संगम तट पर आस्था का सैलाब, करोड़ों श्रद्धालुओं ने किया पवित्र स्नान

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Mauni Amavasya 2026 :  पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित संगम तट पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। रविवार को मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के चलते माघ मेले में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। संगम में पवित्र स्नान के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।

भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया है। संगम तट और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही लगातार अनाउंसमेंट के जरिए श्रद्धालुओं को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि किसी को किसी तरह की असुविधा न हो और भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जहां स्वास्थ्य, जानकारी और मार्गदर्शन से जुड़ी मदद उपलब्ध कराई जा रही है। सिविल डिफेंस के वॉलंटियर भी सक्रिय रूप से तैनात हैं, जो श्रद्धालुओं को स्नान के बाद सीधे घर लौटने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि स्नान के बाद अनावश्यक रुकावट न हो, जिससे भीड़ और ज्यादा न बढ़े।

Mauni Amavasya 2026 पर संगम में स्नान करने पहुंची एक श्रद्धालु ने बताया कि पवित्र स्नान के बाद उन्हें अद्भुत शांति और संतोष की अनुभूति हुई। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का इस तरह आस्था के साथ स्नान करना ईश्वर की विशेष कृपा को दर्शाता है।

मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सत्ता की लड़ाई तेज, एकनाथ शिंदे फिर ‘होटल पॉलिटिक्स’ पर उतरे

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मुंबई: मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सत्ता की लड़ाई में राजनीतिक हलचल तेज होने के साथ ही एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट ने एहतियाती कदम उठाए हैं. मुंबई में शिवसेना के 29 पार्षद चुने गए हैं. पता चला है कि डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने मेयर बनने तक इन सभी को मुंबई के बांद्रा इलाके के एक फाइव-स्टार होटल में एक साथ रखने का फैसला किया है.

खबर है कि यह इंतजाम सत्ता बनने की प्रक्रिया के दौरान हॉर्स-ट्रेडिंग को रोकने के लिए किया जा रहा है. शिवसेना के 29 पार्षदों को बुधवार दोपहर 3 बजे तक बांद्रा के फाइव-स्टार होटल में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया था. उन्हें अगले तीन दिनों तक वहीं रहने के लिए कहा गया है. यह सावधानी इसलिए बरती जा रही है ताकि सत्ता में काबिज होने की प्रक्रिया के दौरान कोई दल-बदल न हो.

मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सत्ता में काबिज होने के लिए 114 कॉर्पोरेटर चाहिए. हालांकि बीजेपी ने सबसे अधिक 89 सीटें जीती हैं, लेकिन वे बहुमत से बहुत दूर हैं और उन्हें शिवसेना (शिंदे) गुट के सपोर्ट की जरूरत होगी. वहीं, शिवसेना (UBT) लीडर उद्धव ठाकरे के गुट के पास 65 चुने हुए कॉर्पोरेटर हैं. एमएनएस और कांग्रेस के सपोर्ट से यह संख्या 98 हो जाती है.

क्योंकि किसी भी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला है, इसलिए कॉर्पोरेटर के बीच राजनीतिक दांव-पेंच और दलबदल की संभावना है. 2017 के चुनावों के बाद, शिवसेना ने सत्ता बनाने की प्रक्रिया के दौरान अपनी ताकत बढ़ाने के लिए 7 मनसे कॉर्पोरेटर का दलबदल करवाया था. इसी तरह 2019 के चुनाव में उद्धव ठाकरे और शरद पवार की लीडरशिप में महा विकास अघाड़ी बनी थी.

तब भी तीनों पार्टियों के विधायक मुंबई के अलग-अलग होटलों में रखे गए थे. 2022 में शिंदे समेत 40 विधायक के गुवाहाटी जाने की घटना अभी भी याद में ताजा है, लेकिन चार साल बाद ‘होटल पॉलिटिक्स’ एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है. 2019 और 2022 में हुई घटनाओं को देखते हुए, चुने हुए प्रतिनिधियों को एक जगह इकट्ठा रखने का यह तरीका पावर इक्वेशन को बिगड़ने से रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

इस बीच जब शिवसेना की इस सावधानी के बारे में पूछा गया तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘अभी किसी भी दल-बदल की कोई वजह नहीं है. सभी फैसले शांति से और मिलकर लिए जाएंगे. इसलिए, ऐसी संभावनाओं का कोई सवाल ही नहीं उठता.’ दूसरी ओर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इसकी आलोचना की.

