दिल्ली में इस बार छठ महापर्व भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से मनाया जाएगा – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

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नई दिल्ली । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) ने कहा कि दिल्ली में इस बार (This time in Delhi) छठ महापर्व (Chhath Mahaparva) भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से मनाया जाएगा (Will be celebrated in Grand and Well-organized Manner) । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज छठ की तैयारियों को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं।

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सरकार ने इस बार यमुना नदी पर छठ पूजा के आयोजन से जुड़ा प्रतिबंध हटा लिया है और राजधानी में साफ-सुथरे, सुरक्षित और आधुनिक छठ घाट तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार यमुना नदी के किनारे 17 मॉडल छठ घाट बना रही है। इन घाटों पर छठ व्रतियों के लिए हर सुविधा उपलब्ध होगी। टेंट, बिजली, शौचालय, पेयजल और सफाई की पूरी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली के सभी जिलों और उपजिलों में कम से कम एक मॉडल छठ घाट तैयार किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।

रेखा गुप्ता ने कहा, “पिछली सरकारों ने यमुना पर छठ पूजा करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन हमारी सरकार ने इस परंपरा को सम्मान देते हुए यह प्रतिबंध हटा लिया है। इस बार सरकार खुद आयोजन की ज़िम्मेदारी संभाल रही है और पूरे दिल्ली में छठ को भव्य तरीके से मनाया जाएगा।” उन्होंने बताया कि इस बार छठ पूजा स्थलों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। पिछले साल दिल्ली में 929 जगहों पर छठ मनाया गया था, लेकिन इस बार अब तक 1,000 से ज्यादा समितियों से आवेदन आ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जितने भी नए घाटों पर आयोजन होंगे, वहां पूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस बार सरकार 200 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों में भोजपुरी और मैथिली भाषाओं में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी ताकि पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल और भी भव्य बने। उन्होंने कहा, “यह पहली बार है जब सरकार इतनी बड़ी संख्या में छठ से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ पर्व के दौरान श्रद्धालु स्वच्छ जल में अर्घ्य अर्पित कर सकें, इसके लिए आज से विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान में सांसद, विधायक और पार्षद स्वयं अपने-अपने इलाकों के घाटों का दौरा करेंगे और सफाई कार्य की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा, “सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि श्रद्धालु स्वच्छ और सुरक्षित माहौल में पूजा कर सकें।”

रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि साल 2021 में यमुना पर छठ मनाने वालों पर आईपीसी की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन अब उनकी सरकार उन सभी मामलों को वापस लेगी। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों द्वारा यमुना घाट पर छठ मनाने वालों के खिलाफ जो भी एफआईआर या केस दर्ज किए गए थे, उन्हें हमारी सरकार वापस लेगी।” दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर बोलते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार हर संभव कदम उठा रही है, ताकि दिल्ली की हवा साफ हो सके। उन्होंने बताया कि दीपावली के अगले दिन का एयर क्वालिटी इंडेक्स अब पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। पहले की सरकारों के मुकाबले इस बार प्रदूषण का स्तर घटा है। पटाखों की अनुमति होने के बावजूद एक्यूआई में सुधार देखा गया है।

ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा को मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सम्मानित किया रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने

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नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने (By Defense Minister Rajnath Singh) ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा (Olympic medalist Neeraj Chopda) को मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से सम्मानित किया (Was Conferred the rank of Honorary Lieutenant Colonel) । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में नीरज को यह सम्मान औपचारिक रूप से प्रदान किया।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) नीरज चोपड़ा दृढ़ संकल्प, देशभक्ति और उत्कृष्टता की भारतीय भावना का प्रतीक हैं। उन्होंने अपने अनुशासन और समर्पण से न केवल खेल जगत में, बल्कि पूरे देश में प्रेरणा का स्रोत बनने का काम किया है। रक्षा मंत्री ने नीरज चोपड़ा की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि नीरज ने मैदान में जो अनुशासन और निष्ठा दिखाई, वही भावना उन्हें सेना के आदर्शों से जोड़ती है। वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सच्चे प्रेरणास्रोत हैं। नीरज चोपड़ा को वर्ष 2016 में भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स रेजिमेंट में शामिल किया गया था। हरियाणा के पानीपत जिले के खांदरा गांव में 24 दिसंबर 1997 को जन्मे नीरज ने अपने प्रदर्शन से न केवल भारत को, बल्कि भारतीय सेना को भी गौरवान्वित किया है।

