हैं कि आंखों में लिवर कैंसर के कौन से लक्षण दिखाई देते हैं |

क्यों होती है दिक्कत?

लिवर फेलियर अक्सर किसी दूसरी बीमारी के कारण होता है. लंबे समय तक शराब का सेवन, हेपेटाइटिस बी या सी इंफेक्शन, फैटी लिवर, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसी स्थितियां लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं. अगर यह नुकसान लंबे समय तक बना रहे तो लिवर में स्थायी दाग पड़ जाते हैं, जिसे सिरोसिस कहा जाता है. यही स्थिति आगे चलकर लिवर फेलियर में बदल सकती है और कई मामलों में मरीज को लिवर ट्रांसप्लांट तक की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि शुरुआती चरण में इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव से लिवर को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है |

आंखों में दिखती है समस्या

आंखों के बारे में जानकारी देने वाली allaboutvision के अनुसार, शुरुआत में लिवर की समस्या के लक्षण बहुत साफ दिखाई नहीं देते. कई लोगों को लंबे समय तक कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती. लेकिन जब बीमारी बढ़ने लगती है तो कुछ सामान्य संकेत दिख सकते हैं, जैसे लगातार थकान महसूस होना, मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन, भूख कम लगना, त्वचा में खुजली, पेट दर्द, मतली या उल्टी जैसी समस्याएं.जब लिवर की बीमारी ज्यादा गंभीर हो जाती है, तब इसका असर आंखों पर भी दिखाई देने लगता है. सबसे आम लक्षण आंखों का पीला पड़ना है, जिसे पीलिया कहा जाता है. यह तब होता है जब शरीर में बिलीरुबिन नाम का पीला पिगमेंट ज्यादा मात्रा में जमा हो जाता है. सामान्य स्थिति में लिवर पुराने रक्त कोशिकाओं से बनने वाले इस पिगमेंट को शरीर से बाहर निकाल देता है, लेकिन लिवर खराब होने पर यह प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है |कुछ मामलों में लिवर से जुड़ी समस्याएं आंखों में सूखापन भी पैदा कर सकती हैं. इसके अलावा लंबे समय तक लिवर की बीमारी रहने पर शरीर में विटामिन ए की कमी हो सकती है, जिससे रात में देखने में दिक्कत, आंखों में सूखापन या कॉर्निया से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं. कुछ लोगों की पलकों के आसपास पीले रंग की छोटी गांठें भी दिखाई दे सकती हैं, जिन्हें जैंथेलाज़्मा कहा जाता है |

आंखों में कब दिखते हैं कैंसर के लक्षण?

vinmec की रिपोर्ट के अनुसार, पीलिया लिवर कैंसर के आखिरी चरण में दिखने वाला एक अहम लक्षण हो सकता है. जब लिवर में ट्यूमर बढ़ने लगते हैं, तो वे बाइल डक्ट पर दबाव डालते हैं, जिससे बिलीरुबिन बढ़ जाता है. इसके कारण आंखें और त्वचा पीली पड़ सकती हैं, इसके साथ ही गहरा यूरिन और खुजली जैसी परेशानी भी हो सकती है |

उमर फारूक बोले: मेरे पिता बड़े खतरे से बचे

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जम्मू। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार देर रात गोलिया बरसाई गईं। इस घटना में वह बाल-बाल बच गए। उनके बेटे और सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अल्लाह रहमदिल है। मेरे पिता बहुत बड़े खतरे से बचे हैं। अभी पूरी जानकारी नहीं मिली है लेकिन इतना पता चला है कि एक शख्स ने बहुत करीब से फारुक अब्दुल्ला पर गोलिया चलाई। क्लोज प्रोटेक्शन टीम की सतर्कता की वजह से गोली का रुख मोड़ दिया गया और हत्या की कोशिश नाकाम हो गई। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने ओरापी कमल सिंह जम्वाल तुरंत पकड़ लिया।
उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेड प्लस और एनएसजी सुरक्षा में रहने वाले पूर्व सीएम के इतने करीब कोई व्यक्ति आखिर कैसे पहुंचा। बता दें फारूक अब्दुल्ला बुधवार रात को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित होटल रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। इस समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी समेत कई नेता मौजूद थे। इसी दौरान एक व्यक्ति फारूक अब्दुल्ला के बहुत करीब जाकर गोली चला दी, लेकिन गनीमत रही कि वह इस हमले में बाल-बाल बच गए। गोलीबारी में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को भी छर्रे लगे उन्हें मामूली चोटें आई हैं। इस घटना से हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अब इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है। घटना से जुड़े तथ्यों जानकारी के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी कमल सिंह जम्वाल खनन के कारोबार से जुड़ा हुआ है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में खनन गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे नाराज होकर उसने इस घटना को अंजाम दिया।