उद्धव ठाकरे ने दावा किया, ‘वे बीजेपी से डरते हैं. जो लोग एक बार दल-बदल कर चुके हैं, वे फिर से दल-बदल कर सकते हैं. शिंदे ग्रुप के कई पार्षद असल में हमारी पार्टी से हैं. बीजेपी मेयर पद के लिए उनके पार्षदों को तोड़ सकती है.’ कहा जा रहा है कि मुंबई नगर निगम में रूलिंग बॉडी बनने में अभी कुछ और समय लगेगा. तब तक, शिंदे कोई रिस्क नहीं लेना चाहते.

Rajasthan’s Shri Ganganagar Gears Up for UNAccc Cow Economy Summit

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UNAccc is set to organise the Global Cow Based Economy Summit at Shri Ganganagar, Rajasthan, bringing together farmers, cow owners, policymakers, and global experts. The summit aims to promote sustainable cow rearing, boost milk production, and strengthen rural livelihoods through cow-based economic models.

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UNAccc organises the Global Cow Based Economy Summit at Shri Ganganagar to empower farmers, promote cow rearing, and boost rural economies. The summit will gather global experts, policymakers, and cow owners to discuss sustainable practices, milk production, and marketing strategies, supporting economic growth, environmental conservation, and health benefits from cow-based products.

UNAccc Organises “Global Cow Based Economy Summit” at Shri Ganganagar

UNAccc organised a web meeting on Cow Based Economy and Global People’s Planning Movement on January 18. Dr. Rajat Sharma, Founder President of UNAccc, and Dr. Kamal Taori, Director of UNAccc, led the initiative.

The meeting was attended by Dr. Vallabh Bhai Katheriya, former Union Minister, and founder of Gau Tech, as a special guest. Other participants included Shri Lal Singh, Jaipur, former IPS, Shri Chaturvedi, former IPS, A K Jain, and IAS Shishir Pandit, UNAccc MP State Chairman.

The meeting discussed the upcoming Cow Based Economy Summit at Shri Ganganagar, Rajasthan, which will bring together cow owners, farmers, and intellectuals. UNAccc has invited global board members to share their suggestions on promoting cow-based economy.

The Rajasthan government has launched initiatives like “Gau Palak Protsahan Yojana” and “Pashu Samridhi Yojana” to promote cow rearing.

The summit will focus on cow rearing, milk production, and marketing of cow-based products, aiming to promote cow-based economy and empower farmers.

About Cow Based Economy

Cow-based economy is a system that uses cow rearing and products to drive economic growth, benefiting farmers, environment, and society.

Benefits

– Economic stability for farmers
– Job creation in rural areas
– Environmental conservation through organic manure and biogas
– Health benefits from cow products like milk, ghee, and paneer

About UNAccc

UNAccc is a global organisation promoting cow-based economy and environmental conservation, aiming to empower farmers and promote sustainable development.

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भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री को मेमोरियल बनाने का प्लान, CM मोहन यादव ने किया दौरा

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भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh ) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने शनिवार को भोपाल के आरिफ नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री (Union Carbide Factory) का दौरा किया। इसके बाद सीएम ने जानकारी दी कि राज्य सरकार यहां पर गैस त्रासदी में मारे गए लोगों की याद में मेमोरियल बनाने की प्लानिंग में है। अपने दौरे के दौरान सीएम ने भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal gas tragedy) राहत एवं पुनर्वास विभाग के अधिकारियों संग भी इस संबंध में बातचीत की।

उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को विश्वास में लेकर और हाई कोर्ट के सुझाव पर इस जगह पर मेमोरियल बनाएंगे। भोपाल में दो और तीन दिसंबर 1984 की दरमियानी रात यूनियन कार्बाइड कारखाने से बेहद जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था। इससे कम से कम 5,479 लोग मारे गए थे और हजारों लोग अपंग हो गए थे। इसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में गिना जाता है।

