फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में क्रैश हुआ झूला, इंस्पेक्टर की मौत, 12 लोग घायल

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फरीदाबाद : हरियाणा के फरीदाबाद में बड़ा हादसा हुआ है. यहां पर सूरजकुंड मेले में झूला गिरने से जहां पलवल के रहने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई है, वहीं 12 लोग हादसे में घायल हुए हैं. हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पूरे मामले में दुख जताया है.

 

सूरजकुंड मेले में गिरा झूला : फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में स्विंग बोट झूला अचानक गिर गया जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे के वक्त झूले में 12 से ज्यादा लोग सवार थे. झूले के गिरने से 13 लोग घायल हो गए जिसमें से पलवल के रहने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई है. बाकी सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि शाम करीब 6 बजे ये हादसा हुआ है. तकनीकी खराबी से झूले की मोटर फेल हो गई और बेरिंग के टूटने से ये हादसा हो गया. घटना के तुरंत बाद झूलों को फौरन रोक दिया गया. पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. झूला संचालक से पूछताछ की जा रही है. साथ ही सुरक्षा मानकों की जांच भी जारी है. इसके अलावा मेले में लगे अन्य झूलों की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं.

 

डीसी ने क्या कहा ? : सूरजकुंड में हुए हादसे को लेकर डीसी आयुष सिंह ने कहा है कि “पलवल में तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की हादसे में मौत हो गई है. कुल 13 लोग घायल हुए जिसमें इंस्पेक्टर की मौत इलाज के दौरान हुई है. शाम करीब 6.15 बजे ये हादसा हुआ है. हादसे के लिए जांच कमेटी बना दी गई है जो पूरे हादसे की जांच करेगी.”

 

हादसे पर जताया दुख : वहीं हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने पूरे हादसे पर दुख जताया है. सीएम ने पोस्ट करते हुए लिखा कि ” फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड मेले के दौरान हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं. इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. साथ ही, घायल हुए लोगों के समुचित एवं तत्काल उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. हरियाणा सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ घायलों तथा उनके परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने में जुटी है.”

 

 

जांच के आदेश : इसके अलावा पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा है कि ” आज शाम 39वें सूरजकुण्ड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव 2026 के दौरान झूला क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ. पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. हमारी सबकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. सभी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है. मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.”

 

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आरएसएस प्रमुख प्रमुख मोहन भागवत ने कहा -हिंदू शब्द विदेश से आया, देश में चार तरह के हिंदू…  हम विश्व गुरु बनेंगे. लेकिन सिर्फ भाषणों से नहीं बल्कि उदाहरणों के जरिए। 

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मुंबई । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आरएसएस के 100 वर्ष पूरा होने के अवसर पर मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संघ ने पहले से तय किया कि संपूर्ण समाज को संगठित करने के अलावा संघ को और कोई दूसरा काम नहीं करना है। 
भागवत ने कहा कि हम विश्व गुरु बनेंगे. लेकिन सिर्फ भाषणों से नहीं बल्कि उदाहरणों के जरिए।  अगर आप भारतीय हैं तो ये हुनर आपको विरासत में मिला है। भारत के मुस्लिम और ईसाई भारत के हैं। 
उन्होंने कहा कि भारत में चार तरह के हिंदू हैं. पहले वो जो गर्व से कहते हैं कि हम हिंदू हैं. दूसरे वो जो कहते हैं कि हम हिंदू हैं तो क्या? इसमें गर्व करने वाली क्या बात है. तीसरे, वो जो कहते हैं कि धीरे से बोलो कि हम हिंदू हैं। अगर आप हमसे घर में पूछेंगे तो हम आपको बताएंगे कि हम हिंदू हैं और चौथे, वो जो भूल गए हैं कि हम हिंदू हैं।  या फिर जिन्हें भूलने को विवश किया गया है कि वे हिंदू हैं। 
भागवत ने हेडगेवार का जिक्र करते हुए कहा कि संघ ने पहले से तय किया है कि संपूर्ण समाज को संगठित करने के अलावा संघ को और कोई दूसरा काम नहीं करना है. बहुत कठिन परिस्थितियों में भी डॉ. हेडगेवार ने दो बातों को कभी नहीं छोड़ा. एक, अपनी पढ़ाई में हमेशा फर्स्ट क्लास आना; दूसरा, देश के लिए जो कुछ चल रहा था उसमें सक्रिय भाग लेना।  ये उनके जीवन के स्थायी कार्य थे।  संघ को लोकप्रियता नहीं चाहिए. संघ को पावर नहीं चाहिए. जितने भी भले काम देश में हो रहे हैं, वे ठीक से हो जाएं, उन्हें करने के लिए संघ है। 
उन्होंने कहा कि हिंदू संज्ञा नहीं, विशेषण है, भारत में रहने वाले सभी हिंदू ही हैं।  धर्मनिरपेक्षता गलत शब्द है. उसे पंथनिरपेक्षता कहना चाहिए क्योंकि धर्म जीवन का आधार है। 

