लगातार चौथी बार फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स, RCB से होगी भिड़ंत, जानें कहां देखे लाइव स्ट्रीमिंग

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WPL Final 2026: महिला प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए बेहद खास होने वाला है. इस सीजन का खिताबी मैच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाना हैं. दोनों टीमों ने इस टूर्नामेंट मे शानदार प्रदर्शन किया और अब फाइनल में आमने-सामने होंगी. ऐसे में आइए जानते हैं कब और कहां देख सकेंगे WPL फाइनल 2026 की लाइव स्ट्रीमिंग…..

WPL Final 2026: फाइनल में आमने-सामने होगी आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स
महिला प्रीमियर लीग 2026 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है जहां आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खिताबी जंग देखने को मिलेगी. इस सीजन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु ने आक्रामक खेल खेलते हुए फाइनल तक का सफर तय किया है. वहीं दिल्ली की टीम पूरे टूर्नामेंट में संतुलित नजर आई. मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप और शानदार गेंदबाजी के दम पर डीसी ने फाइनल में जगह बनाई है. दिल्ली का ये चौथा फाइनल मुकाबला है लेकिन अभी तक खिताब जीतने में यह टीम कामयाब नहीं हो पाई है.

कब खेला जाएगा WPL Final 2026?
महिला प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मुकाबला गुरुवार 5 फरवरी को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा. मैच की शुरुआत शाम 7.30 बजे होगी, जबकि टॉस शाम 7 बजे होगा. आरसीबी और डीसी के बीच यह हाई-वोल्टेज मुकाबला वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा.

कहां देखें WPL Final live?
भारत में WPL फाइनल का लाइव टेलिकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. टीवी पर मैच देखने वाले दर्शक स्टार स्पोर्ट्स के विभिन्न चैनलों पर इस मैच का आनंद उठा सकते है. जबकि ऑनलाइन दर्शकों के लिए जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर मैच की लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी. आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स की फैन फालोइंग बेहद तगड़ी है, ऐसे में WPL 2026 का फाइनल मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा.

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News Desk

कौन-कौन सी बीमारियां और खर्च कवर हैं

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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक वरदान है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है, जो गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च उठाता है। लेकिन सभी बीमारियां और खर्च इस योजना में शामिल नहीं हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन-सी सेवाएं कवर होती हैं और किसका भुगतान स्वयं करना होगा।

क्या OPD और सामान्य जांच मुफ्त हैं?

आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल अस्पताल में भर्ती होने पर मिलता है। यदि बीमारी सामान्य है और केवल OPD परामर्श या डॉक्टर की सलाह तक सीमित है, तो खर्च आपको खुद वहन करना होगा। बिना भर्ती हुए किए गए टेस्ट या सामान्य जांच का पैसा भी स्वयं देना होगा। वहीं, यदि अस्पताल में भर्ती होकर डॉक्टर के निर्देशानुसार जांच कराई जाए, तो खर्च योजना के तहत कवर होगा।

विटामिन, टॉनिक और दांतों का इलाज

साधारण विटामिन या टॉनिक खरीद पर खर्च स्वयं उठाना होगा। केवल डॉक्टर की सिफारिश पर रोग या चोट से जुड़े विटामिन खर्च योजना में कवर होंगे। सामान्य दांतों का इलाज मुफ्त नहीं है, लेकिन दुर्घटना, चोट, ट्यूमर या जबड़े की सर्जरी जैसी गंभीर स्थितियों में इलाज योजना के तहत होता है।

IVF, कॉस्मेटिक और वैकल्पिक उपचार

निःसंतान दंपत्तियों के लिए IVF या अन्य सहायक प्रजनन तकनीक कवर नहीं हैं। इसी तरह, सौंदर्य सर्जरी, टैटू हटाना, मोटापा घटाने की सर्जरी, लाइफ सपोर्ट और 2 साल से कम उम्र के बच्चों का खतना योजना में शामिल नहीं हैं।

कौन नहीं ले सकता लाभ?

संगठित क्षेत्र में काम करने वाले, टैक्स देने वाले, ESIC लाभार्थी, PF कटने वाले या सरकारी कर्मचारी आयुष्मान योजना का लाभ नहीं ले सकते। इन लोगों को इलाज के खर्च अपने जेब से वहन करने होंगे।

बुधवार को ‘बॉर्डर 2’ के आगे कमजोर पड़ी ‘मर्दानी 3’, ‘मयसभा’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल; जानें कितनी रही कमाई?

