PM मोदी के भाषण पर कांग्रेस ने घेरा, राहुल गांधी ने कसा तंज; खरगे बोले-97 मिनट में कोई ठोस बात नहीं

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नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र जारी है। 4 फरवरी को लोकसभा में प्रधानमंत्री का भाषण रद्द किया गया। इसके बाद गुरुवार (05 फरवरी) शाम को पीएम मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया। प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा में करीब 97 मिनट बोले। इस दौरान राज्यसभा में विपक्ष के सांसदों ने भाषण के समय वॉकआउट कर दिया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया आई है।

संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी के भाषण पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो उचित समझो वही करो। दरअसल, यह वही शब्द है, जिसका पूर्व सेना अध्यक्ष नरवणे ने अपनी अप्रकाशित किताब में जिक्र किया था।

खरगे ने पीएम मोदी को घेरा। अपने बयान में उन्होंने कहा, ‘झूठी बातों को दोहराना (प्रधानमंत्री) उनका हमेशा एक काम रहा है। 97 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने कुछ नई बात नहीं कही और हमने जो राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विचार रखे थे, उन्होंने उसपर एक भी जवाब नहीं दिया। वो सिर्फ 100 साल, 75 साल की बात करते रहे। हमें जनरल नरवणे (रिटायर्ड) की पब्लिश हुई किताब मिल गई, लेकिन उन्हें यह कैसे नहीं मिली? रक्षा मंत्री यह कैसे कह सकते हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है?’

उन्होंने आगे कहा कि रक्षा मंत्री इसका बचाव करते रहे। जब विपक्ष के विपक्ष राहुल गांधी ने मुद्दा (2022 चीन मुद्दा) उठाया तो वे क्यों परेशान हुए? बाद में, वे केवल मुझे गाली देते रहे। उनके पास कोई तथ्य नहीं थे, जिनके आधार पर वे हमें जवाब दे सकें। उन्होंने हम पर सिखों का अपमान करने का भी आरोप लगाया। हम सिख समुदाय का सम्मान करते हैं। डॉ. मनमोहन सिंह, एक प्रख्यात अर्थशास्त्री, दो बार वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए। आप दलितों सहित किसी का सम्मान नहीं करते। पिछले 10 वर्षों में उन्होंने कांग्रेस को गाली देने के अलावा क्या किया है?

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अब तेलंगाना में भी वोटर लिस्ट सुधार की कवायद, चुनाव आयोग बोला- अप्रैल-मई में हो सकता है SIR

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हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी ने एक अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राज्य में वोटर लिस्ट के विशेष सुधार का शेड्यूल अप्रैल-मई 2026 के दौरान घोषित होने की उम्मीद है। गुरुवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के दौरान उन्होंने यह बात कही।

मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि अभी देश के 12 राज्यों में यह सुधार कार्य चल रहा है। तेलंगाना और बाकी राज्यों के लिए इसे 2026 में शुरू किया जाएगा। सुधार के लिए समय कम है, इसलिए राज्य में तैयारी का काम अभी से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे हर पोलिंग स्टेशन के लिए कम से कम एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) जरूर नियुक्त करें।

रेड्डी ने सलाह दी कि ये एजेंट उसी इलाके के रहने वाले होने चाहिए। वे बूथ लेवल अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेंगे। इससे वोटर लिस्ट ज्यादा सटीक और पारदर्शी बनेगी और समस्याओं का समय पर समाधान होगा। इस अभियान के दौरान बीएलओ हर इलाके में तीन से चार बार जाएंगे। पहली बार में वे फॉर्म बांटेंगे और अगली बार उन घरों में जाएंगे जो पहले छूट गए थे।

उन्होंने साफ किया कि जो वोटर तैयारी के दौरान लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए, वे भी इस प्रक्रिया में अपनी जानकारी दे सकेंगे। रेड्डी ने जोर दिया कि एजेंटों की नियुक्ति जल्द पूरी होनी चाहिए। इससे आपसी तालमेल मजबूत होगा, शिकायतें कम होंगी और कोई भी योग्य वोटर लिस्ट से बाहर नहीं रहेगा। इस बैठक में अतिरिक्त सीईओ वासम वेंकटेश्वर रेड्डी, डिप्टी सीइओ हरि सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