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‘नीच’ शब्द पर नहीं लग सकता SC/ST एक्ट, राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

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Rajasthan High Court: राजस्थान हाई कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने साफ कहा कि किसी व्यक्ति को ‘नीच’ जैसे अपमानजनक शब्द कह देने मात्र से एससी/एसटी एक्ट अपने-आप लागू नहीं होता. जाति के आधार पर अपमान करने पर यह एक्ट लगता है. कोर्ट ने कहा कि दो लोगों के बीच हुए विवाद में नीच कहने पर जातिगत अपमान नहीं माना जा सकता. इसके तहत कोर्ट ने आरोपी पर लगे एससी/एसटी एक्ट को खारिज कर दिया है.

दरअसल, कोर्ट ने जिस मामले को लेकर फैसला सुनाया है. वह साल 2011 का है. जहां IIT जोधपुर में सरकारी अधिकारी को अतिक्रमण की जांच के दौरान कुछ लोगों ने ‘नीच’ कह दिया. अधिकारियों ने इसे जातिगत अपमान माना और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया. जिन लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया गया, वे सभी अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रहे थे. विरोध करने पर विवाद बड़ा और ‘नीच’ जैसे शब्दों तक पहुंच गया.

आरोपियों की ओर से दायर याचिका में क्या कहा?

जब यह मामला हाई कोर्ट पहुंचा तो आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि उन्हें किसी की जाति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. मामूली कहासुनी हुई थी और ये शब्द जाति के संकेत नहीं देते. इसलिए इसे जातिगत अपमान नहीं माना जा सकता है. इसके अलावा मौके पर कोई भी स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था. जिस पर विचार करते हुए हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है.

एससी-एसटी एक्ट लगाने के लिए ठोस सबूत जरूरी

हाई कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा, विवाद के दौरान इस्तेमाल किए गए शब्द किसी जाति विशेष की ओर संकेत नहीं करते और न ही ऐसा कोई प्रमाण है. आरोपियों को अधिकारियों की जाति के बारे में पहले से पता था, इसका कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. एससी-एसटी एक्ट लगाने के लिए ठोस सबूत का प्रमाण होने जरूरी है. हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एससी-एसटी के आरोपों को रद्द कर दिया है, लेकिन सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की करने का केस चलता रहेगा.

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राहुल गांधी की सोच सड़ी हुई है… कंगना रनौत ने ‘माल’ और ‘कबाब’ वाले बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया

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नई दिल्ली। संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भाजपा सांसद कंगना रनौत (BJP MP Kangana Ranaut) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi.) की भाषा और शब्द चयन को निशाना बनाते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां उनकी मानसिकता को स्पष्ट रूप से दिखाती हैं।

 

कंगना का हमला
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा से सांसद कंगना रनौत ने कहा, “उनके शब्दों की पसंद देख लीजिए। जिस तरह उन्होंने एपस्टीन फाइल्स के संदर्भ में कहा कि उसमें और ‘माल’ और ‘कबाब’ है, ऐसी सड़ी हुई और भ्रष्ट मानसिकता वाले व्यक्ति से और क्या उम्मीद की जा सकती है?” उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में बैठे नेताओं को हमेशा जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ बोलना चाहिए। कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार ऐसे बयान देते हैं, जो राजनीतिक स्तर को गिराते हैं।

 

