नितिन नबीन बने बीजेपी के नए बॉस………….पैतृक गांव अमावां में जश्न का माहौल

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नवादा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर बिहार के मंत्री नितिन नवीन के निर्विरोध चुनने पर उनके पैतृक गांव अमावां (रजौली प्रखंड) में उत्सव का माहौल है। 45 वर्ष की आयु में भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले नवीन को लेकर गांव से लेकर जिले तक कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह दिख रहा है।
नितिन नवीन की नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में तोजपोशी की गई, उनके चयन को बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। अमावां गांव में सुबह से ही बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और लोग ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मना रहे हैं। इस मौके पर नवादा में विधायक अनिल सिंह की देखरेख में एक विशेष जश्न कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। विधायक सिंह ने बताया कि खुशी के इस अवसर पर 251 किलो लड्डू बनवाए गए हैं। साथ ही गुलाल की होली खेलकर लोग एक-दूसरे को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना पूरे नवादा और बिहार के लिए सम्मान की बात है। गांव के लोगों में खास गर्व इसलिए भी है, क्योंकि नितिन नवीन ने अपने राजनीतिक जीवन में ‘गांव चलो’ अभियान की शुरुआत भी इसी अमावां गांव से की थी। ग्रामीणों का कहना है कि एक साधारण गांव से निकलकर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व करना युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

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77वां या 78वां, साल 2026 में कौन सा गणतंत्र दिवस मनाएगा भारत? दूर करिए कंफ्यूजन

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Republic Day 2026: भारत में साल 2026 के गणतंत्र दिवस की तैयारी शुरू हो चुकी है. इस बीच लोगों के बीच एक बड़ी उलझन फिर से सामने आ चुकी है. यह उलझन है कि इस साल का गणतंत्र दिवस 77वां है या 78वां. बहुत से लोग सोचते होंगे की इसकी गिनती ज्यादा होनी चाहिए, लेकिन गणतंत्र दिवस की नंबरिंग के पीछे का लॉजिक कुछ और ही है. तो आइए जानते हैं कि इस लॉजिक के बारे में.

गणतंत्र दिवस कब है?
आधिकारिक तौर पर देखा जाए तो भारत 26 जनवरी 1950 को एक गणतंत्र देश बना. इस दिन से ही भारत का संविधान भी लागू हुआ था. इस ऐतिहासिक क्षण में ब्रिटिश युग के गवर्नर ऑफ इंडिया एक्‍ट 1935 को खत्म किया और भारत के एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में संविधान को स्‍थापित किया. सबसे अहम बात यह रही कि 26 जनवरी 1950 को ही भारत का पहला गणतंत्र दिवस मनाया गया.
कैसे होती है गणतंत्र दिवस की गिनती?
दरअसल, सबसे ज्यादा उलझन इस वजह से होने लगती है, क्‍योंकि लोग घटनाओं को नहीं गिनते बल्कि पूरे सालों को गिनते हैं. गणतंत्र दिवस की गिनती एक इवेंट आधारित सिस्‍टम का पालन करती है. यानी कि सभी उत्सवों को 1950 में पहले उत्सव से गिनना शुरू कर दिया जाता है. एक बार जब यह तरीक लागू की जाती है तब से ही नंबरिंग सीधी और लगातार हो जाती है.
26 जनवरी 1950 को पहला गणतंत्र दिवस मनाय गया था, वहीं 26 जनवरी 1961 को दूसरा गणतंत्र दिवस मनाया गया. जिसके बाद हर साल बिना रूके ये सिलसिला बिना रिसेट किए लगातार जारी रहा. इस लॉजिक के अनुसार 26 जनवरी 2025 को 76वां गणतंत्र दिवस मनाया गया था और इस साल 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा.
लोगों को लगता है यह 78वां गणतंत्र दिवस
कई लोग गिनती बीते हुए सालों की संख्‍या को देखते हुए करते हैं. लोग 1950 और 2026 के बीच का अंतर निकालते हैं तो इस तरीका को गलत मानते है क्‍यो‍ंकि पहला गणतंत्र दिवस 1950 में ही हो चुका था. लेकिन सालों को गिनना और फिर घटनाओं को गिनना एक जैसा नहीं होता है.
गणतंत्र दिवस 2026 कहां मनाया जाएगा
हर साल की तरह गणतंत्र दिवस परेड 2026 नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर होगी. परेड में भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और संवैधानिक मूल्यों को दिखाया जाएगा. इसमें राज्य और मंत्रालय की झांकियां, सशस्त्र बलों की मार्चिंग टुकड़ियां और छात्रों और सांस्कृतिक समूहों की भागीदारी होगी.
कहा मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस 2026 का पर्व
हर साल की तरह ही गणतंत्र दिवस की परेड 2026 में नई दिल्‍ली में कर्तव्‍य पथ पर ही होगी. परेड में भारत की सभी सैन्‍य शक्ति, सांस्‍कृतिक विविधता और संवैधानिक मूल्‍यों को एक साथ दिखाया जाएगा. इसमें राज्यों और मंत्रालय की झांकियां, सशस्‍त्र बलों की मार्चिंग टुक‍ड़‍ियां और छात्रों और सांस्‍कृतिक समूहों की भागीदारी भी होगी.
 

