प्रेमानंद महाराज के सामने दंडवत हुए धीरेंद्र शास्त्री, ऐसी रही मुलाकात

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नई दिल्ली: प्रेमानंद महाराज (Premananda Maharaj) की सेहत इन दिनों कुछ अस्वस्थ है, जिसके चलते वे अपने भक्तों से मुलाकात नहीं कर पा रहे हैं. बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री (Pandit Dhirendra Shastri) मंगलवार को अचानक प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए वृंदावन पहुंचे. बागेश्वर बाबा ने सीधे श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचकर प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लिया और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना. इसी दौरान प्रेमानंद महाराज और बागेश्वर बाबा के बीच कुछ वार्तालाप भी हुआ.

पंडित धीरेंद्र शास्त्री का वृंदावन का यह दौरा सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि प्रेमानंद महाराज से व्यक्तिगत मुलाकात के लिए था. आश्रम में पहुंचकर धीरेंद्र शास्त्री ने भीड़ में मौजूद सभी लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए प्रेमानंद महाराज को दंडवत प्रणाम भी किया.

बागेश्वर बाबा ने प्रेमानंद जी महाराज से आशीर्वाद लेकर कहा कि मायाजाल में फंसे थे, मुंबई में और अब भगवान की कृपा से आपके दर्शन करने के लिए आ पाए हैं. इसपर महाराज जी ने कहा कि भगवान के पार्षद मायाजाल से जीवों को मुक्त करने जाते हैं. आप जहां भी जाएं वहां भगवत नाम की गर्जना करें, उससे मायाजाल से मुक्ति मिल जाती है.

इसके अलावा, धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी दिल्ली से वृंदावन तक निकलने वाली सनातन एकता पदयात्रा का प्रेमानंद महाराज को आमंत्रण दिया. बागेश्वर बाबा की यह यात्रा 16 नवंबर तक चलेगी. इस वार्तालाप के अंत में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महाराज जी से कहा कि आप जैसे महापुरुषों की कृपा बनी रहे. जानकारी के लिए बता दें कि प्रेमानंद महाराज की तबीयत खराब होने की वजह से उनकी रात्रिकालीन पदयात्रा फिलहाल बंद है. इससे उनके दर्शन करने वाले निराश हैं. प्रेमानंद महाराज किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं, जिसके चलते उनकी हफ्ते में पांच दिन डायलसिस हो रही है.

आपस में ही भिड़ी पंजाब और चंडीगढ़ पुलिस, कस्टडी को लेकर हुआ बवाल

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चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस (Chandigarh Police) और पंजाब पुलिस (Punjab Police) के जवानों के बीच आज झगड़ा हो गया. यह घटना मंगलवार को दिन दहाड़े सुखना झील के पास हुई, जिसके चलते वहां भारी हंगामा हुआ. पंजाब पुलिस एक उपचुनव एप्लिकेंट नवनीत चतुर्वेदी, को हिरासत में लेना चाहती थी, जिसने राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भरा है. चतुर्वेदी राजस्थान का निवासी है और उस पर आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के हस्ताक्षर जाली करने का आरोप है. यह झगड़ा तब हुआ जब चंडीगढ़ पुलिस चतुर्वेदी को सुरक्षा कवर में ले जा रही थी.

झगड़े का कारण नवनीत चतुर्वेदी की हिरासत थी. चतुर्वेदी ने अपने नामांकन में पंजाब से AAP के दस विधायकों को अपने प्रस्तावक (Proposer) के तौर पर बताया है. AAP ने आरोप लगाया कि चतुर्वेदी ने विधायकों के जाली हस्ताक्षर किए हैं. इसी आरोप के चलते पंजाब पुलिस चतुर्वेदी को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही थी. चतुर्वेदी उस समय चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में था.

सुखना झील के पास जब चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में नवनीत चतुर्वेदी जा रहा था, तो पंजाब पुलिस के जवानों ने उसे जबरदस्ती हिरासत में लेने की कोशिश की. चंडीगढ़ पुलिस ने इसका विरोध किया, जिसके चलते दोनों पुलिस जवानों में खींचतान हुई और भारी हंगामा हुआ. चंडीगढ़ पुलिस ने चतुर्वेदी को पंजाब पुलिस के हवाले नहीं किया.