कांग्रेस का पलटवार
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने लगातार आरोप लगाया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोका जा रहा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “पिछले तीन दिनों से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है और उन्हें अपना भाषण पूरा करने का अवसर नहीं मिला।” रमेश ने आगे बताया कि ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है क्योंकि राहुल गांधी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे उठाते हैं।

 

पीएम मोदी पर आरोप और संसद में बहस
कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगाया कि चीनी घुसपैठ के नाजुक समय में उन्होंने राजनीतिक जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर सेना को अकेला छोड़ दिया। राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की पुस्तक का हवाला देते हुए यह आरोप संसद में उठाए। इसके बावजूद कहा जा रहा है कि संसद में उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने नहीं दिया गया। यह मामला राजनीतिक बहस और सोशल मीडिया पर भी गहरी चर्चा का विषय बन गया है, जहां विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं जारी की हैं।

‘मियां, तैयार हो जाओ…’, सूर्या ने किया फोन, विदेश जाने का प्लान छोड़ टीम के साथ जुड़े सिराज, फिर मचाया धमाल

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T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए हर्षित राणा की जगह मोहम्मद सिराज को शामिल कर लिया गया है. यह फैसला टूर्नामेंट शुरू होने से 2 दिन पहले लिया गया. इसका खुलासा खुद मोहम्मद सिराज ने किया. उन्होंने बताया कि जब खेलने के लिए फोन आया तो लगा कि कप्तान सूर्य कुमार यादव मजाक कर रहे हैं. जानें मोहम्माद सिराज ने क्या कहा?

फोन पर क्या बोले सूर्य कुमार यादव?
मोहम्मद सिराज ने बताया कि मैच शुरू होने से 2 दिन पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव का फोन आया. फोन उठाते ही उन्होंने कहा, “मियां, तैयार हो जाओ, बैग पैक करो और आ जाओ. यह सुनते ही मैंने कहा, सूर्या भाई अभी मजाक मत करो. आप बहुत मजाक करते हो, लेकिन इस बात मजाक नहीं. सूर्या भाई ने फिर कहा, मैं सीरियस हूं. हालांकि मुझे यकीन नहीं हुआ लेकिन जब ओझा भाई का फोन आया, तब मुझे यकीन हुआ कि सच में खेलने जाना है.

सूर्या ने सिराज को क्यों किया फोन?
दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए चयनित खिलाड़ी हर्षित राणा चोटिल हो गए थे. जिसकी वजह से बीसीसीआई ने मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल करने का फैसला किया. सीनियर गेंदबाज मोहम्मद सिराज के टीम में शामिल होने से अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह का साथ मिलेगा. लेकिन इस दौरान जसप्रीत बुमराह भी अचानक से बीमार हो गए, जिसकी वजह से उन्होंने मैच नहीं खेला. सिराज को बिना तैयारी के खेलने का मौका मिल गया.

4 ओवर में झटके 3 विकेट
बता दें, जुलाई 2024 के बाद मोहम्मद सिराज अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेल रहे हैं. सिराज ने पहले ही दिन भारत-अमेरिका मैच में अपना काफी शानदार प्रदर्शन दिखाया. उन्होंने शुरुआती दो ओवरों में दो विकेट झटक दिए. सिराज ने कुल चार ओवरों में 29 रन देकर तीन विकेट हासिल किए. यानी जिस काम के लिए सिराज को लाया गया. उन्होंने अपना काम कर दिया. अमेरिका की टीम का स्कोर चार ओवरों में 3 विकेट पर 13 रन था. भारतीय टीम ने इस मैच में 29 रन से जीत हासिल कर ली.

इस CM का राज्य के प्रबुद्धजन ही कर रहे विरोध… Ex IAS, डॉक्टरों और लेखकों ने चीफ जस्टिस से लगाई ये गुहार?

