अजित की चाह पर बोले शरद पवार—फैसला तय था, 12 फरवरी को होनी थी घोषणा

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बारामती. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व डिप्टी सीएम (Former Deputy CM) अजित पवार (Ajit Pawar) की पत्नी सुनेत्रा पवार के उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की खबरों के बीच एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। बारामती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि उन्हें शपथ ग्रहण के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला। बता दें कि, दोनों नेताओं (शरद पवार और अजित पवार) 17 जनवरी को गोविंदबाग में एक बैठक की थी।

अजित की इच्छा पूरी होनी चाहिए- शरद पवार
वरिष्ठ नेता ने आगे दावा किया कि दोनों गुटों को एकजुट करना उनके दिवंगत भतीजे अजित पवार की इच्छा थी, और वे इस बारे में आशावादी थे। उन्होंने कहा, ‘अब हमें लगता है कि उनकी इच्छा पूरी होनी चाहिए। अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों गुटों के विलय के बारे में बातचीत शुरू की थी। विलय की तारीख भी तय हो गई थी – यह 12 तारीख (फरवरी) को तय था। दुर्भाग्य से, अजित उससे पहले ही हमें छोड़कर चले गए।’

‘मुझे शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं’
वहीं जब उनसे पूछा गया कि क्या पवार परिवार से कोई इस समारोह में शामिल होगा, तो उन्होंने कहा, ‘हमें शपथ ग्रहण के बारे में नहीं पता। हमें इसके बारे में खबरों से पता चला। मुझे शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं है।’ उन्होंने कहा कि यह फैसला एनसीपी ने लिया होगा। उन्होंने आगे कहा, ‘प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे कुछ लोगों ने पहल की। इन लोगों ने शायद कुछ तय किया होगा।’

‘दोनों दलों के साथ मिलकर काम करने पर होना था फैसला’
वहीं प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे द्वारा ‘जल्दबाजी में लिए गए फैसलों’ के बारे में पूछे जाने पर, एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, ‘मुझे जो पता है वह यह है कि हमारी पार्टी (एनसीपी-एससीपी) और अजित पवार की पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर काम करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी और इस पर जल्द ही फैसला लिया जाना था। हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना (अजित पवार का निधन) घटित हो गई।’

क्या एनडीए का हिस्सा बनेंगे शरद पवार?
वहीं शरद पवार से जब मीडियाकर्मियों ने पूछा कि क्या एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की स्थिति में वह एनडीए का हिस्सा बनने पर विचार करेंगे, तो शरद पवार ने साफ कहा कि, ‘यह सब आपकी तरफ (मीडिया) चल रहा है, यहां ऐसा कुछ भी नहीं है।’

भतीजे अजित पवार को लेकर हुए भावुक
इसी दौरान शरद पवार ने दिवंगत नेता अजित पवार को याद करते हुए भावुक हो गए, उन्होंने कहा कि अजित पवार एक सक्षम और समर्पित नेता थे, जो लोगों की समस्याओं को गहराई से समझते थे और हमेशा न्याय दिलाने के लिए काम करते थे। शरद पवार के मुताबिक, बारामती की जनता ने हमेशा अजित पवार का साथ दिया और वे अपनी जिम्मेदारियों में कभी पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि उनके निधन से सभी को गहरा सदमा लगा है, लेकिन अब जो स्थिति बनी है, उसमें मजबूती से आगे बढ़ना जरूरी है।

नई पीढ़ी उनकी विरासत को आगे बढ़ाएगी- शरद पवार
शरद पवार ने आगे कहा कि, ‘हमें लोगों के दुख-दर्द को कम करने के लिए काम करना होगा और उन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाना होगा, जिनके साथ उन्होंने सेवा की।’ उन्होंने भरोसा जताया कि उनके परिवार की नई पीढ़ी जरूर उनकी विरासत और कार्यशैली को आगे बढ़ाएगी।