यह घटना आज यानी 15 अक्टूबर सुबह तब हुई, जब नवनीत चतुर्वेदी अपने नामांकन की स्क्रूटनी के बाद चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा में जा रहा था. पंजाब पुलिस ने कथित तौर पर चंडीगढ़ पुलिस के वाहन को इंटरसेप्ट किया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ SSP कंवरदीप कौर को मौके पर आकर मामले को शांत करना पड़ा.

इस पूरे विवाद की जड़ पंजाब में होने वाला राज्यसभा उपचुनाव है. राजस्थान के निवासी नवनीत चतुर्वेदी ने इस उपचुनाव के लिए नामांकन भरा है. हस्ताक्षर जाली करने के आरोप में पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, खतरे की शिकायत पर उसे चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा कवर दिया था.

ASI ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- IPS पूरन कुमार ने किया परेशान

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नई दिल्ली: हरियाणा (Haryana) के रोहतक (Rohtak) में साइबर सेल में तैनात एक एएसआई ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को घटनास्थल से तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो मैसेज मिला है. मृतक एएसआई ने अपने सुसाइड नोट में दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एएसआई ने लिखा है कि वाई पूरन कुमार भ्रष्टाचार में लिप्त थे और जातिवाद का सहारा लेकर सिस्टम को हाईजैक कर रहे थे.

नोट में एएसआई ने कहा कि उसने “भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ शहादत” दी है और इस परिवार के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की है. सूत्रों के अनुसार, मृतक एएसआई किसी अहम केस की जांच टीम का हिस्सा था, जो आईपीएस वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार से जुड़े मामले से संबंधित थी. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है. सुसाइड नोट और वीडियो को फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में ले लिया है.

सुसाइड नोट में क्या लिखा
अपने सुसाइड नोट में एएसआई ने लिखा, ‘संदीप कुमार S/O दयानन्द, गांव- जुलाना, जींद से हूं. मैने अपनी जिंदगी में हमेशा सच्चाई का साथ दिया है. मुझे सच्चा और नेक आदमी बहुत पसंद है. मेरे दादाजी और छोटे दादाजी देश के लिए लड़े और सेना में रहे. छोटे दादाजी तो 7 साल बर्मा में देश कि लड़‌ाई के दौरान कैद में रहे. मेरी रगों में देशभक्ति है. देश और समाज से बड़ा कोई नहीं है. मैं भगत सिंह को अपना आदर्श मानता हूं क्योंकि उन्होंने देश को आजाद करवाने में जगाया है. वह लीजेंड थे. अगर भगत सिंह जैसे ना होते तो देश क्या आजाद होता? वो भाग सकते थे लेकिन नहीं भागे. हमारी नस्लों को प्रेरणा देता है… आज समाज में एक बड़ा मुद्दा है भ्रष्टाचार और जातिवाद…. हमेशा सच्चाई और आदर्श में बाधित करते हैं. हरियाणा में IAS अधिकारी और व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार करते हैं परन्तु BJP कि सरकार में कुछ ईमानदार अफसर थे जिन्होंने काफी हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम लगा दी है. जो डीजीपी साहब ईमानदार और निडर व्यक्ति हैं. शुरुआत में बहुत ज्यादा कठिनाईयां आई मुझे माहौल में ढलने में. पर मेरा मन हमेशा सत्य के साथ था और रहेगा.