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नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा (Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma) के खिलाफ राज्य के 40 से अधिक रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों (Retired IAS officers), डॉक्टरों, शिक्षाविदों, लेखकों, पत्रकारों और अन्य प्रसिद्ध नागरिकों ने खुलकर विरोध जताया है। इन प्रबुद्ध नागरिकों ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री के कथित “नफरती भाषण” और एक विशेष समुदाय के खिलाफ दिए गए विवादित बयानों पर स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि संवैधानिक उल्लंघनों के प्रति चुप्पी या निष्क्रियता संविधान की नैतिक शक्ति को कमजोर कर सकती है।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ( Chief Minister Himanta Biswa Sarma) ने कई सार्वजनिक मंचों पर ऐसे बयान दिए हैं जो प्रथम दृष्टया नफरती भाषण, सरकारी धमकी और एक खास समुदाय को बदनाम करने जैसे प्रतीत होते हैं। चिट्ठी में विशेष रूप से मुख्यमंत्री के ‘मियां’ (बांग्ला भाषी मुसलमानों) के खिलाफ दिए गए टिप्पणियों का उल्लेख किया गया है। इन लोगों ने चीफ जस्टिस से मांग की है कि वह इस मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करें।

CM के बयान को संविधान विरोधी बताया
पत्र में कहा गया है कि बांग्ला भाषी मुसलमान असम के समाज का हिस्सा बन चुके हैं, और मुख्यमंत्री के बयान अमानवीय, सामूहिक बदनामी और राज्य प्रायोजित उत्पीड़न की धमकियों जैसे हैं। यह टिप्पणी संविधान की भावना के खिलाफ मानी जा रही है। यहाँ यह भी महत्वपूर्ण है कि ‘मियां’ शब्द असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए अपमानजनक रूप से इस्तेमाल होता है। गैर-बांग्ला भाषी लोग इन्हें अक्सर बांग्लादेशी प्रवासी मानते हैं, जिससे समुदाय पर सामाजिक और राजनीतिक दबाव बढ़ता है।

 

पत्र पर साइन करने वालों में कौन-कौन?
गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखी इस चिट्ठी पर हस्ताक्षर करने वालों में कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इनमें विद्वान डॉ. हिरेन गोहेन, असम के पूर्व DGP हरेकृष्ण डेका, गुवाहाटी के पूर्व आर्कबिशप थॉमस मेनमपारामपिल, राज्यसभा सांसद अजीत कुमार भुइयां, रिटायर्ड IAS अधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद, कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। ज्ञापन में हस्ताक्षर करने वालों ने कहा है कि वे मौलिक अधिकारों के संरक्षक के रूप में गुवाहाटी हाई कोर्ट की संवैधानिक भूमिका में पूर्ण विश्वास रखते हैं और इसी विश्वास के साथ अदालत से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

 

हाई कोर्ट से क्या मांग की गई?
पत्र में हाई कोर्ट से कई महत्वपूर्ण निर्देशों की मांग की गई है, जिनमें शामिल हैं:
उचित मामले दर्ज करने के निर्देश
प्रभावित समुदाय की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय
सार्वजनिक पद धारकों के लिए संवैधानिक अनुशासन की पुष्टि

धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखने का निर्देश
विशेष रूप से, यह मांग की गई है कि गुवाहाटी हाई कोर्ट संविधान की मूल संरचना के हिस्से के रूप में धर्मनिरपेक्षता की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए। यह ज्ञापन असम में बढ़ते सामाजिक तनाव और भाषणों के संभावित प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता का संकेत है, और इससे राज्य में संवैधानिक मूल्यों और साम्प्रदायिक सौहार्द की रक्षा के मुद्दे फिर से सामने आए हैं।

