राहुल गांधी के मनाने के बाद भी नहीं माने भूपेन बोरा? भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज

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गुवाहाटी। असम की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। भूपेन बोरा (Bhupen Bora) के इस्तीफे के बाद अब उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने दावा किया है कि बोरा 22 फरवरी को भाजपा का दामन थाम सकते हैं और उनके साथ कई अन्य कांग्रेस नेता भी पार्टी में आ सकते हैं।

इस्तीफा, मनुहार और अब नया सियासी मोड़
सोमवार को बोरा ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। बाद में पार्टी नेतृत्व के आग्रह पर उन्होंने कहा था कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे। बताया गया कि राहुल गांधी ने भी उन्हें मनाने की कोशिश की थी, लेकिन अब उनके भाजपा में जाने की संभावनाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

हिमंत सरमा बोले-“यह उनके लिए घर वापसी”
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उनकी संभावित जॉइनिंग को मंजूरी दे दी है और भाजपा में उनका स्वागत होगा। उन्होंने इसे “घर वापसी” बताते हुए कहा कि भाजपा वंशवाद की राजनीति नहीं, बल्कि कार्यकर्ता आधारित राजनीति में विश्वास करती है।

 

सरमा हाल ही में गुवाहाटी के घोरमारा स्थित बोरा के आवास भी पहुंचे थे, जहां उनका पारिवारिक स्वागत हुआ। उन्होंने पहले भी संकेत दिया था कि भाजपा के दरवाजे बोरा के लिए खुले हैं।

 

अंतिम फैसला लेने से पहले समर्थकों से चर्चा
दिन में पत्रकारों से बातचीत में बोरा ने कहा कि वह अंतिम निर्णय से पहले अपने समर्थकों और लखीमपुर के लोगों से चर्चा करेंगे।
उन्होंने कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि वह “एपीसीसी में रह सकते हैं, लेकिन एपीसीसी (आर) में नहीं”, जिसे राजनीतिक रूप से धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन पर टिप्पणी माना जा रहा है।

टिकट विवाद और पुराने मतभेद भी बने वजह
बोरा ने आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा उपचुनाव में वरिष्ठ नेताओं ने उनका नाम सुझाया था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
यह सीट खाली होने के बाद उम्मीदवार के रूप में रकीबुल हुसैन के बेटे को उतारा गया, जिन्हें भाजपा प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा।

AIUDF गठबंधन पर भी जताई थी नाराजगी
बोरा ने 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के साथ कांग्रेस के गठबंधन का विरोध किया था।
उनका कहना था कि इस फैसले पर उन्होंने पार्टी नेतृत्व को कई बार पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। बाद में गठबंधन टूट गया और लोकसभा चुनाव में रकीबुल हुसैन ने AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को बड़े अंतर से हराया।

भूपेन बोरा का अगला कदम असम की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अगर वह भाजपा में शामिल होते हैं तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका और राज्य की सियासत में एक अहम पुनर्संरेखण माना जाएगा। फिलहाल सबकी नजर उनके अंतिम फैसले पर टिकी है।

पीएम मोदी ने सभी मेहमानों का किया स्वागत, थोड़ी देर में करेंगे संबोधित

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नई दिल्ली: भारत में आज गुरुवार को इंडिया एआई (AI) इंपैक्ट समिट 2026 का औपचारिक उद्घाटन होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे. इस दौरान करीब 60 से ज्यादा देशों की भागीदारी देखने को मिलेगी. बता दें, एआई समिट में AI गवर्नेंस, सॉवरेन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा की जाएगी.

ताजा जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने इस समिट में शामिल हुए सभी मेहमानों का स्वागत किया. समिट के उद्घाटन समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला समेत कई राष्ट्रों के राष्ट्रध्यक्ष शामिल हो रहे हैं. इनके अलावा एआई समिट 2026 में 500 से ज्यादा एआई लीडर्स, 100 से ज्यादा सरकार के प्रतिनिधि, 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष. 60 मंत्री, 150 से ज्यादा शिक्षाविद, शोधकर्ता और सैकड़ों एक्सपर्टस भी शामिल हो रहे हैं.

