Queens Care Laboratories: India’s Visionary Leap in Global Healthcare

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Founded with compassion and innovation, Queens Care Laboratories is redefining global healthcare standards. From life-changing medicines like Liko Q Syrup to ethical research practices, the company’s mission is simple — healing lives, not just treating illnesses. Emerging from India, it’s now transforming healthcare across continents.

Queens Care Laboratories: Revolutionizing Global Healthcare with Innovation, Integrity, and Compassion
New Delhi, October 2025 — In a time when healthcare was struggling to keep up with growing
global challenges, a small idea born in India began to shine a light of hope. That idea became
Queens Care Laboratories — a name now synonymous with trust, care, and innovation. A
Dream Born from Compassion The journey of Queens Care Laboratories began not in a massive
factory, but in a small lab filled with big dreams — dreams of making advanced healthcare
accessible to every family, every child, and every heart that deserves care. What started as a
vision in 2022 has now grown into a movement redefining how the world looks at healthcare. “We
didn’t start just to sell medicines — we started to heal lives,” shares a member of the founding team
with a smile that reflects pride and purpose. Science That Cares Each product from Queens Care is
more than a formulation — it’s a promise of health and hope. The flagship line — Liko Q Syrup,
Hem Q Syrup, Hmstat Tablets, and Quicker Tablets — stands as proof that when compassion
meets science, the results change lives. Every drop, every tablet, is backed by years of research,
modern technology, and an unshakable belief that quality healthcare is a human right, not a
privilege. Mission to Heal the World At its core, Queens Care believes in innovation with integrity.
Its mission is simple yet profound — “To improve global health by developing and delivering
innovative, affordable, and life-changing medicines.” Through tireless research, strong ethics, and a
patient-first mindset, the company is creating a future where no one is left behind in the pursuit of
health. The Human Side of Science Beyond the laboratories and test tubes lies a deeper truth —
every scientist, every researcher at Queens Care works with one thought in mind: “Someone’s life
depends on what we do today.” That emotion fuels their research, strengthens their resolve, and
drives the innovations that reach patients across the world. From India to the World With a growing
network of partners, distributors, and medical professionals, Queens Care Laboratories is taking
India’s healthcare excellence to a global stage. From Asia to Africa, its products are improving lives
and building trust wherever they reach. “Our goal is not just to be a brand, but a blessing for those
who need care,” says the management, reaffirming the company’s compassionate spirit.

The Future of Care Queens Care Laboratories isn’t just manufacturing medicines — it’s building a
legacy of hope. In a world that often forgets the human behind the prescription, Queens Care
stands as a reminder that true care begins with compassion. Contact Information Website:


https://queenscare.co.in
WhatsApp: +91 97600 06841
Email: info@queenscarelabs.com | support@queenscarelabs.com

अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदकर मरीज ने दी जान, अब जांच में जुटी पुलिस

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सिंहभूम। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले (West Singhbhum District) में रविवार को एक अस्पताल (Hospital) में बड़ा हादसा हो गया। एक 40 वर्षीय मरीज की कथित तौर पर अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान प्रधान होनहागा (Prime Honhaga) के रूप में हुई है। प्रधान होनहागा पिछले कुछ दिनों से सदर अस्पताल में उपचाराधीन था और उसका इलाज चल रहा था।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “यह घटना रविवार की सुबह करीब 3:00 बजे हुई, जब प्रधान होनहागा कथित तौर पर अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूद गए।” घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

मेरठ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बुलडोजर एक्शन, सेंट्रल मार्केट के अवैध कॉम्प्लेक्स को किया गया ध्वस्त

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मेरठ। मेरठ (Meerut) में रविवार को भी जमकर बुलडोजर (Bulldozers) चला है। सेंट्रल मार्केट (Central Market) के 661/6 पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स (Illegal Complex) को ध्वस्त (Demolished) कर दिया गया। सेंट्रल मार्केट के 661/6 पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स का 10% हिस्सा बचा हुआ है। आसपास के मकानों और दुकानों से ये शेष हिस्सा जुड़ा हुआ है।

घटना 24 अक्टूबर की है, जब शहर के एक स्कूल में गायिका शहनाज अख्तर का कार्यक्रम आयोजित था. यहां महिला कांस्टेबल अंजू की ड्यूटी लगाई गई थी. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर अभद्र और अश्लील शब्दों का प्रयोग किया. वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से बढ़ने लगा और पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल उठे. ब्राह्मण समाज के संगठनों ने सोशल मीडिया पर महिला कांस्टेबल के आचरण को लेकर सवाल उठाए थे और सीधी के पुलिस अधीक्षक से तुरंत कार्रवाई की मांग की.

