18 C
London
Sunday, July 26, 2026
HomeLatest Newsविवेक बंजल के ‘शाही प्रोटोकॉल’ पर बवाल, सरकार ने जारी किया नोटिस

विवेक बंजल के ‘शाही प्रोटोकॉल’ पर बवाल, सरकार ने जारी किया नोटिस

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीएसएनएल निदेशक विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे के लिए जारी विवादित शाही प्रोटोकॉल पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है. 19 फरवरी को डीजीएम स्तर से जारी इस प्रोटोकॉल में संगम स्नान और भोजन जैसी सुविधाओं के लिए 50 से अधिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी. इंटरनेट पर दस्तावेज वायरल होने के बाद 25 फरवरी का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया गया. सरकार ने इसे स्थापित नियमों का उल्लंघन मानते हुए प्रयागराज के पीजीएमटी ब्रजेंद्र कुमार सिंह का तबादला आंध्र प्रदेश कर दिया है. विवेक बंजल को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है. वायरल प्रोटोकॉल में विवेक बंजल के स्वागत के लिए मिनट-टू-मिनट योजना तैयार की गई थी।

इसमें संगम स्नान के बाद इस्तेमाल होने वाले कपड़ों, तौलिया और अन्य निजी सामान की देखभाल के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी. निर्देश इतने विस्तृत थे कि स्नान के बाद कोई भी वस्तु छूटने न पाए, इसका ध्यान रखने के लिए भी अधिकारी तैनात थे. इस वीआईपी संस्कृति को सोशल मीडिया पर यूजर्स ने शाही आवभगत बताते हुए तीखी आलोचना की, जिसके बाद विभाग की काफी किरकिरी हुई. इस मामले पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि यह परंपराओं का उल्लंघन है और उन्हें यह जानकर झटका लगा है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अनुचित है और इसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. मुख्यालय के आदेश पर पीजीएमटी ब्रजेंद्र कुमार सिंह को श्रीकाकुलम, आंध्र प्रदेश भेज दिया गया है, जबकि डीएम जागेश्वर वर्मा का तबादला नेटवर्क ट्रांसमिशन नॉर्थ यूनिट में कर दिया गया है. विभाग के जनसंपर्क अधिकारी ने दौरा निरस्त होने की पुष्टि करते हुए पुराने प्रोटोकॉल को अमान्य घोषित कर दिया है. विवादित प्रोटोकॉल पीजीएमटी कार्यालय से जारी हुआ था, जिस पर डीजीएम के हस्ताक्षर थे. अब इस मामले में सीधे डायरेक्टर विवेक बंजल से जवाब तलब किया गया है. उन्हें अपनी सफाई पेश करने के लिए सात दिन की मोहलत दी गई है. इस कार्रवाई से पूरे बीएसएनएल महकमे में सन्नाटा पसरा है. मंत्री के कड़े तेवरों ने साफ कर दिया है कि सरकारी कामकाज में इस तरह के अनावश्यक प्रोटोकॉल और शाही दिखावे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Previous articleस्कूल के पहले दिन 4 साल के बच्चे पर कुत्तों का हमला, सुरक्षा पर बड़े सवाल
Next articleमुंबई की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने सोम के ₹347 करोड़ के शेयर अटैचमेंट को किया कन्फर्म
News Desk

Friends Conso Strengthens Its Presence with a Commitment to Quality and Customer Satisfaction

Delhi, India: Delivering dependable services while building lasting customer relationships has become the foundation of Friends Conso, a growing organization founded by Shanmuganathan. With...

Jhalana Leopard Safari Ticket Price Helps Visitors Plan an Affordable Wildlife Experience

Jaipur is home to one of India's most exciting wildlife destinations, and understanding the Jhalana Leopard Safari Ticket Price helps travelers plan their adventure...