पीएम मोदी के दिनभर के कार्यक्रम की बात करें तो तमाम नेताओं से मुलाकात करेंगे. वहीं, शाम को कई CEO के साथ राउंडटेबल बैठकें भी शामिल हैं.

शिवाजी महाराज की जयंती पर कलाकारों ने किया नमन, रितेश देशमुख बोले- युवाओं को पता होना चाहिए उनका बलिदान

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आज पूरे देश में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जा रही है। 19 फरवरी को जन्मे शिवाजी महाराज ने उस वक्त स्वराज का सपना देखा, जब देश का ज्यादातर हिस्सा विदेशी सत्ता के अधीन था। उन्होंने स्वराज के लिए संघर्ष किया। आज उनकी जयंती के मौके पर सेलेब्स उन्हें याद कर रहे हैं। आइए डालते हैं एक नजर।

रितेश देशमुख

बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज की जयंती पर कहा ‘मैं शिव जयंती के मौके पर भगवान शिव के सभी भक्तों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। छत्रपति शिवाजी महाराज हमें हमेशा प्रेरित करते हैं और नई ऊर्जा देते हैं। युवाओं को देश के लिए उनके दिए गए अलग-अलग बलिदानों के बारे में पता होना चाहिए। हम सभी को अच्छा इंसान बनने की कोशिश करनी चाहिए।’ शिवाजी महाराज की जयंती पर कलाकारों ने किया नमन, रितेश देशमुख बोले- युवाओं को पता होना चाहिए उनका बलिदान सार आज पूरे देश में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जा रही है। 19 फरवरी को जन्मे शिवाजी महाराज ने उस वक्त स्वराज का सपना देखा, जब देश का ज्यादातर हिस्सा विदेशी सत्ता के अधीन था। उन्होंने स्वराज के लिए संघर्ष किया। आज उनकी जयंती के मौके पर सेलेब्स उन्हें याद कर रहे हैं। आइए डालते हैं एक नजर।

रितेश देशमुख

बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख ने शिवाजी महाराज की जयंती पर कहा ‘मैं शिव जयंती के मौके पर भगवान शिव के सभी भक्तों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। छत्रपति शिवाजी महाराज हमें हमेशा प्रेरित करते हैं और नई ऊर्जा देते हैं। युवाओं को देश के लिए उनके दिए गए अलग-अलग बलिदानों के बारे में पता होना चाहिए। हम सभी को अच्छा इंसान बनने की कोशिश करनी चाहिए।’

उर्मिला मातोंडकर

अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर ने एक्स पर शिवाजी महाराज का एक पोस्टर शेयर करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

कब हुआ शिवाजी महाराज का जन्म?

आपको बता दें कि शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। उनकी माता का नाम राजमाता जीजाबाई था। उन्होंने बचपन से ही उनमें धर्म और नीति के संस्कार डाले। उनके पिता शाहजी भोसले एक वीर योद्धा थे। शिवाजी महाराज ने किशोर अवस्था में मराठा शक्ति की नींव रखी। उनकी गुरिल्ला युद्ध नीति (गनिमी कावा) ने शक्तिशाली साम्राज्यों को भी हिला दिया। 1674 में रायगढ़ किले पर उनका भव्य राज्याभिषेक हुआ और वे औपचारिक रूप से ‘छत्रपति’ बने।

शिव ठाकरे

टीवी कलाकार शिव ठाकरे ने शिवाजी महाराज की जयंती पर फैंस को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा ‘शिव जयंती के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं!’

विपक्ष को लग सकता है बड़ा झटका, बंपर फायदे में रहेगी NDA

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नई दिल्ली। इस साल विभिन्न राज्यों की 72 राज्यसभा (Rajya Sabha) सीटों पर चुनाव (Elections) होने हैं। अगले माह दस राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी गई है। राज्यसभा सदस्य के चुनाव के लिए विधायक ही मतदान करते हैं। मार्च में होने वाले चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी ही लाभ की स्थिति में हैं, विपक्षी खेमे को झटका लग सकता है। 37 सीटों में भाजपा (BJP) को तीन और उसके सहयोगी दलों को दो सीट का अतिरिक्त लाभ हो सकता है।

16 मार्च 2026 को दस राज्यों की 37 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इन चुनाव में जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें शरद पवार, हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, रामदास अठावले, एम थंबीदुरई, प्रियंका चतुर्वेदी, प्रेमचंद गुप्ता व अभिषेक मनु सिंघवी शामिल हैं।

