मणिपुर में बंद से जनजीवन प्रभावित, चुराचांदपुर में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी; चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

इंफाल। मणिपुर में नई सरकार बनने के बाद एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। राज्य के चुराचांदपुर जिले में दो विधायकों के सरकार बनाने की प्रक्रिया में शामिल होने से कुछ आदिवासी संगठन नाराज हैं। इसके विरोध में शुक्रवार को संपूर्ण बंद का एलान किया गया। इस बंद के कारण कुकी-जो बहुल जिले में जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित है। जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ने शुक्रवार आधी रात से 24 घंटे के बंद का एलान किया था। वहीं, एक अन्य संगठन ‘ज्वाइंट फोरम आफ सेवन’ ने भी सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद बुलाया। बंद के कारण बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर गाड़ियां नहीं चलीं। सरकारी दफ्तरों और स्कूलों में भी बहुत कम लोग पहुंचे। बंद का सबसे ज्यादा असर जिला मुख्यालय के तुइबोंग इलाके में दिखा। जिले में तनाव को देखते हुए अहम जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। शुक्रवार सुबह बंद का समर्थन कर रहे लोग हाथों में लाठियां लेकर सड़कों पर उतर आए। इस बीच, कुकी महिला मानवाधिकार संगठन ने भी विधायकों के विरोध में शुक्रवार दोपहर एक बड़ी रैली निकालने की घोषणा की है।

 

 

Previous articleCG News: छत्तीसगढ़ से नेशनल टैगोर फैलोशिप प्राप्त करने वाले पहले अध्येता बने अशोक तिवारी
News Desk

क्या दिवालिया हो गए हैं गोविंदा? अफवाहों पर एक्टर के मैनेजर ने तोड़ी चुप्पी…

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

Actor Govinda: पिछले कई दिनों से एक्टर गोविंदा अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर काफी सुर्खियों में बने हुए हैं. बीते साल अपनी प्राइवेट बंदूक से खुद चोट पहुंचाने से लेकर पत्नी सुनीता के साथ शादी में टेंशन तक खूब सुर्खियों में रहे. वहीं अब हाल ही में एक्टर को लेकर कुछ ऐसी अफवाहें फैली हैं जिन पर फैंस भरोसा नहीं कर पा रहे हैं.

एक्टर गोविंदा को लेकर आजकल ऐसी खबरे चल रहीं हैं कि वे दिवालिया हो चुके हैं, उनके पास हाल-फिलहाल में कोई प्रोजेक्ट नहीं है और वो पैसों की तंगी के कारण प्राइवेट इवेंट में परफॉर्मेंस दे रहे हैं. वहीं अब इन अफवाहों पर एक्टर के मैनेजर ने चुप्पी तोड़ी है.

दिवालिया होने की खबरों पर मैनेजर ने क्या बताया?
गोविंदा की पर्सनल और प्राइवेट लाइफ के बारे में फैली अफवाहों को एक्टर के मैनेजर शशि सिन्हा ने खुलकर बात की है. एक्टर की आर्थिक स्थिति और शादी में टेंशन की खबरों को मैनेजर ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि बीते कई सालों से कोई हिट प्रोजेक्ट न होने के बावजूद भी इंडस्ट्री के बड़े बैनर्स से फिल्म के ऑफर मिल रहे हैं और वो जल्द ही किसी बड़ी फिल्म की अनाउंसमेंट भी करने वाले हैं.

वायरल वीडियो पर क्या बोले मैनेजर?
हाल ही में गोविंदा की एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जिसमें एक्टर एयरपोर्ट के बाहर टैक्सी में नजर आए थे, जिसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर काफी अफवाहें फैलने लगीं थी. इन अफवाहों पर मैनेजर ने कहा, “गोविंदा के पास सिर्फ एक कार नहीं बल्कि कई कारें हैं, ये बात बिल्कुल बेबुनियाद है कि वो दिवालिया हो गए हैं और भीख मांग रहे हैं.”