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‘महिला को गर्भ पूरा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता’, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक अहम फैसला सुनाते हुए साफ-साफ कहा है कि किसी भी महिला (Women), खासकर नाबालिग लड़की (Girl) को, उसकी इच्छा के खिलाफ गर्भ (Pregnancy) पूरा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने 30 हफ्ते की गर्भावस्था को खत्म करने की अनुमति दी है। बता दें कि यह गर्भ एक ऐसी लड़की का था, जो गर्भ ठहरने के समय नाबालिग थी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस BV नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने सुनाया। अदालत ने आदेश दिया है कि मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में सभी जरूरी मेडिकल सावधानियों के साथ गर्भपात की प्रक्रिया की जाए।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में सबसे पहले नाबालिग लड़की के अधिकार को देखना जरूरी है। लड़की एक कठिन हालात से गुजर रही है और वह इस गर्भ को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। अदालत ने कहा कि यह सवाल अहम नहीं है कि संबंध सहमति से था या नहीं, बल्कि सच्चाई यह है कि लड़की नाबालिग है और वह मां बनना नहीं चाहती।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अगर मां के हित को देखा जाए, तो उसकी अपनी पसंद और फैसला लेने के अधिकार को पूरा महत्व देना होगा। अदालत किसी भी महिला को, और वह भी नाबालिग हो, जबरन मां बनने के लिए मजबूर नहीं कर सकती।

सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यह फैसला अदालत के लिए भी आसान नहीं है। एक तरफ अजन्मा बच्चा है, जो जन्म लेने पर एक जीवन होगा, और दूसरी तरफ लड़की की साफ इच्छा है कि वह गर्भ जारी नहीं रखना चाहती। उन्होंने कहा कि जब 24 हफ्ते तक गर्भपात की इजाजत दी जा सकती है, तो सिर्फ समय ज्यादा होने की वजह से 30 हफ्ते पर उसे क्यों रोका जाए, जबकि लड़की साफ तौर पर बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती।

 

मणिपुर में बंद से जनजीवन प्रभावित, चुराचांदपुर में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी; चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात

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इंफाल। मणिपुर में नई सरकार बनने के बाद एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। राज्य के चुराचांदपुर जिले में दो विधायकों के सरकार बनाने की प्रक्रिया में शामिल होने से कुछ आदिवासी संगठन नाराज हैं। इसके विरोध में शुक्रवार को संपूर्ण बंद का एलान किया गया। इस बंद के कारण कुकी-जो बहुल जिले में जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित है। जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ने शुक्रवार आधी रात से 24 घंटे के बंद का एलान किया था। वहीं, एक अन्य संगठन ‘ज्वाइंट फोरम आफ सेवन’ ने भी सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद बुलाया। बंद के कारण बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर गाड़ियां नहीं चलीं। सरकारी दफ्तरों और स्कूलों में भी बहुत कम लोग पहुंचे। बंद का सबसे ज्यादा असर जिला मुख्यालय के तुइबोंग इलाके में दिखा। जिले में तनाव को देखते हुए अहम जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। शुक्रवार सुबह बंद का समर्थन कर रहे लोग हाथों में लाठियां लेकर सड़कों पर उतर आए। इस बीच, कुकी महिला मानवाधिकार संगठन ने भी विधायकों के विरोध में शुक्रवार दोपहर एक बड़ी रैली निकालने की घोषणा की है।

 

 

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क्या दिवालिया हो गए हैं गोविंदा? अफवाहों पर एक्टर के मैनेजर ने तोड़ी चुप्पी…

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Actor Govinda: पिछले कई दिनों से एक्टर गोविंदा अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर काफी सुर्खियों में बने हुए हैं. बीते साल अपनी प्राइवेट बंदूक से खुद चोट पहुंचाने से लेकर पत्नी सुनीता के साथ शादी में टेंशन तक खूब सुर्खियों में रहे. वहीं अब हाल ही में एक्टर को लेकर कुछ ऐसी अफवाहें फैली हैं जिन पर फैंस भरोसा नहीं कर पा रहे हैं.