राहुल को माफी मांगनी चाहिए
सीएम ने कहा कि तब की सरकार ने इस एरिया को लावारिस छोड़ दिया और साथ ही फैक्ट्री में मौजूद जहरीले कचरे को भी हटाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, नतीजन डरावने कांड ने फैक्ट्री को भूतिया बनाकर छोड़ दिया। वहीं भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी वॉरेन एंडरसन को भगाकर कांग्रेस ने लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया था। राहुल गांधी को इसके लिए देश से मांफी मांगनी चाहिए।’

विश्व के लिए एक मिसाल पेश
सीएम ने कहा ‘राज्य सरकार हर कदम पर गैस पीड़ितों के साथ खड़ी है और उनके कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। हमारी सरकार ने कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों के जरिए फैक्ट्री में मौजूद यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को हटाया है जो कि विश्व के लिए एक मिसाल पेश करता है।’ मोहन यादव ने बताया कि भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने के साथ ही शहर के अंदर भी विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं।

 

 

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मुंबई का नया मेयर कौन होगा, कैसे होता है चयन?

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मुंबई: महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के नतीजे सामने आ चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2026 के नगर निकाय चुनावों में शानदार जीत का परचम लहराते हुए उद्धव ठाकरे से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का नियंत्रण छीन लिया.

इसके साथ ही देश के सबसे धनी नगर निकाय में ठाकरे परिवार का तीन दशक पुराना वर्चस्व समाप्त हो गया है. अब जब नतीजे सामने आ चुके हैं तो सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि मुंबई को अपना नया मेयर कब और कैसे मिलेगा. नाम कब घोषित किए जाएंगे. आइये इन सब सवालों के जवाब जानते हैं.

मेयर (महापौर) का चुनाव लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राजनीतिक दल उम्मीदवारों का चयन करते हैं. मेयर के चुनाव के लिए लॉटरी प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा की जाती है. यह प्रक्रिया इस संबंध में अधिसूचना जारी होने के बाद ही शुरू होगी. बता दें कि, राज्य में 29 नगर निगम चुनावों के नतीजे 16 तारीख को घोषित किए गए. इनमें से अधिकतर में महागठबंधन की पार्टियों को जीत मिली.

मेयर का चुनाव कैसे होता है?
नगरपालिकाओं के महापौर (मेयर) सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते हैं. इसके लिए एक विशेष चयन प्रक्रिया अपनाई जाती है. शहरी विकास विभाग मेयर पद के लिए आरक्षण हेतु लॉटरी आयोजित करने की अधिसूचना जारी करता है. जिसके मुताबिक, सभी नगर निगमों में महापौर पद के लिए लॉटरी आयोजित की जाती है. इस लॉटरी में खुली श्रेणी, आरक्षित श्रेणी और महिला श्रेणी जैसी श्रेणियां शामिल होती हैं.

मेयर पद का चयन लॉटरी के नतीजों के आधार पर होता है. मुंबई की तरह ही, जिस पार्टी या गठबंधन के पास 114 से अधिक पार्षद होते हैं, उसे मेयर चुना जाता है. यह पद खुले वर्ग के लिए है या आरक्षित वर्ग के लिए, यह लॉटरी से ही स्पष्ट हो जाता है. इसके बाद, मेयर और उप मेयर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं और नगर निगम भवन में मतदान होता है, जिसके बाद नए मेयर की घोषणा की जाती है.

जनवरी के अंत तक लॉटरी प्रक्रिया होगी
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह अधिसूचना अगले सप्ताह जारी की जाएगी. कुछ नेता निजी तौर पर कह रहे हैं कि अधिसूचना जारी होने के बाद जनवरी के अंत तक लॉटरी प्रक्रिया होगी. इसके बाद मेयर पद के लिए नामों की घोषणा की जाएगी. इस प्रक्रिया के चलते अभी तक किसी भी पार्टी की ओर से मेयर पद के लिए कोई नाम सामने नहीं आया है.