बिहार में सबसे अधिक फायदा
बिहार में पांच सीटें रिक्त हो रही है, जिनमें जदयू की दो, राजद की दो और आरएलएम की एक सीट शामिल है। जदयू और भाजपा दोनों दो-दो सीट और उनका सहयोगी एक सीट जीत सकता है। यहां पर एक सीट के लिए 42 वोट चाहिए। राजग के पास 202 विधायक हैं। यानी चार सीट पक्की। विपक्ष के पास 42 विधायक नहीं हैं। ऐसे में राजग जोड़ तोड़ से पांचवी सीट भी जीत सकती है, क्योंकि चुनाव की स्थिति में विपक्ष के लिए राजग में सेंध लगाना मुश्किल है।

असम में खाली हो रही तीन सीटों में दो भाजपा व एक निर्दलीय सांसद है। इस बार भाजपा के दो और कांग्रेस के एक सांसद का चुना जाना लगभग तय है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के ही दोनों सांसद रिटायर हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के ही दोनों सांसद रिटायर हो रहे हैं। चुनाव के बाद भाजपा व कांग्रेस को एक-एक सीट मिलने की संभावना है। हरियाणा में दोनों सीटें भाजपा की रिक्त हो रही है, लेकिन चुनाव के बाद भाजपा की एक ही सीट आएगी एक सीट कांग्रेस के पास जाएगी। हिमाचल में भाजपा की एक सीट रिक्त हो रही है और यह सीट कांग्रेस के पास जाएगी।

महाराष्ट्र में खाली हो रही 7 सीटें
महाराष्ट्र में 7 सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें भाजपा की दो, शिवसेना उद्धव ठाकरे की एक, राकांपा शरद पवार की दो, कांग्रेस की एक और रिपब्लिकन पार्टी की एक सीट शामिल है। चुनाव के बाद भाजपा के तीन, राकांपा (अजित पवार) एक, शिवसेना (शिंदे) को एक, कांग्रेस को एक व भाजपा चाहे तो आरपीआई को एक सीट मिल सकती है। यहां पर शरद पवार मुश्किल में हैं उनके लिए इंडिया गठबंधन के दलों को अपनी सीट छोड़नी पड़ सकती है, लेकिन यह आसान नहीं है।

ओडिशा में चार सीटें खाली हो रही हैं। इनमें दो भाजपा की और दो बीजे़ी की है। वहां पर फिर से दोनों दलों की दो-दो सीटें आने की संभावना है। तमिलनाडु की छह सीटें रिक्त हो रही है। इनमें चार द्रमुक की और एक टीएमसी व एक अन्नाद्रमुक की है। द्रमुक फिर से चार सीटें जीतने की स्थिति में है। अन्नाद्रमुक भी एक सीट जीत लेगी। एक सीट का फैसला स्थानीय चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। तेलंगाना की खाली हो रही दो सीटों में एक कांग्रेस की और एक बीआरएस की है। इस बार दोनों सीटें कांग्रेस के पास जाएंगी।

पश्चिम बंगाल से पांच सीटें रिक्त हो रही हैं। इनमें चार तृणमूल कांग्रेस के पास थी और एक माकपा के पास थी। मौजूदा विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस की फिर से चार सीटें आएंगी, जबकि एक सीट भाजपा को मिलेगी।

रसायनों से भरे एक ड्रम में विस्फोट……चार बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए

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कोलकत्ता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में रसायनों से भरे एक ड्रम में विस्फोट होने से चार बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार शाम को आठ से 10 वर्ष की आयु के चार बच्चे सड़क किनारे खेल रहे थे। तभी पास में रखा करीब 200 लीटर हल्के डीजल तेल (एलडीओ) से भरा ड्रम अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि चारों बच्चे आग की चपेट में आ गए। असहनीय दर्द के कारण एक बच्चा पास के तालाब में कूद गया।
घायलों की पहचान सादिकुल मोल्लाह, समीउल मोल्लाह, रायहान मोल्लाह और रियाज हसन मोल्लाह के रूप में हुई है। सभी बच्चे लोकल खरागाची प्राथमिक विद्यालय के छात्र हैं। घटना के तुरंत बाद लोगों ने बच्चों को बचाकर नलमुरी ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर तीन बच्चों को कोलकाता स्थित एमआर बांगुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सादिकुल की स्थिति चिंताजनक है। जानकारी के मुताबिक, कैनिंग पुरबा विधानसभा क्षेत्र के घातकपुकुर से मध्य खारगाछी तक सात किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क पर मरम्मत कार्य चल रहा है। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया और ज्वलनशील पदार्थ खुले में छोड़ दिए गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई। विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए बम निरोधक दस्ता भी बुलाया गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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प्रियंका चोपड़ा ने ‘वाराणसी’ को बताया करियर डिफाइनिंग फिल्म, राजामौली को लेकर कही ये बात