इस नोट में उन्होंने आगे लिखा, ‘हम अपराध पर लगाम लगाने में बहुत ज्यादा प्रयास किए और काफी हद तक बहुत से अफसरों का सहयोग मिला और अच्छा मार्गदर्शन मिला. सही के लिए प्रेरित किया ,परंतु आईजी पूरन कुमार का तबादला रोहतक रेंज में होते ही उन्होंने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की तैनाती आईजी दफ्तर में कर दी और ईमानदार और कर्मठ कर्मियों का तबादला कर दिया. उन्होंने जातिवाद का जहर हमारे मुलाजिमों में घोला. मुलाजिमों को आईजी दफ्तर में बुलाकर फाइलों के नाम पर डराकर पैसे लिए और बिना शिकायत के लिए रोहतक रेंज से फाइलें मंगाकर उनमें छोटी- मोटी कमियां निकालकर उन्हें मेंटली टॉर्चर किया. एसआईएस सुनील, गनमैन सुशील पैसे ऐंठते थे. महिला पुलिस को ऑफिस में बुलाकर ट्रांसफर के नाम पर परेशान करके यौन शोषण किया गया और सामान्य नागरिकों, व्यापारियों को बुलाकर फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया गया और मोटी रिश्वत ऐंठी गई. अपराध को बढ़ावा ही नहीं दिया बल्कि जुल्म की पराकाष्ठा की गई.’

अपने नोट में उन्होंने कहा, ‘कोई आवाज उठाने की कोशिश करता तो कहता कि मेरा बाल भी बांका… घरवाली आईएएस है और साला एमएलए है और पूरी फैमिली एससी आयोग में है. मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा. यहीं से आईजी पूरन कुमार को भ्रष्टाचार करने की ताकत मिलती थी और उन्होंने दबाकर भ्रष्टाचार किया. उच्च अधिकारियों और सीएम की जानकारी में यह बात आने पर उनका ट्रांसफर किया गया. ट्रांसफर के बाद एक व्यापारी, जिसे बदमाशों और गुंडों द्वारा पहले भी धमकी दी गई थी, उसको अपने ऑफिस में बुलाकर बेइज्जत किया और मां-बहन की गालियां दी. उनके (व्यापारी) ऑफिस में जाकर गनमैन सुशील कुमार ने पैसे लिए जिसकी सीसीटीवी फुटेज और वॉयस रिकॉर्डिंग पेश करके जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. आईजी साहब का केस में नाम आने पर उन्होंने जातिगत आयोग का सहारा और राजनीतिकरण रंग देने के लिए झूठा सुसाइड नोट तैयार करके आत्महत्या की. जिस बारे में केवल गिरफ्तारी से बचने के लिए यह कदम उठाया और आईएएस वाले ईमानदार अफसरों को टारगेट करने का मौका मिल गया. पूरे हरियाणा में जातिगत जहर घोलकर ईमानदार और कर्मठ अधिकारियों को प्रताड़ित कर रहे हैं.’

अंत में संदीप कुमार ने लिखा, ‘यह सच्चाई और ईमानदारी की भ्रष्टाचार से लड़ाई है. इसमें सच्चाई सामने आनी चाहिए. आईएएस पत्नी अपना भ्रष्टाचार उजागर ना हो, संपत्ति की जांच ना हो, यह ढोंग कर रही है. परंतु सच्चाई नहीं हारनी चाहिए. यह हमारे देश और समाज के लिए आगे बढ़ने में बहुत ही जरूरी है. हमारे समाज के काले कव्वै और भ्रष्टाचारी इस लड़ाई को कम करने की कोशिश में हैं. यह भूल गए कि हमारी रगों में देशभक्ति कूट-कूटकर भरी हुई है. मेरे जैसे 100 जानें कुर्बान, लेकिन देश नहीं झुकेगा और सच्चाई की जीत होगी. इस सच्चाई और ईमानदारी की लड़ाई में मैं पहली आहूति दे रहा हूं.’

आपको बता दें कि हरियाणा पुलिस के तेज-तर्रार और विवादों में घिरे आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास में खुद को गोली मारकर जान दे दी थी. अपने सुसाइड नोट में उन्होंने कहा था कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा है और उनकी शिकायतों को दबाया जा रहा है.

