सब कुछ ठीक, सब एक साथ- राहुल और खरगे से मुलाकात के बाद बोले शशि थरूर

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली: कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर (Shashi Tharoor) की लंबे समय से पार्टी के प्रति नाराजगी के कयास लगाए जाते रहे हैं. नाराजगी की खबरों के बीच थरूर ने आज गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. देर तक चली मुलाकात के बाद थरूर ने कहा कि सब कुछ ठीक है और सब एक साथ हैं.

संसद भवन स्थित मल्लिकार्जुन खरगे के ऑफिस में यह मुलाकात हुई. केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद थरूर ने इस मुलाकात को बहुत अच्छी, सार्थक और सकारात्मक करार दिया. शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “सब कुछ ठीक है और हम सब एक साथ आगे बढ़ रहे हैं.”

थरूर ने कहा, “मेरी पार्टी के 2 नेताओं, नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) और कांग्रेस अध्यक्ष (खरगे) के साथ हमारी बातचीत हुई. हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक, सकारात्मक बातचीत हुई. अब सब ठीक है और हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. मैं और क्या कह सकता हूं? मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है, मैंने कहां प्रचार नहीं किया है?”

 

अगले कुछ महीने में केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार की संभावना को लेकर शशि थरूर ने कहा, “मैंने हमेशा प्रचार किया है, आगे भी प्रचार करता रहूंगा.”

उन्होंने केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी से इनकार करते हुए कहा कि यह उनके लिए कभी मुद्दा ही नहीं रहा. क्या केरल के मुख्यमंत्री के बारे में बात हुई के सवाल पर उन्होंने कहा, “नहीं, इस बारे में कभी बात नहीं हुई. मुझे किसी भी चीज के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है. मैं पहले से ही सांसद हूं और तिरुवनंतपुरम के मेरे वोटर्स का मुझ पर भरोसा है. मुझे संसद में उनके हितों का ध्यान रखना है, यही मेरा काम है.” उनका कहना है कि मैं मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं हूं, मैं पहले से सांसद हूं.

शशि थरूर की नाराजगी को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे हैं. इससे पहले पिछले दिनों कांग्रेस सांसद थरूर ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से मना कर दिया, जिनमें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPM) की ओर उनके झुकाव की अटकलें लगाई जा रही थीं.

अटकलें तब से लगाई जाने लगी हैं जब से उन्होंने कांग्रेस की कई बैठकों से दूरी बनाकर रखी. पिछले दिनों एक अहम बैठक में नहीं आने पर सफाई में कहा कि उनके पास न्योता इतनी देर से आया कि उनके पास अपने पहले से तय कार्यक्रम को बदलने का कोई विकल्प नहीं था. यह बैठक पिछले दिनों सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित की गई थी.

UGC New Rule पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, जातिगत भेदभाव को लेकर उठे सवाल

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

UGC New Rule को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान इन नियमों को लेकर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि ये नियम अस्पष्ट हैं तथा इनके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश ने जातिविहीन समाज की दिशा में काफी कुछ हासिल किया है, ऐसे में यह देखना होगा कि कहीं हम उल्टी दिशा में तो नहीं बढ़ रहे।

अगली सुनवाई कब होगी?

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील विष्णु जैन ने अदालत में दलील दी कि UGC के रेगुलेशन के सेक्शन 3C, जिसमें SC, ST और OBC से जुड़े प्रावधान हैं, जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नियमों पर रोक लगाते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

CJI सूर्यकांत की अहम टिप्पणी

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) छात्रों के लिए अलग-अलग हॉस्टल जैसी व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्ग में भी कई लोग अब आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध हो चुके हैं और उनके पास अन्य छात्रों की तुलना में बेहतर सुविधाएं मौजूद हैं।

UGC के नए नियमों पर विवाद क्यों?