दिल्ली में नगर विकास को बढ़ावा, सरकार ने MCD को दिए 500 करोड़

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नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) को साफ, स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त राजधानी बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और धूल से होने वाले प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को 500 करोड़ रुपये की एकमुश्त सहायता दी है। इस धनराशि से सफाई व सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत कर धूल उड़ने की समस्या को कम किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सफाई व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार आगे भी नगर निगम को हर साल 300 करोड़ रुपये की नियमित सहायता देती रहेगी।

 

इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही, दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, निगम आयुक्त संजीव खिरवार सहित सरकार व नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राजधानी को साफ और स्वच्छ रखने के लिए एमसीडी को 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। राशि का कुछ हिस्सा उन कंपनियों का पुराना बकाया चुकाने में खर्च होगा जो कचरा प्रबंधन का काम करती हैं ताकि वे बेहतर तरीके से अपने काम को अंजाम दे सकें। कुछ हिस्सा सफाई व्यवस्था को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए दिया जाएगा ताकि कचरा उठाने और उसे ले जाने में होने वाले मासिक घाटे की भरपाई की जा सके। साथ ही, कुछ हिस्सा उन खास इलाकों से कूड़ा हटाने के लिए भी दिया जाएगा जहां ठेकेदार काम नहीं करते। इसके अतिरिक्त सड़कों की छोटी-मोटी मरम्मत, जैसे गड्ढे भरने, छोटे पैच रिपेयर और धूल से होने वाले प्रदूषण को रोकने के कामों पर भी राशि खर्च की जाएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यह पूरी राशि केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही उपयोग की जाए और इसका किसी अन्य योजना में उपयोग नहीं किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम को सभी वित्तीय नियमों का पालन करते हुए खर्च की नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी होगी और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को सही मायनों में विकसित दिल्ली बनाने के लिए स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त किया जाना आवश्यक है। इसके लिए सफाई व्यवस्था का भी चाक-चौबंद रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कूड़ा आदि से निकली धूल भी प्रदूषण को बढ़ाती है, इसलिए हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि राजधानी को साफ व स्वच्छ बनाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम को कूड़ा उठाने की व्यवस्था को और बेहतर बनाना होगा। दिल्ली सरकार सफाई से जुड़े आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए निगम को अलग से पर्याप्त धनराशि दे रही है, ताकि सफाई के काम में बेहतर और तेजी से नतीजे मिल सकें। उन्होंने कूड़े से ऊर्जा बनाने वाले नए प्लांट लगाने के निर्देश दिए और मौजूदा प्लांट को अपग्रेड करने को भी कहा। साथ ही, हरित कूड़े के सही उपयोग पर जोर देते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आधुनिक मशीनें लगाने के निर्देश एमसीडी नेताओं को दिए। उन्होंने कहा कि कूड़े का बेहतर प्रबंधन भी राजधानी को साफ-सुथरा बनाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गीले व सूखे कूड़े का उठाने की प्रक्रिया भी सरल बनाई जाए ताकि लोगों का इस ओर रुझान बढ़े।

Fastest Growing Women-Owned Startup Spotlight: The Rise of DMK PRODUCTIONS

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DMK PRODUCTIONS has emerged as a standout name among women-owned startups, marking strong growth in digital media and brand communication services. Under the leadership of Preethi G, the company delivers innovative solutions across social media management, corporate films, PR campaigns, and digital transformation. With a purpose-driven mindset, DMK PRODUCTIONS focuses on empowering brands to tell authentic stories while maintaining strategic clarity. The startup’s journey reflects the broader rise of women entrepreneurs who are building scalable businesses and generating opportunities. Today, DMK PRODUCTIONS represents confidence, creativity, and women-led startup excellence.

In India’s rapidly evolving startup ecosystem, women-led enterprises are increasingly shaping the future of business and innovation. Among them, DMK PRODUCTIONS, led by Managing Director Preethi G, has emerged as one of the fastest-growing startups founded by a woman entrepreneur, making a strong mark in digital media and brand communication.

Established with a clear vision to redefine digital storytelling, DMK PRODUCTIONS has quickly built a reputation for delivering impactful and result-driven solutions. The company offers a wide range of services including social media management, strategic brand communication, professional content creation, corporate films, PR campaigns, political branding, and end-to-end digital transformation solutions.