उन्होंने 2020 के टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचते हुए ट्रैक एंड फील्ड में भारत का पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने 2024 के पेरिस ओलंपिक में रजत पदक और 2023 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। इसके अलावा, नीरज ने एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और डायमंड लीग में भी कई स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्होंने हाल ही में 90.23 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो (2025) कर भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में नया मील का पत्थर स्थापित किया।

नीरज की उत्कृष्ट उपलब्धियों और राष्ट्र सेवा के प्रति उनके योगदान के सम्मान में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें 16 अप्रैल 2025 को टेरिटोरियल आर्मी में मानद कमीशन प्रदान किया था। नीरज को पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें पद्म श्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, परम विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं। कार्यक्रम में थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और भारतीय सेना व टेरिटोरियल आर्मी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पत्नी पर था शक, तो कर दी हत्या, फिर नीले ड्रम में छिपा दी लाश… 2 महीने बाद खुला राज

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तिरुवल्लूर: तमिलनाडु (Tamil Nadu) के तिरुवल्लूर जिले (Tiruvallur District) से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. यहां 30 साल के शख्स (Man) ने अपनी पत्नी (Wife) की हत्या कर दी और उसके शव (Body) को ड्रम (Drum) में भरकर घर से करीब 3 किलोमीटर दूर जाकर दफना दिया.

मृतका का नाम प्रिया था. कुछ महीने पहले वह अपने माता-पिता के घर पुदुपलायम आई थी और उसने उनसे कहा था कि वह अपने पति सिलंबरासन से अलग होना चाहती है, क्योंकि उनके बीच आए दिन झगड़े होते थे. लेकिन परिवार ने उसे समझाया और अपने बच्चों के खातिर सुलह करने की सलाह दी. इसके बाद वह फिर से अपने पति के पास लौट गई.

दो महीने बाद जब प्रिया से कोई संपर्क नहीं हो पाया, तो उसके पिता श्रीनिवासन को चिंता होने लगी. उन्होंने जब अपने नाती-पोतों से पूछा, तो उन्होंने बताया कि मां को हमने दो महीने से नहीं देखा. यह सुनकर श्रीनिवासन के पैरों तले जमीन खिसक गई. उन्होंने तुरंत आरंबक्कम पुलिस स्टेशन में बेटी के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.

जांच शुरू हुई तो पुलिस को प्रिया के पति सिलंबरासन पर शक हुआ. पूछताछ के दौरान वह बार-बार अपनी बात बदलने लगा. पहले उसने कहा कि प्रिया अपने मायके चली गई है, फिर बोला कि वह कहीं बाहर काम करने गई है. पुलिस को उसकी बातों पर भरोसा नहीं हुआ. जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो सिलंबरासन टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया.

उसने बताया कि 14 अगस्त को पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था. सिलंबरासन को शक था कि प्रिया के कई लोगों से अवैध संबंध हैं. गुस्से में आकर उसने पत्नी का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. फिर शव को छिपाने के लिए एक ड्रम में भर दिया और मौका देखकर 3 किलोमीटर दूर जाकर शव को दफना दिया.