अगला टी20 वर्ल्ड कप कब और कहां होगा? 12 टीमों की जगह पक्की, 8 स्लॉट अभी खाली

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ICC T20 World Cup 2028: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम कर टीम इंडिया वर्ल्ड चैंपियन बन चुकी है. . न्यूजीलैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबले में भारत को मिली 96 रनों की ऐतिहासिक जीत के बाद अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें 2028 में होने वाली टी20 वर्ल्ड कप पर टिक गई है. इस टूर्नामेंट को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में 21 अक्टूबर से 19 नवंबर, 2028 के बीच खेला जाएगा|

साल 2028 में खेला जाएगा 11वां संस्करण

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का 11वां संस्करण साल 2028 में होगा. साल 2022 के बाद ऑस्ट्रेलिया दूसरी बार इस टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा, जबकि न्यूजीलैंड के लिए ये पहला मौका होगा, जब वो पहली बार पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के मैचों का आयोजन करेगा. इस टूर्नामेंट की कमान डेम थेरेसी वॉल्श के हाथों में है, जो वर्तमान में आयोजन स्थलों और तैयारियों में जुटी हुई हैं|

टी20 वर्ल्ड कप 2028 के लिए प्रमुख स्टेडियम और वेन्यू

टी20 वर्ल्ड कप 2028 के लिए ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कुछ सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदान पर खेले जाएंगे.ऑस्ट्रेलिया – मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG), सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG), एडिलेड ओवल और पर्थ का ऑप्टस स्टेडियम.न्यूजीलैंड – ऑकलैंड का ईडन पार्क, वेलिंगटन का स्काई स्टेडियम और क्राइस्टचर्च का हेगले ओवल|

टी20 वर्ल्ड कप में 20 टीमें लेंगी हिस्सा

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने साल 2024 में शुरू किए गए 20 टीमों की भागेदारी को बरकरार रखा है. साल 2026 के टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण के समापन के साथ ही 12 टीमों ने अपना स्थान पक्का कर लिया है. मेजबान देश होने की वजह से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें पहले ही अपनी जगह पक्की कर चुकी है, जबकि साल 2026 के टी20 वर्ल्ड कप के प्रदर्शन के आधार पर भारत (डिफेंडिंग चैंपियन), इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, श्रीलंका और जिम्बाब्वे के टीमें भी पहले ही क्वालीफाई कर चुकी हैं|

रैंकिंग के आधार पर क्वालीफाई करेंगी टीमें

अफगानिस्तान, बांग्लादेश और आयरलैंड की टीमें 9 मार्च, 2026 की कट-ऑफ तारीख तक आईसीसी टी20 रैंकिंग के आधार पर अपनी जगह सुरक्षित की है. बाकी के बचे 8 स्थानों के लिए भिड़ंत अभी बाकी है. इनके लिए रीजनल क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट 2026 के मध्य से शुरू होंगे. अमेरिका (केमैन द्वीप समूह में प्रस्तावित) और यूरोप जैसे क्षेत्रों में उप-रीजनल क्वालीफायर आयोजित किए जाएंगे, जिससे एसोसिएट देशों को मुख्य मंच पर आने का मौका मिलेगा|