UGC ने 13 जनवरी 2026 को ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स’ के तहत नए नियम लागू किए थे। इन नियमों का उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति, लिंग, धर्म, जन्मस्थान आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना था।

 

अलविदा अजित पवार, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, बेटों ने दी मुखाग्नि

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

बारामती. महाराष्ट्र (Maharashtra) के उपमुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख अजित पवार (Ajit Pawar) का बुधवार सुबह विमान हादसे (plane crash) में निधन हो गया। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। अजित का अंतिम संस्कार आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया गया। बेटे पार्थ और जय पवार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अपने नेता के आखिरी दर्शन करने के लिए समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग नम आंखों से अजित पवार को अंतिम विदाई दी।

 

दोनों बेटों ने दी पिता को मुखाग्नि
दोनों बेटों पार्थ और जय ने अपने पिता अजित पवार को मुखाग्नि दी।

राजकीय सम्मान के साथ हुआ अजित पवार का अंतिम संस्कार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

गडकरी ने अर्पित की अंतिम श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बारामती में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

शिंदे ने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजीत पवार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

अंतिम संस्कार में पहुंचे अभिनेता रितेश देशमुख
अजित पवार के अंतिम संस्कार में पहुंचे अभिनेता रितेश देशमुख।

फडणवीस ने अजित पवार को अर्पित किया पुष्पचक्र
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

 

नितिन नवीन ने अजित पवार को पुष्पांजलि अर्पित की
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अजित पवार को अर्पित की पुष्पांजलि, दी अंतिम विदाई।

शाह, फडणवीस, नीतीन नवीन समेत दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नीतीन नवीन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और नितीन गडकरी ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

घरेलू कामगारों की याचिका पर CJI की सख्त टिप्पणी, सुनवाई से किया इनकार

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली|देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई थी कि घरेलू कामगारों या घरेलू सहायकों को न्यूनतम मजदूरी पाने का मौलिक अधिकार है पेन थोजिलालारगल संगम और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन लागू करने जैसे नीतिगत फैसले राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इस पर न्यायपालिका का हस्तक्षेप सीमित है।CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आशंका जताई कि यदि घरेलू कामगारों के लिए अनिवार्य न्यूनतम वेतन तय किया गया, तो इसके उलटे परिणाम हो सकते हैं। CJI ने कहा, “अगर ऐसा हुआ तो हर घर मुकदमे में फंस जाएगा।” इसके आगे मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “न्यूनतम वेतन तय होते ही हर घर मुकदमेबाजी में फंस जाएगा। लोग घरेलू कामगार रखना ही बंद कर देंगे। ट्रेड यूनियनें हर घर को अदालत तक घसीटेंगी।” इसके साथ ही CJI ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई उद्योगों में ट्रेड यूनियनों के हस्तक्षेप के बाद रोजगार के अवसर घटे हैं और घरेलू कामगारों के मामले में भी ऐसा ही हो सकता है।

भगवान के लिए ऐसा मत करो, UGC नियमों पर रोक लगाते हुए CJI ने कह दी बड़ी बात

मौलिक अधिकार की दलील पर कोर्ट ने जताई चिंता

हालांकि, सुनवाई के दौरान पीठ ने माना कि यह तर्क आकर्षक लगता है कि न्यूनतम वेतन के बिना घरेलू कामगारों के समानता, गैर-भेदभाव और निष्पक्ष रोजगार से जुड़े अधिकार (अनुच्छेद 14, 15, 16) प्रभावित होते हैं, लेकिन कोर्ट ने आगाह किया कि अति-सक्रिय ट्रेड यूनियनें इन कामगारों को और बदतर हालात में छोड़ सकते हैं। CJI ने कहा, “कृपया इसके परिणामों पर विचार करें। ट्रेड यूनियनें अंत में इन्हें छोड़ देंगी और इनके पास कहीं जाने की जगह नहीं बचेगी।”