स्कूल इवेंट में परफॉर्मेंस करने की क्या है सच्चाई?
गोविंदा के मैनेजर ने इन अफवाहों को भी खारिज किया है, उन्होंने ANI से कहा, “ये उनका प्रोफेशन है, स्कूल में परफॉर्म करने का ये मतलब नहीं कि वो दिवालिया हैं. वो अपने परिवार का ख्याल नहीं रखेंगे तो कौन रखेगा?”

क्या हैं गोविंदा के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स?
गोविंद के मैनेजर ने बताया कि एक्टर की डिमांड अभी भी है. सिर्फ इवेंट्स और डांस परफॉरमेंस के लिए नहीं बल्कि फिल्मों में भी काफी डिमांड है. उन्होंने कहा, “मैं गवाह हूं कि उन्होनें करोड़ों के काम को ना कहा है, ये ठीक है कि उन्हें स्क्रिप्ट पसंद नहीं आई या कुछ और, लेकिन वो पहले ऐसे एक्टर हैं जिनकी फिल्म हिट नहीं हुई हैं फिर भी बड़े-बड़े प्रोड्यूसर्स उनके पीछे पड़े रहते हैं. आप सबको जल्द ही कुछ बड़ा सुनने को मिलने वाला है.”

गोविंदा के अफेयर की अफवाहों पर क्या बताया?
गोविंदा-सुनीता को लेकर चल रही अफवाहों पर भी शशि ने खुलकर बात की है. सुनीता के पहले उनके अफेयर्स के बारे में पूछने पर उन्होंने इन दावों को खारिज किया. उन्होने कहा, “गोविंदा ने दो-तीन शादियां नहीं की हैं, ये सारी अफवाहे घर के माहौल की वजह से हैं. और ये सब आपको गोविंदा या सुनीता से पूछना चाहिए, इसमें कोई सच्चाई नहीं है.”

मद्रास हाई कोर्ट ने अभिनेता विजय की याचिका को किया खारिज, टैक्स पेनल्टी से जुड़ा है मामला

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

मद्रास हाई कोर्ट ने टीवीके प्रमुख विजय की एक याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में अभिनेता ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें 1.50 करोड़ रुपये का जुर्माना देने का निर्देश दिया गया था।

क्यों लगाया गया था विजय पर जुर्माना? 

शुक्रवार को मद्रास हाई कोर्ट ने अभिनेता विजय की उस रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एक आदेश को चुनौती दी थी। दरअसल, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अभिनेता को 1.50 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया था। यह मामला 2015-16 के फाइनेंशियल ईयर का है। जब विजय पर अपनी अतिरिक्त इनकम का खुलासा ना करने की बात सामने आई थी। 

विजय ने जुर्माने के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया 

विजय ने इनकम टैक्स के आदेश का पालन नहीं किया, जुर्माना नहीं भरा। इसके बजाय इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के जुर्माने वाले आदेश को चुनौती दी और साल 2022 में एक याचिका दायर की। जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति ने पिछले महीने इसी रिट याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।

करियर फ्रंट पर क्या कर रहे हैं विजय?

विजय थलापति साउथ फिल्मों का जाना-माना नाम हैं। वह अभिनय की दुनिया से निकलकर अब तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। पार्टी टीवीके के वह प्रमुख हैं। बतौर अभिनेता उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ है। इस फिल्म को लेकर भी विवाद चल रहा है, फिल्म अभी रिलीज नहीं हो सकी है। इसकी रिलीज का मामला कोर्ट में लंबित है।

पाकिस्तान के पूर्व ICC प्रमुख की जय शाह को सलाह, कहा- PAK जाकर नकवी और सरकार को मनाएं