पुलिस अधीक्षक विवेकानंद शुक्ला ने बताया कि जांच में पाया गया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे और सिलंबरासन को पत्नी पर लगातार शक रहता था. पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

खाटू श्याम के दर्शन कर लौट रहे एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत

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जयपुर। राजस्थान के जयपुर जिले (Jaipur District) के चौमूं इलाके में बुधवार तड़के एक तेज रफ्तार SUV ने हाईवे पर तीन मोटरसाइकिलों (Motorcycles) को टक्कर मार दी, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

यह दुर्घटना रामपुरा पुलिया के पास उस समय हुई जब एक परिवार के सदस्य खाटू श्याम मंदिर के दर्शन कर घर लौट रहे थे। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 6 अन्य को चौमूं के सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में उन्हें जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां तीन लोगों की मौत हो गई।

मृतकों की पहचान वीरेंद्र श्रीवास्तव (55), सुनील श्रीवास्तव (50), श्वेता श्रीवास्तव (26) और उनके पति लकी श्रीवास्तव (30) के रूप में हुई है। घायल एसएमएस अस्पताल में उपचाराधीन हैं। हादसे के शिकार सभी लोग एक ही परिवार के हैं और यूपी के बनारस के रहने वाले हैं। ये लोग हाल ही में जयपुर में रहते हैं। खाटू श्यामजी के दर्शन कर पूरा परिवार घर वापस लौट रहा ​था और ये हादसा हो गया।

एअर इंडिया की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी, मुंबई में हुई इमरजेंसी लैंडिंग

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मुंबई: एअर इंडिया (Air India) के एक और विमान (Flight) में तकनीकी दिक्कत (Technical Problem) की खबर सामने आई है. अमेरिका के नेवार्क जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI191 को बुधवार (22 अक्टूबर) उड़ान के कुछ ही देर बाद मुंबई लौटना पड़ा. फ्लाइट में टेकऑफ के बाद तकनीकी गड़बड़ी की आशंका के बाद पायलट ने सही मौके पर निर्णय लिया और विमान को मुंबई ले आया. अहम बात यह है कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग भी हो गई.

एअर इंडिया के विमान ने मुंबई (Mumbai) के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एअरपोर्ट से रात 1.14 बजे उड़ान भरी, लेकिन आधे घंटे बाद ही तकनीकी दिक्कत आ गई. यह देख पायलट ने विमान को मुंबई लाने का फैसला किया. इसके बाद सुबह करीब 3 बजे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग (Emergency Landing) हुई. इस विमान को तकनीकी टीम चेक कर रही है. वहीं यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की जा रही है.

बिहार चुनाव में जीत के लिए उज्जैन के श्मशान में लगा तांत्रिकों का जमावड़ा

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उज्जैन। कालों के काल महाकाल (Mahakal) की नगरी उज्जैन (Ujjain) को सदियों से तंत्र-मंत्र (Black magic) और साधना के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना गया है। दीपावली की रात (कार्तिक अमावस्या) को यहां के श्मशान घाटों पर तांत्रिकों और साधकों का विशेष जमावड़ा देखने को मिलता है। इस बार उज्जैन का विक्रांत भैरव श्मशान एक विशेष प्रयोजन को लेकर चर्चा में है। यहां बिहार चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रत्याशियों की ओर से तंत्र क्रियाएं करवाई जा रही हैं।

तंत्र साधक जयवर्धन भारद्वाज ने बताया कि धनतेरस की रात्रि से ही सिद्धि और साधना की सफलता के लिए विशेष अनुष्ठान शुरू किया गया, जो दिवाली की रात्रि में पूर्ण हुआ। भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि अनुष्ठान के मुख्य कारणों में से एक बिहार चुनाव भी है। कुछ प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं। साधक बताते हैं कि यह स्थान स्वयं भैरवजी की साधना स्थली रहा है (जिसे भैरवगढ़ भी कहा जाता है)। इस स्थान पर किए गए तप और अनुष्ठान शत प्रतिशत सफलता, सिद्धि और विजय की प्राप्ति निश्चित करते हैं।

उज्जैन के श्मशान को देश के पांच प्रसिद्ध श्मशानों (कामाख्या, तारापीठ, रजरप्पा, त्र्यंबकेश्वर) में गिना जाता है, जहां तंत्र साधना का विशेष प्रभाव माना गया है। कुछ तांत्रिक उल्लू की बलि देकर (मां लक्ष्मी उल्लू पर सवार हैं), कछुआ साधना, कौड़ी साधना, रत्ती साधना और गौरी-गणेश साधना भी करते हैं।

Fazil Habeeb Honored with Doctorate for Sustainable Development Excellence

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Kerala-based industrialist Fazil Habeeb receives an Honorary Doctorate from HDAC and World Peace United Nations University (USA) for his groundbreaking work in sustainability, recycling innovation, and environmental advocacy.