Under Preethi G’s leadership, DMK PRODUCTIONS has successfully partnered with brands, businesses, and institutions, helping them communicate with authenticity, clarity, and influence. The startup’s growth is driven by its creative excellence, technological adaptability, and a purpose-led approach that goes beyond conventional marketing.

Preethi G’s entrepreneurial journey reflects a larger shift in India’s business landscape, where women are not only entering entrepreneurship but leading innovation and creating employment opportunities. Her focus on sustainable growth, empowerment, and meaningful impact has positioned DMK PRODUCTIONS as a role model for women-led startups.

Today, DMK PRODUCTIONS stands as a powerful example of creative leadership and women-driven growth, inspiring aspiring entrepreneurs across the country to lead with confidence, vision, and purpose.

Contact number – 9108683593

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अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार बनेंगी डिप्टी CM, कल शपथ ग्रहण

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मुंबई।  महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को विमान क्रैश हुआ था. इस दुर्घटना में डिप्टी CM अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी. महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार के निधन के बाद खाली हुए इस पद और NCP अजित पवार गुट के मुखिया को लेकर हलचल जारी है. इस बीच अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक वह 31 जनवरी की शाम 5 बजे शपथ ले सकती हैं. शनिवार सुबह 11 बजे NCP विधायक दल की बैठक होगी, जिसके बाद इसकी आधिकारीक घोषणा होगी।

NCP नेताओं ने दिया था डिप्टी CM का प्रस्ताव

30 जनवरी को NCP नेताओं की बैठक में सुनेत्रा पवार को डिप्टी CM बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया था. जानकारी के मुताबिक सुनेत्रा पवार ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. बता दें कि अजित पवार के पास महाराष्ट्र सरकार में तीन बड़े मंत्रालय थे. इनमें वित्त, आबकारी और खेल मंत्रालय शामिल हैं।

कौन हैं सुनेत्रा पवार?

सुनेत्रा पवार का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को हुआ था।

1985 में अजित पवार और सुनेत्रा की शादी हुई।

साल 2024 में सुनेत्रा पवार ने बारामती सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन इस सीट पर उनकी ननद सुप्रिया सुले विपक्ष की तरफ से थी और सुनेत्रा को चुनाव में हराया।

इसके बाद सुनेत्रा पवार को NCP ने राज्यसभा भेज दिया।

तब से सुनेत्रा पवार बतौर राज्यसभा सांसद हैं।

साथ ही केंद्र की राजनीति में सक्रिय हैं।

प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन

बता दें कि 28 जनवरी की सुबह महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट में लैंडिंग के दौरान अजित पवार का प्लेन क्रैश हो गया. इस दुर्घटना में अजित पवार समेत 5 विमान में सवार 5 लोगों की मौत हो गई थी. 29 जनवरी को अजित पवार के अंतिम संस्कार के बाद से ही उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने की मांग उठने लगी थी. इसे लेकर NCP नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और सुनील तटकरे ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात भी की थी. वहीं, 30 जनवरी को NCP नेताओं ने सुनेत्रा के सामने उपमुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव रखा था.

‘संघ-हिंदू महासभा पर नजर रख रहे थे नेहरू और पटेल’, महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बोले जयराम रमेश

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नई दिल्ली। शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने वर्ष 1948 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे गए जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के दो पत्र सार्वजनिक किए। इन दोनों ही पत्रों में दोनों दिग्गज नेताओं ने हिंदू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों की कड़ी आलोचना की गई थी।

दोनों नेताओं के पत्र को सार्वजनिक करते हुए जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘महात्मा गांधी की हत्या से दो दिन पहले जवाहरलाल नेहरू ने मुखर्जी को पत्र लिखा था, जबकि कुछ महीने बाद 18 जुलाई 1948 को सरदार पटेल ने भी उन्हें पत्र भेजा था। दोनों पत्रों में स्वयं को राष्ट्रवाद का संरक्षक बताने वालों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाया गया था। इस दौरान जयराम रमेश ने 30 जनवरी 1948 की रात महात्मा गांधी की हत्या के बाद ऑल इंडिया रेडियो पर दिए गए जवाहरलाल नेहरू के संबोधन का लिंक भी शेयर किया।