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

टी20 विश्व कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर चल रहे विवाद में अब एक नया और तीखा बयान सामने आया है। आईसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पूर्व प्रमुख एहसान मनी ने इस पूरे मामले में सीधे तौर पर भारत और आईसीसी चेयरमैन जय शाह को कटघरे में खड़ा कर दिया है।एहसान मनी ने बड़बोलापन दिखाते हुए कहा है कि जय शाह को खुद पाकिस्तान जाना चाहिए और वहां की सरकार को भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का फैसला वापस लेने के लिए मनाना चाहिए। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि जय शाह को पाकिस्तान की शिकायतें भी सुननी चाहिए।

‘जय शाह खुद पाकिस्तान जाएं’

पाकिस्तानी अखबार डॉन से बातचीत में एहसान मनी ने कहा, ‘उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए, सरकार को बहिष्कार खत्म करने के लिए मनाना चाहिए और पाकिस्तान की शिकायतें भी सुननी चाहिए। ICC चेयरमैन के लिए बेहतर होगा कि वह खुद पाकिस्तान सरकार से बात करें।’ यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बहिष्कार से आईसीसी, ब्रॉडकास्टर्स और मेजबान देशों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

बांग्लादेश से शुरू हुआ विवाद, भारत तक पहुंचा

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत आने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान ने उसका समर्थन किया, लेकिन आईसीसी ने इस दलील को खारिज कर दिया और तय समय पर पुष्टि न मिलने पर बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। इसके बाद पीसीबी चेयरमैन और पाकिस्तानी मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे नाइंसाफी करार दिया और फिर पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने का निर्देश दे दिया।

जय शाह पर क्यों डाला जा रहा दबाव?

एहसान मनी का मानना है कि आईसीसी के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा इस विवाद को सुलझाने के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं। उनका कहना है कि इस मामले में आईसीसी चेयरमैन जय शाह को ही आगे आना चाहिए, क्योंकि भारत और बीसीसीआई की भूमिका को पाकिस्तान अपने फैसले की वजह मानता है।

कानूनी पेंच और भारत पर आरोप

एहसान मनी ने माना कि पाकिस्तान का मामला कानूनी रूप से कमजोर हो सकता है, क्योंकि भारत में होने वाले मैच पहले ही हाइब्रिड मॉडल के तहत श्रीलंका शिफ्ट कर दिए गए थे। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के केस में कुछ कमजोरियां हैं, लेकिन एक सक्षम कानूनी टीम इसे प्रभावी तरीके से रख सकती है। भारत-पाक मैच का बहिष्कार मेंबर्स पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट का उल्लंघन हो सकता है, लेकिन इसके लिए बीसीसीआई का नकारात्मक रवैया जिम्मेदार है, जिसने पाकिस्तान को इतना बड़ा फैसला लेने पर मजबूर किया।’

 रुस से तेल नहीं खरीदेगा भारत ट्रंप के दावों पर बयान………एनर्जी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता 

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। भारत सरकार ने वेनेजुएला और रूस से तेल खरीदने को लेकर चल रहे कयासों पर प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, केंद्र सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि भारतीयों की एनर्जी सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, ऑब्जेक्टिव मार्केट की स्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल को ध्यान में रखकर अपने एनर्जी सोर्स को डाइवर्सिफाई करना सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है। भारत के सभी फैसले इसी बात को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और लिए जाएंगे।
दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर घोषणा की थी। उन्होंने पोस्ट कर लिखा था कि अब अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर 18 प्रतिशत का टैरिफ लगाएगा। इसके साथ ही ट्रंप ने दावा किया था कि भारत रूस से तेल खरीद रोकने पर राजी हो गया है और वह अपनी जरूरतों के लिए वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। अब ट्रंप के इन दावे को लेकर उठे सवालों पर भारत का रिएक्शन आया है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने वेनेजुएला को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, जहां तक वेनेजुएला की बात है, यह एनर्जी के क्षेत्र में हमारा लंबे समय से पार्टनर रहा है, चाहे वह ट्रेड हो या निवेश से जुड़ा। 
हम 2019-20 तक वेनेजुएला से एनर्जी और कच्चा तेल इंपोर्ट कर रहे थे। इसके बाद हमें तेल आयात को रोकना पड़ा। फिर, भारत ने 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन प्रतिबंध फिर से लगने के बाद हमें रोकना पड़ा… एनर्जी सिक्योरिटी के प्रति अपने नजरिए के मुताबिक, भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की सप्लाई के कमर्शियल फायदों को देखने के लिए तैयार है।
जायसवाल ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से टेलीफोन पर बात की। उस कॉल के बाद और राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट के बाद, प्रधानमंत्री ने आपसी टैरिफ में कमी के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब मेड-इन-इंडिया प्रोडक्ट्स 18 प्रतिशत कम टैरिफ पर अमेरिका को एक्सपोर्ट किए जाएंगे। इस ट्रेड एग्रीमेंट अमेरिका को हमारे एक्सपोर्ट को बड़ा बढ़ावा देगा। इससे भारत में लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, नए रोज़गार के मौके बनेंगे, और हमारे लोगों के लिए ग्रोथ और खुशहाली आएगी। 