क्या शिवसेना से ठाणे का मेयर होगा?
एकनाथ शिंदे ने अपने भाषण में कहा कि, अगर मुंबई में महागठबंधन का कोई महापौर होता है, तो ठाणे में शिवसेना के पास स्पष्ट बहुमत है. इसलिए, मुंबई में सरकार बनाने के लिए भाजपा को शिवसेना की जरूरत होगी. लेकिन चूंकि ठाणे में शिवसेना के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए मेयर शिवसेना से ही होगा. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अप्रत्यक्ष रूप से यह बात कही.

महापौर चुनाव में अभी कुछ और दिन लगेंगे
ठाणे में शिवसेना को पूर्ण सत्ता प्राप्त है. भाजपा के ठाणे विधायक संजय केलकर ने कहा कि, अगर उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला, तो वे अलग तरह से विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि, अगर समय मिला, तो वे विपक्ष की बेंच पर बैठेंगे.

हालांकि, मेयर पद के लिए यह खींचतान देखने को मिल रही है, लेकिन चुनाव से पहले ईटीवी भारत को दिए एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि मेयर का चुनाव संख्या बल के आधार पर नहीं, बल्कि महागठबंधन के सहयोगियों से चर्चा के बाद किया जाएगा. मेयर पद की होड़ शुरू हो चुकी है, लेकिन इसके चयन में अभी कुछ और दिन लगने की संभावना है.

बता दें कि, महाराष्ट्र में 2026 के नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शानदार जीत हासिल करते हुए 29 महानगरपालिकाओं की 2,869 सीटों में से 1,425 पर अपना परचम लहराया.

26 जनवरी से पहले देश में हाई अलर्ट

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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर में हाई अलर्ट जारी किया है। खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों और बांग्लादेश में सक्रिय आतंकी समूहों की ओर से दिल्ली समेत कई बड़े शहरों को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है।
इंटेलिजेंस इनपुट में बताया गया है कि पंजाब से जुड़े कुछ गैंगस्टर विदेश में बैठे खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे हैं। आरोप है कि ये हैंडलर्स अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने और देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के लिए आपराधिक नेटवर्क का सहारा ले रहे हैं।

आतंकवादी नेटवर्क से बढ़ते संपर्क
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी चेतावनी में कहा गया है कि ये गैंगस्टर हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय हैं। धीरे-धीरे इनके खालिस्तानी आतंकवादी तत्वों से संपर्क मजबूत होने की बात भी सामने आई है, जिसे लेकर एजेंसियां सतर्क हैं।

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PM मोदी ने मालदा रैली में की TMC सांसद के पिता की तारीफ, भाषण के दौरान दी श्रद्धांजलि

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कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने विभाजन के दौरान मालदा (Malda) को भारत (India) में शामिल कराने में भूमिका निभाने को लेकर अनुभवी वकील और हिंदू महासभा के नेता शिवेंदु शेखर राय (Shivendu Shekhar Rai) को अपने भाषण के दौरान श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राय को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई। शिवेंदु के बेटे एवं सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के राज्यसभा सदस्य सुखेन्दु शेखर राय (Sukhendu Shekhar Roy) ने संयमित प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

शिवेंदु शेखऱ के प्रयास से बचा मालदा
मोदी ने शनिवार को मालदा में एक जनसभा में अपने भाषण की शुरुआत शिवेंदु शेखर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। उन्होंने 1947 में शिवेंदु शेखर के योगदान को याद किया जब मुस्लिम लीग द्वारा जिले को तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में शामिल करने की मांगों के बीच मालदा का भविष्य अनिश्चित बना हुआ था। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं सर्वप्रथम मालदा के महान सपूत शिवेंदु शेखर राय को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं, जिनके प्रयासों से मालदा की पहचान बची रही।’’ उनके इस बयान से श्रोताओं में मौजूद कई लोग चकित हो गये।