एक्टर गोविंदा को लेकर आजकल ऐसी खबरे चल रहीं हैं कि वे दिवालिया हो चुके हैं, उनके पास हाल-फिलहाल में कोई प्रोजेक्ट नहीं है और वो पैसों की तंगी के कारण प्राइवेट इवेंट में परफॉर्मेंस दे रहे हैं. वहीं अब इन अफवाहों पर एक्टर के मैनेजर ने चुप्पी तोड़ी है.

दिवालिया होने की खबरों पर मैनेजर ने क्या बताया?
गोविंदा की पर्सनल और प्राइवेट लाइफ के बारे में फैली अफवाहों को एक्टर के मैनेजर शशि सिन्हा ने खुलकर बात की है. एक्टर की आर्थिक स्थिति और शादी में टेंशन की खबरों को मैनेजर ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि बीते कई सालों से कोई हिट प्रोजेक्ट न होने के बावजूद भी इंडस्ट्री के बड़े बैनर्स से फिल्म के ऑफर मिल रहे हैं और वो जल्द ही किसी बड़ी फिल्म की अनाउंसमेंट भी करने वाले हैं.

वायरल वीडियो पर क्या बोले मैनेजर?
हाल ही में गोविंदा की एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जिसमें एक्टर एयरपोर्ट के बाहर टैक्सी में नजर आए थे, जिसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर काफी अफवाहें फैलने लगीं थी. इन अफवाहों पर मैनेजर ने कहा, “गोविंदा के पास सिर्फ एक कार नहीं बल्कि कई कारें हैं, ये बात बिल्कुल बेबुनियाद है कि वो दिवालिया हो गए हैं और भीख मांग रहे हैं.”

स्कूल इवेंट में परफॉर्मेंस करने की क्या है सच्चाई?
गोविंदा के मैनेजर ने इन अफवाहों को भी खारिज किया है, उन्होंने ANI से कहा, “ये उनका प्रोफेशन है, स्कूल में परफॉर्म करने का ये मतलब नहीं कि वो दिवालिया हैं. वो अपने परिवार का ख्याल नहीं रखेंगे तो कौन रखेगा?”

क्या हैं गोविंदा के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स?
गोविंद के मैनेजर ने बताया कि एक्टर की डिमांड अभी भी है. सिर्फ इवेंट्स और डांस परफॉरमेंस के लिए नहीं बल्कि फिल्मों में भी काफी डिमांड है. उन्होंने कहा, “मैं गवाह हूं कि उन्होनें करोड़ों के काम को ना कहा है, ये ठीक है कि उन्हें स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई या कुछ और, लेकिन वो पहले ऐसे एक्टर हैं जिनकी फिल्म हिट नहीं हुई हैं फिर भी बड़े-बड़े प्रोड्यूसर्स उनके पीछे पड़े रहते हैं. आप सबको जल्द ही कुछ बड़ा सुनने को मिलने वाला है.”

गोविंदा के अफेयर की अफवाहों पर क्या बताया?
गोविंदा-सुनीता को लेकर चल रही अफवाहों पर भी शशि ने खुलकर बात की है. सुनीता के पहले उनके अफेयर्स के बारे में पूछने पर उन्होंने इन दावों को खारिज किया. उन्होने कहा, “गोविंदा ने दो-तीन शादियां नहीं की हैं, ये सारी अफवाहे घर के माहौल की वजह से हैं. और ये सब आपको गोविंदा या सुनीता से पूछना चाहिए, इसमें कोई सच्चाई नहीं है.”

मद्रास हाई कोर्ट ने अभिनेता विजय की याचिका को किया खारिज, टैक्स पेनल्टी से जुड़ा है मामला

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मद्रास हाई कोर्ट ने टीवीके प्रमुख विजय की एक याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में अभिनेता ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें 1.50 करोड़ रुपये का जुर्माना देने का निर्देश दिया गया था।

क्यों लगाया गया था विजय पर जुर्माना? 

शुक्रवार को मद्रास हाई कोर्ट ने अभिनेता विजय की उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एक आदेश को चुनौती दी थी। दरअसल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अभिनेता को 1.50 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया था। यह मामला 2015-16 के फाइनेंशियल ईयर का है। जब विजय पर अपनी अतिरिक्त इनकम का खुलासा ना करने की बात सामने आई थी। 

विजय ने जुर्माने के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया 

विजय ने इनकम टैक्स के आदेश का पालन नहीं किया, जुर्माना नहीं भरा। इसके बजाय इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के जुर्माने वाले आदेश को चुनौती दी और साल 2022 में एक याचिका दायर की। जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति ने पिछले महीने इसी रिट याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।

करियर फ्रंट पर क्या कर रहे हैं विजय?