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सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर दर्शकों के बीच अब भी क्रेज बरकरार है। फिल्म को सिनेमाघरों में 13 दिन पूरे हो चुके हैं। फिल्म 300 करोड़ क्लब की तरफ बढ़ रही है। इसके अलावा रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ को भी थिएटर में 6 दिन पूरे हो चुके हैं। इन दो फिल्मों के अलावा जावेद जाफरी की फिल्म ‘मयसभा’ भी इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर कमाई करने की कोशिश कर रही है। जानिए, बुधवार को इन फिल्माें का कलेक्शन कितना रहा।

‘मर्दानी 3’ ने छठे दिन कितना कमाया? 

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने छठे दिन 2 करोड़ रुपये की कमाई की है। जबकि फिल्म ने पांचवें दिन 2.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। फिल्म का कुल कलेक्शन भी अब तक 24.25 करोड़ रुपये हो चुका है। फिल्म में रानी मुखर्जी ने एक पुलिस ऑफिसर का रोल किया है। इसमें वह जबरदस्त एक्शन करती नजर आई हैं। 

‘बॉर्डर 2’ ने तेरहवें दिन किया कितना कलेक्शन? 

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने तेरहवें दिन यानी बुधवार को 4 करोड़ रुपये की कमाई की है। वहीं मंगलवार को 5.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। बुधवार को इसका कलेक्शन कम हुआ है। लेकिन यह फिल्म वीकएंड पर छप्परफाड़ कमाई कर रही है। ‘बॉर्डर 2’ फिल्म का कुल कलेक्शन अब तक 290 करोड़ रुपये हो चुका है। फिल्म जल्द ही 300 करोड़ क्लब में शामिल हो सकती है। जबकि मेकर्स ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि उनकी फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। 

‘मयसभा’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल?

फिल्म ‘मयसभा’ में लीड रोल में जावेद जाफरी हैं। फिल्म में उनकी एक्टिंग ने दर्शकों को चौंकाया है। लेकिन ‘मयसभा’ कलेक्शन के मामले में काफी कमजोर साबित हुई। इस फिल्म ने छठे दिन सिर्फ 6 लाख रुपये कमाए, जबकि पांचवें दिन सिर्फ 7 लाख रुपये कमाए थे। ‘मयसभा’ फिल्म का कुल कलेक्शन अब तक 73 लाख रुपये हो चुका है। फिल्म ‘तुम्बाड़’ फेम डायरेक्टर राही अनिल बर्वे ने इस फिल्म को बनाया है। 

खेल को सियासत से दूर रखने की बात, पर भारत के नाम पर राजनीति! PM शहबाज का दोहरा चेहरा उजागर

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भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार मैदान से ज्यादा राजनीति सुर्खियों में है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मुकाबले के बहिष्कार पर चुप्पी तोड़ी है। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ वे कहते हैं कि खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए, वहीं दूसरी तरफ उनका फैसला पूरी तरह राजनीतिक नजर आता है।भारत के खिलाफ खेलने से इनकार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संघीय कैबिनेट को संबोधित करते हुए साफ कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच नहीं खेलने का स्पष्ट फैसला लिया है। उन्होंने कहा, ‘हमने टी20 वर्ल्ड कप को लेकर अपना रुख साफ कर लिया है कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे।’ शहबाज शरीफ के मुताबिक यह फैसला सोच-समझकर और उचित आकलन के बाद लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘हमें बांग्लादेश के समर्थन में स्टैंड लेना चाहिए और मैं समझता हूं यह सही फैसला है।’ भारत-पाकिस्तान मुकाबला 15 फरवरी को श्रीलंका में होना तय था।

‘खेल में सियासत नहीं’, लेकिन खुद सियासी फैसला

अपने बयान में शहबाज शरीफ ने यह भी कहा, ‘खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए।’ यहीं से उनका दोहरा चरित्र सामने आता है। अगर खेल में सियासत नहीं होनी चाहिए, तो फिर सरकार द्वारा मैच का बहिष्कार का एलान क्यों किया गया है? इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि पाकिस्तानी टीम भारत के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरेगी, लेकिन इसका कोई ठोस कारण नहीं बताया गया।
 