Kerala, India — October 2025:
In a remarkable recognition of his outstanding contributions to sustainability and environmental protection, Mr. Fazil Habeeb, an industrialist and environmental advocate from Kerala, has been conferred an Honorary Doctorate in Sustainable Development and Environment Management by the Honorary Doctorate Award Council (HDAC) in collaboration with the World Peace United Nations University (USA).

This distinguished honor celebrates Mr. Fazil’s lifelong dedication to tackling environmental challenges and promoting sustainable industrial practices. His innovative work in waste management, scrap recycling, and pollution reduction has set new benchmarks for eco-conscious business operations in India and beyond.

Turning Waste into Worth

At a time when the world faces mounting threats from climate change, pollution, and biodiversity loss, Mr. Fazil’s efforts stand as a testament to what determination and innovation can achieve. His forward-thinking initiatives have demonstrated that economic progress and environmental protection can coexist, proving that sustainable business models are not only possible but profitable.

Through pioneering recycling methods, he has transformed waste into valuable resources, significantly reducing landfill dependency and inspiring numerous industries to adopt greener solutions.

Empowering Communities for a Greener Future

Beyond his industrial contributions, Mr. Fazil has become a champion of community-driven environmental action. His campaigns — from anti-plastic awareness drives to mass tree-planting initiatives — have mobilized thousands of people to join the sustainability movement.
He firmly believes that protecting the planet begins with collective responsibility, urging citizens to take small yet meaningful steps toward a cleaner and healthier environment.

Defending the Oceans

One of Mr. Fazil’s most notable commitments lies in ocean conservation. Recognizing the severe impact of marine pollution, he has led beach clean-up programs and public education efforts about plastic waste. His initiatives have brought attention to the plight of marine life, emphasizing the need for urgent and sustained action to safeguard our oceans for future generations.

A Global Vision Aligned with the SDGs

By aligning his work with the United Nations Sustainable Development Goals (SDGs), Mr. Fazil has given his mission a global dimension. His recognition by HDAC and the World Peace United Nations University reflects not just his personal achievements, but also the international relevance of his message — that sustainable development is a shared global duty.

Inspiring Change for a Sustainable Tomorrow

Mr. Fazil’s honorary doctorate is more than an accolade; it is a symbol of hope and a call to action. His journey underscores the fact that environmental responsibility is not confined to policymakers and activists — it is a shared mission that includes businesses, governments, and individuals alike.

As he continues to inspire change, Mr. Fazil Habeeb’s story serves as a reminder that the road to sustainability begins with awareness, innovation, and commitment. His life’s work is a shining example of how one individual’s passion can ignite a movement capable of transforming the world.

About the Recognition:
The Honorary Doctorate Award Council (HDAC), in partnership with the World Peace United Nations University (USA), honors individuals who have made extraordinary contributions to humanity, peace, and sustainability. The conferment upon Mr. Fazil Habeeb highlights his pivotal role in promoting environmental awareness and sustainable practices globally.

 

Zonal Tech Solution: Bangalore’s Top-Rated HR Training & Consulting Centre

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Founded in 2010, Zonal Tech Solution has emerged as Bangalore’s most trusted destination for HR training and professional development, offering both classroom and online learning across India, the UK, and the USA.

Bangalore, India:
Setting a benchmark in the field of professional learning and HR development, Zonal Tech Solution has earned the reputation of being one of the highest-rated and most innovative training and recruitment companies in Bangalore. Established in 2010, the organization has steadily grown into a trusted name for individuals and enterprises seeking career-focused training and consulting services.

A Leader in HR Training and Consulting

Strategically located in Vijayanagar, Bangalore, Zonal Tech Solution specializes in HR Training and Consulting, offering both classroom and online learning programs that cater to diverse industries across India, the UK, and the USA. The company’s mission is to empower professionals through practical, job-oriented learning experiences that bridge the gap between academic knowledge and real-world requirements.