Previous articleयूपी में ऑनलाइन बिक रहा खतरनाक मांझा “मोना काइट”
Next articleयूरोपीय संघ और अमेरिका के बाद अब खाड़ी देश भी भारत के साथ व्यापार समझौता करने को तैयार
News Desk

विवाद पर मेकर्स और एक्टर मनोज बाजपेयी ने दी सफाई, बोले- हम लोगों की भावना का सम्मान करते हैं

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में फिल्म के नाम को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। तो वहीं एफएमसी ने भी फिल्म के अनअथराइज्ड टाइटल को लेकर मेकर्स को नोटिस भेजा है। अब लगातार विरोध बढ़ने के बाद फिल्म के निर्माता नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी ने एक बयान जारी कर पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दिया है। दोनों ने फिल्म के उद्देश्य और टाइटल को लेकर भी सफाई दी है। साथ ही प्रमोशनल चीजें हटाने की भी बात कही है।

फिल्म का उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं

विवाद पर मनोज बाजपेयी ने सफाई देते हुए सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने लिखा, ‘लोगों द्वारा साझा की गई भावनाओं और चिंताओं का मैं सम्मान करता हूं और उन्हें गंभीरता से लेता हूं। जब आप जिस चीज का हिस्सा होते हैं, उससे कुछ लोगों को ठेस पहुंचती है, तो यह आपको रुककर उनकी बात सुनने के लिए मजबूर कर देता है। एक अभिनेता के रूप में, मैं किसी फिल्म में अपने द्वारा निभाए जा रहे किरदार और कहानी के माध्यम से ही प्रवेश करता हूं। मेरे लिए यह एक गलत व्यक्ति और उसकी आत्म-साक्षात्कार की यात्रा के बारे में था।इसका उद्देश्य किसी भी समुदाय के बारे में कोई टिप्पणी करना नहीं था। नीरज पांडे के साथ काम करने के अपने अनुभव में मैंने देखा है कि वो अपनी फिल्मों के प्रति हमेशा गंभीरता और सावधानी बरतते हैं। जनता की भावनाओं को देखते हुए फिल्म निर्माताओं ने प्रचार सामग्री को हटाने का निर्णय लिया है। यह इस बात को दर्शाता है कि चिंताओं को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है।’

फिल्म में है काल्पनिक कहानी

‘घूसखोर पंडित’ की घोषणा होते ही फिल्म के टाइटल में ‘पंडित’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है। इसे ब्राह्मण समुदाय का अपमान बताया है। अब विवाद बढ़ने पर नीरज पांडे ने इंस्टाग्राम पर अपना एक लंबा-चौड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। अपने बयान में नीरज पांडे ने कहा, ‘हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है। इसमें ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग केवल एक काल्पनिक पात्र के बोलचाल के नाम के रूप में किया गया है। कहानी एक व्यक्ति के कामों और विकल्पों पर केंद्रित है। किसी भी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी या प्रतिनिधित्व नहीं करती है। एक फिल्म निर्माता के रूप में मैं अपने काम को गहरी जिम्मेदारी की भावना के साथ करता हूं, ऐसी कहानियां कहना जो अच्छी और सम्मानजनक हों।’

