पांच साल की रिकॉर्डतोड़ ठंड में मना गणतंत्र दिवस, अब बारिश और ओलावृष्टि का बरसेगा कहर

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली ने इस साल पिछले पांच वर्षों का सबसे ठंडा गणतंत्र दिवस महसूस किया। सोमवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने कड़ाके की ठंड और शीतलहर के साथ पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। इससे पहले साल 2021 में 26 जनवरी को तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। कड़ाके की इस ठंड और ठिठुरन के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है, जिसके चलते मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, तापमान में इस अचानक गिरावट का मुख्य कारण आसमान का साफ होना और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली बर्फीली हवाएं थीं। हालांकि, सोमवार दोपहर के बाद हवाओं की रफ्तार में कुछ कमी आई, क्योंकि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होकर दिल्ली की ओर बढ़ रहा है। इस मौसमी बदलाव के कारण मंगलवार को न्यूनतम तापमान में तो वृद्धि होगी, लेकिन दिन के समय हल्की से मध्यम बारिश और 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि पहाड़ी इलाकों में हो रही ताजी बर्फबारी का सीधा असर मैदानी क्षेत्रों पर पड़ेगा, जिससे बारिश के बाद एक बार फिर शीतलहर चलने की संभावना है। आंकड़ों पर नजर डालें तो सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग केंद्र पर न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री कम था। वहीं, अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी, लेकिन दिन का तापमान गिरकर 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
ठंड के साथ-साथ दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 241 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले तक यह 153 के साथ मध्यम श्रेणी में था। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगलवार को होने वाली बारिश और तेज हवाओं के कारण वायु प्रदूषण में कमी आएगी और 27 व 28 जनवरी को एक्यूआई में सुधार होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों के लिए पूर्वानुमान है कि 27 और 28 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि हो सकती है। इसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर के तापमान पर पड़ेगा और 29 जनवरी के बाद एक बार फिर पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने लोगों को बदलती ठंड और बारिश के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि ओलावृष्टि और तेज हवाओं से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

Previous articleडबरा में नवनिर्मित नवग्रह मंदिर कार्यक्रम को लेकर कलेक्टर-एसपी का निरीक्षण
Next articleMP में बड़ा फैसला: पचमढ़ी नगर होगा अभ्यारण्य से अलग, कैबिनेट की मंजूरी
News Desk

कामकाज ठप, जानें निजी बैंकों का हाल और जरूरी बातें

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली. अगर आपको आज बैंक (Bank ) से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो फिर ये खबर पढ़कर ही घर से ब्रांच के लिए निकलें, कहीं ऐसा न हो कि आप वहां पहुंचे और ताला लगा हुआ नजर आए. दरअसल, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल (Nationwide strike) का ऐलान किया है और इसकी सीधा असर बैंकिंग कामकाज पर देखने को मिल सकता है. इस हड़ताल के चलते बैंक जमा-निकासी से लेकर ब्रांचों में कस्टमर सर्विस जैसे सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. इस परेशानी के बीच आप घर बैठे भी आसानी से अपने कुछ जरूरी बैंकिंग काम आसानी से निपटा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे?

बैंक यूनियनों की हड़ताल क्यों?
मंगलवार को देशभर में बैंकिंग कामकाज पर असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 27 जनवरी को देश भर में हड़ताल करने का फैसला किया है. उनकी डिमांड है कि सप्ताह में 5 दिन (5 Days Work Week Demand) के काम का नियम तुरंत लागू किया जाना चाहिए, जिससे बैंक कर्मचारियों को दो दिन अवकाश मिल सके.

 

बैंक यूनियनों के मुताबिक, केंद्र सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) से लंबे समय से इस मुद्दे पर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक हमारी मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका है. यूनियनों का कहना है कि दूसरे सरकारी विभागों की तरह ही बैंकों में भी वर्क-लाइफ बैलेंस जरूरी है और 5 Days Work Week सिस्टम लागू किया जाना चाहिए.