ऑपरेशन सिंदूर 2.0 होगा ज्यादा घातक, पश्चिमी सेना कमांडर का ऐलान, कहा- पहलगाम जैसी हरकत दोहराई तो…

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नई दिल्ली। पश्चिमी सेना (Western Army) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार (Manoj Kumar Katiyar) ने मंगलवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर 2.0 पहले से अधिक घातक और शक्तिशाली होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान भारत से युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है, लेकिन वह पहलगाम जैसी कायराना हरकतों की फिर कोशिश कर सकता है।

पत्रकारों से बात करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा, इस बार जो कार्रवाई होगी वह पहले से कहीं ज्यादा घातक होगी। इसमें कोई संदेह नहीं है। पाकिस्तान की हजार घावों से भारत को कमजोर करने की नीति अब भी जारी है, और भारतीय सेना इसके खिलाफ पूरी तरह तैयार है।जनरल कटियार के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने पाकिस्तान के कई पोस्ट और एयरबेस तबाह कर दिए थे। लेकिन वह फिर से कोई साजिश कर सकता है। हमें सतर्क रहना होगा और हम पूरी तरह तैयार हैं।

पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, पाकिस्तान फिर से पहले जैसी हरकत करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन उसमें हमारे सामने खुलकर लड़ने की हिम्मत नहीं है। भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी हमले को नाकाम करने के लिए तैयार है। इसके लिए हमें खासकर पूर्व सैनिकों और जनता के सहयोग की जरूरत है। उन्होंने दोहराया कि जब तक पाकिस्तान की सोच नहीं बदलती, तब तक इस तरह की हरकतें होती रहेंगी, लेकिन भारतीय सेना हर मोर्चे पर मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तत्पर है।

भारत में 15 अरब डॉलर का निवेश करेगा गूगल, CEO सुंदर पिचाई ने दी जानकारी, पीएम मोदी ने जताई खुशी

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नई दिल्ली। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई (Google CEO Sundar Pichai) ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) से बात की। पिचाई के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम (Visakhapatnam, Andhra Pradesh) में अपने पहले एआई हब के लिए अमेरिकी तकनीकी दिग्गज की योजनाओं को साझा किया।

दरअसल, गूगल ने विशाखापत्नम में एक विशाल डाटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस की घोषणा भी की। बता दें कि सेंटर अमेरिका के बाहर गूगल का यह सबसे बड़ा एआई हब होगा और अगले पांच वर्षों में भारत में 15 अरब डॉलर का निवेश करेगा। भारतीय मूल के सीईओ ने इस कदम को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हब गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता, एक नया अंतर्राष्ट्रीय सबसी गेटवे और बड़े पैमाने पर ऊर्जा इंफ्रास्ट्रचर को एक साथ लाएगा।

बता दें कि गूगल और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक्स पर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि इसके माध्यम से हम अपनी उद्योग-अग्रणी प्रौद्योगिकी को भारत में उद्यमों और उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाएंगे, एआई नवाचार को गति देंगे और देश भर में विकास को गति देंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने एआई डेटा सेंटर कैंपस के लिए अदानी समूह के साथ साझेदारी की है। यह देश में गूगल का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।

कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप है, जिसके तहत एआई-संचालित सेवाओं के विस्तार में तेजी लाई जाएगी। बयान में आगे कहा गया कि इस पहल से भारत और अमेरिका दोनों के लिए व्यापक आर्थिक और सामाजिक अवसर पैदा होंगे और साथ ही एआई क्षमता में पीढ़ीगत बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा।

पीएम मोदी ने जताई खुशी
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आंध्र प्रदेश के गतिशील शहर विशाखापत्तनम में Google AI हब के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करता हूं। यह बहुआयामी निवेश, जिसमें गीगावाट-स्तरीय डेटा सेंटर अवसंरचना शामिल है, एक विकसित भारत के निर्माण के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण में एक शक्तिशाली शक्ति होगी। यह सभी के लिए AI सुनिश्चित करेगा, हमारे नागरिकों को अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करेगा, हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी नेता के रूप में स्थापित करेगा!

सरकारी कर्मचारियों को दीपावली पर बोनस देगी उत्तर प्रदेश सरकार – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को (To Government Employees) उत्तर प्रदेश सरकार दीपावली पर बोनस देगी (Uttar Pradesh Government will give Bonus on Diwali) ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के परिश्रम और निष्ठा के प्रति राज्य सरकार की सराहना का प्रतीक है। प्रदेश की प्रगति में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार हर स्तर पर उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार के कर्मचारियों को उत्पादकता असम्बद्ध बोनस अनुमन्य किया गया है। यह बोनस मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 7,000 के आधार पर 30 दिनों की परिलब्धियों का आगणन करते हुए दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक पात्र कर्मचारी को 6,908 रुपए का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली से पहले यह आर्थिक लाभ कर्मचारियों के परिवारों के लिए आनंद और उत्साह लेकर आएगा तथा शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा का संचार करेगा। इस निर्णय से राज्य सरकार के लगभग 14 लाख 82 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिस पर कुल व्ययभार लगभग 1,022 करोड़ रुपए आएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि पात्र कर्मचारियों को बोनस का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि सभी परिवार इस पर्व को उल्लासपूर्वक मना सकें।