 

जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में यह लिखा कि नेहरू ने मुखर्जी को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि हिंदू महासभा ने पुणे, अहमदनगर और दिल्ली में प्रतिबंध आदेशों की अवहेलना करते हुए बैठकें की थीं। इन बैठकों के दौरान कुछ भाषणों में महात्मा गांधी को ‘देश के लिए बाधा’ बताया गया और उनके शीघ्र निधन की बात कही गई थी। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में आरएसएस की गतिविधियों को और भी अधिक आपत्तिजनक बताया और कहा कि सरकार के पास संगठन से जुड़ी गंभीर जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा रमेश ने सरदार पटेल के पत्र का एक स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें उन्होंने आरएसएस और हिंदू महासभा की गतिविधियों की आलोचना की थी।

 

 

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‘जो लोग मरे वे ममता के वोटबैंक नहीं थे’, आनंदपुर अग्निकांड में 21 मानव अवशेष मिलने पर सुवेंदु अधिकारी का बयान

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आनंदपुर। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के बाहरी इलाके आनंदपुर में आगजनी की घटना को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई। इसको लेकर जहां नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने प्रदर्शन किया तो वहीं गवर्नर सीवी बोस ने बयान जारी किया। बता दें कि पुलिस ने शुक्रवार को मोमो मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और 2 गोदामों में लगी आग के मामले में 2 और लोगों को अरेस्ट किया है। इसमें कंपनी के प्रबंधक मनोरंजन शीट और उप प्रबंधक राजा चक्रवर्ती का नाम शामिल है।

BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने आनंदपुर में आज (शुक्रवार को) विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, ‘BJP जनता की आवाज उठा रही है। अभी तक इस घटना में मरने वाले या लापता लोग हिंदू हैं, वे ममता बनर्जी के वोट बैंक नहीं हैं।’

 

अधिकारियों ने बताया कि अब तक आनंदपुर में घटनास्थल से आंशिक तौर पर जले और कंकाल के अवशेषों समेत 21 मानव अंग बरामद किए गए हैं। जो एक या अलग-अलग व्यक्तियों के हो सकते हैं। हम अभी मृतकों की सही संख्या की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। डीएनए टेस्ट के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को नरेंद्रपुर पुलिस ने पकड़ा है। इन दोनों को आज (शनिवार को) बरुइपुर की अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले बीते मंगलवार को परिसर और डेकोरेटर फर्म के मालिक गंगाधर दास को अरेस्ट किया गया था। उन्हें बुधवार को बरुइपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहा से उन्हें पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें 4 फरवरी को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

 

 

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‘राहुल ने असम का किया अपमान’, अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना; चाय को लेकर कही बड़ी बात

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डिब्रूगढ़: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (30 जनवरी) को कांग्रेस को एक बार फिर आड़े हाथों लिया. उन्होंने असम के डिब्रूगढ़ में कहा कि राहुल गांधी की नॉर्थ-ईस्ट के साथ भला क्या दुश्मन है, उन्होंने असम का गमछा नहीं पहना था. अमित शाह ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुए ‘एट होम’ कार्यक्रम का जिक्र किया. गृहमंत्री ने राहुल को असम विरोधी करार दे दिया. वे असम की नई विधानसभा भवन की आधारशिला के कार्यक्रम में पहुंचे थे.

अमित शाह ने कहा, ‘इसी भूमि से पूरी दुनिया में चाय का जायका पहुंचता है, जिसने भारत को एक वैश्विक पहचान दी है. आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है. बापू ने आंदोलन कर हमें स्वराज्य दिलाया था. मैं उनको प्रणाम करता हूं. हमने पहले की कांग्रेस की भी सरकार देखी है, जिसमें सिर्फ घोषमाएं घोषणा बनकर रह जाती थी, आज डिब्रूगढ़ को दूसरी राजधानी बनने पर बधाई.’