23 जनवरी को ऐलान, ये काम प्रभावित
गौरतलब है कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस 9 यूनियनों की मेन बॉडी है. बीते 23 जनवरी को अपनी पांच दिन के वर्क वीक की मांग को लेकर यूनियन ने चीफ लेबर कमिश्नर के साथ एक बैठक की थी, लेकिन कोई हल न निकलने के बाद देशव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया था.

अगर इस हड़ताल से प्रभावित होने वाले कामकाजों की बात करें, तो बैंक ब्रांच में जाकर नकदी जमा कराने से लेकर पैसों की निकासी तक के काम में रुकावट आ सकती है. इसके अलावा ब्रांचों में ग्राहकों की सहायता के लिए मौजूद कस्टमर सर्विस से लेकर बैंक लोन और अन्य डॉक्यूमेंटेशन से जुड़े काम पर असर देखने को मिल सकता है.

ऐसे घर बैठे निपटा सकते हैं बैंकिंग काम
आमतौर पर किसी पर्व या आयोजन या फिर साप्ताहिक अवकाश के दौरान जब बैंक क्लोज रहते हैं, तो तमाम जरूरी बैंकिंग कामों को घर बैठे ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) के जरिए निपटाया जाता है और मंगलवार की हड़ताल के बाद भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. ऑनलाइन सर्विस 24X7 चालू रहती हैं और बेहद आसानी से ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस जैसे काम निपटाए जा सकते हैं. सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक ग्राहकों को ये सुविधा मुहैया कराते हैं. इसके अलावा इस हड़ताल का बैंक एटीएम (Bank ATM) या यूपीआई सिस्टम पर असर पड़ने की संभावना नहीं है.

इसके अलावा HDFC Bank, ICICI Bank या Axix Bank समेत अन्य प्राइवेट बैंकों का कामकाज भी प्रभावित होने की आशंका नहीं है, क्योंकि बैंक यूनियंस की हड़ताल में इन निजी बैंकों के कर्मचारी शामिल नहीं हैं.

डॉन ब्रैडमैन ने भारतीय खिलाड़ी को गिफ्ट की थी अपनी कैप, अब ऑक्शन में लगी इतने करोड़ की बोली

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन क्रिकेट के प्रशंसकों के बीच आज भी उनका जलवा कायम है। करीब 70 साल पहले क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह डॉन ब्रैडमैन ही थे। उनके आंकड़े बताते हैं कि उनका खेल कैसा रहा होगा। क्रिकेट छोड़ने के 7 दशक के बाद और इस दुनिया को अलविदा कहने के ढाई दशक के बाद भी उनकी लोकप्रियता काफी है। यही वजह है कि 1947-48 में भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान पहनी गई ‘बैगी ग्रीन’ कैप सोमवार को गोल्ड कोस्ट ऑक्शन में 4.60 लाख डॉलर (करीब 4 करोड़ 22 लाख रुपये) में बिकी।