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प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी हॉलीवुड फिल्म ‘द ब्लफ’ को लेकर चर्चाओं में हैं। लेकिन अभिनेत्री एसएस राजामौली के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर काफी उत्साहित हैं। प्रियंका इस फिल्म से भारतीय सिनेमा में वापसी कर रही हैं। यही कारण है कि प्रियंका ‘वाराणसी’ को अपने लिए काफी खास फिल्म मानती हैं। सात साल बाद किसी भारतीय फिल्म से दूर रहने के बाद, इस फिल्म को पहले से ही आने वाले समय की सबसे बड़ी सिनेमाई घटनाओं में से एक माना जा रहा है। प्रियंका ने निर्देशक राजामौली को भारत के सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्माताओं में से एक बताया। साथ ही कहा कि वो अपनी इस फिल्म के लिए काफी उत्साहित हैं।

अगले साल 7 अप्रैल को रिलीज होगी फिल्म

एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित ‘वाराणसी’ की घोषणा पिछले साल की गई थी। हैदराबाद में फिल्म का एक बड़ा इवेंट हुआ था, जिसमें फिल्म की पूरी कास्ट नजर आई थी। इस फिल्म में महेश बाबू रुद्र के किरदार में नजर आएंगे। वो फिल्म में भगवान राम के अवतार में भी दिखाई देंगे। इसके अलावा पृथ्वीराज सुकुमारन विलेन की भूमिका निभाएंगे, उनके किरदार का नाम कुंभा है। जबकि प्रियंका चोपड़ा फिल्म में मंदाकिनी के किरदार में दिखाई देंगी। ‘वाराणसी’ 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

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मायावती की समर्थकों से अपील……..बीएसपी के खिलाफ साजिश की जा रही, सभी इससे सतर्क रहें 

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख और पूर्व सीएम मायावती ने अपने समर्थकों को बीएसपी को सत्ता से बाहर करने के उद्देश्य से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा जारी तीव्र साजिशों और हथकंडों के प्रति आगाह किया। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए, मायावती ने कहा कि राज्य और देश भर में डॉ.बी.आर. अंबेडकर के सभी अनुयायियों से आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अंबेडकरवादी आंदोलन को एकजुट करने और मजबूत करने का आह्वान किया।
मायावती ने कहा कि जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हमारे विरोधी हमें सत्ता से दूर रखने और हमारे खिलाफ साजिश रचने के और भी अधिक प्रयास कर रहे है। उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सभी अंबेडकरवादियों को आत्मसम्मान प्राप्ति के लिए डॉ. अंबेडकर के आंदोलन को मजबूत करने के लिए निरंतर काम करना चाहिए। इससे पहले, उन्होंने पार्टी को कमजोर करने की साजिशों का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को इन साजिशों के प्रति सतर्क किया जाएगा।
2027 के यूपी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बसपा कार्यकर्ताओं की बैठक से पहले, मायावती ने कहा कि पार्टी का ध्यान गरीबों, दलितों, आदिवासी लोगों, पिछड़े वर्गों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर केंद्रित किया जाएगा। बसपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बहुत कम समय शेष है। पार्टी कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश देने के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है… चल रहे एसआईआर अभ्यास के कारण पार्टी के काम में देरी हुई है, लेकिन इसके पूरा करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। पार्टी सदस्यों को बसपा को कमजोर करने के लिए विपक्षी दलों द्वारा रची जा रही नई रणनीति और साजिशों के प्रति सतर्क किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इस बैठक में दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ-साथ किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, व्यापारियों और अन्य कामकाजी लोगों की दयनीय और खराब स्थिति की ओर ध्यान दिलाया जाएगा, जो केंद्र और राज्य सरकारों के तहत मौजूदा सरकारों के साथ-साथ पिछली सरकारों के तहत भी बनी हुई है। यूपी में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां बसपा 2022 के चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद वापसी करने की कोशिश करेगी। मायावती के नेतृत्व वाली बसपा, जो कभी राज्य में सत्ता में थी, 2022 के चुनावों में सिर्फ एक सीट तक सिमट गई थी।