ICC की सख्त प्रतिक्रिया

पाकिस्तान सरकार के फैसले के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने कड़ा रुख अपनाया था। आईसीसी ने साफ कहा कि चयनात्मक भागीदारी किसी वैश्विक खेल आयोजन की बुनियादी भावना के खिलाफ है। आईसीसी ने कहा कि सभी योग्य टीमों से समान शर्तों पर खेलने की उम्मीद की जाती है और इस तरह के फैसले खेल की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाते हैं।

बांग्लादेश मामला और पाकिस्तान की भूमिका

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में बांग्लादेश का मामला भी अहम है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद आईसीसी ने उसे बाहर कर स्कॉटलैंड को मौका दिया। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री और पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात भी की थी।

मैदान में भारत का दबदबा

अगर क्रिकेट रिकॉर्ड देखें तो पाकिस्तान का भारत के खिलाफ आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक आठ मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने सात जीते हैं। पिछले एशिया कप में भी भारत ने पाकिस्तान को क्लीन स्वीप किया था, जहां युवा भारतीय बल्लेबाजों ने पाकिस्तानी गेंदबाजी की जमकर पोल खोली। भारत से हार के डर को पाकिस्तान अलग अलग नाम दे रहा है। पर शहबाज शरीफ की दोहरी नीति बेनकाब हो गई है। एक तरफ खेल पर ज्ञान दे रहे हैं और वहीं, दूसरी तरफ उनके फैसलों में राजनीति भी झलक रही है। हालांकि, गरीबी की मार झेल रहा पड़ोसी मुल्क यह भूल गया कि आईसीसी का हंटर चला तो पीसीबी की स्थिति बद से बदतर हो सकती है।

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को बताया ‘अबोध बालक’, भड़के खड़गे, राज्यसभा में बीजेपी-कांग्रेस के बीच हुई तीखी बहस

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Parliament: राज्यसभा में आज गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस हुई. खड़गे ने राज्यसभा में सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया. यह सुनते ही जेपी नड्डा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप दूसरे सदन की बात यहां पर नहीं कर सकते. इतना ही नहीं नड्डा ने तो राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए यह तक कह दिया कि आप अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “संसद का मतलब लोकसभा और राज्यसभा है. लोकसभा में विपक्ष के नेता देश के हितों पर बोलना चाहते थे लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया. आप इस तरह से सदन कैसे चला सकते हैं? सरकार अपनी गलतियों को छिपाने के लिए एक सदन को चलने नहीं दे रही है, उसे पैरालाइज कर दिया है.” केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा, “विपक्ष के नेता को पता होना चाहिए कि लोकसभा की कार्यवाही पर राज्यसभा में चर्चा नहीं की जा सकती.” इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई.

राहुल गांधी को क्या बोले जेपी नड्डा?
मल्लिकार्जुन खड़गे के सवाल पर जेपी नड्डा ने राहुल गांधी का बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि आप अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए. स्वतंत्र रूप से पार्टी को चलाइए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं. लेकिन आपने सदन ही नहीं चलने दिया. कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचना चाहिए.

राहुल गांधी नियम नहीं मानते: किरेन रिजिजू
इस दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी मल्लिकार्जुन खड़के के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी को बोलना का कई बार मौका दिया गया. सदन नियमों से चलेगा और वे नियम को मानते ही नहीं. रिजिजू ने कहा, “आज हम सभी उम्मीद करते हैं कि सभी सांसद सदन के नियमों और परंपराओं का पालन करेंगे. सभी सांसद आज प्रधानमंत्री का भाषण सुनने का इंतजार कर रहे हैं.”

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‘एनिमल पार्क’ को लेकर संदीप रेड्डी वांगा ने दी बड़ी अपडेट, बताया कब शुरू होगी शूटिंग; रणबीर ने कही ये बात