भूटान ने गेंदबाज़ी का फैसला

ब्रैडमैन ने यह कैप उस सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ी श्रीरंगा वासुदेव सोहोनी को भेंट की थी। सोहोनी के परिवार ने इसे पिछले 75 वर्षों तक सहेज कर रखा था और इसे कभी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया। ‘लॉयड्स ऑक्शंस’ द्वारा बेची गई इस बैगी ग्रीन पर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का ‘कोट ऑफ आर्म्स’ बना है और उसके नीचे ‘1947-48’ कढ़ा हुआ है।भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज 1947-48 ब्रैडमैन की आखिरी घरेलू टेस्ट सीरीज थी। इसके बाद उन्होंने 1948 में 99.94 के औसत के साथ क्रिकेट से संन्यास लिया। उन्हें खेल के इतिहास का महानतम बल्लेबाज माना जाता है। भारत ने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में इस यह श्रृंखला के लिए अपना पहला टेस्ट दौरा किया था। लाला अमरनाथ की अगुआई में भारतीय टीम ने ब्रैडमैन के नेतृत्व वाली मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम का पांच मैचों की श्रृंखला में सामना किया था। ऑस्ट्रेलिया ने श्रृंखला में 4-0 से जीत दर्ज की थी, जबकि एक मैच ड्रॉ रहा।नीलामी के दौरान इस टोपी को “हॉली ग्रेल ऑफ क्रिकेट (क्रिकेट का बेशकीमती या दुर्लभ चीज)” करार देते हुए ‘लॉयड्स ऑक्शनियर्स एंड वैल्यूअर्स’ के मुख्य परिचालन अधिकारी ली हेम्स ने कहा कि सोहोनी की ‘अंतिम इच्छा थी कि यह कैप ऑस्ट्रेलिया के पास रहे।’’ ‘गार्जियन’ की रिपोर्ट के अनुसार, हेम्स ने कहा, “यह 75 वर्षों तक छिपाकर रखी गई थी, यानी तीन पीढ़ियों तक ताले में बंद रही। परिवार के सदस्यों को भी 16 वर्ष की उम्र के बाद सिर्फ पांच मिनट के लिए इसे देखने की अनुमति थी।”‘लॉयड्स ऑक्शंस’ के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह टोपी अब ऑस्ट्रेलिया में ही रहेगी और इसे ‘‘किसी प्रमुख संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा।’’ टोपी के अंदर “डी. जी. ब्रैडमैन” और “एस. डब्ल्यू. सोहोनी” के नाम अंकित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नीलामी की बोली एक डॉलर से शुरू हुई और ऑस्ट्रेलिया, भारत और ब्रिटेन के खरीदारों की गहरी दिलचस्पी के बीच यह 4.60 लाख डॉलर में बिकीं।इसके मुताबिक, “75 वर्षों तक एक ही परिवार द्वारा सहेजी गई यह टोपी डॉन ब्रैडमैन के अजेय दौर और भारतीय टीम के साथ हुए यादगार आदान-प्रदान से जुड़ाव का प्रतीक है।” मौजूदा समय में ब्रैडमैन की केवल 11 ‘बैगी ग्रीन’ टोपी ज्ञात हैं। उस दौर में टेस्ट क्रिकेटरों को हर श्रृंखला के लिए अलग टोपी दी जाती थी। ब्रैडमैन की 1928 की पहली बैगी ग्रीन 2020 में 4.50 लाख डॉलर में बिकी थी, जबकि 1948 के इंग्लैंड दौरे की कैप 2003 में 4.25 अमेरिकी डॉलर में नीलाम हुई थी।ब्रैडमैन की एक “धूप से फीकी और घिसी हुई” ‘बैगी ग्रीन’ 2024 में 4,79,700 डॉलर में बिकी थी, जो उनकी पहनी गई किसी टोपी के लिए अब तक की सबसे ऊंची कीमत है। ‘बैगी ग्रीन’ के लिए सर्वकालिक रिकॉर्ड शेन वॉर्न की टोपी के नाम है, जो 2020 में ऑस्ट्रेलिया रेड क्रॉस ‘बुशफायर’ राहत के लिए 10,07,500 डॉलर में बिकी थी।

Previous articleवरुण धवन को मेट्रो में स्टंट करने पर पड़ी फटकार, ट्रोल बोले- करवा ली बेइज्जती? देखें क्या कर रहे थे
Next articleवायुसेना की कार्रवाई से पस्त हो गया था पाकिस्तान, लगाई थी संघर्षविराम की गुहार…रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
News Desk

बर्फबारी से हिमाचल में 1200 सड़कें ब्लॉक, कोल्ड वेव का अलर्ट…

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सोमवार को भारी बर्फबारी (Heavy snowfall) और बारिश (Rain) की वजह से राज्य भर में 1,250 से अधिक सड़कें बंद हो गईं. देश के अलग-अलग इलाकों से टूरिस्ट शिमला पहुंचे थे बर्फ देखने लेकिन अब मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. हिमाचल की वादियों में मौज लेने गए लोग सड़क जाम होने की वजह से फंस गए हैं. लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सड़कों को बहाल करने के लिए करीब 3,500 मशीनें और जेसीबी तैनात की हैं. लाहुल और स्पीति के ताबो गांव में तापमान शून्य से 10.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया.