मुकेश अंबानी ने फेसबुक के साथ की डील, इस सेक्टर में मिलकर करेंगे काम

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नई दिल्ली: देश के दिग्गज बिजनेसमैन मुकेश अंबानी (Businessman Mukesh Ambani) की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (Meta Platforms Inc.) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई फेसबुक ओवरसीज इंक के साथ ज्वाइंट वेंचर करने की घोषणा की है.

इस नए उद्यम का नाम रिलायंस एंटरप्राइज इंटेलिजेंस लिमिटेड (आरईआईएल) होगा, जिसमें रिलायंस की 70 प्रतिशत और फेसबुक की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी. आरआईएल ने शनिवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि 24 अक्टूबर 2025 को उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस इंटेलिजेंस लिमिटेड ने आरईआईएल का गठन किया. यह कंपनी भारत में निगमित हुई है और इसका मुख्य उद्देश्य एंटरप्राइज एआई सेवाओं का विकास, मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन करना होगा.

संयुक्त उद्यम समझौते के तहत, रिलायंस इंटेलिजेंस और फेसबुक ओवरसीज मिलकर कुल 855 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी लगाएंगे. हिस्सेदारी के अनुपात में रिलायंस अधिकांश राशि वहन करेगी, जबकि फेसबुक शेष 30 प्रतिशत का निवेश करेगी. कंपनी ने स्पष्ट किया कि आरईआईएल के गठन के लिए किसी सरकारी या नियामक मंजूरी की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे प्रक्रिया तेजी से पूरी हुई.

आरईआईएल का ध्यान बड़े कारोबारों के लिए कस्टमाइज्ड AI समाधान तैयार करने पर होगा. इसमें डेटा एनालिटिक्स, ऑटोमेशन, प्रेडिक्टिव मॉडलिंग और स्मार्ट डिसीजन सपोर्ट सिस्टम शामिल होंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर की AI तकनीक उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगी.

यह कदम रिलायंस के डिजिटल और टेक्नोलॉजी विस्तार की रणनीति का हिस्सा है. पहले जियो के जरिए टेलीकॉम क्रांति लाने वाली कंपनी अब AI और क्लाउड कंप्यूटिंग में भी नेतृत्व करना चाहती है. मेटा के साथ यह गठजोड़ रिलायंस को वैश्विक AI इकोसिस्टम में मजबूत स्थान दिलाएगा. साल 2020 में फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म्स में 5.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 43,574 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया था, जिससे यह सबसे बड़ा माइनॉरिटी शेयरहोल्डर बन गया. जून 2020 में भारतीय कॉम्पिटिशन कमीशन द्वारा अप्रूव्ड इस इन्वेस्टमेंट ने Facebook को Jio Platforms में 9.99% स्टेक दिया, जो लगभग 500 मिलियन कस्टमर्स के साथ RIL के टेलीकॉम बिजनेस का बेस है.

एअर इंडिया के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, टेकऑफ के तुरंत बाद टकराया पक्षी

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नई दिल्ली: नागपुर से दिल्ली (Nagpur to Delhi) जा रहे एअर इंडिया (Air India) के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग (emergency landing) करानी पड़ी. विमान के उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही उसकी वापस लैंडिंग करानी पड़ी. टेकऑफ के तुरंत बाद पक्षी के विमान से टकराने के बाद उसे तुरंत नागपुर एयरपोर्ट (Nagpur Airport) पर लैंड कराना पड़ा. इस घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

एअर इंडिया के विमान ने नागपुर रनवे से सफलतापूर्वक टेकऑफ किया था. लेकिन ऊंचाई बढ़ते ही इंजन या विंग के पास एक पक्षी से उसकी टक्कर हो गई. बर्ड स्ट्राइक आमतौर पर टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान होती है, जब पक्षी हवाई अड्डे के आसपास उड़ते हैं. पायलट ने तुरंत मैन्युअल रिटर्न टू ओरिजिन (RTO) का निर्णय लिया. यह स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (SOP) के तहत था, जो DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियमों के अनुसार है.