एजेंसियों के शोषण पर भी सवाल

बार एंड बेंच के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू कामगारों को रोजगार देने वाली एजेंसियों की भूमिका पर भी चिंता जताई। मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में भी पहले एजेंसियों के जरिए कामगार रखे गए थे। उन्होंने कहा, “हम एजेंसियों को 40,000 रुपये प्रति कर्मचारी देते थे, लेकिन उन गरीब लड़कियों को सिर्फ 19,000 रुपये मिलते थे। यही वजह है कि भरोसा टूटता है।” उन्होंने कहा कि कई आपराधिक घटनाएं भी तब सामने आती हैं, जब घरेलू कामगार एजेंसियों के माध्यम से रखे जाते हैं, न कि सीधे मानवीय संपर्क के आधार पर।आरक्षण के लिए धर्मांतरण करा रहे हैं सवर्ण; CJI सूर्यकांत बोले- यह नया फर्जीवाड़ याचिका पर अदालत का रुख अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता जिस तरह का आदेश चाहते हैं, उसके लिए कानून में संशोधन जरूरी होगा और ऐसा निर्देश देना न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा, “जब तक विधायिका से कानून बनाने को नहीं कहा जाता, तब तक कोई प्रभावी आदेश पारित नहीं किया जा सकता। ऐसा निर्देश देना इस अदालत के लिए उचित नहीं है।” हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्यों को घरेलू कामगारों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और शोषण रोकने के लिए उपयुक्त तंत्र विकसित किया जाना चाहिए।

क्या थी याचिका

याचिका में मांग की गई थी कि घरेलू कामगारों को न्यूनतम वेतन का मौलिक अधिकार घोषित किया जाए और उन्हें न्यूनतम वेतन अधिनियम या वेज कोड, 2019 से बाहर रखने को असंवैधानिक ठहराया जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि सिंगापुर जैसे देशों में घरेलू कामगारों के लिए छुट्टी और अन्य अधिकार अनिवार्य हैं। इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि घरेलू कामगारों के लिए कोई कल्याणकारी कानून नहीं हैं। उन्होंने असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय आर्थिक नीतियों के मामलों में बेहद सतर्क रहता है।

रणवीर सिंह के खिलाफ बेंगलुरु में FIR, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

बेंगलुरु: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ बुधवार को बेंगलुरु में एक FIR दर्ज की गई है। अभिनेता पर आरोप है कि उन्होंने एक सार्वजनिक मंच पर दिए गए बयान से धार्मिक भावनाओं को आहत किया। यह मामला कर्नाटक की पारंपरिक ‘भूत कोला’ और दैव परंपरा से जुड़ा बताया जा रहा है। फिलहाल यह आरोप जांच के दायरे में हैं और रणवीर सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता प्रशांत मेथिल (46) के अनुसार, रणवीर सिंह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मजाकिया अंदाज में कुछ एक्सप्रेशन दिए और उसकी तुलना फिल्म कांतारा में दिखाई गई दैव परंपरा से की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभिनेता ने चावुंडी दैव को “महिला भूत” कहकर संबोधित किया, जिससे समाज के कुछ वर्गों की धार्मिक आस्थाएं आहत हुईं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि देवताओं को इस तरह संबोधित करना निंदनीय है और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह टिप्पणी जानबूझकर एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर की गई।

किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (ACJM) अदालत के निर्देश पर बेंगलुरु पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गोवा में हुआ था कार्यक्रम

बताया जा रहा है कि जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद हुआ, वह 28 जनवरी 2026 को गोवा में आयोजित किया गया था। FIR दर्ज होने के समय रणवीर सिंह न्यूयॉर्क में हैं, जहां वे एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने गए हैं।

अजित पवार की मौत के बाद कौन संभालेगा NCP की कमान… इन चार नेताओं पर नजरें!

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

मुम्बई। महाराष्ट्र (Maharashtra) के उप मुख्यमंत्री (Deputy Chief Minister) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party- NCP) के मुखिया अजित पवार (Ajit Pawar) की विमान हादसे में दर्दनाक मौत ने न सिर्फ राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है बल्कि उनकी पार्टी एक ऐसे असमंजस भरे मोड़ पर आ खड़ी हुई है, जिसके भविष्य पर अटकलों का बाजार गर्म हो चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी इस पर अलग-अलग मत है। कुछ का मानना है कि पार्टी का देर-सबेर शरद पवार (Sharad Pawar) गुट वाले NCP में विलय हो सकता है क्योंकि खुद अजित पवार इसकी अगुवाई कर रहे थे, तो दूसरी तरफ कुछ जानकारों का कहना है कि फिलहाल पार्टी महायुति गठबंधन का हिस्सा ही बनी रहेगी।