इससे पूर्व दिन में, भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने कार्यक्रम में पहले स्मृति चिन्ह के रूप में मोदी को शिवेंदु शेखर राय की एक फ्रेम की हुई तस्वीर भेंट की। यह तस्वीर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने प्रधानमंत्री को दी, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया क्योंकि शिवेंदु शेखर राय के पुत्र तृणमूल सांसद हैं।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सहयोगी थे शिवेंदु शेखर
स्वतंत्रता-पूर्व मालदा के एक प्रख्यात दीवानी वकील और हिंदू महासभा के नेता शिवेंदु शेखर राय, राजनीतिक विचारधाराओं से परे अपनी व्यापक लोकप्रियता के लिए जाने जाते थे। वह विश्वविद्यालय के दिनों से ही शिक्षाविद और महासभा नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के घनिष्ठ सहयोगी थे और विभाजन वार्ता के दौरान उन्होंने पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उनके बेटे सुखेन्दु शेखर राय का कहना है कि जब मालदा को पूर्वी पाकिस्तान में शामिल किए जाने की संभावना आसन्न प्रतीत हुई, तो उनके पिता ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के पिता, प्रख्यात बैरिस्टर एन सी चटर्जी से संपर्क करके इस कदम को चुनौती देने के प्रयास शुरू किए।

सुखेन्दु शेखर राय के अनुसार चूंकि एन सी चटर्जी दक्षिण बंगाल और कोलकाता को सुरक्षित रखने में व्यस्त थे, इसलिए शिवेंदु शेखर राय ने फिर श्यामा प्रसाद मुखर्जी से संपर्क किया, जिन्होंने उन्हें आगे की कार्रवाई के बारे में सलाह दी और उन्हें बंगाल सीमा आयोग के समक्ष मालदा का ऐतिहासिक, जनसांख्यिकीय और प्रशासनिक मामला व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करने में सहयोग किया।

राज्यसभा सदस्य ने बताया कि बिधु शेखर शास्त्री और इतिहासकार सर जदुनाथ सरकार जैसे विद्वानों ने भी आयोग के सामने प्रस्तुत किये गये ज्ञापन तैयार करने में सहायता की।लप्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सुखेन्दु शेखर राय ने संयमित लेकिन भावुक स्वर में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘‘यह इतिहास है और इसे नकारने की कोई गुंजाइश नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि मालदा भारत में इसलिए बना हुआ है क्योंकि उनके पिता ने इसे भारत में बनाए रखने के आंदोलन का नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा, ‘‘कोई राजनीतिक दल इतिहास को अपने हिसाब से ढालने या अस्वीकार करने की कोशिश कर सकता है, इससे मुझे कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन एक ऐसे व्यक्ति के पुत्र के रूप में, जिन्होंने मालदा को भारत में बनाए रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, अगर प्रधानमंत्री उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, तो क्या मुझे दुखी होना चाहिए? बिल्कुल नहीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि मेरे भाई-बहन, रिश्तेदार और परिवार के सभी सदस्य गर्व महसूस करते हैं। सिर्फ इसलिए कि मैं तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हूं, क्या मुझे दुखी होना चाहिए? यह तो सरासर बेतुका होगा।’’ मोदी द्वारा भाजपा के मंच से तृणमूल सांसद के पिता का जिक्र करना राजनीतिक रूप से भले ही महत्वपूर्ण हो, लेकिन सुखेन्दु शेखर राय ने इसे समकालीन राजनीतिक संदेश के बजाय लंबे समय से प्रतीक्षित ऐतिहासिक मान्यता के रूप में प्रस्तुत करना बेहतर समझा। उन्होंने कहा, ‘‘यह मालदा के विभाजन काल के इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जिसे आज के राजनीतिक मतभेदों से परे याद रखा जाना चाहिए।’’

अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के सरोवर में मुस्लिम युवक ने धोए हाथ और किया कुल्ला

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अमृतसर। पंजाब (Punjab) के अमृतसर (Amritsar) स्थित स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के पवित्र सरोवर में एक मुस्लिम युवक (Muslim Youth) ने हाथ धोए हैं और कुल्ला किया है। इससे जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि इस पवित्र सरोवर में सिख श्रद्धालु (Sikh Devotees) स्नान करते हैं। इस मामले के सामने आने के बाद SGPC ने इस घटना पर ऐतराज जताया है।

एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मनन ने कहा कि बीते दिनों हुई घटना के संबंध में वह जांच कर रहे हैं। जो भी श्रद्धालु अन्य राज्यों से आते हैं या जो अन्य धर्म के हैं, उन्हें गुरु मर्यादा के बारे में जानकारी नहीं होती। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में अपनी कमेटी मेंबरों से मीटिंग्स भी कर रहे हैं, जिससे किसी को किसी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े और जो भी तस्वीरें खींचना चाहते हैं, उनके संबंध में अभी अलग प्वाइंट पर तस्वीर खींचने के प्रबंध की चर्चा भी चल रही है।