 

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘राहुल गांधी ने असम को गोलियां, बम धमाके और युवाओं की मौत दिया. वहीं यह हमारे प्रधानमंत्री ने जो दिया वह सबके सामने हैं. आज भूपेन दा का संगीत पूरे विश्व में पहुंच रहा है. भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का काम भाजपा की सरकार ने किया. दुनिया में असम की छवि बिगाड़ने का काम कांग्रेस ने किया था.’

उन्होंने कहा, ‘आज पूरे विश्व में असम और नॉर्थ-ईस्ट का गमछा सम्मान का प्रतीक है. राष्ट्रपति भवन में ‘एट होम’ कार्यक्रम में सभी ने गमछा पहना, एक ही व्यक्ति है जिसने असम का गमछा नहीं डाला, उसका नाम था राहुल गांधी. भला आपकी क्या दुश्मनी है, इतना अन्याय क्यों करते हो नॉर्थ-ईस्ट के साथ.’

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने असम में घुसपैठ को सत्ता हथियाने का हथियार बनाया था. उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने यह काम बंद करा दिया है. हिमंता बिस्वा सरमा जी के नेतृत्व में तीसरी बार भाजपा सरकार बना दो एक-एक घुसपैठियों को चुन-चुनकर असम के बाहर निकाल देंगे.’

 

 

पद को लेकर बीजेपी–शिवसेना गठबंधन में टकराव, बाल ठाकरे की सियासी विरासत का भी है मामला

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मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव चार साल की देरी के बाद संपन्न हो चुके हैं, लेकिन मेयर पद को लेकर महायुति गठबंधन में तनाव गहरा गया है। भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच इस पद को लेकर मतभेद अब खुलकर सामने आ गए हैं। विवाद केवल सत्ता के पद तक सीमित नहीं है, बल्कि शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की राजनीतिक विरासत को लेकर भी बहस का केंद्र बन गया है।
शिंदे गुट का कहना है कि बीएमसी मेयर पद को रोटेशन के आधार पर बांटा जाना चाहिए और पांच साल के कार्यकाल में पहले ढाई साल तक शिवसेना का मेयर होना चाहिए। उनका तर्क है कि 2026 बाल ठाकरे का जन्म शताब्दी वर्ष है और इस मौके पर मुंबई का मेयर एक शिवसैनिक होना बालासाहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शिंदे खुद मुख्यमंत्री पद गंवाने के बाद सत्ता में हाशिये पर महसूस कर रहे हैं, जिससे यह मांग और भी संवेदनशील बन गई है।
बीएमसी चुनावों में 227 सदस्यीय सदन में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। दोनों मिलकर 118 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े से ऊपर हैं। विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें जीतकर मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। बावजूद इसके, महायुति गठबंधन अब तक बीएमसी के लिए औपचारिक नेतृत्व तय नहीं कर पाई है।
गठबंधन में विवाद तब खुलकर सामने आया, जब शिंदे गुट ने अचानक अपने 29 पार्षदों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया। इसके बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ प्रस्तावित बैठक और अहम कैबिनेट मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया। शिंदे का अपने पैतृक गांव लौटना और उनके समर्थक मंत्रियों का बैठक से दूरी बनाना नाराजगी का संकेत माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा शिंदे शिवसेना को ठाणे नगर निगम और बीएमसी की स्थायी समिति जैसे अहम निकायों में भूमिका देने का विकल्प सोच रही है, ताकि मेयर पद पर सहमति बनाई जा सके। हालांकि, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने सार्वजनिक तौर पर मतभेदों से इनकार किया और कहा कि जल्द ही महायुति का मेयर आम सहमति से चुना जाएगा।
इस पूरे विवाद के बीच बाल ठाकरे की विरासत राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। शिंदे गुट इसे “असली शिवसेना” की पहचान के साथ जोड़कर देख रहा है, जबकि उद्धव ठाकरे गुट आरोप लगाता है कि बालासाहेब की विरासत के नाम पर दिल्ली के सामने झुककर फैसले लिए जा रहे हैं। स्पष्ट है कि बीएमसी मेयर का फैसला केवल मुंबई की नगर राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र की सत्ता और शिवसेना की पहचान तय करने वाला साबित हो सकता है।

