औवेसी का मोदी सरकार पर तंज—पेट्रोलियम मंत्री ट्रंप हैं या हरदीप सिंह पुरी?

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अमेरिका ने फिर दी रुस से तेल खरीदी पर धमकी 

हैदराबाद । ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका के धमकी भरे बयान पर केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ा हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि भारत रूस से तेल खरीदेगा, तब उस पर 25 प्रतिशत टैक्स लगेगा। करीमनगर में जनसभा को संबोधित कर एआईएमआईएम सांसद ओवैसी ने सीधे सवाल उठाया कि भारत का पेट्रोलियम मंत्री डोनाल्ड ट्रंप हैं या हरदीप सिंह पुरी।
सांसद ओवैसी ने कहा कि अमेरिका में बैठे एक “गोरी चमड़ी वाले इंसान” भारत को धमकी दे रहे हैं, जबकि देश में केंद्रीय मंत्री मौजूद हैं। उन्होंने मोदी सरकार और बीजेपी पर कटाक्ष कर कहा कि यह देशभक्ति नहीं बल्कि जनता के लिए परेशानी पैदा करने वाला राष्ट्रवाद है। उन्होंने आर्थिक पहलू पर भी ध्यान दिलाया कि अगर भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा, तब इसका फायदा चीन को मिलेगा, जो सस्ता तेल खरीद लेगा।
सांसद ओवैसी ने रूसी कंपनी ‘नयारा’ का उदाहरण देकर पूछा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस पर भी टैक्स लगाएंगे। उन्होंने बीजेपी नेताओं के पाखंडी स्वरूप का उल्लेख कर कहा कि चेहरा दाढ़ी वाला, सिर पर टोपी और शरीर पर शेरवानी हो, लेकिन उनके फैसले आम जनता के लिए परेशानी खड़ी करते हैं।
इतना ही नहीं उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के बयान को भारत की संप्रभुता पर हमला बताकर केंद्र सरकार को विदेशियों के दबाव में देश की नीतियों को प्रभावित करने वाला करार दिया। ओवैसी ने कहा कि इसतरह के केंद्रीय मंत्री हैं जो ट्रंप से डरते हैं, लेकिन रोज़ाना उनके खिलाफ गाली देते हैं। उन्होंने करीमनगर की जनता से अपील की कि वे उन नेताओं को पहचानें जो विदेशी दबाव में देश की मजबूरी पर समझौता करने को तैयार हैं। इस संबोधन में ओवैसी ने न केवल अमेरिका की धमकी को नकारा बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों और आर्थिक फैसलों पर भी सवाल खड़े किए। उनका संदेश स्पष्ट था—देश की संप्रभुता और आम जनता के हित की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।

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180 करोड़ रुपए की हेरोइन पकड़ी

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अमृतसर। पंजाब के 2 जिलों (अमृतसर और गुरदासपुर) में 180 करोड़ रुपए की हेरोइन पकड़ी गई है। इसके साथ ही 5.75 लाख रुपए की ड्रग मनी और 2 पिस्टल, 4 मैगजीन और 60 कारतूस भी मिले हैं। पुलिस को शक है कि यह हेरोइन पाकिस्तान से भेजी गई है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पुलिस ने गुरदासपुर में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी भारत में अपने हैंडलरों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस घर का मालिक कौन है और इस तस्करी नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में अंतरराष्ट्रीय नशा तस्कर गिरोह की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।

घर में मिली 25 किलो हेरोइन
 अमृतसर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित गांव घोगा में अमृतसर देहात पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने संयुक्त ऑपरेशन के तहत एक घर से पाकिस्तान से आई 25 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 125 करोड़ रुपय आंकी गई। इतना ही नहीं, इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस को 2 पिस्टल, 4 मैगजीन और 60 जिंदा कारतूस भी मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा जखीरा पाकिस्तान से ड्रोन या अन्य माध्यमों के जरिए सीमा पार से भेजा गया था, जिसे आगे पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई किया जाना था।

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सीएम स्टालिन का पीएम मोदी को पत्र—रेलवे परियोजनाओं के लिए जरूरी धनराशि शीघ्र जारी करने की मांग