बता दें कि एसओपी कहता है कि बर्ड स्ट्राइक के बाद विमान को तुरंत ग्राउंड पर चेक कराना जरूरी है, ताकि इंजन डैमेज या अन्य समस्या न हो.पायलट ने ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) को सूचित किया और सुरक्षित लैंडिंग की तैयारी की. विमान को बिना किसी समस्या के नागपुर एयरपोर्ट पर वापस उतर गया. यह एक नॉर्मल लैंडिंग थी. यात्रियों को कोई चोट नहीं आई.

यह घटना 24 अक्टूबर की है. नागपुर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI466 टेकऑफ के तुरंत बाद पक्षी से टकरा गई. एअर इंडिया के प्रवक्ता ने जारी बयान में बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, चालक दल ने एहतियात के तौर पर विमान को नागपुर वापस लाने का फैसला किया ताकि विमान की जांच की जा सके. विमान सुरक्षित रूप से नागपुर में उतरा और इसकी जांच की गई, जिसमें सुधार के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ी, जिसकी वजह से उड़ान रद्द कर दी गई. एअर इंडिया ने बताया कि यह फैसला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया और यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए तत्काल सहायता प्रदान की गई.

छठ से पहले यमुना के पानी पर बखेड़ा, CM रेखा गुप्ता को सौरभ भारद्वाज खुला चैलेंज

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नई दिल्ली: छठ (Chhath) महापर्व से पहले दिल्ली (Delhi) की राजनीति एक बार फिर यमुना (Yamuna) के पानी (Water) को लेकर गरमा गई है. राजधानी में यमुना की सफाई (Cleanliness) और प्रदूषण (Pollution) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) आमने-सामने हैं. आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को खुला चैलेंज दिया है कि अगर यमुना का पानी वास्तव में साफ है तो वह इसे पीकर दिखाएं.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने खुद वजीराबाद के पास से यमुना का पानी भरकर लाया है और उसमें नीचे जमी गंदगी और नजफगढ़ नाले का मल साफ तौर पर दिखाई देता है. उनका दावा है कि यह पानी न सिर्फ पीने बल्कि नहाने लायक भी नहीं है. उन्होंने चेतावनी दी कि छठ पूजा में अगर लोग इस पानी में अर्क देंगे या गलती से इसे पी लेंगे, तो उनकी तबीयत इतनी खराब हो सकती है कि जान पर बन आएगी.

AAP के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, “हम इस पानी को सीएम रेखा गुप्ता के पास लेकर जाएंगे और देखेंगे कि क्या वह इसे पी सकती हैं. अगर नहीं, तो लोगों को झूठ बोलना बंद करें.” उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जो बीजेपी सरकार के अधीन है) की दो दिन पुरानी रिपोर्ट में साफ लिखा है कि यमुना का पानी बेहद प्रदूषित है. यह रिपोर्ट बीजेपी के अपने सरकारी संस्थान की है, लेकिन फिर भी जनता को गुमराह किया जा रहा है.

बुराड़ी से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया कि बीजेपी पूर्वांचल समाज की भावनाओं से खेल रही है. उन्होंने कहा कि छठ पूजा के दौरान जिन पूर्वांचली परिवारों की आस्था यमुना से जुड़ी है, उन्हें झूठ बोलकर जोखिम में डाला जा रहा है. झा ने कहा, “बीजेपी हमेशा पूर्वांचलियों से नफरत करती आई है और अब उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही है.”

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने यमुना की सफाई के लिए एक ठोस योजना बनाई थी, लेकिन बीजेपी के उपराज्यपाल ने हर कदम पर अड़चनें पैदा कीं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने “झूठतंत्र” खड़ा कर रखा है, जो फर्जी दावे और प्रचार के दम पर राजनीति कर रही है. भारद्वाज ने कहा, “अगर रेखा गुप्ता यमुना जी का यह पानी नहीं पी सकतीं, तो कृपया जनता को भ्रमित करना बंद करें.”