राज्य सरकार द्वारा अनुमन्य बोनस के दायरे में वे पूर्णकालिक अराजपत्रित कार्मिक शामिल हैं, जिनके पद का वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (47,600- 1,51,100 रुपए) तक है (सादृश्य ग्रेड वेतन ₹4,800 तक)। इसमें राज्य कर्मचारी, राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के कर्मचारी, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के कर्मचारी, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी सम्मिलित हैं। बता दें कि भारत सरकार द्वारा भी वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बीते 29 सितम्बर को बोनस प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।

UP के सरकारी कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस का ऐलान, अकाउंट में जल्द आएंगे इतने हजार रुपये

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली (Dipawali) के अवसर पर राज्य सरकार के कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बोनस देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के परिश्रम और निष्ठा के प्रति राज्य सरकार की सराहना का प्रतीक है। प्रदेश की प्रगति में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार हर स्तर पर उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए बोनस की मंजूरी दी गई है। यह बोनस मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 7,000 रूपये के आधार पर 30 दिनों की परिलब्धियों का आकलन करते हुए दिया जाएगा, जिससे प्रत्येक पात्र कर्मचारी को 6,908 रूपये का लाभ मिलेगा।

जानकारी के मुताबिक, दीपावली से पहले कर्मचारियों को बोनस दिया जाएगा। वेतन मैट्रिक्स लेवल 8 (₹47,600-₹1,51,100) तक के कार्मिकों को बोनस का लाभ मिलेगा। यानी जिनकी सैलरी 47 हजार से डेढ़ लाख रुपये प्रति महीने है उन्हें इसका लाभ मिलेगा। राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान व स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बोनस का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित हो। यह भुगतान दिवाली से पहले अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के आसपास वितरित किए जाने की उम्मीद है, ताकि कर्मचारियों के पास त्योहारी सीज़न के लिए अतिरिक्त धनराशि सुनिश्चित हो सके। सीएम के इस फैसले से शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा, दीपावली पर उत्साह दोगुना हो गया है। सरकारी कर्मचारियों की निष्ठा और योगदान को सरकार सम्मान दे रही है।

चलती बस में आग लगने से करीब 15 लोगों की मौत, 25 झुलसे

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जैसलमेर। राजस्थान (Rajasthan) के जैसलमेर (Jaisalmer) में सवारियों (Passengers) से भरी बस (Bus) में भीषण आग (Massive Fire) लग गई है। हादसे के दौरान बस में 57 लोग सवार थे। इस हादसे में 15 लोगों की मौत होने की सूचना सामने आ रही है, जबकि 25 यात्री झुलस गए हैं। बताया जा रहा है कि ये निजी बस मंगलवार को जैसलमेर से जोधपुर जा रही थी, जिस दौरान अचानक बस में आग लग गई। ये हादसा थईयात गांव के पास हुआ है। बस में आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई है। फिलहाल राहत और बचाव का कार्य किया जा रहा है।

Startup Story: Achar Amrit – स्वाद में अमृत, भरोसे में शुद्धता

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आज के दौर में जब बाजार के ज़्यादातर अचार और मसालों में मिलावट, केमिकल्स और प्रिज़र्वेटिव्स का ज़ोर है — वहीं एक नया देसी नाम उभर कर आया है जो “शुद्धता” को अपना मिशन बना चुका है।
इस ब्रांड का नाम है Achar Amrit — “स्वाद में अमृत, भरोसे में शुद्धता।”