पार्टी की अगुवाई कौन करेगा, इस पर भी संशय के बादल हैं। हालांकि, कमोबेश सभी विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी की कमान पवार परिवार के पास ही रहेगा। चेहरा भले ही सुनेत्रा पवार हों या पार्थ पवार या फिर कोई और पवार लेकिन पर्दे के पीछे पार्टी के कुछ नेता सभी अहम फैसले कर सकते हैं। राजनीतिक जानकार ये भी कह रहे हैं कि NCP के सामने फिलहाल दो रास्ते हैं, पहला, परिवार और सहानुभूति आधारित नेतृत्व का और दूसरा अनुभव और संगठनात्मक मजबूती पर आधारित फैसला। उनके मुताबिक, डिप्टी सीएम पद केवल सम्मान का सवाल नहीं, बल्कि महायुति सरकार की स्थिरता और 2029 की चुनावी रणनीति से भी जुड़ा है।

 

चार चेहरे कौन?
ऐसे में अंतिम फैसला सिर्फ NCP के भीतर नहीं, बल्कि भाजपा नेतृत्व और गठबंधन समीकरणों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। दरअसल, अजित पवार की राजनीतिक विरासत भारी है और उसी विरासत को संभालने के लिए NCP को अब भावना और व्यवहारिक राजनीति के बीच संतुलन साधना होगा। इन सबके बीच पार्टी के चार चेहरों का जिक्र होने लगा है, जो संकटमोचक बनकर उभर सकते हैं। अजित पवार गुट के पास इस वक्त 41 विधायक हैं। स्पष्ट उत्तराधिकारी न होने की स्थिति में पार्टी किसी अनुभवी नेता को आगे कर सकती है। इस कड़ी में चार बड़े नाम सामने हैं:

प्रफुल्ल पटेल
प्रफुल्ल पटेल NCP के सबसे वरिष्ठ और कद्दावर नेताओं में गिने जाने जाते हैं। पार्टी विभाजन के समय प्रफुल्ल पटेल अजित पवार के साथ मजबूती से खड़े रहे। उनके पास केंद्र और राज्य दोनों स्तरों का अनुभव है। उनकी एक राष्ट्रीय पहचान है और महायुति में भी स्वीकार्यता है। इसलिए वह एक संतुलित विकल्प बनकर उभर सकते हैं। 1957 में जन्मे, पटेल को पूर्व केंद्रीय मंत्री के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने यूपीए सरकार में नागरिक उड्डयन और भारी उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला है। वे शरद और अजित पवार के करीबी माने जाते रहे हैं। एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और पार्टी में दूसरे नंबर की हैसियत के साथ वह महाराष्ट्र के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय रहे हैं। छह बार सांसद रहे हैं।

छगन भुजबल
ओबीसी (माली) समुदाय से आने वाले छगन भुजबल के पास करीब 40 वर्षों का राजनीतिक अनुभव है। उनके पास मजबूत ओबीसी आधार है। वह मराठी राजनीति में पिछड़ा वर्ग की प्रभावी आवाज और NCP के सबसे अनुभवी चेहरों में एक हैं। अजित पवार के साथ उनके खड़े रहने से यह संकेत भी मिलता है कि पार्टी उन्हें भरोसेमंद मानती है। वह दो बार डिप्टी सीएम भी रह चुके हैं। मौजूदा फडणवीस सरकार में वह मंत्री हैं। उन्होंने 1960 के दशक में शिवसेना के साथ सियासी सफर की शुरुआत की, मुंबई के मेयर रहे, और बाद में एनसीपी में शामिल हो गए।