Core Focus Areas

Zonal Tech Solution focuses on:

Achieving ample industry exposure for learners

Revolutionizing the standard of learning and development

Addressing real-time, on-the-job challenges

Providing customized and result-driven training solutions

Promoting eLearning concepts for flexible education

Integrating classroom and face-to-face learning for holistic growth


Driven by Professionalism and Innovation

Zonal Tech Solution stands for professionalism, quality, and innovation. The organization is known for delivering exceptional learning experiences that align with current industry standards. With a holistic approach built around the long-term success of both employers and employees, the company ensures that candidates not only secure the right positions but also thrive in their chosen careers.

Commitment to Excellence

With over a decade of expertise, Zonal Tech Solution continues to lead the way in training and recruitment excellence. Its team of experienced trainers, consultants, and HR professionals focuses on developing individuals into skilled and confident professionals who can contribute meaningfully to the growth of their organizations.

For more information, visit: 🌐 www.zonaltechsolutions.com

 

कपाट बंद होने के बाद जानिये कहां होंगे मां गंगा के दर्शन, जानिये क्यों खास है ये स्थान

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देहरादून: आज से चारधाम कपाट बंद होने की शुरुआत होने वाली है. इस कड़ी में आज सबसे पहले गंगोत्री धाम के कपाट बंद होगे. गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व के मौके पर बंद किये जाते हैं. आज सुबह 11.26 मनट पर गंगोत्री धाम के कपाट बंद होंगे. जिसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं.

गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की विग्रह डोली भोगमूर्ति, आर्मी बैंड और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव के लिए रवाना होगी. 22 अक्टूबर की रात को डोली मुखबा गांव से करीब दो किमी पहले मौजूद मार्कडेंय मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी. उसके बाद अगले दिन 23 अक्टूबर की दोपहर मां गंगा की विग्रह डोली मुखबा गांव पहुंचेगी. मुखबा गांव में मां गंगा की भोगमूर्ति को मंदिर में विधिविधान से शीतकाल 6 माह के लिए स्थापित किया जाएगा. इसके बाद 6 माह शीतकाल के लिए मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव में ही होंगे.

 

 

मुखबा की धार्मिक मान्यताएं: मुखबा की बड़ी धार्मिक मान्यता है. मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल के बारे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां गंगा माता की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है. मान्यता है कि इस मंदिर में आकर श्रद्धा से प्रार्थना करने वालों को पारिवारिक सुख और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. सदियों से ये परंपरा चली आ रही है कि गंगोत्री के कपाट बंद होने के बाद मुखबा आकर गंगा आरती और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.

कहां है मुखबा: मुखबा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित है. यह भागीरथी नदी के किनारे स्थित है. समुद्र तल से इसकी ऊंचाई करीब 8000 फीट है. उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से मुखबा की दूरी करीब 80 किलोमीटर है. चारों ओर से बर्फ की पहाड़ियों से घिरे मुखबा का सौंदर्य देखते ही बनता है. ये स्थल धार्मिक पर्यटन के लिए तो प्रसिद्ध है ही, यहां प्राकृतिक पर्यटन की भी अपार संभावना हैं.

ऐसे पहुंचें मुखबा मंदिर: मुखबा पहुंचने के लिए उत्तराखंड पहुंचना होता है. उत्तराखंड आने के लिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग हैं. हवाई मार्ग से आप ऋषिकेश के पास जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक पहुंचते हैं. रेल से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून तक पहुंचा जा सकता है. ऋषिकेष से उत्तरकाशी, हर्षिल होते हुए मुखवा पहुंचा जा सकता है. दिल्ली से मुखबा की दूरी करीब 480 किमी है.

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम को लेकर श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह: इन सब बाधाओं को बावजूद 21 अक्टूबर 2025 तक यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 6,44,366 पहुंच गई. अकेले अक्टूबर महीने के 21 दिनों में ही 40,227 श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचे. गंगोत्री धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या भी 7,57,762 हो गई. अक्टूबर महीने के 21 दिनों में 53,949 श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचे हैं.