 

मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए कुल्लू, किन्नौर, चंबा और लाहुल-स्पीति में भारी बर्फबारी का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. शिमला, सोलन और कांगड़ा सहित अन्य जिलों में बिजली और तेज हवाओं के साथ ‘येलो अलर्ट’ प्रभावी है. पर्यटकों को भारी ट्रैफिक जाम और पानी की किल्लत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

हालांकि, सरकार इस बर्फबारी को फसलों और जल स्रोतों के पुनर्भरण के लिए फायदेमंद मान रही है. प्रशासन ने पर्यटकों से जिम्मेदारी से यात्रा करने और मौसम की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है.

काम पर लगी कई हजार मशीनें…
PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, सरकार सड़कों को खोलने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है. सूबे राज्य के कई हिस्सों में स्नो ब्लोअर और जेसीबी मशीनें तैनात हैं. उन्होंने बताया कि हिमाचल में कुल 3,500 मशीनें काम पर लगी हैं और जरूरत पड़ने पर इनकी तादाद बढ़ाई जाएगी. मंत्री ने किसानों और बागवानों को बधाई देते हुए कहा कि यह बर्फबारी आगामी फसलों, विशेषकर पहाड़ी इलाकों के बगीचों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.

पर्यटकों में उत्साह लेकिन मुश्किल सफर…
सड़कों के बंद होने और कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटकों का तांता लगा हुआ है. दिल्ली से आए सैलानी दानियाल ने बताया कि ट्रैफिक और बर्फ की वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन वे बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं.

वहीं, तैयबा नाम की पर्यटक ने साझा किया कि सुबह के वक्त पीने का पानी और चाय मिलना भी मुश्किल हो गया था. सड़कें फिसलन भरी हैं और ट्रैफिक जाम की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे पर्यटक काफी असमंजस में हैं.

मौसम विभाग की चेतावनी!
शिमला स्थित मौसम केंद्र ने मंगलवार को भारी हिमपात की भविष्यवाणी की है. कुल्लू, किन्नौर, चंबा और लाहुल-स्पीति के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है, जहां भारी बर्फबारी के साथ बारिश की संभावना है.

वहीं, शिमला, सोलन, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है. इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और शीत लहर चलने का अनुमान है.

उमा भारती का प्रशासन पर तीखा हमला, अविमुक्तेश्वरानंद के अधिकारों की रखवाली

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

भोपाल। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब भारतीय जनता पार्टी की सीनियर नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व सीएम उमा भारती ने शंकराचार्य का समर्थन किया है. उन्होंने प्रशासन पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

बीजेपी नेता उमा भारती ने क्या कहा?

सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने लिखा कि मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज एवं उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा किंतु प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं एवं अधिकारों का उल्लंघन किया है, यह अधिकार तो सिर्फ शंकराचार्यों का एवं विद्वत परिषद का है।

‘स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर NSA लगना चाहिए’

वहीं, अयोध्या के छावनी धाम के परमहंस महाराज ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और सतुआ बाबा ने माघ मेले को बदनाम कर दिया है. दोनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA लगना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला का आयोजन किया जा रहा है।

18 जनवरी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी से गंगा स्नान के लिए जा रहे थे. पुलिस ने उन्हें पालकी के स्थान पर पैदल संगम नोज तक जाने के लिए कहा।

इस बात पर पुलिस और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों में झड़प हो गई. बीच-बचाव के बाद किसी तरह मामला सुलझा।

माघ मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दो नोटिस दिए. पहला नोटिस दिया गया, जिसमें पूछा गया था कि आप शंकराचार्य हैं इसका प्रमाण दीजिए. वहीं , दूसरा नोटिस मौनी अमावस्या के दिन हंगामा को लेकर दिया गया था।

