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Friday, September 18, 2026
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गणतंत्र दिवस पर सेना को मिला सबसे बड़ा सम्मान पैकेज, हजारों सैनिकों को मिली ऑनररी रैंक

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नई दिल्‍ली। सबसे पहले बात करें एक्टिव सर्विस पर ऑनररी कैप्टन/लेफ्टिनेंट की। तो गजट नोटिफिकेशन (gazette notification) संख्या 01 (ई) के तहत एक्टिव ड्यूटी पर कार्यरत जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स को यह सम्मान दिया गया है। इस श्रेणी में आर्मर्ड कॉर्प्स, आर्टिलरी, इंजीनियर्स, इंटेलिजेंस, मिलिट्री पुलिस, पायनियर कॉर्प्स, डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स और टेरिटोरियल आर्मी जैसी विभिन्न शाखाओं के 437 सीनियर जेसीओ को ऑनररी कैप्टन और 1804 अधिकारियों को ऑनररी लेफ्टिनेंट बनाया गया है। यह सम्मान उन सैनिकों को दिया गया है, जिनकी सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह संतोषजनक रही है और जिन पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं थी।

इसके बाद दूसरी बड़ी श्रेणी है रिटायरमेंट के समय ऑनररी कैप्टन/लेफ्टिनेंट की। गजट नोटिफिकेशन संख्या 02 (ई) के अनुसार, इस कैटेगरी में 4014 जेसीओ को उनकी सेवा पूरी होने पर यह मानद रैंक दी गई है। इनमें सूबेदार मेजर, रिसालदार मेजर और सूबेदार स्तर के सैनिक शामिल हैं, जो लंबे समय तक सेना की अलग-अलग यूनिट्स और रेजीमेंट्स में सेवा दे चुके हैं। इस सूची में आर्मर्ड कॉर्प्स, आर्टिलरी, इंजीनियर्स, आर्मी एजुकेशनल कॉर्प्स, डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स और टेरिटोरियल आर्मी के सैनिक बड़ी संख्या में शामिल हैं।

 

तीसरी और सबसे बड़ी संख्या वाली कैटेगरी है ऑनररी नायब रिसालदार/ऑनररी सूबेदार की। गजट नोटिफिकेशन संख्या 03 (ई) के तहत, 805 एनसीओ को यह सम्मान दिया गया है। इनमें हवलदार, दफेदार और नायब सूबेदार स्तर के सैनिक शामिल हैं, जिन्होंने कई वर्षों तक फील्ड एरिया, सीमावर्ती इलाकों और ऑपरेशनल यूनिट्स में सेवा दी है। यह कैटेगरी संख्या के लिहाज से सबसे बड़ी रही, जो यह दिखाती है कि सेना अपने निचले और मध्य स्तर के नेतृत्व को भी समान सम्मान देती है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो गणतंत्र दिवस 2026 पर हजारों सैनिकों को विभिन्न स्तरों पर ऑनररी रैंक देकर उनकी लंबी, निष्ठावान और अनुकरणीय सेवा को औपचारिक सम्मान दिया गया है।

क्या होती है ऑनररी रैंक
ऑनररी रैंक भारतीय सेना में दिया जाने वाला एक विशेष मानद सम्मान है। यह उन सैनिकों को दिया जाता है, जिन्होंने लंबे समय तक ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ देश की सेवा की हो। यह रैंक वास्तविक कमांड या ऑपरेशनल पावर नहीं देती, लेकिन सैनिक की पूरी सेवा को आधिकारिक मान्यता देती है।

ऑनररी रैंक दो तरह से दी जाती है। पहली, एक्टिव सर्विस के दौरान, जैसे ऑनररी कैप्टन या ऑनररी लेफ्टिनेंट। दूसरी, रिटायरमेंट के समय, जब सैनिक अपनी यूनिट से विदा लेता है। आमतौर पर यह सम्मान गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसरों पर घोषित किया जाता है।

क्या हैं ऑनररी रैंक के फायदे?
ऑनररी रैंक का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा पेंशन से जुड़ा होता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई सूबेदार ऑनररी लेफ्टिनेंट बनता है, तो उसकी पेंशन उच्च रैंक के अनुरूप तय की जाती है। मौजूदा 7वें पे कमीशन और वन रैंक वन पेंशन के तहत यह बढ़ोतरी लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक हो सकती है, जो व्यक्ति की सेवा अवधि और अंतिम रैंक पर निर्भर करती है।

इसके अलावा, सामाजिक और प्रोटोकॉल सम्मान भी एक बड़ा लाभ है। रिटायरमेंट के बाद सैनिक अपने नाम के साथ ऑनररी रैंक का इस्तेमाल कर सकता है, जैसे “ऑनररी कैप्टन” या “ऑनररी सूबेदार”। सैन्य कार्यक्रमों और आधिकारिक आयोजनों में उन्हें उच्च स्थान और सम्मान मिलता है, जिससे परिवार और समाज में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ती है।

मेडिकल सुविधाओं और कैंटीन जैसी सुविधाओं की बात करें तो ईसीएचएस मेडिकल स्कीम, सीएसडी कैंटीन और ट्रैवल कंसेशन पहले की तरह जारी रहते हैं। हालांकि रैंक बढ़ने से कुछ मामलों में प्रोटोकॉल और सुविधा स्तर बेहतर हो जाता है।

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