प्रमोशनल सामग्री हटाने की कही बात

अपने बयान में निर्माता ने आगे कहा, ‘मेरी पिछली फिल्मों की तरह, यह फिल्म भी पूरी ईमानदारी से बनाई गई है और इसका एकमात्र उद्देश्य दर्शकों का मनोरंजन करना है। हम समझते हैं कि फिल्म के शीर्षक से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है और हम उनकी भावनाओं को समझते हैं। इन चिंताओं को देखते हुए हमने फिलहाल सभी प्रचार सामग्री को हटाने का फैसला किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए। इसे उस कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए, जिसे हम बताना चाहते हैं, न कि आंशिक झलक के आधार पर। हम जल्द ही दर्शकों के साथ फिल्म साझा करने के लिए उत्सुक हैं।’

एफएमसी ने मेकर्स को टाइटल को लेकर भेजा नोटिस

फिल्म निर्माता संघ (एफएमसी) ने भी ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर मेकर्स को नोटिस जारी किया है। एफएमसी का कहना है कि मेकर्स ने नियमों के अनुसार शीर्षक के लिए अनिवार्य अनुमति प्राप्त नहीं की थी। नोटिस में कहा गया कि फिल्म निर्माता नीरज पांडे, जो इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के सदस्य हैं, उन्होंने ‘घुसखोर पाण्डत’ शीर्षक के उपयोग के लिए अनुमति लेने के लिए आवेदन नहीं किया था। ऐसे में बिना अनुमति के इसका उपयोग अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है।रिेतेश शाह द्वारा निर्देशित ‘घूसखोर पंडित’ को नीरज पांडे ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में मनोज बाजपेयी ने अजय दीक्षित का किरदार निभाया है, जो एक रिश्वतखोर पुलिसवाला है। फिल्म में मनोज बाजपेयी के अलावा नुसरत भरूचा, कीकू शारदा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, श्रद्धा दास और अक्षय ओबेरॉय प्रमुख भूमिका में नजर आए हैं।

ICC ने टी20 विश्व कप के लिए कमेंट्री पैनल का किया एलान; लिस्ट में एक बांग्लादेशी, भारत से पांच

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पुरुषों के टी20 विश्व कप 2026 के लिए कमेंट्री पैनल का आधिकारिक एलान कर दिया है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए दुनियाभर के दिग्गज क्रिकेटरों और अनुभवी ब्रॉडकास्टर्स को कमेंट्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईसीसी की ओर से जारी सूची में भारत से पांच बड़े नाम शामिल हैं। वहीं बांग्लादेश की टीम भले ही टी20 विश्व कप से बाहर हो गई हो, लेकिन उनके एक कमेंटेटर को कमेंट्री पैनल में जगह मिली है। अथर अली खान इस विश्व कप में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। टी20 विश्व कप सात फरवरी से शुरू होकर आठ मार्च तक चलेगा और कुल 55 मुकाबले खेले जाएंगे।

भारत से ये पांच दिग्गज करेंगे कमेंट्री

कमेंट्री पैनल में भारत की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली है। भारत से जिन पांच नामों को शामिल किया गया है, वे हैं—