 

 

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राज ठाकरे के रसमलाई तंज पर भाजपा का पलटवार, निकाय चुनाव में मिली हार पर उड़ाया मजाक

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नई दिल्‍ली । महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भाजपा (BJP) और उसके साथी दलों को को निर्णायक जीत हासिल हुई है। बीएमसी चुनाव में मजबूत प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी की तरफ से राज ठाकरे (Raj Thackeray) द्वारा अन्नामलाई (Annamalai) पर कसे गए तंज का जवाब दिया है। कर्नाटक के बेंगलुरू सेंट्रल से भाजपा सांसद पी.सी मोहन (BJP MP P.C. Mohan) ने बीएससी के निर्णायक नतीजों के बाद एक्स पर पोस्ट करके लिखा, “कुछ रसमलाई ऑर्डर की हैं।”

बीएमसी में जीत से उत्साहित भाजपा के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी राज ठाकरे पर तंज कसते हुए इस जीत को रसमलाई जैसा मीठा बताया। महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ट्रिपल इंजन सरकार मुंबई के पुनर्विकास के लिए मजबूती से काम करेगी और सभी मुंबईकरों के लिए जीवन की सुगमता में सुधार लाएगी।”

गौरतलब है कि भाजपा नेताओं की तरफ से यह प्रतिक्रियाएं राज ठाकरे के उस तंज पर आई हैं, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई को रसमलाई कहकर संबोधित करते हुए उनका मजाक उड़ाया था। दरअसल, एक रैली के दौरान अन्नामलाई ने मुंबई को केवल महाराष्ट्र का नहीं बल्कि विश्व का शहर बताया था। इसको लेकर विपक्ष ने काफी हंगामा किया था। राज ठाकरे ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अन्नामलाई के ऊपर निजी हमले करने शुरू कर दिए थे।

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CBI को मिली बड़ी कामयाबी, 13 साल से फरार फ्रॉड के आरोपी को किया गिरफ्तार

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डेस्क: सीबीआई (CBI) ने बैंक फ्रॉड (Bank Fraud) के एक पुराने मामले में करीब 13 साल से फरार चल रहे आरोपी जितेंद्र कुमार (Jitendra Kumar) को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया है. कोर्ट ने उसे 2014 में भगोड़ा घोषित किया था. वो 2013 से गायब था और लगातार लोकेशन बदलकर छिपता रहा. ये मामला जुलाई 2013 का है, जब सीबीआई ने संजीव दीक्षित (प्रोप्राइटर – M/s Shankar Metals), संजय शर्मा (प्रोप्राइटर – M/s Super Machines), इंद्रा रानी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था. आरोप था कि इन लोगों ने आपस में मिलकर पंजाब नेशनल बैंक, नई दिल्ली की जोर बाग ब्रांच से फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर 4 करोड़ रुपये का Cash Credit लोन ले लिया और बाद में जिस मकसद से पैसे लिए गए थे उसका इस्तेमाल वहाँ से अलग जगह पर किया गया.

 

जांच में पता चला कि लोन डॉक्यूमेंट्स में संजय शर्मा को लोन गारंटर दिखाया गया था, लेकिन गारंटर वाले डॉक्यूमेंट्स पर लगी फोटो दरअसल जितेंद्र कुमार की थी .इसके अलावा गाजियाबाद के एक प्लॉट की फर्जी Sale Deed भी बैंक में जमा कराई गई, जिसमें मालिक के तौर पर संजय शर्मा का नाम था, लेकिन फोटो जितेंद्र कुमार की लगी थी. इतना ही नहीं, जिस बैंक अकाउंट M/s Rajdhani Traders में लोन की रकम डायवर्ट हुई, वो अकाउंट भी जितेंद्र कुमार के नाम पर था. जांच में ये भी सामने आया कि जितेंद्र कुमार, इस केस के मुख्य आरोपी संजीव दीक्षित का कर्मचारी था और वही असली फेस का इस्तेमाल करके फ्रॉड को अंजाम दिया गया.