विजय थलापति साउथ फिल्मों का जाना-माना नाम हैं। वह अभिनय की दुनिया से निकलकर अब तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। पार्टी टीवीके के वह प्रमुख हैं। बतौर अभिनेता उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ है। इस फिल्म को लेकर भी विवाद चल रहा है, फिल्म अभी रिलीज नहीं हो सकी है। इसकी रिलीज का मामला कोर्ट में लंबित है।

पाकिस्तान के पूर्व ICC प्रमुख की जय शाह को सलाह, कहा- PAK जाकर नकवी और सरकार को मनाएं

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टी20 विश्व कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर चल रहे विवाद में अब एक नया और तीखा बयान सामने आया है। आईसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पूर्व प्रमुख एहसान मनी ने इस पूरे मामले में सीधे तौर पर भारत और आईसीसी चेयरमैन जय शाह को कटघरे में खड़ा कर दिया है।एहसान मनी ने बड़बोलापन दिखाते हुए कहा है कि जय शाह को खुद पाकिस्तान जाना चाहिए और वहां की सरकार को भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का फैसला वापस लेने के लिए मनाना चाहिए। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि जय शाह को पाकिस्तान की शिकायतें भी सुननी चाहिए।

‘जय शाह खुद पाकिस्तान जाएं’

पाकिस्तानी अखबार डॉन से बातचीत में एहसान मनी ने कहा, ‘उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए, सरकार को बहिष्कार खत्म करने के लिए मनाना चाहिए और पाकिस्तान की शिकायतें भी सुननी चाहिए। ICC चेयरमैन के लिए बेहतर होगा कि वह खुद पाकिस्तान सरकार से बात करें।’ यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बहिष्कार से आईसीसी, ब्रॉडकास्टर्स और मेजबान देशों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

बांग्लादेश से शुरू हुआ विवाद, भारत तक पहुंचा

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत आने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान ने उसका समर्थन किया, लेकिन आईसीसी ने इस दलील को खारिज कर दिया और तय समय पर पुष्टि न मिलने पर बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। इसके बाद पीसीबी चेयरमैन और पाकिस्तानी मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे नाइंसाफी करार दिया और फिर पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने का निर्देश दे दिया।

जय शाह पर क्यों डाला जा रहा दबाव?

एहसान मनी का मानना है कि आईसीसी के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा इस विवाद को सुलझाने के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं। उनका कहना है कि इस मामले में आईसीसी चेयरमैन जय शाह को ही आगे आना चाहिए, क्योंकि भारत और बीसीसीआई की भूमिका को पाकिस्तान अपने फैसले की वजह मानता है।

कानूनी पेंच और भारत पर आरोप

एहसान मनी ने माना कि पाकिस्तान का मामला कानूनी रूप से कमजोर हो सकता है, क्योंकि भारत में होने वाले मैच पहले ही हाइब्रिड मॉडल के तहत श्रीलंका शिफ्ट कर दिए गए थे। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के केस में कुछ कमजोरियां हैं, लेकिन एक सक्षम कानूनी टीम इसे प्रभावी तरीके से रख सकती है। भारत-पाक मैच का बहिष्कार मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट का उल्लंघन हो सकता है, लेकिन इसके लिए बीसीसीआई का नकारात्मक रवैया जिम्मेदार है, जिसने पाकिस्तान को इतना बड़ा फैसला लेने पर मजबूर किया।’

 रुस से तेल नहीं खरीदेगा भारत ट्रंप के दावों पर बयान………एनर्जी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता 