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संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही थी। भारत में रिलीज और अपार सफलता के लगभग दो साल बाद अब ‘एनिमल’ जापान में रिलीज होने वाली है। 13 फरवरी को फिल्म की रिलीज से पहले कुछ खास दर्शकों के लिए फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। इस दौरान निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा और अभिनेता रणबीर कपूर ने लोगों से बात भी की। इसी दौरान जब फिल्म के सीक्वल ‘एनिमल पार्क’ के बारे में पूछा गया तो संदीप रेड्डी वांगा ने बताया कि कब फिल्म की शूटिंग शुरू होगी।2027 के मिड में शुरू होगी ‘एनिमल पार्क’ की शूटिंग‘एनिमल पार्क’ के बारे में बात करते हुए संदीप रेड्डी वांगा ने कहा, ‘मौजूदा फिल्म खत्म होते ही ‘एनिमल पार्क’ की शूटिंग शुरू हो जाएगी। इसमें और भी जानवर होंगे क्योंकि अजीज भी एक जानवर है। इसे ध्यान में रखते हुए अब कहानी दो भाइयों के बीच होगी, जो दिखने में एक जैसे हैं। इसलिए मुझे लगा कि एनिमल पार्क सही टाइटल रहेगा। मैं 2027 के मिड में शूटिंग शुरू करूंगा।’ संदीप रेड्डी वांगा अभी फिलहाल प्रभास और तृप्ति डिमरी स्टारर ‘स्पिरिट’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। यह फिल्म साल 2027 में रिलीज होगी।

‘एनिमल पार्क’ को लेकर उत्साहित हैं रणबीर

इस मौके पर रणबीर कपूर ने भी फिल्म को लेकर बात की और ‘एनिमल पार्क’ को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर की। अभिनेता ने कहा, ‘संदीप के साथ सेट पर वापस आने और इस किरदार को निभाने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूं। अब एक और किरदार है। चूंकि यह एक निरंतर कहानी है, इसलिए पहले भाग की शूटिंग के दौरान ही उनके दिमाग में दूसरे पार्ट की कहानी भी स्पष्ट थी। एक अभिनेता के तौर पर यह मेरे लिए बहुत रोमांचक और प्रेरणादायक है। हम दोनों लगातार बातचीत करते रहते हैं और अलग-अलग आइडिया पर चर्चा करते रहते हैं।’

बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही थी ‘एनिमल’

एक्शन-थ्रिलर ‘एनिमल’ साल 2023 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म में पिता-पुत्र के उलझे हुए रिश्ते को दिखाया गया था। रणबीर ने रणविजय विजय सिंह का किरदार निभाया था। जबकि अनिल कपूर ने पिता का किरदार निभाया था। फिल्म में रश्मिका मंदाना और तृप्ति डिमरी भी प्रमुख भूमिका में नजर आई थीं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी और इसने दुनिया भर में 900 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। हालांकि, फिल्म के कई सीन और अत्यधिक हिंसा को लेकर इसकी आलोचना भी की गई थी।

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‘लव एंड वॉर’ और ‘रामायण’ में नजर आएंगे रणबीर

रणबीर कपूर के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो इन दिनों संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ पर काम कर रहे हैं। यह 1960 के दशक पर आधारित एक पीरियड ड्रामा है। इसमें उनके साथ पत्नी आलिया भट्ट और विक्की कौशल प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसके इसी साल रिलीज होने की संभावनाएं हैं। इसके अलावा रणबीर नितेश तिवारी की मच अवेटेड फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ में भी नजर आएंगे। इसमें वह भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म इस साल दिवाली पर रिलीज होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 20 लाख कर्मचारियों को 25% DA देने का आदेश दिया

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नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को पश्चिम बंगाल के करीब 20 लाख से ज्यादा राज्य सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि 2008 से 2019 तक की अवधि का DA बकाया भुगतान किया जाना चाहिए. इसके साथ ही कहा कि, अपने पहले के अंतरिम आदेश के अनुसार, बकाया राशि का कम से कम 25% 6 मार्च तक जारी किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल और पीके मिश्रा की बेंच ने कहा कि ROPA के तहत परिलब्धियों की गणना के लिए DA जरूरी है. बंगाल सरकार ने DA के खिलाफ वित्तीय क्षमता का हवाला देते हुए याचिका दायर की थी, उस दलील को कोर्ट ने खारिज कर दिया। 

SC के आदेश पर कमेटी का गठन

सुप्रीम कोर्ट ने DA भुगतान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए शीर्ष अदालत की पूर्व जज इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता मे कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी में जस्टिस इंदु मलहोत्रा के साथ ही 2 जस्टिस और CAG के अधिकारी शामिल होंगे. कमेटी के सभी सदस्य मिलकर तय करेंगे कि किस तरह से बकाया DA का भुगतान किया जाएगा. इसकी रिपोर्ट 16 मई तक तैयार कर सुप्रीम कोर्ट को देनी होगी. रिपोर्ट के बाद ही अगली सुनवाई की जाएगी। 