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चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर रेल मंत्रालय को राज्य में स्वीकृत रेलवे परियोजनाओं के लिए जरुरी धनराशि जल्द जारी करने और लंबित परियोजनाओं को फिर शुरु करने का आग्रह किया है।
सीएम स्टालिन ने अपने पत्र में कहा, ‘‘रेल मंत्रालय से धनराशि जारी करने में हो रही देरी’’ और विभिन्न परियोजनाओं के लिए टुकड़ों में निधि आवंटित होने की व्यवस्था के कारण कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं की प्रगति प्रभावित हो रही है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न रेलवे परियोजनाओं के लिए 2,500.61 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करने की मंजूरी दे दी है, लेकिन रेलवे विभाग ने अब तक 931.52 हेक्टेयर भूमि के लिए धनराशि आवंटित नहीं की है। सीएम स्टालिन ने कहा, ‘‘निधि जारी करने में देरी और टुकड़ों में आवंटन ने तमिलनाडु में रेलवे परियोजनाओं की प्रगति में बाधा डाली है।
इससे प्रभावित भूमि मालिकों के लिए लंबे समय तक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।’’ उन्होंने बताया कि 19 प्रमुख परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य 94 प्रतिशत पूरा हो चुका है और 1,198.02 हेक्टेयर भूमि रेलवे को सौंप दी गई है। स्टालिन ने विशेष रूप से ‘तिरुवनंतपुरम-कन्याकुमारी दोहरीकरण’ परियोजना का उल्लेख कर कहा कि रेलवे द्वारा मुआवजे के लिए आवश्यक 289.78 करोड़ रुपये जारी न करने के कारण 16.86 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अब रुका हुआ है। सीएम स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि स्वीकृत परियोजनाओं के लिए ‘‘संपूर्ण धनराशि और इस प्राथमिकता के आधार पर’’ जारी किया जाए, ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके।
उन्होंने तूत्तिकोरिन–मदुरै और तिण्डिवनम–तिरुवण्णायलै रेल लाइन सहित वर्तमान में लंबित प्रमुख परियोजनाओं पर पुनर्विचार कर उन्हें फिर से शुरू करने का अनुरोध किया। 

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होली पर रेलवे चलाएगा लगभग 1500 ट्रेनें

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नई दिल्ली।  होली का त्योहार नजदीक है और इस त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ जाती है। इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मार्च महीने में 1,410 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। ये संख्या मांग बढऩे पर 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है।
आपको बता दें कि पिछले साल 2025 में 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। रेलवे का यह कदम सुनिश्चित करता है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा मिल सके। स्पेशल ट्रेनों का संचालन न केवल भीड़ को नियंत्रित करेगा, बल्कि प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत करेगा। इस बार के अभियान में हर जोन ने यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुसार ट्रेन परिचालन में वृद्धि की है। आइए जानते हैं कि किस रूट पर कितनी ट्रेनें चलेंगी।

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RSS कार्यक्रम में मोहन भागवत का बड़ा बयान—संघ कहे तो पद छोड़ने को तैयार

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मुंबई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि यदि संघ उनसे पद छोडऩे को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। आमतौर पर 75 साल की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है।आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक  बनता है। भागवत रविवार को मुंबई में आरएसएस के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वीर सावरकर को भारत रत्न दिया गया तो इससे पुरस्कार की गरिमा और बढ़ेगी।
भागवत ने कहा कि समान नागरिक संहिता सभी को विश्वास में लेकर बनाई जानी चाहिए और इससे समाज में मतभेद नहीं बढऩे चाहिए। उम्मीद है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत के हितों को ध्यान में रखकर किया गया होगा और देश को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार को बहुत काम करना है। पहचान कर निष्कासन की प्रक्रिया होनी चाहिए। यह पहले नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब धीरे-धीरे शुरू हुआ है और आगे बढ़ेगा।
भागवत ने कहा कि आरएसएस का काम प्रचार करना नहीं, बल्कि समाज में संस्कार विकसित करना है। जरूरत से ज्यादा प्रचार से दिखावा और फिर अहंकार आता है। प्रचार बारिश की तरह होना चाहिए। सही समय पर और सीमित मात्रा में। संघ अपने स्वयंसेवकों से आखिरी बूंद तक काम लेता है। संघ के इतिहास में अब तक ऐसी कोई स्थिति नहीं आई, जब किसी को जबरन रिटायर करना पड़ा हो। संघ की कार्यप्रणाली में अंग्रेजी कभी मुख्य भाषा नहीं बनेगी, क्योंकि यह भारतीय भाषा नहीं है। जहां जरूरत होती है, वहां अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाता है। हमें अंग्रेजी सीखनी चाहिए, लेकिन मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए।