राष्ट्रपति मुर्मू का चार दिवसीय केरल दौरा, सबरीमला मंदिर में आज दर्शन कर रचेंगी इतिहास

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तिरुवनंतपुरम: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज पवित्र सबरीमला श्री धर्म संस्था मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बनकर इतिहास रचने वाली हैं. केरल के उनके चार दिवसीय दौरे के तहत इस ऐतिहासिक यात्रा को प्राचीन परंपराओं के प्रति श्रद्धा और महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक समानता के एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

भगवान अयप्पा के पवित्र पहाड़ी मंदिर की राष्ट्रपति की तीर्थयात्रा की योजना सुरक्षा प्रोटोकॉल और मंदिर की परंपराओं को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक बनाई गई है. उनका सुबह 9:35 बजे तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान करने और निलक्कल स्थित आधार शिविर पर उतरने का कार्यक्रम है.

निलक्कल से राष्ट्रपति सड़क मार्ग से पंबा जाएँगी. परंपरा के अनुसार वह पम्पा गणपति मंदिर में पवित्र ‘इरुमुदी केट्टू’ (प्रसाद की पोटली) भरेंगी. सामान्य पैदल यात्रा पथ से हटकर राष्ट्रपति मुर्मू को स्वामी अय्यप्पन मार्ग से एक विशेष गोरखा जीप में सवार होकर, पारंपरिक वाहनों के काफिले से बचते हुए, सन्निधानम (गर्भगृह) ले जाया जाएगा. उनका लगभग 11:50 बजे दर्शन करने की उम्मीद है.

दर्शन और थोड़े विश्राम के बाद देवस्वोम गेस्ट हाउस में दोपहर के भोजन के बाद राष्ट्रपति अपनी वापसी यात्रा शुरू करेंगी. इस बीच लगभग 3:00 बजे पंबा के लिए प्रस्थान करेंगी. इसके बाद वह सड़क मार्ग से निलक्कल वापस जाएँगी और फिर शाम 4:20 बजे हेलीकॉप्टर से तिरुवनंतपुरम वापस जाएँगी.

राष्ट्रपति की यात्रा के लिए सबरीमाला और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है. विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) केरल पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. सुरक्षा के लिए भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

वहीं मंदिर अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होगा. त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के अधिकारी मंदिर के तंत्री (मुख्य पुजारी) के साथ मंदिर की रीति-रिवाजों के अनुसार राष्ट्रपति की अगवानी के लिए मौजूद रहेंगे.

चार दिवसीय केरल यात्रा कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ

राष्ट्रपति मुर्मू का केरल दौरा सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व के कार्यक्रमों से भरपूर है. सबरीमाला से लौटने पर वह तिरुवनंतपुरम स्थित राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा आयोजित एक विशेष रात्रिभोज में शामिल होंगी.

23 अक्टूबर को राष्ट्रपति सुबह 10:30 बजे राजभवन में पूर्व राष्ट्रपति के.आर. नारायणन – केरल के पहले राष्ट्रपति – की प्रतिमा का अनावरण करेंगी. इस कार्यक्रम में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों के प्रमुख नेता शामिल होंगे. इसके बाद वह दोपहर 12:50 बजे मुख्य अतिथि के रूप में शिवगिरी में श्री नारायण गुरु महासमाधि शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए वर्कला जाएँगी.

इस दिन का समापन शाम 4:15 बजे सेंट थॉमस कॉलेज, पाला के प्लेटिनम जुबली समारोह के उद्घाटन के साथ होगा, जिसके बाद वह कुमारकोम के एक रिसॉर्ट में रात्रि विश्राम करेंगी. यह दौरा 24 अक्टूबर को समाप्त होगा. राष्ट्रपति मुर्मू कोच्चि स्थित सेंट टेरेसा कॉलेज के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि होंगी.

बोलगट्टी पैलेस में दोपहर के भोजन के बाद वह कोच्चि नौसेना बेस से नेदुम्बस्सेरी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान करेंगी और शाम 4:05 बजे नई दिल्ली वापस लौट जाएँगी. इस प्रकार उनकी चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा संपन्न होगी.