 ऑपरेशन सिंदूर पर जैश आंतकी का बड़ा कबूलनामा

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नई दिल्ली। जैश-ए-मोहम्मद के टॉप आतंकी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा कबूलनामा किया है। आतंकी इलियास कश्मीरी ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी सेना के चीफ ने आतंकियों से कहा था कि ये गजवा ए हिंद है। पीओके के रावलकोट में पांच फरवरी को जैश के टॉप कमांडर इलियास कश्मीरी ने जैश के आतंकियों के बीच यह खुलासा किया। कश्मीरी ने कहा कि हमारे सिपहसालार ने युद्ध का ऐलान करते हुए कहा था कि ये युद्ध गजवा ए हिंद है।  कश्मीरी ने कहा कि जब जंग छिड़ गई, असलहा निकल आया। फाइटर जेट टकरा गईं, टैंक आमने-सामने खड़े हो गए। तब सिपहसालार ने ऐलान कर दिया कि ये गजावत उल हिंद है। ये बुनयान अल मरसूस है। ये रैली जैश ए मोहम्मद में भर्ती किए गए आतंकियों के लिए की गई थी।
इलियास कश्मीरी ने आतंकवाद फैलाने के लिए इन ट्रेंड आतंकियों के सामने ये कबूलनाम किया। इलियास कश्मीरी ने कहा हमारा नाम, हमारी पहचान, हमारा मोटो जिहाद (आतंकवाद) है। उन्होंने कहा कि जब सरकार साथ थी, तब भी जेहाद जब सरकार साथ नहीं थी, तब भी जेहाद, जिहाद हमारा मकसद है। हम जेहाद करेंगे और कश्मीर को आजाद करवाएंगे। बता दें कि इलियास कश्मीरी वही आतंकी है, जिसने सबसे पहले खुलासा किया था कि सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश आतंकी मौलाना मसूद अजहर का परिवार बहावलपुर में भारतीय हमले में मारा गया था। मालूम हो कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने ऑपरेशन का नाम बुनयान अल मरसूस रखा था, जिसका मतलब होता है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है। इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती थी।

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तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने से 2 की मौत, मलबे में दबे 10 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला गया

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कोटा: शिक्षा की नगरी कहे जाने वाले कोटा से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. यहां शनिवार देर रात एक रेस्टोरेंट की बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई. इस दर्दनाक हादसे में एक कोचिंग छात्र समेत 2 की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य लोग घायल हो गए हैं. घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है. घायलों में से 6 लोगों की हालत गंभीर बताया जा रहा है कि रेस्टोरेंट की बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. इस हादसे में मलबे में दबने से 2 की मौत हो गई है.

​मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा कोटा के व्यस्त इलाके जवाहर नगर थाना क्षेत्र के इंद्र विहार में ओपेरा हॉस्पिटल के नजदीक हुआ. रात के समय जब रेस्टोरेंट में चहल-पहल थी, तभी अचानक तीन मंजिला इमारत का एक हिस्सा ढह गया. धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई. मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट चल रहे थे, जिनमें नॉन-वेज रेस्टोरेंट प्रमुख था. नीचे दुकानों में ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे, साथ ही बाहर बाइक पार्किंग एरिया में बैठे कुछ लोग भी प्रभावित हुए है. घटना के समय तेज आवाज आई, जिसे कुछ लोगों ने ब्लास्ट जैसी बताया और पूरी इमारत ढह गई.

​अस्पताल प्रशासन की पुष्टि : ​मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है. डॉ. शर्मा ने बताया कि अस्पताल में कुल 11 लोगों को लाया गया था, जिनमें से एक छात्र को मृत घोषित कर दिया गया है. डॉ. शर्मा के अनुसार मृतक छात्र की पहचान प्रारंभिक तौर पर अरण्य के रूप में की गई है. हालांकि, छात्र के पास से फिलहाल कोई आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) बरामद नहीं हुआ है, जिससे उसके पूर्ण विवरण की पुष्टि की जा सके. प्रशासन उसके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है.

​देर रात बढ़ गया मौत का आंकड़ा : ​शुरुआती जानकारी में कई लोग घायल बताए जा रहे थे, लेकिन मलबे से निकाले जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई. देर रात एक और की मौत की खबर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला. घायलों में से कुछ की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.

रेस्क्यू ऑपरेशन और मौके पर स्थिति: सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, नगर निगम की टीमें, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की कंपनियां मौके पर पहुंच गईं. रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है. सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है. सूचना मिलते ही विधायक संदीप शर्मा और वर्तमान महापौर राजीव अग्रवाल भी घटनास्थल पर पहुंचे. संदीप शर्मा ने बताया कि बिल्डिंग तीन मंजिला थी और गिरने के सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं. हालांकि, पास में निर्माण कार्य चल रहा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ हो सकता है. उन्होंने राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं.

घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और लोगों को नजदीक जाने से रोका. अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में कुछ दिक्कत आ रही थी, लेकिन लाइटिंग और अतिरिक्त टीमों के साथ राहत एवं बचाव कार्य किया गया. एक प्रत्यक्षदर्शी आदित्य विजय ने बताया कि बिल्डिंग एकाएक ढह गई, कुछ लोगों को तुरंत निकाला गया, जबकि कई भागकर बच गए. प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और इलाके से दूर रहने की अपील की है. हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है.

घटना की जानकारी मिलने पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर में मौके पर पहुंचे. उन्होंने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली. मौके पर आसपास के इलाकों की बिजली सप्लाई रोक दी गई है. साथ ही करीब एक दर्जन से ज्यादा बुलडोजर मंगाकर रेस्क्यू किया जा रहा है. फंसे हुए लोगों को निकालने का काम तेजी किया जा रहा है.

मौके पर जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम सहित पूरा प्रशासन का अमला पहुंचा. इसके साथ ही भारी भीड़ को रोकने के लिए भी पुलिस जाप्ता भी तैनात किया गया है. जिला कलेक्टर पियूष समरिया के निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह सहित आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. परिवहन अधिकारियों ने तत्काल क्रेन और बुलडोजरों को मंगाया है. बताया जा रहै है पास में ही एक दूसरी दुकान के निर्माण के चलते ये हादसा हुआ है. पास की दुकान को पूरी तरह से खोदकर तोड़ दिया गया था, जिससे हादसे की संभावना जताई जा रही है.

अमरावती में क्वांटम वैली का शिलान्यास, CM नायडू बोले- देश के लिए गेम-चेंजर साबित होगी

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अमरावती (आंध्र प्रदेश): अमरावती ने भारत में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के भविष्य को आकार देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है. आंध्र प्रदेश को क्वांटम टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर बनाने के उद्देश्य से, शनिवार को ‘अमरावती क्वांटम वैली’ बिल्डिंग की नींव रखी गई. इस पहल से राज्य को भारत की क्वांटम क्रांति को लीड करने का मौका मिलने की उम्मीद है.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ टुल्लुरु मंडल में अमरावती क्वांटम वैली का शिलान्यास किया. राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 50 एकड़ जमीन दी है. केंद्रीय राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर, राज्य मंत्री नारा लोकेश, कंडुला दुर्गेश और अन्य लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए.

ग्लोबल टेक्नोलॉजी की बड़ी कंपनियां IBM, TCS और L&T भारत का पहला 133-qubit क्वांटम कंप्यूटर अमरावती लाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. क्वांटम वैली क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, डिफेंस, हेल्थकेयर और फाइनेंस जैसे जरूरी सेक्टर में रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट के लिए एक हब के तौर पर काम करेगी.

अमरावती को दुनिया के सबसे एडवांस्ड क्वांटम हब के साथ लाने के विजन के साथ, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने इस बड़े प्रोजेक्ट का आइडिया दिया है. क्वांटम वैली से वर्ल्ड-क्लास रिसर्च इंस्टीट्यूशन, ग्लोबल टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप इकोसिस्टम का विस्तार, युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के बड़े मौके मिलने की उम्मीद है.

राज्य सरकार की योजना इस साल अगस्त तक क्वांटम वैली बिल्डिंग को पूरा करने और दिसंबर तक क्वांटम कंप्यूटर लगाने की है. इस सुविधा का मकसद बोस्टन, सिंगापुर और शंघाई जैसे ग्लोबल क्वांटम सेंटर्स के बराबर खड़ा होना है.

अमरावती क्वांटम वैली देश के लिए गेम-चेंजर: सीएम चंद्रबाबू
कार्यक्रम में बोलते हुए, सीएम चंद्रबाबू ने कहा कि अमरावती क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर पूरे देश के लिए गेम-चेंजर साबित होगा. उन्होंने कहा, “राज्य का भविष्य छात्रों पर निर्भर करता है. मेरी उम्मीदें पूरी तरह से उन पर हैं. चाहे इतिहास लिखना हो या उसे फिर से लिखना हो, युवा ही यह कर सकते हैं. हमारे युवा टेक्नोलॉजी सेक्टर में क्वांटम स्पीड से आगे बढ़ रहे हैं. आज, हमने क्वांटम प्रोजेक्ट की नींव रखी है. भविष्य में, प्रोडक्शन और सप्लाई यहीं से होगी.”