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सालों से मुसलमानों के दिल में कांग्रेस ने जहर घोला……..इसलिए बीजेपी को वोट नहीं देते : रिजिजू

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राशन से लेकर घर तक, हर तरह के फायदे मुस्लिमों को मिलते

नई दिल्ली। एक कार्यक्रम में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता किरेन रिजिजू लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से लेकर मुसलमानों तक पर बात की।  केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि मैंने अल्पसंख्यक मंत्री होकर मुसलमानों के लिए बहुत काम किया है। मुझसे पहले किसी भी मंत्री ने इसतरह के काम नहीं किए। हज और उमराह को आसान बनाया। वहीं राहुल गांधी पर उन्होंने मजाक में कहा कि घर आने का न्यौता दिया था। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा ही बीजेपी पार्टी का संविधान बहुत सख्त है। बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया नियम के मुताबिक होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर होने से पहले नॉमिनेशन फॉर्म को बहुत ध्यान से चेक करना होता है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, नितिन नबीन को पार्टी अध्यक्ष बनाने के लिए इंटरनल मैकेनिज्म पर काम किया गया था। बहुत लोगों की इच्छा होती है पार्टी अध्यक्ष बनना, लेकिन जिम्मेदारी चुनिंदा व्यक्ति को ही मिलती है, जो कसौटी पर खरा उतरता है। गौरतलब है कि पार्टी युवा नेतृत्व चाहती थी, इस वजह से भी नितिन नबीन का नाम आगे किया गया। जब किरेन रिजिजू से पूछा गया कि युवा आप भी हैं, तब उन्होंने हंसकर जवाब दिया कि………….मैं अब इतना युवा नहीं हूं। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने राहुल गांधी को लेकर कहा, मैंने मजाक-मजाक में कहा कि आपको ठंड नहीं लगती क्या, उन्होंने मुझे कहा कि व्यायाम करो। उन्होंने मुझे अपने घर जिम करने के लिए बुलाया। हालांकि यह मजाक था। रिजिजू से पूछा गया कि आपको न्यौता मिला था, तब भी आप जिम क्यों नहीं गए? इस पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, मैं संसदीय कार्य मंत्री हूं। अब अगर मैं रोजाना सुबह नेता प्रतिपक्ष के घर जाउंगा जिम के लिए यह ठीक नहीं होगा।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बजट 2026 पर कहा कि यह बजट सेशन बहुत डेडिकेटेड और फोकस्ड होग। इसके पहले पार्ट में 28 जनवरी को राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा फिर 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सदन में बजट पेश होगा। फिर पूरा सेशन बजट पर ही सीमित रहेगा। रिजिजू ने विपक्ष को लेकर कहा कि सदन में हंगामा करने से कुछ नहीं होता है। इससे सदन का समय खराब होता है और हम देश के सामने अच्छा नतीजा पेश नहीं कर पाते हैं।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा, कांग्रेस ने सालों से जनता के दिमाग में जहर घोला है कि भारतीय जनता पार्टी मुस्लिम विरोधी है। इसकारण मुस्लिम बहुल इलाकों में बीजेपी मुस्लिम कैंडिडेट खड़ा करने के बाद भी नहीं जीत पाती। राशन से लेकर घर तक, हर तरह के फायदे भाजपा सरकार मुस्लिमों को भी देती है। हमारी सरकार ने हज यात्रा के लिए भी काम किया है। कई मुसलमानों ने मेरे लिए दुआ भी की है। पीएम मोदी की एक भी स्कीम ऐसी नहीं है, जिसका फायदा मुस्लिम कम्युनिटीज को नहीं मिलती है। फिर मुसलमान वोट क्यों नहीं देते?