रवि शास्त्री
सुनील गावस्कर
दिनेश कार्तिक
रॉबिन उथप्पा
हर्षा भोगले

बांग्लादेश से अथर अली खान को मौका

इस पैनल में बांग्लादेश के अथर अली खान को भी शामिल किया गया है। वे लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कमेंट्री करते आ रहे हैं और बांग्लादेश क्रिकेट की आवाज के रूप में पहचाने जाते हैं। मौजूदा राजनीतिक और क्रिकेट विवादों के बीच किसी बांग्लादेशी कमेंटेटर का चयन भी अहम माना जा रहा है। दुनियाभर के दिग्गजों से सजी सूची आईसीसी ने इस बार कमेंट्री के लिए अनुभव और विविधता का खास ध्यान रखा है। पैनल में कई दिग्गज भी शामिल हैं। ये सभी नाम कमेंट्री की दुनिया में बड़े और भरोसेमंद माने जाते हैं। खास बात यह है कि टेस्ट चैंपियन कप्तान तेम्बा बावुमा और एंजेलो मैथ्यूज जैसे सक्रिय खिलाड़ी भी कमेंट्री बॉक्स में दिखाई देंगे। आईसीसी डॉट टीवी देगा वर्ल्ड फीड आईसीसी ने बताया कि आईसीसी डॉट टीवी (ICC.TV) वर्ल्ड फीड के जरिए सभी ब्रॉडकास्टर्स को एक समान और उच्च गुणवत्ता की कवरेज मिलेगी। इसमें प्री-मैच शो, इनिंग्स ब्रेक एनालिसिस, पोस्ट-मैच शो, डेली हाइलाइट्स शामिल होंगे, ताकि दर्शकों को पूरे टूर्नामेंट का संपूर्ण अनुभव मिल सके।टी20 विश्व कप 2026 के लिए घोषित सभी कमेंटेटर्स के नाम: रवि शास्त्री, नासिर हुसैन, इयान स्मिथ, इयान बिशप, एरॉन फिंच, दिनेश कार्तिक, कुमार संगकारा, सैमुअल बद्री, रॉबिन उथप्पा, कार्लोस ब्रैथवेट, इयोन मॉर्गन, वसीम अकरम, सुनील गावस्कर, मैथ्यू हेडन, रमीज राजा, डेल स्टेन, माइकल एथर्टन, वकार यूनिस, साइमन डूल, शॉन पोलक, केटी मार्टिन, हर्षा भोगले, पुमेलेलो मबांग्वा, नैटली जर्मनोस, डैनी मॉरिसन, एलन विल्किन्स, इयान वॉर्ड, मार्क हॉवर्ड, निक नाइट, अथर अली खान, कैस नायडू, बाजिद खान, रौनक कपूर, नियाल ओ’ब्रायन, प्रेस्टन मॉम्सेन, एंड्रयू लियोनार्ड, रसेल अर्नोल्ड, रोशन अबेयसिंघे, एंजेलो मैथ्यूज, तेम्बा बावुमा।जियो स्टार पर ये होंगे कमेंटेटर्स जियो स्टार ने भी इवेंट के लिए अब तक का सबसे बड़ा एक्सपर्ट पैनल घोषित कर दिया है। जियो स्टार का यह पैनल 100 से ज्यादा दिग्गज एक्सपर्ट्स और मशहूर ब्रॉडकास्टर्स से सजा है, जो ICC.TV के वर्ल्ड फीड टैलेंट रोस्टर को सपोर्ट करेगा। इसके जरिए दर्शकों तक नौ भाषाओं में कवरेज पहुंचेगी। इनमें इंग्लिश, हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मराठी, बांग्ला, और पहली बार किसी आईसीसी वर्ल्ड कप में भोजपुरी और हरियाणवी में भी कमेंट्री उपलब्ध होगी।युजवेंद्र चहल की खास वापसी टी20 विश्व कप 2024 के चैंपियन युजवेंद्र चहल जियो स्टार के साथ अपने विश्व कप कमेंट्री करियर की शुरुआत करेंगे। उनके साथ 2007 टी20 विश्व कप विजेता इरफान पठान, हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, दिनेश कार्तिक, रॉबिन उथप्पा और पीयूष चावला भी पैनल में शामिल होंगे। इसके अलावा, आईसीसी टी20 विश्व कप में भारत के पहले शतकवीर सुरेश रैना, पूर्व भारतीय मुख्य कोच अनिल कुंबले, पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर और पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ भी दर्शकों को अपनी विशेषज्ञ राय देंगे।