उन्होंने कहा, “हाईटेक सिटी (HITEC City) हैदराबाद के लिए गेम-चेंजर बन गया. लेकिन यह क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर देश के लिए गेम-चेंजर होगा. यहीं से दुनिया को नए इनोवेशन देने के मौके मिलेंगे. हमने यह सब अगले 40 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्लान किया है.”

पीएम मोदी की तारीफ करते हुए चंद्रबाबू ने कहा कि देश को सही समय पर सही प्रधानमंत्री मिला है और उन्होंने नेशनल क्वांटम मिशन से आंध्र प्रदेश से अपनी एक्टिविटी शुरू करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि TCS, IBM और L&T के साथ बातचीत हुई है और कंपनियों से कुछ महीनों में एग्रीमेंट पूरे करने को कहा गया है.

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा, “मैंने इस साल के आखिर तक पहला क्वांटम कंप्यूटर आने को कहा है. 14 अप्रैल को हम यहां दो और क्वांटम सेंटर बनाएंगे. 2030 तक देश को 2.5 लाख क्वांटम प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी. भारत में हर 100 आईटी प्रोफेशनल्स में से 35 तेलुगु हैं.”

नायडू ने कहा, “क्वांटम कंप्यूटिंग और ग्रीन हाइड्रोजन वैली आंध्र प्रदेश के लिए गेम-चेंजर साबित होंगी. क्वांटम वैली की नींव रखने का यह दिन इतिहास में हमेशा रहेगा. अमरावती हमेशा जितेंद्र सिंह को याद रखेगा. आईटी मंत्री लोकेश आईटी डिपार्टमेंट को अच्छे से संभाल रहे हैं. इस महीने की 16 तारीख को बिल गेट्स अमरावती आएंगे.”

संचार में बड़े बदलाव लाएगी क्वांटम कंप्यूटिंग
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार नेशनल क्वांटम मिशन को पूरा समर्थन दे रही है. उन्होंने कहा, “यह शिलान्यास देश के क्वांटम मिशन की नींव बनेगा. आंध्र प्रदेश तेजी से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी अपना रहा है. हमने डीप सी मिशन को भी जल्दी मंजूरी दी. 2024 से, ‘क्वांटम टेक्नोलॉजी’ शब्द हर जगह सुनाई दे रहा है.

सिंह ने कहा, “क्वांटम कंप्यूटिंग मेडिकल सेक्टर में बड़े बदलाव लाएगा. क्वांटम मिशन सभी फील्ड में बहुत जरूरी होगा. इसीलिए हमने नेशनल क्वांटम मिशन के लिए 6,000 करोड़ रुपये दिए हैं. इनोवेशन के समय सब कुछ छोटा लगता है. बाद में ही उन इनोवेशन की असली कीमत पता चलती है. क्वांटम कंप्यूटिंग संचार के फील्ड में भी बड़े बदलाव लाएगा.”

एक्सप्रेस-वे पर कंटेनर ने रौंदा 6 की मौत

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मथुरा। मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस से उतरकर खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। हादसे में 6 की मौके पर मौत हो गई। एक गंभीर घायल है। घटना शनिवार तडक़े 2.45 बजे की है। जानकारी के मुताबिक, बस दिल्ली के नागलोई से कानपुर देहात के रसूलाबाद जा रही थी। रास्ते में कुछ यात्रियों ने ड्राइवर को बाथरूम के लिए बस रोकने को कहा। ड्राइवर ने ग्रीन जोन की बजाय रास्ते में बस रोक दी। कुछ यात्री बस से उतरकर नीचे खड़े हो गए, तभी पीछे से आ रहे कंटेनर ने पहले बस को टक्कर मारी। फिर यात्रियों को रौंद दिया। कंटेनर का चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। हाईवे पर लाशें बिछ गईं। कुछ यात्रियों के चहेरे बुरी तरह कुचल गए। इससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो गया। परिजनों ने स्वेटर-कपड़ों से उनकी पहचान की। मौके पर लंबा जाम लग गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस से घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

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News Desk