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गुजरात तट पर अरब सागर में रहस्यमयी उबलते पानी ने मचाई हड़कंप

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गांधीनगर। गुजरात तट से सटे अरब सागर में एक असामान्य समुद्री हलचल देखी गई, जिसने मछुआरों और प्रशासन दोनों को चौंका दिया। पालघर जिले के मछुआरों ने कुछ वीडियो प्रशासन को सौंपे, जिसमें समुद्र का पानी उबलते हुए और बुलबुले निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। पानी की सतह पर सफेद झाग और बड़े बुलबुले उठ रहे थे, जिससे ऐसा प्रतीत होता था मानो समुद्र ‘उबल’ रहा हो। पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख ने कहा कि यह घटना अत्यंत असामान्य है और इसके पीछे गहन जांच की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र समुद्री परिवहन मार्गों और मछली पकड़ने के प्रमुख इलाकों के पास है, इसलिए क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन ने इलाके में गुजरने वाले जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को अधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख ने हलचल के संभावित कारणों के लिए तीन मुख्य कारण बताए है। पहला, गैस रिसाव, समुद्र के नीचे प्राकृतिक गैस का रिसाव पानी में बुलबुले पैदा कर सकता है। दूसरा, पाइपलाइन में खराबी, इस क्षेत्र में तेल और गैस कंपनियों (जैसे ओएनजीसी) की कई अंडरवाटर पाइपलाइनें हैं, जिसमें दरार आने से दबाव उत्पन्न हो सकता है। तीसरा, भू-वैज्ञानिक गतिविधियां, समुद्र तल पर हलचल, छोटे भूकंप या ज्वालामुखीय गतिविधियों के कारण पानी का तापमान और दबाव बदल सकता है।
विशेषज्ञों ने इस घटना को लेकर चार प्रमुख खतरे भी बताए हैं। सबसे बड़ी चिंता सबमरीन गैस लीक की है, जो आग या विस्फोट का कारण बन सकती है। दूसरा, समुद्र तल पर जमा मीथेन क्लाथ्रेट्स का अचानक उत्सर्जन, जिससे पानी उबलता प्रतीत हो सकता है। तीसरा, ज्वालामुखी या विवर्तनिक गतिविधियां, जो समुद्री प्लेटों में दरारों या हलचल का संकेत देती हैं। चौथा, औद्योगिक अपशिष्ट का रिसाव, हालांकि बुलबुलों की तीव्रता इसे कम संभावित बनाती है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां और तटरक्षक बल जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक बदलावों का नतीजा है या किसी औद्योगिक गतिविधि से संबंधित है। प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और समुद्र में गुजरने वाले सभी जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को इस हॉटस्पॉट से दूर रहने का निर्देश दिया है।
आशीष दुबे / 20 जनवरी 2026

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कोर्ट रूम में ही भिड़ गए कपिल सिब्बल और ASG राजू, जानिए पूरा मामला

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kapilनई दिल्ली । दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रेल मंत्री और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की कथित लैंड-फॉर-जॉब्स स्कैम मामले को रद्द करने की एक याचिका पर सुनवाई हो रही थी। लालू यादव की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल मामले में पैरवी कर रहे थे, जबकि सीबीआई की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू पक्ष रख रहे थे लेकिन कोर्ट रूम कुछ ऐसा हुआ कि दोनों आपस में ही उलझ गए और दोनों के बीच खूब बीच तीखी बहस हुई। लालू यादव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कथित लैंड-फॉर-जॉब्स घोटाले के मामले को रद्द करने की मांग की थी।

किस बात पर हुआ विवाद?
इस दौरान कपिल सिब्बल ने दलील दी कि इस मामले में मुकदमा चलाने के लिए पूर्व अनुमति (सैंक्शन) जरूरी है, जो नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने खुद पहले इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, ऐसे में अब उसी के खिलाफ दलील देना गलत है। इस पर सीबीआई की ओर से पेश ASG एसवी राजू ने सिब्बल की दलीलों पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि वह नए मुद्दे उठा रहे हैं और कानून की गलत व्याख्या कर रहे हैं। ASG राजू ने कहा, “सिब्बल ने नए मुद्दे पर बहस की है। मुझे सही कानून बताना है। मिस्टर सिब्बल गुमराह करने वाली दलीलें देते हैं और मुझे बहस नहीं करने देते।”