इसके साथ ही प्रशासन ने चेतावनी देते हुए कहा था कि उन्हें माघ मेला से प्रतिबंधित किया जा सकता है. शंकराचार्य की ओर से दोनों नोटिस का जवाब दिया गया था।

T20 World Cup में ‘वाइल्ड कार्ड’ एंट्री पाने वाली स्कॉटलैंड टीम का ऐलान, अफगानी खिलाड़ी को दिया मौका

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

बांग्लादेश की जगह T20 World Cup 2026 खेलने भारत आ रही स्कॉटलैंड की टीम का ऐलान हो गया है। इस टीम में अफगानिस्तान में जन्मे खिलाड़ी को भी मौका दिया गया है, जो पहली बार इंटरनेशनल क्रिकेट खेलते हुए नजर आएंगे। स्कॉटलैंड की 15 सदस्यीय टीम में जैनुल्लाह इहसान को टी20 विश्व कप के लिए टीम में जगह मिली है। अफगानिस्तान में जन्मा ये तेज गेंदबाज ग्रुप में अकेला ऐसे प्लेयर हैं, जिन्होंने अभी तक कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। हाल ही में स्कॉटलैंड को रिप्रेजेंट करने के लिए जैनुल्लाह ने क्वालीफाई किया था।

भूटान ने गेंदबाज़ी का फैसला

रिची बेरिंगटन को इस टी20 विश्व कप के लिए स्कॉटलैंड की टीम का कप्तान बनाया गया है। वेस्टइंडीज और USA में 2024 में टी20 वर्ल्ड कप खेलने वाली टीम के 11 खिलाड़ियों को इस बार के मेगा इवेंट के लिए टीम में फिर से चुना गया है। टॉम ब्रूस, फिनले मैक्रीथ और ओलिवर डेविडसन पिछले साल स्कॉटलैंड की T20 और ODI टीम में शामिल होने के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में खेलने के लिए तैयार हैं। इस तरह ये चार नए नाम जैनुल्लाह इहसान समेत टीम में नए हैं।क्रिकेट स्कॉटलैंड के परफॉर्मेंस हेड स्टीव स्नेल ने जैनुल्लाह को लेकर कहा, “जैहिर है जैनुल्लाह इहसान के लिए यह एक शानदार मौका है और जब भी वह यूथ लेवल पर या ‘A’ स्क्वॉड के लिए खेले हैं, तो उन्होंने कई तरह के स्किल्स दिखाए हैं और असली पेस से बॉलिंग की है। हम उनके लिए बहुत खुश हैं और यह देखने के लिए एक्साइटेड हैं कि वह अपने पहले इंटरनेशनल टूर पर कैसा परफॉर्म करते हैं।”स्कॉटलैंड की टीम 20 टीमों वाले इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं थी, लेकिन बांग्लादेश की टीम ने भारत में टी20 विश्व कप खेलने से इनकार कर दिया था। ऐसे में आईसीसी को अपने प्लान बी पर जाना पड़ा। आईसीसी ने टॉप रैंक साइड स्कॉटलैंड को इस मेगा इवेंट के लिए न्योता दिया, जिसे स्कॉटलैंड ने स्वीकार किया।15 सदस्यीय टीम के अलावा 2 ट्रैवलिंग रिजर्व और 3 नॉन-ट्रैवलिंग रिजर्व खिलाड़ियों का भी ऐलान क्रिकेट स्कॉटलैंड ने किया है, क्योंकि उनके पास तैयारी का कम समय था। दो ट्रैवलिंग रिजर्व प्लेयर जैस्पर डेविडसन और जैक जार्विस हैं, जबकि तीन नॉन ट्रैवलिंग रिजर्व मैकेंजी जोन्स, क्रिस मैकब्राइड और चार्ली टियर का नाम शामिल है। फाइनल टीम अभी खिलाड़ियों और स्टाफ के वीजा अप्रूवल पर निर्भर है। स्कॉटलैंड अपना वर्ल्ड कप कैंपेन 7 फरवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू करेगा।