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अरुणाचल और नागालैंड के जंगलों में आग बुझाने सेना-वायुसेना का युद्धस्तर पर काम जारी

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गुवाहाटी। अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के जंगल में आग बुझाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। भारतीय सेना और वायुसेना ऑपरेशन में जुटी है। हेलीकॉप्टर लगातार पानी गिरा रहे हैं, जबकि सतह पर टीमें खास उपकरणों से आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं। अब तक अरुणाचल प्रदेश के वालोंग में आग पर काबू पाया जा चुका है। भारतीय वायुसेना ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हेलीकॉप्टर दो मोर्चों पर जंगल की आग बुझाने के मिशन में लगे हैं और मुश्किल इलाकों में लगातार हवाई फायरफाइटिंग कर रहे हैं। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वायुसेना ने जानकारी दी है कि अरुणाचल प्रदेश के वालोंग में कुल 139,800 लीटर पानी गिराया गया है, जिससे आग बुझ गई है। साथ ही नागालैंड में ज़ुकोऊ घाटी में ऑपरेशन जारी है, जिसमें हेलीकॉप्टर से पानी लाकर जप्फू पीक के पास खड़ी ढलानों, खराब विजिबिलिटी और दुर्लभ हवा के बीच आग बुझा रहे हैं। भारतीय सेना के जवानों ने वायुसेना के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में करीब 3,000 से 3,500 फीट की ऊंचाई पर मौजूद दूर-दराज के इलाकों में लगी जंगल की आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को आर्मी ने वीडियो शेयर किए थे, जिनमें पहाड़ियों पर लगी आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर पानी गिराते हुए दिख रहे थे, जबकि जमीनी टीमों की मदद के लिए आग बुझाने के दूसरे उपकरण भी लगाए गए थे। बताया जाता है कि यह आग 13 फरवरी को जंगल में फैली थी।
इससे पहले शनिवार को वायुसेना ने पोस्ट किया था कि हेलीकॉप्टर अरुणाचल प्रदेश की लोहित घाटी में 9,500 फीट से ऊपर लगातार आग बुझाने का मिशन चला रहे हैं। लोहित घाटी के ऊपर पहाड़ियों के किनारे हॉटस्पॉट पर 12,000 लीटर से ज्यादा पानी पहुंचाया गया। खराब मौसम और पतली हवा के बावजूद, हेलिकॉप्टर पानी गिराकर आग पर काबू पाने और नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा करने का काम जारी रखे हुए हैं। 
गुवाहाटी में एक रक्षा प्रवक्ता के मुताबिक सूखा मौसम और झूम खेती, जो पहाड़ी जनजातियों का पारंपरिक कटाई-जलाओ का तरीका है, नॉर्थईस्ट में जंगल में आग लगने की मुख्य वजहों में से हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि पिछले पांच दिनों में हवाई जांच और पानी गिराने में मदद करने वाले हेलीकॉप्टरों के साथ मिलकर चौबीसों घंटे काम किया जा रहा है। ये ऑपरेशन बहुत मुश्किल इलाके और मौसम की हालत में किए जा रहे हैं ताकि आग पूरी तरह बुझ जाए।

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‘कोई नहीं समझ सकता दुष्कर्म पीड़िता का दर्द’, कनी कुश्रुति ने बताया कैसे की ‘अस्सी’ के अपने किरदार की तैयारी