काई भी हिंदू बन सकता हैं सरसंघचालक
मोहन भागवत ने कहा कि संघ प्रमुख की जिम्मेदारी संभालने के लिए किसी खास जाति का होना जरूरी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्राह्मण ही नहीं, बल्कि क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या एससी-एसटी समाज का कोई भी व्यक्ति सरसंघचालक बन सकता है।कार्यक्रम में बातचीत के दौरान भागवत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि संघ में इस आधार पर कार्यकर्ता नियुक्त नहीं होते कि उनकी जाति क्या है। जो हिंदू है, वह सरसंघचालक बन सकता है। हमारे यहाँ काम करने वाले को जिम्मेदारी मिलती है। एससी/एसटी वर्ग का व्यक्ति भी इस पद पर पहुँच सकता है। सिर्फ ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है और किसी अन्य जाति का होना कोई अयोग्यता नहीं।

ब्राह्मणों का संघ वाली छवि पर दी सफाई
संघ की पुरानी छवि पर चर्चा करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि जब संघ की शुरुआत हुई थी, तब वह एक छोटी सी ब्राह्मण बस्ती से शुरू हुआ था। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती दौर में संघ छोटा था और एक ब्राह्मण बहुल बस्ती में सक्रिय था, इसलिए स्वाभाविक रूप से पदाधिकारी ब्राह्मण थे। इसी वजह से लोग कहने लगे कि संघ ब्राह्मणों का है और कुछ लोग आज भी यही कहते हैं, क्योंकि वे केवल जाति देखते हैं। लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।

 मेला हादसे में दो लोग गिरफ्तार

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 सूरजकुंड। सूरजकुंड मेला परिसर में 7 फरवरी को हुए झूला हादसे के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए झूला संचालक कंपनी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हादसे में घायलों को बचाते हुए हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद शहीद हो गए थे। पुलिस के अनुसार थाना सूरजकुंड में हिमाचल प्रदेश की हिमाचल फन केयर कंपनी के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने मोहम्मद शाकिर निवासी गांव टोका नंगला, जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) व एक अन्य आरोपी नितेश निवासी धर्मपुरी सदर, मेरठ कैंट (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त अपराध के पर्यवेक्षण में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है। टीम वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

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पाकिस्तान लेगा यू-टर्न? लाहौर में ICC और नकवी की मीटिंग, टी20 वर्ल्ड कप में सुलझेगा IND-PAK मैच विवाद!

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T-20 World Cup 2026: पाकिस्तान के लाहौर में स्थित गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (Pakistan Cricket Board) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन अमीनुल इस्लाम और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के वाइस प्रेसिडेंट इमरान ख्वाजा की रविवार (8 फरवरी) को बैठक हुई. इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं. ये मुलाकात ऐसे वक्त में हुई है, जब भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले टी-20 विश्व कप के मुकाबले को लेकर बने गतिरोध को सुलझाने के प्रयास तेज हो गए हैं.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, श्रीलंका के कोलंबो में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को महामुकाबला होना है. पाक ने इस मैच के बहिष्कार की धमकी दी थी. पाकिस्तान की ओर से कहा गया था कि वह बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखा रहा है. बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत में मैच खेलने से मना कर दिया था.

बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के द्वारा टी-20 विश्व कप से कदम पीछे लेने के बाद ICC ने स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया था. आईसीसी के उपाध्यक्ष और सिंगापुर का प्रतिनिधित्व करने वाले इमरान ख्वाजा प्रभावशाली भूमिका में हैं. इसके साथ ही एक एसोसिएट मेंबर के तौर पर बोर्ड में उनके पास वोटिंग का भी अधिकार है. बताया जा रहा है कि इमरान ख्वाजा रविवार (8 फरवरी) को लाहौर पहुंचे, ताकि नकवी के साथ बातचीत से मामला सुलझाया जा सके.

ICC ने पाक से मांगा जवाब

सूत्रों के मुताबिक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांगा है कि वे इस मैच से पीछे हटने के लिए फोर्स मेज्योर क्लॉज का उपयोग कैसे कर सकता है, इसके बाद पाक बैकफुट पर है. बताया जा रहा है कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने पीसीबी को एक ईमेल किया और बहिष्कार खत्म करने की बात कही.

इसमें श्रीलंका का कहना है कि भारत-पाक मैच नहीं होता है तो स्टेकहोल्डर्स और ब्रॉडकास्टर्स को बहुत बड़ा नुकसान होगा. अब PCB ने ICC से बातचीत के लिए हाथ बढ़ाया है, इससे आशा की एक किरण दिखाई दे रही है.

ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त, कैप्टन व ट्रेनी घायल

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विजयपुरा। कर्नाटक के विजयपुरा जिले के बाबलेश्वर तालुक के मंगलूर गांव में रविवार को रेड बर्ड एविएशन का निजी ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कैप्टन और एक ट्रेनी पायलट सवार थे, दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। यह विमान कलबुर्गी से बेलगावी जा रहा था। उड़ान के दौरान इंजन में अचानक खराबी आ गई, जिससे पायलट कंट्रोल खो बैठे और खेत में क्रैश लैंडिंग हो गई। विमान सीसना 172 मॉडल का दो सीटर ट्रेनिंग प्लेन था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह विमान रेड बर्ड एविएशन कंपनी का था और ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। शुरुआती जांच में हादसे की वजह इंजन की तकनीकी खराबी सामने आई है, लेकिन दुर्घटना के सही कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा। प्रशासन और पुलिस ने साफ़ किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जरूरी तकनीकी और कानूनी जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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बेंगलुरु–पुणे रूट पर प्रीमियम ट्रेन, कर्नाटक को दो वंदे भारत

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बेंगलुरु: कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बेंगलुरु और पुणे के बीच एक नई प्रीमियम ट्रेन चलाने की घोषणा की है. यह फैसला राज्य के जनप्रतिनिधियों और आम जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए लिया गया है.

 

तटीय कर्नाटक के लिए बड़ी सौगात

पुणे के अलावा, रेल मंत्री ने तटीय कर्नाटक के निवासियों के लिए बेंगलुरु-मंगलुरु-कारवार रूट पर बहुप्रतीक्षित वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द शुरू करने की घोषणा की. रेल मंत्री ने कहा- “मंगलुरु और हासन के बीच बिजलीकरण (Electrification) का काम पूरा हो चुका है. सुरक्षा जांच और टेस्ट रन सफल होते ही हम बेंगलुरु-कारवार वंदे भारत का टाइमटेबल जारी कर देंगे.” उन्होंने कहा कि रेलवे बेंगलुरु-कारवार मार्ग पर दो वंदे भारत ट्रेनें चलाने पर विचार कर रहा है. एक बेंगलुरु से शुरू होगी और दूसरी कारवार से. उन्होंने आगे कहा, “इस ट्रेन के साथ हम कर्नाटक के पूरे तटीय क्षेत्र को कवर कर लेंगे.”

 

बेंगलुरु उपनगरीय रेल परियोजना

 

उन्होंने कहा कि भाजपा शासन के दौरान कर्नाटक में रेल पटरियों के निर्माण, स्टेशनों के कायाकल्प और सुरक्षा उपायों के लिए 52,950 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है. वर्तमान में कर्नाटक के 61 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से नौ का काम पहले ही पूरा हो चुका है. उन्होंने बताया कि “स्टेशनों के पुनर्निर्माण पर 2,110 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.”

ट्रेड डील से घरेलू सेब किसानों की रोज़ी-रोटी पर खतरा

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श्रीनगर: हिमालयी राज्यों के किसानों में चिंता बढ़ रही है क्योंकि उन्हें डर है कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे के हिस्से के तौर पर अमेरिका से आयात होने वाले फलों से वे आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाएंगे. दो दर्जन से अधिक किसान संगठनों के समूह, संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि यह देश में सेब की अर्थव्यवस्था के लिए तीसरा झटका होगा.

हिमाचल प्रदेश के किसान नेता यूरोपीय संघ के बाद न्यूजीलैंड के साथ भारत के व्यापार समझौते का जिक्र कर रहे थे, जिसे ‘सभी सौदों की जननी’ बताया जा रहा है, जो आयात शुल्क कम होने के बाद किसानों के लिए मुसीबत बन सकता है. मुक्त व्यापार समझौतों के तहत, भारत ने न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ से सेब और अन्य फलों पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 20% कर दिया है.

चौहान ने ईटीवी भारत को बताया, “सेब फलों में सबसे ऊपर है और सरकार साफ-साफ कहती है कि आयात शुल्क घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा. न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) 80 रुपये प्रति किलो है. बेस रेट MIP होगा. इसलिए, यह सेब की अर्थव्यवस्था को खत्म कर देगा क्योंकि हम अमेरिका या न्यूजीलैंड के किसानों से मुकाबला नहीं कर सकते. इससे तीन ट्रेड डील में आयातित सेब भारतीय बाजारों में 15-20 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ता हो जाएगा.”