टी20 वर्ल्ड कप 2028 का स्वरूप और चुनौतियां

टी20 वर्ल्ड कप 2028 का भी ढांचा साल 2026 के टूर्नामेंट के समान ही रहेगा.ग्रुप स्टेज – इस टूर्नामेंट में 20 टीमें शामिल होंगी और उन टीमों को 5-5 के चार ग्रुप में बांटा जाएगा.सुपर-8 – हर ग्रुप की टॉप 2 टीमें सुपर-8 राउंड में पहुंचेंगी.नॉकआउट – सुपर-8 के चार सर्वश्रेष्ठ टीमें सेमीफाइनल और फिर दो फाइनल में भिड़ेंगी|

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरेंगे भारतीय जहाज, जयशंकर की पहल रंग लाई

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भारत। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है. मीडिया रिपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक ईरान ने भारतीय टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है. भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात की थी. माना जा रहा है कि इसी बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय टैंकरों को गुजरने की इजाजत दे दी है. भारत के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अराघची से जंग शुरू होने के बाद 3 बार फोन पर बात की है. गुरुवार को भी जयशंकर ने अराघची से बातचीत की, जिसके बाद ईरान ने भारतीय तेल के टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दे दी. दोनों विदेश मंत्री बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे थे, ताकि कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर कोई असर न पड़े। 

एस. जयशंकर ने कई देशों से की थी बातचीत

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने के लिए सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि कई देशों से बातचीत की थी. ताकि किसी प्रकार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाया जा सके. इसके साथ ही जयशंकर ने इस मुद्दे को सुलझाकर साबित कर दिया है, कि तनाव के समय अपने हितों की रक्षा के लिए सक्षम हैं। 

भारत के लिए कूटनीतिक सफलता

भारत के लिए यह रास्ता खुलवाना किसी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि यह रास्ता अमेरिका, यूरोप और इजरायल के लिए भी बंद कर दिया गया था. ऐसे में भारत के लिए रियायत देना कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है. ईरान ने भारत को अनुमति देने के साथ ही यह भी साफ किया है कि अमेरिका, यूरोप और इजरायल से जुड़े जहाजों पर फिलहाल प्रतिबंध जारी रहेंगे। 

महाकाल की भक्ति में लीन दिखीं Nidhhi Agerwal, बोलीं – ‘मैं भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त हूं’

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बॉलीवुड के एक्टर-एक्ट्रेसेस, क्रिकेटर्स और नेता अक्सर उज्जैन में स्थित बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचते और आशीर्वाद लेते हैं। अब निधि अग्रवाल ने भी उज्जैन पहुंचकर श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान निधि काफी शांत और भावुक नजर आईं। 

मंदिर में बैठकर लगाया ध्यान

बुधवार को एक्ट्रेस निधि अग्रवाल उज्जैन में महाकालेश्वर के दर्शन करने पहुंची। इस दौरान उन्होंने यहां उन्होंने नंदी हॉल से बाबा महाकाल के दर्शन किए और नंदी जी के कानों में मनोकामना भी मांगी।एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें निधि शांति से मंदिर में बैठकर ध्यान लगाती नजर आ रही हैं। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उनका स्वागत और सत्कार किया गया।

मैं बहुत आभारी हूं, जो मैं यहां आ पाई

दर्शन के दौरान निधि आस्था में लीन दिखी, इसके बाद जब उनसे उनके अनुभव के बारे मेंं पूछा गया तो वे भावुक नजर आईं। दर्शन के बाद निधि ने कहा, ‘बहुत-बहुत खुश हूं। मैं शिव जी की बहुत बड़ी भक्त हूं और यहां दूसरी बार आ रही हूं। सुबह का समय है, बहुत पॉजिटिव माहोल है। मैं बहुत आभारी हूं, जो मैं यहां आ पाई। भगवान सबका भला करें।’  

निधि अग्रवाल का करियर 

निधि अग्रवाल ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में काफी फिल्में की हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा में फिल्म मुन्ना माइकल से अपने करियर की शुरुआत की थी। अपनी फिल्मों और काम की वजह से उन्होंने तेलुगु और तमिल फिल्मों में अपनी पहचान बनाई।‘आईस्मार्ट शंकर’, ‘ईश्वरन’ और ‘हरि हर वीरा मल्लु’ जैसी फिल्मों में उनके काम को काफी सराहा गया। हाल ही में वे प्रभास के साथ ‘द राजा साब’ में नजर आईं थीं।