भारत का शेड्यूल

भारत अपने अभियान की शुरुआत ग्रुप स्टेज में सात फरवरी को मुंबई में अमेरिका के खिलाफ मैच से करेगा। इसके बाद टीम इंडिया-

12 फरवरी को नामीबिया से
15 फरवरी को पाकिस्तान से
18 फरवरी को नीदरलैंड्स से भिड़ेगी।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 33 घंटे बाद बहाल हुआ यातायात, गैस टैंकर हादसे से लगा था महाजाम

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

मुंबई। मुंबई और पुणे को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर पिछले दो दिनों से जारी भीषण यातायात संकट का गुरुवार सुबह खत्म हो गया। खंडाला घाट क्षेत्र में एक गैस टैंकर के पलटने से करीब 33 घंटे तक चले महाजाम के बाद मार्ग पर यातायात पूरी तरह सामान्य हो गया है। इस दौरान हजारों वाहन चालक और यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यह हादसा मंगलवार शाम करीब पांच बजे हुआ, जब मुंबई की ओर जा रहा एक टैंकर खंडाला घाट के पहाड़ी और संकरे हिस्से में अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर में अत्यंत ज्वलनशील प्रोपलीन गैस भरी होने के कारण किसी बड़े हादसे की आशंका को देखकर प्रशासन ने तुरंत दोनों दिशाओं में यातायात रोक दिया। सुरक्षा कारणों से टैंकर से गैस निकालना और हटाना एक जटिल और समय-साध्य प्रक्रिया साबित हुई। महाजाम के कारण एक्सप्रेसवे पर करीब 20 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बिना भोजन, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के घंटों फंसे रहे। हालात की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) ने अस्थायी रूप से टोल वसूली भी निलंबित कर दी। एमएसआरडीसी अधिकारियों के अनुसार, बुधवार देर रात तक टैंकर से गैस को सुरक्षित रूप से अन्य टैंकरों में स्थानांतरित कर दिया गया और क्रेनों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाया गया। इसके बाद देर रात 1 बजकर 46 मिनट पर मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात बहाल किया गया। हालांकि, फंसे भारी वाहनों के कारण कुछ समय तक धीमी गति से आवाजाही होती रही। इस पूरे अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीपीसीएल, राजमार्ग पुलिस और एमएसआरडीसी की टीमें मौके पर तैनात रहीं। हादसे का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा और एमएसआरटीसी की कई बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं। इसके अलावा दूध, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। गुरुवार सुबह तक हालात पूरी तरह सामान्य हो गए और यात्रियों ने राहत की सांस ली।
इस भीषण स्थिति से निपटने, पलटे हुए टैंकर से अन्य टैंकरों में गैस स्थानांतरित करने और टैंकर को सुरक्षित रूप से हटाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), भारत पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (बीपीसीएल), राजमार्ग पुलिस और एमएसआरडीसी की टीम को घटनास्थल पर तैनात किया गया था।
इस लंबे व्यवधान से सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ, जिसके चलते महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की कई बसें एक्सप्रेसवे पर फंस गईं और बड़ी संख्या में नियमित सेवाएं रद्द कर दी गईं। इस घटना से दूध और सब्जियों जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हुई, क्योंकि कई मालवाहक वाहन घंटों तक फंसे रहे।

Previous articleराहुल गांधी के मुद्दे पर कांग्रेस में मंथन तेज, भोपाल से दिल्ली तक हलचल
Next articleT20 World Cup: ICC ने टी20 विश्व कप के लिए कमेंट्री पैनल का किया एलान; लिस्ट में एक बांग्लादेशी, भारत से पांच
News Desk

‘आजादी से काम नहीं कर सकती…’ क्रिस्टिन स्टीवर्ट ने अमेरिका छोड़ने का बनाया मन, ट्रंप शासन पर कसा तंज