चौहान ने कहा, “अमेरिका से आने वाले सेब के एक बॉक्स (20 किलोग्राम) पर अभी जो ड्यूटी लगती है, उसकी कीमत भारतीय बाजारों में 2500-2700 रुपये के बीच है. लेकिन लैंडिंग और इम्पोर्ट कॉस्ट हटने के बाद यह आधी कीमत पर बिकेगा. इससे हमारे प्रीमियम सेबों को नुकसान होगा क्योंकि उनके रेट बहुत कम हो जाएंगे. घरेलू बाजार में, अमेरिकी उत्पादों को आसान बनाने के लिए हमारे सेब सस्ते हो जाएंगे.”

भारत में 2.5 एमटी (मीट्रिक टन) सेब पैदा होते हैं, जो दुनिया के कुल उत्पादन का 2 प्रतिशत है. इसमें से, कश्मीर में कुल पैदावार का 75 प्रतिशत पैदा होता है, जिससे सालाना 12,0000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई होती है. सेब की खेती 2 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर होती है, जिसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सेब पैदा करने वाले मुख्य राज्य हैं. लेकिन, सेब किसानों और ट्रेड यूनियनों का अंदाजा है कि भारत के हालिया व्यापार समझौतों से कीमतों में 50 प्रतिशत की गिरावट आएगी.

जम्मू-कश्मीर, जो सेब का मुख्य उत्पादक है, में यह सेक्टर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सात लाख से अधिक परिवारों को गुजारा देता है. मोहम्मद अब्बास को भारत-अमेरिका ट्रेड डील की बेसिक जानकारी पता चलने के बाद चिंता हो रही है, जिससे उनके जैसे छोटे किसान प्रभावित हो रहे हैं. शोपियां के 35 साल के तीसरी पीढ़ी के सेब उगाने वाले अब्बास के पास 20 कनाल के बाग हैं जो पिछले साल बाढ़ में फसल खराब होने के बाद पहले से ही कर्ज में डूबे हुए हैं.

यह मेरे जैसे किसानों को वित्तीय संकट में और धकेल देगा. हम पहले से ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रहे हैं जैसे कि अचानक बाढ़, कम बर्फबारी, बारिश, कम उत्पादन आदि. इन स्थितियों ने नई बीमारियों को जन्म दिया है और उनके लिए कीटनाशकों की आवश्यकता होती है जो महंगे होते हैं. इन स्प्रे ने हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित किया है और अब हमें आर्थिक रूप से भी नुकसान उठाना पड़ेगा.”

शुक्रवार (6 फरवरी) को, भारत और अमेरिका ने परस्पर लाभकारी ट्रेड के बारे में अंतरिम एग्रीमेंट के लिए एक फ्रेमवर्क की घोषणा की. साझा बयान में कहा गया कि यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किए गए बड़े बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) बातचीत के लिए देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसमें अतिरिक्त बाजार तक पहुंच की प्रतिबद्धता शामिल होगी और अधिक मजबूत सप्लाई चेन को समर्थन मिलेगा.

बयान के मुताबिक, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कई तरह के खाने और खेती के उत्पादों पर टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), जानवरों के चारे के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स और अन्य प्रोडक्ट्स शामिल हैं.

शनिवार को, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क डेयरी या दूसरे सेंसिटिव घरेलू प्रोडक्ट्स पर कोई छूट दिए बिना एक्सपोर्ट के मौके बढ़ाता है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए सबसे पसंदीदा ड्यूटी शर्तों के तहत लगभग 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुंच खुलती है. उन्होंने कहा कि भारतीय किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है.

लेकिन हिमाचल प्रदेश से लेकर कश्मीर तक, इस भरोसे से किसानों का डर दूर नहीं हुआ है, क्योंकि उन्हें डर सता रहा है कि जब आयातित सेब भारतीय बाजारों में आने लगेंगे, तो उनकी रोजी-रोटी पर 50 प्रतिशत तक असर पड़ेगा.

एक किसान ने कहा, “अमेरिका के सेब हमारी किस्मों के मुकाबले पौष्टिक नहीं हो सकते हैं. लेकिन वे पॉलिश किए हुए और लाल रंग के होते हैं. इससे वे ग्राहकों को अधिक पसंद आते हैं.”

कश्मीर के किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर किसानों की सुरक्षा के लिए आयातित सेब पर 100 प्रतिशत ड्यूटी लगाने की मांग की. कश्मीर वैली फ्रूट ग्रोअर्स कम डीलर्स यूनियन के अध्यक्ष बशीर अहमद बशीर ने पत्र में लिखा, “हर साल घाटी, हिमाचल और उत्तराखंड के सेब उद्योग के लिए नई चुनौतियां सामने आती हैं. कभी सेब ईरान से आयात किए जाते हैं तो कभी अमेरिका और दूसरे देशों से भी.”