12 साल का रुका डीए मिलेगा

राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ‘मनमाना’ और ‘सनकी’ बताया है. जबकि कोर्ट ने माना कि नियमों में बदलाव से कर्मचारियों के अंदर वैद्य अपेक्षा पैदा हुई थी और राज्य सरकार ने बिना किसी ठोस सिद्धांतों के इसका उल्लंघन किया है. हालांकि कोर्ट ने भी यह माना है कि साल में 2 बार डीए नहीं दिया जा सकता है. वहीं महंगाई भत्ते को मौलिक अधिकार मानने वाले सवाल पर कोर्ट ने बाद के लिए छोड़ दिया है. फिलहाल, आज का दिन राज्य कर्मचारियों के लिए बेहद शानदार रहा है. क्योंकि 12 साल का रुका हुआ डीए अब 6 मार्च से पहले 25 प्रतिशत मिल जाएगा। 

नेता प्रतिपक्ष ने किया स्वागत

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “यह बहुत लंबे समय से लंबित मुद्दा था, जिस पर आज निर्णय आ गया है. हम इसका स्वागत करते हैं. DA सही मांग है, इसके लिए हमने कर्मचारियों का समर्थन किया. 6 मार्च तक ममता बनर्जी की सरकार को 10,400 रुपए देने पड़ेंगे. DA की मांग सही है, यह आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश से स्थापित हो गया है.अप्रैल के बाद यहां घुसपैठियों का सरंक्षण करने वाली सरकार नहीं रहेगी। 

भारत के साथ मैच नहीं खेलने पर अड़ा पाकिस्तान, शहबाज शरीफ का आया बयान, अब ICC पर टिकी नजरें

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पाकिस्तान T20 वर्ल्ड कप मैच भारत के खिलाफ खेलने को तैयार नहीं है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की चेतावनी के बाद भी वह बहिष्कार करने की बात पर अड़ा है. अब तो प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इसका समर्थन कर दिया है. यानी मैच होने के 10 दिन पहले ही अब लगभग साफ हो गया है कि पाकिस्तान, भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगा. हालांकि, अभी तक ICC को PCB ने लिखित जानकारी नहीं दी है.अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की चेतावनी के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साफ कह दिया है कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान मैच नहीं खेलेगा. इस बयान शहबाज ने इस्लामाबाद में दिया है.

क्या बोले पीएम शहबाज?

शहबाज शरीफ ने बुधवार को T20 वर्ल्ड कप को लेकर इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘हमने T20 वर्ल्ड कप को लेकर अपना रुख साफ कर लिया है कि हम भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे. यह फैसला काफी सोच-समझकर उठाया गया है.” शहबाज ने आगे कहा कि खेल में राजनीति नहीं होनी चाहिए.

पाकिस्तान ने क्यों लिया फैसला?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बांग्लादेश की शर्तों को अस्वीकार्य करते हुए उस पर कार्रवाई की थी. इसके बाद माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया. माना जा रहा है कि ICC की इसी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने का फैसला किया.Washington Post से निकाले गए शशि थरूर के बेटे ईशान, छंटनी में नौकरी जाने पर छलका दर्द ICC ने दी थी चेतावनी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी के सूत्रों ने बताया कि ICC कोई कार्रवाई न करे, इसके लिए बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली थी. ICC ने चेतावनी दी थी कि अगर मैच नहीं खेला तो आर्थिक जुर्माना भी भरना पड़ेगा. इसके अलावा प्रसारकों की तरफ से मुकदमे का सामना भी करना पड़ सकता है.

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! अब TTE नहीं करेगा आपका इंतजार, बोर्डिंग पर नहीं मिले तो दे दी जाएगी दूसरे को सीट, रेलवे ने बदला नियम

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Indian Railway: भारतीय रेलवे में बड़ा बदलाव होने वाला है. नए नियम के अनुसार अब यात्रियों को समय पर स्टेशन पहुंचना होगा, नहीं तो TTE किसी दूसरे यात्री को खाली सीट मानते हुए आवंटित कर देगा. यानी अब पहले की तरह TTE आपका इंतजार नहीं करेगा, बल्कि आपको समय पर पहुंचना होगा. अगर आप समय पर अपनी उपस्थिति नहीं दर्ज करवाते हैं तो टीटीई चेकिंग के समय ही अपने ईएफटी पर उस सीट को नॉन टर्नअप (यात्री के बोर्डिंग स्टेशन पर आने की सूचना) दर्ज कर देगा. ऐसे में अगर कोई सीट खाली है या RAC है तो वह किसी दूसरे यात्री को आवंटित हो जाएगी. इसकी सूचना सीधा मोबाइल पर मिल जाएगी. यानी यह खबर रेलवे यात्रियों को ध्यान देने वाली है.