धनंजय मुंडे
मराठवाड़ा और बीड क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाले धनंजय मुंडे संगठन और गठबंधन दोनों में संतुलन साधने की क्षमता रखते हैं। भाजपा नेतृत्व से उनकी नजदीकी और महायुति में उनकी भूमिका उन्हें पावर ब्रिज के रूप में स्थापित करती है। वह दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे के भतीजे हैं, जिन्होंने अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया है। वे महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता, सामाजिक न्याय मंत्री, और बीड जिले के पालक मंत्री (Guardian Minister) रह चुके हैं। एक सरपंच की हत्या के मामले में नाम आने के बाद पिछले साल मार्च 2025 में उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

सुनील तटकरे
सुनील तटकरे फिलहाल NCP के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हैं और लोकसभा में पार्टी के इकलौते सांसद हैं। तटकरे संगठनात्मक दृष्टि से बेहद मजबूत माने जाते हैं। कोकण क्षेत्र में उनकी पकड़ और विधानसभा–लोकसभा दोनों में अनुभव उन्हें पार्टी का स्थिर चेहरा बना सकता है। वह वे राज्य सरकार में वित्त, जल संसाधन और ऊर्जा जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाल चुके हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबर आजम का नाम सुनकर चिढ़ गए पाकिस्तान टीम के कप्तान, बोले- एक दिन…

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

पाकिस्तान की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घर पर 3 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलने वाली है। इसकी शुरुआत आज यानी 29 जनवरी से हो रही है। इस मुकाबले से पहले पाकिस्तान टीम के कप्तान सलमान अली आगा प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए और उन्होंने तमाम सवालों के जवाब दिए, लेकिन जब उनसे बाबर आजम की स्लो बैटिंग को लेकर पूछा गया तो वे बाबर के बारे में सुनते ही चिढ़ गए और उन्होंने कहा कि उनकी ख्वाहिश है कि एक दिन वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में आएं और उस दिन बाबर की बात न हो। उन्होंने कहा कि टीम में 14 खिलाड़ी और भी हैं।लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में मैच की पूर्व संध्या पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान अली आगा से पूछा गया कि बीबीएल में उनका प्रदर्शन खराब था। उनकी स्लो बैटिंग थी। क्या वे इसमें सुधार करेंगे? इसके जवाब में सलमान अली आगा ने कहा, “मेरी तो एक ही ख्वाहिश है कि किसी दिन मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में आऊं तो बाबर के बारे में ना सवाल हो। मतलब और भी 14 लोग हैं टीम में और भी बैट्समैन हैं उनके बारे में भी सोचे उनके बारे में भी बात किया करें। छोड़ दें उननको करने दें बैटिंग अब। वह अच्छी बैटिंग ही कर रहे थे। आप बिग बैश में कह सकते हैं कि वह उस तरह की परफॉर्मेंस नहीं कर सके, जिस तरह की उनकी टीम उनसे उम्मीद कर रही होगी, लेकिन हमारे लिए वह बहुत अच्छी परफॉर्मेंस कर रहे हैं मेरे ख्याल से। जो उनका रोल है वह उसको बहुत अच्छे तरीके से निभा रहे हैं और अब मेरे लिए वही मैटर करता है। बिग बैश में क्या हुआ? मुझे उससे कोई फर्क ही नहीं पड़ता।”आपको बता दें, पत्रकार कप्तान सलमान आगा से उस प्रदर्शन के बारे में बात कर रहे थे, जो उन्होंने हाल ही में समाप्त हुई बिग बैश लीग यानी बीबीएल में किया था। वे फाइनल से पहले ही टीम से ड्रॉप कर दिए गए थे और बहाना दिया गया था कि वे नेशनल ड्यूटी की वजह से टीम छोड़ रहे हैं। बाबर आजम ने बीबीएल में 11 मैचों में कुल 202 रन बनाए। 58 उनका बेस्ट स्कोर था। औसत उनका 22.44 का था, जबकि स्ट्राइक रेट 103.06 का था। 19 चौके और 3 छक्के पूरे सीजन में उन्होंने लगाए।

Previous articleमहाराष्ट्र का डिप्टी CM कौन बनेगा? सुनेत्रा पवार के नाम पर सियासी चर्चा तेज, जाने भाजपा का क्‍या है मूड?
Next articleU19 वर्ल्ड कप में भारत का अगला मैच पाकिस्तान से; जानें कब, कहां और कैसे देखें लाइव?
News Desk