 

कोर्ट में बढ़ा तनाव, तीखी बहस
ASG राजू के इस आरोप पर कपिल सिब्बल नाराज हो गए और उन्होंने तपाक के कहा, “आपने ऐसा कहने की हिम्मत कैसे की कि मैंने अदालत को गुमराह किया है। मैंने कभी किसी कोर्ट को गुमराह नहीं किया। आप होंगे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल, लेकिन जज नहीं हैं।” इसके जवाब में ASG राजू ने कहा, “हां, आपने कोर्ट को गुमराह किया है, यह मेरी दलील है और मैं बताऊंगा कि आपने कैसे गुमराह किया और आप मुझे बताने नहीं दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि अदालत के सामने सही कानून रखना उनका कर्तव्य है और वह अपनी बात पर कायम हैं।

 

जज ने किया हस्तक्षेप
बहस के दौरान कपिल सिब्बल ने राजू की पेशेवर मर्यादा पर भी सवाल उठाए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, ASG राजू ने अपेक्षाकृत शांत लहजे में कहा कि वह सिब्बल का सम्मान करते हैं, लेकिन कानूनी स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस ररविंदर डुडेजा ने कोर्ट रूम में स्थिति को संभालते हुए कहा, “माहौल को थोड़ा शांत होने दीजिए।” इसके बाद कोर्ट ने दिन की सुनवाई समाप्त कर दी।

आगे क्या फैसला हुआ?

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी संक्षिप्त लिखित दलीलें दाखिल करें। ये दलीलें अधिकतम पांच पन्नों की होंगी और एक सप्ताह के भीतर जमा करनी होंगी। इसके बाद मामले पर आगे विचार किया जाएगा।

क्या है लैंड-फॉर-जॉब्स मामला?

सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले उनके परिवार और करीबी लोगों के नाम पर जमीन ली गई। सीबीआई ने इस मामले में 2022 में केस दर्ज किया और बाद में लालू यादव, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। लालू यादव ने हाई कोर्ट में दलील दी है कि यह जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जरूरी पूर्व अनुमति के बिना शुरू की गई, इसलिए पूरा मामला रद्द किया जाना चाहिए।

आवारा कुत्तों पर बयान देकर फंस गईं मेनका गांधी, सुप्रीम कोर्ट सख्त

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नई दिल्ली|सुप्रीम कोर्ट ने पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को आज (मंगलवार, 20 जनवरी को) कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने एक पॉडकास्ट के दौरान आवारा कुत्तों के मामले में कोर्ट की टिप्पणियों पर उनकी “बॉडी लैंग्वेज” और बयानों पर भी सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश और देश के भावी मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजनिया की पीठ ने कहा कि यह अदालत की “दरियादिली” है कि मेनका गांधी के खिलाफ अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई नहीं की जा रही है।कोर्ट ने साफ किया कि जब उन्होंने (मेनका गांधी ने) अपने पॉडकास्ट में आवारा कुत्तों के हमलों के लिए कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जिम्मेदार बनाने की बात कही थी, तो वह गंभीर टिप्पणी थी, कोई मज़ाक नहीं कर रही थीं। कोर्ट ने गांधी के वकील राजू रामचंद्रन से कहा, “कुछ देर पहले, आप कोर्ट से कह रहे थे कि हमें सावधान रहना चाहिए। क्या आपने पता लगाया कि आपकी क्लाइंट किस तरह की टिप्पणियां कर रही हैं? आपकी क्लाइंट ने अवमानना ​​की है। हम उस पर संज्ञान नहीं ले रहे हैं। यह हमारी महानता है। क्या आपने उनका पॉडकास्ट सुना है? उनकी बॉडी लैंग्वेज कैसी है? वह क्या कहती हैं और कैसे कहती हैं।”

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‘यह अवमानना है’

बार एंड बेंच के मुताबिक, बेंच ने कहा, “आपने टिप्पणी की कि कोर्ट को सावधान रहना चाहिए। दूसरी ओर, आपकी क्लाइंट जिसे चाहे और जिस पर चाहे, हर तरह की टिप्पणियां कर रही हैं।” पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस विक्रम नाथ ने साफ शब्दों में कहा कि मेनका गांधी की टिप्पणियाँ अदालत की अवमानना के दायरे में आती हैं, लेकिन कोर्ट ने इस पर कार्रवाई नहीं की। इस पर रामचंद्रन ने कहा कि यह अवमानना की सुनवाई नहीं है, इसलिए वह टिप्पणी नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह 26/11 के आतंकवादी अजमल कसाब के लिए भी पेश हुए थे। इस पर जस्टिस नाथ और भड़क गए। उन्होंने तपाक से कहा, “कसाब ने अवमानना ​​नहीं की थी।”