हर रात 14 साल की बेटी से बलात्कार कर रहा था बाप, ऐसे हुआ काली करतूत का खुलासा

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फरीदाबाद। फरीदाबाद (Faridabad) के बल्लभगढ़ में रिश्ते (Relations) को तार तार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। एक कलियुगी बाप (Kaliyuga Father) अपनी ही 14 साल की बेटी (Daughter) पिछले दो महीने से दुष्कर्म (Rape) कर रहा था, इसका खुलासा तब हुआ जब लड़की (Girl) बीमार पड़ गई। इस 42 वर्षीय कलियुगी बाप ऑटोरिक्शा चालक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। मामले से जुड़े जांचकर्ताओं ने बताया कि पीड़िता किशोरी सातवीं कक्षा की छात्रा है। शराब की लत के कारण रोज रोज के झगड़े और मारपीट से तंग आकर किशोरी की मां छह बच्चों में से दो को अपने साथ लेकर चरखी दादरी में अपनी बहन के घर चली गई थी। किशोरी अपने छोटे भाई बहनों के साथ पिता के साथ रहती थी।

पुलिस ने बताया कि मामला तब सामने आया जब बुधवार की सुबह बीमार पड़ने पर लड़की पड़ोस की एक बुज़ुर्ग महिला के पास इलाज के लिए गई। जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लड़की पेट दर्द और बुखार से पीड़ित थी।उन्होंने कहा, “जब पड़ोसी उसे डॉक्टर के पास ले गए, तो किशोरी ने मंगलवार की रात अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में बताया। महिला ने तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित किया, जिसके बाद जांचकर्ताओं की एक टीम पीड़िता के पास पहुंची।”

काउंसलिंग के दौरान, पीड़िता ने बताया कि उसका पिता, जो लगभग हर रात नशे में घर लौटता था, पिछले दो महीनों से उसके साथ बलात्कार कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपनी पत्नी के चले जाने से नाराज़ संदिग्ध ने अपनी सबसे बड़ी बेटी को निशाना बनाया। लड़की डर के मारे चुपचाप तब तक दुर्व्यवहार सहती रही जब तक कि उसकी बीमारी असहनीय नहीं हो गई।

अलीगढ़ के हिंदू मंदिरों में लिखा I Love Muhammad, करणी सेना ने दी चेतावनी

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अलीगढ़: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अलीगढ़ (Aligarh) स्थित लोधा क्षेत्र में कुछ शरारती तत्वों ने हिंदू मंदिरों (Hindu Temples) की दीवारों पर ‘आई लव मोहम्मद’ (I Love Muhammad) लिख दिया. यह लिखावट स्प्रे पेंट या चाक से की गई थी, जिससे स्थानीय हिंदू समुदाय में आक्रोश फैल गया. घटना ने सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया, लेकिन पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रित रही.

लोधा क्षेत्र के बुलाकी गड़ी गांव सहित आसपास कई मंदिरों पर 24 अक्टूबर 2025 की रात या सुबह-सुबह यह लिखावट की गई. मुख्य रूप से बुलाकी गड़ी के एक प्रमुख शिव मंदिर और हनुमान मंदिर पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखा गया. कुल 4-5 मंदिरों में यह सब लिखा गया. इस घटना को प्रोवोकेशन’ (उकसावा) बताया गया है, जो सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा लगता है.

स्थानीय लोगों और संगठनों के अनुसार, यह माहौल बिगाड़ने और तनाव फैलाने का प्रयास था. यह ‘आई लव मोहम्मद’ कैंपेन का हिस्सा प्रतीत होता है, जो सितंबर-अक्टूबर 2025 से उत्तर प्रदेश के कई जिलों (बरेली, कानपुर, मुरादाबाद, फर्रुखाबाद आदि) में विवाद का कारण बन चुका है. इस कैंपेन में पोस्टर, बैनर या रंगोली के जरिए नारे लगाए जाते हैं, जिससे हिंसा भड़क चुकी है.