रिटायरमेंट पर नहीं मिलेगा गोल्ड प्लेटेड चांदी का सिक्का

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Railway Employee New Rule:  रेलवे ने अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए 20 साल से चली आ रही एक परंपरा को खत्म कर दिया है। अब रिटायर होने वाले रेल कर्मचारियों और अधिकारियों को गोल्ड प्लेटेड चांदी का सिक्का नहीं दिया जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

अब तक रिटायरमेंट के समय रेलवे कर्मचारियों को यादगार के तौर पर लगभग 20 ग्राम का सोने की परत चढ़ा हुआ चांदी का सिक्का दिया जाता था, लेकिन अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

कब शुरू हुई थी यह परंपरा?

रेलवे में रिटायर कर्मचारियों को चांदी का सिक्का देने की परंपरा मार्च 2006 में शुरू हुई थी।

रेलवे बोर्ड की ओर से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने या निर्धारित सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को यह सिक्का भेंट किया जाता था।

इसका उद्देश्य कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई देना था।

अब नए आदेश के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों को यह सिक्का नहीं दिया जाएगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

जानकारी के मुताबिक, इस परंपरा को खत्म करने के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं—

कीमत में भारी बढ़ोतरी

वर्ष 2006 में इस सिक्के की कीमत लगभग 1000 रुपए थी।

वर्तमान में इसकी कीमत बढ़कर करीब 10 हजार रुपए हो गई है।

भ्रष्टाचार और मिलावट के मामले

हाल ही में सामने आया कि कुछ रिटायर्ड कर्मचारियों को दिए गए सिक्के मिलावटी थे।

जांच में पाया गया कि सिक्कों में चांदी की मात्रा बेहद कम थी और वे ज्यादातर तांबे के बने थे।

इन दोनों कारणों को देखते हुए रेलवे ने इस परंपरा को समाप्त करने का फैसला लिया है।

आदेश किसने जारी किया?

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद रेलवे बोर्ड की प्रधान कार्यकारी निदेशक रेनू शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। साथ ही इस विषय से जुड़े पुराने सभी आदेशों को भी निरस्त कर दिया गया है।

ममता ने इतने साल शासन के बाद भी युवाओं के लिए कुछ भी नहीं किया: अग्निमित्रा पॉल

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

दुर्गापुर। बंगाल से भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतने सालों के शासनकाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज तक जनता के कल्याण के लिए कोई काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि 2008 में जब टाटा का नैनो प्रोजेक्ट बंगाल के सिंगूर में आया था, तब उस कंपनी को वापस भेज दिया था। तब ममता बनर्जी ने कहा था कि हम प्रदेश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार दूंगी। लेकिन, इतने सालों के शासनकाल में उनकी सरकार ने युवाओं के लिए कुछ नहीं किया। भाजपा विधायक ने कहा कि इन लोगों ने सत्ता में रहते हुए युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन, इतने सालों के शासनकाल में इन लोगों ने आज तक किसी भी युवा को रोजगार देने का फैसला नहीं किया। अगर दिया होता, आज की तारीख में युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ता। ममता बनर्जी ने सिर्फ प्रदेश के लोगों के साथ छलावा किया है।
उन्होंने कहा कि ममता ने लगातार प्रदेश में निवेश से संबंधित कई तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में दावा किया गया है कि हम प्रदेश में निवेश को लाने का मार्ग प्रशस्त कर रहे है। लेकिन, आज तक प्रदेश में किसी भी प्रकार के निवेश को नहीं लाया गया। लेकिन, स्थिति ऐसी बनी हुई है कि युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की शरण लेनी पड़ रही है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस दिशा में पूरी तरह से उदासीन बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी हमारे बंगाल में आए। उन्होंने हमसे वादा किया है कि आगामी दिनों में पश्चिम बंगाल को उत्पादन का केंद्र बनाया जाएगा। इससे अन्य लोगों को रोजगार मिलेगा। हमारे राज्य में प्रचुर मात्रा में संसाधन है, जिनका इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन, अफसोस की बात है कि ममता बनर्जी को प्रदेश की जनता ने मौका दिया। आज तक उन्होंने प्रदेश की जनता के हित के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