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नई दिल्ली। भारत सरकार ने वेनेजुएला और रूस से तेल खरीदने को लेकर चल रहे कयासों पर प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, केंद्र सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि भारतीयों की एनर्जी सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, ऑब्जेक्टिव मार्केट की स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल को ध्यान में रखकर अपने एनर्जी सोर्स को डाइवर्सिफाई करना सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है। भारत के सभी फैसले इसी बात को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और लिए जाएंगे।
दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर घोषणा की थी। उन्होंने पोस्ट कर लिखा था कि अब अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर 18 प्रतिशत का टैरिफ लगाएगा। इसके साथ ही ट्रंप ने दावा किया था कि भारत रूस से तेल खरीद रोकने पर राजी हो गया है और वह अपनी जरूरतों के लिए वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। अब ट्रंप के इन दावे को लेकर उठे सवालों पर भारत का रिएक्शन आया है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने वेनेजुएला को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, जहां तक वेनेजुएला की बात है, यह एनर्जी के क्षेत्र में हमारा लंबे समय से पार्टनर रहा है, चाहे वह ट्रेड हो या निवेश से जुड़ा। 
हम 2019-20 तक वेनेजुएला से एनर्जी और कच्चा तेल इंपोर्ट कर रहे थे। इसके बाद हमें तेल आयात को रोकना पड़ा। फिर, भारत ने 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन प्रतिबंध फिर से लगने के बाद हमें रोकना पड़ा… एनर्जी सिक्योरिटी के प्रति अपने नजरिए के मुताबिक, भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की सप्लाई के कमर्शियल फायदों को देखने के लिए तैयार है।
जायसवाल ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से टेलीफोन पर बात की। उस कॉल के बाद और राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट के बाद, प्रधानमंत्री ने आपसी टैरिफ में कमी के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब मेड-इन-इंडिया प्रोडक्ट्स 18 प्रतिशत कम टैरिफ पर अमेरिका को एक्सपोर्ट किए जाएंगे। इस ट्रेड एग्रीमेंट अमेरिका को हमारे एक्सपोर्ट को बड़ा बढ़ावा देगा। इससे भारत में लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, नए रोज़गार के मौके बनेंगे, और हमारे लोगों के लिए ग्रोथ और खुशहाली आएगी। 

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विवाद पर मेकर्स और एक्टर मनोज बाजपेयी ने दी सफाई, बोले- हम लोगों की भावना का सम्मान करते हैं

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मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में फिल्म के नाम को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। तो वहीं एफएमसी ने भी फिल्म के अनअथराइज्ड टाइटल को लेकर मेकर्स को नोटिस भेजा है। अब लगातार विरोध बढ़ने के बाद फिल्म के निर्माता नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी ने एक बयान जारी कर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दिया है। दोनों ने फिल्म के उद्देश्य और टाइटल को लेकर भी सफाई दी है। साथ ही प्रमोशनल चीजें हटाने की भी बात कही है।

फिल्म का उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं

विवाद पर मनोज बाजपेयी ने सफाई देते हुए सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने लिखा, ‘लोगों द्वारा साझा की गई भावनाओं और चिंताओं का मैं सम्मान करता हूं और उन्हें गंभीरता से लेता हूं। जब आप जिस चीज का हिस्सा होते हैं, उससे कुछ लोगों को ठेस पहुंचती है, तो यह आपको रुककर उनकी बात सुनने के लिए मजबूर कर देता है। एक अभिनेता के रूप में, मैं किसी फिल्म में अपने द्वारा निभाए जा रहे किरदार और कहानी के माध्यम से ही प्रवेश करता हूं। मेरे लिए यह एक गलत व्यक्ति और उसकी आत्म-साक्षात्कार की यात्रा के बारे में था।इसका उद्देश्य किसी भी समुदाय के बारे में कोई टिप्पणी करना नहीं था। नीरज पांडे के साथ काम करने के अपने अनुभव में मैंने देखा है कि वो अपनी फिल्मों के प्रति हमेशा गंभीरता और सावधानी बरतते हैं। जनता की भावनाओं को देखते हुए फिल्म निर्माताओं ने प्रचार सामग्री को हटाने का निर्णय लिया है। यह इस बात को दर्शाता है कि चिंताओं को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है।’