🪔 कहानी की शुरुआत

संस्थापक को तब यह आइडिया आया जब उन्होंने देखा कि मार्केट में मिलने वाले बड़े ब्रांड्स के अचारों में ins regulator, preservatives और cotton seed oil जैसी अशुद्ध चीजें मिलाई जाती हैं।
इतना ही नहीं — उनमें शुगर की मात्रा भी ज़रूरत से ज़्यादा होती है, जिससे स्वाद तो बनता है लेकिन सेहत पर असर पड़ता है।

तभी उनके मन में एक विचार आया — क्यों न ऐसा ऑर्गेनिक होममेड अचार ब्रांड शुरू किया जाए, जिसमें हर सामग्री शुद्ध हो, तेल देसी हो, और स्वाद एकदम घर जैसा?
और इस सोच से जन्म हुआ — Achar Amrit का।

🥭 Achar Amrit की खासियतें

✅ 100% होममेड और ऑर्गेनिक पद्धति से तैयार
✅ किसी भी प्रकार के Preservatives या Chemicals का उपयोग नहीं
✅ शुद्ध सरसों के तेल और देसी मसालों से बना हर अचार
✅ Nominal Price, ताकि हर घर तक पहुंचे शुद्ध स्वाद
✅ हर जार में भरोसे और प्यार का स्वाद

यह सिर्फ एक अचार नहीं, बल्कि देसी परंपरा और स्वास्थ्य का संगम है — जो हर भारतीय परिवार को याद दिलाता है “दादी के हाथ का असली स्वाद।”

🌶️ अब पेश है – Achar Amrit के शुद्ध ऑर्गेनिक मसाले

Achar Amrit अब सिर्फ अचार तक सीमित नहीं रहा।
ब्रांड ने हाल ही में लॉन्च किए हैं अपने Stone Ground (पिसे हुए) मसाले —

🌼 Organic Haldi Powder (हल्दी पाउडर)

🌶️ Organic Mirch Powder (मिर्च पाउडर)

🌿 Organic Dhaniya Powder (धनिया पाउडर)

इन सभी मसालों की खासियत है —
✨ Stone Ground Technology, जिससे स्वाद और खुशबू दोनों बरकरार रहते हैं
✨ बिना किसी कृत्रिम रंग या मिलावट के
✨ FSSAI Approved, पूरी तरह से सेहतमंद
✨ Real Ghar Wala Taste, जो खाने में देसीपन और ताजगी लाता है

💬 संस्थापक का संदेश

“हमारा मकसद सिर्फ अचार बेचना नहीं, बल्कि लोगों को शुद्धता और भरोसे का स्वाद देना है।
जब चीज़ें ईमानदारी से बनाई जाती हैं, तो उसमें अमृत जैसा स्वाद अपने आप आ जाता है — और यही है Achar Amrit की पहचान।”

🌐 अधिक जानकारी के लिए

🔗 Website: www.acharamrit.in

📱 WhatsApp: 8877766822
📦 Order करें शुद्धता और स्वाद का अनोखा संगम — Achar Amrit के साथ!

Achar Amrit – स्वाद जो दिल छू जाए, और भरोसा जो पीढ़ियों तक बना रहे। 🌿❤️

डॉ. प्रदीप कुमार: संघर्ष से सफलता तक – एक प्रेरक शिक्षक की कहानी

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स्थान: नई दिल्ली | रिपोर्ट: विशेष संवाददाता

🎓 प्रस्तावना:

कहते हैं —

“जब शिक्षक केवल पढ़ाता नहीं, बल्कि प्रेरित करता है,
तब वह समाज के भविष्य को गढ़ता है।”

ऐसे ही प्रेरणास्रोत हैं डॉ. प्रदीप कुमार —
जो आज एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक मोटिवेटर, करियर काउंसलर और हजारों छात्रों के जीवन के मार्गदर्शक के रूप में जाने जाते हैं।

उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों,
अगर हौसला बुलंद हो तो मंज़िलें खुद रास्ता बना लेती हैं।

🌱 संघर्षों से शुरू हुई सफलता की कहानी

डॉ. प्रदीप कुमार का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं।
साधारण परिवार में जन्मे, बचपन में आर्थिक तंगी और शिक्षा के संसाधनों की कमी के बावजूद
उन्होंने हार मानना कभी नहीं सीखा।