Previous articleसाध्वी प्रेम बाईसा की जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
Next articleपंचतत्व में विलीन हुए अजित ‘दादा’, बेटों ने दी मुखाग्नि
News Desk

U19 वर्ल्ड कप में भारत का अगला मैच पाकिस्तान से; जानें कब, कहां और कैसे देखें लाइव?

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

 इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप का महामुकाबला रविवार, 1 फरवरी को खेला जाना है। U19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के नजरिए से यह मैच काफी अहम रहने वाला है। टीम इंडिया अभी तक अपने सभी मुकाबले जीतकर यहां पहुंची है, वहीं पाकिस्तान को इंग्लैंड के हाथों ग्रुप स्टेज में हार का सामना करना पड़ा था। भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अधिक है, क्योंकि उनके खाते में पहले से ही 6 अंक है, वहीं पाकिस्तान 4 पॉइंट्स के साथ तीसरे पायदान पर है। अगर भारत इस मैच में पाकिस्तान को हराने में कामयाब रहता है तो टीम इंडिया को सेमीफाइनल का टिकट मिल जाएगा, वहीं पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। अगर पाकिस्तान यह मैच जीतता है तो मामला नेट रन रेट पर अटकेगा। आईए एक नजर IND vs PAK अंडर-19 वर्ल्ड कप की कुछ अहम जानकारियों पर नजर डालते हैं-

ऑस्ट्रेलिया ने कटाया सेमीफाइनल का टिकट, पाकिस्तान की किस्मत भारत के हाथ

वर्ल्ड कप सुपर-6 का 12वां मैच कब खेला जाएगा?

इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप सुपर-6 का 12वां मैच रविवार, 1 फरवरी को खेला जाएगा।

 सुपर-6 का 12वां मैच कहां खेला जाएगा?

वर्ल्ड कप सुपर-6 का 12वां मैच क्वींस स्पोर्ट्स क्लब, बुलावेयो में खेला जाएगा।

इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप सुपर-6 का 12वां मैच कितने बजे शुरू होगा?

सुपर-6 का 12वां मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेंगे।गोल्डन डक पर आउट होकर अभिषेक ने की कोहली की बराबरी, नंबर-1 पर जानें कौन

India vs Pakistan U19 वर्ल्ड कप सुपर-6 का 12वां मैच टीवी पर कैसे देखें लाइव?

इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप सुपर-6 के 12वें मैच का लाइव प्रसारण टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा।

 सुपर-6 के 12वें मैच की ऑनलाइन स्टर्मिंग कैसे देखें लाइव?

India vs Pakistan U19 वर्ल्ड कप सुपर-6 के 12वें मैच का ऑनलाइन लुत्फ आप जियोहॉटस्टर ऐप और वेबसाइट पर उठा सकते हैं। वहीं IND vs PAK मैच से जुड़ी तमाम जानकारियों के लिए आप लाइवहिंदुस्तान के क्रिकेट पेज पर विजिट कर सकते हैं।

इंडिया वर्सेस पाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप स्क्वॉड

भारतीय अंडर-19 वर्ल्ड कप स्क्वॉड- आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, दीपेश देवेन्द्रन, मोहम्मद एनान, आरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उधव मोहन, हेनिल पटेल, खिलान पटेल, हरवंश पंगालिया, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदपाकिस्तान अंडर-19 वर्ल्ड कप स्क्वॉड- उमर ज़ैब, समीर मिन्हास, नकाब शफीक, मोहम्मद शायान, मोहम्मद सय्याम, मोमिन कमर, हुजैफा अहसन, हमजा जहूर, दानियाल अली खान, अली रजा, अली हसन बलूच, अहमद हुसैन, अब्दुल सुभान, उस्मान खान, फरहान यूसुफ (कप्तान)