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हुमा कुरैशी स्टारर हिट वेब सीरीज ‘महारानी’ में कावेरी के किरदार से सुर्खियां बटोरने वाली अभिनेत्री कनी कुश्रुति जल्द ही अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘अस्सी’ में नजर आएंगी। वो इस फिल्म में एक दुष्कर्म पीड़िता का किरदार निभा रही हैं। इस दौरान अभिनेत्री ने फिल्म में अपने किरदार को लेकर बात की। उनका कहना है कि दुष्कर्म पीड़िता के दर्द को पूरी तरह समझना असंभव है। एक्ट्रेस ने बताया कैसे की अपने किरदार की तैयारी।

कुशीनगर

हमने इस दर्द के करीब पहुंचने की कोशिश की पीटीआई से बात करते हुए कनी कुश्रुति ने अपने किरदार को लेकर कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई भी दुष्कर्म पीड़िता के दर्द को हूबहू महसूस कर सकता है। एक अभिनेत्री के रूप में हमने इसके सबसे करीब पहुंचने की कोशिश की। कई बार ऐसा लगता है कि आप उस स्थिति में हैं क्योंकि आपको लगभग यकीन हो जाता है कि यह आपके साथ हुआ है। लेकिन मैं ऐसी अभिनेत्री नहीं हूं जो पूरी तरह से उस स्थिति में उतर जाए, क्योंकि इससे आप पर असर पड़ेगा। मैं ऐसा नहीं करती। बचपन से लेकर अब तक इस देश में पली-बढ़ी एक महिला के रूप में, क्या मुझे इस तरह के हमलों या आघातों का एहसास है? हां, शायद है, क्योंकि मेरे करीबी लोग इससे गुजरे हैं। इसलिए कभी-कभी यह उन चीजों में से एक है जिनसे आप अनजाने में ही जुड़ जाते हैं।

न्याय पाने के लिए उस दर्द से फिर गुजरना पड़ता है

अभिनेत्री ने आगे कहा कि इस फिल्म ने उन्हें भारत में ऐसे मामलों में कानूनी व्यवस्था की प्रकृति को समझने में मदद की। अक्सर अदालती कार्यवाही अतीत के दर्द को फिर से ताजा कर सकती है। अपने उन दोस्तों से हुई बातचीत को याद करते हुए, जो इसी तरह के मामलों का सामना कर रहे हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि न्याय पाने के लिए आपको उस दर्द से गुज़रना पड़ता है, इसलिए व्यवस्था में एक विडंबना और विरोधाभास है, लेकिन न्याय पाने का यही तरीका है। आप इसे भूल नहीं सकते। फिल्म में भी एक लाइन है, ‘वे आपको इसे भूलने नहीं देंगें।’

20 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म

अनुभव सिन्हा द्वारा निर्देशित ‘अस्सी’ दिल्ली में रहने वाली विवाहित महिला परिमा (कानी) की कहानी है, जिसका कुछ पुरुषों द्वारा अपहरण कर यौन उत्पीड़न किया जाता है। फिल्म इस दर्दनाक घटनाक्रम के बाद पुलिस जांच और उसके बाद की कानूनी लड़ाई पर आधारित है। फिल्म में तापसी पन्नू ने वकील की भूमिका निभाई है। इसके अलावा फिल्म में मोहम्मद जीशान अय्यूब, मनोज पाहवा, सीमा पाहवा, कुमुद मिश्रा और रेवती भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं। जबकि नसीरुद्दीन शाह और सुप्रिया पाठक विशेष भूमिकाओं में हैं। ‘अस्सी’ 20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है।

यूपी में अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लडऩे का ऐलान कर दिया है। उन्होंने गठबंधन को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं को पूरी तरह भ्रामक और निराधार करार दिया है। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे गठबंधन से जुड़ी उल्टी खबरों पर ध्यान न दें और हाथी की मस्त चाल चलते हुए चुनावी तैयारियों में जुट जाएं। मायावती का टार्गेट 2007 की तरह ही प्रदेश में बीएसपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाना है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में खुद को आवंटित हुए टाइप-8 बंगले को लेकर भी सफाई दी और कहा कि यह सुरक्षा की दृष्टि से आवंटित किया गया है। मायावती ने कहा कि बीएसपी के किसी अन्य दल के साथ हाथ मिलाने की खबरें सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाएं जानबूझकर चलाई जा रही हैं, जिससे कार्यकर्ताओं का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि पार्टी अपनी ताकत पर भरोसा करती है और बिना किसी बैसाखी के चुनाव लड़ेगी।

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