घटना की सूचना मिलते ही करणी सेना (Karni Sena) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र चौहान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बुलाकी गड़ी गांव पहुंचे. उन्होंने मंदिरों का निरीक्षण किया और स्थानीय हिंदू समुदाय के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया. करणी सेना ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई और मंदिरों की सुरक्षा की मांग की. गांव के हिंदू निवासियों ने इसे ‘धार्मिक अपमान’ बताया. कई महिलाओं और बुजुर्गों ने मंदिरों पर पहुंचकर भजन-कीर्तन किया और शांति अपील की. कुछ ग्रामीणों ने कहा कि यह ‘बाहरी शरारती तत्वों’ का काम है, न कि स्थानीय मुस्लिम समुदाय का.

थाना लोधा पुलिस ने तुरंत गांव पहुंचकर स्थानीय लोगों को समझाया. एसपी सिटी और क्षेत्राधिकारी (CO) की मौजूदगी में शांति समिति की बैठक बुलाई गई. पुलिस ने मंदिरों से लिखावट मिटाने का काम शुरू किया, लेकिन कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ‘आई लव मोहम्मद’ को जल्दबाजी में मिटा दिया, जिससे सबूत नष्ट हो गए.

वर्तमान में 2-3 स्पेशल टीमें गठित की गई हैं. सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और आसपास के गांवों से पूछताछ के जरिए आरोपियों की तलाश जारी है. एसएसपी अलीगढ़ ने कहा- घटना गंभीर है, 48 घंटे में अनावरण होगा. कोई सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाएगा. उधर, करणी सेना और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर ‘नरमी’ का आरोप लगाया. कहा गया कि लिखावट मिटाने से जांच प्रभावित हुई.

हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह ‘सुरक्षा के लिए’ किया गया, ताकि तनाव न फैले. कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, लेकिन IPC की धारा 153A (सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाना) और 295A (धार्मिक भावनाएं ठेस पहुंचाना) के तहत केस दर्ज करने की तैयारी है. गांव में पीएसी और आरआरएफ की टुकड़ियां तैनात की गईं. ड्रोन से निगरानी हो रही है. अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन पुलिस का दावा है कि 2 संदिग्धों की पहचान हो चुकी है (बाहरी व्यक्ति, नाम गोपनीय).

करणी सेना ने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे में कार्रवाई न हुई तो आंदोलन तेज होगा. स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने शांति अपील की, कहा कि यह ‘कुछ शरारती तत्वों’ का काम है, न कि पूरे समुदाय का. इस पूरे मामले में डीएसपी संजीव तोमर का कहना है कि चार जगह आई लव मोहम्मद के स्लोगन पाए गए हैं और पुलिस द्वारा इनको शांति व्यवस्था के मध्य नजर इनको मितवा दिया गया है जो भी तहरीर प्राप्त होती है उसमें विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

सैकड़ों स्मार्टफोन के विस्फोट से भड़की आग, फोरेंसिक टीम का खुलासा

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अमरावती: कुरनूल बस हादसे की जाँच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. फोरेंसिक टीम की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बस के लगेज केबिन में बड़ी संख्या में स्मार्टफोन रखे हुए थे जिसमें भीषण विस्फोट हुआ. इसके चलते आग और भड़क गई. इस हादसे में 19 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई.

फोरेंसिक टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि कुरनूल के बाहरी इलाके चिन्नाटेकुर के पास आग लगने वाली वेमुरी कावेरी ट्रैवल बस के लगेज केबिन में सैकड़ों मोबाइल फोन रखे हुए थे. इसमें विस्फोट होने से आग और अधिक भड़क गई. इसके चलते भारी जनहानि हुई. सबसे पहले जैसे ही बस ने दोपहिया वाहन को टक्कर मारी उसका तेल टैंक का ढक्कन फट गया और पेट्रोल रिसने लगा.