वर्तमान में अभी टीटीई अगर आप एक स्टेशन पर नहीं मिले तो वे आपका दूसरे स्टेशन तक इंतजार करते हैं. जब उनको यह लगता है कि यात्री अब नहीं आएगा. तभी उसकी सीट पर अनुपस्थिति दर्ज करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब रेलवे ने भी अपने नियम में बदलाव करने की तैयारी कर ली है. रेल मंत्रालय जल्द ही अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव करने जा रहा है. इसके लिए बोर्ड ने रेल सूचना प्रणाली केंद्र को निर्देश भी जारी किया है. ऐसे में सबसे बड़ा फायदा वेटिंग टिकट और इमरजेंसी में जाने वाले यात्रियों को मिलेगा.

क्या होगा फायदा?
नया नियम लागू होने के बाद सबसे ज्यादा वेटिंग और आरएसी टिकट वालों को फायदा मिलेगा. उनको तुरंत खाली सीट आवंटित हो जाएगी.
रेलवे की ओर से डिजिटलीकरण को लेकर उठाया गया काफी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. जो यात्रियों को काफी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मददगार होगा.

RAC और वेटिंग टिकट वालों को मिलेगा फायदा
रेलवे टिकट कैंसिल करने और दूसरों को आवंटित करने की जानकारी एसएमएस के माध्यम से देगी. नए नियम लागू करने के पीछे रेलवे का उद्देश्य है कि यात्रा के दौरान सीटें खाली न रहें, अगर कोई यात्री अनुपस्थित रहता है तो उसे दूसरे को आवंटित कर दिया जाए. अक्सर देखा गया है कि सीट खाली रहती है. इसके बावजूद आरएसी और वेटिंग टिकट वाले यात्री परेशान होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

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News Desk

मनोज बाजपेयी की ‘घूसखोर पंडित’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका; यह है वजह

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मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही विवादों में फंस गई है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली ये फिल्म अब कानूनी पचड़े में भी फंस गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म का शीर्षक ब्राह्मण समुदाय के प्रति अपमानजनक है।याचिका में कही गई ये बात कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि फिल्म का शीर्षक और प्रचार सामग्री ‘पंडित’ शब्द को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जानबूझकर जोड़ती है। याचिकाकर्ता वकील विनीत जिंदल जो स्वयं को जनहितैषी नागरिक बताते हैं, ने फिल्म के कंटेंट के सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक होने पर गंभीर आपत्ति जताई है। साथ ही ब्राह्मण समुदाय की गरिमा और प्रतिष्ठा को व्यापक रूप से नुकसान पहुंचने की आशंका व्यक्त की है। याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार को मामले में मुख्य पक्षकार बनाया है। इसमें तर्क दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्मों को कंट्रोल करना और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट की स्ट्रीमिंग को रोकना सरकार का कर्तव्य है।

फिल्म के रिलीज से बिगड़ सकती है सार्वजनिक व्यवस्था

याचिकाकर्ता ने इस मामले में अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। साथ कहा कि उन्हें यह भरोसा है कि फिल्म की रिलीज सामूहिक मानहानि और हेट स्पीच के समान होगी, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है। वकील विनीत जिंदल ने नेटफ्लिक्स फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इसके टाइटल में पंडित शब्द का प्रयोग जानबूझकर एक प्रसिद्ध धार्मिक और सामाजिक पदनाम (सरनेम) को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जोड़ता है। यह कंटेंट एक विशिष्ट धार्मिक और सामाजिक समूह को टार्गेट करके भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 का उल्लंघन करती है।

सनी देओल के नाम रहेगा साल 2026! अभिनेता को लेकर केआरके का बड़ा दावा; 68 साल में करेंगे हजार करोड़ की कमाई?

फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग

याचिका में रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि क्रिएटिव लिबर्टी का उपयोग रूढ़ियों, सांप्रदायिक निंदा या किसी धार्मिक समूह के खिलाफ गलत कंटेंट दिखाने के लिए ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता है। याचिका में केंद्र सरकार से डिजिटल और ओटीटी प्लेटफार्मों को कंट्रोल करने वाले लागू कानूनों के तहत नेटफ्लिक्स के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।

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News Desk