T20 World Cup 2026 के लिए स्कॉटलैंड का स्क्वॉड

रिची बेरिंगटन (कप्तान), टॉम ब्रूस, मैथ्यू क्रॉस, ब्रैडली करी, ओलिवर डेविडसन, क्रिस ग्रीव्स, ज़ैनुल्लाह इहसान, माइकल जोन्स, माइकल लीस्क, फिनले मैक्रीथ, ब्रैंडन मैकमुलेन, जॉर्ज मुनसे, सफयान शरीफ, मार्क वॉट और ब्रैडली व्हील

ट्रैवलिंग रिजर्व: जैस्पर डेविडसन, जैक जार्विस

नॉन-ट्रैवलिंग रिजर्व: मैकेंजी जोन्स, क्रिस मैकब्राइड, चार्ली टियर

UCC का संशोधित अध्यादेश लागू, लिव-इन केस में किया बदलाव, एक क्लिक में जानिए सब कुछ

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 में आवश्यक संशोधनों हेतु समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026 को राज्यपाल की स्वीकृति के उपरांत लागू कर दिया गया है. यह अध्यादेश संविधान के अनुच्छेद 213 के अंतर्गत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा जारी किया गया है. यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.

बता दें कि 27 जनवरी 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता उत्तराखंड 2024 लागू किया था. कल 27 जनवरी 2026 को उत्तराखंड में यूसीसी लागू हुए पूरा एक साल हो जाएगा. इस दिन को उत्तराखंड सरकार भी यूसीसी दिवस के रुप में मना रही है. इस मौके पर प्रदेश भर में कई कार्यक्रम किए जाएंगे. इस कानून के लागू होने के बाद समय-समय पर परिस्थितियों और कानून के मौजूद कुछ खामियों को दूर करने के लिए संशोधन किया गया.

बीते साल अगस्त 2025 में यूसीसी में कुछ संशोधन किए गए थे, जिन्हें मंजूरी के लिए लोकभवन (राजभवन) को भेजा गया था, लेकिन प्रस्ताव में कुछ तकनीकी खामियां थी, जिसके चलते लोकभवन ने यूसीसी संशोधन प्रस्ताव को 18 दिसंबर 2025 को वापस लौटा दिया था. इसके बाद उन कमियों को दूर करते हुए यूसीसी संशोधन प्रस्ताव को 15 जनवरी को हुई मंत्रिमंडल के सम्मुख रखा गया, जिस पर मंत्रिमंडल ने अध्यादेश के जरिए आवश्यक संशोधन की मंजूरी दे दी थी. इस संशोधन प्रस्ताव को धर्मस्व एवं संस्कृति विभाग की ओर से राज्यपाल की मंजूरी के लिए लोक भवन भेजा गया था. आज 26 जनवरी को यूसीसी के संशोधन प्रस्ताव पर राज्यपाल ने मोहर लगा दी है.

संशोधन के बाद ये प्रमुख बिंद लागू

  • आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 के स्थान पर अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 तथा दंडात्मक प्रावधानों के लिए भारतीय न्याय संहिता, 2023 को लागू किया गया है.
  • धारा 12 के अंतर्गत ‘सचिव’ के स्थान पर ‘अपर सचिव’ को सक्षम प्राधिकारी नामित किया गया है.
  • उप-पंजीयक द्वारा निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई न किए जाने की स्थिति में प्रकरण स्वतः पंजीयक एवं पंजीयक जनरल को अग्रेषित किए जाने का प्रावधान किया गया है.
  • उप-पंजीयक पर लगाए गए दंड के विरुद्ध अपील का अधिकार प्रदान किया गया है और दंड की वसूली भू-राजस्व की भांति किए जाने का प्रावधान जोड़ा गया है.
  • विवाह के समय पहचान से संबंधित गलत प्रस्तुति को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है.
  • विवाह एवं लिव-इन संबंधों में बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं.
  • लिव-इन संबंध की समाप्ति पर पंजीयक द्वारा समाप्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है.
  • अनुसूची-2 में ‘‘विधवा’’ शब्द के स्थान पर ‘जीवनसाथी’ शब्द का प्रतिस्थापन किया गया है.
  • विवाह, तलाक, लिव-इन संबंध एवं उत्तराधिकार से संबंधित पंजीकरण को निरस्त करने की शक्ति पंजीयक जनरल को प्रदान की गई है.