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

फिल्म ‘ट्विलाइट’ फेम एक्ट्रेस क्रिस्टिन स्टीवर्ट हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि वह बतौर फिल्ममेकर, एक्ट्रेस अमेरिका में सहज महसूस नहीं करती हैं। साथ ही अमेरिका का राजनीतिक माहौल भी उनको पसंद नहीं है। वह ट्रंप प्रशासन और उसकी नीतियों पर भी खुलकर बात कर चुकी हैं। 

अमेरिका में आजादी से काम नहीं कर पा रहीं क्रिस्टिन 

‘द टाइम्स ऑफ लंदन’ से हालिया बातचीत में क्रिस्टिन स्टीवर्ट ने कहा कि वह अब अमेरिका में क्रिएटिव तौर पर सुरक्षित महसूस नहीं करती है। साथ ही वह अब यहां सहज महसूस नहीं करती हैं। जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या वह खुद को अमेरिका में रहते हुए आगे देखती हैं। इस पर उनका जवाब था, ‘शायद नहीं।’ वह आगे कहती हैं, ‘मैं यहां आजादी से काम नहीं कर सकती हूं।’ 

ट्रंप की नीतियों से नाराज एक्ट्रेस

अपने इंटरव्यू में क्रिस्टिन स्टीवर्ट ने ट्रंप की नीतियों को लेकर नाराजगी जाहिर की। वह कहती हैं, ‘ट्रंप के राज में सच्चाई पूरी तरह से टूट रही है।’ इसी इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने कहा कि अब अमेरिका में क्रिएटिव फ्रीडम खत्म हो रही है। इस बात का उन्हें दुख है। जहां तक अमेरिका छोड़कर दूसरी जगह बसने का सवाल है तो वह यूरोप जाना का मन बना रही हैं। दरअसल, जिस तरह की क्रिएटिव फ्रीडम क्रिस्टिन को चाहिए, वह उन्हें यूरोप में मिल सकती है। साथ ही वह काफी समय से इंडिपेंडेंट सिनेमा और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की चेतावनी 

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने चेतावनी दी कि अगर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को 2020 में चीन के साथ हुए गतिरोध पर अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई, तब सदन चलने की संभावना कम बचेगी। कांग्रेस सांसद रमेश ने कहा कि संसद में केवल एक ही मुद्दा है जो विपक्ष को परेशान कर रहा है, और वहां हैं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने से रोका गया है। 
कांग्रेस नेता रमेश ने कहा कि सभी विपक्षी दल इस बात पर एकराय हैं कि अगर लोकसभा सांसद को बोलने नहीं दिया गया, तब सदन के चलने की संभावना कम है। कांग्रेस ने संसद में कई मुद्दे उठाए हैं, जिनमें से एक प्रमुख मुद्दा पूर्वी लद्दाख में चीन गतिरोध पर एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा है। कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा सांसद राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) के उद्धरण देने से कई बार रोका गया। भाजपा नेताओं ने बचाव में कहा कि यह सदन के नियमों का उल्लंघन है और इससे सशस्त्र बलों का मनोबल गिरने का खतरा हो सकता है।
संसद में लगातार हो रही बाधाओं के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग न लेने का फैसला किया। कांग्रेस नेता रमेश ने याद दिलाया कि जून 2004 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव में इसलिए भाग नहीं लिया था क्योंकि उन्हें जवाब देने से रोका गया था। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ने 2005 में राष्ट्रपति को दो बार धन्यवाद दिया था।
उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा को याद दिलाना चाहता हूं कि जून 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब इसलिए नहीं दिया था क्योंकि उन्हें जवाब देने से रोका गया था। 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री सिंह ने राष्ट्रपति को दो बार धन्यवाद दिया था, क्योंकि वे 2004 में धन्यवाद नहीं दे पाए थे।

Previous article‘आजादी से काम नहीं कर सकती…’ क्रिस्टिन स्टीवर्ट ने अमेरिका छोड़ने का बनाया मन, ट्रंप शासन पर कसा तंज
Next articleराहुल गांधी के मुद्दे पर कांग्रेस में मंथन तेज, भोपाल से दिल्ली तक हलचल
News Desk