बजट और जिम्मेदारी पर सवाल

कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब मेनका गांधी एक पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रही हैं, तो आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने बजट और योजनाओं में क्या योगदान दिया? इस बीच, वकील ने रेबीज नियंत्रण उपायों, टीकों की उपलब्धता और आवारा कुत्तों के हमलों से निपटने के लिए पेशेवरों की क्षमता निर्माण के बारे में बात करना जारी रखा।

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कुत्तों की नसबंदी पर बहस

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि नसबंदी (स्टेरिलाइजेशन) से आवारा कुत्तों की आक्रामकता कम होती है, लेकिन ज्यादातर शहरों में इसे ठीक से लागू नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट की कुछ टिप्पणियों के कारण डॉग फीडर्स पर हमले हो रहे हैं। इस पर जस्टिस नाथ ने दोहराया कि अदालत की बात व्यंग्य नहीं बल्कि गंभीर थी।

पहले क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने?

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर आवारा कुत्तों के हमले में बच्चों या बुजुर्गों की मौत या चोट होती है, तो राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलाया जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जो लोग कुत्तों को खाना खिलाते हैं, उनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जा सकती है, और सवाल उठाया था कि अगर लोग जानवरों से इतना प्रेम करते हैं तो उन्हें अपने घर क्यों नहीं रखते। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आवारा कुत्तों का मुद्दा गंभीर जन सुरक्षा से जुड़ा विषय है, और इस पर की गई टिप्पणियों को हल्के या मज़ाक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक मंचों पर अदालत के खिलाफ बयान देते समय जिम्मेदारी और मर्यादा जरूरी है।

ममता बनर्जी के फोर्ट विलियम अफसर बयान पर सेना ने राज्यपाल से की शिकायत, बंगाल में राजनीति गरमाई

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) के फोर्ट विलियम (Fort William) के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी पर आरोपों के बाद विवाद चरम पर पहुंच गया है। ममता ने हाल ही में कहा कि अधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास के दौरान भाजपा के समर्थन में काम कर रहे हैं और फोर्ट विलियम का कमांड बेस राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस बयान के बाद भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंदा बोस से हस्तक्षेप की अपील की। जानकारी के अनुसार, दो सेना जनरलों ने पिछले सप्ताह राज्यपाल से मुलाकात कर ममता के आरोपों के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। लोक भवन के अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल ने इस मामले को गंभीरता से लिया और इसे केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया।

राज्यपाल बोस ने कहा पहले मैं खुद सत्यापन करूंगा कि क्या मुख्यमंत्री ने कोई संवैधानिक नियमों का उल्लंघन किया है। यदि ऐसा है, तो मैं निश्चित रूप से हस्तक्षेप करूंगा। वहीं, फोर्ट विलियम के वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि राज्यपाल से बैठक हुई और उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी।

राजनीतिक माहौल पहले से ही चुनावी राज्य बंगाल में गर्म है, जहां एसआईआर अभ्यास के चलते टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। इस विवाद पर भाजपा बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने ममता के बयान को बिना आधार बताते हुए कहा वे सोचती हैं कि बंगाल उनका व्यक्तिगत राज्य है। वहीं, वामपंथी नेता एमडी सलीम ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को रक्षा मंत्री से पत्र लिखकर मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।

 

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‘मैदान पर उतरो तो पता चलेगा आसान क्या है’, संजय मांजरेकर पर भड़के विराट कोहली के बड़े भाई

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Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट गलियारों में मैदान के अंदर की जंग अब मैदान के बाहर ‘सोशल मीडिया वॉर’ में तब्दील हो गई है. टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर अक्सर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं. एक बार फिर विराट कोहली उनके निशाने पर रहे. लेकिन उनकी यह बात विराट के बड़े भाई विकास कोहली को पसंद नहीं आई है.