‘बॉर्डर 2’ ने ‘धुरंधर’ को पछाड़ा, दुनिया भर में गाड़े झंडे, वर्ल्डवाइड की इतनी कमाई

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

बॉर्डर 2’ सिर्फ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं, दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। सनी देओल की वॉर ड्रामा फिल्म ने चार दिनों में ही रणवीर सिंह की सुपरहिट फिल्म ‘धुरंधर’ को पछाड़ दिया है। इतना ही नहीं, ‘बॉर्डर 2’ ने सलमान खान की ‘सिकंदर’ (184 करोड़) और अजय देवगन की ‘रेड 2’ (243 करोड़) जैसी बड़ी फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया।

वर्ल्डवाइड कितनी हुई है ‘बॉर्डर 2’ की कमाई?

‘बॉर्डर 2’ ने चार दिनों में भारतीय बॉक्स ऑफिस से 177 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। वहीं वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस की बात करें तो फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस से चार दिनों में 251 करोड़ रुपये की कमाई की है।

बॉर्डर 2 की चौथे दिन की कमाई के अपडेट

‘धुरंधर’ को छोड़ा पीछे

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने पहले चार दिनों में वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस से 193 करोड़ रुपये की कमाई की थी। वहीं सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस से 251 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। मतलब ‘बॉर्डर 2’ ने सिर्फ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं वर्ल्डवाइड भी ‘धुरंधर’ को मात दे दी है।

‘बॉर्डर 2’ के बारे में

‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल के साथ वरुण धवन, अहान शेट्टी, दिलजीत दोसांझ, मोना सिंह, सोनम बाजवा, मेधा राणा और अन्या सिंह भी हैं। ये फिल्म साल 2026 में आई बॉलीवुड की पहली बड़ी फिल्म है। बता दें, ये जेपी दत्ता की 1997 की आइकॉनिक हिट ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है जिसमें सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और जैकी श्रॉफ थे।

WPL 2026 Points Table में अभी भी है RCB का दबदबा, प्लेऑफ्स के लिए 4 टीमों में जंग

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

वुमेंस प्रीमियर लीग यानी डब्ल्यूपीएल 2026 में लगातार पांच जीत के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी को पिछले दोनों मैचों में हार मिली है। स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली आरसीबी पहले ही प्लेऑफ्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी है, लेकिन लीग फेज के आखिरी में दो बड़े झटके हार के तौर पर टीम को लगे हैं। इससे टीम के फाइनल में एंट्री करने पर थोड़ा सा विराम लगा है, लेकिन अभी भी टीम पॉइंट्स टेबल में अपना दबदबा कायम किए हुए हैं। अन्य किसी टीम ने तो अभी तक प्लेऑफ्स में भी जगह नहीं बनाई है।