फिल्म में है काल्पनिक कहानी

‘घूसखोर पंडित’ की घोषणा होते ही फिल्म के टाइटल में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है। इसे ब्राह्मण समुदाय का अपमान बताया है। अब विवाद बढ़ने पर नीरज पांडे ने इंस्टाग्राम पर अपना एक लंबा-चौड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। अपने बयान में नीरज पांडे ने कहा, ‘हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है। इसमें ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग केवल एक काल्पनिक पात्र के बोलचाल के नाम के रूप में किया गया है। कहानी एक व्यक्ति के कामों और विकल्पों पर केंद्रित है। किसी भी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी या प्रतिनिधित्व नहीं करती है। एक फिल्म निर्माता के रूप में मैं अपने काम को गहरी जिम्मेदारी की भावना के साथ करता हूं, ऐसी कहानियां कहना जो अच्छी और सम्मानजनक हों।’

प्रमोशनल सामग्री हटाने की कही बात

अपने बयान में निर्माता ने आगे कहा, ‘मेरी पिछली फिल्मों की तरह, यह फिल्म भी पूरी ईमानदारी से बनाई गई है और इसका एकमात्र उद्देश्य दर्शकों का मनोरंजन करना है। हम समझते हैं कि फिल्म के शीर्षक से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है और हम उनकी भावनाओं को समझते हैं। इन चिंताओं को देखते हुए हमने फिलहाल सभी प्रचार सामग्री को हटाने का फैसला किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए। इसे उस कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए, जिसे हम बताना चाहते हैं, न कि आंशिक झलक के आधार पर। हम जल्द ही दर्शकों के साथ फिल्म साझा करने के लिए उत्सुक हैं।’

एफएमसी ने मेकर्स को टाइटल को लेकर भेजा नोटिस

फिल्म निर्माता संघ (एफएमसी) ने भी ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर मेकर्स को नोटिस जारी किया है। एफएमसी का कहना है कि मेकर्स ने नियमों के अनुसार शीर्षक के लिए अनिवार्य अनुमति प्राप्त नहीं की थी। नोटिस में कहा गया कि फिल्म निर्माता नीरज पांडे, जो इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के सदस्य हैं, उन्होंने ‘घुसखोर पाण्डत’ शीर्षक के उपयोग के लिए अनुमति लेने के लिए आवेदन नहीं किया था। ऐसे में बिना अनुमति के इसका उपयोग अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है।रिेतेश शाह द्वारा निर्देशित ‘घूसखोर पंडित’ को नीरज पांडे ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में मनोज बाजपेयी ने अजय दीक्षित का किरदार निभाया है, जो एक रिश्वतखोर पुलिसवाला है। फिल्म में मनोज बाजपेयी के अलावा नुसरत भरूचा, कीकू शारदा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, श्रद्धा दास और अक्षय ओबेरॉय प्रमुख भूमिका में नजर आए हैं।

ICC ने टी20 विश्व कप के लिए कमेंट्री पैनल का किया एलान; लिस्ट में एक बांग्लादेशी, भारत से पांच

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पुरुषों के टी20 विश्व कप 2026 के लिए कमेंट्री पैनल का आधिकारिक एलान कर दिया है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए दुनियाभर के दिग्गज क्रिकेटरों और अनुभवी ब्रॉडकास्टर्स को कमेंट्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईसीसी की ओर से जारी सूची में भारत से पांच बड़े नाम शामिल हैं। वहीं बांग्लादेश की टीम भले ही टी20 विश्व कप से बाहर हो गई हो, लेकिन उनके एक कमेंटेटर को कमेंट्री पैनल में जगह मिली है। अथर अली खान इस विश्व कप में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। टी20 विश्व कप सात फरवरी से शुरू होकर आठ मार्च तक चलेगा और कुल 55 मुकाबले खेले जाएंगे।

भारत से ये पांच दिग्गज करेंगे कमेंट्री

कमेंट्री पैनल में भारत की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली है। भारत से जिन पांच नामों को शामिल किया गया है, वे हैं—