इसी दौरान दोपहिया वाहन बस के नीचे फंस गया और बस उसे कुछ दूर तक घसीटती हुई ले गई. इस बीच में चिंगारियाँ निकली और फिर पेट्रोल में आग लग गई. इससे सबसे पहले लगेज केबिन में आग लगी. इस पार्सल में करबी 400 से अधिक स्मार्टफोन रखे हुए थे. तेज गर्मी के कारण फोन की बैटरियाँ फट गई. इससे आग भड़की और लगेज केबिन के ऊपर वाले हिस्से तक फैल गई.

नतीजतन लगेज केबिन के ठीक ऊपर वाली सीटों और बर्थ पर बैठे लोगों को भागने का समय नहीं मिला. घटनास्थल और जली हुई बस की जांच करने वाली फोरेंसिक टीम ने बताया कि यही कारण है कि बस के आगे की सीटों और बर्थों पर बैठे अधिकांश लोगों की जान चली गई.

बैटरी फटने से तेज आवाज

जब सामान रखने वाले केबिन में स्मार्टफोन की बैटरियाँ एक साथ फटने लगी गई तो जोरदार आवाज हुई. इससे ड्राइवर बस रोककर अपनी सीट के पास वाली खिड़की से बाहर निकला और यात्रियों को बस में फंसा छोड़कर वहाँ से भाग गया. बस पहले से ही घने धुएँ और आग की लपटों में घिरी हुई थी. हालाँकि बस के अंदर फंसे यात्रियों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन उनकी कोशिशें बेकार गई क्योंकि दाहिनी ओर का आपातकालीन द्वार नहीं खुला.

नियमों के विरुद्ध माल का ढोया जा रहा था

अपने निजी सामान के अलावा किसी भी अन्य सामान का परिवहन यात्री वाहनों में नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन प्राइवेट ट्रैवल्स बसों के मालिक सामान ढोने के लिए यात्री वाहनों का उपयोग कर रहे हैं. वे कमर्शियल सामानों को बस केबिन में रख कर ढोते हैं. हादसे की स्थिति में आग लगने से दुर्घटना की गंभीरता बढ़ जाती है.

कुरनूल की घटना में भी प्रारंभिक रूप से यह पाया गया कि दुर्घटना की गंभीरता बढ़ने का कारण मोबाइल फोन का फटना था. आमतौर पर मोबाइल फोन का ऊपरी हिस्सा प्लास्टिक का होता है और बैटरियाँ लिथियम की होती है. प्लास्टिक कुछ ही सेकंड में जल जाता है. अगर लिथियम में आग लग जाए तो वह फट जाता है. यह जानते हुए भी यात्री वाहनों में इनका रखना इतनी बड़ी जनहानि का मुख्य कारण बन गया.

बेंगलुरु में भीषण विस्फोट, पूरा घर ध्वस्त, जांच अधिकारियों को संदेह

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बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के केआर पुरम इलाके में शनिवार को एक घर में विस्फोट हो गया है, जिसमें एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घोयल हो गए. विस्फोट इतना जोरदार थी कि पूरा घर ध्वस्त हो गया. आशंका है कि यह घटना घर में रखे रसोई सिलेंडर के फटने से हुई. केआर पुरम थाने की पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया.

पुलिस के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 7.15 बजे हुई और घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. विस्फोट की तीव्रता के कारण, आसपास के तीन-चार घर भी क्षतिग्रस्त हो गए और अक्कयम्मा (80) नाम की महिला की मौके पर ही मौत हो गई. चंदना (22), शेखर (52) और किरण कुमार (25) गंभीर रूप से घायल हो गए. चंदना की हालत गंभीर बताई गई है.

व्हाइटफील्ड डिवीजन के डीसीपी के. परशुराम ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सिलेंडर में विस्फोट हुआ है और आगे की जांच के बाद विस्तृत जानकारी मिल पाएगी.

वहीं, केआर पुरम के विधायक भैरथी बसवराज ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा, “मैं इस घटना को देखकर स्तब्ध हूं. इससे संदेह पैदा होता है कि क्या यह घटना गैस रिसाव या विस्फोटक के कारण हुई. यह पता लगाया जाना चाहिए कि क्या विस्फोटकों के भंडारण के कारण ऐसा कुछ हुआ. यह संदिग्ध है कि सिलेंडर विस्फोट से इतने बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है. संदेह को दूर करने के लिए उचित जांच की जानी चाहिए.”