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पार्टी में मतभेदों के बीच खडग़े-राहुल से मिले , कहा- सब साथ मिलकर कर रहे काम

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नई दिल्ली। कांग्रेस में पार्टी हाईकमान से मतभेद की खबरों के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और राहुल गांधी से मुलाकात की। तीनों के बीच बैठक संसद में खडग़े के कार्यालय में हुई। मुलाकात के बाद थरूर ने कहा कि मेरी पार्टी के दोनों नेताओं से बातचीत हुई। सब ठीक है। हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई, जब थरूर और पार्टी लीडरशिप के बीच कुछ मतभेद सामने आए थे। हाल ही में केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर एआईसीसी की एक बैठक हुई थी, जिसमें थरूर शामिल नहीं हुए थे। वहीं केरल का सीएम बनने के सवाल पर थरूर ने कहा कि मेरी इस बारे में कभी बात नहीं हुई। मुझे किसी भी चीज के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

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राहुल गांधी और कनिमोझी के बीच चली घंटे भर बैठक पर गठबंधन के लिए नहीं बन सकी सहमति

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नई दिल्ली। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस और डीएमके के बीच गठबंधन को लेकर चल रही असहजता के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और डीएमके सांसद कनिमोझी के बीच एक अहम बैठक हुई। दिल्ली में बुधवार को हुई यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली, लेकिन गठबंधन की कार्ययोजना या सीटों के बंटवारे को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।
सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक डीएमके की पहल पर हुई थी, ताकि अपने पुराने सहयोगी कांग्रेस के साथ तालमेल को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि, बैठक के दौरान किसी भी तरह के आंकड़ों या फार्मूले पर चर्चा नहीं हुई। राहुल गांधी ने कनिमोझी से आग्रह किया कि इस विषय पर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा गठित नेताओं की समिति के साथ बातचीत की जाए और उसी मंच पर गठबंधन से जुड़े मुद्दों को अंतिम रूप दिया जाए। कांग्रेस सूत्र बता रहे हैं, कि बैठक का माहौल सौहार्दपूर्ण रहा, लेकिन निर्णय आगे की बातचीत पर छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि तमिलनाडु में करीब दो दशक पुराने इस गठबंधन में इस बार तनाव की स्थिति है। इसकी मुख्य वजह कांग्रेस की राज्य इकाई की ओर से सरकार में हिस्सेदारी की मांग बताई जा रही है, जिसे डीएमके ने स्वीकार नहीं किया है। कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं ने झारखंड मॉडल की तर्ज पर तमिलनाडु में भी सत्ता में भागीदारी की मांग उठाई है। इसी पृष्ठभूमि में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) नेतृत्व ने सभी प्रमुख राज्य नेताओं की बैठक बुलाकर उनके विचार सुने। बैठक के बाद यह तय किया गया कि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा।
तमिलनाडु में डीएमके के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस के राज्य प्रभारी गिरीश चोडंकर ने एक बातचीत के दौरान कहा, कि गठबंधन वार्ता अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं हुई है और कांग्रेस डीएमके की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा, हम पिछले दो महीनों से इंतजार कर रहे हैं। हमारा विपक्ष काफी आक्रामक तरीके से काम कर रहा है। नवंबर में हमने गठबंधन समिति का गठन किया था और अनुरोध किया था कि 15 दिसंबर तक बातचीत पूरी कर ली जाए, लेकिन अभी तक देरी हो रही है।
ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आए हैं, जब तमिलनाडु में इस साल के पहले छह महीनों में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, हालांकि भारतीय चुनाव आयोग ने अभी आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया है। 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में 2021 के चुनावों में डीएमके ने 133 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं, जबकि पीएमके ने 5, वीसीके ने 4 और अन्य दलों ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस और डीएमके के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो सकती है, क्योंकि दोनों दल चुनाव से पहले किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।

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