मांजरेकर की ‘आसान फॉर्मेट’ वाली टिप्पणी
संजय मांजरेकर ने हाल ही में विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने और केवल वनडे खेलना जारी रखने पर सवाल उठाए थे. मांजरेकर के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में विराट का टेस्ट औसत मात्र 31 रहा और उन्होंने अपनी तकनीकी खामियों को सुधारने की कोशिश नहीं की.

उन्होंने जो रूट का उदाहरण देते हुए कहा कि जहाँ रूट नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, वहीं कोहली टेस्ट से दूर चले गए. मांजरेकर ने कहा, “यह ठीक था कि विराट क्रिकेट छोड़ देते, लेकिन उन्होंने केवल वनडे खेलना चुना, जिससे मुझे निराशा हुई. टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज के लिए यह सबसे आसान फॉर्मेट है.”

विकास कोहली का करारा जवाब
विराट के भाई विकास कोहली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Threads पर मांजरेकर को ‘Mr Expert’ कहकर संबोधित किया और उन पर निशाना साधा. विकास ने लिखा, “मुझे हैरानी है कि ‘Mr Expert of Cricket’ के पास आसान फॉर्मेट को लेकर क्या सुझाव हैं. ऐसा करने के लिए मैदान पर होना पड़ता है. आसान कहना अलग बात है और उसे मैदान पर कर दिखाना बिल्कुलअलग.”

विकास ने आगे यह भी संकेत दिया कि बाहर बैठकर ‘ज्ञान’ देना बहुत सरल है, लेकिन जब टीम के बाकी बल्लेबाज (रोहित, शुभमन, श्रेयस) फेल हो रहे हों और विराट 108 गेंदों पर 124 रन की जुझारू पारी खेल रहे हों, तब उसे ‘आसान’ कहना खिलाड़ी के समर्पण का अपमान है.

संजय मांजरेकर का ‘विवादों’ से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब संजय मांजरेकर किसी विवाद में फंसे हों. उनका इतिहास खिलाड़ियों के साथ टकराव का रहा है. 2019 में उन्होंने जडेजा को ‘बिट्स एंड पीसेस’ खिलाड़ी कहा था, जिसका जडेजा ने कड़ा जवाब दिया था. कोहली की कप्तानी और उनकी बल्लेबाजी तकनीक को लेकर भी मांजरेकर कई बार सवाल उठा चुके हैं. हाल ही में उन्होंने राहुल के आत्मविश्वास पर भी टिप्पणी की थी, जिसकी काफी आलोचना हुई थी.

कितने अमीर हैं BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन? पत्नी के पास करोड़ों की प्रॉपर्टी

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Nitin Nabin Networth: बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन आज से आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं. आज मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को उन्होंने पद भार संभाला है. नितिन नबीन के पास कुल कितनी संपत्ति है और आय के स्त्रोत क्या हैं? यहां जानेंगे. उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को जो अपनी संपत्ति का हलफनामा पेश किया था. उसके अनुसार नितिन नबीन की नेटवर्थ 3 करोड़ रुपए से ज्यादा है.

बता दें, नितिन नबीन बिहार सरकार में मंत्री हैं और वे पटना के बांकीपुर से लगातार पांच बार के विधायक हैं. 2025 में चुनाव आयोग को दिए हलफनामे के अनुसार उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की है और नेटवर्थ 3 करोड़ रुपए से ज्यादा है. उनकी कार कलेक्शन की बात की जाए तो नितिन नबीन के नाम पर एक स्कॉर्पियो और एक इनोवा क्रिस्टा कार है.
इसके अलावा उनके नाम पर कोई भी जमीन नहीं है, चाहे वह खेती की जमीन हो या कॉमर्शियल. उनके नाम पर कोई घर भी नहीं है. उन्होंने शेयर बाजार में भी कोई निवेश नहीं किया है. उनके ऊपर 56 लाख रुपए का कर्ज भी है. नितिन नबीन के नाम पर 3 LIC और एक HDFC पॉलिसी है. लेकिन ऐसा नहीं है कि उनके परिवार के पास कुछ नहीं है. उनसे ज्यादा प्रॉपर्टी परिवार के नाम पर दर्ज है.
11 लाख रुपए के जेवरात
चुनावी हलफनामे के अनुसार, नितिन नबीन के पास कुल 92.71 लाख रुपए की अचल संपत्ति है, तो वहीं बच्चों और पत्नी के नाम पर 68 लाख रुपए से ज्यादा की चल संपत्ति है. नितिन नबीन और उनकी पत्नी-बच्चों के पास लगभग 11 लाख रुपए की सोने-चांदी की ज्वेलरी है. नकदी की अगर बात की जाए तो उनके पूरे परिवार के पास सिर्फ 60 हजार रुपए है. जबकि परिवार के खातों पर 98 लाख रुपए से ज्यादा जमा है.