 

हर सुबह स्कूल जाने से पहले संघर्ष उनका इंतज़ार करता था —
कभी फीस की चिंता, कभी किताबों की कमी।
परंतु इन मुश्किलों ने उनके हौसले को नहीं तोड़ा, बल्कि और मज़बूत बनाया।

उन्होंने मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास को अपना साथी बनाया —
और आज वही संघर्ष उनकी पहचान बन गया है।

🧭 ज्ञान से अधिक, जीवन की दिशा देने वाले शिक्षक

डॉ. कुमार मानते हैं कि शिक्षा का असली अर्थ केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देना है।
उनके प्रेरणादायक संदेश आज हजारों युवाओं के लिए जीवन की रोशनी बन चुके हैं।

वे कहते हैं —

“मैंने अपने जीवन में संघर्ष झेले हैं,
इसलिए मैं नहीं चाहता कि कोई भी विद्यार्थी अभाव में अपना बचपन गुज़ारे।
हर बच्चे को अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।”

उनकी यह सोच ही उन्हें एक साधारण शिक्षक से एक असाधारण प्रेरक व्यक्तित्व बना देती है।

📚 लेखन जो प्रेरणा बन गया

डॉ. प्रदीप कुमार ने अब तक अनेक मोटिवेशनल बुक्स और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित लेखन किया है।
उनकी किताबें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती हैं।

सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि वे अपनी किताबें जरूरतमंद छात्रों को निशुल्क प्रदान करते हैं।
उनका मानना है —

“अगर ज्ञान बांटा जाए, तो ही वह बढ़ता है।”

उनकी पुस्तकों ने कई युवाओं को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की नई दिशा दी है।

🌍 देशभर में फैली प्रेरणा की लहर

आज डॉ. प्रदीप कुमार का मार्गदर्शन
असम से लेकर दिल्ली, बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक
हजारों छात्रों के जीवन में परिवर्तन ला रहा है।

उनके छात्र केवल UPSC, PCS, IPS जैसी परीक्षाओं में सफलता ही नहीं पा रहे,
बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

💬 छात्रों के लिए उनका अमूल्य संदेश:

“जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
कठिनाइयाँ हर किसी के जीवन में आती हैं,
लेकिन वही व्यक्ति आगे बढ़ता है जो उनसे डरता नहीं, बल्कि उनसे सीखता है।

याद रखिए — हर असफलता एक नई शुरुआत का अवसर होती है।
आपके भीतर अनंत संभावनाएँ हैं, बस उन्हें पहचानने की जरूरत है।

मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच — यही सफलता के तीन मूल मंत्र हैं।
केवल लक्ष्य पर ध्यान रखें, रुकावटों पर नहीं।
मुझे विश्वास है कि आप में से हर विद्यार्थी अपने जीवन का IAS, PCS या IPS बन सकता है,
बस शर्त है — विश्वास रखिए, मेहनत कीजिए और सही दिशा में आगे बढ़िए।”

🌟 “जो खुद पर विश्वास रखता है, वही दुनिया बदलता है”

डॉ. प्रदीप कुमार का यह वाक्य आज हजारों विद्यार्थियों के जीवन का आधार बन चुका है।
वे न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि हर छात्र के भीतर छिपे हुए आत्मविश्वास को जगाते हैं।

उनका कहना है —

“आपका भविष्य आपके हाथों में है।
सपने देखिए, मेहनत कीजिए, और उन्हें साकार कर दिखाइए —
क्योंकि जो खुद पर भरोसा करता है, वही असंभव को संभव बना देता है।”

🕊️ निष्कर्ष:

डॉ. प्रदीप कुमार का जीवन इस बात का प्रतीक है कि सच्चे शिक्षक सिर्फ किताबें नहीं खोलते,
बल्कि मन खोलते हैं —
वो दिलों में उम्मीद जगाते हैं, और अंधेरे में रास्ता दिखाते हैं।

उनकी कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को सच करना चाहता है।
क्योंकि उन्होंने यह साबित किया है —

“संघर्ष अगर सच्चा हो, तो मंज़िल खुद झुक जाती है।”