भूटान ने गेंदबाज़ी का फैसला

आरसीबी के खाते में अभी 10 अंक हैं और टीम 5 टीमों वाले टूर्नामेंट की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर है। दूसरे नंबर पर मुंबई इंडियंस जरूर है, लेकिन 7 मैचों के बाद एमआई के खाते में 6 ही अंक हैं। इतने ही अंक गुजरात जायंट्स के खाते में भी हैं, जिसने 6 मुकाबले खेले हैं। हालांकि, नेट रन रेट एमआई का ज्यादा है। ऐसे में वह नंबर 2 पर है। पॉइंट्स टेबल में चौथे नंबर पर दिल्ली कैपिटल्स है। दिल्ली की टीम भी 6 में से 3 मुकाबले जीत चुकी है और खाते में 6 अंक हैं। हालांकि, नेट रन रेट दिल्ली का मुंबई और गुजरात से बेहतर नहीं हैं।वहीं, वुमेंस प्रीमियर लीग के चौथे सीजन की पॉइंट्स टेबल में सबसे आखिरी पायदान पर यूपी वॉरियर्स है, जो 6 में से 2 ही मुकाबले अभी तक जीती है। दो मुकाबले इस टीम के बाकी हैं और खाते में 4 अंक हैं। अभी भी यूपी वॉरियर्स के पास प्लेऑफ्स के लिए क्वालीफाई करने का मौका है, लेकिन इसके लिए यूपी को अपने बाकी बचे दोनों मैच जीतने होंगे। इनमें से एक मैच आरसीबी और एक मैच दिल्ली के खिलाफ है। कुलमिलाकर अभी आरसीबी के क्वालीफाई करने के बावजूद चारों टीमें प्लेऑफ्स की रेस में हैं। दूसरे और तीसरे नंबर की टीम को एलिमिनेटर खेलना है, जबकि टॉप पर रहने वाली टीम सीधे फाइनल में प्रवेश करेगी।

टीम    मैच    जीत    हार    नो रिजल्ट    पॉइंट्स    नेट रन रेट

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु    7    5    0    0    10    +0.997
मुंबई इंडियंस    7    3    4    0    6    +0.146
दिल्ली कैपिटल्स    6    3    3    0    6    -0.169
गुजरात जाएंट्स    6    3    3    0    6    -0.341
यूपी वॉरियर्स    6    2    4    0    4    -0.769

 

हिमाचल में जमकर हुई बर्फबारी, मनाली में सैकड़ों पर्यटक फंसे, रास्तों पर लग गया लंबा जाम

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

मनाली। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में 23 जनवरी से जारी भारी बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मनाली और इसके आसपास के क्षेत्रों में कुदरत के सफेद कहर की वजह से सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे सैकड़ों पर्यटक बीच रास्ते में फंस गए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह मनाली के सोलंगनाला में एक बार फिर बर्फबारी शुरू हो गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। सड़कों पर जमी बर्फ की मोटी चादर के कारण नेशनल हाईवे-3 पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने सोमवार को सोलंगनाला तक सड़क साफ करने का काम किया, लेकिन वर्तमान में वहां केवल छोटे और हल्के वाहनों को ही आवाजाही की अनुमति दी गई है। बसों का संचालन अभी भी बाधित है और वे मनाली से करीब 16 किलोमीटर दूर पतलीकुहल तक ही जा पा रही हैं। रविवार की तुलना में स्थिति में मामूली सुधार जरूर हुआ है, लेकिन पर्यटकों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। पिछले दिनों मनाली में 15 किलोमीटर लंबा भारी ट्रैफिक जाम देखा गया, जहां पर्यटकों को कड़कड़ाती ठंड में अपना सामान उठाकर पैदल चलते हुए देखा गया।
जिला प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य सड़कें बंद होने के कारण पर्यटक अपने होटलों तक ही सीमित हैं। सड़कों से बर्फ हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बहाल करने में अभी कुछ समय और लग सकता है। फिसलन भरी सड़कों को देखते हुए पतलीकुहल से मनाली की ओर केवल चार पहिया वाहनों को ही जाने दिया जा रहा है। मौसम विभाग ने 27 जनवरी के लिए भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे पतलीकुहल-मनाली और मणिकरण-भुंतर मार्ग के पूरी तरह बंद होने का खतरा बढ़ गया है। पुलिस और प्रशासन ने पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम साफ होने तक ऊंचे इलाकों, नदियों, नालों और हिमस्खलन की संभावना वाले क्षेत्रों की ओर न जाएं। कुल्लू पुलिस के अनुसार, यदि मौसम और बिगड़ता है तो केवल 4गुणा4 वाहनों को ही आगे बढ़ने की अनुमति होगी। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों, जैसे राइट बैंक मार्ग, का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है। खराब मौसम और तूफान की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सभी से सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने का आग्रह किया है।

Previous articleमहाकाल मंदिर गर्भगृह में VIP दर्शन पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
News Desk