रवि शास्त्री
सुनील गावस्कर
दिनेश कार्तिक
रॉबिन उथप्पा
हर्षा भोगले

बांग्लादेश से अथर अली खान को मौका

इस पैनल में बांग्लादेश के अथर अली खान को भी शामिल किया गया है। वे लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कमेंट्री करते आ रहे हैं और बांग्लादेश क्रिकेट की आवाज के रूप में पहचाने जाते हैं। मौजूदा राजनीतिक और क्रिकेट विवादों के बीच किसी बांग्लादेशी कमेंटेटर का चयन भी अहम माना जा रहा है। दुनियाभर के दिग्गजों से सजी सूची आईसीसी ने इस बार कमेंट्री के लिए अनुभव और विविधता का खास ध्यान रखा है। पैनल में कई दिग्गज भी शामिल हैं। ये सभी नाम कमेंट्री की दुनिया में बड़े और भरोसेमंद माने जाते हैं। खास बात यह है कि टेस्ट चैंपियन कप्तान तेम्बा बावुमा और एंजेलो मैथ्यूज जैसे सक्रिय खिलाड़ी भी कमेंट्री बॉक्स में दिखाई देंगे। आईसीसी डॉट टीवी देगा वर्ल्ड फीड आईसीसी ने बताया कि आईसीसी डॉट टीवी (ICC.TV) वर्ल्ड फीड के जरिए सभी ब्रॉडकास्टर्स को एक समान और उच्च गुणवत्ता की कवरेज मिलेगी। इसमें प्री-मैच शो, इनिंग्स ब्रेक एनालिसिस, पोस्ट-मैच शो, डेली हाइलाइट्स शामिल होंगे, ताकि दर्शकों को पूरे टूर्नामेंट का संपूर्ण अनुभव मिल सके।टी20 विश्व कप 2026 के लिए घोषित सभी कमेंटेटर्स के नाम: रवि शास्त्री, नासिर हुसैन, इयान स्मिथ, इयान बिशप, एरॉन फिंच, दिनेश कार्तिक, कुमार संगकारा, सैमुअल बद्री, रॉबिन उथप्पा, कार्लोस ब्रैथवेट, इयोन मॉर्गन, वसीम अकरम, सुनील गावस्कर, मैथ्यू हेडन, रमीज राजा, डेल स्टेन, माइकल एथर्टन, वकार यूनिस, साइमन डूल, शॉन पोलक, केटी मार्टिन, हर्षा भोगले, पुमेलेलो मबांग्वा, नैटली जर्मनोस, डैनी मॉरिसन, एलन विल्किन्स, इयान वॉर्ड, मार्क हॉवर्ड, निक नाइट, अथर अली खान, कैस नायडू, बाजिद खान, रौनक कपूर, नियाल ओ’ब्रायन, प्रेस्टन मॉम्सेन, एंड्रयू लियोनार्ड, रसेल अर्नोल्ड, रोशन अबेयसिंघे, एंजेलो मैथ्यूज, तेम्बा बावुमा।जियो स्टार पर ये होंगे कमेंटेटर्स जियो स्टार ने भी इवेंट के लिए अब तक का सबसे बड़ा एक्सपर्ट पैनल घोषित कर दिया है। जियो स्टार का यह पैनल 100 से ज्यादा दिग्गज एक्सपर्ट्स और मशहूर ब्रॉडकास्टर्स से सजा है, जो ICC.TV के वर्ल्ड फीड टैलेंट रोस्टर को सपोर्ट करेगा। इसके जरिए दर्शकों तक नौ भाषाओं में कवरेज पहुंचेगी। इनमें इंग्लिश, हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मराठी, बांग्ला, और पहली बार किसी आईसीसी वर्ल्ड कप में भोजपुरी और हरियाणवी में भी कमेंट्री उपलब्ध होगी।युजवेंद्र चहल की खास वापसी टी20 विश्व कप 2024 के चैंपियन युजवेंद्र चहल जियो स्टार के साथ अपने विश्व कप कमेंट्री करियर की शुरुआत करेंगे। उनके साथ 2007 टी20 विश्व कप विजेता इरफान पठान, हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, दिनेश कार्तिक, रॉबिन उथप्पा और पीयूष चावला भी पैनल में शामिल होंगे। इसके अलावा, आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत के पहले शतकवीर सुरेश रैना, पूर्व भारतीय मुख्य कोच अनिल कुंबले, पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर और पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ भी दर्शकों को अपनी विशेषज्ञ राय देंगे।

भारत का शेड्यूल

भारत अपने अभियान की शुरुआत ग्रुप स्टेज में सात फरवरी को मुंबई में अमेरिका के खिलाफ मैच से करेगा। इसके बाद टीम इंडिया-

12 फरवरी को नामीबिया से
15 फरवरी को पाकिस्तान से
18 फरवरी को नीदरलैंड्स से भिड़ेगी।