नितिन नबीन से अमीर हैं उनकी पत्नी
नितिन नबीन की पत्नी ने शेयर बाजार में भी निवेश किया है. हलफनामे के अनुसार, मिडकैप और मल्टीकैप फंड्स में 6 लाख रुपए से ज्यादा का निवेश किया है. इसके अलावा LIC और एसबीआई लाइफ इंश्योंरेंस पॉलिसी है. नितिन नबीन की पत्नी Navira Enterprises कंपनी की डायरेक्टर भी हैं. अचल संपत्ति की अगर बात की जाए तो पत्नी के पास करोड़ों रुपए की अचल संपत्ति है. जिसमें 28 लाख रुपए कीमत की कृषि योग्य भूमि और पटना में 1.18 करोड़ रुपए का घर है. नितिन नबीन की प्रोपर्टी का यह डेटा विधानसभा चुनाव 2025 में दिए गए हलफनामे के आधार पर है.

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News Desk

भारत के खिलाफ टी20 सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए शानदार मौका: फर्ग्यूसन

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न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लॉकी फर्ग्यूसन ने कहा कि भारत के खिलाफ बुधवार से शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप से पहले उनकी टीम को तैयारी के लिए उचित मंच प्रदान करेगी।भारत के खिलाफ हाल ही में 2-1 से वनडे श्रृंखला जीतने से उत्साहित न्यूजीलैंड की टीम नागपुर में पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में विश्व कप के सह-मेजबान भारत से भिड़ेगी।भारत में कीवी टीम के साथ जुड़ने वाले फर्ग्यूसन ने रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा, ‘यह सचमुच बहुत अच्छी तैयारी होगी। मैं जानता हूं कि यह वह मैदान नहीं होंगे जहां हम विश्व कप में खेलेंगे लेकिन वहां खेलने का अनुभव, उसका प्रभाव और मैदानों की स्थिति का आकलन विश्व कप से पहले शानदार तैयारी होगी।उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया की शीर्ष टीमों में से एक है और घरेलू परिस्थितियों में उसका कोई सानी नहीं है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे खिलाड़ी वनडे श्रृंखला की तरह ही अच्छा प्रदर्शन करेंगे।NZ से वनडे का हिसाब चुकता करने उतरेगा भारत, सूर्यकुमार के प्रदर्शन पर होगी नजरआईपीएल 2026 के लिए पंजाब किंग्स की टीम में शामिल फर्ग्यूसन ने कहा कि वह यूएई में इस महीने की शुरुआत में आईएलटी20 मैच के दौरान पिंडली में चोट से उबर गए हैं और पिछले एक सप्ताह से पूरी ताकत से गेंदबाजी कर रहे हैं। न्यूजीलैंड ने हालांकि पहले मैच के लिए जो टीम घोषित की है उसमें फर्ग्यूसन का नाम नहीं है।वह टी20 विश्व कप के दौरान कुछ दिनों के लिए पितृत्व अवकाश भी ले सकते हैं क्योंकि उनके बच्चे का जन्म 20 फरवरी को होने की उम्मीद है इस तेज गेंदबाज ने कहा कि उनका फिलहाल संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है।उन्होंने कहा, ‘मैं अब भी फिट महसूस करता हूं। मुझे अब भी लगता है कि मैं टीम में योगदान दे सकता हूं। अगर कभी ऐसा दिन आए जब मैं सुबह उठूं और देखूं कि मैं जीत में योगदान नहीं दे रहा हूं या मुझे लगे कि मैं टीम के लिए खेलने के लायक नहीं हूं तो मैं संन्यास ले लूंगा।भारत के खिलाफ 2023 वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में अपना आखिरी वनडे मैच खेलने वाले इस 34 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि वह अब भी 50 ओवर का क्रिकेट खेलने के लिए प्रयासरत हैं।फर्ग्यूसन ने कहा, ‘मुझे 50 ओवर का क्रिकेट बहुत पसंद है। टी20 की तुलना में इसी से मुझे थोड़ी ज़्यादा पहचान मिली।’

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